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अन्दर चुदाई जोरो से चल रही थी. नीचे से मनोहर एक हाथ से रेखा की नंगी कमर और दूसरी से उसकी एक चूची पकड़ के तेज़ रफ़्तार से धक्के मर रहा था. रेखा भी अपना पूरा जोर लगा के मनोहर के लंड पे ऊपर नीचे बैठ रही थी. पूरे कमरे में चुदाई ही चुदाई चल रही थी.
“रेखा ….म्हारी बन्नो ….म्हारा निकल रहा है.” मनोहर कहते हुए रेखा को अपने से चिपका लिया.
करण समझ गया की मनोहर झड गया है. रेखा की चूत में ढेर सारा वीर्य भर गया जो धीरे धीरे बाहर निकलने लगा. दोनों मियां बीवी चुदाई के बाद पस्त हो गए. कमरे के अन्दर ख़ामोशी छा गयी.
करण को लगा की इस से पहले उन दोनों को पता चले की वो उन्हें चुपके से देख रहा है, उसे पतली गली से निकल जाना चाहिए.
करण आखरी बार रेखा की गुदाज़ गान्ड निहार रहा था की रेखा पीछे मुड़ी और करण को देखने लगी.
करण अचानक से घबरा गया. उसकी चोरी पकड़ी गयी थी, उसे रेखा ने खिड़की के बाहर देख लिया था. करण का चेहरा शर्म से लाल हो गया, पर फिर उसके बाद जो उसने देखा इस से उसका चेहरा शर्म से नहीं खौफ्फ़ और डर से लाल हो गया.
“रेखा ….म्हारी बन्नो ….म्हारा निकल रहा है.” मनोहर कहते हुए रेखा को अपने से चिपका लिया.
करण समझ गया की मनोहर झड गया है. रेखा की चूत में ढेर सारा वीर्य भर गया जो धीरे धीरे बाहर निकलने लगा. दोनों मियां बीवी चुदाई के बाद पस्त हो गए. कमरे के अन्दर ख़ामोशी छा गयी.
करण को लगा की इस से पहले उन दोनों को पता चले की वो उन्हें चुपके से देख रहा है, उसे पतली गली से निकल जाना चाहिए.
करण आखरी बार रेखा की गुदाज़ गान्ड निहार रहा था की रेखा पीछे मुड़ी और करण को देखने लगी.
करण अचानक से घबरा गया. उसकी चोरी पकड़ी गयी थी, उसे रेखा ने खिड़की के बाहर देख लिया था. करण का चेहरा शर्म से लाल हो गया, पर फिर उसके बाद जो उसने देखा इस से उसका चेहरा शर्म से नहीं खौफ्फ़ और डर से लाल हो गया.