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अजय ने गाड़ी चलाते हुए अपने जेब से रुमाल लिया और अपना गाल साफ करने लगा लेकिन लिपिस्टिक उसके मुंह में और ज्यादा फैल गई और सौंदर्या जोर जोर से ठहाके मार मार कर हंसने लगी और अजय को बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी। जितना ज्यादा वो रुमाल मुंह पर रगड़ता उतना ही ज्यादा उसका मुंह लाल होता जा रहा था। उसने अपनी दीदी की तरफ देखा और बोला:"
" दीदी क्यों मजे ले रही हो आप मेरे? प्लीज़ कर दो ना आप साफ मेरा मुंह।
सौंदर्या:" अच्छा बाबा लाओ, एक काम करो पहले कार को साइड में लगा लो।
अजय ने गाड़ी को साइड में किया और सौंदर्या ने अपने पर्स से रुमाल निकाला और और अपनी जीभ पर गीला किया और अजय ने बड़ी हैरानी से उसकी तरफ देखा और सौंदर्या ने अपने मुख रस से भीगे रुमाल को अजय के गाल पर रख दिया और उसके मुंह को साफ करने लगी। जैसे ही सौंदर्या की जीभ का रस उसे अपने गाल पर महसूस हुआ तो उसकी आंखे हल्की सी ज्यादा खुल गई और सौंदर्या अपनी जीभ से रुमाल को भिगो भिगो कर उसका मुंह साफ करने लगी।
सौंदर्या के मुख रस का हल्का गर्म सा एहसास उसे बेहद मस्त किए दिए जा रहा था और सौंदर्या अपनी पूरी जी जान से अपने भाई का मुंह साफ कर रही थी। रुमाल अजय के होंठो पर लग गया था जिससे उसके होंठ भी हल्के से लाल हो गए थे। सौंदर्या ने उसके उसके दोनो गाल साफ कर दिए और रुमाल पर्स में रखते हुए बोली:"
" देखो ना भाई, कुछ काम सिर्फ हम औरतें ही अच्छे कर सकती हैं, देख लो साफ कत दिया ना बिल्कुल तुम्हरा मुंह।
अजय ने अपना मुंह शीशे में देखा और अपने उसे होंठो पर लिपस्टिक लगी दिखाई दी लेकिन अपनी बहन से बोलने की उसकी हिम्मत नहीं हुई और उसकी तरफ मुंह करते हुए बोला:"
" हान दीदी मान गया मैं आपको। सच में आपने साफ कर दिया लेकिन लाल भी तो आपने ही किया था।
तभी सौंदर्या की नजर उसके होंठो पर पड़ी और बोली:"
" अरे रुको भाई, गाल तो साफ हो गए लेकिन आपके होंठो पर रुमाल से शायद लिपस्टिक लग गई है।
इससे पहले कि अजय कुछ बोलता वो अपना रुमाल निकाल चुकी थी और उसके होंठो पर टिका कर साफ करने लगी। अजय को काटो तो खून नहीं, उसे बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि उसकी बहन अपने मुंह रस से भीगा हुआ रुमाल उसके होंठ पर रख सकती हैं।
सौंदर्या:" उफ्फ ये तो साफ ही नहीं हो रहा है। लेकिन मेरा नाम भी सौंदर्या हैं। हार नहीं मानने वाली मैं भीं।
सौंदर्या ने अपने रुमाल को अजय के होंठो पर से हटाया और अपने मुंह में डालकर अच्छे से गीला किया और फिर से अजय के होंठो पर टिका दिया। रुमाल पूरी तरह से भीग गया था और अजय ने होंठो पर लगते ही सौंदर्या के होंठो और जीभ का रस उसके होंठो पर फैल गया और अजय का मुंह अपने आप ही खुलता चला गया और जैसे ही उसकी बहन का रस उसके मुंह में गया तो उसकी आंखे मस्ती से बंद हो गई। अजय ने अपने होंठो को रुमाल पर फेरना शुरू कर दिया और सौंदर्या उसके होंठो को साफ करती रही। अजय के मुंह में रुमाल घुस चुका था और वो मदहोश होकर उसे ऐसे चूस रहा था मानो लिप्स चूस रहा हो।
सौंदर्या को जैसे ही इसका एहसास हुआ कि उसका भाई मस्ती से आंखे बंद करके उसके रुमाल को चूस रहा है तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने एक झटके के साथ रुमाल को बाहर निकाला और अजय की आंखे खुल गई। दोनो ने एक बार एक दूसरे की आंखो में झांका और दोनो के मुंह शर्म से लाल होकर झुक गए।
" दीदी क्यों मजे ले रही हो आप मेरे? प्लीज़ कर दो ना आप साफ मेरा मुंह।
सौंदर्या:" अच्छा बाबा लाओ, एक काम करो पहले कार को साइड में लगा लो।
अजय ने गाड़ी को साइड में किया और सौंदर्या ने अपने पर्स से रुमाल निकाला और और अपनी जीभ पर गीला किया और अजय ने बड़ी हैरानी से उसकी तरफ देखा और सौंदर्या ने अपने मुख रस से भीगे रुमाल को अजय के गाल पर रख दिया और उसके मुंह को साफ करने लगी। जैसे ही सौंदर्या की जीभ का रस उसे अपने गाल पर महसूस हुआ तो उसकी आंखे हल्की सी ज्यादा खुल गई और सौंदर्या अपनी जीभ से रुमाल को भिगो भिगो कर उसका मुंह साफ करने लगी।
सौंदर्या के मुख रस का हल्का गर्म सा एहसास उसे बेहद मस्त किए दिए जा रहा था और सौंदर्या अपनी पूरी जी जान से अपने भाई का मुंह साफ कर रही थी। रुमाल अजय के होंठो पर लग गया था जिससे उसके होंठ भी हल्के से लाल हो गए थे। सौंदर्या ने उसके उसके दोनो गाल साफ कर दिए और रुमाल पर्स में रखते हुए बोली:"
" देखो ना भाई, कुछ काम सिर्फ हम औरतें ही अच्छे कर सकती हैं, देख लो साफ कत दिया ना बिल्कुल तुम्हरा मुंह।
अजय ने अपना मुंह शीशे में देखा और अपने उसे होंठो पर लिपस्टिक लगी दिखाई दी लेकिन अपनी बहन से बोलने की उसकी हिम्मत नहीं हुई और उसकी तरफ मुंह करते हुए बोला:"
" हान दीदी मान गया मैं आपको। सच में आपने साफ कर दिया लेकिन लाल भी तो आपने ही किया था।
तभी सौंदर्या की नजर उसके होंठो पर पड़ी और बोली:"
" अरे रुको भाई, गाल तो साफ हो गए लेकिन आपके होंठो पर रुमाल से शायद लिपस्टिक लग गई है।
इससे पहले कि अजय कुछ बोलता वो अपना रुमाल निकाल चुकी थी और उसके होंठो पर टिका कर साफ करने लगी। अजय को काटो तो खून नहीं, उसे बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि उसकी बहन अपने मुंह रस से भीगा हुआ रुमाल उसके होंठ पर रख सकती हैं।
सौंदर्या:" उफ्फ ये तो साफ ही नहीं हो रहा है। लेकिन मेरा नाम भी सौंदर्या हैं। हार नहीं मानने वाली मैं भीं।
सौंदर्या ने अपने रुमाल को अजय के होंठो पर से हटाया और अपने मुंह में डालकर अच्छे से गीला किया और फिर से अजय के होंठो पर टिका दिया। रुमाल पूरी तरह से भीग गया था और अजय ने होंठो पर लगते ही सौंदर्या के होंठो और जीभ का रस उसके होंठो पर फैल गया और अजय का मुंह अपने आप ही खुलता चला गया और जैसे ही उसकी बहन का रस उसके मुंह में गया तो उसकी आंखे मस्ती से बंद हो गई। अजय ने अपने होंठो को रुमाल पर फेरना शुरू कर दिया और सौंदर्या उसके होंठो को साफ करती रही। अजय के मुंह में रुमाल घुस चुका था और वो मदहोश होकर उसे ऐसे चूस रहा था मानो लिप्स चूस रहा हो।
सौंदर्या को जैसे ही इसका एहसास हुआ कि उसका भाई मस्ती से आंखे बंद करके उसके रुमाल को चूस रहा है तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने एक झटके के साथ रुमाल को बाहर निकाला और अजय की आंखे खुल गई। दोनो ने एक बार एक दूसरे की आंखो में झांका और दोनो के मुंह शर्म से लाल होकर झुक गए।