मेरी बात सुनते ही सोनल एकदम से उठी और मेरे उपर चढकर बैठ गयी। उसके कुल्हे मेरी जांधों पर जा टिके और उसके हाथ मेरी छाती पर।
उसने अपने कुल्हों के मेरी जांघों पर धीरे धीरे घिसना चालू कर दिया, जिससे मैं पूरी तरह से गर्म हो गया और मेरे मुंह से हल्की आह निकल गई।
सोनल ने मेरी आंखों में देखते हुए अपने नीचले हाेंठ को दांतों के नीचे दबा दिया और अपने कुल्हों को तेजी से मेरी जांघों पर घिसने लगी।
मुझे मेरा लिंग उसके कुल्हों के बीच में महसूस हो रहा था। मैं मदहोश होने लगा। ये मेरे साथ पहली बार था कि कोई लड़की मेरे इतने करीब आ चुकी थी कि वो मेरी जांघों पर बैठी हुई थी। मैं अब तक पूरी तरह वर्जिन था, कभी हैस्तमैथुन भी नहीं किया था। मेरे सभी दोस्तों मुझे उकसाते रहते थे गांव में, पर मैंने हमेशा खुद पर कंट्रोल रखा था।
सोनल ने मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिये। मैंने उसके हाथों को पकड़ा तो उसने मेरे हाथों को एक तरफ झटक दिया। क्योंकि मुझपर भी मदहोशी छा चुकी थी, इसलिए मैं ज्यादा विरोध नहीं कर पा रहा था। धीरे धीरे करके सोनल ने मेरी शर्ट के सभी बटन खोल दिये और शर्ट को साइड में कर दिया। फिर वो हल्का सा उपर को उठी और मेरी बनियान को खींचकर अपने नीचे से निकाला, परन्तु मेरी बनियान थोड़ी सी उपर आकर अठक गई, क्योंकि वो मेरी पीठ के नीचे दबी हुई थी।
सोनल: थोड़ा उपर उठो।
मैं: नहीं, सोनल ये ठीक नहीं है।
मेरी बात सुनक सोनल जोर जोर से हंसने लगी।
उसको इस तरह हंसते देखकर मैं असमंझस में पड गया कि ये इसे क्या हो गया है, अब तक तो मेरी इज्जत उतारने लगी हुई थी और अब पागलों की तरह हंस रही है।
थोडी देर में जब उसकी हंसी कम हुई तो उसने हंसते हुए ही कहा।
सोनल: त--- तुम तो एकदम लड़कियों की तरह बातें कर रहे हो। और ऐसे बिहेव कर रहो है जैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड तुम्हारे साथ जबरदस्ती कर रहा हो।
उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा सा झेंप गया।
मैं: तो ---- तो --- तुम तो मेरी गर्लफ्रेंड भी नहीं हो, फिर भी मेरे साथ जबरदस्ती कर रही हो।
सोनल: लगता है, अभी तक कुंवारे हों। आजतक किसी लड़की को नहीं छुआ है आपने। बहुत मजा आने वाला है मुझे तो।
मैं उसकी बात सुनकर थोड़ा घबरा गया, कि ये क्या करने वाली है आज।
सोनल ने थोड़ा उपर होते हुए अपने हाथ मेरी कमर के नीचे डालकर मुझे थोड़ा सा उपर उठाया और मेरी बनियान को उपर की तरफ खींच लिया।
वैसे तो वो कोई पहलवान नहीं थी, जो मेरे साथ जबरदस्ती करती, पर मेरे साथ पहली बार कोई लड़की इतनी आगे तक पहुंची थी तो मुझ पर मदहोशी छाई हुई थी, जिस वजह से मैं ज्यादा विरोध नहीं कर पा रहा था।
मेरी बनियान को उपर करने के बाद सोनल मेरे उपर लेट गई और मेरी आंखों में देखते हुए (जो मदहोशी के कारण थोड़ी सी बंद थी) अपने होंठ मेरे होंठो पर टिका। मैंने हल्का सा विरोध किया, पर उसने मेरे हाथों को अपने हाथों में फंसा कर जकड़ सा लिया और मेरे होठों को चूसने लगी। मैंने आजतक किसी लड़की को किस नहीं की थी, तो मुझे किस के बोर में ज्यादा मालूम नहीं था। बस इतना ही पता था कि होंठो पे किस की जाती थी।
सोनल बुरी तरह से मेरे होंठो को चूस रही थी, मानो उन्हें खा जायेगी। अचानक उसने अपनी जीभ मेरे होंठो पर फिरानी शुरू कर दी। उसकी इन सभी हरकतों से मेरे शरीर में करंट दौड़ने लगा था और मेरा लिंग फटने को हो गया था। मुझे लिंग में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।
सोनल मुझे किस करते हुए थोडी नीचे को सरक गई जिससे उसके बूब्स मेरी छाती में धंस गये। उसके निप्पल मुझे छाती में चुभ रहे थे। सोनल की जांघे मेरी जांघों पर सैट हो गई और वो अपनी जांघों को मेरी जांघों पर रगड़ने लगी। अब दर्द मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उसने अपने हाथ वापिस से मेरे सिर पर रख दिये थे और मेरे बालों को सहला रही थी। मेरे हाथ फ्री होते ही मैंने उसके गालों पर रख दिये और उन्हें सहलाने लगा।
सोनल मेरे उपर वाले होंठ को चूंस रही थी तो उसका नीचे वाला होंठ मेरे हाेंठो के बीच होने के कारण मैंने उसका रसपान करना शुरू कर दिया।
मेरी इस हरकत से शायद वो ज्यादा उतेजित हो गई जिस कारण और भी ज्यादा वाइल्ड तरीके से मेरे होंठों को चूसने लगी। उसने मेरे होंठों को हलका सा काट भी लिया था, जिससे मेरे होंठों में दर्द होने लगा था। अब मुझे सांस लेनी भी मुश्किल होती जा रही थी। मेरी सांस बुरी तरह से उखड़ चुकी थी।
मैंने अपने हाथों से उसके कंधों को पकड़ा और उसे नीचे बैड पर पटक दिया और जोर जोर से सांसे लेने लगा। वो भी हांफ रही थी। उसने अपना एक पैर मेरे पेट पर रखते हुए अपने एक हाथ को मेरे सीने पर फिराने लगी। मेरी सांसे अभी भी बहुत तेज चल रही थी। जब उसकी सांसे थोड़ी नॉर्मल हुई तो वो फिर से उठ बैठी और मेरी तरफ खा जाने वाली नजरों से देखने लगी। उसके आंखों में लाल डोरे तैर रहे थे और गाल एकदम लाल हो चुके थे। उसके बूब्स उसकी सांसों के साथ तेजी से उपर नीचे हो रहे थे।
क्रमशः.....................
उसने अपने कुल्हों के मेरी जांघों पर धीरे धीरे घिसना चालू कर दिया, जिससे मैं पूरी तरह से गर्म हो गया और मेरे मुंह से हल्की आह निकल गई।
सोनल ने मेरी आंखों में देखते हुए अपने नीचले हाेंठ को दांतों के नीचे दबा दिया और अपने कुल्हों को तेजी से मेरी जांघों पर घिसने लगी।
मुझे मेरा लिंग उसके कुल्हों के बीच में महसूस हो रहा था। मैं मदहोश होने लगा। ये मेरे साथ पहली बार था कि कोई लड़की मेरे इतने करीब आ चुकी थी कि वो मेरी जांघों पर बैठी हुई थी। मैं अब तक पूरी तरह वर्जिन था, कभी हैस्तमैथुन भी नहीं किया था। मेरे सभी दोस्तों मुझे उकसाते रहते थे गांव में, पर मैंने हमेशा खुद पर कंट्रोल रखा था।
सोनल ने मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिये। मैंने उसके हाथों को पकड़ा तो उसने मेरे हाथों को एक तरफ झटक दिया। क्योंकि मुझपर भी मदहोशी छा चुकी थी, इसलिए मैं ज्यादा विरोध नहीं कर पा रहा था। धीरे धीरे करके सोनल ने मेरी शर्ट के सभी बटन खोल दिये और शर्ट को साइड में कर दिया। फिर वो हल्का सा उपर को उठी और मेरी बनियान को खींचकर अपने नीचे से निकाला, परन्तु मेरी बनियान थोड़ी सी उपर आकर अठक गई, क्योंकि वो मेरी पीठ के नीचे दबी हुई थी।
सोनल: थोड़ा उपर उठो।
मैं: नहीं, सोनल ये ठीक नहीं है।
मेरी बात सुनक सोनल जोर जोर से हंसने लगी।
उसको इस तरह हंसते देखकर मैं असमंझस में पड गया कि ये इसे क्या हो गया है, अब तक तो मेरी इज्जत उतारने लगी हुई थी और अब पागलों की तरह हंस रही है।
थोडी देर में जब उसकी हंसी कम हुई तो उसने हंसते हुए ही कहा।
सोनल: त--- तुम तो एकदम लड़कियों की तरह बातें कर रहे हो। और ऐसे बिहेव कर रहो है जैसे तुम्हारा बॉयफ्रेंड तुम्हारे साथ जबरदस्ती कर रहा हो।
उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा सा झेंप गया।
मैं: तो ---- तो --- तुम तो मेरी गर्लफ्रेंड भी नहीं हो, फिर भी मेरे साथ जबरदस्ती कर रही हो।
सोनल: लगता है, अभी तक कुंवारे हों। आजतक किसी लड़की को नहीं छुआ है आपने। बहुत मजा आने वाला है मुझे तो।
मैं उसकी बात सुनकर थोड़ा घबरा गया, कि ये क्या करने वाली है आज।
सोनल ने थोड़ा उपर होते हुए अपने हाथ मेरी कमर के नीचे डालकर मुझे थोड़ा सा उपर उठाया और मेरी बनियान को उपर की तरफ खींच लिया।
वैसे तो वो कोई पहलवान नहीं थी, जो मेरे साथ जबरदस्ती करती, पर मेरे साथ पहली बार कोई लड़की इतनी आगे तक पहुंची थी तो मुझ पर मदहोशी छाई हुई थी, जिस वजह से मैं ज्यादा विरोध नहीं कर पा रहा था।
मेरी बनियान को उपर करने के बाद सोनल मेरे उपर लेट गई और मेरी आंखों में देखते हुए (जो मदहोशी के कारण थोड़ी सी बंद थी) अपने होंठ मेरे होंठो पर टिका। मैंने हल्का सा विरोध किया, पर उसने मेरे हाथों को अपने हाथों में फंसा कर जकड़ सा लिया और मेरे होठों को चूसने लगी। मैंने आजतक किसी लड़की को किस नहीं की थी, तो मुझे किस के बोर में ज्यादा मालूम नहीं था। बस इतना ही पता था कि होंठो पे किस की जाती थी।
सोनल बुरी तरह से मेरे होंठो को चूस रही थी, मानो उन्हें खा जायेगी। अचानक उसने अपनी जीभ मेरे होंठो पर फिरानी शुरू कर दी। उसकी इन सभी हरकतों से मेरे शरीर में करंट दौड़ने लगा था और मेरा लिंग फटने को हो गया था। मुझे लिंग में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।
सोनल मुझे किस करते हुए थोडी नीचे को सरक गई जिससे उसके बूब्स मेरी छाती में धंस गये। उसके निप्पल मुझे छाती में चुभ रहे थे। सोनल की जांघे मेरी जांघों पर सैट हो गई और वो अपनी जांघों को मेरी जांघों पर रगड़ने लगी। अब दर्द मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उसने अपने हाथ वापिस से मेरे सिर पर रख दिये थे और मेरे बालों को सहला रही थी। मेरे हाथ फ्री होते ही मैंने उसके गालों पर रख दिये और उन्हें सहलाने लगा।
सोनल मेरे उपर वाले होंठ को चूंस रही थी तो उसका नीचे वाला होंठ मेरे हाेंठो के बीच होने के कारण मैंने उसका रसपान करना शुरू कर दिया।
मेरी इस हरकत से शायद वो ज्यादा उतेजित हो गई जिस कारण और भी ज्यादा वाइल्ड तरीके से मेरे होंठों को चूसने लगी। उसने मेरे होंठों को हलका सा काट भी लिया था, जिससे मेरे होंठों में दर्द होने लगा था। अब मुझे सांस लेनी भी मुश्किल होती जा रही थी। मेरी सांस बुरी तरह से उखड़ चुकी थी।
मैंने अपने हाथों से उसके कंधों को पकड़ा और उसे नीचे बैड पर पटक दिया और जोर जोर से सांसे लेने लगा। वो भी हांफ रही थी। उसने अपना एक पैर मेरे पेट पर रखते हुए अपने एक हाथ को मेरे सीने पर फिराने लगी। मेरी सांसे अभी भी बहुत तेज चल रही थी। जब उसकी सांसे थोड़ी नॉर्मल हुई तो वो फिर से उठ बैठी और मेरी तरफ खा जाने वाली नजरों से देखने लगी। उसके आंखों में लाल डोरे तैर रहे थे और गाल एकदम लाल हो चुके थे। उसके बूब्स उसकी सांसों के साथ तेजी से उपर नीचे हो रहे थे।
क्रमशः.....................