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Guest
दोपहर के 12 बजे....
सारी लॅडीस सोसाइटी कॉंपाउंड में खड़ी थी...और माधवी का इंतेज़ार कर रही थी....
दया :- ये भिड़े बहेन कहाँ रह गयी हैं...
अंजलि :- आती होंगी दया भाभी....
तभी रोशन बोल पड़ती है..
रोशन :- बबीता आज अईयर भाई ऑफीस नही गये...
बबीता :- नही गये हैं क्यूँ??
रोशन :- देख ज़रा पीछे से आ रहे हैं..
बबीता मुड़ती है और अईयर को देखती है...
बबीता :- अईयर तुम आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..
अईयर :- वो बबीता मेरी थोड़ी तबीयत खराब हो गई तो आ गया..
बबीता :- ओह्ह...अच्छा तो में नही जाती शॉपिंग पे...
अईयर :- नही बबीता में अब थोड़ा ठीक फील कर रहा हूँ..थोड़ी देर सो जाउन्गा तो ठीक हो जाउन्गा...तुम जाओ..
बबीता :- अच्छा ... अगर तुम बोल रहे हो तो में चली जाती हूँ....वैसे अगर कोई प्राब्लम हो तो फोन कर देना.....
अईयर :- हाँ बिल्कुल कर दूँगा...तुम एंजाय करना...
बबीता :- ओके बाइ...
अईयर :- बाइ..
और उपर चला जाता है...
जब तक माधवी वहाँ आ चुकी होती है...
माधवी :- चलें....
और सभी बोलते हैं....हाँ चलते हैं...
और वो सब के सब...शॉपिंग के लिए निकल जाते हैं....
दोपहर के 2 बजे....
जेठालाल खड़ा खड़ा मुस्कुरा रहा था...वो बार बार घड़ी की तरफ ही देखे जा रहा था...
उधर सारी लॅडीस बड़े मज़े से शॉपिंग कर रही थी....उनको तो पता नही था..कि घर पे आज क्या होने वाला है उनके साथ....तभी अंजलि का फोन बज उठता है..
अंजलि :- हाँ तारक..
अंजलि :- अच्छा...हाँ हम तो शॉपिंग पे गये हुए हैं.
अंजलि :- हाँ वहीं डोर मॅट के नीचे..
अंजलि :- लेकिन आप इतनी जल्दी कैसे आ गये...
अंजलि :- अच्छा बाबा....ठीक है..हाँ..ओके....
और फोन कट हो जाता है...
दया :- क्या हुआ अंजलि भाभी...
अंजलि :- वो तारक घर पे आ गये हैं..तो घर की चाबी के बारे में पूछ रहे थे...
दया :- अच्छा अच्छा...वैसे आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..
तारक :- बोल रहे थे..कि एक इंपॉर्टेंट आर्टिकल लिखना है..इसलिए आ गये..
दया :- अच्छा...चलिए वहाँ चलते हैं..वहाँ देखते हैं....
इन लोगों को क्या पता...कि आज उनके पति घर टाइम से पहले क्यूँ आ रहे हैं...
प्लान ही इतना बढ़िया है जेठालाल का ... कि किसी को कोई शक़ नही हो रहा है...!!!!!
सारी लॅडीस सोसाइटी कॉंपाउंड में खड़ी थी...और माधवी का इंतेज़ार कर रही थी....
दया :- ये भिड़े बहेन कहाँ रह गयी हैं...
अंजलि :- आती होंगी दया भाभी....
तभी रोशन बोल पड़ती है..
रोशन :- बबीता आज अईयर भाई ऑफीस नही गये...
बबीता :- नही गये हैं क्यूँ??
रोशन :- देख ज़रा पीछे से आ रहे हैं..
बबीता मुड़ती है और अईयर को देखती है...
बबीता :- अईयर तुम आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..
अईयर :- वो बबीता मेरी थोड़ी तबीयत खराब हो गई तो आ गया..
बबीता :- ओह्ह...अच्छा तो में नही जाती शॉपिंग पे...
अईयर :- नही बबीता में अब थोड़ा ठीक फील कर रहा हूँ..थोड़ी देर सो जाउन्गा तो ठीक हो जाउन्गा...तुम जाओ..
बबीता :- अच्छा ... अगर तुम बोल रहे हो तो में चली जाती हूँ....वैसे अगर कोई प्राब्लम हो तो फोन कर देना.....
अईयर :- हाँ बिल्कुल कर दूँगा...तुम एंजाय करना...
बबीता :- ओके बाइ...
अईयर :- बाइ..
और उपर चला जाता है...
जब तक माधवी वहाँ आ चुकी होती है...
माधवी :- चलें....
और सभी बोलते हैं....हाँ चलते हैं...
और वो सब के सब...शॉपिंग के लिए निकल जाते हैं....
दोपहर के 2 बजे....
जेठालाल खड़ा खड़ा मुस्कुरा रहा था...वो बार बार घड़ी की तरफ ही देखे जा रहा था...
उधर सारी लॅडीस बड़े मज़े से शॉपिंग कर रही थी....उनको तो पता नही था..कि घर पे आज क्या होने वाला है उनके साथ....तभी अंजलि का फोन बज उठता है..
अंजलि :- हाँ तारक..
अंजलि :- अच्छा...हाँ हम तो शॉपिंग पे गये हुए हैं.
अंजलि :- हाँ वहीं डोर मॅट के नीचे..
अंजलि :- लेकिन आप इतनी जल्दी कैसे आ गये...
अंजलि :- अच्छा बाबा....ठीक है..हाँ..ओके....
और फोन कट हो जाता है...
दया :- क्या हुआ अंजलि भाभी...
अंजलि :- वो तारक घर पे आ गये हैं..तो घर की चाबी के बारे में पूछ रहे थे...
दया :- अच्छा अच्छा...वैसे आज इतनी जल्दी कैसे आ गये..
तारक :- बोल रहे थे..कि एक इंपॉर्टेंट आर्टिकल लिखना है..इसलिए आ गये..
दया :- अच्छा...चलिए वहाँ चलते हैं..वहाँ देखते हैं....
इन लोगों को क्या पता...कि आज उनके पति घर टाइम से पहले क्यूँ आ रहे हैं...
प्लान ही इतना बढ़िया है जेठालाल का ... कि किसी को कोई शक़ नही हो रहा है...!!!!!