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दिव्या: तो बताओ तुमने अपनी आंटी के बारे में क्या झूठ बोला था.
मनीष: मैम ये मैं नहीं बता सकता.
दिव्या: ये क्या बात हुई. ऐसे खेलने से क्या फायदा. तुमने क्यों बोला ये गेम खेलने को जब तुमको खुद ही सच नहीं बोलना है.
मनीष: तो आप कोई पेनल्टी दे दो न मैम.
दिव्या: हम्म ठीक है तुम मुर्गा बन कर अपने रूम का एक चक्कर लगाओ लेकिन अगली बार मना किया तो ऐसे नहीं छोडूंगी.
मनीष मुर्गा बन कर अपने रूम के चक्कर लगाने लगता है. दिव्या को उसे देख कर खूब हसीं आती है. चक्कर लगा कर मनीष दिव्या से पूछता है.
मनीष: तो बोलिए मैम ट्रुथ या डेयर.
दिव्या सोचती है की डेयर ही ठीक है. उलटे सीधे सवालों के जवाब से तो बच जाउंगी.
दिव्या: डेयर.
मनीष: तो मेरे लंड का साइज़ गेस कीजिये और बताइए की वो आपके हस्बैंड से कैसे अच्छा है.
दिव्या: ये सब मुझे नहीं पता.
मनीष: अरे देखा तो है आपने. सिर्फ गेस ही करना है.
दिव्या: नहीं नहीं मुझसे ये नहीं होगा.
मनीष: देख लो मैम वरना मैं भी पनिशमेंट दूंगा. कहिये तो अभी फिर से दिखा दूं फिर बता देना.
दिव्या: नहीं नहीं तुम्हारा सात इंच का होगा और वो राजेश से लम्बा और मोटा है. बस अब मुझे और नहीं खेलना.
दिव्या मना तो करती है लेकिन उसे भी अब इस खेल में मजा आ रहा था.
मनीष: अरे थोड़ी देर और मैम. आप ट्रुथ या डेयर जो चाहे दे दो.
दिव्या: तो बोलो की आंटी वाली बात में क्या झूठ था.
मनीष: अरे मैम ये तो चीटिंग है.
दिव्या: चीटिंग कैसी. बोल रहे हो या पनिशमेंट चाहिए.
मनीष: आप पनिशमेंट ही दे दो.
दिव्या: हम्म्म अच्छा तुम्हारे घर में कौन कौन है.
मनीष: चार लोग है. मेरे मम्मी पापा मैं और मेरी बहन.
दिव्या: ओके तो ये बताओ की मेरा बदन तुम्हारी माँ के बदन से कैसे बेहतर है.
मनीष: अरे मैम ये क्या बात हुई.
दिव्या: जब तुम मेरे हब्बी की बुराई मुझसे करवा रहे थे तब कुछ नहीं. जल्दी बोलो की मेरी बॉडी तुम्हारी मोम की बॉडी से कैसे बेटर है.
मनीष: मैम प्लीज
दिव्या: या तो ये बोलो या फिर आंटी वाला ट्रुथ बोल दो.
मनीष: मैम किसी को बोलना मत दरअसल वो आंटी मेरी पड़ोसन नहीं हैं बल्कि मेरे फ्रेंड चेतन की मोम नीलम आंटी हैं.
दिव्या: व्हाट तुम झूठ तो नहीं बोल रहे न. चेतन जो तुम्हारी क्लास में है वही न.
मनीष: हाँ मैम वही चेतन.
मनीष: मैम ये मैं नहीं बता सकता.
दिव्या: ये क्या बात हुई. ऐसे खेलने से क्या फायदा. तुमने क्यों बोला ये गेम खेलने को जब तुमको खुद ही सच नहीं बोलना है.
मनीष: तो आप कोई पेनल्टी दे दो न मैम.
दिव्या: हम्म ठीक है तुम मुर्गा बन कर अपने रूम का एक चक्कर लगाओ लेकिन अगली बार मना किया तो ऐसे नहीं छोडूंगी.
मनीष मुर्गा बन कर अपने रूम के चक्कर लगाने लगता है. दिव्या को उसे देख कर खूब हसीं आती है. चक्कर लगा कर मनीष दिव्या से पूछता है.
मनीष: तो बोलिए मैम ट्रुथ या डेयर.
दिव्या सोचती है की डेयर ही ठीक है. उलटे सीधे सवालों के जवाब से तो बच जाउंगी.
दिव्या: डेयर.
मनीष: तो मेरे लंड का साइज़ गेस कीजिये और बताइए की वो आपके हस्बैंड से कैसे अच्छा है.
दिव्या: ये सब मुझे नहीं पता.
मनीष: अरे देखा तो है आपने. सिर्फ गेस ही करना है.
दिव्या: नहीं नहीं मुझसे ये नहीं होगा.
मनीष: देख लो मैम वरना मैं भी पनिशमेंट दूंगा. कहिये तो अभी फिर से दिखा दूं फिर बता देना.
दिव्या: नहीं नहीं तुम्हारा सात इंच का होगा और वो राजेश से लम्बा और मोटा है. बस अब मुझे और नहीं खेलना.
दिव्या मना तो करती है लेकिन उसे भी अब इस खेल में मजा आ रहा था.
मनीष: अरे थोड़ी देर और मैम. आप ट्रुथ या डेयर जो चाहे दे दो.
दिव्या: तो बोलो की आंटी वाली बात में क्या झूठ था.
मनीष: अरे मैम ये तो चीटिंग है.
दिव्या: चीटिंग कैसी. बोल रहे हो या पनिशमेंट चाहिए.
मनीष: आप पनिशमेंट ही दे दो.
दिव्या: हम्म्म अच्छा तुम्हारे घर में कौन कौन है.
मनीष: चार लोग है. मेरे मम्मी पापा मैं और मेरी बहन.
दिव्या: ओके तो ये बताओ की मेरा बदन तुम्हारी माँ के बदन से कैसे बेहतर है.
मनीष: अरे मैम ये क्या बात हुई.
दिव्या: जब तुम मेरे हब्बी की बुराई मुझसे करवा रहे थे तब कुछ नहीं. जल्दी बोलो की मेरी बॉडी तुम्हारी मोम की बॉडी से कैसे बेटर है.
मनीष: मैम प्लीज
दिव्या: या तो ये बोलो या फिर आंटी वाला ट्रुथ बोल दो.
मनीष: मैम किसी को बोलना मत दरअसल वो आंटी मेरी पड़ोसन नहीं हैं बल्कि मेरे फ्रेंड चेतन की मोम नीलम आंटी हैं.
दिव्या: व्हाट तुम झूठ तो नहीं बोल रहे न. चेतन जो तुम्हारी क्लास में है वही न.
मनीष: हाँ मैम वही चेतन.