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उसी दिन से नूतन का नियम था, below the बेल्ट नो एंट्री | उसके फ्रेंड सर्किल में ये बात भी तैरती रहती किनूतन घुमती सबको है लेकिन देती किसी को नहीं | जाहिर से बात है उसके पास राजू को महगा गिफ्ट देने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए उसने उसके बर्थडे को स्पेशल बनाने की सोची | दूसरा उन तीनो में सिर्फ राजू था जो अब तक हर तरफ से कोरा था, चूत को चोदना तो छोड़ो, उसके लंड को भी अभी तक किसी लड़की ने नहीं छुआ था | प्रियम इस मामले में थोडा लकी रहा | इसलिए नूतन का प्लान था की राजू का लंड चूसकर उसे भी थोडा अच्छा फील कराया जाये इससे उसक कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा | लेकिन राजू इतना फट्टू था कि अकेले के लिए राजी ही नहीं हुआ इसलिए देखते देखते नूतन ने प्रियम के लिए भी मूड बना लिया |
असल में हट के अन्दर आते ही नूतन ने लंड चूसने की शरुआत प्रियम से करी ताकि उसे देखकर राजू को पता चल जाये की क्या होने जा रहा है और वो जरुँरत से ज्यादा उत्तेजित न हो | रास्ते में नूतन दोनों के लंड पेंट के ऊपर से सहलाती हुई आ रही थी इसलिए दोनों के तम्बू पेंट के अन्दर तने हुए थे | नूतन ने प्रियम की पेंट की जिप खोली और सीधे उसका लंड का सुपाडा मुहँ में ले लिया और टॉफी की तरह चूसने लगी | राजू आंखे चौड़ी करके ये नजारा देखने लगा | थोड़ी देर तक नूतन प्रियम का लंड बिलकुल लोलीपोप वाले अंदाज में चूसती रही |
फिर वो राजू की तड़प को भांप कर उसका भी लंड पेंट के बाहर खींच लिया उसके लंड को हाथ में लेकर मुठीयाने लगी | राजू का लंड भी पेंट के अन्दर ही तनकर कठोर हो चूका था | कुछ देर तक राजू का लंड मुठीयाने के बाद अब वो दोनों हाथो से दोनों लंडो को मुठीयाने लगी थी | ये देखकर राजू बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया | नूतन ने धीरे धीरे दोनों लंडो के सुपाडे पर अपनी जीभ फिरनी शुरू कर दी | नूतन की गीली खुदुरी जीभ दोनों के खून से उबलते गरम लंडो पर किसी ठंडी फुहार जैसी लग रही थी | इस अनुभव को महसूस करके दोनों मस्ती के सागर में गोते लगाने लगे | दोनों के मुहँ से आहे कराहे निकलने का सिलसिला बदस्तूर जारी हो गया | नूतन के मुहँ से बस लोलीपोप चूसने जैसी ही आवाजे आ रही थी लेकिन राजू और प्रियम के मुहँ से आह आह आह लगातार निकल रहा था | अब नूतन दोनों लंड बारी बारी से चूस रही थी | रीमा जब आई तो ना केवल दोनों के कपडे उतर चुके थे बल्कि नूतन पूरी गति से दोनों लंडो को अच्छे से संभाल रही थी | नूतन को देखकर लगता था वो इस गेम में की पुरानी खिलाडी रह चुकी है | रीमा भी ये देखकर नूतन का ये स्किल देखकर उससे इम्प्रेस हो गयी, दो लंडो को संभालना किसी नयी लड़की के लिए इतना आसन नहीं होता |
प्रियम और राजू के धड़कने तेज थी, दोनो एक दुसरे की सांसो की आवाजे सुन सकते थे | नूतन का जिस्म भी गरम हो चला था उसकी चूत ने भी अपना पहला रिसाव करना शुरू कर दिया था | प्रियम और राजू नूतन की चुचियो से खलेने लगे और वो उनके लंडो से खेल रही थी | तीनो की आँखों में वासना की सुर्खियाँ तैरने लगी | रीमा को अब समझ आया अच्छा तो इसलिए ये लड़का पार्टी में आने की इतनी जिद इसलिए कर रहा था | रीमा चाहती तो उनको अभी रोक सकती थी लेकिन पिछले बार की टोकाटोकी उसके पक्ष में नहीं गयी थी इसलिए रीमा को लगा यहाँ से उसे चले जाना चाहिए, फिर एक पल को रूककर कुछ सोचने लगी | उसे यहाँ से क्यों जाना चाहिए | उसे तो इस थ्रीसम के मजे लेने चाहिए | रीमा के लिए ये बिलकुल नया था जब दो लंड एक ही लड़की शेयर कर रहे हो और तीनो में से किसी को भी रत्ती भर की शर्म नहीं थी | उसने अपना मोबाईल निकाला और फ़्लैश off कर दिया, फिर अन्दर के नज़ारे को मोबाइल में शूट करने लगी | प्रियम और राजू की पतलूने नीचे खिसक चुकी थी, नूतन घुटनों के बल नीचे बैठ गयी और बारी बारी से दोनों के लंड के सुपाडे पर अपनी गीली गुलाबी जीभ घुमाने लगी | दोनों की सिकरियां निकली शुरू हो गयी थी | नूतन एक हाथ से लंड की खाल को मसल रही थी और दुसरे सर हिला हिला कर बारी बारी से दोनों लंडो के सुपाडे को मुहँ में लेकर चूस रही थी | प्रियम राजू तो जैसे जन्नत की सैर कर रहे हो - यस बेबी लाइक दैट, सक इट बेबी, येस्स्स्सस्स्सस बेबी चुसो, कसकर चुसो |
नूतन भी मुहँ से लंड निकालकर - यस बेबी आई ऍम सकिंग इट, चूस रही हूँ कसकर चूस रही हूँ |
ये सब देखकर रीमा की हालत ख़राब होने लगी, उसकी गुलाबी चिकनी चूत भी रिसने लगी | रीमा को यकीन ही नहीं हुआ, यहाँ इस अँधेरे में दीवार के ऊपर जिस तरह से वो हवा में टंगी रहकर उनका विडिओ बना रही थी उसके बावजूद अगर उसकी चूत गीली हो चली थी इसका मतलब जरुर उसके साथ कुछ गलत है | रीमा खुद के अन्दर ही खुद का व्यवहार देखकर हैरान थी | उसे यहाँ से चले जाना चाहिए | हर जवान लड़के लड़की को जवानी का सुख भोगने का हक़ है , क्या सही है क्या गलत है उनके माँ बाप देखे, संभाले, वो कौन होती है मोरल बॉस बनकर उनको रोकने वाली | बड़ा अंतर्द्वंद उसके अन्दर चलने लगा | उसे भी एन्जॉय करना चाहिए ये सीन देखकर !!!, क्या ये सीन देखना सही है ????, किसी के प्राइवेट पलो को इस तरह से छिपकर देखना कितना सही है | अगले पल खुद से ही खुद को उत्तर भी दे रही थी - काहे का प्राइवेट पल, प्राइवेट दो लोगो के बीच में होता है, तीन के नहीं | ऊपर से प्राइवेट करना है तो घर में कमरे में करे, यहाँ पब्लिक के बीच में हट में नहीं | क्या इस तरह से दुसरे के बेहद निजी मोमेंट को मोबाइल से रिकॉर्ड करना सही है | जब प्रियम ने मेरे नंगा विडिओ रिकॉर्ड किया था तो मुझे कितना बुरा लगा था | लेकिन कल को मेरे पास प्रूफ तो है मै कौन सा इसे अपलोड करने जा रही हूँ | रीमा इसी उधेड़बुन में खोयी थी, तभी उसने देखा खुद नूतन दोनों के तने सख्त लंडो को मुहँ से सटाकर सेल्फी ले रही है | उसकी हैरानी का ठिकाना नहीं था, क्या जमाना आ गया है, अपने ही सेक्स की फोटो खीच रहे है और मै कहाँ सही गलत के चक्कर में पड़ी थी | उसे भी ये सब देखने में मजा आ रहा है फिर क्या सही क्या गलत, मेरी चूत भी तो गीली हो रही है इसका मतलब उसको भी मजा आ रहा है |
असल में हट के अन्दर आते ही नूतन ने लंड चूसने की शरुआत प्रियम से करी ताकि उसे देखकर राजू को पता चल जाये की क्या होने जा रहा है और वो जरुँरत से ज्यादा उत्तेजित न हो | रास्ते में नूतन दोनों के लंड पेंट के ऊपर से सहलाती हुई आ रही थी इसलिए दोनों के तम्बू पेंट के अन्दर तने हुए थे | नूतन ने प्रियम की पेंट की जिप खोली और सीधे उसका लंड का सुपाडा मुहँ में ले लिया और टॉफी की तरह चूसने लगी | राजू आंखे चौड़ी करके ये नजारा देखने लगा | थोड़ी देर तक नूतन प्रियम का लंड बिलकुल लोलीपोप वाले अंदाज में चूसती रही |
फिर वो राजू की तड़प को भांप कर उसका भी लंड पेंट के बाहर खींच लिया उसके लंड को हाथ में लेकर मुठीयाने लगी | राजू का लंड भी पेंट के अन्दर ही तनकर कठोर हो चूका था | कुछ देर तक राजू का लंड मुठीयाने के बाद अब वो दोनों हाथो से दोनों लंडो को मुठीयाने लगी थी | ये देखकर राजू बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया | नूतन ने धीरे धीरे दोनों लंडो के सुपाडे पर अपनी जीभ फिरनी शुरू कर दी | नूतन की गीली खुदुरी जीभ दोनों के खून से उबलते गरम लंडो पर किसी ठंडी फुहार जैसी लग रही थी | इस अनुभव को महसूस करके दोनों मस्ती के सागर में गोते लगाने लगे | दोनों के मुहँ से आहे कराहे निकलने का सिलसिला बदस्तूर जारी हो गया | नूतन के मुहँ से बस लोलीपोप चूसने जैसी ही आवाजे आ रही थी लेकिन राजू और प्रियम के मुहँ से आह आह आह लगातार निकल रहा था | अब नूतन दोनों लंड बारी बारी से चूस रही थी | रीमा जब आई तो ना केवल दोनों के कपडे उतर चुके थे बल्कि नूतन पूरी गति से दोनों लंडो को अच्छे से संभाल रही थी | नूतन को देखकर लगता था वो इस गेम में की पुरानी खिलाडी रह चुकी है | रीमा भी ये देखकर नूतन का ये स्किल देखकर उससे इम्प्रेस हो गयी, दो लंडो को संभालना किसी नयी लड़की के लिए इतना आसन नहीं होता |
प्रियम और राजू के धड़कने तेज थी, दोनो एक दुसरे की सांसो की आवाजे सुन सकते थे | नूतन का जिस्म भी गरम हो चला था उसकी चूत ने भी अपना पहला रिसाव करना शुरू कर दिया था | प्रियम और राजू नूतन की चुचियो से खलेने लगे और वो उनके लंडो से खेल रही थी | तीनो की आँखों में वासना की सुर्खियाँ तैरने लगी | रीमा को अब समझ आया अच्छा तो इसलिए ये लड़का पार्टी में आने की इतनी जिद इसलिए कर रहा था | रीमा चाहती तो उनको अभी रोक सकती थी लेकिन पिछले बार की टोकाटोकी उसके पक्ष में नहीं गयी थी इसलिए रीमा को लगा यहाँ से उसे चले जाना चाहिए, फिर एक पल को रूककर कुछ सोचने लगी | उसे यहाँ से क्यों जाना चाहिए | उसे तो इस थ्रीसम के मजे लेने चाहिए | रीमा के लिए ये बिलकुल नया था जब दो लंड एक ही लड़की शेयर कर रहे हो और तीनो में से किसी को भी रत्ती भर की शर्म नहीं थी | उसने अपना मोबाईल निकाला और फ़्लैश off कर दिया, फिर अन्दर के नज़ारे को मोबाइल में शूट करने लगी | प्रियम और राजू की पतलूने नीचे खिसक चुकी थी, नूतन घुटनों के बल नीचे बैठ गयी और बारी बारी से दोनों के लंड के सुपाडे पर अपनी गीली गुलाबी जीभ घुमाने लगी | दोनों की सिकरियां निकली शुरू हो गयी थी | नूतन एक हाथ से लंड की खाल को मसल रही थी और दुसरे सर हिला हिला कर बारी बारी से दोनों लंडो के सुपाडे को मुहँ में लेकर चूस रही थी | प्रियम राजू तो जैसे जन्नत की सैर कर रहे हो - यस बेबी लाइक दैट, सक इट बेबी, येस्स्स्सस्स्सस बेबी चुसो, कसकर चुसो |
नूतन भी मुहँ से लंड निकालकर - यस बेबी आई ऍम सकिंग इट, चूस रही हूँ कसकर चूस रही हूँ |
ये सब देखकर रीमा की हालत ख़राब होने लगी, उसकी गुलाबी चिकनी चूत भी रिसने लगी | रीमा को यकीन ही नहीं हुआ, यहाँ इस अँधेरे में दीवार के ऊपर जिस तरह से वो हवा में टंगी रहकर उनका विडिओ बना रही थी उसके बावजूद अगर उसकी चूत गीली हो चली थी इसका मतलब जरुर उसके साथ कुछ गलत है | रीमा खुद के अन्दर ही खुद का व्यवहार देखकर हैरान थी | उसे यहाँ से चले जाना चाहिए | हर जवान लड़के लड़की को जवानी का सुख भोगने का हक़ है , क्या सही है क्या गलत है उनके माँ बाप देखे, संभाले, वो कौन होती है मोरल बॉस बनकर उनको रोकने वाली | बड़ा अंतर्द्वंद उसके अन्दर चलने लगा | उसे भी एन्जॉय करना चाहिए ये सीन देखकर !!!, क्या ये सीन देखना सही है ????, किसी के प्राइवेट पलो को इस तरह से छिपकर देखना कितना सही है | अगले पल खुद से ही खुद को उत्तर भी दे रही थी - काहे का प्राइवेट पल, प्राइवेट दो लोगो के बीच में होता है, तीन के नहीं | ऊपर से प्राइवेट करना है तो घर में कमरे में करे, यहाँ पब्लिक के बीच में हट में नहीं | क्या इस तरह से दुसरे के बेहद निजी मोमेंट को मोबाइल से रिकॉर्ड करना सही है | जब प्रियम ने मेरे नंगा विडिओ रिकॉर्ड किया था तो मुझे कितना बुरा लगा था | लेकिन कल को मेरे पास प्रूफ तो है मै कौन सा इसे अपलोड करने जा रही हूँ | रीमा इसी उधेड़बुन में खोयी थी, तभी उसने देखा खुद नूतन दोनों के तने सख्त लंडो को मुहँ से सटाकर सेल्फी ले रही है | उसकी हैरानी का ठिकाना नहीं था, क्या जमाना आ गया है, अपने ही सेक्स की फोटो खीच रहे है और मै कहाँ सही गलत के चक्कर में पड़ी थी | उसे भी ये सब देखने में मजा आ रहा है फिर क्या सही क्या गलत, मेरी चूत भी तो गीली हो रही है इसका मतलब उसको भी मजा आ रहा है |