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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

अपडेट..... 17

ज्योति के माइंड में राज के लंड की तस्वीर बस चुकी थी ज्योति का दिल बस यही चाह रहा था एक बार अपने हाथो में लंड को लेकर देखे उसकी हार्डनेस महसूस करे ...

मगर राज से ज्योति का रिस्ता ऐसा था छुना तो बहुत दूर इस बारे में बात भी नही कर सकती थी ...

ज्योति एक बार फिर राज के चेहरे की तरफ देखती है राज गहरी नींद में सोया हुआ था..

ज्योति अपने हाथो को राज के अंडरवेर तक ले जाती है जेसे ही ज्योति राज के अंडरवेर को नीचे करती है ज्योति का दिल तेज़ी से धड़कने लगता है हाथो में भी कपकपाहट सी होती है .. ज्योति को लगता है जेसे राज अभी उठ कर बैठ जायगा

ज्योति की नज़रे फिर से राज को देखती है राज अभी भी गहरी नींद में ही था ...

और ज्योति हिम्मत करके राज का अंडरवेर नीचे कर देती है ज्योति की नज़र राज के सोए हुए लंड पर पड़ती है ...

ज्योति का लंड को देखकर जेसे दिल ही टूट गया था.. इस वक़्त मुश्किल से 2 इंच होगा वो भी मुरझाया सा..

ज्योति लंड को हाथ में लेकर देखती है ज्योति को लगता है जेसे कोई छोटे बच्चे का लंड पकड़ लिया हो ...

ज्योति राज के लंड को हिला डुला कर भी देखती है मगर कुछ भी नही होता .....

ज्योति की कल्पना में तो लंड की छवि किसी हार्ड स्टील की रॉड जैसी बन चुकी थी ...

मगर यहाँ तो राज का लंड बेजान छुआरे जितना ही था..ज्योति अपने माइंड पर ज़ोर देते हुए सोचने लगती है ...कल जब उसने दरवाज़ा से राज का लंड देखा था तो बहुत बड़ा लग रहा था ..

ज्योति...हो सकता है मेरा वहम हो ...

......

और फिर ज्योति का लंड के साथ खेलने का पूरा एग्ज़ाइट्मेंट ख़तम हो चुका था .....

ज्योति को अपने किए पर बड़ा पछतावा सा होने लगता है......

और राज का अंडरवेर वापस ऊपर कर देती है ......

ज्योति राज के चेहरे को देखती है कितने प्यारे भैया है उसके जान देते है हम पर और मेंने भैया को नींद की गोली खिला दी ...

केसी बहन हू में लानत है मुझपर...

राज पर ज्योति को बड़ा ही प्यार आ आने लगा था ज्योति नीचे झुकती हुई राज के माथे को अपने होंटो से चूम लेती है ...

ज्योति ... आआई एम सॉरी भैया आज के बाद आपकी गुड़िया ऐसा कभी नही करेगी जिससे आपको तकलीफ़ हो ...

और ज्योति बुझे मन से राज के रूम से निकल जाती है ....

अभी ज्योति के साथ जो कुछ हुआ उसमे ज्योति की नासमझी थी उसको इतना भी नही मालूम नही था...

लंड खड़ा होने पर ही बड़ा होता है ...

और लंड कैसे खड़ा किया जाता है अगर आज ज्योति को इसकी नालेज होती तो आज ज़रूर कुछ ना कुछ ज्योति के साथ हो जाता ....

ज्योति अपने रूम में आकर डॉली के बराबर में आकर लेट जाती है ....

......

सुबह सब उठ चुके थे मगर राज नींद की गोली के असर से अभी तक सोया पड़ा था ...

डॉली राज को उठाने रूम में पहुचती है ...

डॉली...राज कब तक सोता रहेगा आज ऑफीस नही चलना क्या ....

मगर राज तो जेसे कुंभकारण की नींद सोया पड़ा था ....

डॉली रूम से बाहर आती है ...

सुषमा..डॉली बेटा राज नही उठा अभी तक

डॉली..पता नही क्या हो गया है आज इसको 8 बजने वाले है रोज तो 6 बजे तक अपने आप उठ जाता है ...

ज्योति को मालूम था आज राज भैया जल्दी उठने वाले नही है इसलिए चुपचाप तैयार होकर कॉलेज के लिए निकल जाती है ....

डॉली...मम्मी क्या करूँ राज का ऑफीस के लिए देर हो रही है

सुषमा...लगता है ज्योति का असर आ गया इसमें भी जेसे कल ज्योति ने छुट्टी मारी आज इसे भी मारनी होगी ...

डॉली..हा मम्मी लगता तो ऐसे ही है ..
 
सुषमा..ऑफीस में फोन करके मना कर दे ..

डॉली ऑफीस में फोन कर देती है ...

सुषमा पंकज से कहती है

सुषमा.. सुनो जी आज दोनो बच्चे घर पर है क्यूँ ना मम्मी पापा से मिल आएँ ...

पंकज...मेंने कब मना किया है बच्चो से पूछ लो ...

डॉली...मम्मी आप हमारी फिकर ना करे बस अपने जाने की तैयारी कीजिए ...

......

थोड़ी देर बाद मम्मी पापा तैयार हो जाते है ...

पंकज....सुषमा क्या बात है राज अभी तक नही उठा पहले जाकर राज को उठाओ ..

डॉली ...पापा टेंशन ना लो में उठा लूँगी राज को आप आराम से जाइए ....

सुषमा ...बेटा घर की सफाई कर लेना और अपने लिए खाना बना लेना किचिन में सब्ज़ी भी कटी रक्खी है ...

पंकज ... सुषमा डॉली बच्ची थोड़ी है अब बड़ी हो गई है...वो सब कर लेगी तुम चलो भी ...

और पंकज और सुषमा घर से निकल जाते है ..

दोनो के जाने के बाद डॉली राज के रूम में पहुचती है ......

और राज को अपने हाथो से झंझोड़ती है ..

डॉली...अर्रे राज कब तक सोता रहेगा अब उठ भी जा ...

राज अपनी आँखे खोलता है

राज ...क्या हुआ दीदी सोने दो ना

डॉली...तुझे पता है क्या टाइम हो गया है सुबह के 10 बज चुके है ...

राज ....क्याआआआआआ ओह नूऊ

राज हड़बड़ाता हुआ बिस्तर से उठता है

राज ...दीदी तुमने मुझे पहले क्यूँ नही उठाया आज तो ऑफीस को भी देर हो गई ...

डॉली...सुबह से 10 बार उठा चुकी हू

राज ...पता नही दीदी क्या हो गया मुझे अभी भी नींद की खुमारी आ रही है ...

डॉली...उठ कर फ्रेश हो जा में तेरे लिए नाश्ता बनाती हूँ मम्मी पापा नानी के यहाँ गये है ...

राज उठकर बाथरूम में जाता है और नहा कर बाहर निकलता है ...

डॉली और राज मिलकर नाश्ता करते है ...

राज ..दीदी ज्योति कॉलेज चली गई

डॉली..हा वो तो सुबह 8 बजे ही निकल गई थी...

राज ...दीदी बस में कितनी भीड़ होती है

ज्योति बेचारी रोज बस के धक्के खाते हुए कॉलेज जाती है ...

डॉली..हा राज ज्योति की हिम्मत है रोज धक्के खा लेती है...

राज ...दीदी कल से में पहले ज्योति को कॉलेज छोड़ आया करूँगा उसके बाद ऑफीस जाउन्गा ...

डॉली...हा ये सही रहेगा ...

नाश्ता करने के बाद डॉली बर्तन उठा कर किचिन में रख देती है ...
 
राज सोफे पर बैठ कर टीवी देखने लगता है

डॉली भी राज आकर राज के बराबर में बैठ जाती है ...

डॉली ...राज चलो कोई गेम खेलते है

राज ...क्या

डॉली.. लुडो खेलते है ..

राज ...में बिना शर्त के कोई गेम नही खेलता

डॉली...केसी शर्त

राज ...हार जीत की अगर में जीत गया तो मेरी एक बात पूरी करनी पड़ेगी ...

डॉली...अगर में जीती तो जो में कहूँगी वो करोगे ...

राज ...हा दीदी

फिर दोनो भाई बहन लुडो खेलने लगते है ..पहला गेम डॉली जीत जाती है ...

डॉली...राज में जीत गई

राज ...हा दीदी क्या करना होगा मुझे

डॉली ..... राज मुझे ये जानना है क्या तुम्हे आज तक कोई लड़की पसंद आई ...

राज ...क्या दीदी तुम भी केसा सवाल पूछ रही हो ...

डॉली..राज तुम शर्त हार चुके हो

राज ....ओके बताता हू ...दीदी मुझे ज्योति की फ्रेंड नेहा बहुत पसंद है ...

डॉली...ओह्ह्ह हू मेरे भाई तुम तो छुपे रुस्तम निकले क्या आग दोनो तरफ लगी है ...

राज ...दीदी एक हार का एक सवाल जो में बता चुका हू ...

डॉली...अच्छा ये बात है चलो फिर खेलते है ...

अबकी बार राज गेम जीत जाता है ...

डॉली...बोलो राज मुझे क्या करना है

राज ...दीदी आपको पता है प्यार कैसे होता है ...

डॉली..ये केसा सवाल है राज ...

राज ...अगर आपको मालूम है तो बताओ ना दीदी

डॉली..राज मुझे तो बस इतना मालूम है प्यार कैसे भी हो जाता है ...किसी को चेहरा देखकर प्यार हो जाता है किसी को बातो से प्यार हो जाता है और किसी को सेक्सी कपड़े देखकर प्यार हो जाता है ...

राज ...सेक्सी कपड़े मिन्स

डॉली....एक सवाल के तीन जवाब दे दिए मेने

राज ....और खेले दीदी ..

डॉली को भी गेम में मज़ा आ रहा था ...

अबकी बार फिर से राज गेम जीत जाता है ...

डॉली...पूछो राज अब क्या पूछना है

राज ...दीदी अबकी बार कुछ पूछना नही देखना है

डॉली...क्या देखना है

राज ...आपको सेक्सी कपड़ो में देखना है

डॉली....क्या बोल रहा है तू

राज ...आप शर्त हार गई दीदी

डॉली...अच्छा बाबा आती हू

और डॉली उठकर अपने रूम में चली जाती है ....
 
अपडेट.......18

डॉली अपने रूम में पहुच कर अलमारी में कपड़े देखती है उसकी नज़र ज्योति के ट्रॅन्स्परेंट टॉप पर पड़ती है ...

डॉली....क्यूँ ना राज को ज्योति वाला टॉप पहन कर दिखाऊ ये काफ़ी सेक्सी लगता है ...

और डॉली अपना सिंपल टॉप उतार देती है और फिर अपनी ब्रा भी उतार देती है ...

फिर ज्योति का ट्रॅन्स्परेंट टॉप पहन लेती है ...

डॉली..देखे ऐसे कपड़ो में देखकर राज का क्या रियेक्शन होता है ..

जेसे ही डॉली रूम से बाहर जाने के लिए मुड़ती है उसकी नज़र शीशे पर जाती है

डॉली ने जेसे ही अपने आप को शीशे में देखा उससे अपनी चुचियाँ नेट टॉप मे भी क्लियर नज़र आ रही थी ऐसा लगा जेसे वो बिल्कुल टॉपलेस हो ...

अपना हाल देख डॉली के पर वही रुक जाते है.. इस हाल में राज के सामने नही जा सकती थी.. और डॉली टॉप उतारकर नीचे ब्रा पहन लेती है और शीशे के सामने देखती है ...

अब डॉली को कंफर्टबल लगता है..

बाहर निकलते हुए बड़ी अदा से इठलाती हुई राज के सामने डॅन्स के एक दो स्टेप करती है ...

राज तो डॉली को देखकर पलके झप काना ही भूल जाता है

डॉली के ब्लू कलर टॉप में अंदर पिंक ब्रा सॉफ दिख रही थी ..

राज के मूह से एक दम निकल जाता है ....

राज .....वूऊव्व्व दीदी सच में वेरी वेरी सेक्सी लग रही हो ....

और डॉली राज के सामने आकर बैठ जाती है ..

डॉली...बस बस मुझे ऐसी ड्रेस बिल्कुल पसंद नही है मेंने तो तेरी ज़िद और शर्त के कारण पहनी है ...

राज ....दीदी आपको क्यूँ पसंद नही है आज कल तो सभी लड़कियाँ सेक्सी दिखना चाहती है ....

डॉली... में सब लड़कियों जैसी नही हू..

राज ... दीदी मेरा मन आपको हॅग करने का हो रहा है ...

डॉली हँसते हुए ...में क्या तेरी गर्लफ्रेंड हू जो मुझे हॅग करेगा जाकर नेहा के गले लग ...
 
राज ...प्लीज़ दीदी बस एक बार

डॉली...अच्छा चल एक बार और गेम खेलते है अगर तू जीत गया तो तेरे गले लग जाउन्गी ...

राज खुशी खुशी फिर से लूडो गेम खेलना शुरू करता है मगर अबकी बार बेचारा हार जाता है ...

डॉली...राज तुम हार गये

राज बुझे मन से ... बताए दीदी क्या करना है मुझे ..

डॉली ...मेरे लिए चाय बना कर लाओ

राज ...क्याआआआअ दीदी मुझे चाय बनानी नही आती ...

डॉली...राज तुम शर्त हार चुके हो ...

राज ना चाहते हुए उठकर किचिन में जाता है और दो कप चाय बना कर लता है ...

डॉली राज की हालत पर मुस्कुरा रही थी ...

राज ...हँस लो दीदी आपकी बार में जीत गया तो देखना आपसे क्या क्या करवाता हू ...

डॉली...उसके लिए पहले तुझे जीतना पड़ेगा राज ...

दोनो चाय पीने लगते है

डॉली...राज पहले खाना बना लू उसके बाद खेलेंगे

राज ...दीदी बस एक चान्स और

डॉली...राज आज भूक नही लग रही तुझे

राज ...आपको सेक्सी कपड़ो में देखकर ही भूक मिट गई मेरा दिल चाह रहा है एक बार आपके गले लग जाऊ ...

डॉली...फिर तो तेरी बीवी को खाना बनाने की ज़रूरत ही नही पड़ेगी बस तेरे सामने सेक्सी कपड़े पहन कर आ जाया करेगी ...

राज .... हा दीदी मेरी तो भूक देखकर ही मिट जाएगी और प्यास तो में उसके हूओ......

राज बोलते बोलते हुए रुक जाता है ...

डॉली भी समझ जाती है राज आगे क्या कहने वाला था ...

दोनो एक बार फिर से लूडो खेलना स्टार्ट करते है राज इस बार जीतना चाह रहा था

कई बार तो अपनी गोटी आगे कर देता है ...

डॉली...राज चीटिन्ग करोगे तो में नही खेलूँगी...

राज ...दीदी में कहाँ कर रहा हू चीटिन्ग

और इस बार भी राज हार जाता है ....

डॉली को राज की हालत पर बड़ा मज़ा आ रहा था ...

राज मायूस होते हुए ...बोलो दीदी अब क्या करना है मुझे ...

डॉली..मेरे साथ किचिन में चल कर हेल्प करवा

राज ....क्याआआआआआ

डॉली....शर्त हार चुके हो राज

राज बेचारा अपनी दीदी का चेहरा देखता रह जाता है

और डॉली चाय के खाली कप उठा कर किचिन में पहुचती है ...
 
पीछे पीछे राज भी किचिन में आ जाता है

राज ...बोलो दीदी क्या करना है

डॉली...गेस पर भगोना रख फिर थोड़ा तेल डाल कर गरम कर ले तब तक में सब्ज़ी धो देती हू...

राज पहली बार किचिन में कुछ बना रहा था ....

राज ...दीदी तेल गरम हो गया

डॉली...ले इसमे ये मसाला डाल दे और 5 मिंट बाद सब्ज़ी भी डाल देना तब तक में रोटी बना लेती हू ...

राज ....ठीक है दीदी

और दोनो मिलकर खाना तैयार कर लेते है

डॉली... टेस्ट करके देखु राज केसी सब्ज़ी बनाई है तूने ..

डॉली थोड़ी सी सब्ज़ी भगोने से निकालती है

और एक लुकमा टेस्ट करके देखती है ....

डॉली.....वूऊव राज बड़ी स्वादिष्ट सब्ज़ी बनाई तूने जी कर रहा तेरे हाथ चूम लू ...

डॉली एक लुकमा अपने हाथ से राज को खिलाती है और जेसे ही अपना हाथ बढ़ाती है राज डॉली का हाथ पकड़ लेता है और डॉली की उंगली चाटने लगता है ...

डॉली... ये क्या कर रहे हो राज

राज ...दीदी आपकी उंगली पर सब्ज़ी लगी है सॉफ कर रहा हू

डॉली बिल्कुल राज के आगे खड़ी थी नेट टॉप में उसकी ब्रा पर ही राज की नज़रे गढ़ी थी

और राज डॉली की उंगलियों को चाटने में लगा था ...

राज का इस तरह उंगली चाटना डॉली को अज़ीब सा लग रहा था ...

डॉली...छोड़ ना राज और कितनी सॉफ करेगा मेरी उंगली को ...

राज ...दीदी

डॉली...क्या है

राज ...बस एक बार प्लीज़

डॉली...राज ज्योति आती होगी में कपड़े बदलने जा रही हू ..

राज डॉली का हाथ पकड़ लेता है और झटके से अपनी तरफ खिचता है ...

डॉली का बॅलेन्स बिगड़ जाता है और जेसे ही डॉली गिरने को होती है राज डॉली को अपनी बाँहो में थाम लेता है .....

डॉली की चुचि राज के सीन में दब जाती है

....

डॉली को लगता है जेसे उसका नाज़ुक सा जिस्म किसी फौलादी जिस्म ने जकड़ लिया हो

डॉली को भी राज का इस तरह गले लगना बड़ा अच्छा लग रहा था ....

राज ....ओह दीदी आप कितनी सेक्सी हो मुझे तो प्यार हो गया आपसे

डॉली....बस राज छोड़ो मुझे ज्योति आ जाएगी...

राज ... दीदी बस थोड़ी देर और अच्छा लग रहा है ....

तभी बाहर गाड़ी की आवाज़ आती है ...

डॉली एक दम राज को धकेलते हुए

डॉली...लगता है ज्योति आ गई तुम जाकर गेट खोलो में कपड़े चेंज करती हू ...

राज भोचक्का सा डॉली को देखता रह जाता है डॉली किचिन से निकल कर अपने रूम में चली जाती है ...

और राज जेसे ही गेट खोलता है उसकी नज़र नेहा पर पड़ती है नेहा भी राज को देखकर

गाड़ी से उतर जाती है ...

नेहा ...ज्योति आज तो लगता है तेरे घर चाय पीकर ही जानी पड़ेगी .....
 
अपडेट.....19....

कितना मज़ा आ रहा था आज डॉली दीदी के साथ गेम खेलते हुए राज को ..

नेहा की तरफ झुकाव होते हुए भी इस वक़्त दोनो का आना कुछ अच्छा नही लगा ...

राज गेट पर ही खड़ा था

नेहा राज के करीब आकर मुस्कुराती हुई अपना हाथ आगे बढ़ाती है ...

नेहा ...हेलो राज हाउ आर यू..

राज नेहा से हाथ मिलाता है

राज ..आई एम फाइन तुम केसी हो ...

तभी ज्योति बीच में बोल पड़ती है

ज्योति ...भैया अब नेहा से बाहर ही बाते करते रहोगे या अंदर भी बुलाओगे ...

राज ....ओह हा नेहा आइए अंदर

...राज नेहा को सोफे पर बिठाता है

नेहा जेसे ही सोफे पर बैठती है उसको लूडो खुली दिखाई देती है ...

नेहा ..लगता है राज को अकेले में लूडो खेलना पसंद है ....

तभी अंदर से डॉली भी कपड़े बदल कर आ जाती है ....

डॉली...अकेले नही मेरे साथ खेल रहा था...

नेहा ...ओह्ह्ह अच्छा केसी है आप दीदी

डॉली...में ठीक हू नेहा तुम सूनाओ डेली बाहर से ही छोड़कर चली जाती हो ज्योति को ...

नेहा ..... बस घर के लिए देर हो जाती है इसलिए

डॉली ...अच्छा ये बताओ चाय पिओगी या कोल्डड्रिंक

नेहा ...दीदी आज तो आपके हाथ की चाय पीने आ गई...

डॉली....हा हा क्यूँ नही में बस 2 मिनिट में चाय बना कर लाती हू ...

ज्योति भी अपने रूम में ड्रेस चेंज करने चली जाती है ...

थोड़ी देर के लिए राज और नेहा अकेले हो जाते है नेहा राज से बाते करने लगती है ...

नेहा ... अच्छा तो आपको लूडो गेम पसंद है ..

राज ...हा बस थोड़ा बहुत ...

नेहा ...मुझे भी लूडो खेलना पसंद है मगर मुझे शर्त रखकर खेलना अच्छा लगता है ...

राज ....ओह्ह्ह वाउ में भी लूडो बिना शर्त के नही खेलता..
 
नेहा ...राज आई लाइक यू

तभी डॉली ट्राइ में चाय नाश्ता ले आती है

तब तक ज्योति भी कपड़े बदल कर आ जाती है ...

नेहा राज का जवाब सुनने को बेकरार थी

क्या राज भी उसे पसंद करता है ...

ज्योति ...दीदी मम्मी कहाँ है दिखाई नही दे रही

डॉली..आज सुबह ही पापा के साथ नानी के यहाँ गई है ...

ज्योति ...ओह्ह्ह फिर तीनो मिलकर चाय नाश्ता करते है ..

थोड़ी देर बाद

नेहा ...अच्छा ज्योति अब में चलती हू मुझे देर हो रही है ...

डॉली...चली जाना अभी तो आई हो में खाना लगाती हू ...

नेहा ...दिल तो मेरा भी नही कर रहा जाने को मगर घर पर मम्मी इंतज़ार कर रही होंगी ....

ज्योति ... मम्मी को फोन करके यही रुक जा सुबह कॉलेज साथ चलेंगे

नेहा ... तू ही चल ना मेरे साथ सुबह मेरे साथ ही कॉलेज चली जाना ...

नेहा और ज्योति की बाते सुन राज का दिल भी चाहने लगता है काश ज्योति नेहा के साथ ही चली जाय...

आज राज का दिल डॉली दीदी पर आया हुआ था ..

तभी राज बीच में बोल पड़ता है ...

राज ...अच्छा एक काम करो तुम दोनो लूडो गेम खेल लो .... हार जीत से फेसला हो जायगा ....

नेहा सोचती है राज भी उससे यही रोकना चाहता है ... ये सोचकर नेहा राज की बात मान लेती है और गेम खेलने को तैयार हो जाती है ...

ज्योति और नेहा अपनी अपनी गोटी सेट करती है

डॉली....चल ज्योति आज तुझे हारना नही है आज नेहा को यही रुकना पड़ेगा ...

राज ...अच्छा दोनो मिलकर हराओगी नेहा को ....

नेहा ....कोई बात नही राज देखना में तब भी जीत जाउन्गी ..

ज्योति ...अच्छा तुझे अपने आप पर बड़ा कॉन्फिडेंट है ...

नेहा ...ये तो बाद में पता चलेगा तू पासा फेक ...

और ज्योति पासा डालती है उसका 6 नंबर आ जाता है ...

ज्योति ....ऊहह वूऊव्व्वव देखा मेरा लकी नंबर

ज्योति फिर से पासा डालती है अबकी बार फिर 6

ज्योति के साथ साथ डॉली भी खुशी से चिल्ला पड़ती है ....

डॉली....ओह्ह्ह वाउ ज्योति तूने को आज कमाल कर दिया ...

राज भी मन ही मन सोचने लगता है ...ये तो साला गेम ही उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है ...

फिर नेहा की बारी आती है मगर 2 नंबर की चाल नेहा और राज का चेहरा मुरझा गया था ....अभी तक नेहा की कोई गोटी नही खुली थी ....

और ज्योति की चारो गोटी खुल जाती है ...नेहा को भी लगता है वो ये गेम ज़रूर हार जाएगी ...
 
तभी नेहा की चाल आती है और 6 नंबर आ जाता है दोबारा फिर 6 राज एक दम खुशी से उछल पड़ता है ...

राज ...4 नंबर डालो नेहा

और जेसे ही नेहा के 4 नंबर आते है

राज खुशी से चिल्ला पड़ता है ...

ज्योति तेरी तो दोनो गोटी पिट गई ...

ज्योति एक दम राज की तरफ खा जाने वाली नज़र से देखती है ....

मगर राज ज्योति को इग्नोर सा कर देता है

ज्योति बुरी तरह चिड जाती है ....

राज की हेल्प से एक बार फिर ज्योति की गोटी पिटी है और ज्योति बुरी तरह जल भुन जाती है ........

ज्योति ...भैया मेरी गोटी आपकी वजह से पिट रही है तुम्हे में बाद में देखूँगी...

और ज्योति ये गेम हार जाती है ...

राज को लगता है जेसे उसने वर्ल्डकप जीत लिया हो .....

राज....ईसस्स्स्सस्स

हारने की वजह से ज्योति को नेहा के साथ जाना पड़ता है ....

डॉली...ज्योति खाना खाकर चली जाना

नेहा ...दीदी देर हो जाएगी हम घर पर ही खा लेंगे....

दोनो के जाने के बाद डॉली राज से कहती है ...

डॉली...राज कितना अच्छा मोका मिस कर दिया तुमने में तो तुम्हारे लिए ही नेहा को रोकना चाहती थी तुम दोनो में प्यार आगे बढ़ जाता ...

राज ...दीदी पता नही मुझे आज आपके साथ अकेले रहना अच्छा लग रहा है ....

डॉली...मेरे साथ तो तुम रोज ही रहते हो राज...

राज ...पता नही फिर भी दीदी

डॉली...चल में खाना लेकर आती हू मुझे तो बहुत भूक लगी है ...

डॉली खाना लेकर आती है ...

राज ...दीदी आज में आपको खिलाउन्गा और तुम मुझे खिलाना

डॉली...क्या बचपना है राज आज तो तुम बिल्कुल बच्चो जेसे ज़िद कर रहे हो ...

राज ...प्लीज़ दीदी मेरी खातिर...

और राज सब्ज़ी का एक नीवाला बना कर डॉली के मूह के पास करता है ...

डॉली को भी राज की हरकते अच्छी लग रही थी ...

और डॉली अपना मूह खोल देती है राज रोटी की नीवाला डॉली को खिला देता है ....

अबकी बार डॉली राज को खिलाती है राज अपनी दीदी का हाथ पकड़ लेता है और रोटी का नीवाला खाते हुए उंगली चाट जाता है ...

डॉली...मेरी उंगली भी खाने का इरादा है क्या ...

राज ..दीदी सब्ज़ी का टेस्ट डबल हो जाता है आप भी देखो एक बार ..

डॉली..बस बस मुझे नही चाटनी

राज ...प्लीज़ दीदी देखो ना एक बार

राज जेसे ही रोटी का नीवाला दीदी के मूह में रखता है डॉली राज की उंगली को दाँतों से हल्का सा काट लेती है ...

राज .....उईईईईईईईई दीदी ई ई ई ई ई ई ईईई काअटतततत्त लिय्ाआ

राज भी डॉली से बदला लेने के लिए डॉली का हाथ पकड़ता है मगर डॉली और राज में छेड़खानी होने लगती है जिससे राज का बॅलेन्स बिगड़ जाता है और सीधी डॉली के ऊपर गिर जाता है ..राज के दोनो हाथ डॉली के सीने पर थे और राज का चेहरा बिल्कुल डॉली के चेहरे के पास था ...

राज ...मुझे काटती हो दीदी में बताओ कैसे काटा जाता है ...

डॉली...प्लीज़ राज सॉरी छोड़ो मुझे

मगर राज कहाँ मानने वाला था अपने दाँतों से डॉली के गाल काटने लगता है ...

डॉली....राज नही ये क्या कर रहे हो निशान पड़ जायगा प्लीज़ छोड़ो मुझे ....

राज पर जेसे उत्तेजना सवार थी काटने के साथ साथ अपने हाथो की पकड़ भी उभारों पर सख़्त कर लेता है ....

डॉली को एक दम करेंट सा लगता है और राज को ज़ोर से धक्का दे देती है ....

डॉली...ये क्या बत्तमीजी है राज.. तुझे ज़रा भी शरम नही आई ऐसा करने में ...

और डॉली बर्तन उठा कर किचिन में चली जाती है ...

राज भौचक्का सा खड़ा रह जाता है .....
 
अपडेट..... 20...

राज को अपनी दीदी से ऐसी उम्मीद नही थी

दीदी भी तो हमेशा मुझसे मज़ाक करती रहती है फिर आज ज़रा सा काटने से ही दीदी इतना भड़क गई ...

राज मन ही मन सोचता है की दीदी से बोलना छोड़ देगा...

और राज वहाँ से उठकर बाहर चला जाता है .......

डॉली किचिन का काम निपटा कर बाहर आती है ..तभी उससे बाइक स्टार्ट करने की आवाज़ आती है ...

डॉली...ये राज इस वक़्त कहाँ जा रहा है ...

सोफे पर बैठ डॉली सोचती है क्या उसने राज के साथ जो किया सही किया ..

राज के काटने से उसके गाल पर दाँतों का निशान पड़ गया था और फिर कैसे राज ने उसका सीना भी दबा दिया था जिससे वो दर्द से झटपटा गई थी ....

मगर फिर डॉली को याद आता है राज ने उसके लिए क्या क्या किया था वो तो जान छिड़कता है तुम पर..और कैसे हर मुश्किल घड़ी में साथ दिया राज ने ... .

राज की ये बाते सोच डॉली अपने आप पर पछताने लगती है ....

डॉली..... ओह शीट ये क्या कर दिया मेंने ये करने से पहले में मर क्यूँ ना गई ....

डॉली राज से सॉरी बोलने को तड़पने लगती है मगर राज बिना बताए जाने कहाँ चला गया था ...

दूसरी तरफ ज्योति नेहा के घर पहुच चुकी थी ...

नेहा के मम्मी पापा भी ज्योति को देख कर बड़े खुश थे ...

नेहा के पापा ...ज्योति बेटा इसे अपना ही घर समझना बिल्कुल नेहा की तरह ...

ज्योति ... जी अंकल

फिर ज्योति सबके साथ मिलकर खाना खाती है ...

नेहा के पापा ज्योति से उसके घर के बारे में पहुचते है कौन कौन है उसके घर में ....

ज्योति भी नेहा के पापा से अपने घर के बारे में सब बता देती है ...

ज्योति .. अंकल किसी दिन आइए ना घर पर ..

अंकल..हा बेटा ज़रूर आयंगे...

यू ही बाते करते हुए काफ़ी देर हो जाती है ...

अंकल...नेहा बेटा ज्योति को अपने रूम में ले जाओ आराम कर लेगी ...

नेहा ...जी पापा

नेहा ज्योति को लेकर अपने रूम में पहुचती है ...

ज्योति रूम देखकर देखती रह जाती है क्या रूम था नेहा का किसी फाइव स्टार होटेल से कम नही था ...
 
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