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Guest
अगले दिन संडे था। दुकान, कॉलेज, कालेज सब बंद था और इसके चलते सब लोग घर पर
ही थे।
सुबह 9 बजे तक जब सब लोग नाश्ता वगैरा करके निपटे तो फिर से अपने अपने कमरों में
आराम करने के लिए चले गए।
परवेज़ के दिमाग मे लेकिन अभी तक रात की सारी घटनाएं चलचित्र की तरह घूम रही थी।
उसने अपने कमरे में छोटे भाई वसीम को बुला लिया और उसे पिछले रात की सारी बातें
विस्तार से बताने लगा। वसीम भी परवेज़ की बातें सुनकर एकदम हक्का बक्का हो गया और
बोला : अरे भाई, तेरी जगह मैं होता तो उस हरामी राज को वहीँ ढेर कर देता। साला हमारे
घर की इज़्ज़त से खेलता रहा और हमारी बहन के साथ बदमाशी करता रहा और तुमने उसे
ऐसे ही जाने दिया।
परवेज़ : अरे वसीम जो तुम सोच रहे हो, उतना सिम्पल मामला नही है। यह कोई ब्लैकमेल
का मामला लग रहा है। वह बार बार शाज़िया से मम्मी के किसी वीडियो को वायरल करने की
बात कहकर धमका रहा था।
वसीम : ऐसा है तो हमे शाज़िया से इस बारे में बात करनी चाहिए
परवेज़ : हाँ वह तो ठीक है,लेकिन मुझे यह समझ अभी तक यह बात नही आई कि वह कल
रात शाज़िया के कमरे से बाहर निकले बिना ही गायब कैसे हो गया।
वसीम : हो सकता है वह शाज़िया के कमरे में मोजूद बैक डोर से निकल गया हो
परवेज़ : क्या ?????? शाज़िया के कमरे में यह बैक डोर कहाँ से आ गया जिसका मुझे पता ही
नही है।
वसीम : अरे तुम हैदराबाद एक हफ्ते के लिए अपने दोस्तों के साथ पिछले महीने जब घूमने
गए थे तो उस समय पापा ने कमरे की पिछली खिड़की को तुड़वाकर उसे बाकायदा दरवाज़ा
बनबा दिया था । लेकिन उस दरवाज़े से तो शाज़िया की मर्ज़ी के बिना कोई न कमरे में आ
सकता है और न बाहर जा सकता है क्योंकि वह सिर्फ अंदर से ही बंद होता या खुलता है,
बाहर से नहीं।
परवेज़ : अच्छा अब मुझे सब कुछ ठीक से समझ आ गया। अब चलकर शाज़िया से बात करते हैं
कि यह सब क्या झमेला है
दोनों अब शाज़िया के कमरे में आ गए
परवेज़ : शाज़िया तेरे पास रात राज क्यों आया था ?
शाज़िया (एकदम इस तरह चौंकचौं पड़ी मानो उसकी कोई बड़ी चोरी पकड़ी गई हो) : लेकिन
भैया आपको कैसे मालूम पड़ा कि वह मुझसे मिलने आया था
परवेज़ को कुछ समझ मे नही आया कि वह शाज़िया को क्या जबाब दे। फिर कुछ सोचकर वह
बोला : मैं वाशरूम जाने के लिए बाहर निकला तो तुम्हारे कमरे की लाइट जलती देखकर
उसमे मैंने झाँककर देखा था, लेकिन तुम बात को घुमाने की बजाए साफ साफ यह बताओ
कि यह सब क्या तमाशा चल रहा है और हम लोगों को कुछ पता भी नही है।
शाज़िया : राज के पास एक आधे घंटे का वीडियो है। उसने वह वीडियो मेरे मोबाइल पर भी
भेजा है। वह वीडियो मम्मी और पापा का है। पिछले महीने मम्मी पापा दुबई गए थे । जब वहां
से इंडिया वापस आये थे तो एयरपोर्ट पर उन्हें कस्टम वालों ने पकड़ लिया था। यह वीडियो
उसी सिलसिले में है जिसे दिखाकर राज मुझे ब्लैकमेल कर रहा है।
वसीम : आखिर ऐसा क्या है उस वीडियो में शाज़िया ?
शाज़िया : मुझे तो बताते हुए काफी शर्म आएगी। मैं वीडियो तुम लोगों के मोबाइल पर फारवर्ड
कर देती हूं। खुद देख लेना । सब समझ आ जायेगा।
वसीम : ठीक है, मुझे भेज दे। मैं अपने लैपटॉप पर डाऊनलोड करके परवेज़ भाई के साथ
देख लूंगा।
शाज़िया ने वीडियो वसीम को फारवर्ड कर दिया और उसके बाद परवेज़ परबेज के साथ उसके
कमरे में ही आ गया
वसीम ने वीडियो को अपने लैपटॉप में डाऊनलोड कर लिया और फिर परवेज़ की तरफ
देखकर कहने लगा : मेरा ख्याल है हमे दरवाजा अंदर से बंद करके यह वीडियो देखना
चाहिये
परवेज़ : हाँ ठीक कह रहा है तू
यह कहकर वसीम ने अपने कमरे के दरवाज़े को अंदर से बंद कर दिया और लैपटॉप पर
वीडियो प्ले करना शुरू कर दिया
शेष अगले भाग में
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ही थे।
सुबह 9 बजे तक जब सब लोग नाश्ता वगैरा करके निपटे तो फिर से अपने अपने कमरों में
आराम करने के लिए चले गए।
परवेज़ के दिमाग मे लेकिन अभी तक रात की सारी घटनाएं चलचित्र की तरह घूम रही थी।
उसने अपने कमरे में छोटे भाई वसीम को बुला लिया और उसे पिछले रात की सारी बातें
विस्तार से बताने लगा। वसीम भी परवेज़ की बातें सुनकर एकदम हक्का बक्का हो गया और
बोला : अरे भाई, तेरी जगह मैं होता तो उस हरामी राज को वहीँ ढेर कर देता। साला हमारे
घर की इज़्ज़त से खेलता रहा और हमारी बहन के साथ बदमाशी करता रहा और तुमने उसे
ऐसे ही जाने दिया।
परवेज़ : अरे वसीम जो तुम सोच रहे हो, उतना सिम्पल मामला नही है। यह कोई ब्लैकमेल
का मामला लग रहा है। वह बार बार शाज़िया से मम्मी के किसी वीडियो को वायरल करने की
बात कहकर धमका रहा था।
वसीम : ऐसा है तो हमे शाज़िया से इस बारे में बात करनी चाहिए
परवेज़ : हाँ वह तो ठीक है,लेकिन मुझे यह समझ अभी तक यह बात नही आई कि वह कल
रात शाज़िया के कमरे से बाहर निकले बिना ही गायब कैसे हो गया।
वसीम : हो सकता है वह शाज़िया के कमरे में मोजूद बैक डोर से निकल गया हो
परवेज़ : क्या ?????? शाज़िया के कमरे में यह बैक डोर कहाँ से आ गया जिसका मुझे पता ही
नही है।
वसीम : अरे तुम हैदराबाद एक हफ्ते के लिए अपने दोस्तों के साथ पिछले महीने जब घूमने
गए थे तो उस समय पापा ने कमरे की पिछली खिड़की को तुड़वाकर उसे बाकायदा दरवाज़ा
बनबा दिया था । लेकिन उस दरवाज़े से तो शाज़िया की मर्ज़ी के बिना कोई न कमरे में आ
सकता है और न बाहर जा सकता है क्योंकि वह सिर्फ अंदर से ही बंद होता या खुलता है,
बाहर से नहीं।
परवेज़ : अच्छा अब मुझे सब कुछ ठीक से समझ आ गया। अब चलकर शाज़िया से बात करते हैं
कि यह सब क्या झमेला है
दोनों अब शाज़िया के कमरे में आ गए
परवेज़ : शाज़िया तेरे पास रात राज क्यों आया था ?
शाज़िया (एकदम इस तरह चौंकचौं पड़ी मानो उसकी कोई बड़ी चोरी पकड़ी गई हो) : लेकिन
भैया आपको कैसे मालूम पड़ा कि वह मुझसे मिलने आया था
परवेज़ को कुछ समझ मे नही आया कि वह शाज़िया को क्या जबाब दे। फिर कुछ सोचकर वह
बोला : मैं वाशरूम जाने के लिए बाहर निकला तो तुम्हारे कमरे की लाइट जलती देखकर
उसमे मैंने झाँककर देखा था, लेकिन तुम बात को घुमाने की बजाए साफ साफ यह बताओ
कि यह सब क्या तमाशा चल रहा है और हम लोगों को कुछ पता भी नही है।
शाज़िया : राज के पास एक आधे घंटे का वीडियो है। उसने वह वीडियो मेरे मोबाइल पर भी
भेजा है। वह वीडियो मम्मी और पापा का है। पिछले महीने मम्मी पापा दुबई गए थे । जब वहां
से इंडिया वापस आये थे तो एयरपोर्ट पर उन्हें कस्टम वालों ने पकड़ लिया था। यह वीडियो
उसी सिलसिले में है जिसे दिखाकर राज मुझे ब्लैकमेल कर रहा है।
वसीम : आखिर ऐसा क्या है उस वीडियो में शाज़िया ?
शाज़िया : मुझे तो बताते हुए काफी शर्म आएगी। मैं वीडियो तुम लोगों के मोबाइल पर फारवर्ड
कर देती हूं। खुद देख लेना । सब समझ आ जायेगा।
वसीम : ठीक है, मुझे भेज दे। मैं अपने लैपटॉप पर डाऊनलोड करके परवेज़ भाई के साथ
देख लूंगा।
शाज़िया ने वीडियो वसीम को फारवर्ड कर दिया और उसके बाद परवेज़ परबेज के साथ उसके
कमरे में ही आ गया
वसीम ने वीडियो को अपने लैपटॉप में डाऊनलोड कर लिया और फिर परवेज़ की तरफ
देखकर कहने लगा : मेरा ख्याल है हमे दरवाजा अंदर से बंद करके यह वीडियो देखना
चाहिये
परवेज़ : हाँ ठीक कह रहा है तू
यह कहकर वसीम ने अपने कमरे के दरवाज़े को अंदर से बंद कर दिया और लैपटॉप पर
वीडियो प्ले करना शुरू कर दिया
शेष अगले भाग में
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