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Guest
अपडेट........ 40
अभी तीनो स्टेशन ही पहुचे ही थे की पापा के फोन पर अजय मामा की कॉल आ जाती है ....
अजय मामा ... जीजा जी कहाँ तक पहुच गये
पंकज.. स्टेशन पर है क्या हुआ
अजय मामा .. आपके निकलते ही मम्मी की तबीयत ज़्यादा खराब हो गई ...
पंकज... ओह्ह्ह नो
सुषमा...क्या हुआ जी
पंकज... तुम्हारी मम्मी की तबीयत फिर से बिगड़ गई ऐसा करो तुम वापस अपनी मम्मी के यहाँ चली जाओ डॉली और में घर चले जाते है ....
सुषमा... जी ठीक है
और सुषमा टॅक्सी पकड़ कर वापस अपनी मम्मी के पास चली जाती है ...
डॉली सोचती है नानी का तो बहाना है
मामा के साथ अपना मूह काला कराएँगी..
पंकज और डॉली रेलवे स्टेशन पर बँच पर बैठे ट्रेन का वेट कर रहे थे...
काफ़ी देर इंतज़ार करने के बाद भी जब ट्रेन नही आई..
पंकज.. डॉली बेटा तुम यही बैठो में पूछ कर आता हूँ ट्रेन क्यूँ लेट है
डॉली.. ठीक है पापा
और पापा उठ कर इंक्वाइरी ऑफीस में जाकर पता करते है ..
पंकज... सर नोएडा जाने वाली ट्रेन कब तक आयगी
आदमी ... सर रेलवे लाइन पर काम चल रहा है .. ट्रेन आने में 4-5 घंटे भी लग सकते है
पंकज... ओह्ह्ह
और पंकज वापस डॉली के पास आ जाता है
डॉली..क्या हुआ पापा
पापा .. बेटा ट्रेन आने में 4-5 घंटे लग सकते है क्यूँ ना हम भी वापस तेरे मामा के यहाँ चले ..
डॉली.. नही पापा मेरा वहाँ जाने का बिल्कुल मा\न नही है ...
पंकज.. क्यूँ मन नही कर रहा बेटा क्या बात हो गई ...
डॉली अपने पापा की बात का कोई जवाब नही देती बस चुप चाप बेंच पर बैठी रहती है ...
पंकज .. डॉली बेटा कुछ परेशान सी दिख रही है मामा के यहाँ कोई बात हो गई क्या .. ..
डॉली..नही पापा ऐसी कोई बात नही है
पंकज.. में तेरा बाप हूँ बेटा अबसे पहले कभी तेरे चेहरे पर ऐसी उदासी नही देखी.. ज़रूर कोई बात है जो मुझसे छुपा रही है ...
डॉली अपने पापा से कैसे बताए की वो इसलिए परेशान है की में आपकी नही मामा की संतान हूँ ...
पंकज को भी लगता है ज़रूर डॉली कोई बात उससे छुपाने की कोशिश कर रही है ...
पंकज.. डॉली बेटा उठो सामने गेस्ट हाउस में चलते है 4-5 घंटे क्या यही बेंच पर बैठे रहेंगे ...
डॉली भी अपना बॅग लेकर उठ जाती है ...
गेस्ट हाउस पहुच कर पंकज डॉली को अपनी कसम देता है ....
पंकज ..तुझे मेरी कसम है बता क्या बात है
अभी तीनो स्टेशन ही पहुचे ही थे की पापा के फोन पर अजय मामा की कॉल आ जाती है ....
अजय मामा ... जीजा जी कहाँ तक पहुच गये
पंकज.. स्टेशन पर है क्या हुआ
अजय मामा .. आपके निकलते ही मम्मी की तबीयत ज़्यादा खराब हो गई ...
पंकज... ओह्ह्ह नो
सुषमा...क्या हुआ जी
पंकज... तुम्हारी मम्मी की तबीयत फिर से बिगड़ गई ऐसा करो तुम वापस अपनी मम्मी के यहाँ चली जाओ डॉली और में घर चले जाते है ....
सुषमा... जी ठीक है
और सुषमा टॅक्सी पकड़ कर वापस अपनी मम्मी के पास चली जाती है ...
डॉली सोचती है नानी का तो बहाना है
मामा के साथ अपना मूह काला कराएँगी..
पंकज और डॉली रेलवे स्टेशन पर बँच पर बैठे ट्रेन का वेट कर रहे थे...
काफ़ी देर इंतज़ार करने के बाद भी जब ट्रेन नही आई..
पंकज.. डॉली बेटा तुम यही बैठो में पूछ कर आता हूँ ट्रेन क्यूँ लेट है
डॉली.. ठीक है पापा
और पापा उठ कर इंक्वाइरी ऑफीस में जाकर पता करते है ..
पंकज... सर नोएडा जाने वाली ट्रेन कब तक आयगी
आदमी ... सर रेलवे लाइन पर काम चल रहा है .. ट्रेन आने में 4-5 घंटे भी लग सकते है
पंकज... ओह्ह्ह
और पंकज वापस डॉली के पास आ जाता है
डॉली..क्या हुआ पापा
पापा .. बेटा ट्रेन आने में 4-5 घंटे लग सकते है क्यूँ ना हम भी वापस तेरे मामा के यहाँ चले ..
डॉली.. नही पापा मेरा वहाँ जाने का बिल्कुल मा\न नही है ...
पंकज.. क्यूँ मन नही कर रहा बेटा क्या बात हो गई ...
डॉली अपने पापा की बात का कोई जवाब नही देती बस चुप चाप बेंच पर बैठी रहती है ...
पंकज .. डॉली बेटा कुछ परेशान सी दिख रही है मामा के यहाँ कोई बात हो गई क्या .. ..
डॉली..नही पापा ऐसी कोई बात नही है
पंकज.. में तेरा बाप हूँ बेटा अबसे पहले कभी तेरे चेहरे पर ऐसी उदासी नही देखी.. ज़रूर कोई बात है जो मुझसे छुपा रही है ...
डॉली अपने पापा से कैसे बताए की वो इसलिए परेशान है की में आपकी नही मामा की संतान हूँ ...
पंकज को भी लगता है ज़रूर डॉली कोई बात उससे छुपाने की कोशिश कर रही है ...
पंकज.. डॉली बेटा उठो सामने गेस्ट हाउस में चलते है 4-5 घंटे क्या यही बेंच पर बैठे रहेंगे ...
डॉली भी अपना बॅग लेकर उठ जाती है ...
गेस्ट हाउस पहुच कर पंकज डॉली को अपनी कसम देता है ....
पंकज ..तुझे मेरी कसम है बता क्या बात है