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Guest
एक बार मैं और नीरव ब्लू-फिल्म देख रहे थे तब उसमें चूत की चुसाई का दृश्य आया था। वो देखते हुये मैंने नीरव को कहा था- “मुझे भी वो लोग जैसा कर रहे हैं वैसा कर दो ना..."
मेरी बात सुनकर नीरव हँसने लगा और बोला- “पगली, ये सब ऐसे ही दिखाते हैं। इसमें डाला जाता है, चाटा नहीं जाता..." तब नीरव की बात सुनकर मैं खामोश हो गई थी। पर धीरे-धीरे नीरव डालना भी भूल गया था।
ये सब सोचते-सोचते मुझे कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला, और कितनी देर सोती रही वो भी पता नहीं।
करण ने आकर मुझे जगाया तब मैं जागी।
करण- “कैसी हो निशा डार्लिंग?” करण ने आते ही मेरी तबीयत का हाल पूछा।
मैं- “मैं तो ठीक हूँ, पर तुम कहां थे? बहुत दिनों बाद मेरी याद आई..” मैंने बनावटी गुस्से से कहा।
करण- “अब हमारी जरूरत कहां है आपको? दो दिन पहले अंकल और आज रामू... तुम्हारे तो आजकल मजे ही मजे हैं...” करण ने शरारत से कहा।
मैं- “नहीं करण ऐसी बात नहीं... वो अंकल तो बेचारे न जाने कितने सालों से सेक्स के बिना तड़प रहे थे। इसलिए...” मैंने करण का हाथ खींचा और उसे बेड पर बिठाते हुये कहा।
मेरी बात सुनकर नीरव हँसने लगा और बोला- “पगली, ये सब ऐसे ही दिखाते हैं। इसमें डाला जाता है, चाटा नहीं जाता..." तब नीरव की बात सुनकर मैं खामोश हो गई थी। पर धीरे-धीरे नीरव डालना भी भूल गया था।
ये सब सोचते-सोचते मुझे कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला, और कितनी देर सोती रही वो भी पता नहीं।
करण ने आकर मुझे जगाया तब मैं जागी।
करण- “कैसी हो निशा डार्लिंग?” करण ने आते ही मेरी तबीयत का हाल पूछा।
मैं- “मैं तो ठीक हूँ, पर तुम कहां थे? बहुत दिनों बाद मेरी याद आई..” मैंने बनावटी गुस्से से कहा।
करण- “अब हमारी जरूरत कहां है आपको? दो दिन पहले अंकल और आज रामू... तुम्हारे तो आजकल मजे ही मजे हैं...” करण ने शरारत से कहा।
मैं- “नहीं करण ऐसी बात नहीं... वो अंकल तो बेचारे न जाने कितने सालों से सेक्स के बिना तड़प रहे थे। इसलिए...” मैंने करण का हाथ खींचा और उसे बेड पर बिठाते हुये कहा।