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StoryPublisher
Guest
तीनो ने एक दूसरे को देखा और वहीं कोई सोफे पर लेट
गए रिंकी नीचे ही रूम में चली गई..!! थके होने की वजह
से जल्दी ही नींद आ गई..!!
डॉली छत पर आई तो वहां लगे झूले पर बैठ कर चांद
को देखने लगी..!!
इधर अनय भी खिड़की में बैठा चांद को देख रहा था..!!
अनय डॉली की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए-कभी सोचा
नहीं था तुमसे जुदा होना पड़ेगा वरना दोस्ती के लिए
हाथ ही ना बढ़ाता..!! पर इस दोस्ती की वजह से कई
सारे अच्छे पल मेरी जिंदगी में जुड़ गए..!! तुम पसंद
तो बचपन से थी.. पर पसंद जल्दी ही प्यार में बदल गई..
तुम तो शुरू से ही मुझे हिटलर बुलाती थी और मुझे
तुम्हारे मुंह से हिटलर सुनना भी अच्छा लगता था..
याद है एक बार जब स्कूल में खेलते हुए कुछ लड़को से
झगड़ा हो गया था वो बहुत सारे थे और मैं अकेला क्युकी
उस दिन जय नहीं था साथ में, वो मुझे धक्का मारकर
चले गए थे, तब तुम आई थी मेरे पास... मेरी कोहनी में
लगी चोट को फुक मारते हुए तुमने कहा था-अनय तिवारी
तुम्हे चोट दुख तो नहीं रहा ना..!! बदले में मैं सिर्फ तुम्हे
देखते रहा और तुमने मेरी खामोशी से चिढ़कर मुझे
हिटलर कहा ओर घूरते हुए चली गई..!! बस तबसे ही
तुम पसंद आने लगी थी..!!
इधर डॉली छत पर घूमते हुए छत पर बने एक छोटे से
रूम में चली गई जहां रिंकी के डेड अपनी थकान मिटाने
आया करते थे..!! डॉली कमरे में घुसी तो सामने रखी
बॉटल्स देख वहीं एक तरफ बैठ गई.. उसकी आंखो के
आगे अनय का अनामिका को अंगुठी पहनाना ही दिखाई
दे रहा था उसकी आंखे एक बार फिर डबडबा गई वो
उस कमरे से निकल ही रही थी कि उसने एक बॉटल खोल
मुंह से लगा ली..!!
उसने आधी बॉटल गटक ली और जाकर छत की दीवार
पर चढ़ने की कोशिश करने लगी..!!
डॉली नशे में-अरे.... ये चीन की दीवार यहां क्या कर रही
है हहा..!! उसने वहीं नीचे बैठते हुए गाना चालू किया...
मुझको पीना है पीने दे...
डॉली-ना.. ये हमें शोभा नहीं देता.. फिर.. हां तिवारी जी
कहते हुए उसने अपना फोन उठाया और अनय को
कॉल लगा दिया..
अनय ने अपने बजते फोन की तरफ देखा और फिर
बाहर की तरफ देखने लगा..
डॉली अनय के फोन ना उठाने से बड़बड़ाते हुए-ये तिवारी
जी की इतनी हिम्मत की इन्होंने हमारा फोन नहीं उठाया
हमारा.. वो जानते नहीं हम कौन है..?? केस कर देंगे
हम उम्र कैद की सजा सुनाएंगे उन्हें..!! उसने एक बार
फिर अनय को कॉल लगाया..!!
अनय ने एक गहरी सांस ली और अपने फोन को उठाने
के लिए आगे बड़ा जिस पर डॉली का नाम देखते ही उसने
झट से कॉल रिसीव कर लिया..
अनय.. धीमे से-डॉली
डॉली-आपने हमारा फोन नहीं उठाया..!! फोन काटिए
और हमें फोन करिए..!!
अनय हड़बड़ा कर -डॉली तुमने ड्रिंक की है... कहां
हो तुम..?? और राज कहां है...
डॉली नशे में हंसते हुए-हम.. हम चांद पर है और.. हां राज
वो धरती पर...
अनय उसकी बात सुन जल्दी से गाड़ी लेकर निकला-
डॉली फोन मत काटना मैं... आ रहा हूं..
डॉली-फोन हम क्यू काटेंगे.. हमने लगाया तो अब आप
काटिए.. वैसे आप चांद पर नहीं आ सकते..
अनय-क्यों..
डॉली-क्युकी..... हम भूल गए..!!
रात में सड़के खाली होने की वजह से अनय जल्दी ही
रिंकी के घर के बाहर पहुंच गया..
उसने ऊपर देखा जहां डॉली दीवार पर अपने पैर लटका
कर बैठी थी..!!
अनय जल्दी से फोन जेब के हवाले कर पाइप के सहारे
चढ़ा..!!
अनय डॉली का हाथ पकड़-डॉली...(डॉली ने उसे पलट
कर देखा) डॉली यहां क्या कर रही हो..?? चलो वहां
(झूले की तरफ इशारा करते हुए) बैठते है..!!
डॉली-अरे आप चांद पर कैसे आ गए..!! रिजर्वेशन तो
खतम हो गया था ना (फिर उसे बॉटल दिखाते हुए) आप
पियेंगे.. ये बहुत अच्छा है..
अनय उसके हाथ से बॉटल लेते हुए -मुझे नहीं पीनी और
तुम भी मत पियो और चलो उतरो..
गए रिंकी नीचे ही रूम में चली गई..!! थके होने की वजह
से जल्दी ही नींद आ गई..!!
डॉली छत पर आई तो वहां लगे झूले पर बैठ कर चांद
को देखने लगी..!!
इधर अनय भी खिड़की में बैठा चांद को देख रहा था..!!
अनय डॉली की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए-कभी सोचा
नहीं था तुमसे जुदा होना पड़ेगा वरना दोस्ती के लिए
हाथ ही ना बढ़ाता..!! पर इस दोस्ती की वजह से कई
सारे अच्छे पल मेरी जिंदगी में जुड़ गए..!! तुम पसंद
तो बचपन से थी.. पर पसंद जल्दी ही प्यार में बदल गई..
तुम तो शुरू से ही मुझे हिटलर बुलाती थी और मुझे
तुम्हारे मुंह से हिटलर सुनना भी अच्छा लगता था..
याद है एक बार जब स्कूल में खेलते हुए कुछ लड़को से
झगड़ा हो गया था वो बहुत सारे थे और मैं अकेला क्युकी
उस दिन जय नहीं था साथ में, वो मुझे धक्का मारकर
चले गए थे, तब तुम आई थी मेरे पास... मेरी कोहनी में
लगी चोट को फुक मारते हुए तुमने कहा था-अनय तिवारी
तुम्हे चोट दुख तो नहीं रहा ना..!! बदले में मैं सिर्फ तुम्हे
देखते रहा और तुमने मेरी खामोशी से चिढ़कर मुझे
हिटलर कहा ओर घूरते हुए चली गई..!! बस तबसे ही
तुम पसंद आने लगी थी..!!
इधर डॉली छत पर घूमते हुए छत पर बने एक छोटे से
रूम में चली गई जहां रिंकी के डेड अपनी थकान मिटाने
आया करते थे..!! डॉली कमरे में घुसी तो सामने रखी
बॉटल्स देख वहीं एक तरफ बैठ गई.. उसकी आंखो के
आगे अनय का अनामिका को अंगुठी पहनाना ही दिखाई
दे रहा था उसकी आंखे एक बार फिर डबडबा गई वो
उस कमरे से निकल ही रही थी कि उसने एक बॉटल खोल
मुंह से लगा ली..!!
उसने आधी बॉटल गटक ली और जाकर छत की दीवार
पर चढ़ने की कोशिश करने लगी..!!
डॉली नशे में-अरे.... ये चीन की दीवार यहां क्या कर रही
है हहा..!! उसने वहीं नीचे बैठते हुए गाना चालू किया...
मुझको पीना है पीने दे...
डॉली-ना.. ये हमें शोभा नहीं देता.. फिर.. हां तिवारी जी
कहते हुए उसने अपना फोन उठाया और अनय को
कॉल लगा दिया..
अनय ने अपने बजते फोन की तरफ देखा और फिर
बाहर की तरफ देखने लगा..
डॉली अनय के फोन ना उठाने से बड़बड़ाते हुए-ये तिवारी
जी की इतनी हिम्मत की इन्होंने हमारा फोन नहीं उठाया
हमारा.. वो जानते नहीं हम कौन है..?? केस कर देंगे
हम उम्र कैद की सजा सुनाएंगे उन्हें..!! उसने एक बार
फिर अनय को कॉल लगाया..!!
अनय ने एक गहरी सांस ली और अपने फोन को उठाने
के लिए आगे बड़ा जिस पर डॉली का नाम देखते ही उसने
झट से कॉल रिसीव कर लिया..
अनय.. धीमे से-डॉली
डॉली-आपने हमारा फोन नहीं उठाया..!! फोन काटिए
और हमें फोन करिए..!!
अनय हड़बड़ा कर -डॉली तुमने ड्रिंक की है... कहां
हो तुम..?? और राज कहां है...
डॉली नशे में हंसते हुए-हम.. हम चांद पर है और.. हां राज
वो धरती पर...
अनय उसकी बात सुन जल्दी से गाड़ी लेकर निकला-
डॉली फोन मत काटना मैं... आ रहा हूं..
डॉली-फोन हम क्यू काटेंगे.. हमने लगाया तो अब आप
काटिए.. वैसे आप चांद पर नहीं आ सकते..
अनय-क्यों..
डॉली-क्युकी..... हम भूल गए..!!
रात में सड़के खाली होने की वजह से अनय जल्दी ही
रिंकी के घर के बाहर पहुंच गया..
उसने ऊपर देखा जहां डॉली दीवार पर अपने पैर लटका
कर बैठी थी..!!
अनय जल्दी से फोन जेब के हवाले कर पाइप के सहारे
चढ़ा..!!
अनय डॉली का हाथ पकड़-डॉली...(डॉली ने उसे पलट
कर देखा) डॉली यहां क्या कर रही हो..?? चलो वहां
(झूले की तरफ इशारा करते हुए) बैठते है..!!
डॉली-अरे आप चांद पर कैसे आ गए..!! रिजर्वेशन तो
खतम हो गया था ना (फिर उसे बॉटल दिखाते हुए) आप
पियेंगे.. ये बहुत अच्छा है..
अनय उसके हाथ से बॉटल लेते हुए -मुझे नहीं पीनी और
तुम भी मत पियो और चलो उतरो..