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जय अब अपनी दोनों उंगलियों को जो की चूत के पानी से गीली थी, नजमा के सामने ही चाटने लगता है और अपनी जीभ से नजमा की चूत पूरा चाटकर उसका पानी साफ कर देता है। जय की हर हरकत पर नजमा अपना पानी छोड़ रही थी। अब जय भी उठकर खड़ा हो जाता है और अपनी लोवर को एक झटके में लेकर सहित नीचे कर देता है।
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नजमा के सामने अब जय का तगड़ा लण्ड था, जिसे देखते ही नजमा की सांसें फूल जाती हैं और उसकी बाडी सन्न हो जाती है। नजमा के मन में एक बार अपनी चूत फटने का खयाल आता है। नजमा को जय का लण्ड राज के लण्ड से भी बड़ा और मोटा लग रहा था। जय का लण्ड 12 इंच लंबा और 4" इंच मोटा था जो की गधे के लण्ड जितना था।
अब जय आगे आता है और अपना लण्ड नजमा की चूत में सेट करता है। जैसे ही नजमा की चूत में जय का लण्ड टच होता है नजमा की चूत जय के लण्ड के गरम-गरम एहसास से ही पानी छोड़ देती है, जिससे नजमा की चूत और गीली हो जाती है। नजमा किचेन में सिकके ऊपर बैठकर नहीं चुदना चाहती थी। उसे पता था यहां पर जय का लण्ड उसकी और चूत दोनों की चीख निकाल देगा, लेकिन वो कुछ कर नहीं पा रही थी।
अब जय धीरे से अपने लण्ड के टॉप को दबाता है जिससे नजमा अपनी फी चूत को फैलाने में जान लगा देती है। जय के लण्ड का थोड़ा हिस्सा ही नजमा की चूत में जाता है तो नजमा की सिसकी निकल जाती है।
नजमा जय से कहती है- "जय जी प्लीज... अभी मत चोदो मुझे... कोई आ जाएगा। मैं आपका इतना मोटा और बड़ा लण्ड नहीं ले पाऊँगी..."
जय- क्यों साली रांड़ राज का लण्ड ले सकती है मेरा नहीं ले पाएगी?
नजमा- मैं ये नहीं कह रही की नहीं ले पाऊँगी। मैं लैंगी अपनी चूत में आपका लण्ड लेकिन अभी नहीं। अभी कोई भी आ जाएगा। आपका लण्ड मेरी चूत फाड़ देगा।
जय- अभी नहीं चुदवाएगी तो कब चुदवाएगी? रात में तेरा खसम तुझे चोदेगा और मैं अपना लण्ड हिलाऊँगा
नजमा- आज रात में आप मेरे खसम बन जाना। आप चोद लेना मझे।
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नजमा के सामने अब जय का तगड़ा लण्ड था, जिसे देखते ही नजमा की सांसें फूल जाती हैं और उसकी बाडी सन्न हो जाती है। नजमा के मन में एक बार अपनी चूत फटने का खयाल आता है। नजमा को जय का लण्ड राज के लण्ड से भी बड़ा और मोटा लग रहा था। जय का लण्ड 12 इंच लंबा और 4" इंच मोटा था जो की गधे के लण्ड जितना था।
अब जय आगे आता है और अपना लण्ड नजमा की चूत में सेट करता है। जैसे ही नजमा की चूत में जय का लण्ड टच होता है नजमा की चूत जय के लण्ड के गरम-गरम एहसास से ही पानी छोड़ देती है, जिससे नजमा की चूत और गीली हो जाती है। नजमा किचेन में सिकके ऊपर बैठकर नहीं चुदना चाहती थी। उसे पता था यहां पर जय का लण्ड उसकी और चूत दोनों की चीख निकाल देगा, लेकिन वो कुछ कर नहीं पा रही थी।
अब जय धीरे से अपने लण्ड के टॉप को दबाता है जिससे नजमा अपनी फी चूत को फैलाने में जान लगा देती है। जय के लण्ड का थोड़ा हिस्सा ही नजमा की चूत में जाता है तो नजमा की सिसकी निकल जाती है।
नजमा जय से कहती है- "जय जी प्लीज... अभी मत चोदो मुझे... कोई आ जाएगा। मैं आपका इतना मोटा और बड़ा लण्ड नहीं ले पाऊँगी..."
जय- क्यों साली रांड़ राज का लण्ड ले सकती है मेरा नहीं ले पाएगी?
नजमा- मैं ये नहीं कह रही की नहीं ले पाऊँगी। मैं लैंगी अपनी चूत में आपका लण्ड लेकिन अभी नहीं। अभी कोई भी आ जाएगा। आपका लण्ड मेरी चूत फाड़ देगा।
जय- अभी नहीं चुदवाएगी तो कब चुदवाएगी? रात में तेरा खसम तुझे चोदेगा और मैं अपना लण्ड हिलाऊँगा
नजमा- आज रात में आप मेरे खसम बन जाना। आप चोद लेना मझे।