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Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

सुबह करीब 8 बजे राज की आँख खुलती है

राज को बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आती है...

राज बिस्तर से नंगा ही उठकर बाथरूम के पास पहुचता है..

सुषमा शवर के नीचे नहा रही थी

राज की नज़र सुषमा के बड़े बड़े चुतड़ों पर पड़ती है जिन्हे देखकर राज का लंड फिर से स्टील की रोड की तरह खड़ा हो जाता है ...

राज आहिस्ता से बाथरूम में घुसते हुए पीछे से अपनी मम्मी को बाँहो में भर लेता है ..जिससे राज का लंड सीधी सुषमा को अपनी गान्ड में घुसता महसूस होता है ...

राज की ये हरकत सुषमा को अच्छी लगती है ...

और सुषमा खुद भी पीछे होकर राज के लंड को अपनी गान्ड में लेने लगती है ...

राज भी पूरी तरह गीला हो चुका था

राज की कोशिश से लंड की टोपी गान्ड के छेद

में घुस जाती है ..मगर खड़े होने के कारण

राज का लंड ठीक से गान्ड में घुस नही पा रहा

था ...

सुषमा खड़े खड़े झुकती हुई अपने दोनो हाथ

फर्श पर टीका देती है ..जिससे राज के सामने

सुषमा की गान्ड पूरी तरह खुल कर सामने आ जाती है ...

राज फॉरन अपने लंड पर दबाव देते हुए अंदर घुसाने लगता है ...

पोज़िशन ऐसी थी की राज का लंड आसानी से गान्ड में घुसता चला जाता है ...

सुषमा...आअहह ऊओह आाऐययईई उउउफफफ्फ़ आआहह .

सुषमा गान्ड चुदाई का पूरा मज़ा लेने लगती है ... राज का लंड गान्ड में फस फस कर अंदर बाहर हो रहा था ..जिससे राज को बड़ा मज़ा आ रहा

था..और कुछ ही पॅलो में राज अपना लिक्विड मम्मी की गान्ड में छोड़ते हुए झड़ जाता है ...

....
 
राज के झड़ते ही सुषमा खड़ी होकर राज से लिपट जाती है ...सुषमा को राज पर बड़ा ही प्यार आ रहा था राज के चेहरे को चूमते चूमते सुषमा कब होंटो तक पहुच जाती है पता ही नही चलता...

शवर के नीचे पानी की बोछार में दोनो के होंठ जुड़े हुए थे.. राज का लंड फिर से खड़ा होकर सुषमा की चूत पर दस्तक देने लगा था

... सुषमा की चूत भी राज का लंड फिर से माँगने लगी थी..इसलिए सुषमा ही अपना हाथ नीचे लेजाकर राज का लंड अपनी चूत पर सेट करते हुए आगे की तरफ धक्का लगा देती है...एक बार फिर से चुदाई का खेल शुरू हो जाता है ....

करीब 9 बजे राज और सुषमा तैयार होकर होटल से निकलते है ...सुषमा अपना बेग लेकर गाड़ी की तरफ जाती है ..और राज होटल का बिल देने रिसेप्षन पर पहुचता है ...

राज उस लड़की से पूछता है ...

राज ...तुमने रात दूध में कुछ मिलाया था

लड़की राज की तरफ बड़ी अदा से मुस्कुराते हुए

लड़की... क्या हुआ सर आपको हमारा दूध पीकर मज़ा नही आया ...

जेसे राज को यक़ीन हुआ दूध में कुछ मिलाया था राज को उस लड़की पर गुस्सा आ जाता है

और उस लड़की पर भड़कने लगता है ...

राज ... तेरे चक्कर में मेरी मा चुद गई

तुझे मज़े की पड़ी है ...

लड़की राज का गुस्सा देखकर घबरा जाती है

और राज से माफी माँगते हुए गिड़गिडाने लगती है ..

लड़की ...सॉरी सर हमारा इरादा आपको तकलीफ़ पहुँचाने का नही था ...

राज ...मुझे देर हो रही है वरना तुझे बताता

तकलीफ़ क्या होती है ...

ये कहकर राज होटल से निकल जाता है ...

लड़की शॉक्ड सी खड़ी राज को जाते देखती रह जाती है ....
 
सुषमा समान रखकर गाड़ी में बैठ चुकी थी..राज भी ड्राइविंग शीट पर बैठ गाड़ी नोएडा की तरफ दौड़ा देता है ....

.............................

दूसरी तरफ ...

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डॉली अपनी बुआ के लिखे सारे लेटर्स पढ़ चुकी थी.. एक लेटर पढ़ कर तो डॉली का भी दिल भर आया था.. जो शायद कुछ दिन पहले का लिखे हुआ लग रहा था ...

आज भी कितना प्यार करती थी बुआ पापा से ये लेटर पढ़कर डॉली को पता चला ..

25 साल की जुदाई का पूरा हॉल इस लेटर में

रेणुका बुआ ने लिख दिया था ...

रेणुका बुआ का वो लेटर कीच इस तरह था ......

मेरे जीवन शाही ... मेरी जान (पी के)

दुआ करती हूँ खारीयत से होंगे ..

तुम्हे याद है आज हमे बिछड़े पूरे 25 साल हो चुके है.. बहुत याद आती है तुम्हारी

ऐसा कोई दिन नही गुज़रता जिस दिन तुम्हारी याद नही आई हो ...

आज भी दिल करता है अपनी बाकी बची ज़िंदगी

तुम्हारी बाँहो से लिपट कर गुज़ार दूँ ...

यक़ीन है मुझको तुम्हारा हॉल भी ऐसा होगा .. .

क्या कभी मरने से पहले एक बार अपना मिलन हो सकता है ...

खुदा किसी को इतना प्यार देकर जुदा ना करे

की उनका जीना मुश्किल हो जाए ...

कुछ लाइन लिख रही हूँ जो बिल्कुल हमारे प्यार

के जैसी लिखी हुई है ....

तेरे लिए, हम हैं जिए,होंठो को सीए

तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आँसू पिए

दिल मेंन मगर, जलते रहे, चाहत के दिए

तेरे लिए, तेरे लिए

तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आँसू पिए

.तेरे लिए, हम हैं जिए, होंठो को सीए

दिल मेंन मगर, जलते रहे, चाहत के दिए

तेरे लिए, तेरे लिए

आ……

ज़िंदगी, ले के आई है, बीताए दीनो की किताब

घेरे हैं, अब हमें, यादें बे-हिसाब

बिन पूच्छे, मिले मुझे, कितने सारे जवाब

चाहा था क्या, पाया है क्या, हमने देखिए

दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दिए

तेरे लिए, तेरे लिए

क्या कहूँ, दुनिया ने किया, मुझ से कैसा बैर

.हुकुम था, मैं जियुं, लेकिन तेरे बगैर

नादान है वो, कहते हैं जो,

मेरे लिए तुम हो गैर ,कितने सितम,

हम पर सनम, लोगों ने किए

दिल मेंन मगर, जलते रहे, चाहत के दिए

तेरे लिए, तेरे लिए तेरे लिए,

हम हैं जिए, होंठो को सीए

तेरे लिए, हम हैं जिए, हर आँसू पिए

दिल मेंन मगर, जलते रहे, चाहत के दिए

तेरे लिए, तेरे लिए ....

बस और क्या लिखू तुमको इस लेटर में ..

बस हमेशा मुस्कुराते रहा करो यही मेरी दुआ है .....

आई लव यू...

तुम्हारी जान ..... (रानी पीके )

ये लेटर में कितना दर्द भरा था .. पढ़ कर डॉली की आँखो से भी आँसू छलक आये थे ...

बुआ और पापा का इतना प्यार देखकर डॉली का दिल भी दुआ माँगने लगता है...

उपर वाले काश ऐसा कर दे जिससे प्यार करने वाले दोनो फिर से मिल जाय....

--------------
 
आज सुबह से डॉली को राज की बहुत याद आ रही थी .... शायद बुआ के प्यार भरे लेटर

ने डॉली के दिल में प्यार की तड़प जगा दी थी ..

जिससे डॉली का दिल राज को देखना उसके पास बैठा उससे बात करना..

इसे ही पहला प्यार कहते है ..जो डॉली को हो गया था राज से ....

कितनी तड़पने लगी थी डॉली...

राज की बाँहो में रहना चाहती थी ..

उसको प्यार देना चाहती थी ....

अब तो डॉली के बर्तडे में भी 2 ही दिन बचे थे कैसे कटेंगे डॉली के ये दो दिन ...

राज तो डॉली को गिफ्ट के रूप में पहला प्यार देना चाहता था..

मगर डॉली भी राज के लिए कुछ ऐसा स्पेशल करना चाहती थी जिससे राज पहला प्यार करते हुए ज़िंदगी भर याद करे... .

मगर डॉली ये भी सोचती है घर में सबके होते हुए उसका और राज का मिलन कैसे होगा ....

फिर भी डॉली को राज पर पूरा भरोसा था..राज ज़रूर कुछ ना कुछ आइडिया लगा लेगा

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करीब 4 बजे राज और सुषमा घर आ चुके थे...आज ज्योति भी पिकनिक मना कर आ चुकी थी

घर आकर राज थोड़ा आराम करता है

रात को सब साथ में डिन्नर करते है ...

तभी पंकज अपने मोबाइल में सबको एक फोटो दिखाते हुए ..

पंकज... सुषमा मेरे फ्रेड का देहरादून से फोन आया था हमारी डॉली के लिए एक रिस्ता बताया है..और उस लड़के का फोटो भी भेजा है ...

राज अपने पापा के हाथ से मोबाइल लेकर फोटो देखने लगता है ...

राज ... पापा मुझे तो इस लड़के की एज बहुत ज़्यादा लग रही है ...

पंकज... बेटा लड़का इंजिनियर है

हमारी डॉली ऐश करेगी ...

डॉली अपने पापा की बात सुनते ही..

डॉली... पापा आपको मुझे घर से भागने की बड़ी जल्दी है ...

पंकज.. क्या करूँ बेटा ये तो सदियों से होता आया है..लड़की पराई होती है एक दिन सबको छोड़कर चली जाती है ....

ज्योति ...भैया मुझे दिखाना में भी तो देखु केसा है लड़का...

ज्योति राज के हाथ से मोबाइल लेकर लड़के पर नज़र डालती है ...

लड़का वैसे तो गोरा दिख रहा था ..मगर ज्योति को भी लड़के की एज अपनी दीदी के हिसाब से ज़्यादा लग रही थी ....

ज्योति बिल्कुल अपनी मम्मी के बराबर में बैठी थी

सुषमा भी फोटो को देखकर बोलती है .....

सुषमा... बेटा हो सकता है फोटो में एज ज़्यादा लग रही हो..एक बार रियल में देख लेते है ...

राज का माइंड एकदम कंप्यूटर की तरह चलता है....

राज ... हा ये ठीक रहेगा मम्मी ऐसा करो आप पापा के साथ देहरादून चली जाओ और रियल में लड़का भी देख लेना और उसकी आई डी भी चेक कर लेना...उसकी एज का पता चल जायगा ...

पंकज... हा ये बिल्कुल ठीक रहेगा

तो कौन कौन चलेगा देहरादून...

राज ... पापा में तो जयपुर जाकर बहुत थक गया आप ज्योति को अपने साथ ले जाइए ......

ज्योति भी खुशी खुशी अपनी दीदी के लिए लड़का देखने जाने की हा कर देती है ...
 
पंकज... हा ये बिल्कुल ठीक रहेगा

तो कौन कौन चलेगा देहरादून...

राज ... पापा में तो जयपुर जाकर बहुत थक गया आप ज्योति को अपने साथ ले जाइए ......

ज्योति भी खुशी खुशी अपनी दीदी के लिए लड़का देखने जाने की हा कर देती है ...

पंकज... फिर ठीक है..सनडे का प्रोग्राम सेट कर लेते है ...

में अपने फ्रेंड को बोल देता हूँ ....

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डॉली राज के दिमाग़ की दाद देने लगती है ...

लड़का तो किसी को पसंद नही था फिर भी.. राज ने क्या प्लान बनाया.......

अपने और मेरे लिए राज ने सनडे का दिन

फ्री कर लिया ......

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अब तो डॉली को लगने लगा उसके बर्तडे पर उसके और राज के सिवा कोई नही होगा...दोनो के मिलन की घड़ी नज़दीक आने लगी थी ...

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दूसरी तरफ अजय मामा के घर ...

अदिति की जॉब लग चुकी थी....

अदिति टीचर बनके स्कूल जाने लगी थी ...

मगर जबसे अदिति की राज से चुदाई हुई थी..

तब से अदिति की चूत में फिर से चुदने की खारिश हो रही थी..

और इसी वजह से अदिति रात को सोते हुए...रोज अपनी चूत में उंगली करते हुए मास्टरबेट करने लगी थी .........
 
सॅटर्डे की सुबह....

डॉली किचिन में सबके लिए नाश्ता बना रही थी ...

ज्योति को कॉलेज लेने नेहा आई थी ..पंकज सुषमा को देखकर नेहा उनको हेलो करती है ...

पंकज...केसी हो नेहा बेटी..

नेहा ... अच्छी हूँ अंकल...

हेलो ही करके नेहा ज्योति को साथ लेकर कॉलेज चली जाती है .........

डॉली अभी भी किचिन में बर्तन सॉफ कर रही थी.......

पंकज और राज भी अपनी अपनी कंपनी जा चुके थे ...

घर में सिर्फ़ डॉली और उसकी मम्मी ही रह जाती है ...

डॉली के मन में कल के लिए बहुत सारी उमंगे सपने आने लगे थे ...

ऐसा करेगी वेसा करेगी सोचते हुए डॉली का आज वक़्त नही काट रहा था ..

दिल कर रहा था ...ओह्ह्ह्ह राज से मिलन की वो घड़ी जल्दी से आ जाये ....

कुछ देर बाद डॉली अपनी मम्मी से मार्केट जाने का बोलती है ........

डॉली... मम्मी में मार्केट जा रही हूँ मुझे अपने लिए कुछ शॉपिंग करनी है..

एक घंटे में आ जाउन्गी ...

सुषमा... ठीक है डॉली बेटा अगर कुछ पेसे चाहिए तो मेरे पर्स में से ले ले ...

डॉली के चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है ...

डॉली... ओ थॅंक यू मम्मी....

डॉली के पास पेसे तो थे मगर डॉली फिर भी अपनी मम्मी के पर्स से 2000 रुपे और ले लेती है. जाने आज डॉली क्या क्या शॉपिंग करना चाहती थी ....

पेसे लेकर डॉली घर से निकल जाती है ..और एक ऑटो पकड़ कर मार्केट पहुचती है...

डॉली एक जनरल स्टोर की शॉप पर पहुचती है ..

जहा पर एक लड़की बैठी हुई थी ..

लड़की डॉली को देखकर

लड़की ... क्या दिखाऊ में आपको

डॉली... अच्छी सी कोई मेकप कीट दिखाइए ...

लड़की डॉली को मेकप की कीट दिखाती है ..

जिसमें फेस पाउडर लिपस्टिक काजल वागेहरा वागेहरा थे...

डॉली वो कीट देखते ही पसंद आ जाती है ..और कीट ले लेती है ...

फिर डॉली एक विथ हेर रिमूवर क्रीम लेती है.....

उसके बाद डॉली उस लड़की से जेसे ही अपने लिए अंडरगार्मेंट्स ब्रा पेंटी दिखाने को बोलती है ...

तो उस लड़की को लगता है शायद डॉली अपनी शादी के लिए ये सब शॉपिंग कर रही है.. और वो लड़की डॉली से पूछ ही लेती है ...

लड़की ... मेंम क्या आप ये सब अपनी शादी के लिए खरीद रही है...

उस लड़की के मूह से शादी का नाम सुनकर डॉली को बहुत अच्छा लगता है ये बोलकर उस लड़की ने डॉली का दिल खुश कर दिया था ....

डॉली भी खुशी खुशी उस लड़की को बोलती है ...

डॉली ... हा मिस कल मेरी शादी है ...

लड़की....ओह्ह्ह कंग्रॅजुलेशन्स में ...मेरा नाम सपना है आपका .... ...

डॉली.... मेरा नाम डॉली है..

सपना... बहुत प्यारा नाम है ...

डॉली... थॅंक्स...

सपना ...डॉली में में आपको ब्रांदित ब्रा पेंटी के सेट दिखाती हूँ ..

और सपना डॉली को अलग अलग डिज़ाइन की बहुत सारी ब्रा पेंटी दिखाती है ........

डॉली उनमें से तीन चार सेट ले लेती है ...

डॉली की पसंद देखकर...

सपना ...डॉली मेंम आपकी चॉयस बहुत अच्छी है.

इनमें आप बहुत क्यूँट और बहुत ही हॉट लगेंगी....

सपना की बात पर डॉली बस मुस्कुरा देती है..

और सारा समान एक बाग में करा लेती है और पेमेंट करके

डॉली जैसे ही शॉप से निकलती है ...

सपना... डॉली में अगर आपको मेहन्दी लगवानी है तो हमारे यहाँ दुल्हन वाली मेहन्दी भी लगाई जाती है ...

सपना की बात सुनकर डॉली वापस पलटते हुए ...

डॉली... अच्छा मेहन्दी लगवाने में कितना टाइम लगेगा ..

सपना ...बस आधा घंटा ...

डॉली... ठीक है सपना फिर तो लगवा लेती हूँ ...

सपना डॉली को लेकर शॉप के अंदर पहुचती है.. शॉप के अंदर एक और लड़की बैठी हुई थी ...

डॉली उस लड़की के सामने बैठत जाती है ..और अपने हाथ आगे कर उस लड़की से मेहन्दी लगवाने लगती है ....

मेहन्दी लगवाते हुए डॉली खुद को दुल्हन के रूप में

देखने लगती है.. और बैठे बैठे सुहाग रात के सपने देखने लगती है .....

सपनो में दुनिया में पहुच कर ..

डॉली खुद को एक खूबसूरत फूलो से सजे कमरे में देखती है ..जिसमे वो लाल जोड़ा पहने सुहाग शेज़ पर शरमाई सी घबराई सी अपने दूल्हे राजा का इंतज़ार कर रही थी ....

बॅड पर बैठी डॉली को जेसे ही दरवाज़े पर आहट होती है ...

डॉली का दिल धड़कने लगता है...

डॉली ऐसे ही अपनी नज़रे नीचे किए बैठी रहती है ..

और वो साया धीरे धीरे

डॉली के बिल्कुल करीब आकर

खड़ा हो जाता है ..जिससे डॉली की धड़कने और तेज़ हो जाती है..

राज शेरवानी पहने दूल्हा बना हुआ था ..जेसे ही राज आगे बढ़कर डॉली का घूँघट उठाता है ...

डॉली की खूबसूरती देखकर राज के मूह से ये शब्द निकलते है ...

राज ... वाह क्या खूबसूरत हो तुम बिल्कुल चाँद का टुकड़ा.. स्वर्ग की परी इस धरती पर उतर आई हो ....

डॉली अभी ये सपना देख रही थी की मेहन्दी लगाने वाली लड़की बोल पड़ती है.. और डॉली सपने से बाहर आती है ....

लड़की... मेंम अब अपना दूसरा हाथ आगे कीजिए...

डॉली को जेसे ही पता चलता है वो सपना देख रही थी. जाने क्यूँ एक दम डॉली के चेहरे पर बड़ी ही प्यारी सी मुस्कान आ जाती है... डॉली का ये सपना बहुत जल्द हक़ीक़त में बदलने वाला था ...
 
डॉली को जेसे ही पता चलता है वो सपना देख रही थी. जाने क्यूँ एक दम डॉली के चेहरे पर बड़ी ही प्यारी सी मुस्कान आ जाती है... डॉली का ये सपना बहुत जल्द हक़ीक़त में बदलने वाला था ...

मेहन्दी लगवाकर डॉली घर वापस आ जाती है..

घर पहुचने में डॉली को 2 बज जाते है ..

सुषमा...बड़ी देर लग गई बेटा शॉपिंग में ..

डॉली... हा मम्मी में ना मेहन्दी लगवाने लगी थी ......

सुषमा... ऊहह कोई बात नही मेंने तेरे लिए खाना तैयार कर दिया है ..कहो तो लगा दूँ ..

डॉली... जी मम्मी लगा दीजिए.. में ये समान अपने रूम में रख कर आती हूँ ....

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उधर राज भी कल के लिए बहुत कुछ करना चाहता था ..इसलिए कंपनी से चार बजे छुट्टी करके मार्केट पहुच जाता है...

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रात को सभी साथ में डिन्नर करते है और सुबह देहरादून जाने के लिए अपने कपड़े वागेहरा देखकर रखते है ...सुबह कोई 8 बजे के करीब पंकज सुषमा और ज्योति देहरादून के लिए निकल जाते है ....

अब घर पर सिर्फ़ डॉली और राज अकेले रह जाते है ....

जिस पल का दोनो को था इंतज़ार वो घड़ी आ चुकी थी.. आज राज और डॉली प्यार में हद से गुजर कर एक होने वाले थे ....

जेसे ही सब लोग चले जाते है..

राज दरवाज़ा लॉक कर अपनी दीदी को बाँहो में भर लेता है...

और डॉली को बैठहाशा चूमने लगता है.

राज डॉली को प्यार करते हुए

बर्तडे विश करता है ...

राज ... विश यू आ वेरी हॅपी बर्तडे दीदी ..

आई लव यू दीदी आई लव यू...

राज डॉली से बैंतेहा प्यार करने लगता है ...

डॉली... ऊओह राज इतना प्यार करते हो मुझसे..

राज ... हा दीदी में तुमसे कितना प्यार करता हूँ वो अपने दिल से पूछ कर देख लो ...

डॉली... राज में भी तुमसे अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करती हूँ ..

और मुझे लगता है जेसे हम दोनो का साथ जन्मो पुराना है...

क्या तुम मेरे दिल की एक ख्वाहिश पूरी कर सकते हो ...

राज ... हा दीदी आप कहो तो सही

आपके लिए अपनी जान भी दे दूँगा ...

डॉली...राज मेंने तुम्हे अपना जीवन साथी मान लिया है.. और मुझे सात जनम में तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ क्या तुम..

इसलिए आज में तुमसे शादी करना चाहती हूँ

तुम्हारी दुल्हन बनाकर तुम्हारी जीवन संगनी बनना चाहती हूँ ...

तुम मेरी ये ख्वाहिश पूरी करोगे ना राज..

राज ... हा दीदी में भी तुम्हे दुल्हन के रूप में अपनाना चाहता हूँ..तुम्हारे साथ सात फेरे लूँगा ...

राज एक दम डॉली को अपनी बाँहो से

आज़ाद कर देता है ..

राज ... दीदी तुम्हारी ये ख्वाहिश पूरी होने के बाद ही तुम्हारे बदन को छूउँगा ...

राज की बात सुन डॉली के चेहरा खिल

जाता है और डॉली मुस्कुरा देती है ...

राज ... आई लव यू..आई लव यू ..आई लव यू

राज शादी की तैयारी के लिए घर से जाने लगता है ...

डॉली... कहा जा रहे हो राज ...

राज... ( मुस्कुराते हुए )...

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

मेरा इंतज़ार करना बारात लेके आऊंगा

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

ढोल बाराती घोडे हाथी

बाजा बजेगा राहो में

ढोल बाराती घोडे हाथी

बाजा बजेगा राहो में

चाँदी जैसा बदन मैं तेरा

भर लुंगा में अपनी बाहों में

आएगी जब वो मिलन की रात

छेद के कोई प्यार की बात

तुझे सारी रात जगाउंगा

दुल्हन तू दूल्हा में बन जाऊंगा

दूल्हा तू दुल्हन मैं बन जाऊंगी

दूल्हा तू दुल्हन मैं बन जाऊंगी

देख ना सजना प्यार में तेरे मर जाऊंगी

दूल्हा तू दुल्हन मैं बन जाऊंगी

मेरे जीवन साथी जब से दिल में मेरे आए हो

हो ओ मेरे जीवन साथी जब से दिल में मेरे आए हो

जन्म जन्म के प्यार को अपने साथ में जैसे लाए हो

देखा मैने तुझको जब से

मांग लिया तुझे अपने रब से

तुझ बिन जी न पाऊंगी

दूल्हा तू दुल्हन मैं बन जाऊंगी

दूल्हा तू दुल्हन मैं बन जाऊंगी

देख ना सजना प्यार में तेरे मर जाऊंगी

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

दुल्हन तू दूल्हा मैं बन जाऊंगा

मेरा इंतज़ार करना बारात लेके आऊंगा

ये कहकर राज घर से निकल जाता है ....
 
राज की इन अदाओ पर डॉली भी मुस्कुरा देती है .. कितना प्यार था दोनो में ..

पहला प्यार इसे ही कहते है ....

.... जेसा डॉली ने राज से किया था...

राज के जाने के बाद डॉली भी अपने रूम में जाकर बॅग से हेर रिमूवर क्रीम निकल ती है और बाथरूम में चली जाती है ...

आज डॉली को राज की दुल्हन बनना था..

और दुल्हन के रूप में सजने के लिए

डॉली बाथरूम में पहुच अपने जिस्म से एक एक कर कपड़े निकाल ने लगती है ...

डॉली पूरी तरह नंगी हो चुकी थी ....

नंगे जिस्म में आज डॉली बहुत प्यारी लग रही थी...

चुचियों के निप्पल भी राज के मिलन की आस

लिए तन कर खड़े थे...

डॉली नीचे बैठकर अपनी चूत के ऊपर बालो पर हाथ फेरने लगती है ...

जिन्हे सॉफ करने के लिए डॉली चूत के ऊपर क्रीम लगाने लगती है ...

10 मिनिट ऐसे ही क्रीम लगाने के बाद

जेसे ही डॉली अपनी चूत के बाल सॉफ करके

पानी से धोती है ...

डॉली की चूत एक दम क्लीन हो जाती है

आज चूत पर अलग ही निखार आ रहा था ...

क्यूँकी आज डॉली की चूत को उसका हमसफ़र

जो मिलने वाला था ....

अपनी चूत देखकर इस बार डॉली भी शरमा जाती है ...

और डॉली खड़ी होकर शवर के नीचे नहाने लगती है ...

और नहाते हुए एक गाना गुनगुनाने लगती है ...

ललललला हम्म्म

लललललला हम्म्म

सजना है मुझे सजना के लिए

सजना है मुझे सजना के लिए

ज़रा उलझी लटें संवार दूं

हर अंग का रंग निखार लू

की सजना है मुझे सजना के लिए

सजना है मुझे सजना के लिए

पानी पड़े तन पे तो शोला निकले

जाने कैसे अगन में बदन जले

पानी पड़े तन पे तो शोला निकले

जाने कैसे अगन में बदन जले

दिन भर की थकन उतार लूँ

हर अंग का रंग निखार लू

के सजना है मुझे सजना के लिए

सजना है मुझे सजना के लिए

अंग अंग धो लूँ ज़रा मल मल के

फूल सी महक उठूं मैं खिल के

अंग अंग धो लूँ ज़रा मल मल के

फूल सी महक उठूं मैं खिल के

तितली से पंख उधार लूँ

हर अंग का रंग निखार लू

के सजना है मुझे सजना के लिए

सजना है मुझे सजना के लिए

सज धज के मैं ज़रा बन ठन के

बाण चलाउंगी नैनं के

सज धज के मैं ज़रा बन ठन के

बाण चलाउंगी नैनं के

आइना ज़रा निहार लूं

खुद अपनी नज़र उतार लूँ

के मैं तो सज गयी रे सजना के लिए

मैं तो सज गयी रे सजना के लिए

मैं तो सज गयी रे सजना के लिए

मैं तो सज गयी रे सजना के लिए

मैं तो सज गयी रे सजना के लिए.

डॉली नहा कर अपनी मम्मी के कमरे में जाती है और उनकी अलमारी में कुछ देखने लगती है ...

जेसे ही डॉली की नज़र लाल रंग के लहंगे पर पड़ती है डॉली की खुशी का ठिकाना नही रहता...
 
डॉली अपनी मम्मी का लहंगा लेकर

नंगी ही अपने अपने रूम में आती है ..

शीशे के सामने खड़ी होते हुए ..

डॉली पहले अपने नंगे जिस्म पर ब्रा और पेंटी पहनती है ..

पिंक कलर की ब्रा पेंटी पहनकर डॉली

अपने आप को शीशे में देखती है ..

क्या लग रही थी डॉली..बिल्कुल हॉलीवुड की हेरोयिन जैसी सेक्सी वेरी हॉट .. ...

काफ़ी देर तक डॉली अपने आप को शीशे में पलट पलट कर देखती है..

डॉली अच्छी तो लग रही थी फिर भी डॉली को अपनी ब्रा पेंटी का पिंक कलर कुछ जम नही रहा था ..

और डॉली अपने जिस्म से पिंक कलर की ब्रा पेंटी निकाल देती है..

और अबकी बार रेड कलर की ब्रा पेंटी का सेट पहन कर देखती... है..

वूओव रेड कलर की ब्रा डॉली के जिस्म पर क्या गजब लग रही थी ..

जेसे स्वर्ग की कोई अप्सरा धरती पर उतर आई हो ..

डॉली भी अपने आपको इस रूप में देखकर अपने हुस्न पर नाज़ करने लगती है ...

ब्रा पेंटी पहनकर डॉली अपनी मम्मी का दुल्हन वाला लहंगा पहने लगती है...

लहंगा पहनकर डॉली अपने हाथो में चूड़िया कंगन

कानो में झुमके सिर पर झूमर पैरों में पायल ..

सारे सोलह श्रृंगार करते हुए

डॉली दुल्हन के रूप में तैयार हो चुकी थी ..

.....

डॉली बिल्कुल सज धज के राज का इंतज़ार

करने लगी थी...

अब डॉली का राज के बिना वक़्त काटना मुश्किल होने लगा था ...

डॉली बार बार कभी घड़ी के तरफ देखती कभी दरवाज़े की तरफ ...

डॉली के अंदर से ये गाना निकलता है ...

वक़्त काटे नही कट ता है,

तेरे बिना मेरे साजन

काश यह हो के तू आ जाए,

बीत ना जाए यह सावन

देखूं राहें तेरी सारा दिन,

आ भी जा मेरे दिल के करार.

यू ना कर तू मुझे बेकरार.....

वक़्त काटे नही कट ता है..

तेरे बिना मेरे साजन

काश ये हो के तू आ जाये

बीत ना जाए यह सावन

...

तभी दरवाज़े पर डॉली को राज के आने की आहट होती है..

जेसे ही डॉली की नज़र राज को देखती है..

राज ने अपने हाथो में दो बड़े बड़े ले रखे थे ....

राज को देखकर डॉली को इतनी खुशी मिलती है जेसे राज से बिछड़े एक ज़माना हो गया था....

राज भी डॉली को दुल्हन के रूप में देखकर पलके झपकाना भूल चुका था ... डॉली इतनी खूबसूरत भी लग सकती है राज को अपनी आँखो पर विश्वास नही हो रहा था ...

राज .... वववूऊओववववव ये स्वर्ग की अप्सरा मेरे घर में कहाँ से आ गई क्या तुम वाक़ई मेरी डॉली दीदी हो...

डॉली.... नही राज में तुम्हारी दीदी बिल्कुल नही हूँ..आज के बाद तुम मुझे सिर्फ़ डॉली कहकर बुलाओगे ...

राज अपनी दीदी की बातो को सुनकर शॉक्ड सा खड़ा रह जाता है ...
 
राज अपनी दीदी की बातो को सुनकर शॉक्ड सा खड़ा रह जाता है ...

राज ... ठीक है दीदी

डॉली...फिर से दीदी

राज ...ऊओह सॉरी डॉली

डॉली...हमम्म्म ये हुई ना बात

डॉली...इन बेग में क्या लिए हो राज

राज ... अपनी दुल्हन का रूम सजाने के लिए फूल लेकर आया हूँ ...

डॉली... ऊओह राज सच ..

अब मुझे और सबर नही होता..

चलो जल्दी से हम दोनो शादी कर लेते है ...

राज ... तुम्हे पता है डॉली शादी कैसे होती है ...

डॉली... हमम्म अग्नि के साथ फेरे लेते है गले में वरमाला डालते है फिर

मंगल सूत्र पहनते है माँग में सिंदूर भरते है.. ये रसम निभाकर ही शादी के बंधन में बाँधते है ...

राज ... अर्रे वाह डॉली तुम्हे तो सब पता है..हमे भी शादी करने के लिए पहले ये सारी रस्मे अदा करनी होंगी ..उसके बाद ही हम दोनो शादी के पवित्र बंधन में बंधेंगे ...

डॉली...ह्म्म्म्म

राज ... जब तक में ये सब तैयारी करता हूँ

तुम ऐसा करो फूलो से अपनी सुहाग्सेज सज़ा दो ....

डॉली राज की बात सुनकर राज के रूम में फूलो वाला बेग ले जाती है ...

राज भी दूसरे बेग से शेरवानी निकाल कर तैयार होने लगता है ..

कुछ देर बाद राज दूल्हा बना बाहर आता है.और डॉली भी बेड सज़ा कर बाहर आ चुकी थी ...

दोनो शादी की रस्मे निभाना शुरू करते है ...

राज एक वरमाला डॉली को पकड़ाता है..

और दूसरी वरमाला डॉली के गले में डाल

डॉली को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेता है ...

डॉली भी राज के गले में वरमाला डालकर राज को अपना पति स्वीकार करती है ...

उसके बाद राज एक कुंड में अग्नि जलाता है ...

डॉली भी आगे बढ़कर रसम निभाने में राज का साथ देती है और अपनी चुन्नी की राज के कपड़ो से बाँध लेती है ..

राज अग्नि जलाकर डॉली के साथ अग्नि के

सात फेरे लेने शुरू करता है ...

डॉली और राज साथ फेरे भी पूरे कर लेते है .. जेसे ही डॉली के साथ फेरे पूरे हुए डॉली खुद को राज की जीवन संगनी समझने लगती है...

सात फेरे पूरे होते ही राज डॉली की माँग में सिंदूर भर देता है

और अपनी जेब से मंगल सूत्र निकाल कर डॉली के गले में पहना देता है ...

राज .. डॉली आज से तुम मेरी धरम पत्नी बन चुकी हो ..

डॉली की शादी का सपना पूरा हो चुका था ...जिससे डॉली एक दम भावुक सी हो जाती है..

जेसे शादी के बाद दुल्हन अपने बाबुल से विदा होते हुए होती है ...

डॉली को भावुक होता देख राज डॉली को

अपनी बाँहो में भर लेता है ...

काफ़ी देर दोनो एक दूजे से यू ही लिपटे हुए

रहते है ...

उसके बाद राज अपनी दुल्हन को अपनी गोद में उठा लेता है...

डॉली भी राज के गले में बाँहे डाल

लेती है ..

राज अपनी दुल्हन को लेकर अपने रूम में

आ चुका था..जेसे डॉली ने पहले ही फूलो से सज़ा कर सुहाग सेज बना दिया था ...राज डॉली को बॅड पर बिठा कर रूम से बाहर चला जाता है ....

डॉली दुल्हन बनी सुहाग्सेज पर घूँघट ओढ़े बैठी थी ..

इस वक़्त डॉली को लग रहा था अपने मिलन की घड़ी आ चुकी है.. अब दो जिस्म एक होने वाले है..डॉली का मन तो राज से कब का मिल चुका था...अब चाँद घड़ी में टन से टन का मिलन होने वाला था.

राज अपने हाथो में केसर बादाम वाला

दूध का ग्लास लेकर आया था ...

राज के करीब आने से डॉली अब जाने को घबराई सी शरमाई सी होने लगी थी..

अपने घूँघट को और भी बड़ा करते हुए अपने आप में सिमटी जा रही .....

राज दूध का ग्लास टेबल पर रखकर ..

फूलो से सजे बॅड पर बैठी अपनी दुल्हन के पास बैठते हुए अपने हाथो से राज डॉली का घूँघट हटाता है ...
 
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