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प्यार का अहसास

डॉली मन में-डॉली की बच्ची तुम्हे इतना बुरा क्यू लग रहा

है..?? उसने अपना सिर हिलाया और वापस गेम पर फोकस

किया..!! ज्यादा रात हो जाने की वजह से दोनों भाई भाभियां उठकर सोने चले गए..!!ऐसे ही सबकी बारी आती गई किसी

ने ट्रुथ तो किसीने डेयर चुज़ किया आखिर में बच गई

डॉली और उसने चुज़ किया‌ डेयर..!! राज ने बारी-बारी

डॉली और अनय की तरफ देखा और ज्योति की तरफ देख

मुस्कुरा दिया..!!

राज-हां तो डॉली..... तुम भाई को प्रपोज करोगी..!!

डॉली खड़े होते हुए-अरे ऐसे केसे हम.. हम नहीं करेंगे..!!

जय-प्रिंसेस ये सिर्फ गेम है तो कर दो ना प्रपोज..!!

अनय-नहीं इट्स ओके रहने दो कुछ और करवा लो राज..!!

अनामिका-हां.. हां कुछ और करवा लो वो ये नहीं करना

चाहती है तो..!!

डॉली और जय ने उसे तिरछी नज़रों से देखा.. तो वो

इधर उधर देखने लगी..!!

राज-तो दी ग्रेट डॉली शर्मा हार मान गई वो भी एक

छोटे से गेम में..!!

डॉली-ओय लाल मुंह के बन्दर मुंह बन्द ही रखो अपना

हम हारे नहीं है...!!

ज्योति-हां तो जो डेयर दिया है पूरा करो ना .. अगर हारी नहीं

हो तो...!!

राज-डॉली कम ऑन यार ये सिर्फ गेम है तो कर दो ना

प्रपोज भाई को वो कौन सा इसको असली मान लेंगे..

और मेरे इतने हैंडसम, हॉट भाई को तो कोई भी लड़की

ना नहीं कहेगी तुम लकी हो जो.....

अनय उसे घूरते हुए-राज.......उन सबको बहस करते देख

डॉली अंदर से नकली गुलाब का फूल ले आई और अनय

को हाथ देकर खड़ा किया और उसके सामने एक घुटना

जमीन पर टिकाकर दुसरे को मोड़कर अनय का एक

हाथ थाम लिया और आंख बन्द कर गहरी सांस लेकर

मन में कहा यू कैन डू इट डॉली... हां तुम कर सकती हो

और अब तो ये दोस्त है तो कोई प्रॉब्लम नहीं..!! वहीं

अनय का दिल समान्य से तेज धड़क रहा था डॉली को

ऐसे बैठे देख उसके माथे पर पसीने की बूंदे छलक आई..!!

डॉली ने आंखें खोल अनय को देखा जो उसी को देख

रहा था दोनों की नज़रे मिली तो डॉली का दिल जोर जोर

के धड़क उठा उसने वैसे ही उसकी आंखों में देखा..

और कहा आई.. आई लव यू..!! अनय ने कभी सोचा

नहीं था कि उसे डॉली से ऐसे आई लव यू सुनने मिलेगा

पर उसे उसकी आंखों में देखने पर कुछ फिलिंग्स तो

नजर आई अपने लिए और वो इतने में ही खुश था..!!

ज्योति-वाओ यार पहली बार किसी लड़की को ऐसे प्रपोज

करते देखा है..!!

राज-ओह चुहिया किसको आई लव यू बोल रही हो

भाई का नाम भी है यार वो भी इतना अच्छा..!!

डॉली मन में-बन्दर तुम्हें तो हम छोड़ेंगे नहीं..!! फिर

कुछ सोचकर-तुमने हम प्रपोज करने के लिए कहा था

ये नहीं कहा कि नाम भी लेना है और ज्यादा बोलना मत

हमने अपना डेयर कंप्लीट कर लिया है..!!

जय-हां राज हमने ऐसा कुछ नहीं कहा था तो अब रहने

दो उसने इतना कर लिया वहीं बहुत है..!! और अब रात

बहुत हो गई है चलो सब अंदर नींद भी आने लगी है अब..!!

राज-अरे रुको भी अभी तो भाई से गाना सुनना बाकी

है मैने उन्हे कई बार उनके रूम में गुनगुनाते हुए सुना है

और ट्रस्ट मी वो इतना अच्छा गुनगुनाते है की क्या बताऊं

अब जब गुनगुनाते है तो गाते भी होंगे ही प्लीज़ भाई

सुनाओ ना..!!

अनय-नहीं मैं नहीं गाता हूं मुझे नहीं आता..!!

राज-भाई आप झूट क्यों बोल रहे है??

अनय-राज मैं सबके सामने नहीं गाना चाहता हूं..!!

जय-अरे समझा करो यार वो सिर्फ अपनी सम वन

स्पेशल के लिए और उसके सामने गाना चाहता है..!!

और ये उसकी अपनी मर्जी है तो उसे फोर्स मत करो..!!

अनय ने जय को आंखो ही आंखो में थैंक्यू कहा तो

जय ने अपनी पलके झपका मुस्कुरा दिया..!!
 
सब अंदर चले गए डॉली ने पानी लाकर जली हुई लकड़ियों

पर पानी डालकर उन्हें बुझाया और अंदर जाने लगी..

पिछे से आवाज आई डॉली जिससे उसके बड़ते कदम

रुक गए..!! उसने पलट कर देखा तो अनय उसके सामने

आकर खड़ा हो गया..!!

डॉली-क्या हुआ..?? आप अभी तक यही है नींद नहीं

आ रही क्या.!! अनय ने ना में सिर हिलाया..!!

अनय -कुछ देर बैठोगी मेरे साथ ..!! अगर तुम चाहो तो..??

डॉली मुस्कुराते हुए-आप बैठिए हम आते है..!! कुछ देर

बाद जब वो आई तो हाथ में एक कटोरी लेकर आई और

अनय के बगल में जाकर बैठ गई..!!

अनय उसको देखकर-ये क्या है..??

डॉली-कुनकुना ऑइल है हमें जब भी नींद नहीं आती है

तब मम्मा बालों में चंपी कर अच्छे से मसाज करती है तो

कुछ ही देर में नींद आती है और वो भी सुकून भरी..!!

अब ये तो नहीं पता की कमाल ऑइल का है या मम्मा के

हाथों का..!!

अनय-तो तुम ये किसके लिए लाई हो..!!

डॉली बुरा सा मुंह बनाते हुए-यार दोस्त यहां आपके और

हमारे अलावा कौन है..?? और आपको नींद नहीं आ रही

इसलिए ये हम आपके लिए लेकर आए है अब बैठिए नीचे

हम आपकी अच्छी सी मसाज देंगे ताकि आपको भी अच्छी

वाली नींद आ सके..!!

अनय बिना कुछ कहे नीचे डॉली के सामने पैरों के पास

उसके तरफ पीठ करके बैठ गया..!! डॉली ने हाथों में

ऑइल लेकर धीरे धीरे उसके सिर में मसाज करनी शुरू

करी..!!

अनय-डॉली

डॉली-हम्मम

अनय-तुम्हारे हाथों में जादू है सच में इतना रिलेक्स फिल

हो रहा है थैंक्यू सो मच इतनी केयर के लिए..!!

डॉली-अं.... थैंक्यू के बजाय गाना सुना दो.. अं.. नहीं

गुनगुना दो क्युकी आप गाना तो अपनी समवन स्पेशल

के लिए ही गायेंगे..!!

अनय उसकी बात पर मुस्कुरा दिया..!!

उसने गुनगुनाना शुरू किया...

जब कोई बात बिगड़ जाए

जब कोई मुश्किल पड़ जाए

तुम देना साथ मेरा ओ हमनवाँ

ना कोई था ना कोई है

जिन्दगी में तुम्हारे सिवा........

तुम देना साथ मेरा ओ हमनवाँ

डॉली उसका गुनगुना बन्द करते ही-वाउ अमेज़िंग सच

में दोस्त जादू है आपकी आवाज में..!! पर एक बात कहूं

आप सबके सामने गा नहीं सकते गुनगुना तो सकते थे ना

फिर...

अनय-नहीं मैं नहीं चाहता मुझे उसके अलावा कोई और

सुने अब चलो अन्दर चले कोई हमें साथ में देखेगा तो

गलत सोचेगा..!! कहते हुए वो खड़ा हो गया..!! डॉली

भी उसके साथ अंदर चली गई और दोनों ही अपने अपने

रूम में चले गए अनय को तो जाते ही नींद आ गई आती

भी क्यों नहीं डॉली ने प्यार से मसाज दी थी उसके सर

में..!! इधर डॉली अपने रूम में आई वो सोच में डूबी

हुई थी वो किसी के भी सामने गुनगुना नहीं चाहते तो

हमारे सामने..?? कुछ ना कहकर भी बहुत कुछ कह

दिया उन्होंने..!! डायरेक्ट ना सही इन डायरेक्ट तो सब

कह ही दिया था... यही सब सोचते सोचते उसे कब नींद

आई पता ही भी चला..!!
 
अनामिका भी अपने रूम में जली भुनी बैठी थी..!! गेम

में ही सही पर डॉली ने उसके सामने अनय को प्रपोज

किया था..!! उसने सोच लिया था एंजल अनय को

उससे छिने उससे पहले ही वो अनय को प्रपोज कर देगी..!!

अनामिका खुद से ही बड़बड़ाते हुए-हां यही सही रहेगा

और फिर अरुणा आंटी तो वैसे भी मुझसे इंप्रेस है और

अनय उसको तो मैं यूं अपनी खुबसूरती के जाल में फसाकर

मना लूंगी फिर कोई डॉली नहीं आ पायेगी हमारे बीच में..!!

अगले दिन सारे कपल्स ने वहीं आसपास घूमने कि सोची

वहीं कॉलेज गोइंग बच्चा पार्टी ने धनोल्टी जो छह कि मी

की दूरी पर था वहां जाने की जिद की तो बड़े लोगो ने

इंकार कर दिया पर डॉली और राज की जिद के आगे

उन्हें भी हर मानना पड़ा उन सबने कार रेंट पर ली और

जैसे तैसे एक कार में एडजस्ट कर लिया और निकल गए

धनोल्टी के लिए..!! वहां पर भी बहुत ही खूबसूरत गार्डन

था घूमने के लिए हर तरफ धुंध हरियाली और ऊंचे ऊंचे पेड़

बहुत ही खूबसूरत लग रहा था..!! वहां करीब दो घंटे

घूमने के बाद सबको भूख लगने लगी तो वे लोग पूछते

पूछते एक छोटे से रेस्टोरेंट पहुंचे वहां खाना खाया ओर

एक बार फिर निकल पड़े देवी सुरकंडा मंदिर की ओर..!!

मंदिर की चड़ाई में ही सबकी हालत खस्ता हो गई..!!

डॉली-भैय्या अब और नहीं चढ़ा जाता कुछ देर बैठते है

ना... प्लीज़ हम बहुत थक गए है..!!

जय-अच्छा ठीक है इन सबको जाने दो मैं रुकता हूं,

अपनी प्रिंसेस के पास..!!

राज उसे चिड़ाते हुए- चुहिया वैसे भी इतना नहीं चढ़ पाती

मुझे तो पहले ही पता था..!!

डॉली-हां हम बन्दर नहीं है ना जो उछलते कूदते पहुंच

जाए उसने गुस्से से कहा..!!

राज उसे फिर उकसाते हुए-ये कहो ना मोटी हो गई हो,

तो चला नहीं जा रहा.. डॉली उसे मारने के लिए उसके

पिछे दौड़ गई और कुछ ही देर में वो लोग हांफते हुए ऊपर

पहुंच कर एक जगह बैठ गए..!!

डॉली-यार बन्दर तुमने तो कमाल कर दिया हम तो चढ

ही नहीं पाते अगर तुमने हमें उकसाया ना होता..!!

राज-उकसाया नहीं था सच बोला था मोटी हो गई हो

खा- खा कर..!!

डॉली-हां तो हम खाते पीते घर से है समझे जलकुकड़े

बन्दर..!! कहकर वो खिलखिला कर हंस पड़ी अनय की

नज़रे तो कभी उस पर से हटती ही नहीं थी जब वो सामने

होती..!! सबने मंदिर में दर्शन किए बहुत ही खूबसूरत

मदिर था शाम हो चुकी थी सब जल्दी जल्दी नीचे उतरे..!!

और वापस मसूरी के लिए निकल गए एक-डेढ घंटे में वो

लोग कॉटेज पहुंच गए पूरा दिन घूमने के कारण सब जाते

ही खाना खाकर सो गए..!!

अगले दिन सुबह सुबह दोनों दादू, बड़े पापा, प्रमोद जी

और मि तिवारी वॉक पर निकल गए मसूरी की सुबह की

खूबसूरती देखते ही बन रही थी..!!

दादू-यार तिवारी यहां तो परिवार के साथ महीने छह महीने

में आना ही चाहिए..!! भई बच्चे भी खुश और हम बूढ़े

लोग भी और ये बिजनेस वाले भी..!!

अनय के दादाजी-शर्मा बात तो तुमने सही कहीं ऐसे घूमते

घुमाते रहना चाहिए अपने परिवार को साथ में समय भी

मिल जाता और दिनचर्या में बदलाव भी आ जाता है..!!
 
इधर कॉटेज में

नेहा -चाची जी आज हम भी आपसे आपकी नई डिश

सीखना चाहते है..!!

पूजा-हां चाची जी प्लीज़ सिखाइए ना..!!

सविता जी-हम्मम..... तो पति को इंप्रेस करना है.. हे ना..!!

दोनों शर्मा गई क्या चाचीजी आप भी..

अच्छा ठीक है सिखाती हूं तब तक मिसेज तिवारी भी वही

आ गई और उनके पिछे ही बडी मम्मा भी..!!

बड़ी मम्मा-चलो आज सब मिलकर ब्रेकफास्ट और लंच

रेडी करते है..!!

सबने नाश्ता तैयार कर टेबल पर लगा दिया अनामिका भी

हेल्प के लिए आ गई वो कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती

थी मिसेज तिवारी को इंप्रेस करने का..!!

सबने नाश्ता किया और फिर घूमने निकल गए कई सारी

जगह घूमे झरने देखे पहाड़ों के बीच से गुजरते झरने

कहीं कहीं बोटिंग की व्यवस्था भी थी सबने बोटिंग का

मज़ा लिया और वापस कॉटेज आ गए..!!

सब बहुत ही खुश थे मसूरी आकर खासकर अनय..!!

डॉली अब उसकी अच्छी दोस्त बन गई थी और उसके

साथ खुलने लगी थी..!! राज और ज्योति एक दूसरे के

साथ बिज़ी रहने लगे थे दोनों ने जबसे अपने प्यार का

इजहार किया तबसे कुछ ज्यादा ही खुश रहने लगे थे..!!

आज मसूरी में सबका आखिरी दिन था अगली सुबह सब

हरिद्वार के लिए वापस निकलने वाले थे क्युकी काम

का लॉस भी हो रहा था और कॉलेज भी स्टार्ट हो चुके थे..!!

अगली सुबह सब जल्दी है उठ गए और पैकिंग कर

सामान मिनी बस में रखवा कर सब उसमें बैठकर निकल

पड़े वहीं अपनी पूरानी दिनचर्या में..!!

जय, अनय और अनामिका का कॉलेज में लास्ट ईयर

था.. और कॉलेज में जॉब प्लेसमेंट के लिए बड़ी बड़ी

कंपनियां आने वाली थी पर अनामिका को इनमें कोई

इंटरेस्ट नहीं था और अनय और जय के पापा की

खुद की कंपनी थी तो वो उसी में काम सीखकर उसे

आगे बढाना चाहते थे..!!

सब मसूरी से वापस आकर अपने दिनचर्या में लग गए..!!

कॉलेज स्टार्ट हो चुके थे..!!राज अब कॉलेज टाईम से

पहले ही पहुंच जाया करता क्युकी उसे ज्योति से मिलना

होता..!! जबसे दोनों ने एक दूसरे से अपने दिल की बात

कहीं तबसे दोनों की डॉली से कम ही बात होती या फिर

ना के बराबर..!! डॉली अब जय और अनय के साथ

कॉलेज जाती पर वहां भी अनामिका हर पल अनय के

आगे पिछे मक्खी की तरह भिनभिनाते हुए मिलती..!!

डॉली अनामिका से बहुत ज्यादा चिढ़ गई थी पर क्यों

ये वो खुद भी नहीं जानती थी और ना किसी से कह पा

रही थी..!!

डिनर पर दादू सबकी तरफ देखते हुए-तुम सब लोगो से

कुछ कहना चाहता हूं... कई दिनों से मन में विचार भी

आया पर समय ही नहीं मिला कभी..!!

बड़े पापा-कहिए ना पापा क्या बात है..!!
 
दादू-हमने और तुम्हारी मां ने ये फैसला लिया है कि अब

घर परिवार में काफी वक्त बिता लिया अब थोड़ा तीर्थ

दर्शन करना चाहते है अभी हम चल फिर रहे है इस लायक

है कि तीर्थ यात्रा आराम से कर सकते है बाद में ये बूढ़ी

हड्डियां साथ दे ना दे ये अवसर मिले ना मिले.. अपनी

जिन्दगी के कुछ साल वहीं बिताना चाहते है और अब

तुम सब जिम्मेदार हो अपनी जिम्मेदरियां अच्छे से निभा

सकते हो तो हम भी निश्चिंत होकर जायेंगे..!! कुछ समय

संतो की सेवा में भी लगाना चाहते है..!!

प्रमोद जी-पर पापा..??

दादी जी-बेटा हमें भी थोड़ी आजादी दो और हमेशा के लिए

बसने नहीं जा रहे कुछ सालों के लिए ही जा रहे है और तुम

सबसे तो एकदम भले चंगे है..!!

डॉली रोनी सी सुरत बनाकर-पर दादू-दादी आप अपनी

प्रिंसेस को छोड़कर जा रहे हो दिस इज़ नॉट फेयर ना..

हम कैसे रहेंगे आप दोनों के बगैर..!! क्या पता जब आप

दोनों वापस आओ तब हम ही ना मिले इस घर में..!!

दादू गम्भीर होकर-क्यों नहीं मिलेगी हमारी प्रिंसेस इस

घर में और हम कहीं जाने भी नहीं देंगे अपनी प्रिंसेस को

जीते जी अपने दूर..!!

सविता जी-कैसी बातें कर रहे है आप पापा शादी के बाद

तो डॉली को अपने ससुराल जाना ही होगा ना..??

दादू-हमनें कह दिया ना एक बार हमारी प्रिंसेस कहीं नहीं

जायेगी हम उसकी शादी ऐसे लड़के से करवाएंगे जो

हमारी नज़रों के सामने हो कहीं दूर नहीं.. अब बस हम

और कोई बहस नहीं चाहते..!!

सब उनकी बात सुनकर चुपचाप डिनर करने लगे और

अपने अपने कमरे में चले गए दादू दादी और डॉली बाहर

टहलने चले गए उनका रोज़ का काम था सुबह जॉगिंग

हल्का फुल्का योग और रात को डिनर के बाद टहलना

जिसमे डॉली अपने पूरे दिन की बातें उन्हें सुनाती..!!

दादी-क्या बात है आजकल हमारी प्रिंसेस ज्यादा कुछ

बोलती नहीं है.. ??और तो और अपने उस बन्दर के किस्से

भी नहीं सुनाती..??

डॉली रोते हुए-दादू-दादी हम आपको जाने से रोक नहीं

रहे पर हमें आपका जाना अच्छा नहीं लग रहा..!! आप

दोनों चले जाओगे तो हम अकेले हो जाएंगे..!! आप तो

हमारे बेस्ट फ्रेंड से भी ज्यादा बेस्ट फ्रेंड हो आपको पता है

ना मम्मा अनु दी को हमसे ज्यादा प्यार करती है..!! पापा तो

हर वक्त बस काम में लगे रहते है..!! दोनों भाभियां भी

कम ही बात करती है और दोनों बड़े भैय्या वो भी कम

ही बात करते है...!!

जय पिछे से आते हुए-और मुझे भूल गई हां..??

दादू-दादी के बाद मेरा नंबर आता है ना प्रिंसेस..!! कभी

अकेला छोड़ा है क्या मैने अपनी प्यारी डॉली को..??

हां हर वक्त ना सही पर जब जरूरत होती है तब हमेशा

तुम्हारे बगल में तुम्हारा हाथ थामे मैं ही खड़ा मिलता हूं

ना..??

डॉली रोते हुए-हमने कब ना कहा हम तो बस दादू-दादी

के जाने की वजह से थोड़े से अपसेट है.. पर हम ये भी

जानते है वहां जाने से इन्हे खुशी मिलेगी इनके मन को

सुकून मिलेगा और अगर हमारे क्यूट से कपल खुश रहेंगे

तो हम तो ऐसे ही खुश हो जायेंगे..!! और आप.. आप तो

मौका देखते ही आ जाते हो अहसान जताने...!!

दादू-दादी जो अब तक अपने आंसू पोछ रहे थे वे भी

मुस्कुरा दिए..!!
 
जय उसके बाल खींचते हुए-देखा आपने ये आपकी

लाड़ली प्रिंसेस... प्रिंसेस नहीं ये तो चुहिया है..!! अरे ये

नहीं की इतना प्यार करने वाला भाई मिला है.. नहीं इसको

तो अहसान नजर आ रहा है..!!

डॉली -आउच.. भैय्या हमारे बाल..!! जलते है आप

हमारे बालों से इतने लंबे घने है ओर आपके नहीं है..!!

जय हैरानी से-दादू इसके सिर में चोट तो नहीं लगी

पागल-वागल तो नहीं हो गई या कही आपके जाने का

सदमा तो नहीं लग गया.. अरे मुझे क्यों जलन होगी

इसके बालों से मैं कोई लड़की हूं क्या पागल कहीं की..

मेरे अच्छे खासे बाल है मुझे क्यों लंबे बाल चाहिए होंगे..!!

दादू-दादी भी उनकी ऊटपटांग बाते सुनकर हंसने लगे

तो डॉली ने जय को देख एक आई विंक कर दी..!!

इसके बाद वो लोग भी कुछ देर टहल कर सोने चले गए..!!

इधर अनय के दादाजी और दादी भी जाने की बात कह

दी थी..!!

मिसेज तिवारी-माँ मुझे अच्छा नहीं लगेगा अब ये घर

खाने को दौड़ेगा..!! ये दोनों बेटे अपनी ही दुनियां में

रमे रहते है, इनको ऑफिस के काम से फुरसत नहीं है..!!

आप दोनों रहते थे तो मन लग जाता था..!!

दादीजी-अरे बहू जल्दी ही आयेंगे हम बुढ़ापे में सब सेवा

चाकरी करवाऊंगी अभी तो दोनों पोते की बहू देखना है,

नाती पोते भी देखना है.. अपनी काव्या (अनय की बड़ी

बहन) और दामाद जी भी विदेश में बसे हुए है..!!

मिसेज तिवारी-हां मां कई सालों में एक बार ही तो आ पाती

है बेचारी..!!

मिस्टर तिवारी-अब भई दोनों जॉब वाले है तो बार बार

इतनी दूर आना संभव भी तो नहीं है ना..!!

वो लोग भी ऐसे ही बातें करने के बाद अपने अपने रूम

में सोने चले गए..!!

अगली सुबह दोनों दादू और दादी निकल गए अपनी यात्रा

पर.. डॉली बहुत दुखी थी दादू दादी के जाने से जय ने

उसे हसाने की मन बहलाने की कई कोशिश कर ली पर

डॉली का मन किसी भी चीज में नहीं लग रहा था..!!

वो जय के साथ कॉलेज आ गई आज भी अनामिका

अनय के साथ ही थी तो डॉली को आज कुछ ज्यादा ही

गुस्सा आ रहा था तो वो भी जल्दी जल्दी चलकर अनय

के साथ चलने लगी जय को कुछ गड़बड़ लगी तो वो

भी डॉली के पिछे जल्दी से पहुंच गया..!!

डॉली-क्या बात है दोस्त कौनसा शहद पानी में

डालकर नहाते हो की मक्खियां हर वक्त भिनभिनाते

रहती है..!! और एक मक्खी तो कुछ ज्यादा ही चिपकती

है आखिरी लाइन उसने धीरे से कहीं जो सिर्फ जय ही

सुन पाया और उसकी हंसी छूट गई वो भी जोर के..!!

अनय और अनामिका उसे हैरानी से देख रहे थे..!!

डॉली धीरे से-भैय्या बस ना होगया इतना भी बड़ा कोई

जोक नहीं मारा हमने जो अपनी बत्तीसी चमकाएं जा

रहे हो..!!

जय ने हंसना बन्द कर उसे घुर कर देखा..!!

जय धीरे से-कौन सा शहद से क्या मतलब है..??

डॉली धीरे से-यार भैय्या क्यों डूबा रहे हो मेरी नैय्या और

वैसे भी ये कम अक्ल है इन्हे कहां कुछ समझ आने वाला है,

बस आप चुप रहीये..!!हां तो दोस्त बताया नहीं आपने..??

अनय-क्या..?? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा..?? देखो

दादू दादी सिर्फ कुछ सालों के लिए गए तो इसमें तुम्हें

इतना भी क्या सदमा लगा कि बहकी-बहकी बातें करने

लगी हो..!!

जय एक बार फिर जोर जोर के हंसने लगा तो डॉली ने

गुस्से से उसे चिकोटी काटी तो वो उछल पड़ा और फिर

हंसने लगा..!!

जय अपनी हंसी रोकते हुए-देखो.. अनय तुम मेरे दोस्त हो इसका मतलब ये नहीं कि तुम.... इतना अच्छी-अच्छी

बात बोलो इस पागल को और वो फिर हंस पड़ा..!!
 
इस बार डॉली रोते हुए और गुस्से से उन सबको छोड़

कॉलेज पहुंच गई जहां आज बड़े दिनों बाद रिंकी और

निखिल नज़र आ गए..!!

डॉली खुशी से दोनों के गले लगते हुए-ओह माय गॉड

यार तुम दोनों कहां गायब थे अब तक...??

रिंकी-अं.. वो सब हम दोनों बता देंगे पर आज तुम अकेली

राज कहां है..??

तभी निखिल की नजर राज और ज्योति पर पड़ी जो आराम

से एक दूसरे से बातें करते हुए उन तीनों को नजरंदाज कर

आगे निकल गए..!!

निखिल हैरानी से-हें ..... भई ये सब कब हुआ और यार

ये तो एक दूसरे में इतने खो गए की हम तीनों यहां नजर

ही नहीं आए..!!

रिंकी-डॉली क्या है बता ना पहले तो ये राज.. इसका

तेरे बिना कोई काम नहीं होता था और अब ये सब क्या है..!!

डॉली-कुछ नहीं बस प्यार बचपन की दोस्ती से बड़ा हो गया और कुछ नहीं.. छोड़ो उसे तुम लोग अपनी बताओ कहां

गायब थे..??

निखिल-अभी क्लास का टाइम हो गया चलो फिर अब

तो हम रोज मिलने वाले है कभी भी बता देंगे..!!

इसके बाद वे सभी अपनी क्लास चले गए लेक्चर अटेंड

करने राज और डॉली के सब्जेक्ट सेम थे और रिंकी

निखिल के अलग और ज्योति इन सबसे अलग..!!

राज डॉली के बगल में जाकर बैठते हुए-यार डॉली ये

जो नया प्रोजेक्ट है ये बना दोगी क्या यार मैं....

डॉली-सॉरी... हमें अपना भी कंप्लीट करना है.. तुम अपने

भाई से हेल्प ले लो..!!

राज-यार तुम आजकल बात क्यों नहीं कर रही हो..??

हो क्या गया है तुम्हे..?? मुझे तो लगता है ज्योति सही ही कह

रही थी.. तुम जलती हो हम दोनों को साथ देखकर.. तुम्हें

कोई भाव नहीं देता ना बस इसी की भड़ास निकाल रही

हो आजकल हर किसी पर..!!

डॉली गुस्से से-ओह रियली हम बात नहीं कर रहे तुमसे..??

आजकल तो तुम कॉलेज भी हमारे साथ नहीं आते हमारे

सामने से हमें इग्नोर करके निकल जाते हो..!! और हम..

हम तुमसे जलेंगे.. जलेगी हमारी जुत्ती समझे..!! और

हमें कोई क्या भाव देगा हम खुद किसी को भाव नहीं

देते समझे ना..!! और ये तुम्हारे चार दिन का प्यार दो

दिन में खतम नहीं हुआ ना तो हम अपना नाम बदल लेंगे..!!

राज ने मुंह खोला ही था कि प्रोफेसर आ गए और लेक्चर

शुरु हो गया..!!

एक लेक्चर अटेंड कर राज तो निकल लिया अपनी

ज्योति के पास डॉली ने भी सारे लेक्चर अटेंड किए और

लाइब्रेरी चली गई कुछ बुक्स अपने प्रोजेस्क्ट से रिलेटेड

ढूंढ़कर इशू कराई और बिना किसी का वेट किए घर आ

गई..!!

अनामिका ने छुपकर जब ज्योति और राज की बात सुनी

तो उसने ज्योति को डॉली के खिलाफ भड़काना शुरू कर

दिया..!!

जय ने डॉली को कॉलेज में ना पाकर उसे कॉल किया..

डॉली कॉल रिसीव करते हुए-सॉरी भैय्या हम घर आ गए

है थोड़ा थक गए थे तो..!!

जय-अच्छा ठीक है मैं भी निकल रहा हूं..!!

उसने अनय को बताया और घर आ गया क्युकी अनामिका

थी अनय के साथ..!!

अनामिका को आज मोका मिला था अनय से अकेले

में बात करने और उसे जानने का..!!

अनामिका-अनय मुझे कुछ टॉपिक पर डाउट्स क्लियर

करना था क्या तुम हेल्प कर दोगे..??

अनय-मैं.... वो जय कर देगा ना उससे पूछ लो वो

मुझसे भी ज्यादा इंटेलिजेंट है..!!

अनामिका-नहीं वो नहीं करेगा मेरी हेल्प... वो मुझे पसंद

नहीं करता ना तुम्हें तो पता ही होगा ना तुम तो फ्रेंड हो

उसके..!!

अनय-हं.... हां वो मुझे लेट हो रहा है तो....

अनामिका-अरे तो मैं भी तो चल रही हूं ना तुम्हारे साथ

अगल-बगल में ही तो है ना हमारे घर और मुझे आंटी से

मिलना भी था काफी टाइम हो गया ना..!!

अनय मन में-चिपकू कहीं की... ये जय भी ना कहां

इसके साथ छोड़ गया..??

डॉली को टैरेस पर देख अनामिका ने कुटिल मुस्कान दी

और जानबूझकर लड़खड़ा गई... आउच

अनय रुकते हुए- क्या हुआ..??

अनामिका उसका हाथ पकड़-वो पैर मुड़ने से मोच आ गई

शायद.. (फिर खड़े होने की कोशिश करते हुए)

आ.. आउच मै खड़े नहीं हो पा रही हूं तुम हेल्प कर

दो ना प्लीज़..!!
 
टैरिस पर घूमते हुए डॉली की नजर जब दोनों पर पड़ी

तो वो रुककर देखने लगी..!!

अनय ने हाथ थाम कर उसे उठाया तो अनामिका ने

एक हाथ उसके कंधे से होकर गले में डाल दिया.. अनय

उसकी इस हरकत से असहज हुआ पर कुछ बोल नहीं

पाया..!! इधर डॉली ने जब देखा तो गुस्से से पूरी लाल

हो गई.. उस पर अनामिका की कुटिल मुस्कान जो आग

में घी डालने का काम कर रही थी.. उससे जब देखा नहीं

गया तो अपने रूम में चली गई और अपना गुस्सा ठंडा

करने के लिए शावर चालू कर उसके नीचे खड़ी हो गई..!!

कुछ देर बाद जब कुछ ठंडक महसूस हुई तो बाहर आई

और बेड पर पेट के बल लेट गई..!!

डॉली बड़बड़ाते हुए-दादू-दादी जबसे गए हैं दिमाग ही

काम नहीं कर रहा..!! पता नहीं क्यू इतना गुस्सा आने

लगा!!आई मिस यू दादू दादी प्लीज़ जल्दी वापस आ

जाओ..कहते कहते कब आंखें बह चली..!!

सविता जी गेट नोक कर अंदर आते हुए-डॉली बेटा क्या

हुआ..?? कॉलेज से आकर अपनी कॉफी के लिए भी

नीचे नहीं आई..!! पर देखो आज तुम्हारी मम्मा तुम्हारे

लिए स्पेशल टी बनाकर लाई है..!!

डॉली उठकर बैठते हुए-थैंक्स मम्मा थोड़े से थक गए थे,

तो रिलेक्स होने टेरिस पर चले गए थे..!!

सविता जी उसका सिर सहलाते हुए-मुझे पता है तुम्हें

दादू दादी कि याद आ रही है..!! उन्हें भी वहां तुम्हारे

बिना अच्छा नहीं लगेगा और दौड़े चले आयेंगे अपनी

प्रिंसेस के पास..!!

डॉली फीका सा मुस्कुरा ते हुए-मम्मा आप अनु दी को

हमसे ज्यादा प्यार करती है ना..??

सविता जी-डॉली हम तुम सब बच्चों से बराबर प्यार

करते है..!! और अनु की केयर इसलिए तुमसे ज्यादा

करते है क्युकी तुम्हारी मामी मुझे अनु की जिम्मेदारी

सोपी है तो मेरा फर्ज़ बनता है ना बेटा की जब तक कि वो

यहां है उसे कोई तकलीफ़ ना हो..!!

डॉली उनकी बात पर मुस्कुरा दी..!! डिनर के बाद उन्होंने

डॉली के सिर में तेल मालिश करी और उसे अपने साथ

सुलाया..!! प्रमोद जी ने भी उससे खूब सारी बातें की

कहानियां सुनाई डॉली की जिद पर और कहानियां सुनते

ही उसे कब नींद आई पता ही भी नहीं चला..!!

प्रमोद जी उसे बच्चों की तरह सोते देख मुस्कुरा दिए..!!

अगले दिन सुबह जल्दी उठकर डॉली वॉक के लिए गार्डन

में गई जहां अनय पहले से उसका इंतजार कर रहा था,

डॉली उसे इग्नोर करते हुए वॉक करने लगी..!!

अनय उसके पिछे जाते हुए-डॉली रुको तो...!!

क्या हुआ..??बताओ तो..??

डॉली कोई जवाब ना देकर वॉक करती रही और उसके

साथ अनय भी..!!

अनय उसका हाथ पकड़ते हुए-डॉली क्या हुआ..?? तुम

कई दिनों से इग्नोर कर रही हो अपने दोस्त से बात भी नहीं करोगी, उसे उसकी गलती भी नहीं बताओगी..??

डॉली उससे हाथ छुड़ाकर-आपको हमसे क्या मतलब है

अब.. अब तो अनु दी मिल गई है आपको..!! तो अब

अपनी उन नई नवेली दोस्त के पास ही जाइए हमें नहीं

बात करनी आपसे..!!

अनय मुस्कुराते हुए-ओह तो मिस डॉली शर्मा को किसी

से जलन हो रही है..

डॉली मुंह बनाते हुए-हमें कोई जलन नहीं हो रही है आप

चाहे जिसके साथ रहे हमें उससे क्या..??

अनय-अच्छा अगर जलन नहीं है तो फिर मुझसे बात

करने में क्या दिक्कत है..??

डॉली को कोई जवाब देते नहीं बना तो वो एक्सरसाइज

करने लग गई..!!

अनय-डॉली यार प्लीज़ बात तो करो कम से कम...

तुम्हारी ये खामोशी अच्छी नहीं लग रही है... डॉली

एक्सरसाइज करते करते रुक गई और उसके सामने खड़े

होकर बोली -क्यों अनु दी आपके सामने कम बोलती है

क्या जो आपको...

अनय उसकी बात काटकर-तुम क्यों अनामिका को बीच में

ला रही हो..!!

डॉली चिढ़ते हुए-क्यों आपको अच्छा नहीं लग रहा है

क्या..?? खेर हमें क्या आप जाने ओर आपकी अना....

अनय गुस्से से-खबरदार अगर आगे एक भी शब्द और

बोला तुमने तो....

डॉली गुस्से से-तो... तो क्या..?? और कुछ गलत नहीं

कहा हमने दिन भर तो चिपकी रहती है वो आपसे और

आपको भी तो उनका साथ अच्छा लगता है तो हुई ना

आपकी अना...

वो शब्द पूरा करती उससे पहले ही अनय उसे गुस्से से

घूरते हुए निकल गया और डॉली मुस्कुरा दी और जोर

से चिल्ला कर बोली अरे दोस्त पूरा तो सुन लो..!! पर

अनय ना ही रुका ना पलट कर देखा बस तेजी से निकल

गया..!!

डॉली मन में-हां जलते है हम जब अनु दी आपसे बात

करती, जब आप पर अपना हक जताती है...!! फिर

मुस्कुराते हुए-पर हम जानते है आप भी उन्हें पसंद नहीं

करते बस मजबूरी में झेलते है ताकि उन्हें बुरा ना लगे

और वे आपकी इस मजबूरी और अच्छे पन का फायदा

उठा रही है..!!

कुछ देर एक्सरसाइज करने के बाद वो भी चली जाती

है और तैयार होकर ब्रेकफास्ट कर कॉलेज के लिए निकल

जाती है पर वो कॉलेज पहुंचती उससे पहले ही अनय

ने कार का गेट खोल उसे अंदर खींच लिया..!! इस

अचानक हुई घटना से डॉली किसी डर से घबराकर

आंख बन्द कर लेती है और चिल्लाने लगती है.. मुझे

छोड़ दो..!!मैने कुछ नहीं किया..!! तुम कौन हो..??

अनय उसका मुंह अपने हाथों से बन्द करके-डॉली

आंखें खोलो मैं हूं.. और ये चिल्लाना बन्द करो..!!
 
डॉली ने धीरे से एक आंख खोलकर देखा अनय को

सामने देख कर दोनों आंखें खोल फिर शुरू हो गई-

आप... हम.. फिर सिर पकड़कर... हमें कॉलेज जाना है..!!

आपको नहीं जाना क्या..??

अनय मुस्कुराते हुए-नहीं मुझे नहीं जाना और तुम भी

नहीं जा रही हो..!!

डॉली-क्या दोस्त सुबह-सुबह भांग का नशा कर के आए

हो क्या को ऐसी बहकी-बहकी बातें कर रहे हो..

अनय मुस्कुराते हुए-मैं नशा नहीं करता फिर वो चाहे

भांग ही क्यों ना हो..!!

डॉली रोनी सी शक्ल बनाकर-तो आपने हमें किडनैप

किया है.. सुबह की बात का बदला आप हमें किडनैप

करके ले रहे है..!!

अनय उसे प्यार से देखते हुए गुनगुनाने लगा-

तेरे बिन ना.. ना लेंगे इक भी दम

तुझे कितना चाहे और हम....

उसने गुनगुनाते हुए गाड़ी स्टार्ट की और फिर गुनगुनाने

लगा...

तेरे बिन ना.. ना लेंगे इक भी दम

तुझे कितना चाहे और हम....

डॉली ने उसे गुनगुनाते सुना पर फिर बिन कुछ कहे

विंडो से बाहर देखने लगी..

अनय उसे देखते हुए-घबराओ मत किडनैप नहीं किया

है तुम्हे बस तुमसे तुम्हारा कुछ वक्त चुराना चाहता हूं..

डॉली-व... वो भैय्या.. वो हमें ढूंढेंगे.. हमें ना देखकर

परेशान होंगे..!!

अनय-मैने बता दिया है जय को..!! और उसने हां कहा

तभी ले जा रहा हूं तुम्हें..!!

डॉली सवालियां निगाहों से-प.. पर हम कहां जा रहे है..!!

अनय-बस कुछ ही देर में पहुंच जायेंगे..!! और मुझे पता

है तुम्हें बहुत पसंद आयेगी वो जगह..!!

डॉली-पर आप हमें लेकर क्यों जा रहे हैं..??

अनय-क्यों तुम्हें डर लग रहा है या मुझ पर भरोसा नहीं..??

डॉली-नहीं.... ऐसी बात नहीं है.. वो हम बस ऐसे ही पूछ

रहे थे..!! फिर शरारत से-वैसे आप हमारी जगह अनु दी

को लाते तो ज्यादा अच्छा होता नहीं.....

अनय ने उसको घूरते हुए अचानक से ब्रेक लगाया डॉली

का सिर टकराता उससे पहले ही अनय ने अपना हाथ अड़ा

लिया और कार से उतर गया..!!

डॉली बाहर आकर-यहां तो कुछ भी नहीं है..??

अनय ने उसका हाथ पकड़ा और वहां नीचे की ओर बनी

आड़ी तिरछी सीढ़ियों से धीरे धीरे नीचे ले आया जहां चारों

ओर हरियाली,सामने की तरफ झरना और नीचे झरने से

गिरता पानी काफी खुबसूरत और शांत और सुकून देने

वाली जगह थी..!!

डॉली उस जगह की खूबसूरती देख खुशी से उछलते हुए-

वाउ.... अमेजिंग हमनें इतनी खूबसूरत जगह पहले कभी

नहीं देखी..!!
 
उसकी खुशी देख अनय के होंठो पर भी मुस्कान फैल

गई, डॉली ने उसे देख कर कहा-पर आपको इस जगह के

बारे में किसने बताया..... हां.... जरूर अनु दी ने बताया

होगा..!! अनय को अनामिका के नाम से चिढ़ाने में

उसे मजा आने लगा था तो वहीं अनय को गुस्सा..!!

अनय-डॉली क्यों बार-बार अनामिका का नाम ले रही

हो..?? और अब अगर एक भी बार अनु दी कहा ना तो

फिर मैं तुमसे कभी बात नहीं करूंगा और जहां भी जाऊंगा

तुम्हारी प्यारी अनु दी के साथ ही जाऊंगा..!!

डॉली चिढ़ते हुए-हां तो ले जाइए हमें उससे क्या..??

अनय को और भी ज्यादा गुस्सा आ गया तो वो वहां से

जाने के लिए आगे बढ़ गया...

डॉली-हम मजाक कर रहे थे ना दोस्त इतना भी क्या

गुस्सा अनु दी के नाम से..?? अनय चुपचाप एक तरफ

बैठ गया पर उसने डॉली से कोई बात नहीं की..??

डॉली ने उसे चुप बैठा देखा तो वो पानी

में उतर गई जो कि उसके घुटने तक था..!! उसने अपने

दोनों हाथों में पानी भर अनय के ऊपर उछाल ने लगी

जिसकी वजह से वो पूरा भीग गया..!! उसने डॉली की

तरफ देखा और फिर पानी में उतर गया उसने भी डॉली

के उपर पानी छिटना शुरू किया एंजल भागती उससे

पहले ही उसका पैर फिसला और वो अनय के ऊपर जा

गिरी ..!! अनय संभल पाता उससे पहले ही वो जमीन पर

पानी में और डॉली उसके ऊपर गिरी..!! पानी की वजह

से दोनों जल्दी ही उठ खड़े हुए..!!

अनय ने अपने बाल झाड़े तो उसके बाल माथे पर बिखर

गए डॉली खोई हुई सी उसे एक टक निहार रही थी..!!

अनय हैंडसम, गुडलुकिंग तो था ही आज वो अपने

बिखरे बालों में डॉली को क्यूट भी लग रहा था..!!

अनय ने उसे अपनी तरफ देखते देख उसके सामने चुटकी

बजाई-हेल्लो कहां खो गई.. चलो गीले कपड़ों में ठंड लग

जायेगी..!!

डॉली होश में आकर-हं हां नहीं कही नहीं और हमें अभी

नहीं जाना अभी तो बहुत टाइम है कॉलेज खतम होने को..!!

अनय-अरे घर चलने को नहीं कह रहा..!! डॉली ने उसे

देखा तो उसने कहा-मुझे पता था तुम यहां आओगी तो

भिगोगी इसलिए जय से तुम्हारे कपड़े मांग लिए थे और

अपने भी ले आया था..!!

डॉली मुंह खोल आश्चर्य से-वाआआआ... मतलब भैय्या

भी आपकी टीम में और आपने तो बड़ी आगे की सोच ली..!!

अनय मुस्कुरा कर-क्यों तुम्हें अच्छा नहीं लगा क्या मैं.....

डॉली उसकी बात काटकर- वैसे अच्छा है इससे सर्दी

जुखाम नहीं होगा..!!पर यहां कहां चेंज करेंगे..??

अनय-गाड़ी में..!!

डॉली- क्यायाआआआआ ....!!

अनय-हां..!!

डॉली-नहीं बिल्कुल नहीं..!!

अनय-तुम चलो तो यार कोई प्रॉब्लम नहीं होगी..!!

वो दोनों ऊपर गए अनय ने कार का गेट खोल उसमे पर्दे

लगा दिए तब डॉली ने अंदर चेंज किया उसने अंदर से ही

अनय को देखा जो कार की तरफ पीठ किए खड़ा था..!!

डॉली मुस्कुरा दी और बाहर आई उसके बाद अनय ने भी

चेंज किया और दोनों फिर से नीच आ गए और एक तरफ

टीले पर बैठ गए..!!

अनय-थैंक्यू..!!

डॉली-किसलिए..??

अनय-मुझ पर भरोसा करने के लिए..!!

डॉली-जब भैय्या आप पर भरोसा कर सकते है तो क्या

हम उनके भरोसे पर भरोसा नहीं कर सकते..?? फिर हम

आपको इतना तो जानते है बचपन से देखते आए है..!!

हां पहले हिटलर लगते थे (अनय मुस्कुरा दिया) पर अब

दोस्त कहा है और कहा ही नहीं माना भी ही तो क्यों नहीं

करते भरोसा..??

अनय ने कुछ नहीं कहा बस मुस्कुरा दिया..!!

डॉली-एक बात पूछे..??

अनय-दोस्त कहती हो और पूछने की इजाजत मांग रही

हो..!!

डॉली-आप सिर्फ हमसे और भैय्या से ही इतनी बाते

करते है बाकी और लोगो से क्यों इतना दूर भागते है..??

हमने देखा है कॉलेज में लड़कियां आपसे बात करने के

लिए आपके आगे पिछे घूमती है पर आप उन्हें ऐसे घुर

कर देखते है जैसे किसी ने शेर की गुफा पर कब्जा कर

लिया हो..!!

अनय इस बार जोर के हंस पड़ा और डॉली उसकी हंसी

में ही खो गई हंसते हुए वो इतना प्यारा लगता उसे जैसे

एक छोटे बच्चे की खिलखिलाहट जिसमें कोई छल कोई

दिखावा नहीं..!! उसके गालों पर पड़ते डिम्पल उसे और

भी आकर्षित करते..!!

अनय-तुम ठीक तो हो ना..?? मुझे तुम्हारे इरादे कुछ ठीक

नहीं लग रहे..( डॉली अब भी खोई हुई सी उसे ही देखे जा

रही थी) उसने डॉली को हिलाया तब जाकर वो होश में

आई..!! उसकी बड़ी हुई धड़कनें उसे बेचैन कर रही थी..!!

डॉली मन में-ओह माय गॉड कहीं हमें हार्ट प्रॉब्लम तो नहीं,

जब देखो तब इतनी तेजी से दौड़ता है जैसे....

अनय-डॉली कहां खो जाती हो बार बार कबसे मैं बोल

रहा हूं और तुम हो की..!!

डॉली-नहीं वो हम कुछ सोच रहे थे..!! आप कुछ कह

रहे थे..??

अनय फिर गुनगुनाने लगा-

तुमको देखा तो ये ख्याल आया है

जिन्दगी धूप तुम घना सायाआआआ..

तुमको देखा तो ये ख्याल आया है

जिन्दगी धूप तुम घना सायाआआआ..

अनय ने कई बार गुनगुना कर हिंट देने की कोशिश की

थी पर डॉली समझ कर भी अनजान बनी रही..!! क्युकी

उसे अब भी अपनी फिलिंग्स का पता नहीं था और ये भी

की प्यार उसकी समझ से बाहर था..!!
 
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