S
StoryPublisher
Guest
कल्लू- अब हो गई गलती तो क्या बच्चे की जान लोगी ?
नही नही तुम्हारा ये ६ इंच का बच्चा मेरी इस बच्ची (अपने हाथ को कल्लू मेहतर के उस हाथ पर रख के दबाते हुए जो उसकी चूत पर था) की जान ले तो कोई बात नही |है न? रूठते हुए कल्लू की पत्नी बोली |
कल्लू की पत्नी-चलो मैं थूक हाथ में ले के लण्ड पर लगा देती हूँ, लेकिन मुँह में ले के चूसूंगी नही |
कल्लू-अरे यार ये सभी लोग करते हैं, अच्छा चूसोगी नही तो चूसने तो दोगी न ?
अब मैं बेचैन हो गया था और सोचने लगा की क्या करना चाहिए |
तभी कल्लू की पत्नी बोली हाँ चूसो न किसने मना किया है ?
अच्छा जी, मज़ा लेने को तो तैयार बैठी हो पर मज़ा देने को नही | ये तरीका सही नही है |
समझो कल्लू;मुँह में लेने पर उबकाई आती है | अजीब सा कसैला स्वाद आता है तुम्हारे निकलते हुए रस का | तुम्हारे धक्कों के कारण गले में खराश
भी हो जाती है | जब टाइम होता है तब मै ट्राई तो करती ही हूँ न ? | बोलो चुसती हूँ की नही?
हाँ वैसे तो चुसती हो |
अभी टाइम नही है हमारे पास | हमारे पास बस एक घंटा है | इस एक घंटे में मुझे करवा के सोना भी है मुझे नींद भी आ रही है वरना सारी गड़बड़ हो जाएगी |
अरे चिंता मत कर जान.......... यह कहते हुए कल्लू मेहतर ने हाथ पीछे ले जा कर अपनी पत्नी की ब्रा उतार फेंकी| बस थोड़ी देर की बात है बोल तो
पटा के तेरी मॉम को चोद दूँ फिर उसके बाद उसे भी यही बुला लेंगे फिर तीनो घर में गद्देदार बिस्तर पर चुदाई का मज़ा लूटेंगे |
देखो मुझे ये सब ठीक नही लगता | कहीं माँ और बेटी एक ही मर्द से करवा सकती हैं क्या?
क्यों नही अगर मर्द में इतनी ताकत हो की दोनो औरतों को संतुष्ट कर सके ?
तुम अकेले मुझे तो ठीक से संभाल नही पाते | १० बार में से कम से कम ८ बार तो मै ही जीतती हूँ | यानी तुम कंट्रोल नही कर पाते और मुझसे पहले झड़ जाते हो |
लेकिन चूस के तेरा काम भी तो कर देता हूँ न |
जो मज़ा अंदर डलवा के एक साथ झड़ने में है वो चुसवा के झड़ने में कहाँ ? जिस दिन तू मेरे साथ मेरी चूत में झड़ता है उस दिन की तो बात ही क्या ? चल पहले बेटी को खिला माँ की बाद में सोचना............. यह कहते हुए कल्लू की पत्नी अपनी पैंटी को उतार देती है और अपने हाथ पर थूक कर वो थूक कल्लू मेहतर के लण्ड पर मल देती है | ऐसा कई बार करने के बाद कल्लू मेहतर का लण्ड थूक के कारण चमकने लगता है और पूरी तरह से कड़क होकर अपने काम के लिए तैयार हो जाता है |
अब कल्लू की पत्नी लेट जाती है और कल्लू मेहतर को बोलती है ......चल जल्दी से अंदर तक जीभ डाल कर अच्छी तरह गीला कर दे |
कल्लू मेहतर उठ कर अपनी पत्नी की दोनों टांगों के बीच आ जाता है और टांगों को कंधे पर रखते हुए ऐसे झुकता है की उसका मुँह अपनी पत्नी की चुत के ठीक सामने आ जाता है | जीभ निकाल कर कल्लू मेहतर भाग्नासे को जीभ से धीरे धीरे सहलाता है | यह सिलसिला करीब दो मिनट तक चलता है
उसके बाद कल्लू की पत्नी दोनों हाथों से कल्लू मेहतर का सर पकड़ कर पूरी ताकत से अपनी चुत पर दबाते हुए अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछालते हुए जोर से सित्कारती है......... ऊऊऊऊऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ साले खा जा | चूस जोर से नही हो तो बुला ले अपने बाप को भी | मेरी माँ की लेने चला था | तू और तेरा बाप दोनों पहले मुझे तो संभाल लो | आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह खा जा आज इस चूत को | बहुत परेशान करती है ये |
इधर कल्लू मेहतर बिना कुछ बोले गूँ गूँ करता हुआ अपनी पत्नी की चूत चाटते जा रहा था | करीब १० मिनट चाटने के बाद वो उठा और बोला साली मैने इतनी देर चाटा तो तुझे एक मिनट ही सही लेकिन चूसना तो पड़ेगा ही ? यह कहते हुए कल्लू मेहतर ने अपने लण्ड का सूपाड़ा उस के होठों पर रख दिया |
कल्लू की पत्नी अपना मुँह दूसरी और घुमाने लगी तभी कल्लू मेहतर ने एक हाथ से उसकी एक चूची को बहुत जोर से मसल दिया | दर्द के मारे कल्लू की पत्नी का मुँह खुला आआआआआआआआआआआईईईईईईईईईईईई माआआआआआआआआआआआआआआआ और शायद कल्लू मेहतर इसी की फिराक में था | उसने पीछे से उसका सर पकड़ा और अपने लण्ड को उसके मुँह के अंदर ठेल दिया | लण्ड ज्यादा नही लेकिन सुपाड़ा और उसके पीछे का लगभग एक ईंच का हिस्सा कल्लू की पत्नी के मुँह में घुस चुका था |
नही नही तुम्हारा ये ६ इंच का बच्चा मेरी इस बच्ची (अपने हाथ को कल्लू मेहतर के उस हाथ पर रख के दबाते हुए जो उसकी चूत पर था) की जान ले तो कोई बात नही |है न? रूठते हुए कल्लू की पत्नी बोली |
कल्लू की पत्नी-चलो मैं थूक हाथ में ले के लण्ड पर लगा देती हूँ, लेकिन मुँह में ले के चूसूंगी नही |
कल्लू-अरे यार ये सभी लोग करते हैं, अच्छा चूसोगी नही तो चूसने तो दोगी न ?
अब मैं बेचैन हो गया था और सोचने लगा की क्या करना चाहिए |
तभी कल्लू की पत्नी बोली हाँ चूसो न किसने मना किया है ?
अच्छा जी, मज़ा लेने को तो तैयार बैठी हो पर मज़ा देने को नही | ये तरीका सही नही है |
समझो कल्लू;मुँह में लेने पर उबकाई आती है | अजीब सा कसैला स्वाद आता है तुम्हारे निकलते हुए रस का | तुम्हारे धक्कों के कारण गले में खराश
भी हो जाती है | जब टाइम होता है तब मै ट्राई तो करती ही हूँ न ? | बोलो चुसती हूँ की नही?
हाँ वैसे तो चुसती हो |
अभी टाइम नही है हमारे पास | हमारे पास बस एक घंटा है | इस एक घंटे में मुझे करवा के सोना भी है मुझे नींद भी आ रही है वरना सारी गड़बड़ हो जाएगी |
अरे चिंता मत कर जान.......... यह कहते हुए कल्लू मेहतर ने हाथ पीछे ले जा कर अपनी पत्नी की ब्रा उतार फेंकी| बस थोड़ी देर की बात है बोल तो
पटा के तेरी मॉम को चोद दूँ फिर उसके बाद उसे भी यही बुला लेंगे फिर तीनो घर में गद्देदार बिस्तर पर चुदाई का मज़ा लूटेंगे |
देखो मुझे ये सब ठीक नही लगता | कहीं माँ और बेटी एक ही मर्द से करवा सकती हैं क्या?
क्यों नही अगर मर्द में इतनी ताकत हो की दोनो औरतों को संतुष्ट कर सके ?
तुम अकेले मुझे तो ठीक से संभाल नही पाते | १० बार में से कम से कम ८ बार तो मै ही जीतती हूँ | यानी तुम कंट्रोल नही कर पाते और मुझसे पहले झड़ जाते हो |
लेकिन चूस के तेरा काम भी तो कर देता हूँ न |
जो मज़ा अंदर डलवा के एक साथ झड़ने में है वो चुसवा के झड़ने में कहाँ ? जिस दिन तू मेरे साथ मेरी चूत में झड़ता है उस दिन की तो बात ही क्या ? चल पहले बेटी को खिला माँ की बाद में सोचना............. यह कहते हुए कल्लू की पत्नी अपनी पैंटी को उतार देती है और अपने हाथ पर थूक कर वो थूक कल्लू मेहतर के लण्ड पर मल देती है | ऐसा कई बार करने के बाद कल्लू मेहतर का लण्ड थूक के कारण चमकने लगता है और पूरी तरह से कड़क होकर अपने काम के लिए तैयार हो जाता है |
अब कल्लू की पत्नी लेट जाती है और कल्लू मेहतर को बोलती है ......चल जल्दी से अंदर तक जीभ डाल कर अच्छी तरह गीला कर दे |
कल्लू मेहतर उठ कर अपनी पत्नी की दोनों टांगों के बीच आ जाता है और टांगों को कंधे पर रखते हुए ऐसे झुकता है की उसका मुँह अपनी पत्नी की चुत के ठीक सामने आ जाता है | जीभ निकाल कर कल्लू मेहतर भाग्नासे को जीभ से धीरे धीरे सहलाता है | यह सिलसिला करीब दो मिनट तक चलता है
उसके बाद कल्लू की पत्नी दोनों हाथों से कल्लू मेहतर का सर पकड़ कर पूरी ताकत से अपनी चुत पर दबाते हुए अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछालते हुए जोर से सित्कारती है......... ऊऊऊऊऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ साले खा जा | चूस जोर से नही हो तो बुला ले अपने बाप को भी | मेरी माँ की लेने चला था | तू और तेरा बाप दोनों पहले मुझे तो संभाल लो | आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह खा जा आज इस चूत को | बहुत परेशान करती है ये |
इधर कल्लू मेहतर बिना कुछ बोले गूँ गूँ करता हुआ अपनी पत्नी की चूत चाटते जा रहा था | करीब १० मिनट चाटने के बाद वो उठा और बोला साली मैने इतनी देर चाटा तो तुझे एक मिनट ही सही लेकिन चूसना तो पड़ेगा ही ? यह कहते हुए कल्लू मेहतर ने अपने लण्ड का सूपाड़ा उस के होठों पर रख दिया |
कल्लू की पत्नी अपना मुँह दूसरी और घुमाने लगी तभी कल्लू मेहतर ने एक हाथ से उसकी एक चूची को बहुत जोर से मसल दिया | दर्द के मारे कल्लू की पत्नी का मुँह खुला आआआआआआआआआआआईईईईईईईईईईईई माआआआआआआआआआआआआआआआ और शायद कल्लू मेहतर इसी की फिराक में था | उसने पीछे से उसका सर पकड़ा और अपने लण्ड को उसके मुँह के अंदर ठेल दिया | लण्ड ज्यादा नही लेकिन सुपाड़ा और उसके पीछे का लगभग एक ईंच का हिस्सा कल्लू की पत्नी के मुँह में घुस चुका था |