Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.
JavaScript is disabled. For a better experience, please enable JavaScript in your browser before proceeding.
You are using an out of date browser. It may not display this or other websites correctly.
You should upgrade or use an
alternative browser .
Incest परिवार मे प्यार बेशुमार
राज की जेसे ही गोटी खुलती है ...
फिर से अदिति का लकी नंबर आ जाता है
और राज को गोटी फिर से पिट जाती है ...
राज मायूस होकर
राज ... लगता है इस बार भी मेरे नसीब में तुम्हारा वो वाला दीदार नही है ....
अदिति राज का उदास चेहरा देखकर फिर से मुस्कुरा देती है .....
तभी अचानक अदिति की दो गोटी पिट जाती है...
अदिति को लगता है राज ने ज़रूर कोई चीटिन्ग की है ...
अदिति...राज तुमने चीटिन्ग की है ...
राज ... भला में चीटिन्ग क्यूँ करने लगा
तुम्हारे सामने ही तो खेल रहा हूँ ...
अदिति..नही नही राज तुमने चीटिन्ग की है ...
राज ...अब हारने लगी तो नखरे कर रही हो..
चलो अपनी चल ..
मगर अबकी बार गेम में राज जीत की तरफ बढ़ने लगता है ...
अदिति को अपनी हार सोचते ही राज की शर्त याद आने लगती है ..
और अदिति को राज को देखते हुए भी शरम आने लगी थी ...कैसे वो बिना कपड़ो के राज का सामना कर पाएगी...
और जेसे ही राज की आखरी गोटी लाल होती है ...
राज ... हुर्रीईई अदिति में गेम जीत गया ...राज अपनी जीत का जश्न मना रहा था .. और अदिति को अपनी शर्त याद दिलाते हुए ..
राज ...चलो अदिति अपना वही रूप दिखाओ जिसे मेंने पहली बार देखा था और उस रूप ने मुझे दीवाना बना दिया था ...
अदिति.. नही राज तुमने चीटिन्ग की है..चाहे तो गेम फिर से खेल लो ...
राज ... ओो मेडम ज़्यादा भोली ना बनो..
ज़रा अपनी प्यार वाली खिड़की खोलकर दिखाओ..
अदिति...नही नही राज ये ठीक नही है अगर डॉली ने देख लिया तो ...
राज ... दीदी को कुछ पता नही चलेगा तुम खोलो...
अदिति के ना नुकुर ने राज को एक गाना गाने पर मजबूर कर दिया
राज....भोली भाली लड़की
खोल तेरे दिल की
प्यार वाली खिड़की
हो. हो. हो.
अदिति...... नहीं नहीं अभी नहीं अभी नही पिया
छेड़ो नही ऐसे मुझे डरता है जिया...
राज ...उपर ग़गन है नीचे तू है सजना
तेरा प्यार हक़ीक़त है या सपना
मैं प्रेमी हूँ तू दिलबर है
करले मोहब्बत यही तो उमर है
अदिति.... नहीं नहीं अभी नहीं अभी नही. पिया
छेड़ो नहीं ऐसे मुझे डरता है जिया
राज ...... भोली भाली लड़की
खोल तेरे दिल की
प्यार वाली खिड़की हो हो हो
अदिति ...नहीं नहीं अभी नहीं पिया
छेड़ो नही ऐसे मुझे डरता है जिया
राज .......झिलमिल रूप तेरा चमके है ऐसे
बरखा संग धूप खिली हो जैसे
हूँ झिलमिल रूप तेरा चमके है ऐसे
बरखा संग धूप खिली हो जैसे
मस्त पवान है तू खुसबू है
मेरा दिल मैं तू ही तू है
चोरी नहीं की है मैने प्यार तुझे किया
दिल मेरा लिया तूने दिल मुझे दिया
भोली भाली लड़की
खोल तेरे दिल की
प्यार वाली खिड़की
हो हो हो हो
अदिति ......नहीं नहीं अभी नहीं अभी नही पिया
छेड़ो नहीं ऐसे मुझे डरता है जिया
भोली भाली लड़की ऊऊओ .......
राज की बातो के आगे आख़िर अदिति झुक जाती है ......
अदिति...ठीक है मगर तुम दूर से खड़े होकर देखोगे ..मेरे बिल्कुल पास नही आओगे ....
अदिति की हा सुनकर तो जेसे राज की लॉटरी निकल गई हो ...
राज ... हा हा अदिति मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है.....
अदिति अपने शर्ट के बटन खोलने लगती है ...
राज अपने नज़रे गाड़े अदिति को शर्ट खोलते देख रहा था ....
जेसे ही अदिति अपनी शर्ट के बटन खोलकर
शर्ट को दोनो हाथो से अलग करती है . ...
राज की आँखो के सामने अदिति की अन्छुइ
32 साइज़ की गोल गोल बिल्कुल कच्चे आम जैसी चुचियाँ.. राज को छुने के लिए उकसा रही थी ....
राज का दिल कर रहा था. आगे बढ़कर अदिति के दोनो अधपक्के आमों को लपक कर अपनी मुट्ठी में भरकर मसल दूँ ...
मगर अदिति ने पहले ही राज से कह दिया था.
बस दूर से देखोगे पास नही आओगे ...
बस दूर से ही राज अदिति के दोनो कबूतरों
को निहार रहा था ...
अभी चद सेकेंड ही हुए थे राज को निहारते हुए हुए .. की अदिति ने वापस अपनी शर्ट के बटन फिर से लगाने शुरू कर दिए ...
राज चोकते हुए ...
राज ...ये क्या अदिति मेंने तो अभी ठीक से तुम्हारे रूप का दीदार भी नही किया ..
और तुमने अपनी खिड़की बंद कर ली ...
अदिति ...बस राज इससे ज़्यादा में अपनी खिड़की नही खोल सकती ...
राज ... क्यूँ नही खोल सकती...
अदिति राज को अपनी अदा से घायल करते हुए
अदिति.... अभी मेरा मूड नही है ...
राज ... उफफफ्फ़ तुम्हारी इस अदा पे मर जाऊं ..
अच्छा रात को दूध पिलाने तो आओगी ना ...
अदिति राज की बातो को अनसुना करते हुए
डॉली के पास किचिन में चली जाती है ....
------------
थोड़ी देर बाद डॉली लंच तैयार कर लेती है तीनो साथ मिलकर लंच करते है ...
और फिर यू ही तीनो का हँसते खेलते
मस्ती करते पूरा दिन गुजर जाता है ...
अदिति और डॉली रात को साथ सो जाते है ...
उधर राज अपने कमरे में लेटा सोच रहा था क्या अदिति उसको दूध पिलाने आएगी....
और शायद अदिति का भी मन भी राज को दूध पिलाना चाह रहा था इसी लिए अदिति
डॉली के पास लेटकर उसको गहरी नींद में
पहुचने का इंतज़ार कर रही थी ...
जेसे ही अदिति को लगता है डॉली अब गहरी नींद में सो चुकी है..
अदिति डॉली के बराबर से उठती हुई किचिन
में पहूँचकर एक ग्लास गरम दूध लेकर राज के रूम में पहुचती है ...
ये गरम दूध तो एक बहाना था
क्यूँ की इस वक़्त तो शायद अदिति राज को अपना ताज़ा दूध पिलाने आई थी ......
अदिति राज के रूम में आ चुकी थी ....
राज बॅड पर लेटा मोबाइल में कुछ देख रहा था ...
अदिति राज को दूध का ग्लास पकड़ाते हुए ..
अदिति.... नींद नही आ रही जो अभी तक जाग रहे हो मिस्टर.राज ....
राज अदिति की तरफ मुस्कुराते हुए..
राज ... हा अदिति बिना दूध पिए नींद ही नही आती .....
अदिति राज की तरफ मुस्कुराते हुए ...
अदिति... तो मना किसने किया है ये दूध तुम्हारे लिए ही तो है पी लो .....
राज को भी लगता है है अदिति कौन से दूध पिलाने की बात कर रही है ...
मगर राज को अदिति का दूध पीने की हिम्मत नही हो रही थी ..
क्यूँकी अभी तक अदिति ने बाते गोल गोल कही थी .....
अदिति से पूरी तरह खुलने के लिए राज को एक आइडिया आता है.....
और राज अदिति को अपने पास बैठने को बोलता है .....राज के एक बार कहने से ही अदिति फॉरन बैठ जाती है ...
राज ....अदिति तुम्हें एक जोक्स सुनाता हूँ ..
अदिति... हा सूनाओ राज केसा जोक्स है .. ...
अदिति राज के चेहरे को देखते हुए जोक्स
सुनने लगती है ...
राज ... सन्ता बन्ता के घर जाता है ...
उस दिन बन्ता घर पर अकेला था ..
बन्ता ....यार तेरी भाभी घर होती तो तुझे चाय बनाकर पिलाता ..
सन्ता ... साले कंजूसी की भी हद होती है दूध बाज़ार से ले आ ...
अदिति राज का जोक्स सुनकर खिलखिला कर हँसणे लगती है ..
अदिति को हँसते हुए देख राज का और होसला बढ़ने लगता है..
राज को लगता है मछली जाल में फसने लगी है....
राज ... केसा लगा जोक्स
अदिति.. बहुत ही नॉटी जोक्स था राज .. भाभी के दूध की चाय भी कोई बनाता है ...
हाहहहहाहा अदिति हँसणे लगती है ...
अदिति धीरे धीरे लाइन पर आ रही थी ...
और राज इसका फ़ायदा उठाते हुए अदिति से एक सवाल पूछता है ...
राज .. अच्छा मेरे एक सवाल का जवाब दे सकती हो ...
अदिति... क्या सवाल है
राज ... बिल्कुल सिंपल सा सवाल है ....
राज ... मसल मसल कर खड़ा करते है
थूक लगा कर घुसा देते है ....
सवाल सुनते ही अदिति बुरी तरह झेंप जाती है .....अदिति को लगता है राज लंड और चूत की बात कर रहा है ... ऐसे सवाल की अदिति को बिल्कुल उम्मीद नही थी ....
काफ़ी देर अदिति को खामोश देख राज पूछता है ....
राज ... क्या हुआ अदिति चुप क्यूँ हो इसका जवाब दो ....
अदिति... उफफफ्फ़ राज मुझे पता नही था तुम इतने गंदे सवाल भी पूछ सकते हो ...
राज ... ऐसा मेंने क्या पूछ लिया अदिति जो मेरे सवाल को इतना गंदा बोल रही हो ...
अदिति बिना कुछ बोले राज के पास से उठने लगती है...
राज फॉरन अदिति का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खिचता है ...
राज ... अदिति मेरा जवाब तो सुन लो ...
अदिति..... मुझे नही सुनना राज.. अब जाने दो
राज .. ऐसे कैसे जाने दूँ पहले मेरा जवाब तो सुन लो ...
मेंने क्या पूछा ...
मसल मसल का खड़ा किया
और थूक लगा कर घुसा दिया ...
अदिति को लगता है राज लंड चूत बोलने वाला है ..मगर जेसे ही राज ने जवाब दिया ...
इसका सिंपल सा जवाब है ....सुई धागा
अदिति ...ओह्ह्ह माइ गॉड ...ये तो इतना सिंपल सा सवाल था ...और में इतनी बुद्धू इसका कुछ और ही मतलब समझ बैठी ....
राज को लगता है अब थोड़ा सा आगे बढ़ा जा सकता है ..इसलिए राज अदिति को पकड़े हुए अपनी तरफ खीच लेता है ...
अदिति अपने आप को संभाल पाती उससे पहले राज के ऊपर आ गिरती है ..और अदिति के बूब्स राज के टॉपलेस जिस्म में दबने लगते है ...
आज पहली बार अदिति का जिस्म किसी मर्द की बाँहो में आया था ...और इस नये अहसास से
अदिति की आवाज़ में एक कामुकता सी आ गई थी
.... अदिति की बड़ी दबी सी आवाज़ निकलती है जो सिर्फ़ राज के कानो तक ही पहुच पाई थी ...
अदिति... छोड़ो मुझे राज कोई आ जायगा ..
अदिति राज से छोड़ने को तो कहती है .. मगर अदिति का मन आज ये सब करने को कर रहा था...
और इसीलिए अदिति बिल्कुल राज के ऊपर से उठ नही रही थी ..
अब राज अदिति के चेहरे पर अपना हाथ फेरते हुए अदिति के होंटो पर उंगलियाँ चलाने लगता है ...
राज काफ़ी देर अदिति के साथ ऐसे ही मस्ती किए जा रहा था ..
राज का यू मस्ती करना अदिति के जिस्म को उत्तेजित कर रहा था ...
राज जेसे ही अपने होंटो को अदिति के होंटो के बहुत करीब ले आता है ....
अदिति को लगता है राज उसके होंटो को किस करना चाहता है ..
अदिति के लिए ये अहसास बिल्कुल नया था....
रूम की लाइट्स भी ओंन थी जिसे ही राज अदिति के होंठ चूमने को होता है ..
अदिति फॉरन अपनी आँखे बंद कर लेती है ...
और आँखे बंद किए हुए राज के होंटो को अपने होंटो पर जुड़ने का इंतज़ार कर रही थी ...
मगर जेसे ही अदिति ने अपनी आँखे बंद करी..तो राज अपने होंटो को इतना करीब लाकर वही रुक गया था ...
जब काफ़ी देर राज ने अदिति के होंटो को किस नही किया ..
तो अदिति अपनी आँखे खोलकर देखती है ...
जेसे ही अदिति ने आँखे खोली राज ने अपने होंटो को अदिति के होंटो से जोड़ लिया ...
और बड़े प्यार से आहिस्ते आहिस्ते अदिति के होंटो को किस करने लगता है ...
अदिति का ये पहला किस था अदिति को शायद अच्छा भी लग रहा था..
मगर अदिति में झिझक अभी भी दिख रही थी ..राज को अदिति के साथ किस करना एक तरफ़ा लग रहा था..
जिससे राज को मज़ा नही आ रहा था
इसलिए राज उठकर रूम की लाइट ऑफ कर देता है ...
लाइट ऑफ करके राज फिर से अदिति के होंटो पर अपने होंठ रख देता है....
अंधेरा होते ही अदिति की सारी झिझक उतर जाती है ..और वो भी किस करते हुए राज का साथ देने लगती है ...
अब किस करने में राज को बड़ा मज़ा आने लगा था ..और राज के हाथ धीरे धीरे नीचे जाते हुए अदिति के उभारों पर आ जाते है ...
अदिति फॉरन राज का हाथ पकड़ लेती है ...
अदिति राज को रोकने के लिए हाथ तो पकड़ती है मगर अदिति का दिल तो इससे आगे तक जाने की सोचने लगा था ...
राज ... क्या मुझे ताज़ा दूध पीने को मिल सकता है अदिति...
अदिति.. किसी को पता चल गया तो
राज ... सब सो गये किसी को कुछ पता नही चलेगा अदिति...
राज को भी लगता है अदिति उपर ऊपर नखरे दिखा रही है ..अंदर से तो ऐसा लग रहा है ..
जेसे अदिति उसे इस वक़्त दूध क्या मलाई भी पिला सकती थी.. ये सोचकर ही राज कपड़ो के ऊपर से ही अदिति के उभारों को सहलाने लगता है ...
राज अदिति के साथ पहली बार में ही इतना आगे तक पहुच चुका था...
राज ... अदिति एक बात बता सकती हो...
अदिति... क्या
राज ... तुमने सुई धागे को क्या समझ लिया था उसका नाम बताओ ...
अदिति... नही राज में उसका नाम लेकर नही बता सकती .. मुझे नाम लेते हुए शरम आती है ...
राज ... उफफफ्फ़ तुम्हारी इस अदा पे मर जाऊं अदिति ... अच्छा नाम ना सही कोई क्लू ही दे कर बता दो ...
अदिति... सुई के लिए जो मेंने सोचा वो मेरे पास है ...
और धाग्गे का जो सोचा वो तुम्हारे पास है ...
राज समझ तो गया अदिति क्या कह रही है
मगर राज अदिति को पूरी तरह बेशरम बनाना चाह रहा था ..
राज ... अदिति ये भी कोई क्लू है ठीक से साइज़ बता कर क्लू दो मेरे पास धागा जेसा क्या है ..
अदिति... उफ़फ्फ़ राज तुम समझ चुके हो में किसकी बात कर रही हूँ ...
राज .. नही अदिति सच में मेरी कुछ समझ में नही आ रहा बताओ ना ये धागा देखने में केसा लगता है ...
अदिति अबकी बार बेशरम बनते हुए बोल ही देती है ...
अदिति... में धागे को वो समझ रही जो तुम्हारे पास बिल्कुल केले जेसा है ....
राज .... ओह्ह्ह माइ गॉड
राज अदिति का हाथ पकड़ते हुए नीचे ले जाकर लोवर में अपने खड़े लंड पर रखते हुए ....
राज ....अदिति तुम धागे को ये समझ बैठी थी शायद ...
जेसे ही अदिति के हाथ राज के लंड को छूते है...लंड का कडपन महसूस होते ही अदिति का पूरा जिस्म कांप जाता है ...
अदिति फॉरन अपना हाथ राज के लंड से खीच लेती है ...जेसे अदिति ने किसी अजगर को छू लिया हो ...
राज .... अदिति धागे का तो पता चल गया अब ज़रा सुई का भी बता दो .....
अदिति... तुम बहुत गंदे हो राज
राज ... तुम बहुत अच्छी हो अदिति इसलिए में गंदा हूँ...
अदिति...जाओ में नही बोलती तुमसे ...
अदिति की इस बात से राज 2 मिनिट के लिए
खामोश हो जाता है ...
मगर इस वक़्त राज का 2 मिनिट खामोश होना अदिति को बरसो जेसा लगता है ...
अदिति... क्या नाराज़ हो गये मुझसे
तुम जानना चाहते हो ना मेंने सुई को क्या समझा था ....
और अदिति राज का हाथ पकड़ अपनी चूत पर
रख देती है .. ये समझ रही थी में सुई को ...
अदिति का इतना खुलकर बताने से राज को अदिति पर बहुत ज़्यादा प्यार आ जाता है ...
राज ... ओह्ह्ह अदिति तुम जितनी खूबसूरत हो उतनी ही भोली...आई लाइक यू अदिति...
अदिति... आई लव यू ...मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए...
और राज अदिति के कपड़े उतारने लगता है
राज अदिति को पूरी तरह नंगा कर देता है
अदिति का नंगा जिस्म वाक़ई किसी अप्सरा जेसा लग रहा था ...
राज दीवानो की तरह अदिति की दोनो चुचियों से ताज़ा ताज़ा मीठा मीठा दूध पीने लगता है ....
अदिति पूरी तरह मस्त हो चुकी थी और इसी मस्ती में अदिति की सिसकारियाँ निकालने लगी थी ....
ऊऊऊऊहह उूुउउ आआहह सस्स्सीए
सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईई
राज लगातार अदिति का दूध पिए जा रहा था और अदिति की सिसकारियाँ भी धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी ....
राज दूध पीकर अदिति की मलाई चाटने नीचे की तरफ बढ़ने लगता है ...
अदिति की चूत पर एक बाल भी नही था
शायद अदिति ने आज ही अपनी चूत क्लीन शेव की थी ...
राज जेसे ही अपनी जीब से अदिति की चूत चाटने के लिए लगता है ...
अदिति को करेंट सा लगता है ..अदिति एक दम कई इंच उपर उठ जाती है ...
राज फिर से अदिति की चूत पर अपनी जीब
लगा देता है ....
इस बार अदिति के हाथ बॅड की चादर को पकड़ लेते है ..जेसे जेसे राज की जीब अदिति की चूत पर चल रही थी ...वैसे वैसे अदिति
बॅड पर मछली की तरह मचल रही थी ....
अदिति की चूत से लगातरार लिक्विड निकल रहा था और चूत इतनी गीली हो चुकी थी ....
इस वक़्त राज एक झटके में अपना पूरा लंड अदिति की चूत में घुसा सकता है ....
अदिति... उफफफफ्फ़ राज्ज्जज्ज्ज क्याआआआ कर दियाआआअ
तुममे प्लीज़ कुछ करो नही तो में मार जाऊंगिइिईईईई राज ...जल्दी कुछ करो प्लीज़....
अदिति पूरी गरम हो चुकी थी बस एक चोट मारनी बाकी थी ...
राज का दिल तो कर रहा था अभी अदिति से ऐसे ही प्यार करता रहे ...मगर अदिति की तड़प देखकर राज अपना लोवर उतार फेंकता है
...
और अदिति की टाँगों के बीच बैठते हुए अपने
खड़े लंड को अदिति की गीली चूत में
सेट करने लगता है ....
अदिति आँखे बंद किए दोनो हाथो को फैलाते हुए बॅड के किनारे पकड़ लेती है ...
जेसे अदिति को भी महसूस होने लगा था ..
अगले पल उससे बहुत दर्द होने वाला है ...
अंधेरा होने के कारण अदिति राज के खड़े लंड को देख नही पाई थी ...वरना हो सकता था ..अदिति इतनी जल्दी उसे अपनी चूत में लेने को तैयार ना होती ....
राज ... अदिति तुम रेडी हो
अदिति... हुउऊउउ
राज को अब वर्जिनिटी तोड़ने का एक्सपीरियेन्स हो चुका था ..इसलिए राज अदिति की चूत पर लंड सेट करते हुए नीचे झुककर अदिति के होंटो को अपने होंटो में लेते हुए ....
एक जबरदस्त धक्का मार देता है ...
राज को अब वर्जिनिटी तोड़ने का एक्सपीरियेन्स हो चुका था ..इसलिए राज अदिति की चूत पर लंड सेट करते हुए नीचे झुककर अदिति के होंटो को अपने होंटो में लेते हुए ....
एक जबरदस्त धक्का मार देता है ...
लंड अदिति की चूत को चीरता हुआ अंदर तक घुसता चला जाता है ...
अदिति की दर्द भरी चीख निकल जाती है
जो राज के मूह में समाती चली जाती है ..
अगर राज ज़रा भी लापरवाही बरत देता तो अदिति की चीख ने आज पड़ोसियों को भी जगा दिया था ....
राज का आधा लंड अदिति की चूत में फसा हुआ था ..और अदिति दर्द से बिलबिलाती हुई राज से छूटना चाह रही थी ...
मगर राज के बलिश्ट जिस्म में अदिति का कोमल जिस्म कितना भी फड़फदा लेता..चूत नही सकता था ...
अदिति बेबस सी राज के नीचे..
दर्द से उसकी आँखो से आँसू निकलने लगे थे ...
राज चन्द सेकेंड रुकने के बाद फिर से अदिति की चूत में एक और धक्का मार देता है ... इस बार लंड चूत को शील तोड़ता हुए पूरा चूत में समा जाता है ...
अदिति तो जेसे इस धक्के में बेहोश ही हो गई थी ...
मगर राज जानता था अदिति का ये दर्द बस कुछ पल के लिए ही है ...राज धक्को की रफ़्तार बढ़ाते हुए दे दना दन लंड को अदिति की चूत में अंदर बाहर करने लगता है ...
धक्के मारते हुए राज को अभी थोड़ी ही देर हुई थी की राज को लगता है ..अदिति भी नीचे से मूव्मेंट करने लगी है ...
ये देखकर राज अदिति के मूह से अपना मूह हटा लेता है ....
अदिति...आअहह ऊऊहह राज तुमने तो मेरी जान ही निकाल दी ...अहह ऊहह तूमम्म्ममममम आअहह आअहह
राज और अदिति के धक्के अब बराबर चलने लगे थे ....
अदिति को पहली बार की चुदाई में ही राज ने
स्वर्ग की सैर करा दी थी ....
पहले अदिति का जिस्म अकड़ते हुए झड़ने लगता है और जेसे ही राज भी झड़ने के करीब पहुचता है जल्दी से अदिति की चूत से लंड बाहर निकाल अपना सारा वीर्य पेट पर उडल देता है ...
राज तृप्त होकर अदिति के ऊपर ही गिर जाता है ...अदिति भी आज कली से फूल बन चुकी थी ........
राज और अदिति दोनो यू ही नंगे जिस्म से लिपटे सो जाते है ...
सुबह 4 बजे अदिति उठकर डॉली के पास चली जाती है
राज आज भी अकेला ही कंपनी जाने को तैयार हो रहा था ...
डॉली... भाई में भी तैयार हो जाऊ ..
राज ... बस दो दिन रुक जाओ दीदी आज मुझे
कंपनी की तरफ से ऑर्डर लेने कोलकाता जाना है ...
डॉली... ओह्ह्ह भाई इसका मतलब आज रात तुम घर नही आओगे ..
राज .. हा दीदी आज तो वापस लौटना मुश्किल हो जायगा...
और राज तैयार होकर घर से निकल जाता है ...
डॉली को घर में रहकर खाली बैठना मुश्किल हो जाता है .. इसलिए डॉली कपड़े धोने लगती है ..
डॉली को अकेले कपड़े धोते देख अदिति..
अदिति ... डॉली में कुछ हेल्प करवाऊ ..
डॉली... अर्रे नही अदिति तू बैठ में धो लूँगी ..
मगर अदिति कहाँ मानने वाली थी ..कपड़े धोने में डॉली के साथ लग जाती है ...
थोड़ी देर में सुषमा भी किचिन का काम निपटा कर बाहर आती है ...
तो देखती है डॉली और अदिति कपड़े धो रही है ...
सुषमा... अर्रे बेटा तुम क्यूँ कपड़े धोने लगी में धो लूँगी.. और डॉली वैसे भी अभी अभी तो तेरी तबीयत ठीक हुई है ...
डॉली... नही मम्मी अब तो में बिल्कुल ठीक हूँ ..और फिर मुझसे खाली नही बैठा जाता .... .....
डॉली के साथ अदिति भी कपड़े धो रही थी
सुषमा को बिल्कुल अच्छा सा नही लग रहा था ....
सुषमा अदिति से पूछती है ...
सुषमा.. अदिति बेटा तू भी लग गई कपड़े धोने..तेरा मन तो लग रहा है ना ...
अदिति बड़े खुश दिली अंदाज़ में बुआ को जवाब देती है ...
अदिति... जी बुआ मेरा तो यहाँ बहुत मन लग रहा है.. सब कितना प्यार करते है ..
( और सबसे ज़्यादा प्यार अदिति को राज से मिला था )
सुषमा को फिर भी लगता है अदिति जब से आई है ..कही घूमने भी नही गई ....
सुषमा... डॉली बेटा अदिति जब से यहाँ आई है घर ही घर में है. कही घूमने भी नही गई.. बेटा अदिति को कही घुमा लाओ.
कपड़े तो में धो देती हूँ ....
और सुषमा दोनो को हटाकर खुद कपड़े धोने लगती है ..
डॉली का कही जाने का मन तो नही था.
मगर अदिति की वजह से डॉली जाने को तैयार हो जाती है.
डॉली... ...चलो अदिति तुम्हे आज नोएडा की सेर कराती हूँ ...
अदिति डॉली की तरफ देखकर बस मुस्कुरा देती है..
अदिति को मुस्कुराते देखकर सुषमा
का चेहरा भी खिल जाता है ...
अदिति और डॉली तैयार होकर घूमने निकल जाती है ...
डॉली अदिति को सबसे पहले फिल्म सिटी दिखाती है ..
अदिति को वहाँ पर बड़ा अच्छा लगता है ..
उसके बाद डॉली उसे पवर् माल में घूमती है...
घूमते घूमते दोनो को 2 बज चुके थे..
डॉली.. यार मुझे तो जोरो की भूक लगने लगी.. पहले कुछ खाते है ..
और डॉली अदिति को लेकर मक्डोनाल्ड पहुचती है.. बर्गर खाते हुए डॉली अदिति से पूछती है ...
डॉली... अदिति केसा लगा हमारा नोएडा सिटी
अदिति... डॉली सच में बहुत मज़ा आ रहा है ....
डॉली... अदिति कोई मूवी देखनी है ...
अदिति... चलो मूवी भी देख लेते है ...
बर्गर आइसक्रीम खाने के बाद डॉली अदिति को मूवी दिखाने थियेटर में ले जाती है ...
अदिति को जितना मज़ा घूमने में आज आया
शायद ही कभी आया हो ....
अब तो अदिति का बुआ के यहाँ से जाने का बिल्कुल मन नही कर रहा था ...
घर पहुचने में दोनो को काफ़ी रात हो चुकी थी..
खाना खाकर दोनो रूम में जाकर लेट जाती है ....
डॉली लेटते ही सो जाती है ..मगर अदिति को
नींद नही आ रही थी..
कल रात की चुदाई का असर अदिति की चूत पर पड़ने लगा था.. जिससे अदिति को अपनी चूत में बहुत खुजली होने लगती है ..
जेसे ही अदिति अपनी चूत को खुजाने के लिए उंगली करती है.. उससे बड़ा सकूँ मिलता है ...बस फिर क्या था अदिति बार बार अपने हाथ को अपनी चूत पर चलाती चली जा रही थी ...
अदिति की चूत फिर से लंड लेना चाह रही थी
मगर क्या करे इस वक़्त राज घर पर नही था.. काफ़ी देर उंगली करते हुए आख़िर अदिति
शांत हो जाती है.. फारिग होने के बाद कही जाकर अदिति को नींद आती है ....
अदिति अपनी आँखो में चुदाई के सपने लिए सो जाती है ....
अगले दिन राज भी कोलकाता से लौट आता है
अदिति को लगता है..शायद आज की रात फिर से राज के साथ ...
अदिति राज से दोबारा चुदने के सपने ही देख रही थी की ......
अदिति की मम्मी सविता का फोन आ जाता है ...
सविता... अदिति बेटा तेरे लिए एक खूसखबरी है ..
अदिति...क्या खुशख़बरी है मम्मी ...
सविता.. अदिति बेटा लगता है तेरा टीचर बनने का सपना पूरा हो गया ..
इंटरव्यू के लिए तेरे लिए लेटर आया है ...
अदिति ये खबर सुनते ही खुशी से पागल हो जाती है .. और खुशी से चिल्ला पड़ती है .. य्य्ाआहीस्स्स्स्सस्स
ये खबर सुनते ही जेसे अदिति ने सारा जहाँ पा लिया हो.. अदिति का टीचर बनने इस यही एक सपना था जो अब पूरा होने वाला था ...
घर में सभी अदिति की खुशी देखकर..
अदिति को बधाई देते है ....
सुषमा डॉली पंकज राज ..सभी मिलकर
अदिति को बधाई देते है ... कंग्रॅजुलेशन्स अदिति...
अदिति खुशी में उछलती हुई डॉली के गले लग जाती है ...
अदिति की आँखो से खुशी के आँसू
छलक जाते है..
ऊपर वाला एक के बाद एक अदिति को खुशियाँ दे रहा था....
अदिति... बुआ मुझे आज ही जयपुर जाना पड़ेगा ....
सुषमा... ठीक है अदिति बेटा ..
सुषमा राज से कहती है ...
सुषमा...राज अदिति के लिए कोई टॅक्सी बुक करा दो ...
पंकज...तुम भी केसी बात करती हो सुषमा
इतनी दूर क्या अदिति अकेली जायगी...
अदिति... कोई बात नही में चली जाउन्गी ...
तभी राज बीच में बोलता है..
राज ... मम्मी एक काम करता हूँ में कंपनी की गाड़ी ले आता हूँ उसमें अदिति को अपने साथ छोड़ आउन्गा ...
सुषमा और पंकज...हा बेटा ये ठीक रहेगा ...
राज तो कुछ और ही सोच रहा था इतने लंबे सफ़र पे अदिति के साथ अकेले ..
सोचकर ही राज को मज़ा आ रहा था .. ...
राज यही सोचकर खुशी खुशी घर से कंपनी पहूँचकर नेहा की गाड़ी ले आता है ...
मगर घर आकर जो राज ने देखा उसे देखकर राज के सारे सपने पल भर में मिट्टी में मिल गये ...
क्या क्या सपने बुन लिए थे राज ने अदिति के साथ ..
जेसे हम आपके है कौन मूवी
में सलमान मधुरी को छोड़ने उसके घर जाता है..
सारे सपने एक पल में टूट गये जब राज ने देखा अदिति के साथ दरवाज़े पर उसकी मम्मी सुषमा भी जाने को तैयार खड़ी है ....
सुषमा को लगा एक रात तो मिल सकती है
अपने भाई अजय के साथ सोने को ..
इसलिए राज के आने से पहले तैयार हो गई ...
बेचारा राज बिन कुछ कहे अदिति और अपनी मम्मी
को लेकर चल पड़ा जयपुर ...
मम्मी के साथ होते हुए राज रास्ते में कही रुक ही नही रहा था राज 100 की स्पीड से गाड़ी चला रहा था ...
सुषमा... बेटा आगे किसी होटल पर गाड़ी रोकना मुझे सू सू करना है ...
राज ... जी मम्मी...
राज आगे चल कर एक होटल पर गाड़ी रोकता है ...
जेसे ही सुषमा टाय्लेट जाती है ...
राज .. अदिति मेंने सोचा था आज तुम्हारे साथ अकेला आउन्गा....
अदिति... में भी कुछ ऐसा ही सोच रही थी राज
मगर पता नही बुआ को अचानक क्या हुआ..
साथ चलने को तैयार हो गई ...
राज .. आज तो मम्मी ने सारा मज़ा किरकिरा कर दिया ..
अदिति.. कोई बात नही राज आज की रात में तुमको ऐसा मज़ा दूँगी सारी उमर याद करोगे ...
राज ... अगर किसी को पता चल गया तो ..
अदिति.. कुछ पता नही चलेगा राज ..
रात को 12 बजे छत पर मिलना तब तक सब सो चुके होंगे ...
तभी सुषमा सू सू करके आ जाती है ...
और राज फिर से गाड़ी चलाने लगता है ...
कुछ ही घंटो में राज जयपुर पहुच जाता है ...