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कई पल यूंही गुजर गये ।
" याद आया रीमा जी ।" एकएक क्लाइव की आंखें चमक उठी…"इस बारे में हमें एक आदमी बता सकता है ।"
"वो कौन है? मेरा लहजा उत्सुकता से भर उठा ।
" हिलकाक !"
' "ये हिलकाक कौन है?"
"वो सेना का एक कैप्टन है ।" 'ये' बात तुम दावे से कह रहे हो कि उसे मालूम होगा ?"
"वित्कूल दावे से कह रहा हूं।”
" 'फिर तो हमारी प्रॉब्लम सॉल्व हो गई, लेकिन ये हिलकाक साहब पाये कहां जाते हैं?"
"सुनने में आया है कि हिलकाक की हर शाम रोबिन स्टार नाईट क्लब में गुजरती है ।" वह एक जाहिल मिजाज फौजी है । औरत हिलकाक की सबसे बडी कमजोरी है, अगर किसी औरत पर उसका दिल आजाये तो वह उसे हासिल करके रहता हैं।"
मैं मन-हीं-मन मुस्कुराई ।
मेरा काम वन गया था । मैं आसानी से हिलकाक को अपने कब्जे में कर सकती थी । मेरे पास खूबसूरती का वो हथियार था, जिससे आज तक कोई नहीं वच सका, फिर वो पट्ठा.क्या बचता ?
"अब मुझे हिलकाक का मुंह खुलवाना होगा क्लाइव ।" एकाएक मेरा लहजा कठोर हो उठा ।
"मगर उस हरामजादे का मुंह खुलबाना आसान नहीं होगा मैडम । मैंने ये भी सुना है कि वह बड़ा ही खतरनाक और चालाक किस्म का इन्सान है ।"
"भले ही वह कितना भी चालाक और खतरनाक किस्म का इन्सान क्यों न हो । उसका मुंह खुलवाने की जिम्मेदारी मेरी रही । अब तक मैं ऐसे न जाने कितने लोगों के मुँह खुलवा चुकी हूं। मुझे ये बताओ कि तुमने कभी हिलकाक को देखा है?"
"नहीं ।" उसने जवाब दिया…"मैँने सिर्फ उसका नाम सुना है, लेकिन आप मुझसे ये क्यों पूछ रही हैं?"
"इसलिये पूछ रही हूं कि मैं उसे पहचानूगी कैसे? उसका हुलिया तो मुझे मालूम होना ही चाहिये ।"
"इस समस्या का समाधान तो आप ही को निकालना होगा ।"
"खेर । मैं ही क्रोई-न कोई समाधान निकालूंगी ।"
"अब आपका क्या प्रोग्राम है?" .
"मैं आज शाम ही क्लब में पहुंचकर हिलकाक से मिलकर डगलस के बारे में जानकारी हासिल करूंगी ।"
"आज आपको आराम करना चाहिये । मेरे ख्याल से आप कल शाम क्लब जाये तो बेहतर होगा ।"
"ऐसे कामों में देरी नहीं करनी चाहिये । इस वक्त डगलस की जिन्दगी का सवाल है, अगर मैंने देर की तो उसकी जिन्दगी खतरे में पड़ सकती है ।"
"ठीक है, लेकिन मैं आपको अकेली नहीं जाने दूंगा । मैं आपके साथ चलूँगा ।"
"अगर तुम मेरे साथ चलोगे तो सारा खेल बिगड जायेगा । तुम्हारा मेरे साथ चलना जरूरी नहीं है । वैसे तुम्हारी नॉलिज के लिये एक बात बता दूं कि मैं अपने मिशन में किसी दूसरे की दखलअंदाजी पसन्द नहीं करती । मैं अपने मिशन पर अकेली ही काम करती हूँ । मैंने बड़े-बड़े माफिया डॉन, अण्डरवर्ल्ड किंग, जुर्म की दुनिया के महन्त, खतरनाक कहे जाने वाले दादों को शिकस्त ही है । वो आर्मी आफिसर तो किस खेत की मूली है?"
"लेकिन आपको हद से ज्यादा सावधान रहना होगा । क्योंकि आप सेना के चंगुल से निकलकर भागी हैं । मुझे उम्मीद है कि सैनिक अभी भी अपको शिकारी कुतों की तरह तलाश करते घूम रहे होगे, अगर आप कहें तो मैं आपको शहर के हालातों की जानकारी हासिल
करके दे सकता हू।"
मुझे क्लाइव ठीक कहता लगा ।
कम-से-कम मुझे इस बारे में जानकारी तो होनी ही चाहिये कि सेना मेरे खिलाफ़ क्या कर रही हे?
" ठीक है । तुम शहर के हालातों के बारे में मालूम करवाओ ।"
"मेलेट !" क्लाइव करीब खड़े अपने दोनों आदमियों में से एक को सम्बोधित करके बोला ।
"यस सर ।" मैलेट सतर्क नजर आया ।
"शहर के हालात की मुकम्मल जानकारी लेकर आओं ।" क्लाइव ने आदेश दिया-" और मुझे शाम से पहले रिपोर्ट चाहिये ।"
" यस सर ।" कहने के साथ ही मैलेट दरवाजे की तरफ घूम गया ।
"एक बात बताओ क्लाइव ।" मैंने कहा ।
"कहिये ।"
"तुम्हारी इस जगह पर मैं सुरक्षित तो हूं।"
"आप यहां एकदम सुरक्षित रीमा जी । इसे जगह के बारे में चन्द लोगै के अलावा और किसी को मालूम नहीं है और जिनको मालूम है । वे सभी मेरे विश्वासपात्र-भी हैं । दुश्मनों को तो सपने में भी गुमान नहीं होगा कि ये जगह सर एडलॉफ के समर्थकों की है । मेरी निगाह में तो इससे सुरक्षित जगह दूसरी हो ही नहीं सकती ।"
"एक बात और ।"
"कहिये ?"
"बाई-द-वे अगर कोई खतरा आ जाये तो उससे निबटने के तुमने यहां कुछ इन्तजाम किये हुए हैं?"
"मैंने आने वाले किसी भी खतरे से निबटने के लिये मुकम्मल इंतजाम किए हुए है ।" वह बोला ---"आपको फिक्र करने की जरूरत नही !"
"फिक्र करनी पड़ती है मिस्टर क्लाइव । तुम लोगों ने मडलैण्ड की गद्दी पर आसीन उस कठपुतले राष्ट्रपति का तख्ता पलटने का बीडा उठाया है । एक तरह से बगावत का बिगुल बजा दिया है और ये जंग तुम्हारे चन्द आदमियों और रिवाल्चरों के बल पर तो नहीं जीती जा सकतीं ।"
"मैं आपकी बात कबूल करता हू रीमा जी । लेकिन मैं आपको बता चुका हू कि मैंने इस जंग को लड़ने का पूरा इन्तजाम किया हुआ ।"
"लेकिन मुझे तो यहां कोई इन्तजाम नजर नहीं आ रहां है ।"
"_मैं आपको दिखाता हू।" वह कुर्सी छोड़ता हुआ बोला ।
कहने के साथ ही उसने अपनी जेब से रिमोट निकालकर एक बटन दबा दिया ।
अगले क्षण ।
सामने वाली दीवार सरसराती हुई एक तरफ़ हट गई । वहां काफी बहा रिक्त स्थान नजर आने लगा था ।
"आप मेरे साथ आइये।" वह उस रित्त स्थान की तरफ बड़ता हुआ बोला--"आपको यहाँ के इन्तजाम दिखाता हू।"
मैं कुर्सी छोड़कर क्लाइव के पीछे चल पडी ।
हम स्थान के करीब पहुंचे । वहा हल्का उजाला फैला हुआ था और उस उजाले में सीढियां नजर आ रही थी, जो नीचे तक चली गई थीं ।
हम सीढियां उतरकर नीचे पहुंचे ।
नीचे कदम रखते ही मैं ठिठक-सी गई ।
वो एक लम्बा चौड़ा तहखाना था । उसमें आधे दर्जन के आसपास टूयूबलाईटें जगमगा रही थीं । उसकी दायी तरफ वाली दीवार में हवा जाने के लिये लोहे की जाली वाले रोशनदान लगे हुए थे । तहखाने की दायी दीवार के नीचे फर्श पर आधुनिक हथियारों का ढेर लगा हुआ था । एक जगह गत्ते को काटने का ढेर लगा हुआ था । उसे देखकर मैंने अनुमान लगा लिया कि उनमें हैण्ड ग्रेनेड इत्यादि हो सकते हैं । एक कोने में बच्चों के खिलौनों की तरह रिवाल्बरों का ढेर पड़ा था । इस वक्त तहखाने में तकरीबन तीन सौ के आसपास आदमी मौजूद थे, जो अजीब निगाहों से मुझे देख रहे थे ।
वे आदमी सर एडलॉफ के समर्थकों के अलावा और कोई नहीं हो सकते थे ।
" बाकई तुमने जंग लडने का मुकम्मल बन्दोबस्त किया हुआ है क्लाइव ।" मैंने कहा ।
"शहर में इसके अलावा हमारे ऐसै कई गुप्त टिकाने और भी हैं ।" बोला क्लाइव-""जहा इससे भी ज्यादा असलाह मौजूद है । हम लोगों ने जंग लड़ने की पूरी तैयारी की हुई है? बस हमें मुनासिब वक्त का इन्तजार है ।"
" वो मुनसिब वक्त जल्दी ही आयेगा ।"
"ये सभी लोग मेरे साथी हैं ।" क्लाइव ने वहा मौजूद उन आदमियों की तरफ संकेत क्रिया-"ये सभी जांबाज और हथियार चलाने मे निपुण हैं । ये सर एडलॉफ के लिये अपनी जान भी दे सकते है !"
"इस जंग में ऐसे ही आदर्मियों की जरूरत है ।"
"अब चलें?"
"चलो ।"
क्लाइव पलटकर सीढियों की तरफ बढ गया ।
हम सीढियां चढ़कर वापस उसी कमरे में पहुचे । …
क्लाइव ने उसी रिमोट कन्ट्रोलर का एक अन्य बटन दबाया ।
दूसरे क्षण दीवार सरसराती हुई अपनी जगह आ लगी । अब रिक्त स्थान बन्द हो चुका था । तभी मैलेट ने भीतर कदम रखा ।
"शहर के क्या हालात हैं मैलेट?" क्लाइव ने गोली की तरह सवाल दागा ।
"शहर के हालात तो खराब हैं ।" उसने बताया' । "इस वक्त पूरे शहर में सेना की जीपें दोड़ रही हैं । सैनिक सड़कों पर गश्त लगा रहे हैं । सैनिकों को इन्हीं मैडम की तलाश है । हर वाहन की तलाशी ली जा रही है । हर खूबसूरत युवती को रोककर उससे उसके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है और सबसे बुरी खबर तो ये है कि सर एडलॉंफ के एक-एक समर्थक को चुन-चुन कर जेल में बंद . किया जा रहा है । "
"आपने सुना रीमा जी ।" क्लाइव सर्द सांस लेकर मुझसे मुखातिब हुआ !
" मैंने सुन लिया ।"
"इन हालातों में आपका खुले में घूमना खतरनाक हो सकता ।"
" मुझे डगलंस के बारे में जानकारी हासिल करने के लिये बाहर तो निकलना ही पडेगा ।"
"लेकिन बाहर कदम कदम पर खतरा आपका स्वागत करेगा ।"
"मैं खतरों से डरने वालीं नहीं हूं। मैं बचपन से लेकर आज तक खतरों से ही खेलती आई हूं । मेरा और खतरों का तो चोली-दामन का साथ है क्लाइव । मैं आज शाम हर-हालत में क्लब पहुंचकर हिलकाक से जानकारी हासिल करूगी ।"
"क्या आपको मुझसे किसी मदद की दरकार है?"
"हां ।"
"हुक्म कीजिये ।"
"मुझे मेकअप का सामान चाहिये ।"
"क्या-क्या सामान चाहिये आपको?"
मैंने क्लाइव को सामान बता दिया ।
"सामान कब चाहिये?"
"एक घन्टे तक मिल जाना चाहिये !"
"मिल जायेगा ।"क्लाइव ने अपनी जेब से कुछ नोट निकाले और मैलेट की तरफ बढाता हुजा बोला---" मैडम ने जो सामान वताया है, उसे लेकर आओ मैलेट ।"
मैलेट ने हाथ बढाकर नोट थाम लिये और पलटकर दरवाजे की तरफ लपका ।
"और कोई हुक्म?"
"मुझें मडलेण्ड की कुछ करेंसी भी चाहिये ।"
"आप जितनी करेंसी चाहेंगी, मिल जायेंगी ।"
"मुझे एक ऐसा पता बताओ, अगर कहीं सैनिक मुझसे मेरे निवास स्थान का पता पूछने लगे तो मैं उन्हें वही बता दू ।"
क्लाइव ने मुझे एक पता भी बता दिया ।
"और कुछ?"
"वस और कुछ नहीं । क्लब से वापस लौटने के बाद मैं अपने अगले कदम के बारे में बता सकूगी ।"
"ओ के० । वेस्ट आँफ लक ।"
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