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Guest
अच्छा बेटा तो तुम वही हो क्या.... हमारे दमाद जी ने बताया था तुम्हारे बारे में.. बड़े वाले आदमी हो तुम.. इतनी मदद की तुमने हमारे बच्चों की...... आओ कुछ मुंह मीठा कर लो हमारे घर में.. मम्मी ने सुरेश को कहा..
बेटी आओ... सुरेश का मुंह मीठा करवा दो.. मम्मी ने प्रियंका दीदी की तरफ देखते कहा..
मम्मी की आवाज सुनकर मेरी प्रियंका दीदी ने पहली बार सुरेश की तरफ ध्यान दिया... सुरेश की आंखो में वासना की अग्नि देख कर मेरी दीदी भी सहम गई थी.. मेरी प्रियंका दीदी कोई बच्ची तो है नहीं जो मर्द की आंखो में वासना की भूख ना देख सके..... प्रियंका दीदी अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी..
नहीं आंटी जी... मुझे देर हो रही है मुझे जाना है... जल्दी से आप लोग मेरा किराया दे दो...... बहुत प्यास लगी है.. हो सके तो एक गिलास पानी पिला दीजिए... प्यास और पानी की बात कहते हुए उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर थी...
उसकी बात सुनकर मेरी प्रियंका दीदी तुरंत किचन के अंदर गई और पानी लेकर आ गई एक ग्लास... उन्होंने ग्लास सुरेश के हाथ में थमा दिया और अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी... सुरेश ने मेरी दीदी के हाथ से पानी का ग्लास ले लिया और पीने लगा.. पानी पीते हुए भी उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर टिकी हुई थी.. पानी तो वह ऐसे पी रहा था जैसे मेरी दीदी की चूची पी रहा हो...
चंदा.... इस ऑटो वाले भैया को इनका किराया तो दे दो.. मेरी मम्मी ने चंदा भाभी को कहा..
मेरी रूपाली दीदी का हाथ छोड़कर चंदा भाभी अपने बेडरूम में गई.. पैसे लेकर आई.. और उन्होंने पैसे सुरेश के हाथों में थमा दीया..
अपनी चूचियां तान के मेरी चंदा भाभी सुरेश के सामने खड़ी थी..
और क्या सेवा करूं आपकी भैया जी... भाभी ने सुरेश की आंखों में आंखें डाल कर पूछा..
कुछ नहीं दीदी बस अब मैं जाता हूं... सुरेश ने घबराते हुए कहा...
चंदा भाभी के बोल्ड अंदाज को देखकर सुरेश बिल्कुल सकते में आ गया था... उसने किराया लिया और चुपचाप वहां से निकल गया... हमारे घर का माहौल बेहद खुशनुमा था... रात का खाना हम सब ने मिलकर साथ में खाया... चंदा भाभी मेरी रूपाली दीदी को बार-बार इस दौरान छेड़ रही थी.... मेरी रूपाली दीदी के चेहरे पर थकान साफ साफ दिखाई दे रही थी और हो भी क्यों ना.... दिन भर उनके साथ..
गपा गप छपा छप जो हुआ था... रूपाली दीदी की चाल भी बदली हुई लग रही थी.... मेरी दीदी टांगे फैलाकर चल रही थी...
बेटी आओ... सुरेश का मुंह मीठा करवा दो.. मम्मी ने प्रियंका दीदी की तरफ देखते कहा..
मम्मी की आवाज सुनकर मेरी प्रियंका दीदी ने पहली बार सुरेश की तरफ ध्यान दिया... सुरेश की आंखो में वासना की अग्नि देख कर मेरी दीदी भी सहम गई थी.. मेरी प्रियंका दीदी कोई बच्ची तो है नहीं जो मर्द की आंखो में वासना की भूख ना देख सके..... प्रियंका दीदी अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी..
नहीं आंटी जी... मुझे देर हो रही है मुझे जाना है... जल्दी से आप लोग मेरा किराया दे दो...... बहुत प्यास लगी है.. हो सके तो एक गिलास पानी पिला दीजिए... प्यास और पानी की बात कहते हुए उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर थी...
उसकी बात सुनकर मेरी प्रियंका दीदी तुरंत किचन के अंदर गई और पानी लेकर आ गई एक ग्लास... उन्होंने ग्लास सुरेश के हाथ में थमा दिया और अपनी चुनरी से अपने सीने को ढकने का प्रयास करने लगी... सुरेश ने मेरी दीदी के हाथ से पानी का ग्लास ले लिया और पीने लगा.. पानी पीते हुए भी उसकी निगाहें मेरी प्रियंका दीदी की चूचियों पर टिकी हुई थी.. पानी तो वह ऐसे पी रहा था जैसे मेरी दीदी की चूची पी रहा हो...
चंदा.... इस ऑटो वाले भैया को इनका किराया तो दे दो.. मेरी मम्मी ने चंदा भाभी को कहा..
मेरी रूपाली दीदी का हाथ छोड़कर चंदा भाभी अपने बेडरूम में गई.. पैसे लेकर आई.. और उन्होंने पैसे सुरेश के हाथों में थमा दीया..
अपनी चूचियां तान के मेरी चंदा भाभी सुरेश के सामने खड़ी थी..
और क्या सेवा करूं आपकी भैया जी... भाभी ने सुरेश की आंखों में आंखें डाल कर पूछा..
कुछ नहीं दीदी बस अब मैं जाता हूं... सुरेश ने घबराते हुए कहा...
चंदा भाभी के बोल्ड अंदाज को देखकर सुरेश बिल्कुल सकते में आ गया था... उसने किराया लिया और चुपचाप वहां से निकल गया... हमारे घर का माहौल बेहद खुशनुमा था... रात का खाना हम सब ने मिलकर साथ में खाया... चंदा भाभी मेरी रूपाली दीदी को बार-बार इस दौरान छेड़ रही थी.... मेरी रूपाली दीदी के चेहरे पर थकान साफ साफ दिखाई दे रही थी और हो भी क्यों ना.... दिन भर उनके साथ..
गपा गप छपा छप जो हुआ था... रूपाली दीदी की चाल भी बदली हुई लग रही थी.... मेरी दीदी टांगे फैलाकर चल रही थी...