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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

कोमल :- अहह...ओह्ह्ह...उईईई...आहू....मज़ा आ गया हंस....आहह...बहुत दीनो के बाद ऐसा सुकून मिल रहा है...अहह...

डॉक्टर हाथी :- कोमल में बस झड्ने वाला हूँ....और तेज़ हिलो..आह..मज़ा आ रहा हाईईईईई....

कोमल :- में भी हंस बस झड्ने वाली हूँ.... और वो और तेज़ी से लंड पे उछलने लगती है....

अब 10 मिनट के बाद...सारी औरतें..अंदर आने को होती हैं...

बात चीत करते हुई...वो लोग अंदर आते हैं....

माधवी :- कोमल भाभी...कोमल भाभिइ...

और वो लोग जाके लिविंग रूम में पहुँच जाते हैं...तभी....

तभी...उनको एक बहुत तेज़...धडाम की आवाज़ आती है...सभी लोग घबरा जाते हैं....

ये आवाज़ क्लिनिक से आई होती है...

वो सारे उस तरफ भागते हैं...

और क्लिनिक के अंदर पहुँच जाते हैं..

और अंदर का हाल देखते ही...एक साथ...चीख पड़ते हैं...कोमल भाभी....ये सब क्य्ाआआआ......

किस चीज़ की आवाज़ थी....जिसे सुन के सब अंदर आ गये...जिसकी वजह से कोमल और हाथी का सेक्स दर्शन हो गया सबको...

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सभी लॅडीस हाथी के घर पे आई हुई थी...उधर क्लिनिक में हाथी और कोमल चुदाई कर रहे थे....तभी वहाँ से एक बहुत ज़ोर की आवाज़ आती है...और सभी लेडीज़ क्लिकनिक में पहुच जाती है...अब आगे......

सभी लॅडीस हाथी के क्लिनिक में आके चौंक जाती है...

सभी के हाथ उनके मुँह पर चले जाते हैं....कुछ मिनट तक सन्नाटा सा छा जाता है...

कोमल सभी लॅडीस को एक टक देख रही थी...और सभी लॅडीस कोमल को एक टक देखे जा रही थी....

तभी अंजलि ने चुप्पी थोड़ी..

अंजलि :- ये क्या कोमल भाभी....आप ठीक तो हो ना..

दया :- हाँ...आपको कहीं लगी तो नही..और ये सब...

माधवी :- हाँ कोमल भाभी...लगी नही ना आपको.....और ये आवाज़ कैसी थी..

कोमल :- ओह माइ गोद...आप लोग यहाँ ... एक काम कीजिए आप लोग बाहर बैठिए ... में अभी कपड़े पहेन के आती हूँ...

सभी लॅडीस बाहर चली जाती है...

दया :- हंसते हुई.....अंदर देखा कोमल भाभी को...

रोशन :- हाँ रे बावा....देखो तो कोमल भाभी को..और वो भी हँसने लगती है...

अंजलि :- आप लोग ऐसे क्यूँ हंस रहे हैं....ठीक है...कोमल भाभी भी तो औरत है...

माधवी :- हंसते हुए....हाँ वो ठीक है अंजलि भाभी...लेकिन अपने देखा नही अंदर का नज़ारा....

और सभी ज़ोर ज़ोर से हँसने लगते हैं....तभी..

तभी कोमल वहाँ लिविंग रूम में आ जाती है....वो अपना सर नीचे कर के आ रही थी..

दया :- क्या हुआ कोमल भाभी...

सभी लॅडीस उसे छेड़ने लगती है...

कोमल परेशान होकर..

कोमल :- ओह्ह्ह कम्मोन..... आप लोग तो ऐसे बोल रहे हैं..जैसे अपने कुछ भूत सा देख लिया हो....आज इतने दिनो के बाद हंस मूड में आए थे...तो रहा नही गया...

दया :- ओहू...क्या बात है कोमल भाभी ... आज तो आपके मज़े आ गये...

कोअमल :- ओह्ह दया भाभी आप भी ना.....

 
माधवी :- लेकिन कोमल भाभी....वो नज़ारा जो हमने देखा वो कैसे हुआ....और वो आवाजज...

कोमल :- आप सबको जानना है कि कैसे हुआ...

सभी एक साथ बोलते हैं...हाँ..

कोमल :- ठीक है..

वो क्या हुआ था...कि हम लोग एक हे कुर्सी पर थे....और...

वो शर्मा रही थी बताने में...लेकिन फिर भी धीरे धीरे बता रही थी...

एक कुर्सी पर थे...वजन बहुत ज़्यादा हो गया था..लेकिन उस वक़्त ध्यान नही दिया...और में...और में...कुछ ज़्यादा तेज़ उछलने लगी...जिसकी वजह से कुर्सी टूट गई और हम दोनो नीचे गिर गये...और आप लोगों को वो आवाज़ सुनाई दे गई..

माधवी :- और उस आवाज़ से हमे भी पता चल गया ... कि अंदर क्या कार्य चल रहा है...

और सब हँसने लगते हैं..

अंजलि :- अच्छा ये सब छोड़ो अब....चलो काम की बातें कर लेते हैं...

कोमल :- हाँ अंजलि भाभी आप ठीक बोल रहे हो....

वो बात को बदलना चाहती थी...

सभी समझ गये...और अब कुछ नही बोले...और वहाँ सोफे पे बैठ के बात करने लगे...

 
दया :- वैसे बहुत दिन हो गये...हम लोगों ने शॉपिंग नही की है..

अंजलि :- हाँ बिल्कुल सही बोल रहे हो दया भाभी आप....मुझे तो बहुत सारा समान खरीद के लाना है...

माधवी :- हाँ मुझे भी कुछ ज़रूरी समान खरीदना है...

रोशन :- हाँ बावा...मुझे भी घर का कुछ समान लेना है...

अंजलि :- तो ठीक है फिर कल चलते हैं...सब ...एक साथ...

दया :- हाँ बिल्कुल...कल ठीक रहेगा..बापूजी भी घर पे नही है..तो जल्दी कम निपट जाएगा घर का...

माधवी :- तो ठीक है 12 बजे चलते हैं....कोमल भाभी क्या हुआ आप क्यूँ चुप...अरे भूल जाओ....हम लोगों से क्या शरमाना...

सभी बोलते हैं हाँ कोमल भाभी...अब आप ठीक हो जाइए...

अब कोमल कुछ नॉर्मल होती है..

कोमल :- थॅंक यू...में तो बहुत डर रही थी..

अंजलि :- उसमे क्या है...आप परेशान मत होइए...

अच्छा तो कल चल रहे हैं ना.

कोमल :- वो आक्च्युयली में कल नही चल सकती...

सभी एक साथ....क्यूँ???

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उधर जेठालाल की दुकान पर...

जेठालाल :- आई नट्टू काका वो.... 21 इंच के एलसीडी के कितने पीस बचे हैं...गॉडाउन में..

नट्टू काका :- जी 30 है सेठ जी..

जेठालाल :- अच्छा...और वो बाघा आया कि नही..चेक लेके अभी तक...

उधर से आवाज़ आती हुई.....आ गया सेठ जीईई...बाघा दुकान के अंदर एंटर होते हुए.....

जेठालाल :- बड़ी देर लगा दी भाई...और हाँ ..चेक मिल गया..

बाघा :- आपको तो पता है ना सेठ जी...वो सेठ कितना टाइम लगते हैं....3 घंटा मगज मारी की तब जाके के चेक दिया उन्होने...

जेठालाल :- चल दे तो दिया ना...ला दे...

और जेठालाल बाघा से चेक ले लेता है.....

तभी वहाँ से एक पोलीस वाला दुकान के अंदर घुसता है....

पोलीस वाला :- यहाँ का सेठ कौन है..

जेठालाल :- जी में हूँ सेठ.....बोलिए क्या बात है इनस्पेक्टर साहब ..क्या हुआ...

इनस्पेक्टर :- देखिए...हम यहाँ एक टेररिस्ट ग्रूप को ढूँढ रहे हैं...

जेठालाल :- तो यह क्या आपको टेररिस्ट दिख रहे हैं...हम सब.

इनस्पेक्टर :- देखिए हमारा ये मतलब नही था....हमारा मतलब ये है...ये कुछ लोग यहाँ घूम रहे हैं...जिनपे हमे टेर्रोरिस्ट होने का शक़ है....और उनमे से एक आपकी दुकान के आस पास देखा गया है.....

जेठालाल :- देखिए अब हमे कैसे पता कि कौन टेररिस्ट है..या कौन नही..

इनस्पेक्टर :- देखिए आपको उल्टे जवाब देने की आदत है....

वो इंस्पेक्टर कड़क आवाज़ में बोलता है..

इस बार जेठालाल की हालत पतली हो जाती है...और वो घबराता हुआ बोलता है..

जेठालाल :- नही...हहाः...वो मेरा मतलब ऐसा था कि...अब हमे अगर किसी पे शक़ हुआ तो आपको ज़रूर बता देंगे...

 
इस बार जेठालाल की हालत पतली हो जाती है...और वो घबराता हुआ बोलता है..

जेठालाल :- नही...हहाः...वो मेरा मतलब ऐसा था कि...अब हमे अगर किसी पे शक़ हुआ तो आपको ज़रूर बता देंगे...

इनस्पेक्टर :- ठीक है...ध्यान रखिएगा..वो कोई भी हो सकता है.....एक आदमी या एक औरत..या फिर एक बच्चा...कोई भी..

जेठालाल :- ओके..बिल्कुल ध्यान रहेंगे...थॅंक यू

और वो इनस्पेक्टर चला जाता है..

जेठालाल :- हाशह....

बाघा उसकी तरफ देख रहा होता है..

जेठालाल :- क्या है भाई...जा जाके काम कर..

बाघा :- क्या काम करूँ..

जेठालाल :- गुस्से में...जा वहाँ जाके खड़ा हो जा...

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रात के 9:30 बजे....

हाहहहहः....हाँ ये सही है...हाहः...अच्छा था मेहता साहब..

जी हाँ सभी जेंट्स अब्दुल की दुकान पे सोडा पी रहे थे....

तभी पीछे से जेठालाल आता है...

जेठालाल :- और मेहता साहब क्या हुआ..क्यूँ सब हंस रहे है...

तारक :- अरे जेठालाल आज तुम लेट हो गये काफ़ी...और यार बस ऐसे ही वो जोक सुनाया था...तो हंस रहे थे....

जेठालाल :- अरे वो क्या हुआ मेहता साहब आज दुकान में पोलीस आई थी...

बस इतना ही बोलता है..कि हर बार की तरह अईयर भाई चुप रहे बिना नही मानते..

अईयर :- क्यूँ जेठालाल ..... क्या गड़बड़ कर दी तुमने..

जेठालाल :- अईयर भाई आप साइंटिस्ट हैं ना..

अईयर :- हाँ तो..

जेठालाल :- तो एक काम करो..एक रॉकेट बनाओ..और उसमे बैठ के उड़ जाओ...

सभी जेठालाल की बात सुन के हँसने लगते हैं...

अईयर गुस्से में जेठालाल..

जेठालाल :- क्या जेठालाल :- कुछ पता है नही....फिर बीच में क्यूँ बोल रहे हैं आप...शांति रखिए..

तारक :- ओहू..अईयर तुम भी ना...शांत रहो...जेठालाल को बोलने तो दो..

अईयर :- सॉरी मेहता साहब..

जेठालाल :- ये अईयर भाई भी ना हुह...

हाँ तो हुआ क्या मेहता शाब....

और दुकान पे इनस्पेक्टर वाली सारी बात बता दी..

 
तारक :- ओह्ह्ह...ये तो बहुत गंभीर समस्या है...जेठालाल ध्यान रखना भाई..

पोपटलाल :- अच्छा....इसके बारे में एक आर्टिकल लिखूंगा...में इन टेररिस्ट के खिलाफ एक जबरदस्त आर्टिकल लिखूंगा.....में दुनिया हिला दूँगा...!!

सोढी :- अरे मुझे तो ये लोग मिल जायें..तो में इनको मार मार के...इनका कचूमर निकाल दूं..

भिड़े :- सही बात है....मगर जेठालाल ध्यान रखना भाई...ये लोग कहीं भी बॉम्ब रख देते हैं...

जेठालाल :- आई भाई क्या बोल रहा है तू....

तारक :- ओफूओ भिड़े .. कैसी बात कर रहे हो...देखो जेठालाल ऐसा कुछ नही होगा...तुम टेन्षन मत लो...अच्छा ये छोड़ो....

पार्टी की बात करते हैं..थोड़ा मूड भी ठीक हो जाएगा....

जेठालाल :- हाँ मेहता साहब ...आपने ठीक कहा....ट्टो बहियूं...सब तैयार है ना....पार्टी के लिए...

सभी एक साथ बोलते हैं...हाँ...बट एक इंसान ना बोल देता है.....!!!!!!!

देखते हैं कौन है जो पार्टी के लिए नही जाना चाहता .... नेक्स्ट अपडेट में..!!!!

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