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प्यार का अहसास

घर में सारे मेहमान आ गए थे नवीन प्रवीण की छोटी

मासी-मासाजी, उनका बेटा हनी..!! डॉली के मामी और

उनकी बेटी अनामिका जो कि डॉली से बड़ी थी और डॉली

को बिल्कुल भी पसंद नहीं करती.. और क्यों पसंद नहीं

करती वो आगे पता चलेगा..!!

हल्दी वाले दिन सबने पीले रंग के कपड़े पहनें तिवारी जी

की पूरी (मतलब अनय, राज की) फैमिली भी आई थी..!!

प्रवीण और नवीन को हल्दी लगाने के बाद सबने जमकर

एक दूसरे को हल्दी लगाई डॉली ने तो किसी को नहीं

छोड़ा उसने सबको हल्दी लगाई और अनय के पास भी

पहुंच गई जो सबसे दूर एक साइड खड़ा था डॉली उसके

पास पहुंच तो गई पर हिम्मत नहीं हुई उसकी वो वापस

पलट गई पर अनय ने उसका हाथ पकड़ अपने करीब

खींच लिया..

अनय-क्या हुआ अब हल्दी लगानेआ ही गई हो तो

लगा भी दो बिना लगाए क्यों जा रही हो..

डॉली-नहीं वो.. हमें लगा आप बुरा मान जायेंगे..

अनय ने उसका हाथ पकड़ा और अपने दोनों गालों पर

लगा लिया एंजल जाने के लिए मुड़ी तो उसने कहा-

तुमने तो लगा दी अब मुझसे लगवा भी लो..!!

डॉली उसके तरफ मुड़कर-पर आपके पास हल्दी कहां

है..??

अनय-मैं लगा दूंगा पर तुम भरोसा करती हो मुझपे..??

डॉली ने हां में सिर हिलाया तो अनय ने उसकी कमर में

हाथ डाल अपने करीब खींचा और अपने हल्दी लगे गाल

उसके गालों पर रगड़ दिए डॉली के गाल लाल हो उठे

उसने अपनी नज़रे झुका ली.. अनय उसके कान के पास

जाकर फुसफुसाया-मैने अपना रंग तुम पर चढ़ा दिया है

डॉली को उसकी सांसे अपनी गर्दन पर महसूस हो रही

थी, उसके बदन से आती खुशबु उसे बहका रही थी,

सांसे तेज होने लगी थी, अनय उससे दूर हुआ तो वो

बिना देरी किए वहां से भाग कर अपने रूम में आ गई..

अनय भी अपने बालों में हाथ फेरते हुए घर आ गया..!!

डॉली पर अनय के प्यार का रंग तो चढ़ गया पर अहसास

होना अभी भी बाकी था..!!

शाम को मेहंदी थी और अगले दिन संगीत सब संगीत के

लिए जोर शोर से प्रैक्टिस कर रहे थे कोई भी लड़की वालों

से हारना नहीं चाहता था..!! अनामिका ने जब अनय को

देखा तो बस उसी ख्यालों में खो गई.. उसने एक दो बार

बात करने की कोशिश भी कि पर कुछ नहीं हुआ..!!

पर वहीं डॉली को अनय से बात करते देख उसके तन मन

में आग लग गई..!!

संगीत के लिए रेडी होकर सब लड़की वालों के यहां निकल

गए क्युकी संगीत वहीं होने वाला था..!!

सभी का अच्छे से स्वागत किया गया.. और सब वहां लगी

चेयर पर बैठ गए..!! डॉली की दोनों भाभियों पूजा और नेहा

का के दो भाई भी थे और दोनों ही डॉली को देख लट्टू

हो गए थे डॉली ने बहुत सुंदर गाऊन पहना हुआ था,

उसके छोटे बाल आगे माथे पर बिखरे हुए थे.. मेकप

ना के बराबर था सिर्फ आंखों में काजल और लाईट

लिपस्टिक..!! डॉली जिधर भी जाती दोनों उसके आगे

पिछे घूमते डॉली को दोनों से चिढ़ छूट रही थी और

जय और राज को हंसी आ रही थी.. तो वहीं अनय

और अनामिका को गुस्सा..!!

अनय-जय उन दोनों से कह दो वो तुम्हारी बहन से

दूर रहे वरना मुंह तोड़ दूंगा मैं..!!

जय हंसते हुए-तो तुम्हें जलन हो रही है.. जाओ तुम

खुद कह दो की उसे देखने का हक सिर्फ अनय तिवारी का

है और किसी का नहीं.. जाओ..!!

अनय गुस्से से-मैं.... कैसे कह सकता हूं उन्होंने जाकर

डॉली से कह दिया तो..??

जय-तो डॉली से जाकर कह दो..!!

अनय-क्या..??

जय-यही की तुम उससे प्यार करते हो और उस पर

तुम्हारा हक है और वो सिर्फ तुम्हारी है..!!

अनय-पागल हो क्या..?? कैसे भाई हो तुम यार..??

मैं उससे तब तक नहीं कहूंगा जब तक कि में पापा का

बिजनेस नहीं सम्भाल लेता तब तक तुम उसे प्रोटेक्ट

करो मैं किस हक से..??

जय-इस इंतजार के चक्कर में अगर उसे किसी और

से प्यार हो गया तो... फिर तो मैं भी कुछ नहीं कर पाऊंगा

क्युकी जहां उसकी खुशी होगी मैं उसके साथ रहूंगा..!!

अनय ने कुछ नहीं कहा तो जय ने उसके कंधे पर हाथ

रख कर कहा-तुम उससे दोस्ती के लिए हाथ बड़ाओ

क्या पता फिर ये दोस्ती प्यार में बदल जाए और वो

तुम्हारे अलावा किसी और के बारे ना सोचे..!!

राज हंसते हुए-डॉली ये दोनों तो एकदम लट्टू हो गए

तेरे पिछे.. लगता है आज प्रपोज कर के मानेंगे..!!

डॉली उसे घूरते हुए-हो गई बकवास चमका लिए अपने

दांत तो अब मुंह बन्द करके बैठो वरना सारे दांत नए

लगवाने पड़ जाएंगे..!!
 
राज-नकचड़ी चुहिया कहीं की.. जो बोला ना सही बोला

है..!!

डॉली-लाल मुंह के बन्दर तुम्हें तो हम बाद में देख लेंगे

फिलहाल इनसे कैसे निपटे..??

राज-आज संगीत का मजा ले कल शादी में इन्हे मज़ा

चखाएंगे.. अपन लड़के वाले है..!!

अनामिका अपनी मम्मा से-इस लड़की में ऐसा है क्या

जहां जाती है सब इसे ही देखते है... इसके पैदा होने

से पहले बुआ मुझे कितना लाड़ प्यार करती थी उनकी

पूरी फैमिली महंगे-महंगे गिफ्ट कपड़े सब कुछ मेरा था,

पर इसने सब छीन लिया मैं इससे इसकी खुशियां इसका

घर परिवार सब छीन लूंगी..!!

अनामिका की मां-शांति रख अभी इतना उतावलापन

अच्छा नहीं होता मै जीजी से कहकर तेरा एडमिशन

यही जय के कॉलेज में करवा दूंगी फिर तू जैसे चाहे

बदला ले लेना..!!

दोनों कपल (नवीन-पूजा और प्रवीण- नेहा) स्टेज पर

आए उन्हें देखते ही डॉली और राज ने हूटिंग करना शुरू

कर दिया बाकी सब दोनों की पागल पंती देख हंस रहे थे..!!

दोनों कपल्स ने बहुत ही रोमांटिक डांस किया..!!

इधर बारी बारी सब डांस कर रहे थे उसके बाद बारी

आई डॉली की.. डॉली का नाम सुनते ही अनय और

उन दोनों लड़को(विराट और विभास) की नज़रे स्टेज पर

जाकर रुक गई..

डॉली स्टेज पर पहुंची की गाना चालू हुआ..

नैनो वाले ने ओ..ओ

नैनों वाले ने छेड़ा मन का प्याला

छलकाई मधुशाला

मेरा चैन रेन नेन अपने साथ ले गया...

नेनो वाले ने अहा...

नैनो वाले ने......................

पग पग डोलूं रे.. हो

पग पग डोलुं रे

डगमग सी मैं चलती हूं

जगमग लो सी जलती

तेरे नैनो की कैसी मदिरा..

अनय की तो नज़रे ही नहीं हट रही थी उसकी नज़रे

नवीन प्रवीण के सालो पर पड़ी जो अपने होश गवाएं

डॉली को एकटक देख रहे थे.. ये देख कर अनय का

मन किया वो डॉली को सबसे छुपा ले..!!

जय ने मुस्कुराते हुए अनय को देखा तो अनय ने कहा-

इन दोनों घोंचू ओ को और कोई नहीं मिली जो मेरी डॉली

को ताड़ रहें है..!!

जय-अभी वो तुम्हारी हुई नहीं है और यार तुम मेरे सामने

मेरी बहन को मेरी डॉली कह रहे हो तुम्हे शर्म नहीं आती

क्या..??

अनय हंसते हुए-अरे शर्मा जी से शर्म कैसी और तुम तो

मेरे जिगरी मेरे लंगोटिया यार हो तुम्हें तो मैने सब बताया

है तुमसे क्या शर्म करूं..!!

दोनों ही हंसने लगे..

सबने डॉली की तारीफ की तो डॉली ने मुस्कुरा कर

सबको थैंक्यू कहा और आकर वापस राज के पास बैठ

गई..!!

राज-तुमने तो आज मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया..

अब देखना मेरा कमाल..!!

डॉली-हां अभी तो तुम सबकी बारी है भैय्या और तुम

लोग भी साथ में ग्रुप डांस करने वाले थे ना क्या हुआ..

राज-अरे उन बुजुर्गो (जय और अनय) से कुछ नहीं

होगा ये राज तिवारी ही अपना जलवा दिखायेगा..!!

राज उठकर गया और अनय डॉली के बगल में आकर

बैठ गया..!!

अनय-मुझे नहीं पता था तुम्हें बातों के अलावा डांस भी

आता है..!!

डॉली उसके तरफ घूमकर होंठो को गोल करते हुए-हो ओ

अब पता चल गया ना.. और हमें तो बातें भी आती है। आपको तो वो भी नहीं आती..!!

अनय उसके तरफ हाथ बढाकर-तो दोस्ती कर लो मुझसे

शायद मै भी कुछ सीख जाऊं तुमसे..!!

डॉली-हम अपने लेवल के लोगो से दोस्ती करते है और

हर किसी से दोस्ती करना हमारी फितरत में नहीं है..!!

आप जय भैय्या के दोस्त है तो वही रहिए..!!

अनय को उसकी बातें कहीं चुभ गई तो वो चुपचाप

उठकर चला गया.. डॉली को अब एहसास हुआ कि

उसने कुछ ज्यादा ही बोल दिया तो वो भी उसके पिछे

उठकर गई..!!

डॉली उसके सामने हाथ बढ़ाते हुए-आप हमसे दोस्ती

करेंगे..!!

अनय ने उसे देख कर मुंह फेर लिया-मैं तुम्हारे लेवल का

नहीं हूं अभी तुमने ही तो कहा था फिर अब क्यों आई हो..??

डॉली-आँ... वो तो बस ऐसे ही कह दिया था... और फिर

आप भी तो जब तब गुस्से से घुर कर देखते थे तो ऐसे

कैसे दोस्ती कर लेते आपसे..?? और फिर आप हमसे दोस्ती

क्यों करना चाहते है..?? आप तो किसी भी लड़की से बात

नहीं करते फिर हमसे क्यों..??

अनय-क्युकी तुम बाकी लड़कियों जैसी नहीं हो.. और

क्या बस इसलिए..!!

डॉली-ओके तो अब से हम फ्रैंड्स है और इसमें कुछ

रूल्स भी होंगे..!!

अनय-दोस्ती में रूल्स कौन फॉलो करता है..??

डॉली-अब आपको दोस्ती करनी है या नहीं..?? अगर

करनी है तो हम जो कहेंगे वो आपको मानना पड़ेगा..!!

अनय-ओके बताओ अपने रूल्स..!!

डॉली-हम्मम तो पहला आप हमारे करीब नहीं आयेंगे..!!

अनय गुस्से से-मैं कोई छिछोरा लगता हूं तुम्हें जो....

डॉली-नहीं हमारा वो मतलब नहीं था वो कल आपने हमें

हल्दी लगाते टाइम छुआ था हम उस टाइम कुछ कह नहीं

पाए.. इसलिए..

अनय-ओके ठीक है नहीं आऊंगा तुम्हारे करीब..!!

डॉली-हम्मम तो अगला रुल है गलती जिसकी भी हो

सॉरी कहना पड़ेगा..!!

अनय-किसे..??

डॉली-ऑफकोर्स आप ही कहेंगे.. (अनय उसकी बात सुन

मुंह खोले देख रहा था और मन में क्या लड़की है ये..

गलती किसी की भी हो सॉरी मैं ही कहूं..) हां पर अगर

हमारा मन किया तो कभी हम भी सॉरी कह दिया करेंगे..!!

अनय-और.. कुछ बाकी है या हो गया..!!

डॉली सोचते हुए-अम्मम्म्म्म.... अभी के लिए तो इतना ही

आगे अगर याद आया तो फिर बताएंगे..!!

अनय हैरानी से आंखें बड़ी कर देखने लगा तब तक डॉली

वापस अपनी जगह पर जाकर बैठ गई..!!

राज-कहां गई थी तुम मेरा डांस नहीं देखा तुमने..!!

डॉली-अरे हां तुम्हें बताना भूल गए हमने हिटलर से दोस्ती

कर ली...!!

राज-सच में कैसे..?? पर वो तो तुम्हें घुर घुर कर देखते

थे और लड़कियों से तो वो हमेशा से दूर भागते आए है..!!

डॉली-उन्होंने ही आगे होकर दोस्ती के लिए हाथ बढ़ाया..!!

फिर उसने सारी बातें बताई..!!

राज-वाह क्या रूल्स बनाएं है और भाई ने मान भी लिए,

और ये करीब नहीं आने वाला क्या था.. भाई तो वैसे भी

किसी के पास नहीं जाते..!!

डॉली-हमें लगता है कि वो हमें... पसंद करते है..!!

राज हंसते हुए-ये तो पॉसिबल ही नहीं है ऐसा हो ही

नहीं सकता...!!

डॉली-राज.. हमनें देखा है उनकी आंखों में.. वो कहते

नहीं पर जैसे वो हमें देखते है हमें तो यही लगा अब उनकी

वो जाने और तुम्हें यकीन करना है तो करो वरना भाड़

में जाओ..!!

राज-डॉली.... सॉरी मुझे क्या पता यार.. और अब तक

जैसा वो बिहेवियर करते आए है उससे कभी लगा ही नहीं

की वो कभी तुम्हें या किसी और लड़की को पसंद करते हो..!!

डॉली-यार राज हमें नहीं पता उनके दिल में क्या है और

हम जानना भी नहीं चाहते.. क्युकी हम उनके बारे में

ऐसा कुछ महसूस नहीं करते..!!

राज-मुड़ ऑफ मत करो यार..!! अच्छा वो देखो तुम्हारे

मजनू तुम्हारे लिए ज्यूस ला रहे है..!!

डॉली-आने दो इनको भी बताते है डॉली क्या चीज है..??

विराट डॉली के तरफ ज्यूस बढ़ाते हुए-डॉली जी आपके

लिए ज्यूस..

डॉली जबरदस्ती मुस्कुराते हुए-जी थैंक्यू सो मच..
 
विराट-हाय मैं विराट... वैसे आपसे किसी ने कहा है कभी..

डॉली-क्या..??

विराट-यही की आप बहुत खूबसूरत है और डांस भी बहुत

अच्छा करती है..!!

डॉली फिर मुस्कुराते हुए-जी थैंक्यू इतनी तारीफ के लिए..

इधर अनय की नज़रे डॉली पर ही थी उसे डॉली का

विराट से यूं हंस हंसकर बात करना अच्छा नहीं लग

रहा था..!!

डॉली ने राज को इशारा किया तो राज ने जानबूझकर

डॉली को हल्का धक्का दिया जिससे डॉली का ज्यूस

का ग्लास सामने खड़े विराट के ऊपर गिर गया..!!

डॉली-ओह सॉरी वो गलती से गिर गया आयम रियली

सॉरी...

विराट-अरे नहीं डॉली जी कोई बात नहीं कहते हुए

उसने राज को घुर कर देखा और वहां से निकल गया..!!

जय ने अनय को देखकर कहा देख लो तुम्हें या मुझे

कुछ करने की जरूरत ही नहीं वो दोनों ही काफी है..!!

अनय उन डॉली और राज को देख मुस्कुरा दिया जो

विराट के जाते ही हाय फाय देकर हंस रहे थे..!!

डॉली-यार एक को तो मजा चखा दिया दूसरा पता नहीं

कहां गया खेर उसको भी आने दो मैदान में...

राज-यार मुझे तो वो ऐसे देख रहा था जैसे बिना पकाए

ही खा जायेगा..!!

देर रात फंक्शन खतम होते ही सब घर चले गए अगले

दिन शादी होनी थी तो सब जल्दी ही सो गए...!!

अगले दिन सब सब तैयारियों में लगे हुए थे तो कुछ

गप्पे लड़ाने में.. ऐसे करते करते शाम हो गई और बारात

निकलने का टाइम भी हो ही गया..!! दोनों दूल्हे शेरवानी

पहने खूब जच रहे थे..!! डॉली और अनामिका दोनों

ने ही लहंगा पहना हुआ था और बाकी सब भी बड़े ही

अच्छे लग रहे थे..!! बारात में जय, अनय, राज और

हनी जो कि प्रवीण, नवीन का कजिन भाई है सभी ने

जमकर डांस किया जय डॉली को भी अपने साथ ले

आया डांस के लिए जिससे अनामिका और चीड़ गई

क्युकी कोई उस पर ध्यान ही नहीं दे रहा था..!!

बारात कुछ देर में पहुंच गई वहां पर सबका ग्रैंड वेलकम

हुआ.. फूल माला पहनाई गई..!! आज फिर विराट और

विभास की नज़रे डॉली पर जाकर रुक गई..!!

प्रवीण और नवीन को स्टेज पर बैठाया गया तो डॉली भी

दोनों के पास जाकर बैठ गई..!!

डॉली दोनों को देखते हुए-भैय्या भाभी के आने से आप

हमें अपनी एकलौती बहन को मत भूल जाना थोड़ा प्यार

हमारे लिए भी बचाकर रखना..!!

अरे तुम तो हमारी जान हो तुम्हें कैसे भूल जाएंगे और

तुम्हारा हक पहले बाकी सबका बाद में..!!

डॉली दोनों के गले लग गई -हम तो बस यूंही आप दोनों

से मस्ती कर रहे थे..!!

दोनों ने उसके गाल खींचे तब तक में दोनों दुल्हन भी

आ गई तो दोनों अपनी अपनी वाली का हाथ थाम स्टेज

पर ले आए..!!

जय-आ हा नोट बेड मेरे प्यारे बड़े भाईयो..!!

डॉली नीचे आ गई राज कहीं नजर नहीं आया तो वो

अनय के पास जा खड़ी हुई..!!

अनय-तो फाइनली तुम्हें अपने नए दोस्त की याद आ ही

गई..!!

डॉली-हं.. हां वो हम भूल गए थे वैसे बड़े अच्छे लग रहे

है आप.. बच कर रहिएगा यहां की लड़कियों से.. कहीं

नजर ना लगा दे..!!

अनय-फिक्र के लिए शुक्रिया वैसे तुम भी बहुत खूबसूरत

लग रही हो.. कहीं तुम्हें मेरी ही नजर ना लग जाएं.. और

उन लंगूरों की भी..!!

डॉली-कहीं से जलने की बू आ रही है पर कहां से..??

अनय झेंपते हुए-न नहीं मैं.. मैं नहीं जल रहा मै क्यों

जलूंगा..??

डॉली मुस्कुराते हुए-हमनें तो आपका नाम ही नहीं लिया

फिर..!!

अनय ने वहां से खिसकने में ही भलाई समझी..!!

डॉली अब दादू दादी के पास आकर बैठ गई..

डॉली-क्या बात है दादू अपने दिन याद कर रहे है क्या

आप और दादी जो इतना मुस्कुरा रहे है और हमारी

क्यूट दादी शर्म से गुलाबी हुई जा रही है..!!

दादू-अरे प्रिंसेस हमारी शादी तो बड़ी यादगार है उसको

तो हम हर रोज याद करते है..!!

डॉली-तो हमें भी तो बताइए ना हम भी याद रखेंगे अपने

दादू दादी कि शादी को..!!

दादू-अभी नहीं प्रिंसेस फिर कभी जब भी तुम कहो..!!

डॉली-ओके दादू.. आपको और दादी को अब खाना खा

लेना चाहिए हम लेकर आते है अभी..!!

तब तक अनय दो प्लेट में खाना लेकर आया और दादू

और दादी को दे दिया..!!

डॉली-आप क्यों लाए..?? हम जा रहे थे ना..!!

दादू-प्रिंसेस क्या हुआ अपने घर का बच्चा है क्या हुआ जो

वो ले आया तो..??

दादी-और नहीं तो क्या..?? उसको थैंक्यू कहने के बजाय

उससे पंचायत कर रही हो..!!

डॉली पैर पटकते हुए वहां से निकली की आगे जाकर

विभास से टकरा गई वो गिरती उससे पहले उसने उसे

थाम लिया.. पिछे आ रहे अनय ने जब ये देखा तो उसे

बहुत गुस्सा आया..!!

इधर विभास के लिए तो सब कुछ रुक गया था डॉली ने

उसे चिकोटि काटी तो वो अचानक ही होश में आया और

उसकी पकड़ ढीली होने से डॉली नीचे गिर गई.. आउच

विभास-आ.. आई एम सॉरी.. वो मैने जानबूझकर नहीं किया..

अनय ने जल्दी से आकर उसे गोद में उठाया और एक चेयर

पर बिठाया.. तुम ठीक हो ना..

डॉली ने बस हां में सिर हिला दिया..!!

अनय-वो सॉरी मैने रुल तोड़ दिया.. मुझे याद ही नहीं

रहा और तुम गिरी तो मैं..

डॉली-पहली गलती थी तो हमने माफ़ किया आपको...

डॉली शर्मा का दिल बहुत बड़ा है..!!

अनय उसकी बात पर मुस्कुरा दिया तो डॉली उसके

डिम्पल देख उसी में कहीं खो गई..!!

राज-डॉली क्या हुआ..??

विभास जो इतनी देर से डॉली और अनय को देख रहा था

उसने कहा-वो गलती से गिर गई तो... आई एम सो सॉरी

मेरी वजह से आपको चोट लगी..!!

डॉली-नहीं आपकी कोई गलती नहीं थी मैं ही बिना देखे

चल रही थी और मैने ही... आप सॉरी मत कहिए आपकी

कोई गलती नहीं थी..!!

राज हैरानी से कभी डॉली कभी अनय तो कभी विभास

को देख रहा था...विभास चला गया तो डॉली ने राज को

देख आई विंक की.. तो राज समझ गया..

अनय-उसने तुम्हें गिराया और तुमने उसे ऐसे ही जाने दिया

और.. और उससे इतने प्यार से बात करने की क्या जरूरत

थी.. वैसे भी कल से देख रहा हूं दोनों भाई तुम्हें ही ताड़

रहे है.. वो आखरी की लाइन बडबडाते हुए बोला पर राज

और डॉली दोनों ने सुन ली..!!

अनय वहां से उठकर एक तरफ चला गया तो डॉली बोली

अब बताओ हुआ यकीन हमारी बातों का.. !!

राज-हम्मम... मामला गड़बड़ है.. ये पसंद नहीं प्यार

है वो खुद में ही बड़बड़ाया..!!
 
राज अपने में ही बड़बडा़ रहा था कि सामने से ज्योति आते

हुए दिखाई दी..!! सुंदर सा गाऊन पहने खुले बाल होंठो पर

मुस्कुराहट लिए वो डॉली और राज के तरफ ही आ रही

थी, राज तो एकटक उसे ही देखे जा रहा था..!!

डॉली ज्योति को देख खुशी से-अच्छा हुआ तुम आ गई यार

हम तो बहुत बोर हो रहे थे..!!

ज्योति-अरे कैसे नहीं आती मेरी बेस्टी ने बुलाया तो आना ही

पड़ा.. वैसे यार तुम कुछ भी पहन लो खुबसूरत लगती हो..!!

डॉली-हमारी छोड़ो आज तो तुम भी कहर ढा रही हो..

आज तो मैडम पता नहीं कितनों पर बिजली गिराने वाली

है.. ये देख लो राज को तो होश ही नहीं है..

ज्योति ने जब राज की तरफ देखा तो उसे अपनी और

देखता पाकर उसके गाल शर्म से लाल हो गए..!!

डॉली-आय हाय ये देखो कैसे शर्मा रही हो हाय लगता

है आग दोनों तरफ बराबर लगी है..!!

ज्योति-तुम तो कुछ भी बोलती हो ऐसा कुछ भी नहीं है..!!

डॉली ने राज को जाकर चुटी काटी तो वो जोर के

चिल्लाते हुए जैसे होश में आया तो डॉली और ज्योति को

हंसते देख हड़बड़ा गया..!!

राज-ए.. ऐसे कौन करता है और अब ऐसे पागलों जैसे

हंस क्यों रही हो दोनों..!!

डॉली धीरे से-ओय बन्दर इतनी देर से बिना पलक झपकाए

ज्योति को देखे जा रहे हो इरादे तो नेक है ना तुम्हारे..!!

राज-नहीं वो आज कुछ अलग लग रही थी इसलिए

पहचानने की कोशिश कर रहा था और.. कुछ नहीं..!!

डॉली-हां बेटा बचपन से तीनो साथ में है सब पता है हमें..

तुम भले ही छुपा लो हमसे हम सब जान लेते है.. अब

सब हमें ही करना पड़ेगा या खुद ही बात करोगे..!!

राज-यार डॉली उससे कुछ मत कहना प्लीज़ मैं.. मौका

देखकर उससे बात करने की कोशिश करूंगा पर अभी

नहीं यार..!!

ज्योति दोनों को फुसफुसाते देख-ये तुम दोनों क्या बातें कर

रहे हो..?? कहीं मेरी बुराई तो नहीं कर रहे ना..??

डॉली-क्या कुछ भी..?? चलो बहुत भूख लगी है यार खाना

खा लेते है वैसे भी शादी खतम होने वाली है..!!

राज-तुमने भैय्या के जूते बचाए की नहीं..??

डॉली-आ.. वैसे तो जय भैय्या है और यार अगर हमारे

दोनों भाइयों की सालियां जूते चुरा भी लेती है तो यार

उनका हक बनता है..!!

ज्योति-यार डॉली मेरी शादी में तुम जूते चुराना और अच्छा

खासा नेग लेना अपने जीजू से..!!

डॉली राज की तरफ देखते हुए शरारत से-और अगर

हम जीजू की तरफ से हुए तब..

(राज उसकी बात से हड़बड़ा गया तो) अरे तब भी हम

तो जूते जरूर चुराएंगे..!!

तीनों ने बातें करते हुए खाना खाया, अनय को घर से फोन

आया तो वो घर चला गया..!! राज की नज़रे आज ज्योति

से हट ही नहीं रही थी पर जैसे ही ज्योति की नज़रे उस पर

पड़ती वो दूसरी तरफ देखने लगता..!! डॉली दोनों की

हरकतें देख रही थी..!! कुछ देर बाद वो दोनों से वाशरूम

का बहाना बना कर दोनों को अकेला छोड़ गई और खुद

जाकर अपनी मम्मा और बड़ी मम्मा के पास चली आई

जहां अनामिका पहले से ही सविता जी के पास बैठी थी..!!

डॉली को ये देख गुस्सा आया पर फिर वो अपने दादू दादी। के पास आकर बैठ गई..!!

दादी-क्या हुआ मुंह क्यों फुला रखा है.. गुलाब जामुन

ज्यादा खा लिए क्या..??

डॉली-दादू अनु दी हमसे बड़ी है और हमारी बहन भी फिर

वो हमसे बात क्यों नहीं करती हमने तो कुछ किया ही

नहीं ऐसा..!!

दादू-प्रिंसेस वो तुमसे और जय दोनों से बड़ी है जब

जय पैदा भी नहीं हुआ था तब तुम्हारी मामी उसे सविता

के पास छोड़ गई थी जब वो सिर्फ एक साल की थी क्युकी उसकी दो बेटियां था और हमारे घर में बेटियां नहीं थी

इसलिए हमने भी कोई ऐतजय नहीं जताया..!! हम सबने

उसे खूब लाड़ प्यार से रखा उसके बाद जय ने जन्म लिया

और दो साल बाद तुम आई जय स्कूल जाने लगा पर

अनामिका तो स्कूल के नाम से ही रोने लगती तुम्हारे

आने के बाद उस पर से सबका ध्यान हट गया क्युकी

तुम सबका खिलौना बन गई छोटा जय तुम्हारे लिए

अनामिका से लड़ बैठता बस इसीलिए हमने उसकी

पढ़ाई के बारे में सोचकर वापस गांव भेज दिया...!!

प्रिंसेस वो अपने गांव में रहती है

हम यहां हरिद्वार में तुमसे ज्यादा घुली मिली हुई नहीं है

बस इसलिए थोड़ा टाइम लगेगा उसे भी फिर देखना सब

कहेंगे बहने हो तो ऐसी..!!

डॉली उनकी बात पर मुस्कुरा दी दादी ने उसके गाल पर

हाथ फेर लाड़ जताया तो वो खिलखिला उठी.!!

राज डॉली के जाते ही ज्योति के बगल में बैठते हुए-आज

तुम कुछ अलग नहीं लग रही हो..!!
 
ज्योति उसके बगल में बैठने से थोड़ा सकुचाते हुए-न.. नहीं

तो जैसी हमेशा रहती हूं वैसी ही तो हूं..!!

राज उसके हाथ पर अपना हाथ रखते हुए-नहीं आज

कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही हो..!!

ज्योति ने अपना हाथ हटाना चाहा तो राज ने पकड़ और

मजबूत करते हुए कहा-जो अब तक छुपा के रखा वो

जाहिर क्यों नहीं कर देती..!!

ज्योति उससे नज़रे चुराते हुए-क्या..??

राज-यही की तुम मुझे शुरू से ही पसंद करती हो..!!

ज्योति-मेरे पसंद करने से क्या होता है..??

राज-अगर मै कहूं मैं भी तुम्हें पसंद करता हूं तो.. ज्योति

ने हैरानी से उसकी तरफ देखा तो राज ने हां में सिर

हिलाया और उसे खींच कर गले लगा लिया..!!

शादी सम्पन्न हुई तो आधे लोग पहले ही घर के लिए निकल

गए उन्हें नई दुल्हनों का स्वागत जो करना था डॉली भी

ज्योति और राज के साथ घर आ गई क्युकी अब बस विदाई

होनी थी जो डॉली को पसंद नहीं थी..!!

सबके घर पहुंचने के एक घंटे बाद ही दोनों दूल्हे अपनी

दुल्हनों के साथ पहुंच गए दोनों दुल्हनों का अच्छी तरह

गृहप्रवेश हुआ..!! अगले दिन सारी रस्में होते ही दोनों

जोड़े कुछ दिन घूमने फिरने निकल गए..!!

इधर फिर सबका कॉलेज स्टार्ट हो चुका था फ्रेशर्स भी

एडमिशन ले चुके थे..!! डॉली की मामी ने अनामिका के

लिए सविता जी से बात कर जय के बेच में ही एडमिशन

करवा दिया जिससे अनामिका काफी खुश हो गई क्युकी

उसे अनय के करीब रहने का मौका मिल गया था..!!

कॉलेज शुरू होते ही सब एक

बार फिर पढ़ाई में जुट गए.. ग्रुप प्रोजेक्ट भी थमा दिए

गए..!! प्रोजेक्ट कंप्लीट होते ही एक बार फिर फ्रेशर्स

के लिए पार्टी अरेंज की गई जिसमें पिछली बार की तरह

ही इस बार भी लास्ट ईयर बने मिस फ्रेशर और मिस्टर

फ्रेशर को जुनियर मि और मिस फ्रेशर्स के साथ स्टेज

शेयर करना था..!! राज और डॉली ने अपने जुनियर

मि और मिस फ्रेशर के साथ डांस किया जिसे देख ज्योति

को जलन हुई तो वहीं अनय गुस्से से वहां से सीधा घर

चला आया..!!

अनय अपने रूम में गुस्से से बड़बड़ाते हुए-मेरे साथ डांस

करने पर हांथ कांप रहे थे और अब.. अब कैसे मुस्कुराते

हुए किसी दूसरे लड़के के साथ डांस किया जा रहा था..!!

इधर अनामिका ने उसे गुस्से में जाते देखा तो उसने आग

में घी डालना चाहा पर तब तक अनय जा चुका था.. तो

उसका ये प्लेन भी फ्लॉप हो गया पर जिस तरह अनय

गुस्से में गया उसे उसी में खुशी मिल गई..!! बाकी सब

इन बातों से अंजान पार्टी इंजॉय करने में व्यस्त थे..!!

अगले दिन सुबह गार्डन में डॉली अकेले ही वॉक कर रही थी

तो अनय उसे देख वहीं आ गया..!!

डॉली उसे देख मुस्कुराते हुए-गुडमॉर्निंग हिट....

अनय उसे देखते हुए-हां पूरा कर लो अधूरा क्यों छोड़

दिया..!! फिर उसके सामने आकर तुमने मेरे साथ डांस

नहीं किया और कल तो अपने जुनियर के साथ बड़े मजे

से डांस कर रही थी...!!

डॉली-तो आपको उससे क्या हमें जिसके साथ कंफर्टेबल

लगेगा उसी के साथ डांस करेंगे ना..!!

अनय गुस्से से-मतलब क्या है तुम्हारा..?? मैं तुम्हे

अनकंफर्टेबल फिल करवाता हूं..!! हां आ आ.. तभी तुमने

वो रूल्स बनाएं मैं तुम्हें टच ना करूं.. रियली मैं तुम्हें

छूना चाहता हूं..

डॉली-आप फालतू की बातें क्यों कर रहे है हमनें तो

आपसे कुछ कहा ही नहीं..!! और एक बात हमें जो सही

लगेगा हम करेंगे आप कोई नहीं होते हमसे सवाल जवाब

करने वाले..!!

अनय ने एक नजर डॉली को देखा और गुस्से से वहां से

चला गया, डॉली वापस से वॉक करने लगी..!!

अब अनामिका जब तब अनय के घर भी चली जाती

कभी नोट्स कभी कुछ डॉउट्स क्लियर करने..!!

कॉलेज में कॉम्पिटिशन होने वाले थे म्युजिक, डांस, स्पोर्ट्स

ड्रामा इसमें दूसरे कॉलेज से स्टूडेंट्स भी पार्टिसिपेट करने

वाले थे..!! कपल और सोलो डांस दोनों की ही प्रैक्टिस शुरू

हो चुकी थी..!! डॉली ने उसी लड़के (मि फ्रेशर) के साथ

प्रैक्टिस किया कॉम्पिटिशन में दोनों ने हिस्सा लिए था..

अनय को ये देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था उसने जय

से भी बात की पर जय ने हाथ खड़े कर दिए..!! खेर

कपल डांस कॉम्पिटिशन डॉली ओर उस लड़के ने ही

जीता था..!! इधर अनामिका ने अनय के गुस्से को और

भी ज्यादा बड़ा दिया था..!! उसने डॉली का हाथ पकड़ा

और कॉलेज के पिछे ले आया..!!
 
डॉली-पागल है क्या आप ऐसे केसे हमारी मर्जी के बगैर

हमें यहां खींच लाए..??

अनय-क्यों कर रही हो ऐसा..?? उसी लड़के के साथ

डांस क्यों किया..?? क्या चल रहा है हां..??

डॉली-आपको क्या लेना देना है..?? आप अपने काम से

काम रखिए ना और हमारे भैय्या को कोई प्रॉब्लम नहीं है

तो आपको क्या प्रॉब्लम है..?? और हमें जिससे पूछना था

पूछ लिया.. अब हो गया, मिल गया जवाब अब हमे जाने

दीजिए..!!

अनय फिर चुप रह गया और डॉली को जाते हुए देखता

रहा..!!

जय उसके पास आते हुए-तुम्हें क्या हुआ है और हम

उसको कैसे किसी चीज के लिए रोक सकते है जब वो गलत

नहीं है और जिस लड़के से तुम चिढ़ रहे हो वो डॉली को

दीदी कहकर बुलाता है इसलिए वो उसके साथ इतनी

कंफर्टेबल है.. तुम बेवजह गुस्सा कर रहे हो इसी कारण

डॉली तुमसे इतनी चिढ़ी हुई है..!!

जय वहां से चला गया और अनय वहीं पड़ी बेंच पर

काफी देर तक बैठा रहा फिर वो भी उठकर चला गया..!!

कुछ ही महीनों में फाइनल एग्जाम भी हो गए और सब

टेंशन फ्री हो गए..!!

प्रमोद जी डॉली से-प्रिंसेस एग्जाम्स ठीक थे ना और

कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना कॉलेज में..!!

डॉली-नहीं पापा सब अच्छा है और एग्जाम भी मस्ट्र

निकले है.. अब तो बस घूमने जाना है..!!

बड़े पापा-हां हम सभी चलते है इस बार घूमने घूमना

भी हो जायेगा और फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करने

का मौका भी..!!

डॉली पूजा और नेहा से-क्यों भाभी हमारे साथ चलेंगी

ना आप दोनों या भैइया के साथ अकेले टाइम स्पेंड

करना है..!!

पूजा-नहीं सबके साथ घूमने के जो मजे है वो अकेले में

कहां..!!

नेहा ने भी हां में हां मिलाई..!! तो सबने तय किया

मसूरी जाने का..!!

डॉली की पूरी फैमिली मसूरी जाने वाली थी घूमने के लिए

जय ने अनय से और डॉली ने ज्योति और राज से भी

चलने के लिए कहा तो वे सब भी जाने के लिए मान गए..!!

मसूरी भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक पर्वतीय नगर है,

जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। हरिद्वार से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, मसूरी उन स्थानों में से एक है जहाॅं लोग बार-बार आते जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है।

सबने अपनी अपनी पैकिंग कर ली थी दादू ने अनय की

फैमिली (दादाजी, दादी और विजय जी, अरुणा जी) को

भी साथ चलने के लिए कहा तो वे सब भी खुशी खुशी राजी

हो गए तो बाकी सब मिनी बस से निकल गए..!! राज और ज्योति खुश थे क्युकी दोनों को साथ में टाइम स्पेंड करने का

मौका मिलने वाला था जिससे वो दोनों एक दूसरे को अच्छे

से समझ सके..!! अनामिका खुश थी क्युकी उसे भी अनय

के साथ रहने का उसके करीब रहकर उसे जानने का मौका मिलने वाला था..!!

अनय भी खुश था क्युकी पिछले कई महीनों से उसके और

डॉली के बीच तनातनी थी शायद मसूरी जाकर कुछ हद

तक ही सही पर कम हो जाए..!!वहीं जय और डॉली बस

वहां घूमने इंजॉय करने की सोचकर उत्साहित थे..!! ये

प्यार मोहब्बत से दोनों ही दूर थे..!!

बस में ऐसे ही गाने गाते मस्ती करते वो लोग कोई एक

घंटे या उससे पहले ही मसूरी पहुंच गए..!!

बहुत ही सुंदर सा कॉटेज बुक किया हुआ था जिसके

आसपास हरियाली पसरी हुई थी चारों और पहाड़ों से

घिरा ये कॉटेज बहुत ही खूबसूरत लग रहा था..!! सबने

सामान अंदर रखवाया बड़े लोग अंदर जाकर बैठ गए

और बच्चा पार्टी मतलब कॉलेज गोइंग बच्चा पार्टी ओर

दोनों भाई भाभी सब बाहर ही घास पर बैठे थे..!! चारों

तरफ फैली हरियाली आंखों के साथ साथ मन को भी

सुकून पहुंचा रही थी..!! डॉली तो सब दूर घुम घुम कर

देख रही थी और पूरी बच्ची बनी हुई थी अनय को तो

डॉली के अलावा कुछ और दिखाई ही नहीं पड़ रहा था,

और अनामिका को यही सब अंदर तक जला कर खाक

कर रहा था..!!

डॉली घूमते हुए जय से-भैय्या हम सब कितने सालों

बाद यहां आए है पर इस जगह को जब भी देखा ये

खुबसूरत ही लगती..!! इस हरियाली के आगे तो सब

फैल है..!!

जय-हम्मम तुम तो हो ही प्रकृति प्रेमी..!! गार्डन में इतने

पेड़ पोधे तुम्हारी ही देन है..!! वैसे सच में यहां आकर

और ऐसी सुंदरता देख मन तृप्त हो गया..!!

अनामिका मौका देखकर अनय के बगल में जाकर बैठ

गई..!!

अनामिका-तुम इतना कम क्यों बोलते..?? मतलब इसके

पिछे कोई कारण है या..??
 
अनय सामने डॉली की तरफ देखते हुए-मुझे आदत नहीं है ज्यादा बात करने की..!!

अनामिका-हां.. वैसे कुछ लोगो की आदत होती है बिना

वजह बातें करने की जैसे..

अनय उसके बोलने से पहले ही-जैसे डॉली यही ना...

अनामिका ने कुछ बोलने के लिए मुंह खोला ही था कि

अनय वहां से उठकर दूसरी और चला गया..!! और

अनामिका मन मसोस कर रह गई..!!

अनामिका खुद से-मन तो कर रहा है इस डॉली को यही

किसी पहाड़ से धक्का दे दूं..!!

राज और ज्योति भी आसपास के नजारे देख रहे थे पर

राज को अनय का डर भी था..!!

डॉली उन दोनों के पास आते हुए-तो लैला मजनू क्या

हो रहा है यहां..??

राज चीड़ कर-फिलहाल तो तुम कबाब में हड्डी बन रही

हो तो कैसे कुछ हो सकता है.!!

डॉली को उसकी बात से ज्यादा उसके कहने के तरीके

से बुरा लगा तो वो दोनों को सॉरी कह वहां से निकल गई..!!

उसने राज और ज्योति जो कि दोनों ही उसके बचपन के

बेस्ट फ्रेंड थे उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की थी उसकी पलके

भीग गई..!! जय ने उसे अकेले देखा तो वो उसके बगल

में जाकर बैठ गया..!!

जय-क्या हुआ हमारी प्रिंसेस को चेहरा उदास क्यों लग

रहा है..??

डॉली ने उसके कंधे से सिर टिका कर कहा-भैय्या जब

आपकी शादी हो जायेगी और हम आपको और भाभी को

डिस्टर्ब कर दे तो आप क्या करोगे..!!

जय-मेरी प्रिंसेस आधी रात को भी आवाज लगायेगी

ना तब भी मैं कभी डिस्टर्ब नहीं होऊंगा समझी..!!

डॉली खुशी से अपने भैय्या के गले लग गई थैक्यू भैय्या..!!

जय उसके बालों को सहलाते हुए-चाहे पूरी दुनियां तुम्हारे खिलाफ हो जाए पर मैं हमेशा हर कदम पर अपनी प्रिंसेस

का साथ दूंगा..!!

डॉली-भैय्या भूख लगी है चलो ना अंदर तो खाना बन

भी गया होगा..?? जय के हां कहते ही दोनों अंदर

चले गए कुछ देर बाद बाकी सब भी अंदर ही आ गए..!!

अंदर सारे बड़े बाते करने में लगे हुए थे सब एक साथ थे

तो किसी मेले से कम नहीं लग रहा था..!!

बड़े पापा-तुम सब तो अभी से ही अंदर आने का नाम

नहीं ले रहे हो..!!

अनय के दादाजी-अब हम सब आराम फरमा रहे है तो बच्चें

तो कम से कम बाहर मन बहलाए..!!

डॉली के दादू-अरे कल से घूमना फिरना ही है, अभी

हमारी हड्डियों में जान बाकी है.. बिल्कुल इन नौजवानों

जैसी फुर्ती भी है..!!

सब लोग हंसने लगे उनकी बातों पर..

प्रमोद जी-हां भई हमारी प्रिंसेस और जय को तो घूमने

का शौक है इनके साथ बाकी सब इनके जैसे ही हो गए..

डॉली-पापा मन ही नहीं भरता जितना देखो उससे ज्यादा

देखने को जी करता है..!!

सविता जी हंसते हुए-हां शादी के बाद तुम यही बस जाना,

यही का लड़का ढूंढ देंगे तुम्हें..!!

अनय जो कि पानी पी रहा था उसे थस्का लगा और वो

जोर जोर के खांसने लगा..!! अनामिका जल्दी से गई

और उसकी पीठ सहलाने लगी.. जय को ये बिल्कुल

अच्छा नहीं लगा उसे अनामिका शुरू से ही पसंद नहीं

थी क्युकी वो डॉली की जगह लेना चाहती थी और

जय को ये पसंद नहीं था कि कोई उसकी प्रिंसेस की जगह

ले..!! डॉली ने जब अनामिका को देखा तो उसे भी

अच्छा नहीं लगा पर क्यों नहीं लगा ये उसे भी नहीं पता..!!

अनय का खांसना बन्द हुआ तो वो खुद अनामिका से

दूर हुआ और उसे थैंक्स कहा..!!

इधर अनामिका को अनय के साथ देख अरुणा जी के मन

में अलग ही खिचड़ी पक रही थी..!!

सविता जी-क्या हुआ बेटा आराम से पियो पानी..!!

सबने साथ बैठकर लंच किया सब बड़े लोग अपने रूम

में चले गए और जय, अनय, डॉली,राज

और ज्योति सब वापस बाहर आ गए..!! अनामिका भी

अपने रूम में चली गई क्युकी उसे इन सबके बीच बोर

फिल हो रहा था..!!
 
राज डॉली से-डॉली सॉरी यार उस टाइम मैं गुस्से में था

तो तुम पर निकाल दिया.. यार माफ़ कर दो ना मैं बस

ज्योति के साथ कुछ यादगार पल बिताना चाहता था पर

भाई के होते हुए ये पॉसिबल नहीं लग रहा..!!

डॉली-हम्मम... हम कुछ करते है तुम जाओ...!!

डॉली जय और अनय के पास जाकर बैठ गई.. अनय

कुछ बोल नहीं रहा था जय और डॉली दोनों ही कुछ

न कुछ बोले जा रहे थे..!! जय कुछ देर बाद दोनों को

छोड़कर दूसरी तरफ जाकर बैठ गया ताकि दोनों आपस

में बात कर सके..!!

अनय-सॉरी

डॉली ने हैरानी से उसकी तरफ देखा तो अनय ने कहा

तुम्हारे रूल्स के हिसाब से और मुझे ऐसे रिएक्ट नहीं

करना चाहिए था सो सॉरी..!!

डॉली-हम्मम... अच्छी आदत है सॉरी कहने की कहकर

वो खिलखिला कर हंस पड़ी..!! अनय भी मुस्कुरा दिया..!!

आपको हसने में टैक्स लगता है क्या जो बचा बचा कर

सिर्फ थोड़ा सा मुस्कुराते हो..??

अनय मुस्कुरा कर-अब मैं तो हिटलर हूं तो मैं कैसे हंस

सकता हूं..??

डॉली ने उसकी बात पर अपना सिर खुजाला तो अनय

मुंह घुमाकर मुस्कुरा उठा..!! उसने डॉली की तरफ देखा

उसके बाल हवा से उसके चेहरे पर आ रहें थे तो उसने

हाथ बढाकर उसके बाल कान के पिछे खोस दिए उसके

हल्के स्पर्श से ही डॉली के गाल लाल हो उठे उसका दिल

बेहिसाब धड़कने लगा उसने उठकर जाना चाहा तो

अनय ने हाथ पकड़ रोक लिया..!! डॉली ने अपनी

धड़कनों को काबू में किया और बैठ गई..!!

अनय-हम दोस्त है ना तो दोस्त की तरह ही रहते है ना

रूल्स तो तोड़ने के लिए ही बनते है..!! तुम जैसे राज

के साथ रहती हो बात करती हो वैसे ही मेरे साथ भी

रह सकती हो अगर तुम चाहो तो..!! मैं बस चाहता हूं

तुम मेरे साथ कंफर्टेबल महसूस करो..!!

डॉली-ओके तो अब से हम आपको दोस्त कहकर बुलाएंगे

चलेगा ना आपको..!! हम आपके साथ जैसी चाहे हरकतें

करे आप बुरा नहीं मानेंगे ना..!!

अनय ने ना में सिर हिलाया तो डॉली ने उसके बाल अपने

दोनों हाथों से बिखेर दिए और भाग गई..!! अनय उसके

पिछे भागा काफी देर बाद अनय हांफते हुए उसके सामने

खड़ा था..!!

अनय-अब बाल बिगाड़े है तो बनाओ भी दोस्त हो ना

इतना तो कर ही सकती हो अपने दोस्त के लिए..!!

डॉली ने मुंह बनाते हुए उसके करीब जाकर बाल सेट

करने लगी अनय उसके चेहरे की तरफ देख रहा था

जबकि डॉली का पूरा ध्यान सिर्फ बाल बनाने में था..!!

उसने जैसे ही अनय की आंखों में देखा उसका दिल तेजी

से धड़का जैसे अभी ब्लास्ट हो जायेगा..!! वो झट से उससे

दूर हुई और बोली हो गया और अब यही वाला स्टाईल

रखना आपका वो बोरिंग वाला नहीं..!!
 
अनय उसकी बात पर मुस्कुरा दिया..!!

शाम के टाइम सभी पैदल घूमने निकल पड़े..

दोनों दादू और दोनों दादी साथ में सबसे पिछे धीरे-धीरे

चल रहे थे..!! मिसेज तिवारी, बड़ी मम्मा और सविता जी

भी अपने अपने घर की बातें करते हुए चल रही थी..

सविता जी तो यूट्यूब पर नई डिश तलाशने में लगी हुई

थी..!!

सब चारों तरफ देखते हुए चल रहे थे बहुत ही खूबसूरत

दृश्य था हर तरफ हरा भरा..!! अनामिका अनय को ना

पटाकर अब मिसेज तिवारी को पटाने की कोशिश में

लगी थी उनकी हर जरूरत का ध्यान रखती अपनी

बातों में चाशनी लपेट कर उनके आगे पेश करती और

मिसेज तिवारी भी मन ही मन कुछ तय कर बैठी थी..

उन्हें अनामिका में बहू के सारे गुण नजर आने लगे थे..!!

दादू-क्या बात है तिवारी तुम्हारी हडि्डया इतनी जल्दी

बूढ़ी कैसे हो गई..!! भई तुम इतनी जल्दी हांफने लगे..!!

दादाजी-हां भाई अब क्या करें आदत छूट गई है अब तो

बस तीर्थ स्थल पर आश्रम खोल वहीं रहना चाहते है..!!

दादू-ये तो बड़ी अच्छी बात कही तुमने हम भी तुम्हारे

साथ हो लेंगे..!!

सब ऐसे ही बातें करते करते लेक पर पहुंचे जहां पहले से ही

काफी सारे लोग मौजूद थे..!! डॉली हर जगह जाकर

सबके साथ सेल्फी और फोटोज़ ले रही थी..!! अनय

ने अपने फोन से उसकी कई सारी तस्वीरें ली वो भी सबसे

नजर बचाते हुए..!!

ज्योति-डॉली यार तुम हम दोनों से पहले की तरह बात नहीं

कर रही हो क्यों..??

डॉली-अरे हम तो पहले जैसे ही है बस तुम दोनों को

टाइम देना चाहते है ताकि तुम आराम से घुम, बात कर सको

और हम तो वैसे भी यहां की खूबसूरती में गुम है तो हमें

तो कोई और दिखाई ही नहीं पड़ता..!!

राज-पक्का ना डॉली तुम्हें उस बात का बुरा तो नहीं

लगा ना..!!

डॉली-ए बन्दर उस बात को याद कर अपने ट्रिप को खराब

नहीं करना है हमें तुम लोग जाओ और हमें भी ये नजारे

अपनी आंखो और कैमरा में कैद करने दो..!!

सारे बड़े लोग वहीं पास में लगे गार्डन में जा बैठे..!! तो

डॉली पानी में पैर डालकर बैठ गई..!! दूर बैठी अनामिका

की नजर जब डॉली पर पड़ी तो उसने आसपास देखा

तो कोई नहीं दिखा बस कुछ लोग थे जो अपने में मग्न

थे... उसने डॉली को देखा फिर घूमते हुए इधर उधर देख

डॉली के पास जाकर उसे धक्का देकर जल्दी ही बाकी

सब जहां बैठे थे वहीं जाकर बैठ गई..!! इधर डॉली

पानी में हाथ पैर मार रही थी उसे स्विमिंग नहीं आती थी..!!

जय और अनय दोनों को डॉली नहीं दिखी तो वो दोनो

ही लेक के पास पहुंचे अनय ने जब डॉली को डूबते

हुए देखा तो उसने पानी में छलांग लगा दी और डॉली

को अपने सीने से लगाते हुए पानी से बाहर ले आया..!!

जय दौड़कर वहां पहुंचा और उसके पेट पर हल्का

पुश किया तो उसके मुंह से पानी बाहर आया..!! डॉली

उठकर बैठ गई तो जय ने डांटना शुरू कर दिया..!!

जय-जब तैरना नहीं आता तो पानी में क्यों गई.. अभी

अगर हम नहीं आते और तुम्हें कुछ हो जाता तो..!!

डॉली की आंखो से आंसू आ गए जय ने उसे अपने

सीने से लगा लिया..!!
 
डॉली-भैय्या हम.. हमें ऐसा लगा जैसे किसी ने हमें धक्का

दिया हो..!! हम खुद से नहीं गए पानी में हम तो यहीं

किनारे पर बैठे थे..!!

उन लोगो ने आसपास देखा तो कोई भी ऐसा नजर नहीं

आया जिस पर शक करे उन लोगो ने बाकी सबको कॉल

कर बता दिया कि वो आगे निकल गए है और कोटेज

जा रहे है..!!

कोटेज पहुंचकर डॉली और अनय ने अपने भीगे हुए

कपड़े चेंज किए जय दोनों के लिए गरम चाय ले आया..!!

इधर अनामिका को डर था कहीं डॉली ने उसे देख ना

लिया हो..!! बाकी सब घर पहुंचे रात हो चुकी थी डिनर

कर सब रूम में चले गए..!! अनय बाहर बैठा था डॉली

ने रूम की खिड़की से देखा तो वो भी वहीं आ गई..!!

डॉली-थैंक्यू दोस्त आपने बचा लिया वरना आज हम भी

ऊपर से देख रहे होते..!!

अनय ने उसे खींचकर अपने सीने से लगा लिया-खबरदार

आज के बाद ऐसी कोई भी बात अपनी जुबान पर लाई

भी तो.. उसने डॉली को और कस के जकड़ लिया..!!

डॉली की धड़कनें बहुत तेज हो गई थी साथ ही अनय

के सीने से लगे होने की वजह से उसकी तेज धड़कनें

उसे सुनाई पड़ रही थी..!! डॉली उसकी बाहों में कसमसाई

तो वो उससे अलग हुआ-सो सॉरी.. सॉरी वो.. वो मैं... मेरा

कोई गलत इंटेंशन नहीं था मैने तुम्हें जानबूझकर नहीं छुआ

मै... मै तुम्हे हर्ट नहीं करना चाहता था..!!

डॉली उसे हैरानी से देख रही थी.. उसने देखा अनय अब

भी सिर झुकाए बड़बडा़ रहा था, वो आगे बड़ी और

उसके सीने पर सिर रख उसके कमर के इर्द गिर्द अपनी

बाजू लपेट दी..!!

डॉली-दोस्त हमें बिल्कुल भी हर्ट नहीं हुआ..!! आप

बार-बार सॉरी मत कहिए. (फिर उससे अलग होकर)

और ये प्यारी सी झप्पी थी हमारे दोस्त के लिए..!!

दोनों ने लकड़ियां इकट्ठी कर जलाई और वहीं बैठ गए,

कुछ देर में जय भी आ गया और ज्योति, राज और

अनामिका, नवीन-पूजा और प्रवीण-नेहा भी वहीं चले

आए..!! सब बैठकर बातें करते रहे सबने ट्रुथ एंड डेयर

खेलने का मन बनाया तो राज एक बॉटल उठा लाया..!!

हालांकि सबको रूल्स पता थे फिर भी एक बार और

रिविज़न करवा दिया गया और सब अच्छे से समझ गए..!!

बॉटल घुमाई गई और जब रूकी तो उसका मुंह नवीन की

तरफ रुका तो उसने डेयर चूज़ किया उसे पूजा को प्रपोज

करने के लिए कहा जो उसने बड़ी आसानी से कर दिया..!!

प्रवीण की बारी आने पर उसने भी डेयर चुना पर उसे

नेहा को किस करने के लिए कहा गया कुछ देर सोचने के

बाद उसने नेहा के हाथो को चूम लिया..!! किसी को भी

उम्मीद नहीं थी कि ये भी हो सकता है..!! धीरे धीरे सबकी

बारी आई फिर बॉटल अनय की तरफ रूकी उसने ट्रुथ

चूना क्युकी उसे पता था कोई ना कोई उसे भी प्रपोज करने

के लिए कहेगा और वो डॉली के अलावा किसी को भी

गेम में ही सही पर नहीं करना चाहता था..!!

अनामिका ने उससे सवाल किया उसका पहला क्रश..??

अनामिका के सवाल पर जय मुस्कुरा कर अनय की ओर

देखने लगा..!!

अनामिका-अरे अब बता भी दो इतना भी क्या शर्मा रहे हो..!!

अनय-जब मैं फिफ्थ स्टैंडर्ड में था तब मुझे टेंथ स्टैंडर्ड

की दीदी ने क्यूट कहकर गाल पर किस दी तबसे वो मुझे

बहुत अच्छी लगने लगी थी पर वो सिर्फ अच्छी लगी थी

और उनके अलावा ऐसा कोई नहीं था जिस पर मुझे कृश

हो..??

सब उसे हैरानी से देख रहे थे..

प्रवीण भैय्या हंसते हुए-वाह मतलब तुमको फिफ्थ

स्टैंडर्ड में ही लड़की पसंद आ गई वो भी इतनी बड़ी..!!

अनय-भैय्या वो सिर्फ अच्छी लगी थी क्युकी उन्होंने किस

के साथ फाइव स्टार भी दी थी..!!

फाइव स्टार वाली बात पर सब हंसने लगे..!!

डॉली ने चैन की सांस ली पर उसे थोड़ा बुरा भी लगा कि

अनय का क्रश कोई और थी..!!
 
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