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Guest
डॉली ने करीब आधा घंटा लगा दिया था उसका शेव
करने में..!!और इस आधे घंटे अनय ने डॉली से एक
पल के लिए भी नज़रे नहीं हटाई..
डॉली-आप कुछ कहना चाहते है तो कह सकते है हमें
कोई प्रॉब्लम नहीं होगी...!!
अनय उसकी बातो को समझते हुए-और तुम्हें ऐसा क्यों
लगता है कि मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं..!!
डॉली-नहीं.... वो तो बस आप तबसे हमें ही देख रहे
थे इसलिए हमें लगा.. और कुछ और मतलब मत
निकाल लेना..!!
डॉली उसका फेस साफ करते हुए-अब लग रहा है, आप
तिवारी जी ही है..!! एकदम पहले की तरह हॉट, हैंडसम..!!
अनय शरारत से-अब तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी... किस
करने में..( डॉली जाने लगी तो अनय ने हाथ पकड़ लिया)
वैसे मैं किसी से उधार नहीं लेता पर अब ले ही लिया है तो
ब्याज सहित लौटाना भी तो पड़ेगा ना..!!
अनय उसके करीब आया तो डॉली ने अपनी गर्दन
झुका ली..!! अनय ने उसका हाथ अपने हाथों में थामते
हुए कहा-डॉली... बहुत रात हो गई है अब मुझे जाना
चाहिए तुम भी आराम करो कल मेहंदी लगने वाली है ना
तुम्हें..!! और वहां घर पर किसी को ख़बर लग गई की
मैं रूम में नहीं हूं तो भूचाल आ जायेगा..!!
डॉली ने कुछ नहीं कहा और अंदर रूम में जाने लगी..
अनय-आज हमारी हल्दी थी और तुमने मुझे और मैने
तुम्हे हल्दी नहीं लगाई तो ये रस्म तो अधूरी है...
डॉली रूम में जाकर हल्दी का बाउल लेकर आ गई..
डॉली-लीजिए लगा दीजिए..
अनय-नहीं पहले तुम लगाओ मैं अपने हाथ खराब नहीं
करना चाहता..!!
डॉली ने उसे घुर कर देखा फिर हाथो में हल्दी लेकर
उसके दोनों गालों और नाक पर लगा दी..!!
अनय-ने उसके हाथ से बाउल लेकर टेबल पर रखा
और उसे कमर से पकड़ अपने करीब खींचा..!!
अनय-क्या मुझे हक है कि मैं अपनी होने वाली वाइफ
को अपने तरीके से हल्दी लगा सकू..!!
डॉली ने हां में सिर हिलाया तो अनय ने पहले अपनी नाक
पर लगी हल्दी डॉली की नाक पर लगाई डॉली ने अपनी
आंखें बन्द कर ली उसके होंठो पर मुस्कान देख अनय
भी मुस्कुरा दिया..!! उसने अपने दोनो गालों को डॉली
के दोनों गालों पर रगड़ते हुए हल्दी लगाई और उसके
माथे पर किस कर लिया..!! फिर उसे छोड़ते हुए..
अब मैं जाऊं... डॉली ने अंदर से टिशू पेपर लिए और
उसके फेस से अच्छे से हल्दी साफ की और फिर उसे
मुंह धोने के लिए कह दिया..!! अनय ने मुंह धोया तब
तक डॉली ने भी अपनी हल्दी साफ कर ली थी..!!
दोनों ने राज और निखिल को जगाया..!! और अनय
ने उन दोनों से चलने के लिए कहा..!!
राज-क्या हुआ..??
डॉली-घर जाना है तुम लोगो को और क्या होगा..??
राज-हम्मम.. चलिए भाई..!! फिर रुककर आप दोनों
ना अच्छे से समझ लो किसी को भी कुछ भी पता नहीं
चलना चाहिए डॉली तुम्हे दोस्ती का वास्ता और भाई आपको
अपने एकलौते भाई की कसम..!! भाई आप ये सोच कर
दुखी हो लेना की अब ये मुसीबत (डॉली की तरफ इशारा
करते हुए) आपके गले पढ़ने वाली है और डॉली तुम ये
सोचकर कि....
डॉली उसे पीटते हुए-हम तुम्हे मुसीबत नजर आ रहे है..
और हां हमें ज्ञान देने की जरूरत नहीं है समझे..
राज अपने आप को बचाते हुए-यार डॉली हम लोग लेट
हो रहे है अब जाने दो..!!
राज अनय को देखते हुए-वैसे भाई जब आप आए थे,
तब कुछ अलग लग रहे थे और अब अलग ऐसा क्या
हो गया..!!
निखिल झट से बोल पड़ा-अबे अभी भाई क्लीन शेव में
है और तब.....
अनय-तुम दोनों की बकवास हो गई हो तो चले....
वे लोग इधर उधर देखते हुए जल्दी से निकल गए..!! उधर
अनय के घर कोहराम मचा हुआ था, दरअसल काव्या
दीदी अनय को देखने गई थी और जब वो रूम में नहीं
दिखा तो उन्होंने पूरे घर में कोना कोना छान लिया पर
अनय नहीं मिला अब उन्हें क्या पता था दूल्हे राजा अपनी
दुल्हन से मिलने गए है..!! खेर इसके बाद घर में ये बात
आग की तरह फैल गई की दूल्हे राजा पूरे घर में कहीं
नहीं मिल रहे..!! सब लोग ढूंढ ही रहे थे कि सामने से
तीनो तिकड़ी आती दिखी..!!
अनय को राज और निखिल के साथ देख सबकी जान
में जान आई वरना तो सबने सोचा था कि दूल्हा शादी से
ही भाग गया..!!
दादाजी गुस्से से-कहां गए थे तुम लोग बताकर नहीं जा
सकते थे..!! हम सब यहां परेशान हो रहे थे और तुम
लोग घूमने निकल गए थे..!!
मि तिवारी-पापा बच्चे है जाने दीजिए..!!
राज-वो पापा हम लोग भाई को शेविंग के लिए लेकर
गए थे और उसके बाद हम लोग घाट पर चले गए थे
रात में वहां का नज़ारा बहुत खूबसूरत होता है ना तो
बस वही बेठे रहे और टाइम का पता भी नहीं चला..!!
अनय और निखिल तो राज को ही देखे जा रहे थे, बन्दा
क्या सफाई से झूट बोल रहा है वो भी बिना अटके..!!
सबने उसकी बात पर विश्वास भी कर लिया..!!
मिसेज तिवारी-बेटा बता कर जाते तो हम लोग मना थोड़ी
ना करते..!! पर अगली बार से ऐसा बिल्कुल मत करना
बताकर जाते तो हम लोग यू परेशान ना होते..!!
अनय-सॉरी मम्मा वो ये दोनों मुझे जबरदस्ती लेकर गए
थे मैं तो जाना ही नहीं चाहता था..!! उसने फूल एक्टिंग में
उदास होकर कहा..!!
काव्या दीदी-अच्छे लग रहे हो... बिल्कुल पहले कि तरह
बस अपने चेहरे पर ये उदासी मत आने दो बल्कि होंठो
पर मुस्कान रखो..!!
अनय-मैं जाऊं नींद आ रही है..!! कह वो तेज कदमों से
अपने रूम में चला आया..!! निखिल और राज भी
खिसक लिए और धीरे-धीरे से फिर से सोने चले गए..!!
डॉली के होंठो से मुस्कुराहट जाने का नाम ही नहीं ले रही
थी और ना ही उसकी आंखों में अब नींद थी अब बस
आंखो में सपने थे तो अनय के साथ जिन्दगी बिताने के..!!
इधर अनय का भी यही हाल था रात तक तो उसे सब कुछ
फरेब सा लग रहा था, जिन्दगी बोझ सी लग रही थी..
डॉली के बिना उसे सब नीरस लगने लगा था पर अब....
अब तो उसे उसकी डॉली मिल गई थी जिसे चाहा वहीं
जीवन साथी बनने वाली थी उसकी खुशी की कोई सीमा
ही नहीं थी..!! दोनों एक दूसरे के बारे में सोचते हुए सो
गए आज दोनों के होंठो पर प्यारी सी स्माइल थी ना की
आंखों के कोरो पर आंसू..!!
मेरी राहें तेरे तक हैं तुझपे ही तो मेरा हक़ है
इश्क़ मेरा तू बेशक़ है तुझपे ही तो मेरा हक़ है
साथ छोड़ूँगा ना तेरे पीछे आऊँगा
छीन लूँगा या खुदा से माँग लाउँगा
तेरे नाल तक़दीरां लिखवाउंगा
मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा
सोंह तेरी मैं क़सम यही खाऊँगा
कित्ते वादेया नू मैं निभाऊँगा
तुझे हर वारी अपना बनाऊँगा
मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा
ना ना ना.. ओ..
लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर
तू ही मंज़िल दिल तेरा मुसाफ़िर
लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर
तू ही मंज़िल मैं तेरा मुसाफ़िर
रब नू भुला बेठा तेरे करके
मैं हो गया काफ़िर
तेरे लिए मैं जहाँ से टकराऊँगा
सब कुछ खोके तुझको ही पाउँगा
दिल बन के दिल धडकाऊँगा
मैं तेरा बन जाऊँगा
मेरी राहें तेरे तक हैं
तुझपे ही तो मेरा हक़ है
करने में..!!और इस आधे घंटे अनय ने डॉली से एक
पल के लिए भी नज़रे नहीं हटाई..
डॉली-आप कुछ कहना चाहते है तो कह सकते है हमें
कोई प्रॉब्लम नहीं होगी...!!
अनय उसकी बातो को समझते हुए-और तुम्हें ऐसा क्यों
लगता है कि मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं..!!
डॉली-नहीं.... वो तो बस आप तबसे हमें ही देख रहे
थे इसलिए हमें लगा.. और कुछ और मतलब मत
निकाल लेना..!!
डॉली उसका फेस साफ करते हुए-अब लग रहा है, आप
तिवारी जी ही है..!! एकदम पहले की तरह हॉट, हैंडसम..!!
अनय शरारत से-अब तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी... किस
करने में..( डॉली जाने लगी तो अनय ने हाथ पकड़ लिया)
वैसे मैं किसी से उधार नहीं लेता पर अब ले ही लिया है तो
ब्याज सहित लौटाना भी तो पड़ेगा ना..!!
अनय उसके करीब आया तो डॉली ने अपनी गर्दन
झुका ली..!! अनय ने उसका हाथ अपने हाथों में थामते
हुए कहा-डॉली... बहुत रात हो गई है अब मुझे जाना
चाहिए तुम भी आराम करो कल मेहंदी लगने वाली है ना
तुम्हें..!! और वहां घर पर किसी को ख़बर लग गई की
मैं रूम में नहीं हूं तो भूचाल आ जायेगा..!!
डॉली ने कुछ नहीं कहा और अंदर रूम में जाने लगी..
अनय-आज हमारी हल्दी थी और तुमने मुझे और मैने
तुम्हे हल्दी नहीं लगाई तो ये रस्म तो अधूरी है...
डॉली रूम में जाकर हल्दी का बाउल लेकर आ गई..
डॉली-लीजिए लगा दीजिए..
अनय-नहीं पहले तुम लगाओ मैं अपने हाथ खराब नहीं
करना चाहता..!!
डॉली ने उसे घुर कर देखा फिर हाथो में हल्दी लेकर
उसके दोनों गालों और नाक पर लगा दी..!!
अनय-ने उसके हाथ से बाउल लेकर टेबल पर रखा
और उसे कमर से पकड़ अपने करीब खींचा..!!
अनय-क्या मुझे हक है कि मैं अपनी होने वाली वाइफ
को अपने तरीके से हल्दी लगा सकू..!!
डॉली ने हां में सिर हिलाया तो अनय ने पहले अपनी नाक
पर लगी हल्दी डॉली की नाक पर लगाई डॉली ने अपनी
आंखें बन्द कर ली उसके होंठो पर मुस्कान देख अनय
भी मुस्कुरा दिया..!! उसने अपने दोनो गालों को डॉली
के दोनों गालों पर रगड़ते हुए हल्दी लगाई और उसके
माथे पर किस कर लिया..!! फिर उसे छोड़ते हुए..
अब मैं जाऊं... डॉली ने अंदर से टिशू पेपर लिए और
उसके फेस से अच्छे से हल्दी साफ की और फिर उसे
मुंह धोने के लिए कह दिया..!! अनय ने मुंह धोया तब
तक डॉली ने भी अपनी हल्दी साफ कर ली थी..!!
दोनों ने राज और निखिल को जगाया..!! और अनय
ने उन दोनों से चलने के लिए कहा..!!
राज-क्या हुआ..??
डॉली-घर जाना है तुम लोगो को और क्या होगा..??
राज-हम्मम.. चलिए भाई..!! फिर रुककर आप दोनों
ना अच्छे से समझ लो किसी को भी कुछ भी पता नहीं
चलना चाहिए डॉली तुम्हे दोस्ती का वास्ता और भाई आपको
अपने एकलौते भाई की कसम..!! भाई आप ये सोच कर
दुखी हो लेना की अब ये मुसीबत (डॉली की तरफ इशारा
करते हुए) आपके गले पढ़ने वाली है और डॉली तुम ये
सोचकर कि....
डॉली उसे पीटते हुए-हम तुम्हे मुसीबत नजर आ रहे है..
और हां हमें ज्ञान देने की जरूरत नहीं है समझे..
राज अपने आप को बचाते हुए-यार डॉली हम लोग लेट
हो रहे है अब जाने दो..!!
राज अनय को देखते हुए-वैसे भाई जब आप आए थे,
तब कुछ अलग लग रहे थे और अब अलग ऐसा क्या
हो गया..!!
निखिल झट से बोल पड़ा-अबे अभी भाई क्लीन शेव में
है और तब.....
अनय-तुम दोनों की बकवास हो गई हो तो चले....
वे लोग इधर उधर देखते हुए जल्दी से निकल गए..!! उधर
अनय के घर कोहराम मचा हुआ था, दरअसल काव्या
दीदी अनय को देखने गई थी और जब वो रूम में नहीं
दिखा तो उन्होंने पूरे घर में कोना कोना छान लिया पर
अनय नहीं मिला अब उन्हें क्या पता था दूल्हे राजा अपनी
दुल्हन से मिलने गए है..!! खेर इसके बाद घर में ये बात
आग की तरह फैल गई की दूल्हे राजा पूरे घर में कहीं
नहीं मिल रहे..!! सब लोग ढूंढ ही रहे थे कि सामने से
तीनो तिकड़ी आती दिखी..!!
अनय को राज और निखिल के साथ देख सबकी जान
में जान आई वरना तो सबने सोचा था कि दूल्हा शादी से
ही भाग गया..!!
दादाजी गुस्से से-कहां गए थे तुम लोग बताकर नहीं जा
सकते थे..!! हम सब यहां परेशान हो रहे थे और तुम
लोग घूमने निकल गए थे..!!
मि तिवारी-पापा बच्चे है जाने दीजिए..!!
राज-वो पापा हम लोग भाई को शेविंग के लिए लेकर
गए थे और उसके बाद हम लोग घाट पर चले गए थे
रात में वहां का नज़ारा बहुत खूबसूरत होता है ना तो
बस वही बेठे रहे और टाइम का पता भी नहीं चला..!!
अनय और निखिल तो राज को ही देखे जा रहे थे, बन्दा
क्या सफाई से झूट बोल रहा है वो भी बिना अटके..!!
सबने उसकी बात पर विश्वास भी कर लिया..!!
मिसेज तिवारी-बेटा बता कर जाते तो हम लोग मना थोड़ी
ना करते..!! पर अगली बार से ऐसा बिल्कुल मत करना
बताकर जाते तो हम लोग यू परेशान ना होते..!!
अनय-सॉरी मम्मा वो ये दोनों मुझे जबरदस्ती लेकर गए
थे मैं तो जाना ही नहीं चाहता था..!! उसने फूल एक्टिंग में
उदास होकर कहा..!!
काव्या दीदी-अच्छे लग रहे हो... बिल्कुल पहले कि तरह
बस अपने चेहरे पर ये उदासी मत आने दो बल्कि होंठो
पर मुस्कान रखो..!!
अनय-मैं जाऊं नींद आ रही है..!! कह वो तेज कदमों से
अपने रूम में चला आया..!! निखिल और राज भी
खिसक लिए और धीरे-धीरे से फिर से सोने चले गए..!!
डॉली के होंठो से मुस्कुराहट जाने का नाम ही नहीं ले रही
थी और ना ही उसकी आंखों में अब नींद थी अब बस
आंखो में सपने थे तो अनय के साथ जिन्दगी बिताने के..!!
इधर अनय का भी यही हाल था रात तक तो उसे सब कुछ
फरेब सा लग रहा था, जिन्दगी बोझ सी लग रही थी..
डॉली के बिना उसे सब नीरस लगने लगा था पर अब....
अब तो उसे उसकी डॉली मिल गई थी जिसे चाहा वहीं
जीवन साथी बनने वाली थी उसकी खुशी की कोई सीमा
ही नहीं थी..!! दोनों एक दूसरे के बारे में सोचते हुए सो
गए आज दोनों के होंठो पर प्यारी सी स्माइल थी ना की
आंखों के कोरो पर आंसू..!!
मेरी राहें तेरे तक हैं तुझपे ही तो मेरा हक़ है
इश्क़ मेरा तू बेशक़ है तुझपे ही तो मेरा हक़ है
साथ छोड़ूँगा ना तेरे पीछे आऊँगा
छीन लूँगा या खुदा से माँग लाउँगा
तेरे नाल तक़दीरां लिखवाउंगा
मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा
सोंह तेरी मैं क़सम यही खाऊँगा
कित्ते वादेया नू मैं निभाऊँगा
तुझे हर वारी अपना बनाऊँगा
मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा
ना ना ना.. ओ..
लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर
तू ही मंज़िल दिल तेरा मुसाफ़िर
लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर
तू ही मंज़िल मैं तेरा मुसाफ़िर
रब नू भुला बेठा तेरे करके
मैं हो गया काफ़िर
तेरे लिए मैं जहाँ से टकराऊँगा
सब कुछ खोके तुझको ही पाउँगा
दिल बन के दिल धडकाऊँगा
मैं तेरा बन जाऊँगा
मेरी राहें तेरे तक हैं
तुझपे ही तो मेरा हक़ है