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दया :- आहानन्न....अभी कहाँ से हार गई...अभी तो आपकी बारी है...देखते हैं...कि आप क्या करते हैं....और पलंग पे लेट जाती है...
जेठालाल :- देखते हैं....आज तो तेरा रस निकाल के छोड़ूँगा..और सारा पी भी जाउन्गा....
और फिर जेठालाल...दया की तरफ़ बढ़ने लगता है.......!!!!!!!
दया शर्त के मुताबिक...5 मिनट में जेठालाल के लंड से उसका रस नही निकाल पाई थी...अब जेठालाल की बारी थी..
दया पलंग पे लेट गई थी....जेठालाल उसकी तरफ बढ़ता हुआ....
दया :- हाँ तो आपका टाइम शुरू होता है..
जेठालाल :- आई...अभी कहाँ...अभी तो तेरा पेटिकॉट और पैंटी नीचे करूँगा...उसके बाद मेरा टाइम शुरू होगा....लुच्ची चीटिंग करती है....
दया :- उई माँ...ठीक है...
और फिर जेठालाल फटाफट साड़ी को उपर कमर तक कर देता है...और पैंटी नीचे खीच देता है..और उसकी चूत को देखने लगता है...जो कि पूरी की पूरी गीली पड़ी थी....ऐसा लग रहा था जैसे दया कब का अपना रस बहा चुकी है.....
जेठालाल :- दया...तेरी चूत इतनी गीली...कहीं तू पहले से ही तो पानी नही छोड़ चुकी....
दया :- शरमाते हुए...क्या आप भी..जल्दी शुरू करिए में टाइम स्टार्ट कर रही हूँ...
दया भी चाहती थी...कि टप्पू के पापा अब जल्दी से मेरी चूत चूस डालो...क्यूँ कि उससे भी रहा नही जा रहा था.....
और तभी जेठालाल अपना मुँह उसकी चूत पे रख देता है...और दया टाइम भी देख लेती है...
जेठालाल दया की चूत पे जीभ रख के...ज़रा सा उसे चाट देता है...दया के शरीर में हल्का सा करेंट लगता है और उसके मुँह से..हल्की सी अह्ह्ह्ह..निकल जाती है...
जेठालाल सोचता है..इसका तो में आज काम तमाम कर दूँगा 5 मिनट से पहले...और फिर से अपना मुँह उसकी चूत पे रख देता है...और चुंबनों की बौछार कर देता है....
दया :- आअहह ओह..टप्पूउ के पपपप्पा...अहह...
जेठालाल के मुँह पे दया का पानी लग जाता है..जिसे वो चाट रहा होता है....टाइम देखता है तो अभी 1 मिनट ही बीता था...
और फिर वो अपनी उंगलियों से उसकी चूत की फांकों को खोलता है...और अपनी जीभ अंदर डाल के..उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगता है...
दया :- पागलों की तरह सिसकियाँ ले रही थी....अहह...ओह्ह्ह्ह...
माआआआ.....माररर्ररर गैिईईई....हन्ंननणणन्......ओह...
जेठालाल :- देखते हैं....आज तो तेरा रस निकाल के छोड़ूँगा..और सारा पी भी जाउन्गा....
और फिर जेठालाल...दया की तरफ़ बढ़ने लगता है.......!!!!!!!
दया शर्त के मुताबिक...5 मिनट में जेठालाल के लंड से उसका रस नही निकाल पाई थी...अब जेठालाल की बारी थी..
दया पलंग पे लेट गई थी....जेठालाल उसकी तरफ बढ़ता हुआ....
दया :- हाँ तो आपका टाइम शुरू होता है..
जेठालाल :- आई...अभी कहाँ...अभी तो तेरा पेटिकॉट और पैंटी नीचे करूँगा...उसके बाद मेरा टाइम शुरू होगा....लुच्ची चीटिंग करती है....
दया :- उई माँ...ठीक है...
और फिर जेठालाल फटाफट साड़ी को उपर कमर तक कर देता है...और पैंटी नीचे खीच देता है..और उसकी चूत को देखने लगता है...जो कि पूरी की पूरी गीली पड़ी थी....ऐसा लग रहा था जैसे दया कब का अपना रस बहा चुकी है.....
जेठालाल :- दया...तेरी चूत इतनी गीली...कहीं तू पहले से ही तो पानी नही छोड़ चुकी....
दया :- शरमाते हुए...क्या आप भी..जल्दी शुरू करिए में टाइम स्टार्ट कर रही हूँ...
दया भी चाहती थी...कि टप्पू के पापा अब जल्दी से मेरी चूत चूस डालो...क्यूँ कि उससे भी रहा नही जा रहा था.....
और तभी जेठालाल अपना मुँह उसकी चूत पे रख देता है...और दया टाइम भी देख लेती है...
जेठालाल दया की चूत पे जीभ रख के...ज़रा सा उसे चाट देता है...दया के शरीर में हल्का सा करेंट लगता है और उसके मुँह से..हल्की सी अह्ह्ह्ह..निकल जाती है...
जेठालाल सोचता है..इसका तो में आज काम तमाम कर दूँगा 5 मिनट से पहले...और फिर से अपना मुँह उसकी चूत पे रख देता है...और चुंबनों की बौछार कर देता है....
दया :- आअहह ओह..टप्पूउ के पपपप्पा...अहह...
जेठालाल के मुँह पे दया का पानी लग जाता है..जिसे वो चाट रहा होता है....टाइम देखता है तो अभी 1 मिनट ही बीता था...
और फिर वो अपनी उंगलियों से उसकी चूत की फांकों को खोलता है...और अपनी जीभ अंदर डाल के..उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगता है...
दया :- पागलों की तरह सिसकियाँ ले रही थी....अहह...ओह्ह्ह्ह...
माआआआ.....माररर्ररर गैिईईई....हन्ंननणणन्......ओह...