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प्यार का अहसास

डॉली ने करीब आधा घंटा लगा दिया था उसका शेव

करने में..!!और इस आधे घंटे अनय ने डॉली से एक

पल के लिए भी नज़रे नहीं हटाई..

डॉली-आप कुछ कहना चाहते है तो कह सकते है हमें

कोई प्रॉब्लम नहीं होगी...!!

अनय उसकी बातो को समझते हुए-और तुम्हें ऐसा क्यों

लगता है कि मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूं..!!

डॉली-नहीं.... वो तो बस आप तबसे हमें ही देख रहे

थे इसलिए हमें लगा.. और कुछ और मतलब मत

निकाल लेना..!!

डॉली उसका फेस साफ करते हुए-अब लग रहा है, आप

तिवारी जी ही है..!! एकदम पहले की तरह हॉट, हैंडसम..!!

अनय शरारत से-अब तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी... किस

करने में..( डॉली जाने लगी तो अनय ने हाथ पकड़ लिया)

वैसे मैं किसी से उधार नहीं लेता पर अब ले ही लिया है तो

ब्याज सहित लौटाना भी तो पड़ेगा ना..!!

अनय उसके करीब आया तो डॉली ने अपनी गर्दन

झुका ली..!! अनय ने उसका हाथ अपने हाथों में थामते

हुए कहा-डॉली... बहुत रात हो गई है अब मुझे जाना

चाहिए तुम भी आराम करो कल मेहंदी लगने वाली है ना

तुम्हें..!! और वहां घर पर किसी को ख़बर लग गई की

मैं रूम में नहीं हूं तो भूचाल आ जायेगा..!!

डॉली ने कुछ नहीं कहा और अंदर रूम में जाने लगी..

अनय-आज हमारी हल्दी थी और तुमने मुझे और मैने

तुम्हे हल्दी नहीं लगाई तो ये रस्म तो अधूरी है...

डॉली रूम में जाकर हल्दी का बाउल लेकर आ गई..

डॉली-लीजिए लगा दीजिए..

अनय-नहीं पहले तुम लगाओ मैं अपने हाथ खराब नहीं

करना चाहता..!!

डॉली ने उसे घुर कर देखा फिर हाथो में हल्दी लेकर

उसके दोनों गालों और नाक पर लगा दी..!!

अनय-ने उसके हाथ से बाउल लेकर टेबल पर रखा

और उसे कमर से पकड़ अपने करीब खींचा..!!

अनय-क्या मुझे हक है कि मैं अपनी होने वाली वाइफ

को अपने तरीके से हल्दी लगा सकू..!!

डॉली ने हां में सिर हिलाया तो अनय ने पहले अपनी नाक

पर लगी हल्दी डॉली की नाक पर लगाई डॉली ने अपनी

आंखें बन्द कर ली उसके होंठो पर मुस्कान देख अनय

भी मुस्कुरा दिया..!! उसने अपने दोनो गालों को डॉली

के दोनों गालों पर रगड़ते हुए हल्दी लगाई और उसके

माथे पर किस कर लिया..!! फिर उसे छोड़ते हुए..

अब मैं जाऊं... डॉली ने अंदर से टिशू पेपर लिए और

उसके फेस से अच्छे से हल्दी साफ की और फिर उसे

मुंह धोने के लिए कह दिया..!! अनय ने मुंह धोया तब

तक डॉली ने भी अपनी हल्दी साफ कर ली थी..!!

दोनों ने राज और निखिल को जगाया..!! और अनय

ने उन दोनों से चलने के लिए कहा..!!

राज-क्या हुआ..??

डॉली-घर जाना है तुम लोगो को और क्या होगा..??

राज-हम्मम.. चलिए भाई..!! फिर रुककर आप दोनों

ना अच्छे से समझ लो किसी को भी कुछ भी पता नहीं

चलना चाहिए डॉली तुम्हे दोस्ती का वास्ता और भाई आपको

अपने एकलौते भाई की कसम..!! भाई आप ये सोच कर

दुखी हो लेना की अब ये मुसीबत (डॉली की तरफ इशारा

करते हुए) आपके गले पढ़ने वाली है और डॉली तुम ये

सोचकर कि....

डॉली उसे पीटते हुए-हम तुम्हे मुसीबत नजर आ रहे है..

और हां हमें ज्ञान देने की जरूरत नहीं है समझे..

राज अपने आप को बचाते हुए-यार डॉली हम लोग लेट

हो रहे है अब जाने दो..!!

राज अनय को देखते हुए-वैसे भाई जब आप आए थे,

तब कुछ अलग लग रहे थे और अब अलग ऐसा क्या

हो गया..!!

निखिल झट से बोल पड़ा-अबे अभी भाई क्लीन शेव में

है और तब.....

अनय-तुम दोनों की बकवास हो गई हो तो चले....

वे लोग इधर उधर देखते हुए जल्दी से निकल गए..!! उधर

अनय के घर कोहराम मचा हुआ था, दरअसल काव्या

दीदी अनय को देखने गई थी और जब वो रूम में नहीं

दिखा तो उन्होंने पूरे घर में कोना कोना छान लिया पर

अनय नहीं मिला अब उन्हें क्या पता था दूल्हे राजा अपनी

दुल्हन से मिलने गए है..!! खेर इसके बाद घर में ये बात

आग की तरह फैल गई की दूल्हे राजा पूरे घर में कहीं

नहीं मिल रहे..!! सब लोग ढूंढ ही रहे थे कि सामने से

तीनो तिकड़ी आती दिखी..!!

अनय को राज और निखिल के साथ देख सबकी जान

में जान आई वरना तो सबने सोचा था कि दूल्हा शादी से

ही भाग गया..!!

दादाजी गुस्से से-कहां गए थे तुम लोग बताकर नहीं जा

सकते थे..!! हम सब यहां परेशान हो रहे थे और तुम

लोग घूमने निकल गए थे..!!

मि तिवारी-पापा बच्चे है जाने दीजिए..!!

राज-वो पापा हम लोग भाई को शेविंग के लिए लेकर

गए थे और उसके बाद हम लोग घाट पर चले गए थे

रात में वहां का नज़ारा बहुत खूबसूरत होता है ना तो

बस वही बेठे रहे और टाइम का पता भी नहीं चला..!!

अनय और निखिल तो राज को ही देखे जा रहे थे, बन्दा

क्या सफाई से झूट बोल रहा है वो भी बिना अटके..!!

सबने उसकी बात पर विश्वास भी कर लिया..!!

मिसेज तिवारी-बेटा बता कर जाते तो हम लोग मना थोड़ी

ना करते..!! पर अगली बार से ऐसा बिल्कुल मत करना

बताकर जाते तो हम लोग यू परेशान ना होते..!!

अनय-सॉरी मम्मा वो ये दोनों मुझे जबरदस्ती लेकर गए

थे मैं तो जाना ही नहीं चाहता था..!! उसने फूल एक्टिंग में

उदास होकर कहा..!!

काव्या दीदी-अच्छे लग रहे हो... बिल्कुल पहले कि तरह

बस अपने चेहरे पर ये उदासी मत आने दो बल्कि होंठो

पर मुस्कान रखो..!!

अनय-मैं जाऊं नींद आ रही है..!! कह वो तेज कदमों से

अपने रूम में चला आया..!! निखिल और राज भी

खिसक लिए और धीरे-धीरे से फिर से सोने चले गए..!!

डॉली के होंठो से मुस्कुराहट जाने का नाम ही नहीं ले रही

थी और ना ही उसकी आंखों में अब नींद थी अब बस

आंखो में सपने थे तो अनय के साथ जिन्दगी बिताने के..!!

इधर अनय का भी यही हाल था रात तक तो उसे सब कुछ

फरेब सा लग रहा था, जिन्दगी बोझ सी लग रही थी..

डॉली के बिना उसे सब नीरस लगने लगा था पर अब....

अब तो उसे उसकी डॉली मिल गई थी जिसे चाहा वहीं

जीवन साथी बनने वाली थी उसकी खुशी की कोई सीमा

ही नहीं थी..!! दोनों एक दूसरे के बारे में सोचते हुए सो

गए आज दोनों के होंठो पर प्यारी सी स्माइल थी ना की

आंखों के कोरो पर आंसू..!!

मेरी राहें तेरे तक हैं तुझपे ही तो मेरा हक़ है

इश्क़ मेरा तू बेशक़ है तुझपे ही तो मेरा हक़ है

साथ छोड़ूँगा ना तेरे पीछे आऊँगा

छीन लूँगा या खुदा से माँग लाउँगा

तेरे नाल तक़दीरां लिखवाउंगा

मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा

सोंह तेरी मैं क़सम यही खाऊँगा

कित्ते वादेया नू मैं निभाऊँगा

तुझे हर वारी अपना बनाऊँगा

मैं तेरा बन जाऊँगा मैं तेरा बन जाऊँगा

ना ना ना.. ओ..

लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर

तू ही मंज़िल दिल तेरा मुसाफ़िर

लखाँ तों जुदा मैं हुई तेरे ख़ातिर

तू ही मंज़िल मैं तेरा मुसाफ़िर

रब नू भुला बेठा तेरे करके

मैं हो गया काफ़िर

तेरे लिए मैं जहाँ से टकराऊँगा

सब कुछ खोके तुझको ही पाउँगा

दिल बन के दिल धडकाऊँगा

मैं तेरा बन जाऊँगा

मेरी राहें तेरे तक हैं

तुझपे ही तो मेरा हक़ है
 
अगली सुबह एक बार फिर सब हॉल में इकठ्ठे हो गए,

चाय नाश्ते के लिए..!!

रिंकी धीरे से-डॉली...

डॉली-हम्मम..

रिंकी-जीजू और तुमने एक दूसरे को प्रपोज़ कर दिया,

और तुमने उन्हें वो बता दिया जो तुम वेलेंटाइन्स डे पर

सरप्राइज देने वाली थी..!!

डॉली मुंह बनाकर-नहीं यार..!!

रिंकी-क्यों..?? इतना टाइम तुम दोनों ने क्या कत्थक

किया..!!

डॉली-अरे यार हम उनके कहने का इंतजार कर रहे थे,

प्यार तो बहुत करते है पर पता नहीं इजहार कब करेंगे,

या कभी करेंगे ही भी नहीं... उफ़..

रिंकी-अब क्या किया का सकता है..?? वैसे ये हल्दी

का कमाल है या जीजू के प्यार का इतनी खिली खिली

लग रही हो और पहले से ज्यादा खुबसूरत भी..!!

डॉली मुस्कुरा दी.. फिर कहने लगी-यार रिंकी ये प्यार भी

अजीब है ना कल तक हम उदास थे हम अंदर ही अंदर

घूट रहे थे बेचैनी सी हो रही थी और कल रात जब उनसे

मिले उसके बाद से अब कोई बेचैनी कोई घुटन नहीं रही..

तुम्हे पता है जब भी उनके सीने से लगते है अजीब सा

सुकून मिलता है लगता है यही दुनिया की सबसे सेफ,

सबसे महफूज़ जगह है..!!

रिंकी-हां प्यार तो ऐसा ही होता है..!! हम खुशनसीब है

जो हमें हमारा प्यार मिला..!! दुनिया में कई खुबसूरत

लोग है पर हमें अपने प्यार से ज्यादा खुबसूरत कुछ और

लगता ही नहीं..!!

जय डॉली को देखते हुए दादू के पास जाकर-दादू मुझे

लगता है हमें अब इन दोनों को बता देना चाहिए..!! ऐसे

उदास होकर तो ये दोनों अपनी शादी इंजॉय नहीं कर

पायेंगे..!!

दादू-अरे ऐसे केसे इंजॉय नहीं करेंगे हम सब साथ रहेंगे

तो इनको उदास होने के मौके ही नहीं मिलेंगे..!! तुम देखो

प्रिंसेस को.. आज तो ठीक लग रही है..!!

प्रमोद जी-पर पापा बता देते तो ज्यादा अच्छा रहता..!!

दोनों दिल से खुशी खुशी शादी की सारी रस्में इंजॉय करते,

ऐसे तो...

दादू-दोनों को तब ही पता चलेगा जब हम चाहेंगे..!!

जय मन में-अब तो मुझे ही कुछ करना पड़ेगा मैं इन्हें

सबसे छुपाकर मिलवाकर बता दूंगा एक तरफ मेरा दोस्त

है और एक तरफ मेरी बहन दोनों ही मुझे बहुत प्यारे है..!!

आज मेहंदी कि रस्म थी..!!डॉली और अनय दोनों ही खुश

थे और इस खुशी की चमक उनके चेहरे और आंखों में

साफ नजर आ रही थी..!! डॉली को खुश देख सब हैरान

होने के साथ साथ खुश भी थे दादू और दादी भी डॉली

को खुश देख खुश थे..!!

इधर आज अनय भी खुश था पर सबके सामने उसने अपने

इमोशन्स को कंट्रोल कर रखा था..!! पर आज उसके मन

में भी खिचड़ी पक रही थी..!! राज अब खुश था कि

दोनों अब रस्मों को खुशी-खुशी और पूरे दिल से निभायेंगे..!!

दुल्हन के साथ दूल्हे को भी मेहंदी लगनी थी पर अनय को

मेहंदी कलर आने के बाद अच्छी लगती थी पर जब लगती

थी तब उसकी स्मैल उसे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती

थी..!! जब मिसेज तिवारी किसी त्यौहार पर या किसी शादी

में जाने से पहले मेहंदी लगाती तो अनय मेहंदी की स्मैल

के कारण उनके आसपास भी नहीं आता..!! पर आज तो

उसे अपने हाथों में मेहंदी लगवानी थी..!!

मिसेज तिवारी-अनय आओ बैठो मेहंदी लगवा लो..!!

अनय-मम्मा प्लीज़ ये मुझसे नहीं हो पायेगा आप लोग लगा

ले पर मुझे इसके लिए फोर्स मत कीजिए..!!

काव्या दीदी-अरे ऐसे केसे फोर्स ना करे शादी की मेहंदी

है लगवानी तो पड़ेगी और फिर इसके रंग से ही तो पता

चलेगा तुम्हारी होने वाली वाइफ तुमसे कितना प्यार करती

है..!! काव्या दीदी ने शरारत से कहा..!! तो अनय उन्हें

देखने लगा..!! वे फिर बोली"ऐसे क्या देख रहे हो यही

सच है पर इसके लिए तुम्हे ज्यादा नहीं पर थोड़ी मेहंदी

तो लगवानी ही पड़ेगी अपने हाथो में..!!

अंकित जीजू (काव्या दीदी के हसबैंड)-हां जी साले साहब

अब ये जानने के लिए तो आपको मेहंदी लगवानी ही

पड़ेगी... पर अगर आप नहीं जानना चाहते तो कोई बात

नहीं रहने देते है...!!

जीजू की बात सुन अनय झट से मान गया..!! काव्या

दीदी ने उसके हाथों में मेहंदी लगाई और डॉली के नाम का

"A" उसके हाथो में लिख दिया..!!

सब औरतें वहीं बैठी एक दूसरे के हाथो में मेहंदी लगा रही

थी..

अनय-मम्मा आप लोगो ने मुझे अपनी ही शादी की शॉपिंग

नहीं करने दी..!! (सभी फैमिली मेंबर हैरानी से आंखें

फाड़े उसे देखने लगे..!!) क्या..?? आप लोगो ने मुझे

मेरी होने वाली वाइफ के लिए जोड़ा भी खरीदने का मौका

नहीं दिया...

मि तिवारी-पर बेटा तुम खुद ही भी तो आना नहीं चाहते थे,

फिर हम लोगो ने सब कुछ बहुत अच्छा ही खरीदा है..!!

मिसेज तिवारी-हां बेटा हमनें सब कुछ बहुत अच्छा खरीदा

है..!!

अनय-और आप लोगो ने मुझे मेरी ही शादी का कार्ड

नहीं दिखाया.... इसका क्या मतलब समझू मैं...

राज फुसफुसाते हुए निखिल से-ये भाई के अंदर डॉली

की आत्मा तो नहीं घुस गई है जो आज इतना बोल रहे है

निखिल-चढ़ा तो नहीं रखी है...

राज-मेरे भाई कोई नशेड़ी नहीं है..!! पर अभी जो वो

कर रहे है उससे पता नहीं क्या होने वाला है..??

मिसेज तिवारी नकली गुस्सा करते हुए-तुम कार्ड देख कर

क्या कर लेते..!! फोन पर दो मिनट बात तो करते नहीं

थे,आ जाते खुद से शॉपिंग के लिए हमने रोका नहीं था

और दो साल में एक भी बार घर नहीं आए... और अब बाते

आ रही है..!! अब शादी हो रही है तो इंजॉय करो कार्ड

देख कर क्या कर लोगे..!!
 
अनय का मुंह लटक गया...!! कहां तो उसने सोचा था,

सबको परेशान करने का पर उल्टा उसे ही डांट पड़ गई..!!

उसे चुप देख सबने चैन की सांस ली.. की अगर अनय ने

कार्ड देखने की जिद पकड़ ली होती तो उसे सब पता चल

जाता..!! पर ऐसा कुछ नहीं हुआ तो अब सब सुकून से थे..!!

डॉली ने अनय को कॉल किया..

अनय कॉल रिसीव कर-हम्मम.. तो तुम मुझे मिस कर

रही हो..!!

डॉली-नहीं बिल्कुल नहीं.. वो हमने तो बस इसलिए

कॉल किया था कि आप हमें मिस भी कर रहे है या नहीं..

अनय-तो तुम सुनना चाहती हो..!!

डॉली मुस्कुराते हुए-हां.. पर आपने कहा ही नहीं...

अनय-डॉली आई मिस यू..!!

डॉली-ऐसे कौन कहता है..?? हमने कहा तो आपको

याद आ गई हमारी कहते हुए उसने कॉल डिस्कनेक्ट

कर दिया..!!

अनय हेल्लो करता रह गया..!! उसने डॉली को कॉल

लगाई...

डॉली अनय की बात कॉपी करते हुए-हम्मम... तो आप

हमें मिस कर रहे थे..!!

अनय मुस्कुरा दिया फिर बोला-हम्मम.. बहुत ज्यादा..!!

मेरा बस चलता तो तुम्हे भगा कर ले जाता पर ये

पॉसिबल नहीं है..!!

उसकी बात सुन डॉली के होंठो के साथ आंखे भी

मुस्कुरा उठी और नज़रे शर्म से झुक गई..!!

अनय-डॉली...

डॉली हड़बड़ाकर-वो हम बाद में बात करते है आपसे

अभी मेहंदी लगवानी है..!!

अनय-मेरा नाम लिखवाओ गी ना..!! मैं चाहता हूं मैं

खुद आकर अपना नाम तुम्हारे हाथो में लिखूं..!!

डॉली-आप कैसे आ सकते है..?? अच्छा चलिए बाय

रिंकी हमें काफी देर से बुला रही है..!!

डॉली के मामा मामी भी आ चुके थे..!! डॉली

को मेहंदी लगना शुरू हो चुकी थी..!! रिंकी को भी मेंहदी

लगानी आती थी तो वो भी डॉली के रिश्तेदारों को मेहंदी

लगा रही थी दोनों भाभियां भी लगाकर दे रही थी..!!

सबकी मेहंदी लग चुकी थी पर डॉली की अभी बाकी थी,

अब शुरू हुआ था नाच गाने दौर..!!

मेहँदी है रचनेवाली, हाथों में गहरी लाली

कहें सखियाँ, अब कलियाँ, हाथों में खिलने वाली हैं

तेरे मन को, जीवन को, नई ख़ुशियाँ मिलने वाली हैं

हो हरियाली बन्नो

ले जाने तुझको गुईयाँ

आने वाले हैं सैयाँ

थामेंगे आ के बईयाँ

गूँजेगी शहनाई अंगनाई-अंगनाई

मेहंदी है रचनेवाली...

गायें मईया और मौसी,

गायें बहना और भाभी

कि मेहंदी खिल जाये, रंग लाये, हरियाली बन्नी

गायें फूफी और चाची, गायें नानी और दादी

कि मेहंदी मन भाये, सज जाये, हरियाली बन्नी

मेहंदी रूप सँवारे हो, मेहंदी रंग निखारे हो

हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारे

मेहंदी है रचनेवाली...

गाजे, बाजे, बाराती, घोड़ा, गाड़ी और हाथी को

लायेंगे साजन, तेरे आँगन, हरियाली बन्नी

तेरी मेहंदी वो देखेंगे तो, अपना दिल रख देंगे वो

पैरों में तेरी चुपके से, हरियाली बन्नी

मेहँदी रूप सँवारे, ओ मेहँदी रंग निखारे हो

हरियाली बन्नी के आँचल में उतरेंगे तारें

मेहंदी है रचनेवाली...

सबने खूब इंजॉय किया गाने को और डॉली मेहंदी

लगवाते हुए नम आंखों से सबको देख रही थी..!!

मेहंदी वाली ने क्या नाम लिखना है पूछा तो सब एक

दूसरे को देखने लगे रिंकी ने एक बारी सबके तरफ

देखा और फिर उसने "A" लिखने के लिए कहा..!! बाकी

सब ने भी राहत की सांस ली तो दादी और दादू भी मुस्कुरा

उठे..!! उस लड़की ने डॉली के हाथो में छुपाकर "A"

लिखा तो डॉली ने उसे थोड़ी जगह छोड़ने के लिए कहा..!!

उस लड़की ने वैसा ही किया..!! दोनों हाथो में मेहंदी लग

चुकी थी और डॉली बेठे हुए काफी ज्यादा थक गई थी..!!

तो सविता जी ने पैरो में शाम को लगाने के लिए कह दिया...

इसके बाद सब लंच के लिए साथ ही बेठे सबने अपने

हाथो से डॉली को खिलाया उसके बाद दादू ने दादी को,

बड़े पापा ने बड़ी मम्मा को ऐसे ही सबने अपनी अपनी

पत्नियों को खाना खिलाया क्युकी सबके हाथो में मेहंदी

लगी हुई थी जय ने डॉली को खिलाया और निखिल

भी आ गया था तो उसने रिंकी को खिलाया..!! जय

की आंखें डॉली को खाना खिलाते हुए बार-बार नम हो

रही थी और उसे देख डॉली की भी आंखे भर आई..!!

डॉली ने रिंकी को इशारे से बुलाया और उसके कान में

फुसफुसा कर कुछ कहा.. रिंकी ने हैरानी से उसे देखा फिर

हां में सिर हिला दिया..!!
 
खाना खाकर सब कुछ देर बैठकर फिर तैयारियां देखने

लगे जय को डॉली ने रोक लिया था तो रिंकी ओर निखिल

भी वही थे..!! डॉली ने रिंकी को इशारा किया..!!

रिंकी-भईया वो आपसे कुछ बात करनी थी..!!

जय-हां कहो ना क्या बात है..??

रिंकी-वो भईया हमने डॉली को जीजू के बारे में सब बता

दिया...

जय हैरानी से-क्या..?? डॉली तुमने मुझे बताया भी

नहीं..

रिंकी-वो भईया राज ने उसे मना किया हुआ था इसलिए

नहीं बताया और वो आपसे छुपाना भी नहीं चाहती थी

इसलिए उसने मुझसे कहा कि मैं आपको बता दूं.. वो

भईया हम लोगो से इनकी हालत देखी नहीं जा रही थी

इसलिए कल रात ही हमने दोनों को सब बता दिया..!!

जय-हम्मम.... तभी मैं सोच रहा था.. आज डॉली का

चेहरा बुझा बुझा नहीं लग रहा बल्कि चमक रहा है और

हर रोज की तरह मुस्कान भी बनावटी नहीं लगी..!!

डॉली-सॉरी भईया पर हम क्या करते राज ने मना किया

था आप नाराज़ तो नहीं है ना..

जय उसके सिर पर हाथ फेरते हुए-बिल्कुल भी नहीं,

बल्कि मैं तो खुद आज रात ही तुम्हे और अनय को सब

बताने वाला था... उसे यहां लाकर...

तीनो ने एक दूसरे की तरफ देखा फिर एक साथ-क्या...??

जय-हां.. पर अब तो सब ठीक है अब कोई टेंशन नहीं,

और डॉली अब जाओ थोड़ी देर रेस्ट कर लो शाम को

पैरों में मेहंदी लगवानी है तो फिर बैठना पड़ेगा..!!

जय निखिल को लेकर चला गया और डॉली और रिंकी

रूम में चली गई..!!

जय निखिल के साथ अनय के बंगले पर आ गया क्युकी

काफी टाइम से वो ना ही अनय से मिला था और ना ही

दोनों में कोई बात हुई..!!

अनय ने जय को देखते ही उसे गले से लगा लिया..!!

जय उससे अलग होते हुए-तो ये याद है तुम्हें की मैं

तुम्हारा दोस्त था..!!

अनय-था नहीं है..!! सॉरी पर मैं गिल्ट में था..!! डॉली

का दिल दुखाया था तो...

जय-तो इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी और अगर

डॉली का दिल दुखा था तो तुम भी खुश नहीं थे उससे

अलग होकर..!! और मैने तुम्हे कभी किसी चीज के

लिए दोषी नहीं माना..!! तुम्हारा प्यार जो डॉली के लिए

था और है वो मैने देखा है..!! डॉली का भाई हूं तो

तुम्हारा भी दोस्त हूं..!! तुमने तो अपनी तकलीफ में

मुझे शामिल ही नहीं किया सब अकेले ही बर्दाश्त कर लिया..

अनय-तो क्या करता खुद भी रोता और तुम्हें भी रुलाता,

अब छोड़ो वो दिन अब गुजर गए है अब तो.. वो अचानक

रुक गया...

जय-मुझे सब पता चल गया है तो मेरे सामने तो बोल

सकते हो..!!

अनय-तुम्हें किसने बता दिया..!!

जय-रिंकी ने..!!

अनय-और उसने क्यों बताया तुम्हें..?? आ.... डॉली ने

कहा होगा उसे..!! इसके बाद दोनों की बाते चलते रही

घर बिजनेस सब कुछ..!!

शाम होते ही डॉली को फिर मेहंदी लगनी शुरू हो गई..!!

और नाच गाना एक बार फिर शुरू हुआ दादू और दादी

ने भी साथ में डांस किया..!!

इधर काव्या दीदी और जीजू ने भी प्लेन बना लिया था

डॉली और अनय को मिलवाने का..!! डॉली की

मेहंदी अब कंप्लीट हो चुकी थी..!! देर रात सबने डिनर

किया और अपने अपने रूम में आ गए..!!

इधर काव्या दीदी ने राज को भी अपने प्लेन में शामिल

कर लिया था..!! और राज क्या करे क्या ना करें वाली

स्थिति में था..!! काव्या दीदी ने अनय को अपने साथ

चलने के लिए कहा..!! अनय ने राज की तरफ देखा

तो राज ने उसे आंख मारी तो अनय समझ गया उसे

भी डॉली से मिलना था तो उसने काव्या दीदी और जीजू

से कोई सवाल जवाब नहीं किया और उनके साथ चल दिया..
 
राज उनको लेकर होटल पहुंचा..!! काव्या दीदी ने अनय

को बुरका पहनने के लिए दिया तो अनय ने एक बार फिर

राज की तरफ देखा तो उसने अपने कंधे उचका दिए..!!

अनय मुंह बनाते हुए-मैं ये नहीं पहनने वाला..!!

जीजू-साले साहब पहन लो आपका फायदा है इसमें..!!

अनय अंजान बनते हुए-आप लोग मुझे यहां लाए क्यों

है और ये बुरका पहनना जरूरी है क्या..??

काव्या दीदी-हां जरूरी है तुम्हें तुम्हारी होने वाली बीवी

के दर्शन कराने है..!!

अनय मन ही मन खुश होते हुए पर बाहर से गंभीर होकर-

मुझे नहीं मिलना किसी से भी..!! आप लोग चाहो तो जा

सकते हो मैं यहां गाड़ी में वैट कर लुंगा..!!

जीजू-अरे ऐसे केसे..?? राज पकड़ो अपने भाई को..!!

तीनो ने पकड़ कर अनय को बुरका पहना दिया..!! और

राज के पीछे चल दिए डॉली के रूम में जाने के लिए..

जीजू रूम के बाहर खड़े हो गए निगरानी रखने के लिए

और काव्या दीदी, अनय और राज अंदर चले गए..!!

डॉली ने काव्या दीदी को देखा और फिर उनके गले लग

गई उसने राज की तरफ देखा और बुरके वाली के तरफ..

अनय ने झट से बुरका हटाया तो डॉली और रिंकी की

हंसी छूट गई..!! काव्या दीदी ने डॉली और अनय को

वहीं सब बताया जो कि राज ने बताया था फिर भी

दोनों ने चुप होकर सुना और थोड़ा बहुत नाटक भी कर

लिया..!! उसके बाद काव्या दीदी ने दोनों को रूम में छोड़ा

और राज और रिंकी के साथ बालकनी में आ गई..!!

राज और रिंकी ने एक दूसरे की तरफ देखा और दोनों

ही मुस्कुरा दिए..!!
 
रूम में डॉली और अनय भी एक दूसरे को देख मुस्कुरा

दिए..!! अनय ने डॉली की मेहंदी देखने के लिए उसके

हाथ थामे और देखने लगा तब ही उसे अपने नाम का

"A" नजर आया उसने डॉली की तरफ देखा तो डॉली

ने मेहंदी का कोन उसे थमा दिया..!! अनय ने उस खाली

जगह में अपना पूरा नाम लिख दिया..!! तो डॉली के

होंठो पर प्यारी सी स्माइल आ गई..!! उसे देख अनय भी

मुस्कुरा दिया..!!

इधर बाहर दादू ने जीजू को देख लिया था और दादू को

अपने सामने देख जीजू की आंखे चोड़ी हो गई और

शब्द गले में ही अटक कर रह गए..!!

दादू को अपने सामने देख जीजू के पसीने छूट गए..!!

वे हकलाते हुए बोले-द... द.. दादू.... आ.... प..!!

दादू ने मुस्कुराते हुए उनका कंधा थपथपाते हुए कहा-हां

हम है, पर अंकित बेटा आप इस वक्त यहां क्या कर रहे है..!!

जीजू की हालत खराब हो रही थी उनका दिमाग बन्द

पड़ गया था उन्हें कुछ भी बोलते ही नहीं बन रहा था..!!

दादू उनकी हालत समझते हुए अपने साथ ले गए और

वेटर से दो चाय लाने के लिए कहा..!!

जीजू-नहीं दादू चाय की जरूरत नहीं है... मैं वो काव्या..

दादू ने फिर मुस्कुराते हुए कहा-अरे बेटा तुम हमारे समधी

फैमिली के दामाद हो तो हमारे तो समधी हुए, तो थोड़ी

आवभगत भी करनी चाहिए पर अब इतनी रात में आप

चाय से काम चला ले..!!

जीजू तो बेचारे जैसे अपनी सांसे ही रोके बेठे हो..!! अब

वो बेचारे अकेले ही फंसे थे..!! बाकियों को तो खबर भी

नहीं थी इस बात की..!!

रूम में अनय-हां तो सुबह तुम मुझे मिस कर रही थी,

और अभी मेरी तरफ देख भी नहीं रही हो..!! देख लो

उसके बाद तो शायद सीधा शादी में ही एक दूसरे को देख

पाएं वो तो काव्या दीदी और जीजू का भला हो जिन्होंने

मुझ बेचारे पर रहम कर लिया और यहां ले आए..!!

डॉली-आपने बताया क्यों नहीं की हम पहले ही जान

चुके है..!!

अनय-अगर बता देता तो मैं अपना नाम तुम्हारे हाथों में

कैसे लिख पाता..!! शादी से पहले एक और मीटिंग कैसे

हो पाती और अब जब मैने इतने प्यार से तुम्हारे

हाथों में अपना नाम लिखा है तो इसका रंग तो इस पूरी

मेहंदी के रंग से भी गहरा होगा..!!

डॉली-और ऐसा क्यों होगा..??

अनय-क्युकी मैं...... क्युकी ये मैने लिखा है इसलिए..!!

डॉली ने उसकी बात पर मुंह बना लिया फिर धीरे से

बुदबुदाई हिटलर कहीं के.. हम जो सुनना चाहते है वो

तो कभी कहते ही नहीं है..!!

अनय उसकी बात सुन मुस्कुराते हुए-कुछ कहा क्या

तुमने..

डॉली-न.. नहीं.. हमने कुछ नहीं कहा.. आपके कान बज

रहे है शायद..!!

अनय उसके करीब जाकर फुसफुसाते हुए-मेरे कान नहीं

बज रहे गेट बज रहा है...

डॉली चौंक कर-क.. क्या..??

अनय-अं... वो बालकनी वाला..!! शायद हमारा मिलने

का टाइम खतम हुआ अनय ने मुंह बनाते हुए और उदास

फेस बनाते हुए कहा..!!

डॉली मुस्कुरा दी उसने गेट खोला तो काव्या दीदी, रिंकी

और राज अंदर आए..!!

काव्या दीदी-अनु वो अंकित रूम के बाहर थे कॉल रिसीव

ही नहीं कर रहे है..!! तुम फटाफट ये पहनो और राज

तुम गेट खोलकर अंकित को देखो कहां है..??

अनय-दीदी रिलैक्स यहीं होंगे..!! या फिर नीचे गार्डन में

चले गए हो..!!

काव्या दीदी डॉली को गले लगाते हुए-सॉरी डॉली कल

मिलते है अभी जल्दी में है..!!

डॉली-आप सॉरी क्यों कह रही है आप टेंशन मत लीजिए,

यही कही होंगे जीजू..!!

काव्या दीदी भी बाहर निकल गई राज के पीछे और रिंकी

वाशरूम चली गई तो अनय ने एक बार फिर बुरका पहन

लिया..!! उसे देख डॉली खिलखिला कर हंस पड़ी अनय

ने उसकी कमर में हाथ डाल अपने करीब किया और

उसके बालों को कान के पीछे करते हुए उसके कान में

धीरे से फुसफुसाया आज फिर बहुत खूबसूरत लग रही

हो..!! उसकी गर्म सांसे डॉली को अपने कान ओर गरदन

पर महसूस हो रही थी उसका दिल बेतहाशा धड़क रहा

था..!! अनय ने धीरे से उसके माथे को अपने होंठो से

छू लिया..!! डॉली ने एक बार फिर अपनी आंखे बन्द

कर इस अहसास को महसूस किया जो उसे सुकून

दे रहा था काव्या दीदी की आवाज से दोनों एक दूसरे से

अलग हुए..!! अनय ने मुस्कुराते हुए डॉली को देखा और

बाहर निकल गया..!! बाहर आते ही उसके कदम एक

दम बर्फ की तरह जम गए..!! उसने एक नजर सब पर

डाली फिर अपने आप को बुरके के अंदर देख एक गहरी

और राहत भरी सांस ली..!!

काव्या दीदी ने जब अंकित जीजू को सबके साथ देखा

तो उनके भी पसीने छूट गए..!!
 
अंकित जीजू मन में-साले साहब कहां फसा दिया, ये

फैमिली बड़ी तेज है इनकी नजरों से कुछ नहीं छुपता..

अंकित जीजू कुछ देर पहले हुई दादू और सबकी बातो

को याद करने लगे..!! उनका ध्यान दादू की आवाज से

टूटा जो काव्या दीदी से बात कर रहे थे..!!

(आवाज सुन डॉली और रिंकी भी बाहर आ गई, और

सबको साथ देख डॉली ने रिंकी का हाथ पकड़ लिया)

दादू-बेटा आप लोग प्रिंसेस से मिलने आए है, ये तो हमें

दामाद जी ने बता ही दिया पर (बुरका पहने अनय की

तरफ इशारा कर) ये कौन है..??

काव्या दीदी हकलाते हुए-व... वो.. वो...

राज झट से-वो डॉली ने मुझे बताया था उसकी मेहंदी

खराब हो गई थी तो मैं इन्हें ले आया..!!(राज मन में-

मैने अपनी तरफ से कोशिश कर ली अब भगवान ही

बचाए..!! कितने झूट बोलने पड़ रहे है..!!)

सविता जी-अरे बेटा अच्छा किया जो तुम लोग आ गए,

और मेहंदी वाली को भी साथ ले आए, वो हमारी एक

गेस्ट को भी लगवानी थी..!!

अनय मन ही मन-मर गए..!! अनय बेटा लालच बुरी

बला है पर क्या करता डॉली से मिलने का लालच एक बार

फिर यहां ले आया..!!

काव्या दीदी मन में-हे भगवान आज बचा लो प्लीज़..

अब पता नहीं क्या होगा..??

राज झट से-वो आंटी रात ज्यादा हो गई है ना तो

इनके घर से बहुत बार कॉल आ चुकी है तो ये नहीं लगा

पायेगी आप किसी और से.. (फिर उसकी नजर रिंकी पर

पड़ी जो उसे इशारे कर रही थी) रिंकी.. रिंकी से लगवा लें..!!

रिंकी-हां आंटी मैं लगा देती हूं ना.. आप इन्हे जाने दें..!!

काव्या दीदी-वो हम भी चलते है काफी लेट हो गया है..!!

डॉली-आप यही रुक जाईए ना..!!

काव्या दीदी ने हैरानी से डॉली की तरफ देखा फिर बोली-

वो हम लोग दूसरे होटल में रुके है ना तो वहीं जा रहे है..!!

उसके बाद सबको गुड नाईट बोल वे लोग बाहर निकल

गए..!! जीजू ने दादू की तरफ देखा तो दादू ने उनका

कंधा थपथपाया और मुस्कुरा दिए बाकी सब भी जीजू

को देख मुस्कुरा दिए..!!

जीजू फटाफट वहां से निकल कार में आकर बैठ गए और

एक गहरी सांस लेकर छोड़ते हुए मन में-अब तो ऊपर

वाला ही जाने ये लोग क्या करेंगे..!!

काव्या दीदी-अंकित वहां सब कैसे आए क्या बताया आपने,

उन लोगो को शक तो नहीं हुआ होगा ना..!!

जीजू मन में-हे भगवान कब तक झूट बोलना पड़ेगा!!

फिर वे बोले वो मैं रूम के बाहर खड़े हुए बोर हो गया था

तो टैरेस पर चला गया और वहां दादू और बाकी सब

मिल गए..!! बाकी तो सब पता ही है ना तुम लोगो को..!!

अनय कुछ सोचते हुए-पर जीजू आपने उनसे कहा कि

आप लोग मतलब हम लोग डॉली से मिलने आए और

उन्होंने मान भी लिया..!! अब उनके हिसाब से तो हमें

कुछ पता नहीं है और अगर डॉली की शादी किसी और

से हो रही है तो काव्या दीदी का आना..!!

जीजू-अरे यार साले साहब हमें भी बुलाया है शादी में..!!

हम लोग दोनों तरफ से है..!!

जीजू की बात सुन सब चुप हो गए..!! तो जीजू ने भी

राहत की सांस ली..!! वे लोग जल्दी ही घर पहुंच गए..!!

रूम में

रिंकी-डॉली यार तुम्हारी शादी तो फिल्मी बनती जा रही है,

अब आगे ओर पता नहीं क्या क्या ड्रामे होंगे..!!

डॉली-अब ये सब होने के बाद तो हम चाहते है कि शादी

बस जल्दी से निपट जाए..!!

रिंकी उसे छेड़ते हुए-आय हाय लड़की को बड़ी जल्दी है

अपने पियाजी के पास जाने की..!! वैसे यार बिना प्रपोज

किए फर्स्ट नाईट मत मना लेना..!!

डॉली-रिंकी कुछ भी बोलती हो तुम..!! दोनों ही बिस्तर

पर लेटी बातें कर रही थी..!! और कब नींद की आगोश

में समाई दोनों को ही होश नहीं..!!

इधर अनय रूम में ले टे हुए यही सोच रहा था कि अब

वो डॉली से कैसे मिलेगा ये दो मुलाकाते तो बिना कुछ किए

बिना सोचे ही हो गई..!! पर अब तो शादी के बाद ही

डॉली को देख पायेगा..!! और आज तो वो बुरके की

वजह से सबके सामने आते-आते बचा..!!

सुन मेरे हमसफ़र क्या तुझे इतनी सी भी खबर

की तेरी साँसे चलती जिधर

रहूँगा बस वही उम्र भर रहूँगा बस वही उम्र भर हाय

जितनी हसीं ये मुलाकातें हैं उनसे भी प्यारी तेरी बातें हैं

बातों में तेरी जो खो जाते हैं आऊँ ना होश में मैं कभी

बाहों में है तेरी ज़िन्दगी हाय

सुन मेरे हमसफ़र ...

मैं तो यूं खड़ा किस सोच में पड़ा था

कैसे जी रहा था मैं दीवाना

छूपके से आके तूने दिल में समां के तूने

छेड़ दिया कैसा ये फ़साना

ओ.. मुस्कुराना भी तुझी से सिखा है

दिल लगाने का तू ही तरीका है

ऐतबार भी तुझी से होता है

आऊँ ना होश में मैं कभी बाहों में है तेरी ज़िन्दगी हाय

है नहीं था पता के तुझे मान लूँगा खुदा

की तेरी गललियों में इस कदर आऊंगा हर पहर

सुन मेरे हमसफ़र क्या तुझे इतनी....

अगले दिन सुबह अनय की आंखें खुली ही थी कि उसने

डॉली को कॉल लगा दिया..!! इधर डॉली अब भी सो

रही थी और उसके बगल में ही रिंकी भी..!!

डॉली ने अधखुली आंखों से ही कॉल रिसीव किया और

उनिंदी आवाज में ही हैलो कहा तो अनय कुछ देर तो

उसकी उस आवाज में ही खो गया..!! डॉली ने नींद में

ही फोन कट कर दिया तब जाकर अनय को होश आया..!!

उसने डॉली को फिर से कॉल किया..!! इस बार भी डॉली

ने हेल्लो कहा और चुप हो गई..!!

अनय बहुत प्यार से- गुड मॉर्निंग.. डॉली..!!

डॉली ने अनय की आवाज सुन फोन कान से हटा कर

स्क्रीन पर देखा तो उसमे तिवारी जी लिखा दिखा तो उसने

फोन फिर से कान पर लगा लिया..!!

अनय उसका कोई जवाब ना पाकर-डॉली.. उठो यार..

फिर सो गई क्या..??

डॉली-गुड मॉर्निंग..!!वो हम नींद में थे तो...

अनय मुस्कुराते हुए-हम्मम.. कोई बात नहीं..!! कल के

बाद तो तुम मेरे सामने रहोगी तब तुम्हे सामने से गुड मॉर्निंग

कह पाऊंगा..!!

डॉली-इतने खुश मत होइए..!! ये हमारी फैमिली है कब

क्या कर जाएं कुछ कह नहीं सकते..!!

अनय-हम्मम.. ठीक है..!! बाय..!!

डॉली-बाय..!! आई मिस यू..!! अनय के चेहरे पर बड़ी

सी स्माइल आ गई..!! उसने भी आई मिस यू टू कहा और

कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया..!! दोनों के चेहरे पर स्माइल

थी..!! डॉली ने अपनी मेहंदी देखी जिसका रंग बहुत

गहरा था और उस पर अनय का नाम और भी ज्यादा

गहरे रंग में था..!!

रिंकी उसकी मेहंदी देखते हुए-वाओ डॉली कितना डार्क

रंग चढ़ा है मेहंदी का.. लगता है जीजू कुछ ज्यादा ही

प्यार करते है अपनी डॉली से..!!

डॉली-हां तभी अब तक एक भी बार आई लव यू नहीं

कहा..!! अब तो शादी भी होने वाली है..!!

रिंकी-अरे मेरी जान.. कह देंगे..!! और शादी हो रही है

तो क्या हुआ शादी के बाद कह देंगे और वो ना कहे तो

तुम कह देना जरूरी तो नहीं हर बार लड़का ही पहल करे..!!

डॉली-हां बात तो ठीक ही कह रही हो..!! यार हमें ना

लग रहा है की हमारी फैमिली को पता चल चुका है पर वे

लोग दिखा नहीं रहे..!! हम जानते इन लोगो को अच्छी

तरह से..!!

रिंकी-तुम ज्यादा ही सोच रही हो ऐसा कुछ नहीं हुआ है..!!

चलो आज तो दिनभर कुछ नहीं करना है रात को लेडिज

संगीत है मजा आयेगा..!!

डॉली उसको देख मुस्कुरा दी..!!
 
पूरा दिन ऐसे ही बीत गया दोनों घर की लेडिज़ तैयार

होने में लगी थी और जेंट्स लोग अपनी पार्टी की तैयारियां

कर रहे थे..!! संगीत होटल में होने वाला था और पार्टी

अनय के घर..!! सभी महिलाएं तैयार होकर होटल के लिए

जहां डॉली की फैमिली रुकी थी वहीं आ गई और जेंट्स

अनय के घर के लिए निकल गए..!!

सभी लेडीज़ एक से बढ़कर एक लग रही थी..!! दोनों

दादियो ने कॉटन कि सारी पहनी हुई थी..!! बड़ी मम्मा,

सविता जी और मिसेज तिवारी ने चौड़े बॉर्डर वाली बनारसी साड़ी पहनी थी.. और बालों का जुड़ा बना रखा था..!!

दोनों भाभी ने लहंगा चोली पहना था और काव्या दीदी

ने रॉयल ब्लू कलर का बहुत खूबसूरत गाऊन पहना था..!!

रिंकी ने भी वाइन कलर का गाऊन पहना था बालों को

स्ट्रेट कर खुला छोड़ दिया था..!! अब बारी आती है हमारी

डॉली की तो डॉली ने बहुत ही खूबसूरत फ्रिल वाला

रेड कलर का गाऊन पहना था जो बिल्कुल पारियों वाला

लुक दे रहा था जिस पर उसने बालों को नीचे से कर्ल

किया हुआ था, आंखों में हल्का काजल, कानों में छोटे

-छोटे पर्ल इयरिंग्स, होंठो पर न्यूड शेड लिपस्टिक,

गले में भी लॉन्ग मोतियों की माला,हाथों में कड़े जो

मोतियों के ही थे..!! आंखों की चमक और होंठो कि

मुस्कुराहट ही उसकी खुबसूरती में चार चांद लगा रही थी..!!

सबकी नजरें उस पर पड़ी तो सब महिलाएं उसे देखते ही रह

गई..!! दादी ने उसकी आंखों से काजल निकाल कान

के पीछे नजर का टीका लगा दिया..!!

दादी-बहुत खूबसूरत लग रही हो..!! कहीं मेरी ही नजर

ना लग जाए..!! कहते हुए उसे गले से लगा लिया..!!

डॉली-अपनो की नजर नहीं लगती है दादी..!!

अनय की दादी ने भी दोनों हाथो से उसकी बलैयां ली

और सिर पर प्यार से हाथ फेर कर कहा ऐसे ही हमेशा

खुश रहो..!! डॉली मुस्कुरा दी..!! दादीजी ने उसे गले

लगा लिया..!!

बड़ी ममा और सविता जी ने भी उसके माथे को चूम

लिया..!! काव्या दीदी और रिंकी ने उसे ले जाकर एक

सोफे पर बैठा दिया और दोनों उसके अगल बगल बैठ

गई..!! सभी के बेठने के लिए सोफे का इंतजाम किया

गया था और सामने ही स्टेज बनाया गया था..!!

इधर जेंट्स पार्टी स्टार्ट हो चुकी थी और सभी स्मार्ट

और हैंडसम लग रहे थे..!! पर किसी का भी मन उस

बोरिंग सी पार्टी में नहीं लग रहा था..!!

जेंट्स पार्टी में कोई किसी से कह नहीं पा रहा था, पर

सबका मन इस बोरिंग पार्टी से हटकर लेडीज़ संगीत

में लगा हुआ था..!!

निखिल और राज भी एक तरफ बैठे हुए थे फिर कुछ

सोच दोनों ही बिना किसी को कुछ बताए ही वहां से निकल

गए..!! जय और जीजू एक तरफ बैठे बाते कर रहे थे,

और दूर बैठा अनय मुंह लटकाए उन दोनों को देख रहा

था..!! फिर कुछ सोचते हुए उनकी तरफ बढ़ गया..!!

इधर राज और निखिल संगीत हॉल में पीछे खाली पड़े

सोफे पर जाकर आराम से बैठ गए..!! और किसी को

खबर तक नहीं लगी..!!

अनय दोनों के पास जाकर-मुझे ये पार्टी नहीं अत्याचार

लग रहा है..!!

जीजू-कह तो सही रहे हो साले साहब पर कर भी क्या

सकते है..!!

जय-पार्टी इंजॉय करो और क्या..??

अनय ने मुंह बना लिया..!!

बड़े पापा, प्रमोद जी और मि तिवारी के बीच भी ऐसी

ही बाते चल रही थी..!!

और दोनों दादू अपने जमाने की शादियों की बातें करने

में लगे थे उन्हें ना पार्टी में इंट्रेस्ट था ना ही लेडीज़ संगीत

में..!!

बड़े पापा, प्रमोद जी और मि तिवारी भी टहलने के

बहाने से होटल पहुंच गए... जहां राज और निखिल

को पहले से बैठा देख उन्हें हैरानी हुई फिर वे लोग

भी शर्म को साइड रख उन दोनों के बगल में जाकर

बैठ गए..!!

सबसे पहले डॉली की दादी ने डांस किया..!!

मेरे पिया गए रंगून

वहां से किया है टेलीफोन

तुम्हारी याद सताती है....

डॉली, रिंकी और काव्या दीदी ने खूब सीटियां मारी और

पीछे से राज और निखिल ने भी..!! बाकी तीनों ने

उन्हें सीटियां मारते देखा तो सिर पिट लिया..!! सबको

जब सिटियो की आवाज आई तो पीछे पलट कर देखा

पर कोई नजर नहीं आया..!!

इसके बाद बारी थी अनय की दादी की तो उन्होंने ने

अपने डांस से सबको चोका दिया... रिंकी ने लड़के के

कपड़े पहने थे और दादी के साथ डांस कर रही थी..

उड़े जब जब जुल्फें तेरी

ओ.. उड़े जब जब जुल्फें तेरी

कवारियो का दिल मचले..

ओह जब ऐसे चिकने चेहरे

ओ जब ऐसे चिकने चेहरे

तो कैसे ना नजर फिसले जींद मेरिये

सबने खूब तालियां बजाईं.. और एक बार फिर सीटियां

गूंज गई पर किसी ने ध्यान नहीं दिया..!!
 
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