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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

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मगर राज लगातार ऐसे ही धक्के मारता है और नेहा राज का हर धक्का सहते हुए राज का साथ देने की कोशिश कर रही थी ...

ये राज का नेहा के लिए प्यार था या वासना

ये तो पता नही था बस इस वक़्त राज पर

हवस इस नशा चढ़ा था जिसे इस वक़्त

नेहा की चूत झेल रही थी ...

राज के ताबड तोड़ धक्को ने नेहा को बॅड के किनारे तक ला दिया था ..

राज के ताबड तोड़ धक्को ने नेहा की चूत को भी चर्म पर पहुचा दिया था अगले ही पल नेहा की चूत अपने पानी से राज के लंड को नहला देती है ....फूच फूच की आवाज़ पूरे रूम में गूँज उठती है ....

नेहा पूरी तरह ढीली पड़ चुकी थी और राज के धक्के नेहा को दर्द महसूस करा रहे थे अब राज को भी लंड अंदर बाहर करने में मज़ा नही आ रहा था ....

राज अपना लंड बाहर निकलता है और नेहा को डॉगी स्टाइल में करते हुए अपने लंड को

नेहा के गान्ड वाले छेड़ में सेट करता है ..

नेहा साँसे रोके आने वाले पल की तकलीफ़ महसूस करने लगती है ...

लंड चूत रस से पूरी तरह सना हुआ था राज के प्रेसर से लंड का टोप्पा गान्ड में घुस जाता है ...

नेहा दर्द से चिल्ला उठती है ...

नेहा .... उईईईईईईईईई राज्ज्जज्ज्ज प्लीज़ बाहर निकलल्ल्लूऊ बहुत दर्द हो रहा है

राज ... बस थोड़ा सा और रह गया

राज थोड़ा और अपने लंड को गान्ड में धकेल्ता है

नेहा ... ओह न्न्नाहहिईिइ राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज बॅस में और नही सहह पाउन्गी प्लीज़ ...

मगर राज पूरा लंड नेहा की गान्ड में उतार देता है ...

नेहा की आँखो से आसू निकल जाते है

मगर राज पर उत्तेजना सवार थी और राज अपने लंड को सटासट गान्ड में अंदर बाहर करते हुए धक्के लगाने लगता है ...

नेहा की बुरी हालत थी उसने कभी सोचा नही था उससे गान्ड चुदाई में इतना दर्द सहना पड़ेगा ...

नेहा ....आऐईयईईई आहह उउईईईई आऐईीइसस्स्शह ऊओह आअहह ससीई आआहह

काफ़ी देर धक्के लगाने के बाद आख़िरकार राज भी अपने चरम पर पहुचता है .और राज नेहा के दोनो चूतड़ अपने हाथो में थामते हुए अपने लिक्विड से नेहा की गान्ड भर देता है ....

राज के झड़ने से नेहा की जान में जान आती और दोनो हान्फते हुए बिस्तर पर लूड़क

जाते है .....

नेहा के घर राज को करीब दो घंटे हो चुके थे ..और राज नेहा के घर से चला जाता है ...

क्यूँकी नेहा ने संजना को मार्केट भेजा हुआ था और संजना कभी भी आ सकती थी ....

राज की चुदाई ने नेहा की हालत पहले से भी खराब कर दी थी अब तो नेहा को बिस्तर से उठने में भी दर्द हो रहा था....

बस राज नेहा के जिस्म से अपनी आग शांत करके चला गया....

सनडे की वजह से राज कही और जाने की बजाय सीधे घर पहुचता है ...

घर पहुच कर राज को बड़ा अकेलापन महसूस होता है..

राज थोड़ी देर बाद अपनी दीदी को फोन मिलाने लगता है ...

नेहा राज को अपना तन मन धन सब कुछ शॉप चुकी थी मगर राज का दिल फिर भी कही ना कही दीदी के लिए तड़प रहा था ...

तभी तो नेहा की बजे राज के दिल में दीदी की ही याद आती है ...

शायद इसे कहते है पहला प्यार

और डॉली का फोन रिसीव करती है ...

डॉली... हेलो राज कैसे हो

राज ... बस ठीक हू दीदी.. आपकी बहुत याद आ रही है दिल तो कर रहा अभी उधर तुम्हारे पास आ जाऊं ....

डॉली... क्यूँ इतना बैचेन हो रहे हो राज दो दिन की तो बात है आ जाउन्गी ..

राज ...पता नही दीदी ये दो दिन कैसे कटेंगे कही मेरी जान ही ना निकल जाय...

डॉली... राज ऐसी बाते नही किया करते...

और राज और डॉली दोनो काफ़ी देर बाते करते रहते है ....

राज के दो दिन बड़ी मुश्किल से गुज़रते है ...
 
अपडेट.....29 ....

आज शाम को राज की फैमली देहरादून से वापस आ रही थी....

ऑफीस में राज को सेल्स पर्चेस की फाइल्स सब मिट करनी थी इसलिए राज आज जल्दी ऑफीस चला गया था ...

शाम 4 बजे राज के मोबाइल पर डॉली का मेसेज आता है ...

डॉली.... भाई हम घर आ चुके है तुम भी ऑफीस से जल्दी आ जाना ...

राज अपना मोबाइल उठा कर मेसेज पढ़ता है ...

दीदी के आने की खबर सुन राज के चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है ...

और राज फॉरन दीदी को रिप्लाइ करता है ...

राज ....ओह्ह्ह थॅंक्स गॉड दीदी तुम्हे नही पता तुम्हारे बिन मेरे दिन कैसे कटे...

डॉली... अच्छा जी अपनी दीदी से इतना प्यार करते हो

राज ... दिल चीर के दिख लेना दीदी इसमे सिर्फ़ आपकी तस्वीर नज़र आयगी ....

डॉली... ओह्ह्ह राज ऐसा मुझमे क्या देख लिया तुमने ...

राज ... दीदी आप मुझे ऊपर से नीचे तक बहुत अच्छी लगती हो ....

राज का इस तरह तारीफ करना डॉली को भी अच्छा लगने लगा था ...

डॉली...अच्छा ये बताओ राज तुम्हे मुझमें सबसे अच्छा क्या लगता है ...

राज ... दीदी मुझे तो आप पूरी की पूरी अच्छी लगती हो फिर भी आपके चेहरे की मासूमियत और आपकी प्यारी सी मुस्कुराहट मेरी जान ले लेती है ....

डॉली... सच्ची मेरी कसम

राज ... आपकी कसम दीदी मेरा तो ऐसा दिल करता है बस पूरी लाइफ आपके साथ रहकर गुज़ार दूँ ....

डॉली.... ओह्ह्ह राज तुम सचमुच पागल हो

राज ... आपके प्यार में पागल

डॉली... अच्छा अब नहाने जा रही हू तुम भी जल्दी घर आ जाओ ...

राज ... दीदी में भी आ रहा हू साथ मिलकर नहाएँगे

डॉली..... बहुत नॉटी हो गये हो राज ..

तुम्हारी शिकायत लगानी पड़ेगी ...

राज ... अच्छा ये बात है दीदी तो चलो आज रात आपको अपना नॉटी पन दिखाता हू ...

डॉली...:चुम्मि:

डॉली को एक शरारत सूझती है

डॉली चेटिंग करते करते अपने कपड़े उतार देती है और टॉपलेस होकर अपनी एक सेल्फी लेती है और फिर राज को सेंड कर देती है...

राज पर इसका क्या रियेक्शन होता है उससे जाने बिना अपना मोबाइल यू ही छोड़कर डॉली बाथरूम में घुस जाती है ....

थोड़ी देर बाद ज्योति रूम में आती है बॅड पर कपड़े वागेहरा फेले हुए थे

ज्योति ... दीदी भी ना कही भी कपड़े फेला देती है ज्योति बॅड पर पड़े कपड़े उठाती है और बॅड की चादर सही से बिछाने लगती है तभी उसकी नज़र डॉली के मोबाइल पर पड़ती है .. मोबाइल का व्हाट्सअप खुला हुआ था

ज्योति डॉली का मोबाइल उठाकर देखने लगती है और जेसे ही उसकी नज़र मोबाइल स्क्रीन पर दीदी की टॉपलेस पिक पर पड़ती है ...

ज्योति को 440 वॉल्ट का झटका लगता है ...

ज्योति सारे मेसेज पढ़ती है

ज्योति .... ऊऊऊओ मआआआआी गॉड दीदी और राज भैयाअ ये सब .... ...

ज्योति की तो जेसे ये सब जानकर धड़कने ही बंद हो गई थी दीदी सब के सामने कितनी

सादगी से रहती है कोई सोच भी नही सकता डॉली अपने भाई से इतना ओपन है ...

ज्योति डॉली का फोन जेसे रखा था ऐसे ही रखकर बाहर आ जाती है ...

ज्योति के माइंड में जाने कैसे कैसे सवाल

आने लगे थे ...ये सब कब से चल रहा है दोनो के बीच और क्या क्या चल रहा है

क्या दीदी भैया के साथ सेक्स भी कर चुकी है ज्योति को ये सब सवाल सताने लगे थे ...

उधर राज दीदी की टॉपलेस पिक देखकर

बिल्कुल बावला हो चुका था राज का दिल ऐसा चाह रहा था.. पल भर में घर पहुच कर डॉली को बाँहो में भर ले..

राज जल्दी से जल्दी अपनी फाइल्स कंप्लीट करता है और घर जाने के लिए ऑफीस से निकलता है की तभी बॉस के पापा का फोन आ जाता है ...

राज फोन रिसीव करता है

राज ... गुड ईव्निंग सर

संजीव रॉय... हा गुड ईव्निंग राज...

मेंने इसलिए फोन किया है मुंबई से मल्होत्रा साहब आ रहे है सॅंपल लेने तुम एक काम करो अभी स्टेशन पहुच जाओ और आज रात के लिए उनको कोई अच्छा सा होटेल बुक करा दो सॅंपल सुबह दे देना

राज .... जी सर ठीक है में करा दूँगा ..

संजीव रॉय... गुड

और फोन रख कर राज मन ही मन बड़बड़ाता है इसको भी आज ही आना था ...

राज बुझे मन से अपनी बाइक स्टेशन की तरफ दौड़ता है 20 मिनिट में ही राज रेलवे स्टेशन पहुच जाता है ....

मगर मुंबई की ट्रेन आने में अभी काफ़ी टाइम था राज बुरी तरह झंड होकर स्टेशन पर बैठकर रेल का इंतज़ार करने लगता है ...

करीब आधे घंटे बाद ट्रेन आती है राज मल्होत्रा साहब से मिलता है...

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रात के करीब 9 बज चुके थे ..

दूसरी तरफ ज्योति के दिमाग़ में दीदी और राज के बीच सबकुछ जानने के नये नये प्लान आ रहे थे ...

ज्योति सोचती है आज रात दीदी ज़रूर भैया के पास जाएँगी और उन्हे अपनी आँखो से देखूँगी दोनो क्या क्या करते है ...

फिर सोचती है अगर भैया ने दरवाज़ा बंद करके अंदर से लाइट बंद कर दी तो कैसे देखूँगी ...

ज्योति की समझ में नही आ रहा था ऐसा क्या करे जिससे पता चल जाय भैया और दीदी में क्या क्या चल रहा है ....

तभी ज्योति को एक आइडिया आता है उसके पास नींद की गोल्लिया रक्खी थी ...

और ज्योति किचिन में पहूचकर दो ग्लास में दूध करती है और एक ग्लास में गोली डालकर अपने रूम में पहुचती है ...

ज्योति ... दीदी लीजिए गरमा गरम दूध पीजिए

डॉली... अर्रे वाह ज्योति आज मेरे लिए दूध

ज्योति ... हा दीदी बहुत कमजोर सी लग रही हो आजकल...

और डॉली ज्योति के हाथ से दूध लेकर गटागट पी जाती है ....

उधर राज मल्होत्रा को एक होटेल में ठहराकर घर पहुचता है ...

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रात के 10 बज चुके थे

गेट मम्मी खोलती है ...

सुषमा .. बेटा . बड़ी देर लगा दी आने में कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहे थे ..

राज ...वो मम्मी ऑफीस के काम में देर हो गई ...

सुषमा... बेटा चल जल्दी से फ्रेश हो जा में खाना लगाती हू ..

राज ... ज्योति और दीदी कहाँ है

सुषमा... बेटा तुम्हारा इंतज़ार करके दोनो सो गई ...

राज ..ओह्ह्ह चलो कोई बात नही मम्मी सुबह मिल लूँगा ..

राज फ्रेश होकर खाना ख़ाता है ...

और फिर अपने रूम में जाकर बॅड पर लेट जाता है...

राज अपना मोबाइल निकालकर टाइम देखता है रात के 10.30 बज चुके थे..

राज व्हाट्सअप पर दीदी को मेसेज करता है ...

राज .. दीदी सो गई क्या ...

मगर दीदी पर तो गोली का नशा चढ़ चुका था ...

मोबाइल ज्योति के हाथ में था जेसे ज्योति को मालूम था राज का मेसेज ज़रूर आयेगा ...

ज्योति राज को रिप्लाइ करती है ... नही बस तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी

राज ... ज्योति सो गई क्या

ज्योति.. डॉली...हा सो गई

राज ... तो फिर आ जाओ ना जल्दी से

ज्योति.... डॉली... एक शर्त पर आउन्गी

राज ....केसी शर्त

ज्योति डॉली.... तुम मुझसे आज रात बिल्कुल नही बोलॉगे ...

राज ...उफफफ्फ़ दीदी क्यूँ सता रही हो आ जाओ ना प्लीज़...

ज्योति .डॉली... नही पहले वादा करो

राज ... अच्छा बाबा नही बोलूँगा अब तो आ जाओ

ज्योति ...डॉली... ठीक है आ रही हू तुम लाइट बंद करके बॅड पर लेट जाओ

राज ... ओह्ह्ह गुड दीदी आज मुझे आपके इरादे नेक नही लग रहे अंधेरे में ज़रूर मेरा रेप करोगी ...

और राज बॅड से उठकर कमरे की लाइट बंद कर देता है कमरे में बिल्कुल अंधेरा हो जाता है राज बॅड पर लेटकर दीदी का वेट करने लगता है ...

2 मिनिट बाद राज को दीदी के आने की आहट होती है .......
 
Vivanjoshi wrote: ↑ 04 Jul 2021 23:07
बहुत बढ़िया
 
अपडेट.....30.....

ज्योति ने जेसा सोचा था रूम में बिकुल वेसा अंधेरा था कुछ भी दिखाई नही दे रहा था ...फिर भी ज्योति का दिल घबरा रहा था कही भैया पहचान ना ले ...

ज्योति हिम्मत करके संभालती हुई राज के बॅड के पास पहुच जाती है और राज को जेसे ही दीदी का अहसास होता है राज अपने हाथ से दीदी का हाथ पकड़ अपने ऊपर खीच लेता है...राज सिर्फ़ अंडरवेर पहने लेटा था

ज्योति टूटे पत्ते की तरह राज के ऊपर आ जाती है... राज अपनी दीदी के ऊपर लेटे हुए उनके चेहरे को बैठहाशा चूमने लगता है जेसे राज को दीदी से बिछड़े हुए एक जमाना हो गया था ...

चेहरा चूमते चूमते राज के होंठ कब दीदी के होंठ तक पहुच जाते है ये तो ज्योति की सिसकी से पता चलता है राज ज्योति के अनछुए गुलाबी होंटो को अपने होंटो से चूम रहा था ...

ज्योति की सिसकिया निकल रही थी और दिल की धड़कन भी दुगनी तेज़ी से बढ़ने लगती है ...

आज पहली बार ज्योति के होंटो को किसी ने किस किया था ..और चुने वाला उसका अपना सगा भाई था ....

ज्योति ने कभी होंटो से किस नही किया था

मगर फिर भी ज्योति राज का साथ देने की कोशिश करती है कही राज को शक ना हो जाए...

किस करते करते राज के हाथ धीरे धीरे चुचियों की तरफ बढ़ने लगे थे और राज अपने हाथ में ज्योति की चुचि पकड़ लेता है ...ज्योति आहह करके रह जाती है और राज चुचि को ज़ोर से मसलने लगता है ...

राज के अचानक इस हमले से ज्योति एक दम दर्द से उछल जाती है ...

ज्योति ने कभी अपनी चुचि को खुद भी नही मसला था और राज ने एक दम इतनी ज़ोर से ...

मगर ज्योति सहने के अलावा कर भी क्या सकती थी बेचारी इस वक़्त कुछ बोल भी नही सकती थी....

अब ज्योति को अपने फेसले से डर सा लगने लगा ....लगता है दीदी के चक्कर में बुरी फस गई आगे जाने उसके साथ राज क्या क्या करने वाला है...

राज चुचि मसलते मसलते ज्योति का टॉप उतार देता है और जेसे ही दोनो मोसंबी आज़ाद होती है राज अपने हाथो से पकड़कर उनके निप्पल को अपने होंटो से लगाकर बारी बारी उनका जूस पीने लगता है ...

ज्योति के जिस्म में बिल्कुल अलग तरह की सनसनाहट पेड़ा होने लगती है आज से पहले कभी ज्योति को ऐसी सनसनाहट महसूस नही हुई थी ....

राज जेसे जेसे ज्योति की दोनो निप्पलो की चूसा कर रहा था ज्योति बिल्कुल आसमान में उड़ती जा रही थी उसके मूह से बड़ी हल्की हल्की सिसकारियाँ निकल रही थी ....

ज्योति .....सस्सीए ऊऊसस्स्स्स्स्स्सिईईईईई सस्सीईई सीईईईईईईईई ई

राज दीदी को अपना पूरा नॉटीपन दिखा रहा था जेसे उसने मेसेज में लिखा था ....

और राज अगले स्टेप की तरफ बढ़ते हुए चुचियो को चूस्ते अपने होंटो को धीरे धीरे नीचे लाने लगता है और जेसे ही राज के होंठ नाभि से नीचे आते है राज के होंटो पर एक रुकावट आ जाती है ...ज्योति ने लेगी पहनी हुई थी ...

राज आज ये दीवार भी पार करना चाहता था मगर राज को लगता है शायद दीदी उसे ये दीवार पार करने से मना ज़रूर करेंगी ....

राज हिम्मत करके अपने हाथ से लेगी को पकड़ लेता है मगर दीदी ने अभी तक राज का हाथ नही पकड़ा थे राज के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और राज सोचता है ...ओह्ह्ह लगता है मेरे साथ साथ आज दीदी भी ये दीवार पार करना चाहती है ...

और राज एक झटके में लेगी उतार देता है ...

ज्योति सिर्फ़ एक पेंटी में राज के नीचे आ जाती है ...

ज्योति की साँसे बिल्कुल धौंकनी की माफिक चल रही थी जो बिल्कुल रुकने का नाम नही ले रही थी और साथ साथ ज्योति का पूरा जिस्म कपकपा रहा था ....

ज्योति को लगता है पता नही अब राज क्या करने वाला है उसके साथ...कही सेक्स आने वाला अगले पल का सोचकर ज्योति रूह काँप जाती है .....

राज का दीदी की खामोशी से और होसला बढ़ता जा रहा था ... राज भी अगले ही पल में दीदी के जिस्म से बची कूची पेंटी भी उतार देता है .....

ज्योति पूरी तरह राज के आगे नंगी हो चुकी थी .....

ज्योति ने कभी सोचा भी नही था उसके साथ ऐसे हालत में पहली बार सेक्स होगा...

ज्योति ने अपनी वर्जिनिटी के लिए बड़े सपने सजाए रखे थे ...

दीदी और भैया का राज जानने के चक्कर में आज ज्योति के सारे सपने चकनाचूर हो जाएँगे ..ज्योति को बिल्कुल यक़ीन हो गया था आज उसकी वर्जिनिटी ज़रूर टूट जाएगी ...

दीदी को नंगा देखकर राज का लंड भी पूरी तरह विकराल रूप ले चुका था ......

राज के साथ दीदी इतना आगे बढ़ चुकी थी

राज दीदी को थॅंक्स बोलना चाहता था मगर वेड के मुताबिक राज बिल्कुल खामोश रह जाता है ...

और आगे बढ़कर अपने होंटो को ज्योति की चूत पर लगा देता है ज्योति की चूत के लिप्स अभी तक आपस में चिपके हुए थे ...

राज की गीली गीली झेब जेसे ही ज्योति को अपनी चूत पर महसूस होती है ..

ज्योति को एक अलग तरह का आनंद मिलता है ..ज्योति इस नये आनंद को महसूस करने लगती है ....

इस बार राज का तरीका बिल्कुल वाइल्ड्ली नही था

बल्कि स्लोली स्लोली चूत की फांको में अपनी जीब चला रहा था ....

उफफफफफफ्फ़ ज्योति को ऐसा मज़ा ज़िंदगी में पहली बार मिल रहा था ..और ये मज़ा लगातार दुगना तेज होता जा रहा था...

ज्योति के हाथ अपने आप ही राज के बालों को सहलाने लगते है ...

ज्योति को इतना मज़ा आने लगा था की चूत भी अपना जूस निकालना शुरू कर देती है ...
 
राज भी चूत का जूस अपनी ज़बान से ऐसे

चाट रहा था जेसे चूत पर रसमलाई लगी हो ..

बड़े इतमीनान से जेसे राज को अब कोई जल्दी नही थी मगर कब तक .. ज्योति की चूत भी आख़िर अपना पानी छोड़ ही देती है ...

ज्योति को आज असीम सुख मिल गया था

ज्योति पूरी तरह तृप्त होकर बॅड पर लूड़क चुकी थी ....

राज चूत का सारा पानी चट करने में लगा था ...

ज्योति जेसे आज स्वर्ग का सफ़र करके लौटी थी पहली बार इतना असीम आनद नसीब हुआ था ज्योति को .अब तो ज्योति का दिल दीदी को थॅंक्स बोलना रहा था ....

चूत सॉफ करके राज अपना अंडरवेर निकल देता है लंड झटके मारता हुआ स्प्रिंग की तरह झूलने लगता है ....

लंड के सामने दीदी की कुवारि चूत थी

राज का दिल भी लंड को चूत के अंदर करने को मचलने लगता है ...

और राज ज्योति के पैरों को फेला कर बीच में आ जाता है और अपने हाथ से चूत की फांको को

खोलने की कोशिश करता है ....

ज्योति अपनी आँखे बंद करके दोनो हाथो से बॅड की चादर पकड़े हुए थी ...ज्योति को अहसास हो रहा था उसके साथ कोई बहुत बड़ा हादसा होने वाला है .....

राज चूत की फांको को खोलकर अपनी एक फिंगर थोड़ी से अंदर डालता है ....

ज्योति की दर्द भरी कराह निकल जाती है ...

राज को भी दीदी की दर्द भरी कराह सुनाई देती है ....

राज को दीदी की चूत बहुत टाइट महसूस होती है इतनी आसानी से शायद दीदी अपनी चूत में मेरा लंड नही ले पायंगी...

राज अभी के लिए चुदाई प्रोग्राम कॅन्सल करता है और आगे बढ़कर दीदी के बराबर में लेट जाता है ....

ज्योति की तो जेसे जान में जान आती है ....

ओह्ह्ह थॅंक्स गॉड बच गई...

राज दीदी का एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख देता है ज्योति जेसे ही राज का लंड पकड़ती है उसे ज़ोर का झटका लगता है...

राज के लंड का साइज़ इतना बड़ा कैसे हो गया राज ज्योति के हाथ को आगे पीछे करवाता है जेसे कह रहा हो ..दीदी ऐसे उपर नीचे करो ज्योति समझ जाती है राज क्या चाहता है ...

और ज्योति राज के लंड को आगे पीछे करते हुए खेलने लगती है ...ज़रा सी देर बाद राज ज्योति के मूह को लंड के करीब करते हुए दीदी को लंड मूह में लेने का इशारा करता है ....

ज्योति ने सुन रखका था लंड को मूह में लेकर ब्लोवजोब करते है ...ज्योति आखरी स्टेप सोचकर राज का लंड मूह में ले लेती है ....

राज की तो सिसकारी निकल जाती है राज का दिल दीदी को शाबाशी देने लगता है ....

राज ( वूओवव दीदी वूऊवी तुमने तो आज कमाल कर दिया अमेज़िंग वंडरफुल)

राज को अपनी दीदी पर बड़ा ही प्यार आ रहा था आज जितना सोचा था उससे कई गुना राज को मज़ा आ रहा था ...

ज्योति लंड को पहली बार चूस रही थी

बिल्कुल लॉलीपोप की तरह राज आँखे बंद किए सागर की गहराइयों में गोते लगा रहा था ....

राज .... ऊहह ईएसस्स्सस्स सस्सीई आअहहाा उूउउम्म्म्मम...म्‍म्म्मम

राज पूरे चरम पर पहुच चुका था

राज अपना लंड दीदी के मूह से निकालना चाहता था मगर अगले ही पल राज का सारा लिक्विड ज्योति के हलक में उतरता चला जाता है ....ज्योति खाँसती हुई राज का लंड मूह से बाहर निकालती है .....

राज झड़ने के बाद बॅड पर लूड़क जाता है ...

और फिर ज्योति बॅड से उतरकर अपने कपड़े उठाती है और जल्दी से राज के रूम से निकल जाती है ....

राज को आज बड़ा ही मज़ा मिला था ऐसे सुख की राज ने कल्पना भी नही की थी ...

ऐसे लेटे लेटे थोड़ी देर बाद राज को नींद आ जाती है ज्योति भी दीदी के पास आकर लेट जाती है ........

सुबह राज की जल्दी आँख खुलती है

और जब डॉली सोकर उठती है उसको अपने सोने पर आश्चर्य होता है ...

डॉली को राज का ख़याल आता है राज ने उसका रात भर इंतज़ार किया होगा

डॉली... मुझे कब नींद आ गई पता ही नही चला... उफफफ्फ़ राज तो बहुत नाराज़ होगा मुझपर ....

मगर ये क्या राज तो आज बहुत खुश नज़र आ रहा था

नाश्ते के टाइम भी बार बार मेरी तरफ देखकर मुस्कुराए जा रहा था ...

राज का ऐसा करना दीदी को बड़ा अज़ीब सा लग रहा था ...

थोड़ी देर बाद नेहा आती है और कौलेज के लिए अपने साथ ज्योति को ले जाती है ...

फिर राज और डॉली भी साथ साथ ऑफीस के लिए निकल जाते है ...

डॉली रास्ते में जेसे ही राज को रात के लिए सॉरी बोलना चाहती है

राज एक गाना गुनगुनाने लगता है ...

मेरे दिल में यू ही रहना तुम प्यार प्यार बनके आए हो मेरी ज़िंदगी में तुम बहार बनके ....

डॉली ... क्या बात है राज आज सुबह से देख रही हू बड़े खुस नज़र आ रहे हो ...

राज ....ओह्ह्ह दीदी तुमने रात खुशी ही इतनी दे दी लगता है खुशी से मर ना जाऊं...

डॉली को जेसे एक ज़ोर का झटका लगता है

डॉली.... (चौंकते हुए )...... मेंने ......
 
अपडेट न..31.....

राज ... दीदी आप तो ऐसे चोंक रही हो जैसे मेंने कोई जोक्स सुनाया हो ...

राज की बाते डॉली के सिर से उतर रही थी

डॉली... लगता है तुमने कोई सपना देखा होगा ...

राज.... हा दीदी शायद वो सपना ही था और उस सपने में तुमने लॉलीपोप चूस्ते हुए मुझे स्वर्ग की सेर करा दी थी ......

राज की बातो में इतना कॉन्फिडेंट डॉली को भी लगने लगा राज ज़रूर सच बोल रहा है

मगर मुझे तो रात नींद आ गई थी फिर राज किसकी बात कर रहा है ...

डॉली का ध्यान फॉरन ज्योति की तरफ जाता है

डॉली.... कही राज के कमरे में ज्योति तो नही पहुच गई थी ...

ये सोचते ही डॉली का दिमाग़ घूम जाता है ........ओह्ह्ह माइ गॉड

ये सोचकर ही डॉली के होश उड़ जाते है ....

उधर दूसरी तरफ कॉलेज में नेहा और ज्योति के चेहरे पर अलग ही खुशी झलक रही थी....नेहा और ज्योति आपस में बड़ी खिलखिला कर बाते कर रही थी ....

लंच टाइम में दोनो केंटीन में पहुचती है ....

नेहा ... आज तो बड़ी खुश नज़र आ रही है क्या बात है तेरी खुशी देखकर तो लगता है तुझे कोई बाय्फ्रेंड मिल गया है ...

ज्योति भी जेसे आज पूरे मूड में थी

और बिंदास होकर बड़े स्टाइल में नेहा को जवाब देती है

ज्योति .... ऐसा ही समझ ले मेरी जान

नेहा ...अर्रे वाह मेरी जान क्या बात है तू तो बड़ी छुपी रुस्तम निकली....

चल अब ये भी बता दे कौन है केसा है जिसने हमारी प्यारी फ्रेड का दिल चुरा लिया ....

ज्योति .... कौन है ये मत पूछ बस यू समझ ले किसी राजकुमार से कम नही है ....

नेहा .... ऊओहूऊओ बड़ा प्यार उमड़ रहा है अपने राज कुमार पर किस विस्स

तो कर चुके होंगे दोनों या इससे भी आगे कुछ ....

ज्योति .... नेहा जेसा तू सोच रही है वेसा कुछ नही हुआ है ...

नेहा ... ऊहह शीट सच में कुछ नही हुआ ज्योति ..

ज्योति... हा हा सच में कुछ नही हुआ तू अपनी बता ना तेरा चेहरा क्यूँ खिला हुआ है ...

नेहा मुस्कुराते हुए ज्योति को एक आँख मारती है

नेहा ... बता दूँ

ज्योति ...हा बता ना क्या बात है

नेहा ... सोच ले तुझे झटका भी लग सकता है

ज्योति ... क्यूँ गोल गोल घुमा रही है बता ना ...

नेहा ... बताती हू मगर तुझे मेरा राज अपने तक ही रखना होगा ...

ज्योति ... ऐसी क्या कर लिया तूने नेहा ...

चल में प्रॉमिस करती हू तेरा राज अपने तक रखूँगी ..

नेहा ...तो सुन अब में वर्जिन नही हू मेरी वर्जिनिटी टूट चुकी है ....

ये सुनकर ज्योति को सच में झटका लगता है...

ज्योति ... ऊ माइ गॉड नेहा क्या बात कर रही है कैसे हुआ तेरे साथ ये सब और किसने किया तूने रोका नही ....

नेहा ... यार क्या करती हालत ही कुछ ऐसे बन गये थे में अपने आपको रुक ना पाई ...

ज्योति ... इसका मतलब ये सब तूने अपनी मर्ज़ी से किया है ...

नेहा ... हा ऐसा ही समझ ले यार ...

ज्योति .... ओह्ह्ह बता ना कौन है वो

नेहा ... नही यार ये मत पूछ

ज्योति ... अच्छा एक बात बता तुझे दर्द तो बहुत हुआ होगा
 
नेहा ... हा यार मगर कुछ मिंटो के लिए ही दर्द हुआ था ....उसके बाद तो मज़े ही मज़े ...

ज्योति को नेहा की बातो में इंटेरेस्ट आने लगा था ...

ज्योति ... बता ना कैसे कैसे हुआ

नेहा ज्योति को अपनी पहली चुदाई की पूरी दास्तान सुना देती है ...

नेहा की बाते सुन ज्योति की चूत पूरी तरह गीली हो जाती है

ज्योति की हालत देखकर नेहा को अंदाज़ा हो जाता है ज्योति पूरी तरह गरम हो चुकी है ..

नेहा ... ज्योति एक बार तू भी अपनी चूत में लंड डलवा कर देख फिर मुझे बताना

.....

ज्योति ....उफफफ्फ़ तौबा है नेहा तुझसे भी कितनी बेशरम है तू ...

नेहा ...एक बार चुदवा कर देख तू भी शरम वरम सब भूल जाएगी ...

ज्योति ... अच्छा अब इन बातो को छोड़ और क्लास में चलते है ....

दोनो केंटीन से निकालकर क्लास रूम में चली जाती है ....

ज्योति को दूर दूर तक नही लगता नेहा की वर्जिनिटी तोड़ने वाला उसका भाई है ....

बल्कि ज्योति तो नेहा का राज जानकर खुश हो रही थी ...थॅंक्स गॉड इस नेहा की बच्ची से भैया का पीछा तो छूटा ....

..........

दूसरी तरफ डॉली कनफर्म करना चाहती थी

क्या वाक़ई ज्योति राज के पास गई थी ...

मगर इस बार का कैसे पता लगाए कुछ समझ नही आ रहा था ....

तभी उसको अपने मोबाइल की चेटिंग का ख़याल आता है और डॉली अपना व्हाट्सअप

खोलकर राज की चेटिंग देखती है ...

मगर ये क्या उसके व्हाट्सअप के सारे मेसेज डेलीट थे ...

डॉली अपने दिमाग़ पर ज़ोर देती है कही उसने तो मेसेज डेलीट नही कर दिए थे ...

अब कैसे पता लगाए डाइरेक्ट राज से भी नही पूछ सकती थी...

डॉली...क्या करूँ अब कैसे पता लगाऊ

राज का फोन चेक करके देखती हू शायद कुछ पता चल जाय...

और डॉली उठकर राज के केबिन में पहुचती है ..

डॉली...राज ज़रा अपना फोन देना मेरा फोन का बॅलेन्स ख़तम हो गया मुझे ज्योति से बात करनी है ...

राज फॉरन दीदी को अपना मोबाइल पकड़ा देता है और डॉली राज का फोन लेकर राज के केबिन से निकल जाती है ....

बाहर आकर सबसे पहले डॉली मोबाइल में व्हाट्सअप खोलती है ...डॉली को फोन में सारे मेसेज मिल जाते है ....

मेसेज पड़कर डॉली के पैरों तले ज़मीन खिसक चुकी थी ...

डॉली ज्योति को कुछ कह भी नही सकती थी क्यूँकी जितनी इसमें ज्योति शामिल थी उससे ज़्यादा दोष डॉली खुद को दे रही थी ....

डॉली.... उफफफ्फ़ ये मुझसे केसी ग़लती हो गई

पता नही दोनो के बीच क्या क्या हो गया होगा ....

अब तो डॉली को बस यही जानना था ...

और डॉली राज का मोबाइल लेकर राज के पास पहुचती है ...

डॉली... राज एक बात कहूँ

राज ... हा दीदी कहो ना

डॉली...मेरा दिल सा नही लग रहा चलो कही चलते है ...

राज ...क्या बात दीदी तबीयत तो ठीक है

डॉली... पता नही बस दिल ही नही लग रहा है...

राज ... लगता है तुम्हारा हाल भी मेरे जेसा हो रहा है मेरा भी दिल नही लग रहा दीदी ....

डॉली... हा तुम सही कह रहे हो राज ....

राज ... तो बोलो दीदी कहा चलना है

डॉली...कही भी ले चलो जहा सिर्फ़ हम दोनो ही हो

राज ... अच्छा तो चलो फिर किसी होटल में चलते है ....

डॉली... ठीक है राज चलती हू मगर मेरी एक शर्त है ....

राज ... कहो दीदी मुझे तुम्हारी हर शर्त मंज़ूर है ...

डॉली... में चाहती हू राज जेसा प्यार तुमने मेरे साथ रात के अंधेरे में किया था बिल्कुल उसी तरह आज दिन के उजाले में भी करोगे ....

राज ......ऊओ वववूओवव्वव दीदी ई ई ई ई ई ई सच कह रही है आप .....
 
अपडेट.....32 ......

दीदी की बात सुन राज के मन में लड्डू फूटने लगते है और राज फॉरन अपना काम धाम छोड़ देता है ....

राज ...चलो दीदी चलते है

डॉली भी बिना कुछ कहे राज के साथ निकल पड़ती है...

डॉली के मन में एक कसक सी थी ज्योति राज के साथ किस हद तक गुजर चुकी थी...

राज दीदी के साथ एक डेलक्स होटल में पहुचता है ...

और रिसेप्षन पर बैठी एक लड़की से रूम के लिए पूछता है ...

राज ... में एक एसी रूम बुक करना है रेसेप्सनिस्ट... जी सर कितने टाइम के लिए रूम चाहिए

राज ... शाम तक के लिए

रेसेप्सनिस्ट राज की तरफ मुस्कुराते हुए देखती है . सर हमारे पास एक स्पेशल कपल रूम है लेकिन थोड़ा कॉसट्ली है चलेगा ...

राज भी मेडम की तरफ मुस्कुराते हुए बोलता है

राज ... चलेगा दिखाइए ..

रेसेप्सनिस्ट दोनो को लेकर 3र्ड फ्लोर पर पहुचती है और राज को रूम दिखाती है ....

रूम बड़ा ही आलीशान था जो सिर्फ़ हनिमून के लिए था

राज और डॉली रूम की डेकोरेशन्स को देखते रह जाते है ....

राज रेसेप्सनिस्ट से .... में वेरी ब्यूटीफूल रूम थॅंक यू सो मच ...

और रेसेप्सनिस्ट राज को देखकर मुस्कुराती हुई ....वेलकम सर न एंजाय यू एवेरी पल

राज रेसेप्सनिस्ट के जाते ही रूम का दरवाज़ा लॉक कर देता है ....

डॉली भी रूम में टहलते हुए राज पर बिजलियाँ गिराती है अपना दुपट्टा गले से उतार कूल्हे मटकाते हुए राज को ऐसे दिखाती है की राज के लंड में फॉरन करेंट सा जाता है और राज आगे बढ़कर पीछे से डॉली को बाँहो में भर लेता है राज का खड़ा लंड सीधी डॉली को अपनी गान्ड में महसूस हो जाता है ...

राज अपने लंड पर दबाव देते हुए

राज .... तो बोलो दीदी कहाँ से शुरू करे..

डॉली भी अपनी गान्ड पीछे करती हुई ..

डॉली... राज तुम कुछ नही करोगे जो भी करना है में करूँगी तुम बस इतना बताओ रात स्टार्ट कहाँ से किया था ...

राज ... ऊहह कम ओंन दीदी आपको तो सब मालूम है फिर क्यूँ पूछ रही हो ..

डॉली... हा राज मुझे सब मालूम है मगर ये मेरा नया अपना स्टाइल है ....

राज ... ऊऊ दीदी क्या बात है लगता है आपके मन में कोई गेम चल रहा है ...

डॉली... हा राज गेम खेलते हुए प्यार करने का मज़ा भी डबल हो जायगा .. ...

राज ...ओह्ह्ह वूओव दीदी आपका ये स्टाइल मुझे दीवाना बना देता है ....

डॉली... तू मेरा दीवाना मेरे लिए में तेरी दीवानी तेरे लिए

राज ... ओके दीदी तो सुनो रात मेंने सबसे पहले आपको अपनी बाँहो में भर लिया था फिर आपके प्यारे रसीले होंटो को अपने होंटो में लेकर इनका अमृत पिया था .....

डॉली ये सुनते ही राज की तरफ बढ़ती है और राज की बाँहो में अपने हाथ डालकर बड़े स्टाइल से अपने होंटो को धीरे धीरे राज के होंटो के पास लाती है ....

दीदी का ये स्टाइल राज को उत्तेजित कर रहा था ...

और डॉली राज के होंटो को बड़े कामुक स्टाइल में अपने होंटो में भींच लेती है ....

राज के लंड में लगातार उत्तेजना बढ़ती जा रही थी ...

और डॉली आगे बढ़ती हुई राज को होंटो को चूसने लगती है ... राज से भी कंट्रोल नही होता और राज भी अपने होंठ चलाते हुए दीदी का साथ देने लगता है ....

राज का लंड खड़े होने से डॉली की चूत पर टच हो रहा था ...

काफ़ी देर दोनो एक दूसरे को चूमते चूस्ते रहते है ....

थोड़ी देर बाद डॉली राज के होंटो को छोड़ती है

डॉली... राज इसके आगे क्या हुआ

राज ... दीदी इसके बाद में आपके आमों को

अपने हाथो में लेकर कपड़ो के ऊपर से ही निचोड़ने लगा था ....

और डॉली राज के दोनो हाथ अपने हाथो में लेकर अपने उभारों पर रख देती है

और राज के हाथो से अपनी चुचि मसलवाने लगती है ...

डॉली की हालत खुद खराब होनी शुरू ही गई थी ...धड़कने बड़ी स्पीड से चलने लगी थी ..मगर फिर भी डॉली राज से कहती है ...फिर क्या हुआ...

राज ... उसके बाद दीदी में आपका टॉप उतार फेंकता हू और दोनो रसीले आमों का जूस अपने होंटो में लेकर उनका जूस जीभरकर पीता हू ...
 
डॉली राज की बाँहो से अलग होती है और अपने दोनो हाथो की मदद से अपना टॉप उतार फेंकती है ...डॉली ने में नीचे ब्रा नही पहन रखही थी दीदी के दोनो रस से भरे रसीले आम राज के सामने आ जाते है ...

डॉली... राज क्या ये सब तुम कपड़े पहने हुए कर रहे थे ...

दीदी की बात सुन राज ...ओह्ह्ह में तो अपने बारे में भूल ही गया था ...

और राज फटाफट अपने कपड़े उतारकर सिर्फ़ अंडरवेर में आ जाता है ....

राज ... लो दीदी अब में भी अपने असली रूप में आ गया...

डॉली आगे बढ़ खुद ही राज के होंटो से अपनी चुचि लगा देती है ...

डॉली... लो राज पी लो जी भर कर इनका जूस ...

राज भी कहा पीछे हट रहा था एक चुचि का निप्पल मूह में तो दूसरा राज के हाथो में मसल रहा था ...

दीदी तो तड़पने सी लगी थी ....

डॉली.... आआहह ओह ईएसस्स्सस्स आअहह राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज उूुुुउउम्म्म्मममम

राज कभी इस निप्पल को कभी दूसरे निप्पल को चूसे जा रहा था ...

राज के ऐसा करने से अब तो डॉली की चूत भी गीली होने लगी थी और राज निप्पल छोड़ अपने होंटो को नीचे लाना शुरू कर देता है ...

डॉली को भी जवानी का नशा पूरा चढ़ चुका था

राज अपने होंटो को नीचे लाते हुए नाभि तक पहुच चुका था डॉली के पेट पर उत्तेजना में कंपन होने लगी थी ...

राज थोड़ा और नीचे अपने होंठ दीदी की जींस तक ले आया था ....

राज ... दीदी इसके आगे मेंने तुम्हारी सलवार उतार दी थी जिसके बाद मेंने आपके जिस्म पर बची इकलौती पेंटी भी उतार दी थी ....

राज के सामने पूरी तरह निवस्त्र खड़ी थी

इस बार तो राज के मूह से ये सुन डॉली को भी शरम आ जाती है ...मगर फिर हिम्मत कर डॉली अपने कपड़े उतार देती है राज के सामने इकलौती पेंटी में खड़ी थी और अगले पल डॉली अपने जिस्म पर बची एक मात्र पेंटी भी उतार देती है .....

उफफफफ्फ़ डॉली का नंगा जिस्म राज के सामने बिल्कुल कयामत ढा रहा राज रात को दीदी के इस रूप को निहार नही पाया था और अब राज की नज़ारे ठीक दीदी की टाँगों के बीच चूत के छोटे छोटे लिप्स को निहार रही थी ....

डॉली राज की तंद्रा भंग करते हुए ...

राज मुझे नंगा करके फिर क्या किया तुमने ...

राज अपनी नज़रे दीदी की चूत से बिन हटाए डॉली को बताता है

राज ... फिर में आपके कली जेसे चिपके हुए होंटो पर अपनी जीब रखकर उन्हे अलग करने करने लगता हू ...

राज के ये शब्द डॉली को अंदर तक

उत्तेजना से भर देते है और डॉली की चूत फर्श पर एक बूँद टपका देती है ...

डॉली बड़ी हैरान थी सोचती है ज्योति और कितना आगे तक पहुच गई थी ...

ये सोचकर डॉली राज को बॅड पर धक्का देती है ...

और राज के ऊपर चढ़ते हुए बिल्कुल अपनी चूत को राज के मूह से लगा देती है ....

राज ने कभी सपने में भी नही सोचा था दीदी इस्कदर ओपन होकर ये सब कर सकती है .... मगर जब दीदी खुद इतना ओपन हो रही थी भला राज क्यूँ पीछे रहता ...

राज फॉरन अपनी जीब बाहर निकालता है और

दीदी की चूत की बंद फांको में अपनी जीब फेरने लगता है ...

जेसे ही डॉली को अपनी चूत पर गीली गीली जीब महसूस होती है ....

डॉली को बड़ा अच्छा महसूस होता है

और डॉली के मूह से मज़े की सिसकारियाँ निकलने लगती है ...

डॉली...ऊहह राज्ज्जज्ज्ज आअहह ऊहह असेस ईएसस्स्सस्स ससीईई सीईईईईईईईई

राज कई बार चूत चाट चुका था मगर डॉली को ये अहसास पहली बार हो रहा था

कितना मज़ा आ रहा था डॉली को ये तो सिर्फ़ डॉली ही जान सकती थी .....

डॉली.... ऊहह राज मुझे कुछ हो रहा है ...

मगर राज लगातार चूत में अपनी जीब चलाते चाट्ता रहता है .....

डॉली.... ऊहह राअज फास्टथत्तत्त ऊओह ईियंनम्मममममम कोँम्मिननगगगगगगग

ऊहह आअहह

और अगले पल डॉली अपनी चूत से ढेर सारा लिक्विड छोड़ देती है ........

राज का सारा मूह डॉली के लिक्विड से सन जाता है ...

और डॉली निढाल होकर बॅड पर लूड़क जाती है .....

राज का लंड भी इस वक़्त पूरी तरह आकड़ा हुआ था राज से अपने लंड की उत्तेजना बर्दास्त करना मुश्किल हो रही थी ..

दीदी अपनी आँखे बंद किए तृप्त होकर बॅड पर लेटी थी ...

और राज अपना अंडरवेर उतार फेंकता है लंड को अपने हाथो में पकड़ आगे पीछे करता है ...मगर सामने दीदी की नंगी चूत देखकर राज का दिल बहकने लगता है और राज अपना लंड हाथो में लिए बिल्कुल दीदी के पैरों के बीच बैठ जाता है और फिर खड़े लंड को दीदी की गीली चूत पर सेट करते हुए एक धक्का लगा देता है ...
 
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