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रेणुका राजेश के शरीर से जल्द ही अंतिम कपड़ा भी उतार फेकती है। और उसके लंड को अपने हाथ में ले कर उसे हिलाने लगती है।
राजेश को तड़पता देख रेणुका की चाहतें पर स्माइल आ जाती है। वह बार बार अपना हाथ रोक कर राजेश को और तड़पाती है।
राजेश: अपना हाथ मत रोको, प्लीज़।
रेणुका: क्यों ज्यादा जल्दी है क्या तुम्हें? ऐसे तो दिव्या को अपने लिए कोई और देखना पड़ेगा।
राजेश: ऐसा कभी नहीं हो सकता। वह बहुत शरीफ है।
रेणुका: शरीफ है पर क्या वह ऐसा मजा दे पाती है तुम्हें।
राजेश कुछ कहे बिना तड़पता रहता है तो रेणुका अपना हाथ रोक लेती है।
रेणुका: बोलो ना राजेश।
राजेश: नहीं। उसने कभी इस तरह ये सब किया ही नहीं।
रेणुका: कल जो तुमने मेरे साथ किया, तुम्हें डर था कि मुझे पता चला कि वो तुम थे फिर भी तुमने वो सब क्यों किया।
राजेश: मैं बस नशे में खुद पर कंट्रोल नहीं कर सका।
रेणुका लंड को थोड़ा तेज हिलाने लगती है तो राजेश उसके हाथ में ही झड़ जाता है।
रेणुका गुस्सा होने की जगह हंस पड़ती है और अपने हाथों को उसके बदन से साफ़ करती है।
रेणुका: सही ही कहते हैं अंकल तुम्हारे बारे में।
राजेश: क्या कहते हैं?
रेणुका: यही कि किसी दिन तुम्हारी वजह से दिव्या किसी और से चुद जाएगी। हहहहा।
राजेश: ऐसा कभी भी नहीं हो सकता। पर तुम नाराज नहीं हो मुझसे।
रेणुका: नहीं, धीरे-धीरे तुम सीख जाओगे कि किसी औरत को कैसे खुश करना है। कुछ लोग चाय या कुछ और लेते हैं।
राजेश: नहीं मैं अब चलता हूँ, कुछ देर में दिव्या भी आने वाली होगी।
रेणुका: ठीक है, चले जाओ।
राजेश कपड़े पहनने लगता है तभी मेन गेट खुलने की आवाज़ आती है। राजेश को संभालने का भी टाइम नहीं मिलता कि कर्नल उसके सामने खड़ा होता है।
कर्नल को देख रेणुका बेड से खड़ी होकर बिना कुछ कहे चली जाती है।
लाला: मेरी गैर हाजिरी में तुम ये सब क्या कर रहे हो यहाँ। ये क्या कोई रंडीखाना है?
कर्नल को गुस्से में देख कर राजेश को तो जैसे सांप सूंघ जाता है तभी कर्नल थोड़ा और कड़क आवाज़ में फिर से सवाल दोहराता है।
राजेश को तड़पता देख रेणुका की चाहतें पर स्माइल आ जाती है। वह बार बार अपना हाथ रोक कर राजेश को और तड़पाती है।
राजेश: अपना हाथ मत रोको, प्लीज़।
रेणुका: क्यों ज्यादा जल्दी है क्या तुम्हें? ऐसे तो दिव्या को अपने लिए कोई और देखना पड़ेगा।
राजेश: ऐसा कभी नहीं हो सकता। वह बहुत शरीफ है।
रेणुका: शरीफ है पर क्या वह ऐसा मजा दे पाती है तुम्हें।
राजेश कुछ कहे बिना तड़पता रहता है तो रेणुका अपना हाथ रोक लेती है।
रेणुका: बोलो ना राजेश।
राजेश: नहीं। उसने कभी इस तरह ये सब किया ही नहीं।
रेणुका: कल जो तुमने मेरे साथ किया, तुम्हें डर था कि मुझे पता चला कि वो तुम थे फिर भी तुमने वो सब क्यों किया।
राजेश: मैं बस नशे में खुद पर कंट्रोल नहीं कर सका।
रेणुका लंड को थोड़ा तेज हिलाने लगती है तो राजेश उसके हाथ में ही झड़ जाता है।
रेणुका गुस्सा होने की जगह हंस पड़ती है और अपने हाथों को उसके बदन से साफ़ करती है।
रेणुका: सही ही कहते हैं अंकल तुम्हारे बारे में।
राजेश: क्या कहते हैं?
रेणुका: यही कि किसी दिन तुम्हारी वजह से दिव्या किसी और से चुद जाएगी। हहहहा।
राजेश: ऐसा कभी भी नहीं हो सकता। पर तुम नाराज नहीं हो मुझसे।
रेणुका: नहीं, धीरे-धीरे तुम सीख जाओगे कि किसी औरत को कैसे खुश करना है। कुछ लोग चाय या कुछ और लेते हैं।
राजेश: नहीं मैं अब चलता हूँ, कुछ देर में दिव्या भी आने वाली होगी।
रेणुका: ठीक है, चले जाओ।
राजेश कपड़े पहनने लगता है तभी मेन गेट खुलने की आवाज़ आती है। राजेश को संभालने का भी टाइम नहीं मिलता कि कर्नल उसके सामने खड़ा होता है।
कर्नल को देख रेणुका बेड से खड़ी होकर बिना कुछ कहे चली जाती है।
लाला: मेरी गैर हाजिरी में तुम ये सब क्या कर रहे हो यहाँ। ये क्या कोई रंडीखाना है?
कर्नल को गुस्से में देख कर राजेश को तो जैसे सांप सूंघ जाता है तभी कर्नल थोड़ा और कड़क आवाज़ में फिर से सवाल दोहराता है।