ज्योति के माइंड में राज के लंड की तस्वीर बस चुकी थी ज्योति का दिल बस यही चाह रहा था एक बार अपने हाथो में लंड को लेकर देखे उसकी हार्डनेस महसूस करे ...
मगर राज से ज्योति का रिस्ता ऐसा था छुना तो बहुत दूर इस बारे में बात भी नही कर सकती थी ...
ज्योति एक बार फिर राज के चेहरे की तरफ देखती है राज गहरी नींद में सोया हुआ था..
ज्योति अपने हाथो को राज के अंडरवेर तक ले जाती है जेसे ही ज्योति राज के अंडरवेर को नीचे करती है ज्योति का दिल तेज़ी से धड़कने लगता है हाथो में भी कपकपाहट सी होती है .. ज्योति को लगता है जेसे राज अभी उठ कर बैठ जायगा
ज्योति की नज़रे फिर से राज को देखती है राज अभी भी गहरी नींद में ही था ...
और ज्योति हिम्मत करके राज का अंडरवेर नीचे कर देती है ज्योति की नज़र राज के सोए हुए लंड पर पड़ती है ...
ज्योति का लंड को देखकर जेसे दिल ही टूट गया था.. इस वक़्त मुश्किल से 2 इंच होगा वो भी मुरझाया सा..
ज्योति लंड को हाथ में लेकर देखती है ज्योति को लगता है जेसे कोई छोटे बच्चे का लंड पकड़ लिया हो ...
ज्योति राज के लंड को हिला डुला कर भी देखती है मगर कुछ भी नही होता .....
ज्योति की कल्पना में तो लंड की छवि किसी हार्ड स्टील की रॉड जैसी बन चुकी थी ...
मगर यहाँ तो राज का लंड बेजान छुआरे जितना ही था..ज्योति अपने माइंड पर ज़ोर देते हुए सोचने लगती है ...कल जब उसने दरवाज़ा से राज का लंड देखा था तो बहुत बड़ा लग रहा था ..
ज्योति...हो सकता है मेरा वहम हो ...
......
और फिर ज्योति का लंड के साथ खेलने का पूरा एग्ज़ाइट्मेंट ख़तम हो चुका था .....
ज्योति को अपने किए पर बड़ा पछतावा सा होने लगता है......
और राज का अंडरवेर वापस ऊपर कर देती है ......
ज्योति राज के चेहरे को देखती है कितने प्यारे भैया है उसके जान देते है हम पर और मेंने भैया को नींद की गोली खिला दी ...
केसी बहन हू में लानत है मुझपर...
राज पर ज्योति को बड़ा ही प्यार आ आने लगा था ज्योति नीचे झुकती हुई राज के माथे को अपने होंटो से चूम लेती है ...
ज्योति ... आआई एम सॉरी भैया आज के बाद आपकी गुड़िया ऐसा कभी नही करेगी जिससे आपको तकलीफ़ हो ...
और ज्योति बुझे मन से राज के रूम से निकल जाती है ....
अभी ज्योति के साथ जो कुछ हुआ उसमे ज्योति की नासमझी थी उसको इतना भी नही मालूम नही था...
लंड खड़ा होने पर ही बड़ा होता है ...
और लंड कैसे खड़ा किया जाता है अगर आज ज्योति को इसकी नालेज होती तो आज ज़रूर कुछ ना कुछ ज्योति के साथ हो जाता ....
ज्योति अपने रूम में आकर डॉली के बराबर में आकर लेट जाती है ....
......
सुबह सब उठ चुके थे मगर राज नींद की गोली के असर से अभी तक सोया पड़ा था ...
डॉली राज को उठाने रूम में पहुचती है ...
डॉली...राज कब तक सोता रहेगा आज ऑफीस नही चलना क्या ....
मगर राज तो जेसे कुंभकारण की नींद सोया पड़ा था ....
डॉली रूम से बाहर आती है ...
सुषमा..डॉली बेटा राज नही उठा अभी तक
डॉली..पता नही क्या हो गया है आज इसको 8 बजने वाले है रोज तो 6 बजे तक अपने आप उठ जाता है ...
ज्योति को मालूम था आज राज भैया जल्दी उठने वाले नही है इसलिए चुपचाप तैयार होकर कॉलेज के लिए निकल जाती है ....
डॉली...मम्मी क्या करूँ राज का ऑफीस के लिए देर हो रही है
सुषमा...लगता है ज्योति का असर आ गया इसमें भी जेसे कल ज्योति ने छुट्टी मारी आज इसे भी मारनी होगी ...
राज ...हार जीत की अगर में जीत गया तो मेरी एक बात पूरी करनी पड़ेगी ...
डॉली...अगर में जीती तो जो में कहूँगी वो करोगे ...
राज ...हा दीदी
फिर दोनो भाई बहन लुडो खेलने लगते है ..पहला गेम डॉली जीत जाती है ...
डॉली...राज में जीत गई
राज ...हा दीदी क्या करना होगा मुझे
डॉली ..... राज मुझे ये जानना है क्या तुम्हे आज तक कोई लड़की पसंद आई ...
राज ...क्या दीदी तुम भी केसा सवाल पूछ रही हो ...
डॉली..राज तुम शर्त हार चुके हो
राज ....ओके बताता हू ...दीदी मुझे ज्योति की फ्रेंड नेहा बहुत पसंद है ...
डॉली...ओह्ह्ह हू मेरे भाई तुम तो छुपे रुस्तम निकले क्या आग दोनो तरफ लगी है ...
राज ...दीदी एक हार का एक सवाल जो में बता चुका हू ...
डॉली...अच्छा ये बात है चलो फिर खेलते है ...
अबकी बार राज गेम जीत जाता है ...
डॉली...बोलो राज मुझे क्या करना है
राज ...दीदी आपको पता है प्यार कैसे होता है ...
डॉली..ये केसा सवाल है राज ...
राज ...अगर आपको मालूम है तो बताओ ना दीदी
डॉली..राज मुझे तो बस इतना मालूम है प्यार कैसे भी हो जाता है ...किसी को चेहरा देखकर प्यार हो जाता है किसी को बातो से प्यार हो जाता है और किसी को सेक्सी कपड़े देखकर प्यार हो जाता है ...
डॉली अपने रूम में पहुच कर अलमारी में कपड़े देखती है उसकी नज़र ज्योति के ट्रॅन्स्परेंट टॉप पर पड़ती है ...
डॉली....क्यूँ ना राज को ज्योति वाला टॉप पहन कर दिखाऊ ये काफ़ी सेक्सी लगता है ...
और डॉली अपना सिंपल टॉप उतार देती है और फिर अपनी ब्रा भी उतार देती है ...
फिर ज्योति का ट्रॅन्स्परेंट टॉप पहन लेती है ...
डॉली..देखे ऐसे कपड़ो में देखकर राज का क्या रियेक्शन होता है ..
जेसे ही डॉली रूम से बाहर जाने के लिए मुड़ती है उसकी नज़र शीशे पर जाती है
डॉली ने जेसे ही अपने आप को शीशे में देखा उससे अपनी चुचियाँ नेट टॉप मे भी क्लियर नज़र आ रही थी ऐसा लगा जेसे वो बिल्कुल टॉपलेस हो ...
अपना हाल देख डॉली के पर वही रुक जाते है.. इस हाल में राज के सामने नही जा सकती थी.. और डॉली टॉप उतारकर नीचे ब्रा पहन लेती है और शीशे के सामने देखती है ...
अब डॉली को कंफर्टबल लगता है..
बाहर निकलते हुए बड़ी अदा से इठलाती हुई राज के सामने डॅन्स के एक दो स्टेप करती है ...
राज तो डॉली को देखकर पलके झप काना ही भूल जाता है
डॉली के ब्लू कलर टॉप में अंदर पिंक ब्रा सॉफ दिख रही थी ..
राज के मूह से एक दम निकल जाता है ....
राज .....वूऊव्व्व दीदी सच में वेरी वेरी सेक्सी लग रही हो ....
और डॉली राज के सामने आकर बैठ जाती है ..
डॉली...बस बस मुझे ऐसी ड्रेस बिल्कुल पसंद नही है मेंने तो तेरी ज़िद और शर्त के कारण पहनी है ...
राज ....दीदी आपको क्यूँ पसंद नही है आज कल तो सभी लड़कियाँ सेक्सी दिखना चाहती है ....
डॉली... में सब लड़कियों जैसी नही हू..
राज ... दीदी मेरा मन आपको हॅग करने का हो रहा है ...
डॉली हँसते हुए ...में क्या तेरी गर्लफ्रेंड हू जो मुझे हॅग करेगा जाकर नेहा के गले लग ...
राज भी डॉली से बदला लेने के लिए डॉली का हाथ पकड़ता है मगर डॉली और राज में छेड़खानी होने लगती है जिससे राज का बॅलेन्स बिगड़ जाता है और सीधी डॉली के ऊपर गिर जाता है ..राज के दोनो हाथ डॉली के सीने पर थे और राज का चेहरा बिल्कुल डॉली के चेहरे के पास था ...
राज ...मुझे काटती हो दीदी में बताओ कैसे काटा जाता है ...
डॉली...प्लीज़ राज सॉरी छोड़ो मुझे
मगर राज कहाँ मानने वाला था अपने दाँतों से डॉली के गाल काटने लगता है ...
डॉली....राज नही ये क्या कर रहे हो निशान पड़ जायगा प्लीज़ छोड़ो मुझे ....
राज पर जेसे उत्तेजना सवार थी काटने के साथ साथ अपने हाथो की पकड़ भी उभारों पर सख़्त कर लेता है ....
डॉली को एक दम करेंट सा लगता है और राज को ज़ोर से धक्का दे देती है ....
डॉली...ये क्या बत्तमीजी है राज.. तुझे ज़रा भी शरम नही आई ऐसा करने में ...