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सन्नी
मंगलवार को हमें selection mock test करना था और उसके बाद हम दोनों टेस्ट के result देखने का बहाना बना कर लक्ष्मी आंटी से मिलना टाल रहे थे। हमें नहीं पता था कि लक्ष्मी आंटी की इज्जत लूटने के बाद अब यहां पर हम क्या करें और कैसे करें। साफ सफाई करते हुए जब लक्ष्मी आंटी विक्की के कमरे में गई तो लक्ष्मी आंटी ने विक्की को कोई पहचान नहीं दी। विक्की भाग कर मेरे कमरे में आ गया। मेरे साथ भी यही हुआ कि लक्ष्मी आंटी ने मुझे पहचान नहीं दी और मैं उस से आंख नहीं मिला पाया। लक्ष्मी आंटी खाना बनाने के बाद चली गई। हम दोनों गुमसुम सोचते रहे की लक्ष्मी आंटी के साथ हम दोनों ने जो किया उसका अंजाम हमें कब और कैसे भुगतना पड़ेगा। बाकी का दिन वैसे मायूसी में ही बीता।
बुधवार सुबह जब लक्ष्मी आंटी विक्की के घर आई तो विक्की दुम दबाकर भाग मेरे कमरे में आ गया। हम दोनों लक्ष्मी आंटी को भुला नहीं पाए थे, तो हमने दूर से लक्ष्मी आंटी को देखने के लिए विक्की के pc camera को चला दिया। थोड़ी देर बाद लक्ष्मी आंटी विक्की के कमरे में आई और उसने सीधे विक्की कि अलमारी में से विक्की का वॉलेट निकाला। विक्की के वॉलेट में से 500 लेकर अपनी ब्रा में रख दिए और वॉलेट वहीं टेबल पर छोड़ दिया।
हम दोनों हैरान रह गए। क्या लक्ष्मी आंटी अब हम दोनों से बिना रोक टोक चोरी करेगी? उसने तो वॉलेट छुपाने की कोशिश भी नहीं कि थी। क्या पप्पू लक्ष्मी को फिर से परेशान कर रहा है कि उसे दोबारा चोरी करनी पड़ी?
लक्ष्मी आंटी के उपर आने तक हम दोनों ने अपनी बात कर ली थी और लक्ष्मी आंटी के लिए तयार थे। लक्ष्मी आंटी के अंदर आते ही हमने उसे मेरे कमरे में बुलाकर बेड पर बैठने को कहा। लक्ष्मी आंटी हिचकिचाते हुए बैठ गई तो विक्की ने लक्ष्मी आंटी को बताया कि हम जानते हैं कि उसने फिर से चोरी कि है। लक्ष्मी आंटी ने मना करने की कोशिश की पर उसके मना करने में उसकी आवाज साथ नहीं दे रही थी।
"लक्ष्मी आंटी, तुम ने हमें जो सिखाया है उसे तो हम कभी भुला नहीं पाएंगे। लेकिन हम दोनों ने तुम्हारे साथ को किया वो एक गुनाह है और तुम्हारा हक्क बनता है हम से जो चाहो मांग लो। हम मना नहीं करेंगे लेकिन ऐसे चोरी करके अपने आप को सजा मत दो।"
विक्की ने मेरा साथ देते हुए कहा, "हां लक्ष्मी आंटी, अगर तुम्हे कुछ चाहिए तो मांग कर तो देखो। ऐसे चोरी करना तुमरे मन को ही खाएगा।"
लक्ष्मी आंटी ने गुस्से से 500 कि नोट निकाल कर विक्की के जेब में डाल कर कहा,
"सच में दे सकते हो जो मांग लूं? आप दोनों तो मुझसे आंख नहीं मिला रहे हो। जो चाहिए दोगे?"
हम दोनों ने सर हिलाकर हां कहा तो लक्ष्मी आंटी ने अपने पर्स में से एक चमकती पट्टी हम पर फेंकते हुए कहा, "इसका इसतेमाल मुझे सिखाओ तो मैं मानूं।"
विक्की ने लक्ष्मी आंटी ने फेंकी पट्टी उठकर देखी। पान मसाला के चमकीले पैकेट की लडी दुकान से लाई गई हो ऐसे लग रहा था। इस से पहले कि मैं अपने आप को लक्ष्मी आंटी को पन मसाला के बारे में पूछ कर बेइज्जत करता विक्की ने पट्टी घुमाई।
लक्ष्मी आंटी ने हमें 4' कामसूत्र कॉन्डम' के पैकेट थमाए थे।
लक्ष्मी आंटी अचानक अपनी हिम्मत खो कर बैठ गई।
लक्ष्मी आंटी बोली, "बाबू, मैं एक बस्ती में रहती हूं जहां किसी को भनक भी लग गई की मेरा पैर फिसला है तो मुझे नौच खाएंगे और पप्पुजि तो मुझे मार डालेंगे। आप दोनों ने मुझे जवानी की खुशी सिखाई है। मैं आप को आप के रास्तों से नहीं रोकुंगी। आप बड़े कॉलेज में जाओगे, खूबसूरत और स्टाइलिश लड़कियों से दोस्ती करोगे। मेरी जिंदगी यहीं पर पप्पुजी के साथ है और मैं अपनी हैसियत से उपर नहीं देखती। पत्नी तो मैं 4 साल से थी सुहागन आप दोनों ने बनाया है।बस अगले 15 दिन या जितने भी दिन आप दोनों मुझे दे पाएं, आप मुझे सुहागन की जिंदगी दीजिए। बस इतना ही चाहिए।"
हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उसने हमारे कंधों पर सर रखकर अपने डर और दर्द से सहारा ले लिया।
मैंने लक्ष्मी आंटी के कानों में कहा, "लक्ष्मी आंटी, ये कैसे पहनते हैं? हमने कभी किया नहीं।"
लक्ष्मी आंटी ने आधे हंसते और आधे रोते हुए कहा, "हां, मैं तो इसे रोज लगती हूं ना। बुद्दू कहीं के!!"
हम सब हंस पड़े और फिर हम ने कंप्यूटर पर वीडियो देखे कि कंडोम कैसे पहनते हैं? लक्ष्मी आंटी ने हमारे कपड़े उतारे और हमने उसके। जल्द ही हम दोनों बेड पर नंगे लेट गए और लक्ष्मी आंटी ने हमारे लौड़े चूसकर और कड़े कर दिए। पहले कौन इसका फैसला सिक्का उछाल कर किया और मैं जीता। लक्ष्मी आंटी ने अपने नाजुक हाथों से मेरे लंबे लौड़े पर कंडोम पहनाया।
कंडोम से ढका लौड़ा कुछ अलग लग था था पर लक्ष्मी आंटी ने इस बात पर गौर करने का मौका नहीं दिया। लक्ष्मी आंटी ने अपने पैरों को फैला कर अपने प्यार के खजाने में मुझे खींच लिया। लक्ष्मी आंटी की गरमी ने मुझे घेर लिया और लक्ष्मी आंटी ने अपनी कमर हिलाकर चूधना चालू कर दिया। लक्ष्मी आंटी सुबह से इस पल के इंतजार में थी और उसने कुछ ही धक्कों में अपना पानी छोड़ दिया। मैंने लक्ष्मी आंटी की कमर पर पकड़ बनाते हुए उसकी कुटाई चालू रखी। लक्ष्मी आंटी पसीने से लथपथ हो गई और उसने झड़ने कि लडी लगा दी। मैं लक्ष्मी आंटी की गरमी को ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसकी बहती चूत की गर्मी में झड गया। लक्ष्मी आंटी बगल में लेट कर हांफने लगी और मैंने गुब्बारे जैसा फूला हुआ कंडोम निकाल कर कचरे के डिब्बे में डाल दिया।
विक्की ने लक्ष्मी आंटी से कंडोम लगवा लिया था। अब लक्ष्मी आंटी की चूचियां दबाते हुए विक्की ने अपना मूसल लक्ष्मी आंटी की चूत में ठूंस दिया। लक्ष्मी आंटी की अाहों का मजा लेते हुए विक्की ने लक्ष्मी आंटी को चोदना शुरू किया। विक्की भी तो 2 दिन का भूका था और बिना रुके उसने लक्ष्मी आंटी की गीली सड़क पर तेज गाड़ी दौड़ाई। लक्ष्मी आंटी तो सातवे आसमान को छूने से अपनी यौन किलकारियों से विक्की को उकसा रही थी। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के कंधे पकड़ कर उसे चोदते हुए उसके कानों को चूमा। विक्की जल्द ही लक्ष्मी आंटी को चिपक कर उसकी चूत में अपना कंडोम भरने लगा।
लक्ष्मी आंटी ने इशारे से मुझे बुलाया और दोनों के सर पर हाथ फेरते हुए कहा, "बाबू मैं आप दोनों की गुलाम बन गई हूं। मेरे साथ जो चाहो कर लो, जब चाहो कर लो। बस मुझे भुला नहीं देना।"
मैं लक्ष्मी आंटी को प्यार के गहराई की बात कहने लगा कि मेरे पेट से बड़ी आवाज आई।
लक्ष्मी आंटी ने चौंक कर देखा और हंसते हुए बोली, "गांव में बड़ी औरतें कहती थी कि मर्द की औरत से दो ही चीजें चाहिए और उसमें भी वो एक में ही मेहनत करेगा। रुको मैं जल्दी से खाना बनाती हूं।"
लक्ष्मी आंटी खाना बनाने के लिए किचन में चली गई तो विक्की ने अपना कंडोम भी जल्दी से कचरे के डिब्बे में डाल दिया। हम दोनों लक्ष्मी आंटी को मदद करने गए।
खाना खाने के बाद लक्ष्मी आंटी ने घर की साफ सफाई की तो हम दोनों ने बरतन मांजे और सुखाए। हमारी चुस्त मदद देख लक्ष्मी आंटी ने मेरा इरादा पूछा तो हमने बाकी 2 पैकेट के इस्तमाल का सुझाव दिया। लक्ष्मी आंटी शर्माकर हां बोली ही थी कि हम उस उठाकर मेरे बेड पर ले गए।
विक्की ने कंडोम लगाया और लक्ष्मी आंटी के गांड़ में घुसाने लगा। कंडोम पर लगी चिकनाहट से कुछ आराम मिला और विक्की ने लक्ष्मी आंटी की गांड़ फैला कर अपने लौड़े को गहराई तक पेल दिया। लक्ष्मी आंटी अपने पेट के बल लेट कर पैर फैलाए गांड़ मरवाने लगी तो विक्की लक्ष्मी आंटी की कसी हुई गांड़ के मज़े लेते हुए उसे चोदने लगा। लक्ष्मी आंटी ने गांड़ मरवाते हुए अपनी उंगलियों से अपनी चूत को सहलाते हुए मज़ा लिया और 10 मिनट की तेज रफ्तार चुधाई के बाद दोनों झड गए।
मैंने लक्ष्मी आंटी की खुली गांड़ में अपना कंडोम में लिपटा लौड़ा डालने के लिए बेकरार था। लक्ष्मी आंटी के बगल में लेट कर मैंने उसे अपने बदन पर खींच लिया। अपना लौड़ा लक्ष्मी आंटी की खुली गांड़ में पेलते हुए मैंने लक्ष्मी आंटी को एक ओर लिटा दिया और उसका दूसरा पैर अपनी कमर पर पकड़ लिया। एक हाथ लक्ष्मी आंटी के सर के नीचे से होते हुए उसकी गोल मटोल चूचियों को दबाने लगा। लक्ष्मी आंटी अब आसानी से अपने एक हाथ की 2 उंगलियों को अपनी चूत में अंदर बाहर करते हुए दूसरे हाथ से अपनी चूत के दाने को सहला रही थी।
लक्ष्मी आंटी अपनी गरमी में झड़ने लगी। 10 मिनट बाद जब मैंने लक्ष्मी आंटी की गांड़ के अंदर अपना कंडोम भरा तो वह थक कर सो गई। लक्ष्मी आंटी ने आधे घंटे बाद हम दोनों को गले लगाते हुए चूमा और कल का वादा ले कर चली गई।
शाम को 6 बजे पापा ने कहा कि मम्मियां हम दोनों को कॉलेज के लिए तयार करने बाहर ले जा रही हैं तो हमें भी जाना पड़ा।
सन्नी
मंगलवार को हमें selection mock test करना था और उसके बाद हम दोनों टेस्ट के result देखने का बहाना बना कर लक्ष्मी आंटी से मिलना टाल रहे थे। हमें नहीं पता था कि लक्ष्मी आंटी की इज्जत लूटने के बाद अब यहां पर हम क्या करें और कैसे करें। साफ सफाई करते हुए जब लक्ष्मी आंटी विक्की के कमरे में गई तो लक्ष्मी आंटी ने विक्की को कोई पहचान नहीं दी। विक्की भाग कर मेरे कमरे में आ गया। मेरे साथ भी यही हुआ कि लक्ष्मी आंटी ने मुझे पहचान नहीं दी और मैं उस से आंख नहीं मिला पाया। लक्ष्मी आंटी खाना बनाने के बाद चली गई। हम दोनों गुमसुम सोचते रहे की लक्ष्मी आंटी के साथ हम दोनों ने जो किया उसका अंजाम हमें कब और कैसे भुगतना पड़ेगा। बाकी का दिन वैसे मायूसी में ही बीता।
बुधवार सुबह जब लक्ष्मी आंटी विक्की के घर आई तो विक्की दुम दबाकर भाग मेरे कमरे में आ गया। हम दोनों लक्ष्मी आंटी को भुला नहीं पाए थे, तो हमने दूर से लक्ष्मी आंटी को देखने के लिए विक्की के pc camera को चला दिया। थोड़ी देर बाद लक्ष्मी आंटी विक्की के कमरे में आई और उसने सीधे विक्की कि अलमारी में से विक्की का वॉलेट निकाला। विक्की के वॉलेट में से 500 लेकर अपनी ब्रा में रख दिए और वॉलेट वहीं टेबल पर छोड़ दिया।
हम दोनों हैरान रह गए। क्या लक्ष्मी आंटी अब हम दोनों से बिना रोक टोक चोरी करेगी? उसने तो वॉलेट छुपाने की कोशिश भी नहीं कि थी। क्या पप्पू लक्ष्मी को फिर से परेशान कर रहा है कि उसे दोबारा चोरी करनी पड़ी?
लक्ष्मी आंटी के उपर आने तक हम दोनों ने अपनी बात कर ली थी और लक्ष्मी आंटी के लिए तयार थे। लक्ष्मी आंटी के अंदर आते ही हमने उसे मेरे कमरे में बुलाकर बेड पर बैठने को कहा। लक्ष्मी आंटी हिचकिचाते हुए बैठ गई तो विक्की ने लक्ष्मी आंटी को बताया कि हम जानते हैं कि उसने फिर से चोरी कि है। लक्ष्मी आंटी ने मना करने की कोशिश की पर उसके मना करने में उसकी आवाज साथ नहीं दे रही थी।
"लक्ष्मी आंटी, तुम ने हमें जो सिखाया है उसे तो हम कभी भुला नहीं पाएंगे। लेकिन हम दोनों ने तुम्हारे साथ को किया वो एक गुनाह है और तुम्हारा हक्क बनता है हम से जो चाहो मांग लो। हम मना नहीं करेंगे लेकिन ऐसे चोरी करके अपने आप को सजा मत दो।"
विक्की ने मेरा साथ देते हुए कहा, "हां लक्ष्मी आंटी, अगर तुम्हे कुछ चाहिए तो मांग कर तो देखो। ऐसे चोरी करना तुमरे मन को ही खाएगा।"
लक्ष्मी आंटी ने गुस्से से 500 कि नोट निकाल कर विक्की के जेब में डाल कर कहा,
"सच में दे सकते हो जो मांग लूं? आप दोनों तो मुझसे आंख नहीं मिला रहे हो। जो चाहिए दोगे?"
हम दोनों ने सर हिलाकर हां कहा तो लक्ष्मी आंटी ने अपने पर्स में से एक चमकती पट्टी हम पर फेंकते हुए कहा, "इसका इसतेमाल मुझे सिखाओ तो मैं मानूं।"
विक्की ने लक्ष्मी आंटी ने फेंकी पट्टी उठकर देखी। पान मसाला के चमकीले पैकेट की लडी दुकान से लाई गई हो ऐसे लग रहा था। इस से पहले कि मैं अपने आप को लक्ष्मी आंटी को पन मसाला के बारे में पूछ कर बेइज्जत करता विक्की ने पट्टी घुमाई।
लक्ष्मी आंटी ने हमें 4' कामसूत्र कॉन्डम' के पैकेट थमाए थे।
लक्ष्मी आंटी अचानक अपनी हिम्मत खो कर बैठ गई।
लक्ष्मी आंटी बोली, "बाबू, मैं एक बस्ती में रहती हूं जहां किसी को भनक भी लग गई की मेरा पैर फिसला है तो मुझे नौच खाएंगे और पप्पुजि तो मुझे मार डालेंगे। आप दोनों ने मुझे जवानी की खुशी सिखाई है। मैं आप को आप के रास्तों से नहीं रोकुंगी। आप बड़े कॉलेज में जाओगे, खूबसूरत और स्टाइलिश लड़कियों से दोस्ती करोगे। मेरी जिंदगी यहीं पर पप्पुजी के साथ है और मैं अपनी हैसियत से उपर नहीं देखती। पत्नी तो मैं 4 साल से थी सुहागन आप दोनों ने बनाया है।बस अगले 15 दिन या जितने भी दिन आप दोनों मुझे दे पाएं, आप मुझे सुहागन की जिंदगी दीजिए। बस इतना ही चाहिए।"
हम दोनों ने लक्ष्मी आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उसने हमारे कंधों पर सर रखकर अपने डर और दर्द से सहारा ले लिया।
मैंने लक्ष्मी आंटी के कानों में कहा, "लक्ष्मी आंटी, ये कैसे पहनते हैं? हमने कभी किया नहीं।"
लक्ष्मी आंटी ने आधे हंसते और आधे रोते हुए कहा, "हां, मैं तो इसे रोज लगती हूं ना। बुद्दू कहीं के!!"
हम सब हंस पड़े और फिर हम ने कंप्यूटर पर वीडियो देखे कि कंडोम कैसे पहनते हैं? लक्ष्मी आंटी ने हमारे कपड़े उतारे और हमने उसके। जल्द ही हम दोनों बेड पर नंगे लेट गए और लक्ष्मी आंटी ने हमारे लौड़े चूसकर और कड़े कर दिए। पहले कौन इसका फैसला सिक्का उछाल कर किया और मैं जीता। लक्ष्मी आंटी ने अपने नाजुक हाथों से मेरे लंबे लौड़े पर कंडोम पहनाया।
कंडोम से ढका लौड़ा कुछ अलग लग था था पर लक्ष्मी आंटी ने इस बात पर गौर करने का मौका नहीं दिया। लक्ष्मी आंटी ने अपने पैरों को फैला कर अपने प्यार के खजाने में मुझे खींच लिया। लक्ष्मी आंटी की गरमी ने मुझे घेर लिया और लक्ष्मी आंटी ने अपनी कमर हिलाकर चूधना चालू कर दिया। लक्ष्मी आंटी सुबह से इस पल के इंतजार में थी और उसने कुछ ही धक्कों में अपना पानी छोड़ दिया। मैंने लक्ष्मी आंटी की कमर पर पकड़ बनाते हुए उसकी कुटाई चालू रखी। लक्ष्मी आंटी पसीने से लथपथ हो गई और उसने झड़ने कि लडी लगा दी। मैं लक्ष्मी आंटी की गरमी को ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसकी बहती चूत की गर्मी में झड गया। लक्ष्मी आंटी बगल में लेट कर हांफने लगी और मैंने गुब्बारे जैसा फूला हुआ कंडोम निकाल कर कचरे के डिब्बे में डाल दिया।
विक्की ने लक्ष्मी आंटी से कंडोम लगवा लिया था। अब लक्ष्मी आंटी की चूचियां दबाते हुए विक्की ने अपना मूसल लक्ष्मी आंटी की चूत में ठूंस दिया। लक्ष्मी आंटी की अाहों का मजा लेते हुए विक्की ने लक्ष्मी आंटी को चोदना शुरू किया। विक्की भी तो 2 दिन का भूका था और बिना रुके उसने लक्ष्मी आंटी की गीली सड़क पर तेज गाड़ी दौड़ाई। लक्ष्मी आंटी तो सातवे आसमान को छूने से अपनी यौन किलकारियों से विक्की को उकसा रही थी। विक्की ने लक्ष्मी आंटी के कंधे पकड़ कर उसे चोदते हुए उसके कानों को चूमा। विक्की जल्द ही लक्ष्मी आंटी को चिपक कर उसकी चूत में अपना कंडोम भरने लगा।
लक्ष्मी आंटी ने इशारे से मुझे बुलाया और दोनों के सर पर हाथ फेरते हुए कहा, "बाबू मैं आप दोनों की गुलाम बन गई हूं। मेरे साथ जो चाहो कर लो, जब चाहो कर लो। बस मुझे भुला नहीं देना।"
मैं लक्ष्मी आंटी को प्यार के गहराई की बात कहने लगा कि मेरे पेट से बड़ी आवाज आई।
लक्ष्मी आंटी ने चौंक कर देखा और हंसते हुए बोली, "गांव में बड़ी औरतें कहती थी कि मर्द की औरत से दो ही चीजें चाहिए और उसमें भी वो एक में ही मेहनत करेगा। रुको मैं जल्दी से खाना बनाती हूं।"
लक्ष्मी आंटी खाना बनाने के लिए किचन में चली गई तो विक्की ने अपना कंडोम भी जल्दी से कचरे के डिब्बे में डाल दिया। हम दोनों लक्ष्मी आंटी को मदद करने गए।
खाना खाने के बाद लक्ष्मी आंटी ने घर की साफ सफाई की तो हम दोनों ने बरतन मांजे और सुखाए। हमारी चुस्त मदद देख लक्ष्मी आंटी ने मेरा इरादा पूछा तो हमने बाकी 2 पैकेट के इस्तमाल का सुझाव दिया। लक्ष्मी आंटी शर्माकर हां बोली ही थी कि हम उस उठाकर मेरे बेड पर ले गए।
विक्की ने कंडोम लगाया और लक्ष्मी आंटी के गांड़ में घुसाने लगा। कंडोम पर लगी चिकनाहट से कुछ आराम मिला और विक्की ने लक्ष्मी आंटी की गांड़ फैला कर अपने लौड़े को गहराई तक पेल दिया। लक्ष्मी आंटी अपने पेट के बल लेट कर पैर फैलाए गांड़ मरवाने लगी तो विक्की लक्ष्मी आंटी की कसी हुई गांड़ के मज़े लेते हुए उसे चोदने लगा। लक्ष्मी आंटी ने गांड़ मरवाते हुए अपनी उंगलियों से अपनी चूत को सहलाते हुए मज़ा लिया और 10 मिनट की तेज रफ्तार चुधाई के बाद दोनों झड गए।
मैंने लक्ष्मी आंटी की खुली गांड़ में अपना कंडोम में लिपटा लौड़ा डालने के लिए बेकरार था। लक्ष्मी आंटी के बगल में लेट कर मैंने उसे अपने बदन पर खींच लिया। अपना लौड़ा लक्ष्मी आंटी की खुली गांड़ में पेलते हुए मैंने लक्ष्मी आंटी को एक ओर लिटा दिया और उसका दूसरा पैर अपनी कमर पर पकड़ लिया। एक हाथ लक्ष्मी आंटी के सर के नीचे से होते हुए उसकी गोल मटोल चूचियों को दबाने लगा। लक्ष्मी आंटी अब आसानी से अपने एक हाथ की 2 उंगलियों को अपनी चूत में अंदर बाहर करते हुए दूसरे हाथ से अपनी चूत के दाने को सहला रही थी।
लक्ष्मी आंटी अपनी गरमी में झड़ने लगी। 10 मिनट बाद जब मैंने लक्ष्मी आंटी की गांड़ के अंदर अपना कंडोम भरा तो वह थक कर सो गई। लक्ष्मी आंटी ने आधे घंटे बाद हम दोनों को गले लगाते हुए चूमा और कल का वादा ले कर चली गई।
शाम को 6 बजे पापा ने कहा कि मम्मियां हम दोनों को कॉलेज के लिए तयार करने बाहर ले जा रही हैं तो हमें भी जाना पड़ा।