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Guest
करण अपने दिन की दिनचर्या में लग गया. नहा धो के वो वकील से मिलने को तैयार था तभी उसका फ़ोन बज उठा.
“हेल्लो डैड ...” करण ने फ़ोन पे कहा .
“हेल्लो बेटा, तुम कल से ही इंडिया पहुंचे हो पर फिर भी मुझे एक कॉल भी नहीं किया, मुझे तुम्हारी फ़िक्र होनी लगी थी बेटा.”
“आई नो डैड एंड आई ऍम सॉरी फॉर दट …..वो कल मैं बहुत प्रोब्लेम्स में फँस गया था इसीलिए कॉल नहीं कर पाया.”
“प्रोब्लेम्स में ….?...क्या वो मनोहर तुम्हे मिला नहीं.”
“डैड वो मुझे मिला था, एंड ही इज वैरी हेल्पफुल .”
“गुड और बताओ बंगले का काम कैसा चल रहा है.”
“ठीक चल रहा है डैड …………..”
करण अपने डैड से बात कर ही रहा था की तभी उसे फिर पानी की गिरने की आवाज़ फिर सुनाई दी.
“होल्ड ओन डैड ......मैं आपको बाद में कॉल करता हूँ ...” करण ने फ़ोन काट दिया और ऊपर वाली मंजिल की तरफ देखने लगा.
“यह तो वोही पानी गिरने की आवाज़ है जो कल आ रही थी.” करण ने सोचा.
आवाज़ उसके कानो में साफ़ सुने दे रही थी जिसे सुनकर उसका दिल धोंकनी के सामान धड़कने लगा. सिहरन सी दौड़ गयी थी उसके पूरे बदन में. उसके पावँ वही ज़मीन में ज़म गए और आवाज़ सुन के हाथ पावँ फूलने लगे. उसे फिर कल वाली घटना याद आ गयी जब उसे नहाने की आवाज़े आ रही थी जबकि पूरा बाथरूम तो खाली था.
फिर भी उसने थोडा हिम्मत दिखाते हुए ऊपर वाली मंजिल में जाने का निश्चय किया. ऊपर जाते जाते पानी के गिरने की आवाज़ तेज़ हो गयी. पर इस बार उसे किसी लड़की की गाना गुन गुनाने की आवाज़ भी आ रही थी.
“लगता है मेरे साथ कोई मज़ाक कर रहा है.” करण उसी रूम का दरवाज़ा खोलते हुए अन्दर घुस गया. आवाज़ अभी भी अन्दर के बाथरूम से साफ़ सुनाई दे रही थी. उसे तो लगा की कोई लड़की की आवाज़ निकल के उसे डराने की कोशिश कर रहा है.
“हेल्लो डैड ...” करण ने फ़ोन पे कहा .
“हेल्लो बेटा, तुम कल से ही इंडिया पहुंचे हो पर फिर भी मुझे एक कॉल भी नहीं किया, मुझे तुम्हारी फ़िक्र होनी लगी थी बेटा.”
“आई नो डैड एंड आई ऍम सॉरी फॉर दट …..वो कल मैं बहुत प्रोब्लेम्स में फँस गया था इसीलिए कॉल नहीं कर पाया.”
“प्रोब्लेम्स में ….?...क्या वो मनोहर तुम्हे मिला नहीं.”
“डैड वो मुझे मिला था, एंड ही इज वैरी हेल्पफुल .”
“गुड और बताओ बंगले का काम कैसा चल रहा है.”
“ठीक चल रहा है डैड …………..”
करण अपने डैड से बात कर ही रहा था की तभी उसे फिर पानी की गिरने की आवाज़ फिर सुनाई दी.
“होल्ड ओन डैड ......मैं आपको बाद में कॉल करता हूँ ...” करण ने फ़ोन काट दिया और ऊपर वाली मंजिल की तरफ देखने लगा.
“यह तो वोही पानी गिरने की आवाज़ है जो कल आ रही थी.” करण ने सोचा.
आवाज़ उसके कानो में साफ़ सुने दे रही थी जिसे सुनकर उसका दिल धोंकनी के सामान धड़कने लगा. सिहरन सी दौड़ गयी थी उसके पूरे बदन में. उसके पावँ वही ज़मीन में ज़म गए और आवाज़ सुन के हाथ पावँ फूलने लगे. उसे फिर कल वाली घटना याद आ गयी जब उसे नहाने की आवाज़े आ रही थी जबकि पूरा बाथरूम तो खाली था.
फिर भी उसने थोडा हिम्मत दिखाते हुए ऊपर वाली मंजिल में जाने का निश्चय किया. ऊपर जाते जाते पानी के गिरने की आवाज़ तेज़ हो गयी. पर इस बार उसे किसी लड़की की गाना गुन गुनाने की आवाज़ भी आ रही थी.
“लगता है मेरे साथ कोई मज़ाक कर रहा है.” करण उसी रूम का दरवाज़ा खोलते हुए अन्दर घुस गया. आवाज़ अभी भी अन्दर के बाथरूम से साफ़ सुनाई दे रही थी. उसे तो लगा की कोई लड़की की आवाज़ निकल के उसे डराने की कोशिश कर रहा है.