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विकास ने सूटकैस खोला…उसमे से एक नक्शा निकाला-नक्शा इसी शहर यानी मजलिस्तान की राजधानी का था…पाच' मिनट तक वह ध्यानपूर्वक नक्शे का अध्ययन. करता रहा…फिर तह करके उसे सूटकैस में रखा…नजरें उस रास्ते पर दौडाई जहा से कार गुजर रही I .
यह सडक सुनसान थी…कोई इक्का-दुक्का वाहन ही गुजर रहा था ।
अचानक ही बडे प्यार से उसने अपने कोट की जैब से रिवॉल्बर निकालकर ड्राइवर की कनपटी पर रखा और बहुत ही सामान्य स्वर में बोला-“गाड्री रोक दो ।"
" ज. . .जी I” ड्राईवर कै होश फाख्ता l
इस बार कुछ कठोर स्वर-" गाडी रोक दो।"
. ड्राइवर के पैर खुद व खुद ही बेकों. पर जा पडे…चरमराती हुई कार कुछ दूर तक फिसली, और फिर जाम हो गर्ह-ड्राईवर. कै चेहरे पर हवाइयां उड रही थीं-कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसके…जिस वक्त वह जीभ से अपने शुष्क हो गए होंठों. को तर करने की असफ़ल कोशिश कर रहा था, उस वक्त. विकास ने पूछा-"शहर कै चप्पे-चप्पे पर सैनिक क्यों तैनात हैं?"
थूक सटककर वह सिर्फ इतना. ही कह सका…“ज . .जी ।”
"जवाब दो वरना गोली मार दूगा ।”
”ज. . ,जी-वो बलबइयों की कार्यवाई रोकने कै लिए I”
विकास ने तुरन्त ही दुसरा सवाल दाग दिया---"क्या बलवाई इत्तने ज्यादा सक्रिय हैं? "
"ज. .जी हा--- रक्त तिलक ने यहा तहलका मचा रखा है I"
"रक्त तिलक?"
"ज. .जी हां…वलवाइयों ने अपने दल का यही नाम रखा है । रक्त तिलक तभी से सक्रिय है, जबसे सैनिक क्रान्ति के बाद जनरल इबलीस राष्ट्रपति वने हैं-इस कम्बख्त रक्त तिलक ने सारे शहर में हंगामा-सा मचा रखा है।"
"कैसा हंगामा?"
"मिस्टर विकास ......!" एकाएक ही कार मे एक गुर्राहटदार आबाज गूंजी---- 'प्लीज आप ड्राइवर से कोई सवाल न कर्रे-शष्ट्रपति' भवन मेँ आपके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा ।
कार की छत में लगी एक जाली की तरफ देखते हुए विकास ने पूछा---- "हू आर यू ? "
"प्रेजिडेण्ट इबलीस ॥ जाली से आवाज निकली ॥
“थैक्यू ॥" लडके ने हल्की सी मुस्कान के साथ कहा… " आपको बोलने कै लिए मजबूर करने के लिए ही मैने ड्राइवर से ऐसा व्यवहार . किया था I”
" हम समझे नहीँ l"
. "सीट पर बैठते ही मेरी नज़र इस जाली पर पड गई थी और. यह समझने मे भी मुझे किसी तरह की कोई दिरक्त नहीं हुई कि इसमे माइक्रोफोन फिक्स है-प्रश्न सिर्फ यह जाबनने का था कि इसके जरिए मुझ पर आप. नज़र रख रहे हैं या रक्त तिलक वाले-सो जान चुका हू !"
"वेरी गुड ॥" इबलीस की आवाज-"आपने हमेँ आते ही प्रभावित किया मिस्टर बिकास-यकीनन आपकी नजर तेज है और हम दावे के साथ वह सकते हैं कि आप अपने अभियान मे कामयाब होकर लौटेगे!"
" थेंक्यू लेकिन ...!"
“कहिए" ”
"मैंने यह भी महसूस किया है कि आपके अलावा भी मुझ पर कुछ लोग नजर रखे हुए हैं !"
. "ओह-वे जरूर रक्त तिलक वाले रहे होंगे…आप फिक्र न करे~हम अभी वायरलेस के जरिए सैनिक जीपो क्रो आपके पास भेजते हैं…वे अपने पहरे में आपको सुरक्षित राष्ट्रपति भवन पहुचा देंगे ।"
"उसकी जरूरत ऩही है !"
चौंका हुआ स्वर-“क्या मतलब.?"
"मैँ कुछ करने का मौका देना चाहता हू…-देखना' चाहता हू कि वे क्या करना चाहते हैं !"
"अजीब आदमी हैं आप…आपको खत्म करने की कोशिश के अलावा और वे क्या कर सकते हैं?"
" इसीलिए चाहता हूं किं इस ड्राझ्वर को गाडी से यही उतार दिया जाए।।"
"ज..... .जी I.”
"जी ह्म । " डबल एक्स फाइव धीरे से हसा… "यह बेगुनाह वेचारा मेरे साथ क्यों मरे! "
" म मगर-हम समझे नही-आखिर आप चाहते क्या हैं? ”
"सिर्फ यह कि ड्राइवर को आप यही उतरने का हुक्म दें…गाडी ड्राइव करता हुआ मैं खुद राष्ट्रपति भवन पहुचूगा । यहा से सिर्फ बीस मिनट का रास्ता है यदि रास्ते मे कोई छोटी मोटी गडबड हुई भी तो उससे निपटकर मैँ ज्यादा-से-ज्यादा तीस मिनट मेँ आपके पास पहुच जाऊगा!"
" अजीब आदमी हैं आप…देख रहे हैं कि खतरा है…फिर भी ।"
"मैं यहा खतरों से टकराने के लिए ही आया हू ॥” विकास का स्वर थोडा सख्त हो गया--!उनसे कन्नी काटकर बच निक्लने के लिए नहीं और काम के समय आजादी मुझें सबसे ज्यादा प्रिय है l"
"जैसी आपकी इच्छा ।" विवश-सा स्वर ।
♣★♣★♣
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इबलिस के आदेश पर ड्राइवर गाडी. से बाहर निकला और पैदल ही उस तरफ़ रवाना हो गया, जिधर से गाडी आती थी-हां जाते वक्त उसने अजीब-सी नजरों से विकास को देखा जरूर था…कदाचित वह यह सोच रहा था कि यह लडका किस्री-न-किसी स्तर पर थोडा-बहुत क्रैक है ।
जब उसने बिकास की तरफ देखा था तो जाने क्यों विकास को विजय की याद आ गई और फिर ठीक विजय जेसे अन्दाज में ही उसने सारे जहां की मूर्खता को अपने चेहरे पर प्रक्ट करके आख मार दी ।
उसकी इस हरकत पर तो ड्राइवर बौखला ही गया ।
बिना कुछ कहे तेजी से चला गया वह-शायद सोच रहा था कि भारत से आया यह लडका सिर्फ क्रैक नहीं बल्कि पूरा पागल है । उसने यह भी सोचा था कि यह पागल आखिर यहा आया क्यो है?
विकास उसे तब तक देखता रहा जब तक कि एक मोड पर वह गुम न हो गया ।
फिर-गाडी से बाहर निकला…सतर्क दृष्टि से चारों तरफ देखा उसके बाद गाडी को चैक करने, लगा-चप्पे चप्पे की तलाशी ले रहा था वह-जैसे कुछ तलाश कर रहा हो ।
. पाच मिनट में उसने सारी कार की तलाशी ले डाली…कही कुछ नहीं मिला-अगला दरवाजा खोलकर कार के अन्दर आया…जेब से रिवाॅल्बर निकालकर बेहिचक गोली छत की जाली मे मार दी ।
यह सडक सुनसान थी…कोई इक्का-दुक्का वाहन ही गुजर रहा था ।
अचानक ही बडे प्यार से उसने अपने कोट की जैब से रिवॉल्बर निकालकर ड्राइवर की कनपटी पर रखा और बहुत ही सामान्य स्वर में बोला-“गाड्री रोक दो ।"
" ज. . .जी I” ड्राईवर कै होश फाख्ता l
इस बार कुछ कठोर स्वर-" गाडी रोक दो।"
. ड्राइवर के पैर खुद व खुद ही बेकों. पर जा पडे…चरमराती हुई कार कुछ दूर तक फिसली, और फिर जाम हो गर्ह-ड्राईवर. कै चेहरे पर हवाइयां उड रही थीं-कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसके…जिस वक्त वह जीभ से अपने शुष्क हो गए होंठों. को तर करने की असफ़ल कोशिश कर रहा था, उस वक्त. विकास ने पूछा-"शहर कै चप्पे-चप्पे पर सैनिक क्यों तैनात हैं?"
थूक सटककर वह सिर्फ इतना. ही कह सका…“ज . .जी ।”
"जवाब दो वरना गोली मार दूगा ।”
”ज. . ,जी-वो बलबइयों की कार्यवाई रोकने कै लिए I”
विकास ने तुरन्त ही दुसरा सवाल दाग दिया---"क्या बलवाई इत्तने ज्यादा सक्रिय हैं? "
"ज. .जी हा--- रक्त तिलक ने यहा तहलका मचा रखा है I"
"रक्त तिलक?"
"ज. .जी हां…वलवाइयों ने अपने दल का यही नाम रखा है । रक्त तिलक तभी से सक्रिय है, जबसे सैनिक क्रान्ति के बाद जनरल इबलीस राष्ट्रपति वने हैं-इस कम्बख्त रक्त तिलक ने सारे शहर में हंगामा-सा मचा रखा है।"
"कैसा हंगामा?"
"मिस्टर विकास ......!" एकाएक ही कार मे एक गुर्राहटदार आबाज गूंजी---- 'प्लीज आप ड्राइवर से कोई सवाल न कर्रे-शष्ट्रपति' भवन मेँ आपके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा ।
कार की छत में लगी एक जाली की तरफ देखते हुए विकास ने पूछा---- "हू आर यू ? "
"प्रेजिडेण्ट इबलीस ॥ जाली से आवाज निकली ॥
“थैक्यू ॥" लडके ने हल्की सी मुस्कान के साथ कहा… " आपको बोलने कै लिए मजबूर करने के लिए ही मैने ड्राइवर से ऐसा व्यवहार . किया था I”
" हम समझे नहीँ l"
. "सीट पर बैठते ही मेरी नज़र इस जाली पर पड गई थी और. यह समझने मे भी मुझे किसी तरह की कोई दिरक्त नहीं हुई कि इसमे माइक्रोफोन फिक्स है-प्रश्न सिर्फ यह जाबनने का था कि इसके जरिए मुझ पर आप. नज़र रख रहे हैं या रक्त तिलक वाले-सो जान चुका हू !"
"वेरी गुड ॥" इबलीस की आवाज-"आपने हमेँ आते ही प्रभावित किया मिस्टर बिकास-यकीनन आपकी नजर तेज है और हम दावे के साथ वह सकते हैं कि आप अपने अभियान मे कामयाब होकर लौटेगे!"
" थेंक्यू लेकिन ...!"
“कहिए" ”
"मैंने यह भी महसूस किया है कि आपके अलावा भी मुझ पर कुछ लोग नजर रखे हुए हैं !"
. "ओह-वे जरूर रक्त तिलक वाले रहे होंगे…आप फिक्र न करे~हम अभी वायरलेस के जरिए सैनिक जीपो क्रो आपके पास भेजते हैं…वे अपने पहरे में आपको सुरक्षित राष्ट्रपति भवन पहुचा देंगे ।"
"उसकी जरूरत ऩही है !"
चौंका हुआ स्वर-“क्या मतलब.?"
"मैँ कुछ करने का मौका देना चाहता हू…-देखना' चाहता हू कि वे क्या करना चाहते हैं !"
"अजीब आदमी हैं आप…आपको खत्म करने की कोशिश के अलावा और वे क्या कर सकते हैं?"
" इसीलिए चाहता हूं किं इस ड्राझ्वर को गाडी से यही उतार दिया जाए।।"
"ज..... .जी I.”
"जी ह्म । " डबल एक्स फाइव धीरे से हसा… "यह बेगुनाह वेचारा मेरे साथ क्यों मरे! "
" म मगर-हम समझे नही-आखिर आप चाहते क्या हैं? ”
"सिर्फ यह कि ड्राइवर को आप यही उतरने का हुक्म दें…गाडी ड्राइव करता हुआ मैं खुद राष्ट्रपति भवन पहुचूगा । यहा से सिर्फ बीस मिनट का रास्ता है यदि रास्ते मे कोई छोटी मोटी गडबड हुई भी तो उससे निपटकर मैँ ज्यादा-से-ज्यादा तीस मिनट मेँ आपके पास पहुच जाऊगा!"
" अजीब आदमी हैं आप…देख रहे हैं कि खतरा है…फिर भी ।"
"मैं यहा खतरों से टकराने के लिए ही आया हू ॥” विकास का स्वर थोडा सख्त हो गया--!उनसे कन्नी काटकर बच निक्लने के लिए नहीं और काम के समय आजादी मुझें सबसे ज्यादा प्रिय है l"
"जैसी आपकी इच्छा ।" विवश-सा स्वर ।
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इबलिस के आदेश पर ड्राइवर गाडी. से बाहर निकला और पैदल ही उस तरफ़ रवाना हो गया, जिधर से गाडी आती थी-हां जाते वक्त उसने अजीब-सी नजरों से विकास को देखा जरूर था…कदाचित वह यह सोच रहा था कि यह लडका किस्री-न-किसी स्तर पर थोडा-बहुत क्रैक है ।
जब उसने बिकास की तरफ देखा था तो जाने क्यों विकास को विजय की याद आ गई और फिर ठीक विजय जेसे अन्दाज में ही उसने सारे जहां की मूर्खता को अपने चेहरे पर प्रक्ट करके आख मार दी ।
उसकी इस हरकत पर तो ड्राइवर बौखला ही गया ।
बिना कुछ कहे तेजी से चला गया वह-शायद सोच रहा था कि भारत से आया यह लडका सिर्फ क्रैक नहीं बल्कि पूरा पागल है । उसने यह भी सोचा था कि यह पागल आखिर यहा आया क्यो है?
विकास उसे तब तक देखता रहा जब तक कि एक मोड पर वह गुम न हो गया ।
फिर-गाडी से बाहर निकला…सतर्क दृष्टि से चारों तरफ देखा उसके बाद गाडी को चैक करने, लगा-चप्पे चप्पे की तलाशी ले रहा था वह-जैसे कुछ तलाश कर रहा हो ।
. पाच मिनट में उसने सारी कार की तलाशी ले डाली…कही कुछ नहीं मिला-अगला दरवाजा खोलकर कार के अन्दर आया…जेब से रिवाॅल्बर निकालकर बेहिचक गोली छत की जाली मे मार दी ।