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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

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उधर शाज़िया का बड़ा भाई परवेज़ राज वर्मा की बहन सोनाली को अपने जाल में पूरी तरह

फंसा चुका था

सोनाली और परवेज़ कालेज में बी कॉम के फर्स्ट ईयर में पढ़ते थे

दरअसल परवेज़ सोनाली को बातों बातों में एक दिन कालेज से ही छुट्टी के बाद सिनेमा

दिखाने ले गया -सिनेमा हाल में उसने बॉक्स के टिकट लिए थे जहां सिर्फ दो सीटें ही होती हैं-

सिनेमा देखते देखते उसने कोल्ड ड्रिंक का आर्डर किया और सोनाली के कोल्ड ड्रिंक में कुछ

ऐसी नशीली दवा का पाउडर मिला दिया जिसकी वजह से सोनाली लगभग एक घंटे तक

अपने पूरे होश में नहीं रही. इस घंटे के दौरान परवेज़ सोनाली के बदन से जी भरकर

छेड़छाड़ करता रहा और उसकी अपने मोबाइल में वीडियो भी बनाता रहा. बॉक्स का

दरवाज़ा उसने अंदर से बंद कर लिया था ताकि कोई गलती से भी वहां आकर उन्हें डिस्टर्ब न

कर दे.

सोनाली के कपडे भी उसने उतार दिए थे और उसके बदन पर सिर्फ ब्रा और पैंटी ही थी -इस

अर्धनग्न अवस्था में उसने सोनाली के बदन का वीडियो बनाया और फिर अपनी पैंट की ज़िप

खोलकर अपना लण्ड बाहर निकलकर उसने सोनाली के चेहरे पर रगड़ते हुए और उसके

होंठों हों ठोंपर रखते हुए इस तरह वीडियो बना लिया मानो वह वसीम का लण्ड चूस रही हो -इसी

तरह परवेज़ ने सोनाली के चेहरे और होंठों को चूमते हुए और उसके मम्मों को दबाते सहलाते

हुए भी वीडियो बना ली

लगभग आधे घंटे की मज़ेदार वीडियो बनाने के बाद परवेज़ ने सोनाली को सारे कपडे पहना

दिए और उसे साथ सीट पर बिठाकर चुपचाप फिल्म देखने लगा

फिल्म देखते देखते भी वह सोनाली के बदन से अब छेड़खानी करता जा रहा था क्योंकि अब

उसे किसी बात का डर नहीं था क्योंकि सोनाली को ब्लैकमेल करने के लिए उसने धमाकेदार

वीडियो बना ली थी.

अभी भी एक घंटे की फिल्म बाकी थी. फिल्म में काफी सेक्सी सीन थे जिन्हे देख देखकर

परवेज़ का लण्ड बार बार खड़ा हो रहा था -एक सेक्सी डांस इस समय परदे पर चल रहा था

और परवेज़ शाज़िया को अपनी गोद में बिठाकर उसके बदन को दबाते सहलाते हुए सेक्सी डांस

का मज़ा ले रहा था-इस बीच दवा का असर लगभग ख़त्म हो गया और सोनाली को होश

आना शुरू हो गया.

होश में आते ही जब सोनाली ने देखा की उसके बदन को परवेज़ ने अपनी गिरफ्त में ले रखा

है और उसे वह मनमाने ढंग से छू छूकर दबा सहला रहा है, तो वह उसकी गिरफ्त में

कसमसाती हुई बोली : यह क्या बदतमीजी है परवेज़. छोडो मुझे. तुम यहां मुझे फिल्म

दिखाने लाये हो या फिर यह सब करने के लिए ?

परवेज़ : अरे मेरी जान. अभी थोड़ी देर पहले तो तुम मेरी हर बदतमीजी को चुपचाप खुश

होकर सहन करती जा रही थीं अब अचानक क्या हो गया -तुम्हारे जैसी दब्बू लड़कियों को

तो इस बात में मज़ा ही आता है कि हमारे जैसे दबंग लौंडेलौं डेतुम्हारे खूबसूरत बदन को दबाते

सहलाते रहें और और तुम्हारे मस्त मस्त मम्मों को मसल मसल कर मनमानी करते रहें.

सोनाली : तुम यह सब क्या बकवास कर रहे हो -मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है

परवेज़ : सब समझ में आ जाएगा -लो जरा यह वीडियो देखो और खुद समझने की कोशिश

करो कि तुम किस तरह से अपना यह खूबसूरत बदन अपनी मर्ज़ी से मेरे हवाले कर चुकी हो

यह कहकर परवेज़ ने अपना मोबाइल खोलकर वीडियो चलाकर सोनाली को पकड़ा दिया

और सोनाली वीडियो को देखने लगी

पूरा वीडियो देखने के बाद सोनाली एकदम चिल्ला कर बोली : यह सब तुमने क्या किया है

मेरे साथ -प्लीज़ मुझे बताओ कि यह सब क्या है ? इस वीडियो को डिलीट कर दो प्लीज़

परवेज़ : यह वीडियो मैंने डिलीट करने के लिए नहीं बनाया है बल्कि तुझे ब्लेकमेल करके

अपनी हर जायज़ नाजायज़ बात मनवाने के लिए बनाया है

सोनाली : नहीं प्लीज़ मेरे साथ ऐसा मत करो. मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है . मेरे साथ तुम ऐसा

क्यों कर रहे हो ? इस वीडियो को डिलीट कर दो प्लीज़

परवेज़ : देख फिलहाल तो तू मेरी टांगों के बीच में आकर जमीन पर बैठ और मेरा लण्ड चूस

-फिल्म में लगातार सेक्सी सीन आ रहे हैं और इन्हे देख देखकर मेरा लण्ड एकदम खड़ा

होकर बेकाबू हो चुका है- चल इधर आ और मेरा लण्ड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दे

सोनाली : नहीं यह मुझसे नहीं होगा

परवेज़ : फिर मैं यह वीडियो, कालेज के फ्रेंड्स ग्रुप में फॉरवर्ड कर देता हूँ - वे सब लोग

अपने अपने फ्रेंड्स ग्रुप में इसे फॉरवर्ड कर देंगे. यह वीडियो जल्द ही वायरल हो जाएगा और

तू बहुत जल्दी फेमस हो जाएगी

सोनाली : नहीं नहीं ऐसा मत करो मैं तुम्हारा ....

परवेज़ : हाँ , रुक क्यों गयी मेरी जान. पूरा बोल क्या बोल रही थी

सोनाली : मैं तुम्हारा लण्ड....

परवेज़ : हाँ मेरी जान बोलो, रुको मत नहीं तो यह वीडियो नहीं रुकेगा और आगे फॉरवर्ड हो

जाएगा

सोनाली : मैं तुम्हारा लण्ड चूसने के लिए तैयार हूँ. इस वीडियो को कहीं फॉरवर्ड मत करो

प्लीज़

परवेज़ : यही तो मैं कह रहा हूँ कि तुम मेरी हर बात को चुपचाप मानती जाओ और यह

वीडियो सिर्फ मेरे पास ही रहने दो -अब आओ और मेरा लण्ड अपने मुंह में लेकर उसे चूसो।

सोनाली परवेज़ की दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ गयी

परवेज़ ने अपना मोबाइल उठा लिया और वीडियो बनाने लगा : चल मेरी ज़िप खोलकर लण्ड

बाहर निकाल और उसे अपने मुंह में ले ले

सोनाली ने ज़िप खोलकर लण्ड बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी.

परवेज़ फिल्म देखते हुए सोनाली के इस हॉट ब्लो जॉब की वीडियो बनाने लगा

सोनाली ने लण्ड चूसा भी और उसके बाद उसके लण्ड को चाट चाट कर साफ भी किया-

परवेज़ सोनाली के इस पूरे सेक्सी ब्लो जॉब की वीडियो बनाता रहा

जब सोनाली परवेज़ का लण्ड चूसकर अपनी सीट पर बैठकर बची हुई फिल्म देखने लगी तो

परवेज़ उससे बोला : अब अगर तुझे इस ब्लेकमेल से बचना है तो तुझे मुझसे शादी करनी

पड़ेगी. हम लोग तुम्हारे घर शादी का प्रस्ताव लेकर आएंगे -अगर तुमने हमारी शादी का

प्रस्ताव मंजूर कर लिया तो ठीक है, वरना यह वीडियो जब तक मेरे पास है, तुम मेरे इशारों

पर मेरी एक सेक्स स्लेव बनकर सारी जिंदगी नाचती रहोगी -अगर तुम मेरी वाइफ बन गयीं

तो तुम्हे इस ब्लेकमेल से छुटकारा मिल जाएगा क्योंकि मैं अपनी वाइफ को तो ब्लेकमेल

करूँगा नहीं, यह तुम भी समझती हो. कल संडे है-मेरे मम्मी पापा तुम्हारे घर मेरी और

तुम्हारी शादी का प्रस्ताव लेकर आएंगे -अब यह तुम्हे देखना है कि आगे क्या करना है

फिल्म ख़त्म हो चुकी थी

सोनाली परवेज़ के साथ ही उसकी बाइक पर बैठकर अपने घर आ गयी थी. दोनों का घर

पास-पास ही था. बाइक से उतरकर सोनाली अपने घर चली गयी और परवेज़ अपने घर आ

गया

शेष अगले भाग में ...

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अगले दिन ज़ुबैर खान और रुबिका अपने पड़ोस में रहने वाले राज वर्मा और सोनाली वर्मा

के मम्मी पापा से मिलने उनके घर पहुंच गए और उन्हें अपने आने का कारण भी बताया।

राज और सोनाली के पापा महेश वर्मा स्टेट बैंक में मैनेजर थे। उनकी उम्र लगभग 40 साल

की थी। उनकी पत्नी अंजली बेहद खूबसूरत और गोरी थी और 37 साल की उम्र में भी उसने

अपने बदन की खूबसूरती, कसाव और फिगर को बरकरार रखा हुआ था।

शादी को लेकर बड़ी अड़चन इस बात की वजह से आ रही थी कि सोनाली हिन्दू और परवेज़

मुस्लिम परिवार से थी।

बात को बिगड़ते देख ज़ुबैर खान ने चालाकी और मक्कारी दिखाते हुए सोनाली के मम्मी

पापा से कहा : भाई साहब आजकल के बच्चों से गलती तो हो ही जाती है। हमारे परवेज़ की

शादी तो कहीं न कहीं हो ही जाएगी लेकिन आपकी बेटी जो कि परवेज़ के बच्चे की माँ बनने

वाली है, उसे शायद दूसरा लड़का मिलने में दिक्कत हो सकती है।

ज़ुबैर खान का यह सफेद झूठझू एकदम काम कर गया और सोनाली और परवेज़ की शादी

हिन्दू रीति रिवाज के साथ आनन फानन में कर दी गई।

सोनाली अब परवेज़ के यहाँ आ गई थी। उसकी आज सुहागरात थी। शाज़िया ने भी अपनी

भाभी सोनाली को सुहागरात के लिए बिल्कुल तैयार करके उसे उसके कमरे में घूंघट करके

बिस्तर पर बिठा दिया था।‘

रात को दस बजे परवेज़ कमरे में घुसा तो सोनाली साड़ी के घूंघट में बिस्तर पर बैठी हुई थी।

परवेज़ ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और बिस्तर के सामने पड़े सोफे पर बैठते हुए

सोनाली से बोला : बिस्तर से उठकर मेरे पास आओ

सोनाली शर्माते हुए बिस्तर से उठी और परवेज़ के सामने आकर खड़ी हो गईं।

परवेज़ : साड़ी उतारो

सोनाली ने लाल रंग की बनारसी साड़ी उतार दी

साड़ी उतरते ही सोनाली का खूबसूरत बदन ब्लॉउज़ और पेटीकोट में कसा हुआ परवेज़ के

सामने था। परवेज़ का लण्ड खड़ा हो चुका था।

परवेज़ : ब्लॉउज़ और पेटीकोट भी उतारो

सोनाली ने धीरे धीरे ब्लॉउज़ और पेटीकोट भी उतार दिए। उसके बदन पर अब ब्रा और पैंटी

बची थी और काफी सारे जेवरात भी उसके बदन पर नज़र आ रहे थे।

परवेज़ उसके बदन की खूबसूरती देखकर अपने लण्ड पर हाथ फिराते हुए बोला : सब कुछ

उतारो। सारे जेवरात भी उतारो। मुझे तुम्हारा बदन एकदम नंगा चाहिए। तुम्हारे कोरे बदन

को जब मैं अपने हाथों से सहलाऊँ तो कुछ भी बीच मे नही आना चाहिये। चलो शुरू हो

जाओ

सोनाली ने एक एक करके अपने सारे जेवर उतारे और फिर बहुत शर्माते हुए अपनी ब्रा और

पैंटी भी उतार दी।

परवेज़ ने एक नज़र ने उसके खूबसूरत और सेक्सी नंगे बदन को ऊपर से नीचे तक जी

भरकर देखा-उसका खूबसूरत गोरा चेहरा, गुलाबी होंठहों , मस्त मस्त मखमली मम्मे, चिकना

समतल पेट, पतली चिकनी कमर और केले जैसी चिकनी और सुडौल जाँघे किसी को भी

बेकाबू करने के लिए काफी थीं।

परवेज़ : यह हार क्यों पहना हुआ है, इसे भी उतारो

सोनाली : यह मंगलसूत्र है, इसे नही उतारा जाता है। यह हमारे सुहाग की निशानी है।

परवेज़ ( हंसते हुए) : यह सब हमारे यहाँ नही होता है। वैसे भी कल हम तुम्हारा धर्म

परिवर्तन करवाकर काज़ी को बुलाकर अपनी रीति रिवाज से तुम्हारा निकाह करवाने वाले

है। चलो इस मंगल सूत्र को भी उतारो।

सोनाली ने न चाहते हुए भी अपना मंगलसूत्र भी उतार दिया और अपने एक हाथ से अपने

मम्मे और दूसरे हाथ से अपने चिकने योनि प्रदेश (चूत)को ढंककर खड़ी हो गई।

परवेज़ : अपने दोनों हाथ ऊपर उठाओ और अपने बदन को धीरे धीरे गोल गोल घुमाओ।

सोनाली ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए और धीरे धीरे गोल गोल घूमने लगी।

काफी देर तक परवेज़ सोनाली के बदन की इस तरह से नुमायश देखता रहा और अपना

लण्ड सहलाता रहा

शेष अगले भाग में

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परवेज़ सोनाली के निर्वस्त्र खूबसूरत बदन को गोल गोल घूमते हुए देख रहा था। दोनों हाथ

ऊपर उठे होने की वजह से उसके सीने के मस्त मम्मे एकदम टाइट हो गए थे। इससे पहले

कि परवेज़ कुछ और करता, उसके दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी।

रात के 11 बजे थे। परवेज़ को समझ नही आया कि इस समय कौन आया होगा। शाज़िया और

परवेज़ तो आम तौर पर इस समय तक सो जाते हैं। मम्मी पापा भी 9 बजे ही सो जाते हैं।

जब दरवाज़े पर दुबारा दस्तक हुई तो परवेज़ ने सोनाली से सख्त आवाज़ में कहा : तू अपने

खूबसूरत बदन को बिना रुके ऐसे ही घुमाती रह

यह कहकर वह दरवाज़ा खोलने के लिए बढ़ा लेकिन दरवाज़ा खोलने से रोकते हुए सोनाली

उझसे बोली : प्लीज़ मुझे कपड़े पहनने दीजिये। बाहर पता नही कौन है ?

परवेज़ : ऐसे ही नंगी होकर नाचती रह रंडी, सेक्सी लग रही है। मुझसे मिलने जो भी आया

है, उसे भी यह मालूम होना चाहिये कि तेरी मेरे आगे क्या औकात है ।

यह कहक़र परवेज़ ने अपने कमरे का दरवाजा खोल दिया

दरवाज़ा खोलते ही परवेज़ का बड़ा भाई परवेज़ एक कैमरा हाथ मे लेकर अंदर आ गया और

कमरे के दरवाजे को अंदर से बंद करता हुआ बोला : भाई, मुझसे कंट्रो ल नही हो रहा था,

जब से मैंने इस चिकनी को देखा है, मेरा लण्ड बेकाबू हुए जा रहा है।

सोनाली उन दोनों को एक साथ देखकर एकदम सकपका गई और शर्माकर अपने कपड़े

पहनने लगी।

परवेज़ ने उसे डांटते हुए कहा : तुझसे कपड़े पहनने के लिए किसने कहा साली ? जब तक मैं

ना कहूँ अपने हाथ ऊपर उठाकर गोल गोल घूमती रह। चल शुरू हो जा।

सोनाली हाथ ऊपर उठाएं बेबस होकर अपने खूबसूरत सेक्सी कोरे बदन को घुमा घुमाकर

उसकी नुमायश करने लगी।

परवेज़ और परवेज़ सोफे पर बैठकर उसका यह सेक्सी शो देखने लगे

परवेज़ अपने साथ लाये कैमरे में सोनाली के इस सेक्सी शो का वीडियो बनाते हुए कहने लगा

: साली एकदम मस्त माल है, तूने अभी तक इसे चखा है या अभी तक इसके मस्त बदन की

नुमायश देखकर ही अपना मन बहला रहा है ?

परवेज़ : नही भाई, अपना लण्ड तो मैं इससे शादी के पहले ही चुसवा चुका हूं।बहुत मस्त लंड

चूसती है यह रंडी

जिस तरह से परवेज़ और परवेज़ सोनाली के नंगे बदन को देखकर उसके बारे में भद्दी बातें

कर रहे थे, उसकी वजह से सोनाली का चेहरा शर्म और ज़लालत से एकदम लाल हो गया

था। उसने कभी यह कल्पना भी नही की थी कि सुहागरात वाले दिन ही उसे दोनों भाईयों के

सामने इस तरह से अपने नंगे बदन की नुमायश करनी पड़ेगी।

परवेज़ लगातार वीडियो बना रहा था और बोल रहा था : क्या गज़ब का माल है- केले जैसी

चिकनी जाँघे, सुडौल नितंब, पतली चिकनी क़मर, समतल चिकना पेट और मक्खन मलाई

जैसे मम्मे। ऐसी खूबसूरत और सेक्सी लड़कियाँ हमारे जैसे दबंग लौंडों लौं डोंको खुश करने के

लिए ही पैदा होती हैं।

सोनाली ने अब अपने बदन को गोल गोल घुमाना बंद कर दिया और बोली : अब मैं बहुत थक

गई हूं। मुझसे खड़ा भी नही हुआ जा रहा है।

यह कहकर वह कमरे के फर्श पर ही परवेज़ और परवेज़ के पैरों के पास बैठ गई।

शेष अगले भाग में

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परवेज़ का लण्ड खड़ा हो चुका था। उसने परवेज़ से कहा : भाई जरा तुम यह कैमरा

पकड़कर वीडियो बनाओ। मैं कुछ देर इस चिकनी के साथ मज़े लेना चाहता हूं।

परवेज़ कैमरा हाथ मे पकड़कर बैठ गया और परवेज़ के अगले कदम का इंतज़ार करने लगा।

परवेज़ काले रंग के नुकीले जूते पहने हुआ था। उसने अपने पैरों के पास बैठी निर्वस्त्र

सोनाली की तरफ देखा। सोनाली ने शर्म की वजह से अपना चेहरा झुकाया हुआ था और वह

उन दोनों से ही अपनी नज़रें बचा रही थी।

परवेज़ ने अपने जूते की नोक को सोनाली की ठोड़ी के नीचे रखकर उसके चेहरे को ऊपर

उठाया और बोला : मेरी तरफ देख और जो मैं कहूँ चुपचाप वही करती जा

सोनाली परवेज़ की तरफ देखने लगी

परवेज़ ने अपने जूते की नोक को सोनाली के चेहरे पर फिराना शुरू कर दिया। चेहरे पर

काफी देर तक जूते की नोक फिराने के बाद परवेज़ ने अब अपने जूते की नोक को उसके

होंठों हों ठोंपर फिराना शुरू कर दिया। परवेज़ लगातार इस सारे खेल की वीडियो बना रहा था।

परवेज़ जूते की नोक को उसके होंठों हों ठोंपर फिराते फिराते अचानक उझसे कड़क आवाज़ में

बोला : मुंह खोल और जूते की नोक को मुंह मे लेकर अपनी जीभ से चाट।‘

सोनाली को अब लग रहा था कि अब कुछ पानी सर के ऊपर से निकल रहा है, उसने अपना

सर हिलाते हुए परवेज़ की बात को मानने से मना कर दिया और अपने हाथ से उसके जूते की

नोक को अपने चेहरे से हटा दिया।

परवेज़ और परवेज़ को सोनाली की इस हिमाकत पर गुस्सा तो काफी आया लेकिन परवेज़ ने

परवेज़ की तरफ देखकर हंसते हुए कहा : भाई तू तो बस वीडियो बनाता रह। इसके साथ

क्या खेल करना है, वह सब मुझ पर छोड़ दे।

परवेज़ अब सोनाली से बोला : हरामजादी अब तुझे मेरा हुक्म न मानने की सज़ा मिलेगी। चल

खड़ी हो जा

सोनाली डरी सहमी सी खड़ी हो गयी

परवेज़ ने एक बार फिर से उसके नंगे मस्त बदन को जी भरकर देखा और उससे बोला : चल

अपने कान पकड़ और गिनती बोलते हुए 100 उठक बैठक लगाकर दिखा

सोनाली ने कान पकड़ लिए और गिनती बोलते हुए उठक बैठक लगाने लगी

परवेज़ ने अपने हाथ को उसकी टाँगों के बीच मे उसकी चिकनी चूत पर हाथ फिराते हुए कहा

: अपनी टाँगों को फैलाकर रख

अपनी टाँगों को फैलाकर उठक बैठक लगाने में सोनाली को बहुत दिक्कत हो रही थी लेकिन

वह बेबस थी और परवेज़ की हर बदमाशी को सहने के लिए मजबूर थी। अभी तक वह 20

उठक बैठक ही लगा पाई थी।

परवेज़ आराम से मुस्कुराते हुए सोनाली की तरफ देखता हुआ परवेज़ की जांघ पर हाथ

मारता हुआ बोला : कुछ समझ मे आया तुझे भाई ?

परवेज़ : नही भाई

परवेज़ : अरे भाई, मैं तुझे यह समझाना चाहता हूं कि औरतों को पहली रात से ही उनकी

औकात बता देनी चाहिए । हर औरत को पहले दिन से ही इस बात का पूरा अहसास हो जाना

चाहिए कि वह मर्दों के पैरों की जूती है और इससे ज्यादा उसकी कोई औकात नही है। मैं भी

इस चिकनी को उसकी औक़ात ही समझा रहा हूँ।

सोनाली अब तक 50 उठक बैठक लगा चुकी थी। उसकी हालत से लग रहा था कि वह अब

बिल्कुल पस्त हो चुकी थी। वह अचानक जमीन पर फिर से ढेर हो गयी और बोली : अब

मुझसे कुछ नही होगा। मैं बहुत थक गई हूं।

परवेज़ का लण्ड उसकी पैंट में बहुत बड़ा टेंट बनाकर खड़ा हुआ था। उसने अपने खड़े लण्ड

पर हाथ फिराते हुए सोनाली से कहा : इधर आकर मेरे जूते को अपने हाथों में उठा और

उसकी नोक को अपने मुंह मे लेकर उसे अपनी जीभ से चाट।

सोनाली ने परवेज़ के आगे झुकते हुए उसके जूते को उठाकर अपने हाथों में ले लिया और

उसकी नोक को अपने होंठों हों ठोंके बीच मे लेकर उस पर अपनी जीभ फिराने लगी।

परवेज़ और परवेज़ मज़े लेते हुए सोनाली की तरफ देख रहे थे

परवेज़ वीडियो बनाते हुए परवेज़ से बोला : भाई यह सब देखकर ही मेरा लण्ड बेकाबू हुआ

जा रहा है। इसका मतलब हम इस सेक्सी चिकनी से अपनी कोई भी बात मनवा सकते हैं।

परवेज़ : चल देर से ही सही, तुझे यह बात तो समझ मे आ गयी। यही बात समझाने के लिए मैं

आज पहली ही रात तेरे कमरे में घुस आया। पहली ही रात को हर औरत को उसकी औक़ात

बताकर उसे अपने कंट्रो ल में लेना होता है। बस एक बार औरत कंट्रो ल में आ गई फिर पूरी

जिंदगी मौज़ ही मौज़ है।

शेष अगले भाग में

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अपने दोनों जूतों की नोक को सोनाली से चटवाने के बाद परवेज़ ने सोनाली को हुक्म दिया :

अब घोड़ी बनकर इधर मेरे नज़दीक आ और मेरे लण्ड को अपने मुंह मे लेकर मुझे खुश कर

सोनाली घोड़ी बनकर परवेज़ के नज़दीक आ गयी। उसके दोनों हाथ और पैर जमीन पर

टिके हुए थे और चेहरा परवेज़ की दोनों टाँगों के बीच मे था। परवेज़ ने अपनी पैंट की ज़िप

खोलकर अपने खड़े लण्ड को बाहर निकाला और उसे सोनाली के गालों और होंठों हों ठोंपर

फिराने के बाद बोला : मुंह खोल और इसे अंदर लेकर चूस

सोनाली परवेज़ के मोटे और लंबे लण्ड को अपने मुंह मे लेकर उस पर अपनी जीभ फिराने

लगी। परवेज़ एकदम जन्नत का मज़ा लूट रहा था। उसने परवेज़ की तरफ देखकर कहा : इस

कैमरे को ऐसे ही चालू करके टेबल पर रख दे और तू भी अपने लण्ड को इस लौंडिया के

पिछवाड़े में डाल कर जी भरकर मौज़ मस्ती कर।

परवेज़ अपने बड़े भाई परवेज़ का इशारा समझ गया। वह सोफे से उठकर एक स्टूल पर

सोनाली के पिछवाड़े वाले हिस्से पर बैठ गया और सोनाली के मस्त मस्त सुडौल नितंबों को

सहलाने थपथपाने लगा। उसके नितंबों से काफी देर तक खेलने के बाद परवेज़ सोनाली से

बोला : टाँगे खोल अपनी

सोनाली के टाँगे खोलते ही परवेज़ ने अपना लंबा मोटा लण्ड सोनाली के पिछवाड़े में घुसेड़

दिया

परवेज़ और परवेज़ दोनों ने बारी बारी से सोनाली को आगे पीछे से पेलने के बाद उससे कहा

: चल अब सीधे होकर बिस्तर पर पैर खोलकर लेट जा, अब तेरी चूत की चुदाई की जाएगी

सोनाली अब तक वैसे ही बहुत थक चुकी थी।

वह बिस्तर पर जाकर सीधी होकर लेट गयी

परवेज़ और परवेज़ ने अपने अपने सारे कपड़े उतार फेंके थे

दोनों सोनाली के बदन से जबरन खिलवाड़ कर करके मौज़ मस्ती कर रहे थे

परवेज़ ने परवेज़ से कहा : भाई आप बड़े हो,पहले आप ही इसे पेलो और मज़े लो

परवेज़ ने अब सोनाली के बदन को चूमते सहलाते हुए उसकी गीली हो रही चूत में अपना

लण्ड डाल कर उसकी चुदाई शुरू कर दी। सोनाली एकदम कच्ची कली थी इसलिए बहुत

जोर से चीखी चिल्लाई लेकिन परवेज़ अपने होंठों हों ठोंमें उसके होंठों को इस तरह लेकर चूम रहा

था कि उसकी सारी चीख चिल्लाहट दब कर रह गई।

परवेज़ इस बात से ही बहुत उत्तेजित था कि सोनाली जैसी कच्ची कली को पहली बार वह

चोद रहा था। क्लाइमेक्स आते ही परवेज़ ने अपना लण्ड बाहर निकाला और परवेज़ से बोला

: बहुत मजेदार और करारा माल है साली, तू भी अपना लण्ड डालकर जी भरकर मौज़ मस्ती

कर ले।

परवेज़ ने अपने कपड़े पहनने शुरू कर दिए और परवेज़ सोनाली के मस्त बदन से खिलवाड़

करते हुए उसे चोदने लगा।

सोनाली के साथ मौज़ मस्ती करते करते रात के 2 बज गए थे।

परवेज़ अब परवेज़ और सोनाली को छोड़कर कमरे से बाहर जाने लगा और जाते जाते बोला

: अब तुम सब आराम करो। कल बहुत सारी रस्मे होनी है। काज़ी साहब सुबह 11 बजे ही आ

जाएंगे। पहले धर्म परिवर्तन की रस्म अदा की जाएगी, उसके बाद पाकीज़गी की रस्म अदा

होगी और सबसे आखिर में निकाह की रस्म अदा की जाएगी।

शेष अगले भाग में

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Adultery मस्ती का धमाल मस्त मस्त माल

कहानी के पात्रों का परिचय :

[1] ज़ुबैर खान की उम्र 40 साल है, वह सांवले रंग का है और 5 फिट 9 इंच लम्बा है

-ज़ुबैर खान ड्राई फ्रूट का खानदानी बिजनेस करता है और अपने बड़े बेटे परवेज़ खान

(जो 20 साल का है, गोरे रंग का है और 5 फिट 7 इंच लम्बा है) के साथ दुकान को

संभालता है

[2] रुबिका ज़ुबैर खान की वाइफ है- उसकी उम्र 37 साल की है और वह गोरे रंग की

होने के साथ 5 फिट 5 इंच लम्बी है -रुबिका बेहद खूबसूरत और सेक्सी होने के साथ साथ

एक जबरदस्त फिगर की भी मालिक है.रुबिका थोड़े मॉडर्न ख्यालों की है और हिज़ाब और

बुरका न पहनकर साड़ी ही पहनना पसंद करती है जिसमे उसके खूबसूरत बदन की झलक

हर समय दिखाई देती रहती है

[3] परवेज़ खान ज़ुबैर खान का बड़ा बेटा है (जिसका परिचय ऊपर दिया जा चुका है).

परवेज़ ने 12 वीं पास करने के बाद पढाई लिखाई छोड़ दी थी और ज़ुबैर खान के साथ

दुकान पर बैठने लगा था

[4] वसीम ज़ुबैर खान का दूसरा बेटा है-जिसकी उम्र 19 साल की है, वह सांवले रंग का है

और 5 फिट 6 इंच लम्बा है. वसीम अभी बी कॉम की पढाई कर रहा है और उसका कालेज

में पहला साल है

[5] शाज़िया ज़ुबैर की इकलौती बेटी है जो 18 साल की है, गोरे रंग की बेहद खूबसूरत,सेक्सी

और 5 फिट 5 इंच लम्बी है- अभी वह कॉलेज में है और 12 वीं की पढाई कर रही है

कहानी में समय समय पर अन्य पात्र भी कहानी की जरूरत के हिसाब से आते जाते रहेंगे

जिनका परिचय उसी समय दिया जाएगा

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ज़ुबैर खान की खानदानी ड्राई फ्रूट की दुकान सदर बाजार में थी। दुकान के ऊपर ही

पहली और दूसरी मंजिल पर उसका घर था। पहली मंजिल पर एक ड्राइंग रूम, बेड रूम ,

किचिन और वाशरूम था। पहली मंजिल पर ज़ुबैर और उसकी वाइफ रुबिका रहते थे।

दूसरी मंजिल पर तीन कमरे बने थे और एक वाशरूम था। इन कमरों में परवेज़, परवेज़ और

शाज़िया रहते थे। तीसरी मंजिल पर खाली छत थी और एक बड़ा सा कमरा मेहमानों के लिए

बना हुआ था जो आमतौर पर बंद रहता था।

ज़ुबैर खान का बिजनेस तो ड्राई फ्रूट बेचने का ही था और उसकी दुकान का शहर में बहुत

नाम भी था जिसकी वजह से दुकान पर सुबह 10 बजे से लेकर रात 8 बजे तक ग्राहकों की

लाइन लगी रहती थी। कुल मिलाकर उसका बिजनेस बहुत बढ़िया चल रहा था। लेकिन

ज़ुबैर खान और उसकी वाइफ के अलावा यह बात घर मे या बाहर किसी को भी नही

मालूम थी कि दुबई,अफगानिस्तान और पाकिस्तान से ड्राई फ्रूट मंगवाने की आड़ में गोल्ड

और ड्रग्स की तस्करी का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा था।

इस सारे गोरखधंधे की खबर सबसे पहले शाज़िया को और फिर परवेज़ को कैसे मिली, आइए

उसे देखते हैं।

रात को खाना खाने के बाद 10 बजे तक सब लोग अपने अपने कमरों में सोने के लिए चले

जाते थे।

एक दिन रात को करीब 2 बजे परवेज़ की आंख खुली क्योंकि उसे वाशरूम जाना था। वह

अपने कमरे से बाहर आया और वाशरूम चला गया। वाशरूम से बाहर आया तो उसने शाज़िया

के कमरे में कुछ हलचल सी महसूस की। उसके कमरे की लाइट भी जल रही थी और किसी

के बोलने की हल्की हल्की आवाज़ भी आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि कमरे में शाज़िया के

अलावा कोई और भी मौजूद था। लेकिन इतनी रात को उसके कमरे में कौन हो सकता था।

कमरा अंदर से बंद था।

पहले परवेज़ ने सोचा कि वह दरवाज़ा खुलवाकर देखे कि शाज़िया

इतनी रात को लाइट जलाकर आखिर क्या कर रही है लेकिन उसने अगले ही पल अपना

इरादा बदल दिया और उसके कमरे के अंदर क्या चल रहा है, यह देखने के लिए उसमे कमरे

की खिड़की के एक बड़े से छेद में झांकना शुरू कर दिया। अंदर जो कुछ भी परवेज़ ने देखा,

उसे देखकर उसके पैरों के नीचे से मानो जमीन ही खिसक गई।

शेष अगले भाग में.....

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परवेज़ ने देखा कि उसकी बहन अपना सफ़ेद रंग का नाईट गाउन पहने हुए कमरे में खड़ी

हुई थी और उसके सामने एक कुर्सी पर अपनी टाँगे फैलाकर राज वर्मा बैठा हुआ था

राज वर्मा कॉलेज में उसकी बहन शाज़िया के साथ ही पढता था और पिछले तीन साल से

लगातार फेल होने की वजह से वह 21 साल का होने के बाबजूद भी अभी तक 12 वीं क्लास

में ही पढ़ रहा था. राज का मकान परवेज़ के मकान से एकदम लगा हुआ था और परवेज़ को

पूरा शक था कि वह अपनी छत को लांघकर ही यहां आया होगा

परवेज़ गौर से उन दोनों की तरफ देखने लगा

राज ( शाज़िया से) : खोल दे !

शाज़िया : नहीं प्लीज़ ऐसा मत करवाओ. मुझे बहुत शर्म आती है. मैंने आज तक किसी के सामने

अपने कपडे नहीं खोले हैं

राज : मैं कह रहा हूँ खोल दे तो तो तुझे खोलना ही पड़ेगा- नहीं तो तुझे मालूम है कि मैं क्या

करूंगा

शाज़िया : तुम कुछ करोगे तो नहीं ?

राज : नहीं मैं कुछ नहीं करूँगा. मैं तो बस अपने इस मोबाइल में तुम्हारी सिर्फ 10 मिनट की

एक फिल्म बनाऊंगा और फिर चुपचाप चला जाऊँगा -अब ज्यादा देर मत करो और अपने

गाउन को खोलो

परवेज़ को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो रहा था -हाँ उसका अपना लंड

जरूर अब तक तनकर खड़ा हो गया था. वह इस समय यह भूल गया था कि अंदर जो लड़की

खड़ी है वह उसकी सगी बहन शाज़िया है -उसके अंदर भी इस बात को लेकर रोमांच पैदा होने

लगा कि क्या अब शाज़िया अपने सब कपडे उतार देगी या नहीं

राज अपने मोबाइल को लेकर उसमे वीडियो बनाने के लिए एकदम तैयार था.

शाज़िया ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप नीचे खिसकानी शुरू कर दी -पहले उसकी काले रंग की

ब्रा नज़र आयी और फिर उसकी काले रंग की पैंटी भी दिखने लगी

वीडियो बनाते बनाते राज उससे बोला : अपने गाउन को निकालकर एक तरफ फेंक दे और

गोल गोल घूमकर दिखा

शाज़िया ने अपना गाउन अपने बदन से अलग कर दिया और वहीं खड़ी खड़ी गोल गोल घूमने

लगी.

राज उसकी वीडियो बनाये जा रहा था

परवेज़ ने भी शाज़िया के खूबसूरत बदन को इस हालत में पहली बार देखा था और वह भी अपने

खड़े हो चुके लंड को संभाल नहीं पा रहा था

राज : साली, तू तो एकदम मस्त माल है ! चल अब जरा अपने बाकी के कपडे भी उतार दे

और अपने हाथ ऊपर उठाकर गोल गोल घूमना शुरू कर’

शाज़िया एकदम बेबस सी लग रही थी-उसने एक एक करके अपनी ब्रा और पैंटी भी उतार दी

और एकदम नंगी हो गयी’

राज : चल हाथ ऊपर उठा और फिर से गोल गोल घूमना शुरू कर -अभी सिर्फ पांच मिनट

की फिल्म ही बनी है

शाज़िया ने अपने हाथ ऊपर उठा लिए और अपने बदन की गोल गोल घूमकर नुमायश करने

लगी’

राज लगातार इस सेक्सी तमाशे की अपने मोबाइल पर फिल्म बना रहा था. बीच बीच में वह

भी अपनी पेंट में बन रहे टेंट पर हाथ फिरा रहा था
 
कुछ देर बाद राज शाज़िया से बोला : अब इधर आकर मेरे नज़दीक खड़ी हो जा

शाज़िया धीरे धीरे चलकर राज के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गयी

राज ने अपने मोबाइल कैमरा को ऑन करके उसे पास एक टेबल पर खड़ा करके सेट कर

दिया और अपने दोनों हाथों से शाज़िया के मस्त मम्मों को दबाते हुए कहने लगा : साली क्या

गजब का माल है -एकदम मक्खन मलाई का ढेर है तेरा यह खूबसूरत सेक्सी बदन

कुछ देर तक शाज़िया के मस्त मस्त मम्मों से खिलवाड़ करने के बाद राज बोला : चल अब अपनी

टाँगे खोलकर खड़ी हो जा

शाज़िया ने जैसे ही अपनी टाँगे फैलायीं, यीं राज ने अपने हाथ से उसकी चिकनी चूत को दबाना

सहलाना शुरू कर दिया -सहलाते सहलाते उसने अपनी एक उंगली उसकी चूत में घुसेड़ दी

और उसे अंदर बाहर करने लगा और शाज़िया की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए बोला : क्यों

चिकनी, मज़ा आ रहा है ?

शाज़िया का पूरा चेहरा शर्म और ज़लालत से एकदम लाल हो रहा था-वह कुछ नहीं बोली तो राज

ने फिर से पुछा : बोल मेरी जान, मज़ा आ रहा है या नहीं ? जल्दी बोल-अगर जबाब नहीं

दिया तो तुझे पता ही है कि मैं तेरा क्या हाल करूँगा

शाज़िया : हाँ हाँ मुझे बहुत मज़ा आ रहा है

राज (हँसते हुए) : गुड़ गर्ल. यह हुई न बात. बस इसी तरह मेरी हर बात मानती रहेगी तो सब

कुछ ठीक चलता रहेगा , वर्ना तो तू खुद समझदार है

राज ने उसकी चूत में से अपनी उंगली बाहर निकाल ली और उससे बोला चल अब घुटनों के

बल नीचे बैठ मेरे पैरों के बीच में और जो मैं कहता जाऊं वह चुपचाप करती जा -अब एक

10 मिनट की एक फिल्म और बनाई जाएगी

शाज़िया अब राज की दोनों टांगों के बीच में घुटनो के बल बैठ गयी

राज ने अपनी उंगली को उसके मुंह के आगे करते हुए कहा : इसे चाट चाट कर साफ़ कर

शाज़िया ने उसकी सनी हुई उंगली को अपने मुंह में ले लिया और उसे साफ़ करने लगी

राज लगातार मोबाइल पर वीडियो बना रहा था.
 
राज ने अब अपनी जींस और अंडराजयर को नीचे खिसका दिया और अपने खड़े हुए लण्ड

को बाहर निकाल लिया. अपने लण्ड पर हाथ फेरते हुए वह शाज़िया से बोला : चल अब इसे

अपने मुंह में लेकर इस पर अपनी जीभ फिरा फिराकर मुझे खुश कर’’

शाज़िया (गिड़गिड़ाते हुए) : प्लीज़ यह सब मत करवाओ . यह सब मैंने कभी नहीं किया है. अब

बस करो और मुझे छोड़ दो’

राज : आज से पहले जब तुझे राज जैसा कोई दबंग लौंडा मिला ही नहीं तो तुझसे लण्ड कौन

चुसवाता साली ? लेकिन मुझे तो तेरी जैसी खूबसूरत और सेक्सी लड़कियों से लण्ड चुसवाने

में बहुत मज़ा आता है-चल खोल अपना मुंह और मेरा लण्ड अच्छी तरह से चूस’

शाज़िया ने राज के लण्ड को न चाहते हुए भी अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी. राज

फिर से इस मुख मैथुन की फिल्म अपने मोबाइल पर बनाने लगा

शाज़िया के दोनों गालों पर राज बीच बीच में हलके हलके चपत भी मार रहा था और बोल रहा था

: ठीक से चूस साली , मज़ा नहीं आ रहा है !

कुछ समय बाद राज ने अपने लण्ड की पिचकारी शाज़िया के मुंह में छोड़ते हुए कहा : मेरे सारे

जूस को चुपचाप पी जा. एक बूँद भी बाहर नहीं गिरनी चाहिए

लण्ड चुसवाने के बाद राज ने अपने लण्ड को शाज़िया से साफ़ भी करवाया : चल अपनी जीभ से

मेरे लण्ड को साफ़ कर

लण्ड चुसवाने और उसे साफ़ करवाने के बाद राज शाज़िया से बोला : चल अब खड़ी हो जा और

अपने कपडे पहन ले

जब तक शाज़िया कपडे पहनती रही, राज उसकी फिल्म बनाता रहा और फिर मोबाइल को एक

तरफ रखता हुआ उससे बोला : अब मेरे पास वायरल करने के लिए एक फिल्म तेरी मम्मी

की और दो फिल्मे तेरी हैं. अगर तू मेरी सेक्स स्लेव बनकर मेरे इशारों पर नाचती रही तो

ठीक है, वरना यह सब फ़िल्में पूरे शहर में वायरल कर दी जाएंगी

यह कहकर राज कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया और अपनी जींस के बटन बंद करने लगा

परवेज़ को लगा की अब राज कमरे से बाहर निकलने वाला है, वह एकदम खिड़की से हट

गया और अपने कमरे की तरफ चला गया और कमरे के अंदर से ही बाहर की तरफ झांकते

हुए राज के बाहर निकलने का इंतज़ार करने लगा

जब पांच मिनट तक भी शाज़िया के कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला और राज बाहर नहीं निकला

तो परवेज़ बेचैन हो गया -कमरे की रोशनी भी अब बंद हो चुकी थी.

परवेज़ दुबारा से वाशरूम की तरफ जाते जाते कमरे की तरफ देखने लगा-अंदर लाइट बंद

हो चुकी थी और अब कोई आवाज़ भी नहीं आ रही थी

परवेज़ जब वाशरूम से बाहर आया वह फिर से शाज़िया के कमरे की खिड़की के छेद में से

कमरे के अंदर झाँकने लगा. उसे इस बात की बड़ी हैरानी थी की अब तक राज बाहर क्यों

नहीं निकला. क्या वह शाज़िया के साथ ही कमरे में सो रहा है ?

परवेज़ ने कमरे के अंदर झाँक कर देखा. अंदर हल्का सा नाईट बल्ब जल रहा था लेकिन यह

साफ़ दिख रहा था कि शाज़िया अपना गाउन पहने हुए अपने बिस्तर पर अकेली लेटी हुई थी

और कमरे में राज का कहीं नामों निशाँ तक नहीं था

परवेज़ अब हैरान परेशान मुद्रा में अपने कमरे में वापस आ गया और यह सब सोचते सोचते

ही सो गया कि यह सब क्या हुआ और राज अचानक कहाँ गायब हो गया -रात ज्यादा हो चुकी

थी इसलिए उसकी इतनी हिम्मत भी नहीं हुई कि वह शाज़िया के कमरे में ही जाकर उसी से यह

सब पूछ ले कि यह सब क्या चल रहा है और राज अचानक कहाँ गायब हो गया है

शेष अगले भाग में .....

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