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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा
रीता गुस्से में...साले हरामी..कुत्ते..तूने मेरी ब्रा और पैंटी क्यूँ फाड़ दी...कुत्ते
अब में बाहर कैसे जाउन्गी.....
मोहन लाल तो सुन ही नही रहा था..उसकी नाराज़ तो उस चूत पे अटकी पड़ी थी...
उसने अपना हाथ अपने अंडरवेर के अंदर डाला..और खिसका दिया नीचे..
वो फिसलता हुआ नीचे गिर गया......
रीता उससे गालियाँ दे ही रही थी...कि अचानक वो रुक गयी..मोहन लाल के लंड को
देख कर....
मुझे तो लगा था...कि पोपट लाल का सबसे लंबा है..लेकिन मुझे क्या पता था
कि मोहन लाल तो सबका बाप निकलेगा....
अरे सब रीता से आंगल हटा के ज़रा मोहन लाल के लंड पे फोकस डालू...
अरे भाई नही..इससे इस रीता की चूत में मत घुस्वाओ...ये तो इसकी
चूत के टुकड़े कर देगा.....
रीता की तो आँखें इतनी बड़ी हो गई उसे देख के...कि पूछो ही मत....
मोहन लाल का लंड...बाप रे बाप..एक दम उसी की तरह....जैसे उसके इतनी बड़ी बड़ी धड़ी
है...उसकी तरह उसके लंड के उपर ढेर सारे बाल थे...लंड का मोटापा..कम से कम
3 इंच से थोड़ा ज़्यादा होगा...और उसकी हाइट करीबन..9 इंच की या उससे ज़्यादा थी...
क्यूँ कि उसका लंड इस वक़्त पूरे उफान में था.....
रीता का तो हलक सुख गया था...उसने अपना थूक अपने गले के अंदर गटका...
मोहन लाल :- क्यूँ क्या हुआ..सुख गया ना हलक..
वो अपने लंड को अपने हाथ से सहला रहा था...
रीता :- मेने आज तक अपनी लाइफ में इतना बड़ा नही देखा.....ये तो मॉन्स्टर है..
सच में मुझे तो लग रहा है..कि आज की बाद..में शयड किसी और के साथ चुद
पौन...
मोहन लाल :- हाहहहः पहले मेरा तो ले ले..फिर बाद में देखेंगे चल आ..
इधर मेरा बहुत बुरा हाल है...
रीता मोहन लाल की तरफ बढ़ती है.....
मोहन लाल अपने मजबूत हाथ से रीता को खीच के अपने से चिपका लेता है..और कस
के पकड़ लेता है..
मोहन लाल अपने मजबूत हाथ से रीता को खीच के अपने से चिपका लेता है..और कस
के पकड़ लेता है..
आहाहह रीता कराह उठती है..अब मोहन की बाहों में रीता तो एक बच्ची ही
लग रही थी....
लेकिन उसके बदन में एक रोमांचित ल़हेर सी भी दौड़ जाती है..जब दोनो का नंगा
शरीर के सॅट जुड़ जाता है.....
रीता से अब कंट्रोल नही हो रहा था..उसने अपने लिप्स आगे कर के..मोहन लाल के लिप्स
पर रख दिए..और उसे चूसने लगी..अपनी जीभ बाहर निकाल के चाटने लगी..
लेकिन मोहन लाल का कोई रेस्पॉन्स नही था...
रीता थोड़ा पीछे हटती है..उसे गुस्सा आ जाता है..
मोहन लाल अपने दाँत दिखाता है..
और फिर टूट पड़ता है..रीता के लिप्स पे...और चूसने लगता है....रीता तो पहले से ही
तैयार थी..वो भी चूसने लगती है..
मोहन लाल ने अपनी जीभ निकाली..रीता ने भी निकाली...और दोनो एक बार फिर से शुरू
हो गये...जीभ चाटने में..दोनो मस्त हो गये थे..एक डीप फ्रेंच किस्सिंग से
भी ज़्यादा डीप किस्सिंग चल रही थी..
किस्सिंग करते हुए...मोहन लाल का एक हाथ..रीता के बूब्स पे उपर था...
और उसका एक हाथ रीता की चूत को सहला रहा था...रीता की हालत तो इतनी खराब हो
गई थी...कि उसे खड़ा होना मुश्किल हो रहा था..उसकी चूत से हल्का हल्का रस
निकलने लगा था..जो मोहन लाल के हाथो में लग रहा था....
उधर रीता ने अपने हाथ बढ़ा के..मोहन लाल के गरम लंड पे रख दिया था
और उसे सहला रही थी..उस बड़े से लंड पे..रीता के छोटे छोटे हाथ पता ही नही
चल रहे थे...
दोनो के शरीर में करेंट सा लग रहा था...ऐसे करने पर....दोनो के मुँह से.
उःम्मगगगगगगगगग..उंगग्घह,...की आवाज़ें आ रही थी....
चूत को सहलाना ..लंड को सहलाना..और उपर डीप किस्सिंग चालू थी...
ये सब खड़े खड़े हुए रहा था....दोनो के पैर कांप रहे थे...लेकिन फिर भी
लगे हुए थे.......
मोहन लाल और रीता दोनो एक दूसरे से जुड़े हुए थे...और एक दूसरे को पागलों
की तरह किस कर रहे थे....रीता का एक हाथ मोहन लाल के लंड पे तेज़ी से चल
रहा था....
मोहन लाल रीता को अपने से अलग करते हुए..
मोहन लाल :- ओह्ह्ह..जाने मन...ऐसे ही लंड को हाथ से हिलाती रहेगी या फिर अपने
इस खूबसूरत होंठो को भी लगाएगी...
रीता अपनी सेडक्टिव सी स्माइल देके नीचे बैठ जाती है....उकड़ू बदन से....इस समय
मोहन लाल का लंड रीता के मुँह के बिल्कुल सामने होता है...
रीता लंड को अपने हाथो से हिला रही थी...मोहन लाल वेट कर रहा था कि कब रीता
उसका लंड अपने मुँह के अंदर लेगी......लेकिन शायद रीता ने कुछ और सोच रखा था..
उसने अपने हाथ की स्पीड तेज़ कर दी..और मोहन लाल के लंड को बुरी तरह से हिलाने
लगी....
आहहह ऊओह......हरामजादी धीरे.....साली....उखाड़ देगी क्या....मोहन
लाल बोलता है...
रीता के चेहरे पे एक वाइल्ड स्माइल आ जाती है...वो सच में लंड को इतनी तेज़ी से हिला रही थी
मानो जैसे लंड को खींच के अलग कर देगी...
आहह बास्स कॅर्र....मोहन लाल का पहली बार बुरा हाल हो रहा था..और हो
भी क्यूँ ना...उसे अब दर्द हो रहा था....
जब रीता को लगा ज़्यादा हो गया है...उसने फ़ौरन स्पीड कम कर दी...और अपना मुँह उसके
लंड के बेहद करीब ले गयी...
मोहन लाल के लंड पे जैसे ही रीता की गर्म साँसें पड़ी..तो मोहन लाल के
लंड में तो अलग ही जान आ गई..उसके शरीर में अजीब सी ल़हेर दौड़ गई...
रीता ने अपनी जीभ निकाली...और मोहन लाल के लंड के टोप्पे पे चाट लिया..
मोहन लाल कराह उठा..आहह......मूँह में ले..साली......
लेकिन रीता तो उसे पूरे तड़पाने के मूड में थी....उसने फिर से अपनी जीभ निकाली
और लंड के टोपे को चाट लिया...लंड झटके मारने लगा...और रीता की नाक पे
लगने लगा...
रीता :- देख...कैसे तड़प रहा है...हाईए....इसका तो आज कचूमर निकाल दूँगी...
मोहन लाल :- अबे पहले इसे अंदर तो ले...साला अब तो रहा नही जा रहा है....
और आगे बढ़ के अपने लंड को रीता के मुँह के अंदर घुसाने की कॉसिश करता है..
लेकिन रीता उसके लंड को कस के दबा देती है..
आआआआआआ...साली कुतिया..क्या कर रही है.....
रीता :- हहेहेहेहहेहेहहे...देखा पता चला कितना दर्द होता है..
मोहन लाल :- अब कमिनि..कुछ करेगी..या सिर्फ़ बक्चोदि करेगी...
रीता उसकी बात सुन के..उसकी आँखों में देखती है..और अपना मुँह खोलती है..और लंड
को धीरे धीरे अंदर लेने लगती है....
लेकिन...आधे से भी कम ही लेती है...बड़ी मुश्किल से उसके छोटे मुँह में लंड जा रहा
था..
.आहहूऊओ...मोहन लाल की सिसकी निकल जाती है..
वो एक बार लंड को मुँह के अंदर लेती है...और फिर बाहर निकालती है....
जितना लंड उसने मुँह के अंदर लिया था..वहाँ रीता का थूक लग गया था.. तो वो
हिस्सा अलग से चमक रहा था..
रीता अपने हाथ को मोहन लाल के बॉल्स के रखती है....और फिर से लंड को मुँह में लेके
चूसने लगती है..कुछ ही सेकेंड्स में लंड गीला गीला हो जाता है..
और सस्स्स्स्सुत्तूप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प जैसी आवाज़ें आनी शुरू हो जाती है..
आहहोह हान्न्न मेरी रंडड़ी...चूस ऐसे ही
मोहन लाल के हाथ रीता के बालों पर चल रहे थे......
पुचह करके आवाज़ आती है...और मोहन लाल का लंड अपने मुँह से निकाल लेती है..
और उसकी तरफ अपनी आँखें करती है.....और एक रंडी जैसी ही स्माइल देती है..
मोहन लाल :- रुउक्क्क क्यूँ गयी मेरी रानी.....चूस ना...साली...बहुत मज़ा आ रहा है..
रीता मोहन लाल के तरफ देखती है...उसकी आँखें बड़ी हो जाती है.....लंड की नसें
फूल चुकी थी...और गीले होने की वजह सी बिल्कुल चमक रहा था..
रीता मोहन लाल के तरफ देखती है...उसकी आँखें बड़ी हो जाती है.....लंड की नसें
फूल चुकी थी...और गीले होने की वजह सी बिल्कुल चमक रहा था..
रीता अपना मुँह आगे करती है और एक बार फिर अपने मुँह के अंदर लंड ले लेती है..
और सस्स्टूप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प सस्स्टूप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प आवाज़ आने लगती है....
आहहह मेर्र्री रानी..ओह्ह्ह्ह...ऐसे हीए....रीता तेज़ी से लंड को चूसने
लगती है..और अंदर बाहर...करने लगती है...
मोहन लाल :- आहह उूुउउ मेररी रानी मेरी तरफ तो देख...
रीता लंड चूस्ते हुई....अपनी नज़र उपर कर के देखती है...
सच बता रहा हूँ..इस वक़्त रीता बिल्कुल प्रॉस्टिट्यूट लग रही थी...एक नंबर. की फुल ऑन रंडी
साली बैठी भी ऐसी ही थी....
लंड को बराबर चूस रही थी.....मोहन लाल की आँखें बंद हो गई...
रीता मोहन लाल के बॉल्स भी दबा रही थी..इसलिए मोहन लाल की हालत और बुरी हो रही थी..
इस वक़्त मोहन लाल के हाथ रीता के कंधो पर थे.....
लेकिन वहाँ हाथ ज़्यादा देर नही रह पाए.....क्यूँ कि मोहन लाल अब बहुत ही मज़े में
आ चुका था..उसने अपने हाथ पीछे ले जाके...रीता के सर को पकड़ लिया था..
रीता तो मस्त कुतिया की तरह लंड को चूसने में लगी हुई थी.....
अब वो होने जा रहा था..जिससे शायद आगे से रीता किसी का लंड ना चूसे....
मोहन लाल ने अपने हाथ का दबाब रीता के सर पे डाला और उसको लंड की तरफ खिचा
उःम्म्म्मममममममममममम..रीता के मुँह सी यही आवाज़ निकली...रीता की आँखें फट गई..
और उसके हाथ मोहन लाल की थाइस पे चले गये..अपने आप को पीछे धकेलने के
लिए....
क्यूँ कि मोहन लाल ने जो हाथ का दबाब डाला था...रीता के सर के पीछे से..उसकी वजह
से रीता के हलक में मोहन लाल का पूरा का पूरा लंड अंदर घुस गया था....
रीता को साँस नही आ रही थी...
मोहन लाल :- आहह...मज़ा आ गया..
रीता नीचे से छटपटा रही थी.......
फिर मोहन लाल ने थोड़ा दबाब कम किया..तो रीता ने फ़ौरन मुँह पीछे खिचा..लेकिन
पूरा बाहर निकालने ही वाली थी...कि मोहन लाल ने फिर से उसके सर को जकड लिया...
और एक बार फिर अंदर की ओर धकेला....फिर से लंड पूरा रीता के मुँह के अंदर..
और सीधा जाके उसके हलक से टकरा रहा था..
उहमम्म्ममममममममममम उंगगगगगगग....आवाज़ करते हुए छटपटा रही थी..
सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी...
मोहन लाल ने रीता के सर को धकेल के पीछे किया..और अपने हाथ से उसके सर
को कस्के पकड़े रहा और शुरू हो गया.....
धक्के लगाने लगा.....अब वो रीता के मुँह की चुदाई करने लगा....लंड को पूरा
अंदर करता..और बाहर निकाल लेता...सततूप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प..सस्स्स्तत्तूप्प्प्प्प्प
आवाज़ों के साथ....उंगगगगगग...जैसी आवाज़ें आ रही थी....
रीता की होंठो की हालत बहुत खराब हो गई थी....उसके साइड से होंठ फट गये थे...
इतना मोटा लंड ऐसे तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था...तो होना यही था...
आहह ओह उूुुुुुुुुुुुुुउउ जानेमन..अहहह..
मज़ा आ रहा आयी.....उफफफफ्फ़...........
मोहन लाल तो मज़े में था..लंड चूस वाने में...लेकिन बेचारी रीता तो
छटपटा रही थी........
मोहन लाल :- आहा ऊहह......मेरी रंडी..आहह..मेरा...
बससस्स निकलने वाला है......आहहह
और मोहन लाल रीता को अपनी तरफ खिच के...अपना पूरा लंड हलक तक उतार के
आहह करते हुए...अपना ढेर सारा पानी....डाइरेक्ट रीता के गले
के अंदर उतार देता है.....और कुछ सेकेंड तक झटके खाने के बाद....
सारा रस रीता के अंदर जा चुका होता है......और फ़ौरन रीता का सर पूरा
पीछे कर के लंड से बाहर निकाल देता है....
उउुहून....हुहुन....हुहूहू.......बहुत ज़ोर से रीता अपने गले को पकड़ के..ज़मीन पर
खांसने लगती है...
उसकी आँखों में हल्के आँसू होते हैं....
करीब 2 या 3 मिनट तक ऐसी खांसने के बाद..अपनी नज़र उठा के बहुत गुस्से से मोहन
लाल की तरफ देख के बोलती है..
रीता :- साली कुत्ती....हरामी....ऐसे कोई करता है..साले में मर जाती...साँस नही आ
रही थी मुझे...भडवे साले..ठर्की की औलाद....तमीज़ से कर रही थी..तो तुझे वो
अच्छा नही लग रहा था क्या...
मोहन लाल रीता की बातों पर हँसते हुए....चिल कर ना...तुझे बिना चोदे तो वैसे
भी मरने नही दूँगा...और साली तू इतना अच्छा चुस्ती है..तो क्या करता रहा नही गया
इसलिए कंट्रोल खो बैठा..चल सॉरी...
रीता :- सॉरी....साले देख मेरे होंठ फट गये...गला जल रहा है.....इतना सारा
पानी पूरा का पूरा...अंदर डाल दिया....साले अंदर क्या स्पर्म का टॅंकर लगा
रखा है क्या.....
मोहन लाल हँसने लगता है.......हाहहहहहहः अर्रे मेरी रानी..तू देख नीचे
मेरे लंड को.....
रीता मोहन लाल के लंड को देखती है...जो अभी भी पूरी तरह तन के उसी साइज़ में
खड़ा हुआ था...
रीता सब गुस्सा छोड़ते हुए......ओ तेरी ... साले अभी भी ऐसा ही है...कितना दम
है ...
मोहन लाल :- तू बस देखती जा.....
चल खड़ी हो..
रीता नाटक करती हुई....में अब कुछ नही करूँगी..तू बिल्कुल जंगली आदमी है...
मोहन लाल :- चल ना नाटक मत कर कमिनि....
और खुद आगे बढ़ के..बड़े प्यार से मोहन लाल अपनी गोदी में उठा लेता है...
और सामने पड़े वॉश बेसिन के साइड पे रख देता है.....
और उसकी टाँगों को फैला के...खोल देता है...
मोहन लाल जैसे ही रीता की टाँगों के बीच देखता है..तो उसकी आँखें चमक जाती
है.....
रीता की टाँगों के बीच उसकी वही छोटी सी छेद वाली चूत जिसमे उसका पानी हल्का सा
बाहर आया हुआ था....जिससे उसकी चूत भी चमक रही थी.....
मोहन लाल रीता के फेस की तरफ देखता है....और उसके होंठो के पास जाके एक मस्त
सी पप्पी ले लेता है.....शायद अब मज़े लेने की बारी रीता की थी.....
वो अपनी टाँगें और ज़्यादा चौड़ी कर लेती है.....
मोहन लाल अपनी जीभ अपने होंठो पे फिराता है...और रीता की चूत पे जाके के
पुच्छ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह जैसी आवाज़ के साथ एक पप्पी ले लेता है..
आहह.....रीता के मुँह से एक सिसकी निकल जाती है....
मोहन लाल अपनी इंडेक्स फिंगर रीता की चूत के दाने पे रखता है....और उसे मसल
देता है......
आहह ओह्ह्ह्ह..क्यूँ तडपा रहा है...रीता बोल पड़ती है...उसने अपने हाथ पीछे कर
के..अपने आप को टीकाया हुआ था..उसके आधे पैर स्लॅप पे थे..आधे हवा में बाहर की
तरफ झूल रहे थे.....
चूत के दाने पे अपनी उंगली को मसलने के बाद...अपनी उंगली को चूत के अंदर
डालने लगता है....और धीरे धीरे कर के...उंगली अंदर चली जाती है.....
रीता के शरीर में करेंट दौड़ जाता है....
मोहन लाल उंगली को बाहर निकालता है...उसकी पूरी उंगली में रस लग गया था...
मोहन लाल अपनी उंगली को मुँह के अंदर डाल के उसे चाहता है......
वाहह क्या मस्त टेस्ट है साली तेरा...आज तो पूरा का पूरा पी जाउन्गा......
और फिर मोहन लाल अपनी उंगली अंदर डाल देता है वही इंडेक्स फिंगर...और उसे
अंदर बाहर करने लगता है....
आहह ओह......तेज़्ज़्ज़्ज़्ज़......रीता बोल पड़ती है....
मोहन लाल अपनी एक उंगली और लेता है..और वो भी अंदर डाल देता है.......
और उसे तेज़ी से अंदर बाहर करने लगता है...
आहह उूुुुुुुुुुुुउउ......रीता की अवज़ें तेज़ होने लगती है...
उसकी सीस्कियाँ बढ़ती जा रही थी.....
मोहन लाल आगे बढ़ता है..और अपनी 3 उंगली डाल देता है.....और तेज़ी से अंदर
बाहर करने लगता है..
इस अब्र तो रीता का बुरा हाल हो जाता है...उससे सहेन नही होता 3 उंगलियाँ..
आआआआआआआआहह
ओह एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....आहाहौऊुुुुुुुुुुुुुउउ..
प्लीज़ आर तेज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़....आहह
मोहन लाल स्पीड को बहुत तेज़ कर देता है.....पुच पुच की आवाज़े आ रही थी
रीता की चूत में से पानी निकल के चारों तरफ लग गया था...और नीचे फ्लोर
पे गिर रहा था.....
मोहन लाल उंगली करते हुए...अपने लिप्स....सीधे जाके..रीता के लिप्स पे रख देता है..
और उपर से होंठो को चूसने लगता है...और नीचे से उंगली करने लगता है...
कुछ मिनट तक एक डीप किसिंग के बाद..अलग होता है...
लेकिन अपनी उंगलियों की स्पीड कम नही करता.....रीता का पूरा शरीर हिल रहा था मोहन
लाल के ऐसा करने पर....उसके छोटे छोटे बूब्स उपर नीचे हो रहे थे...
आहह ओह एसस्स्स्स्स्स्सस्स...ओह्ह्ह्ह आइ कांट......
आब्ब कंट्रोल नही हो रहा...........आ आइ आम कमिंग....ओह्ह्ह अहह
लेकिन रीता का पानी निकलने ही वाला होता है..कि मोहन लाल अपनी उंगलियाँ बाहर निकाल
लेता है.....
रीता को एक झटका सा लगता है....और वो मोहन लाल को अपनी नज़रों से घुरती है..
तो देखती है कि..मोहन लाल तो पागलों की तरह अपनी तीनो उंगलियाँ चाट रहा था जिस पे रीता का
रस लगा हुआ था....
और ये देख की रीता को हँसी आ जाती है..
रीता :- हहेहेहहे....अबे कुत्ते...उंगलियाँ क्या चाट रहा है....साले आ ...डाइरेक्ट इसे
चाट ना... देख कैसे मज़े देती है....
और रीता अपनी चूत पे हाथ रख के उसे दिखाती है....
रीता :- हहेहेहहे....अबे कुत्ते...उंगलियाँ क्या चाट रहा है....साले आ ...डाइरेक्ट इसे
चाट ना... देख कैसे मज़े देती है....
और रीता अपनी चूत पे हाथ रख के उसे दिखाती है....
मोहन लाल अपनी जीभ अपने चारो तरफ फिराता है.....और रीता की चूत पे अपना मुँह
ले जाता है.....
और नाक से उसकी चूत की स्मेल को सूंघने लगता है...
मोहन लाल :- साली आज बहुत मज़ा आने वाला है....
रीता :- अब हरामी टाइम ही पास करेगा कि कुछ और करेगा....
और अपने हाथ मोहन लाल के सर पे रख के अपनी चूत के उपर खिचती है..
मोहन लाल का मुँह सीधे जाके चूत पे चिपक जाता है...
मोहन लाल पहले चूत के दाने को चूसना शुरू कर देता है...
आहह हान्न्न बॅस ऐसे ही......
मोहन लाल चूत को उपर से चाटने लगता है..उसकी वो गीली बिना बाल वाली चूत
को अपनी जीभ से चाटने लगता है.....
रीता का तो बुरा हाल हो रहा था...उसकी आँखें तो महोशी में बंद हो रखी
थी......बॅस उसके मुँह से ऊहह आहह निकल रही थी...
लेकिन नीचे तो मोहन लाल रीता की चूत की फांकों को अलग करके..अपनी जीभ को
अंदर डाल देता है...और चूत के अंदर उसे चाटने लगता है....
आहह ओह रीता तो जैसे पागलों की तरह सिसकियाँ
भरने लगती है.....उसका हाथ मोहन लाल के सर के पीछे ले जाती है...और उसे अपनी
चूत से बिल्कुल चिपका लेती है...
मोहन लाल तो अपनी जीभ से चूत के अंदर उसे चोद रहा था.......
उसकी लाल हो रखी चूत..को अपने थूक से गीला करने में लगा हुआ था...
आहूउऊुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउ ओह्ह्ह गोद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड...श फुचक्कककक.....
एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स........आईससीई हीईईई...आह मेररीई
चूत.....ओह...बसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स....में तो गयी....
घायल पड़ी रीता की चूत ने अब हार माननी शुरू कर दी थी..मोहन लाल के इस तरह
उसकी चूत चूसने पर....इसलिए अब उससे ज़्यादा देर नही टिका जा रहा था...
आआआआआआआआअहह
ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊहह
ह्म्म्म्ममममममममममममममममममममममम....बेबी...............आइ अम्म्म्म कमिंग..
आइ आम कुमिंगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगगग.....
बोलते हुए....मोहन लाल के सर को जकड़े हुए.....अपनी गान्ड को उपर उठा के
एक के बाद एक 3 झटके मारती है.....और शांत पड़ जाती है......
रीता हाँफने लगती है...उसके शरीर पे हल्का हल्का पसीना आ जाता है....
मोहन लाल भी अपना मुँह हटाता है...उसके मुँह के चारो तरफ रीता का रस लगा
हुआ होता है....
रीता उसकी तरफ देखते हुए....क्यूँ कैसा लगा मेरा टेस्ट....
मोहन लाल :- अपनी जीभ को अपने चारों तरफ फिराते हुए....ह्म्म्म्म लाजवाब मेरी रानी.
सला ऐसा रस तो आज तक नही चखा....मज़ा आ गया......
रीता :- हहेहेहेहेः.....अरे मेरे राजा...अब दूर खड़ा रहेगा....
मोहन लाल रीता के करीब आता है.....रीता उसे खीच के अपने होठों से जोड़ लेती है...
मोहन लाल भी उसके होंठो को चाटने लगता है...साले दोनो फिर से एक बार..
लग जाते हैं किस्सिंग करने में...
मोहन लाल अपना हाथ नीचे ले जाके..उसकी चूत पे रख की मसल्ने लगता है..
और अपना एक हाथ उसके बूब्स पे रख के मसल्ने लगता है..
कुछ देर पहले झडि रीता....फिर से गरम होने लगती है..फिर से उसकी चूत में आग
भड़कने लगती है.....
लेकिन किस्सिंग अभी भी ज़ोरो शोरो पर थी..दोनो एक दूसरे के मुँह का टेस्ट ले रही थी...
रीता स्लॅप पे बैठी थी..और मोहन लाल की किस्सिंग का मज़ा ले रही थी...मोहन लाल
पीछे हटा ..
रीता हाँफ रही थी.....मोहन लाल उसकी ओर देख रहा था...
रीता पूरी मदहोशी में स्लॅप पे बैठी थी..
मोहन लाल :- साली अब इंतजार नही होता...चल असली काम शुरू करते हैं...
रीता :- हन्न्न तो कर ना..मेरा भी बहुत बुरा हाल है....