• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

प्यार का अहसास

अनय जल्दी से दादाजी और दादी को लेकर घर आ गया

और अपने रूम में चला गया उसने अपने लेफ्ट हैंड में

पहनी उस रिंग को देखा जो अनामिका ने पहनाई थी,

उसने उस रिंग को उतार फेका और अपनी अलमारी से

एक पैकेट निकाला जो उसने डॉली के लिए खरीदा था..!!

अनय उसे खोलते हुए-सोचा था आज तुम्हें पार्टी के बाद

प्रपोज करूंगा तो तुम्हारे लिए ये तोहफे लाया था.. उसने

फोन की गेलरी ओपन कर डॉली की एक फोटो ओपन

कर कहा-तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता

था, अपनी आखिरी सांस तक भी मैं तुम्हें भूल नहीं पाऊंगा

क्युकी मैं ना तुम्हें भूलना चाहूंगा और ना ये दिल..!!

तुम्हारे लिए सब तुम्हारी पसंद का लाया था..!! तुमने

जब भी कोई चीज पसंद कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया, मैं

ले आया अपनी डॉली के लिए... पर अब शायद ना दे

पाऊ तुम्हें..!! शायद हमारा मिलना भगवान को पसंद

नहीं आया इसलिए तो हम....!! तुम मुझसे नफरत मत

करना, मुझसे नाराज़ मत होना मैं... मैं जी नहीं पाऊंगा..

नहीं जी पाऊंगा कहते हुए वो रो पड़ा..!! डॉली आई

लव यू.. मैने सिर्फ तुम्हें अपने इतने करीब आने दिया,

मैं ये हक किसी और को नहीं दे पाऊंगा मेरे दिल पर

तुम्हारा नाम है इसे कोई नहीं मिटा सकता..!! उसकी

आंखे सुर्ख हो चुकी थी पर आंखों से आंसू थम ही नहीं

रहे थे..!!

इधर अनामिका बहुत खुश हो रही थी आखिर वो जो

चाहती थी उसने पा ही लिया..!! वो सोचते हुए ख़यालो

में खो गई....

जब उसे पता चला था डॉली अनय से प्यार करने लगी है

और जल्दी ही प्रपोज भी करने वाली है..!!

तब अनामिका खुद से-नहीं डॉली मैं अनय को तुम्हारा

कभी नहीं होने दुंगी मैं उससे प्यार करती हूं और अनय

को पाने के लिए आंटी को पटाना जरूरी है क्युकी आंटी

जहां कहेगी जिससे कहेगी अनय उसी से शादी करेगा..

आंटी के करीब रहकर इतना तो जान ही गई हूं..!!

इसके बाद अनामिका रोज़ ही मिसेज तिवारी के पास

पहुंच जाती उनके सामने अनय के बारे में बातें करती

जैसे वो अनय को बहुत क्लोज़ से जानती हो..!!

फिर एक दिन उसने अनय को प्रपोज किया तब अनय

ने उसे इंकार कर दिया उसी दिन...

अनामिका-आंटी कुछ कहना था आपसे..!!

मिसेज तिवारी-हां कहो ना बेटा..!!

अनामिका-वो आंटी अनय और मैं एक दूसरे को पसंद

करते है... पर अनय ने कहा है वो आपकी मर्जी के बिना

मुझसे शादी नहीं करेगा और वो आपको बताने में भी

हिचक रहा है.. उसे लगता है आप क्या सोचेंगी...

मिसेज तिवारी-तुमने तो मेरे मुंह कि बात छीन ली..!! मैने

तो अपने अनय के लिए तुम्हे ही पसंद किया था..!! मैं

बात करती हूं अनय से...

अनामिका हड़बड़ाकर-नहीं आंटी वो कभी नहीं मानेगा,

और आप सामने से बात करेंगी तो शायद वो मना कर दे..

आप उसे ऐसे ना बताए और जब उसे पता चले तो आप

उसकी एक भी बात मत सुनना..!!

मिसेज तिवारी-हां ये तुमने सही कहा अब मैं इसको सीधे

सरप्राइज दूंगी..!!

अनामिका-आंटी वो मुझे लगता है राज और...

मिसेज तिवारी-हां मैने राज के लिए तो बहुत पहले ही

लड़की देख ली है..!!

अनामिका-कौन है वो..??

मिसेज तिवारी-अपनी डॉली.... मुझे तो दोनों साथ में

बड़े ही अच्छे लगते है.. और डॉली तो बड़ी प्यारी है,

बिल्कुल निश्छल और मासूम..!!

अनामिका मन में-वाह मुझे तो कुछ करना ही नहीं पड़ा

और काम भी बन गया..!! अब देखो डॉली जिंदगी भर

तुम मुझे और अनय को साथ देखोगी..!!

अनामिका पार्टी के शोर से अपने ख़यालो से बाहर आई..

अनामिका मन में-क्या बात है ये डॉली और उसकी गेंग

नजर नहीं आए.. उसे टूटते हुए देखना तो बनता था यार,

कोई नहीं अब तो हर पल उसे अहसास दिलवाती रहूंगी

की अब उसका दोस्त.. आ..आ.. दोस्त से बढ़कर मेरा

यानी कि उसकी बहन का होने वाला हसबैंड है और

उसका जीजा...!!

जय अनामिका को अकेले मुस्कुराते देख-सब जानते हुए

भी तुमने ये सब किया ना..!!

अनामिका भोली बनते हुए-क्या..?? क्या कह रहे हो तुम

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा..??

जय-ज्यादा भोली मत बनो..!! डॉली मासूम है वो

तुम्हारी बातों में आ सकती है मैं नहीं..!!

अनामिका-मासूम नहीं बेवकूफ कहो..!! वैसे भी मैने

कुछ नहीं किया..!! और ज्यादा अपनी बहन की वकालत

मत करो..!!

जय गुस्से से चला गया और अनामिका मुस्कुराने लगी..!!

राज-डॉली अब चलो आज हम सब रिंकी के साथ रुकते

है वैसे भी तुम घर जाओगी तो सब सवाल करेंगे..!!

डॉली रोते हुए-राज.. हम बहुत प्यार करते है उनसे हम...

कैसे जिएंगे उनके बगैर.. हम नहीं रह सकते, हम मर

जायेंगे.. हम उन्हें किसी और का होते हुए नहीं देख पाएंगे..

राज-डॉली आज सगाई हुई और पता है भाई ने हाथ में

चोट लगा ली तो अनामिका ने उन्हें दूसरे हाथ में रिंग

पहनाई तो भाई ने जब रिंग फिंगर में रिंग किसी और के

नाम की नहीं पहनी तो आगे का तुम खुद सोच लो.. और

तुम इसी बात से अंदाजा लगा सकती हो वो तुमसे कितना

ज्यादा प्यार करते है..

रिंकी-हां यार उनकी आंखों में आज अलग ही दर्द था

मैने देखा जब तक तुम वहां थी उनकी नज़रे सिर्फ तुम

पर थी...

निखिल-हां यार मुझे तो जलन होने लगी है डॉली से...

(तीनो ने उसे देखा) ओह सॉरी मेरा मतलब अनय भाई

से...

राज-डॉली अगर तुम्हारी आंसू की टंकी खतम हो

गई तो इसके जिम्मेदार हम नहीं बल्कि तुम होगी...

(डॉली ने उसे रोते हुए घुर के देखा) सॉरी अच्छा नहीं

था.. पर अब चलो...(सही कहते है लोग दोस्तो के बीच

आप अपना आधे से ज्यादा दुःख भूल जाते है.. वो दोस्त

ही होते है हो हर, अच्छे बुरे वक्त में, हर सुख-दुख में

हमारे साथ होते है..!!)
 
सब लोग रिंकी के घर आ गए थे..!! रिंकी सबके लिए

कॉफी बनाने किचन में गई..!!

राज और निखिल किचन में आकर एक साथ-हम लोगो

को जल्दी ही कुछ करना होगा..!!

रिंकी-मुझे नहीं लगता कुछ भी करना सही होगा क्युकी

ये दोनों ही कुछ नहीं बोलने वाले..!!

राज-पर मैं अपने भाई को ऐसे घुटते हुए नहीं देखना

चाहता और ना ही डॉली को..!! ये दोनों एक दूसरे से प्यार

करते है और दोनों एकदूसरे से अलग कभी खुश नहीं

रह पायेंगे..!!

निखिल-पर मुझे लगता नहीं कि डॉली और अनय भाई

अब मानेंगे क्युकी अनामिका दी डॉली की कजिन सिस्टर

है..!!

कॉफी बनते ही वे लोग किचन से हॉल में आ गए..!! डॉली

अपनी ही सोच में डूबी हुई थी..!!

पार्टी खतम हुई और सब घर आ गए..!! डॉली के मामा

मामी अगले दिन निकलने वाले थे तो वे भी सबके साथ

घर आ गए..!!

जय, दोनों भईया और भाभी सब परेशान थे डॉली को

लेकर..!!

नवीन भईया-जय तुम्हे उसे घर ले आना चाहिए था, पता

नहीं क्या बीत रही होगी उस पर..??

जय-भईया दादू परेशान हो जाते एंजल को देख वो

उससे सवाल करते और... और फिर उसके दोस्त बहुत

अच्छे है, उनके सामने वो खुलकर अपनी तकलीफ जाहिर

कर पायेगी और मैं उसे नहीं लेकर आया क्युकी मैं उसके

आंसू बर्दाश्त नहीं कर सकता मैं खुद को नहीं सम्भाल

सकता उसको कैसे...

प्रवीण भईया-जय सही कह रहा है हमें डॉली को थोड़ा

वक्त देना चाहिए हमे उसकी तकलीफ कम करनी है,

बढ़ानी नहीं है..!!

तीनो टकटकी लगाए डॉली को ही देख रहे थे...

डॉली-यार सो जाओ तुम लोग और कुछ देर के लिए हमें

अकेला छोड़ दो..!! और फिक्र मत करो हम ठीक है..!!

राज कुछ बोलता उससे पहले उसका फोन बजने लगा

वो उठकर दूसरी साइड आ गया...

राज कॉल उठाकर-जी भईया...

जय -राज डॉली कैसी है..?? ठीक तो है ना..

राज-वो ठीक है भईया..!! बाहर से तो शांत ही लग

रही है पर उसके अंदर क्या चल रहा है ये तो वहीं जानती

है, आप फिक्र मत कीजिए हम सब है ना उसके साथ...

जय-अच्छा ख्याल रखना, अगर कुछ बात हो तो कॉल

कर लेना.. ओके बाय..

राज कॉल डिसकनेक्ट कर सबके पास आया..

डॉली-यार हम ठीक है थोड़ी देर अकेले रहना चाहते है,

तुम लोग थक गए होंगे.. राज तुम दिनभर से पार्टी की

तैयारी में लगे थे, निक्कू भी पूरे दिन बाहर था प्लीज़ जाओ

आराम करो हमें कोई भी दिक्कत होगी हम तुमसे ही

कहेंगे..!! हम छत पर जा रहे है घुटन हो रही है हमें.. कहते

हुए वो सीढ़ियों से ऊपर चली गई..!!

तीनो ने एक दूसरे को देखा और वहीं कोई सोफे पर लेट

गए रिंकी नीचे ही रूम में चली गई..!! थके होने की वजह

से जल्दी ही नींद आ गई..!!

डॉली छत पर आई तो वहां लगे झूले पर बैठ कर चांद

को देखने लगी..!!

इधर अनय भी खिड़की में बैठा चांद को देख रहा था..!!

अनय डॉली की तस्वीर पर हाथ फेरते हुए-कभी सोचा

नहीं था तुमसे जुदा होना पड़ेगा वरना दोस्ती के लिए

हाथ ही ना बढ़ाता..!! पर इस दोस्ती की वजह से कई

सारे अच्छे पल मेरी जिंदगी में जुड़ गए..!! तुम पसंद

तो बचपन से थी.. पर पसंद जल्दी ही प्यार में बदल गई..

तुम तो शुरू से ही मुझे हिटलर बुलाती थी और मुझे

तुम्हारे मुंह से हिटलर सुनना भी अच्छा लगता था..

याद है एक बार जब स्कूल में खेलते हुए कुछ लड़को से

झगड़ा हो गया था वो बहुत सारे थे और मैं अकेला क्युकी

उस दिन जय नहीं था साथ में, वो मुझे धक्का मारकर

चले गए थे, तब तुम आई थी मेरे पास... मेरी कोहनी में

लगी चोट को फुक मारते हुए तुमने कहा था-अनय तिवारी

तुम्हे चोट दुख तो नहीं रहा ना..!! बदले में मैं सिर्फ तुम्हे

देखते रहा और तुमने मेरी खामोशी से चिढ़कर मुझे

हिटलर कहा ओर घूरते हुए चली गई..!! बस तबसे ही

तुम पसंद आने लगी थी..!!

इधर डॉली छत पर घूमते हुए छत पर बने एक छोटे से

रूम में चली गई जहां रिंकी के डेड अपनी थकान मिटाने

आया करते थे..!! डॉली कमरे में घुसी तो सामने रखी

बॉटल्स देख वहीं एक तरफ बैठ गई.. उसकी आंखो के

आगे अनय का अनामिका को अंगुठी पहनाना ही दिखाई

दे रहा था उसकी आंखे एक बार फिर डबडबा गई वो

उस कमरे से निकल ही रही थी कि उसने एक बॉटल खोल

मुंह से लगा ली..!!

उसने आधी बॉटल गटक ली और जाकर छत की दीवार

पर चढ़ने की कोशिश करने लगी..!!

डॉली नशे में-अरे.... ये चीन की दीवार यहां क्या कर रही

है हहा..!! उसने वहीं नीचे बैठते हुए गाना चालू किया...

मुझको पीना है पीने दे...

डॉली-ना.. ये हमें शोभा नहीं देता.. फिर.. हां तिवारी जी

कहते हुए उसने अपना फोन उठाया और अनय को

कॉल लगा दिया..

अनय ने अपने बजते फोन की तरफ देखा और फिर

बाहर की तरफ देखने लगा..

डॉली अनय के फोन ना उठाने से बड़बड़ाते हुए-ये तिवारी

जी की इतनी हिम्मत की इन्होंने हमारा फोन नहीं उठाया

हमारा.. वो जानते नहीं हम कौन है..?? केस कर देंगे

हम उम्र कैद की सजा सुनाएंगे उन्हें..!! उसने एक बार

फिर अनय को कॉल लगाया..!!

अनय ने एक गहरी सांस ली और अपने फोन को उठाने

के लिए आगे बड़ा जिस पर डॉली का नाम देखते ही उसने

झट से कॉल रिसीव कर लिया..

अनय.. धीमे से-डॉली

डॉली-आपने हमारा फोन नहीं उठाया..!! फोन काटिए

और हमें फोन करिए..!!

अनय हड़बड़ा कर -डॉली तुमने ड्रिंक की है... कहां

हो तुम..?? और राज कहां है...

डॉली नशे में हंसते हुए-हम.. हम चांद पर है और.. हां राज

वो धरती पर...

अनय उसकी बात सुन जल्दी से गाड़ी लेकर निकला-

डॉली फोन मत काटना मैं... आ रहा हूं..

डॉली-फोन हम क्यू काटेंगे.. हमने लगाया तो अब आप

काटिए.. वैसे आप चांद पर नहीं आ सकते..

अनय-क्यों..

डॉली-क्युकी..... हम भूल गए..!!

रात में सड़के खाली होने की वजह से अनय जल्दी ही

रिंकी के घर के बाहर पहुंच गया..

उसने ऊपर देखा जहां डॉली दीवार पर अपने पैर लटका

कर बैठी थी..!!
 
अनय जल्दी से फोन जेब के हवाले कर पाइप के सहारे

चढ़ा..!!

अनय डॉली का हाथ पकड़-डॉली...(डॉली ने उसे पलट

कर देखा) डॉली यहां क्या कर रही हो..?? चलो वहां

(झूले की तरफ इशारा करते हुए) बैठते है..!!

डॉली-अरे आप चांद पर कैसे आ गए..!! रिजर्वेशन तो

खतम हो गया था ना (फिर उसे बॉटल दिखाते हुए) आप

पियेंगे.. ये बहुत अच्छा है..

अनय उसके हाथ से बॉटल लेते हुए -मुझे नहीं पीनी और

तुम भी मत पियो और चलो उतरो..

डॉली ने पलटते हुए अपने पैरो को अंदर की साइड किया

और अनय के गले में बाहें डाल दी..

डॉली-अब आप हमें ऐसे उठाकर वहां लेकर चलिए..!!

अनय-डॉली क्या बचपना है..?? चलो उतरो जल्दी यहां

से..!!

डॉली मासूमियत से-आप हमसे प्यार नहीं करते क्या..??

अनय ने उसे अपने गोद में उठाया और झूले पर बैठा दिया..

डॉली अनय का हाथ थाम कर-आपको पता है..

अनय-हां..

डॉली-क्या..??

अनय-यही की मैं तुमसे भी ज्यादा अच्छा हूं..!!

डॉली-गलत..

अनय-तो फिर..

डॉली उसके चेहरे के करीब आते हुए-आप ना बहुत हॉट

है..(अनय मुस्कुरा दिया) ये आपके डिम्पल ना कितनी

ही लड़कियों की जान ले ले.. पर आप उनके सामने हंसते

नहीं है वरना हम सच में उन्हें मार दे..!!

अनय-क्यों..??

डॉली-क्युकी हमारे होते हुए कोई और आपको देखे

या आपके करीब आए हम बर्दाश्त नहीं कर सकते...

अनय उसे मुस्कुराते हुए देखने लगा

डॉली-आपको पता है..

अनय सिर हिलाते हुए-नहीं...

डॉली-आपकी आंखें बहुत नशीली है.. आप नशा करते

है क्या चुपके से..

अनय फिर सिर हिलाकर-नहीं...

डॉली-आपको पता है...

अनय-क्या..??

डॉली-यही की हम आपसे बहुत प्यार करते है.. आई लव

यू..!! अभी हमें याद नहीं आरहा...

अनय हैरानी से देखते हुए-क्या..??

डॉली उसके करीब आकर-आई लव यू..

अनय उससे दूर हटते हुए-आई लव यू टू पर हम कभी

एक नहीं हो सकते..हमारा प्यार...

डॉली उसके होंठो पर ऊंगली रखते हुए-हम एक नहीं

हो सकते पर हम हमेशा आपके रहेंगे..!! आप गाना

सुनाएंगे...

अनय उसे देखते हुए-तुम्हारा नशा उतर गया क्या..?? और

.. और तुम ऐसी हरकते..

डॉली-आपकी आंखों में नशा ही इतना है कि हमारा...

कहते हुए वो अनय के होंठो के करीब पहुंच गई...

अनय घबराकर मुंह फेरते हुए-डॉली... ये.. ये गलत है तुम

चलो नीचे जाकर सो जाओ.. और मैं... भी जा रहा हूं..

डॉली हंसते हुए-हम जानते है ये गलत है.. आप हमें छोड़कर

मत जाइए हम तो बस ऐसे ही..!! हमें आपकी गोद में सोना है..

अनय उसकी बात सुनकर मुस्कुरा दिया...

डॉली-आप गाना सुनाइए ना...

अनय-कौन सा..??

डॉली-कोई सा भी..

अनय-

रूठ ना जाना तुमसे कहूं तो,

मैं इन आंखो में जो रहूं तो..

डॉली बीच में रोकते हुए-ये नहीं.. कोई और..

अनय कुछ सोचते हुए-

तेरे बिन ना रहा कभी

तेरे बिन ना रह सकूँगा

तेरे बिन ना जिया कभी

तेरे बिन ना जी सकूँगा

टूटे दिल की आवाज़ को सुन

तू सुन तो सही

शिकवा नहीं किसी से

किसी से गिला नहीं

नसीब में नहीं था जो

हमको मिला नहीं

तू मिल ना पाया

यादें मिल गयी तेरी यादें मिल गयी

तन्हाईयाँ मिली हैं तू ना मिली

मुझे तू ना मिली....

टूटे दिल की आवाज़ को सुन

तू सुन तो सही

शिकवा नहीं किसी से

तुझसे जुदा होकर जाऊं में किधर

तेरे बिना जाऊं में किधर

तड़पता ही रहूँ फिरूं मैं दरबदर हाय

फिरूं मैं दरबदर

टूटे दिल की आवाज़ को सुन

तू सुन तो सही शिकवा नहीं किसी.....

गाने के साथ साथ उसकी आंखें भी बह रही थी, डॉली

ने उसके आंसू साफ कर उसके सीने से लग गई..

वहीं झूले पर बैठे हुए दोनों को कब नींद आई पता ही

नहीं चला.. सुबह हो चुकी थी और डॉली अब भी अनय

की गोद में सिर रखे सो रही थी..!! रिंकी ने उठकर डॉली

को ढूंढा और ढूंढ़ते हुए ही वो छत पर पहुंच गई..!!

और छत पर पहुंचते ही उसके होंठो पर मुस्कुराहट तेर

गई.. वो जल्दी से नीचे गई और राज और निखिल

को उठाते हुए अपना फोन लिए ऊपर आ गई राज

और निखिल भी आंखें मलते हुए ऊपर पहुंचे और सामने

का नजारा देख उनकी पूरी नींद ही उड़ गई..!!

सामने झूले पर अनय टेक लेकर सोया था और डॉली

उसकी कमर पर अपने हाथो का घेरा बनाकर उसके

पेट पर मुंह छुपाए सोई थी..

रिंकी ने दोनों के कई सारे फोटो क्लिक किए..!! राज

और निखिल भी मुस्कुरा उठे.. कल की टेंशन आज के

इस पल की वजह से धुंधली पड़ गई थी..

वो लोग देख ही रहे थे कि अनय की आंख खुल गई और

तीनो को अपने सामने खड़े देख वो असहज हो गया..!!

उसने डॉली के हाथ अपनी कमर से हटाए और उसका

सिर उठाते हुए उठ खड़ा हुआ फिर उसे गोद में उठाए

हुए ही रिंकी को इशारा किया तो वो जल्दी से नीचे की तरफ

बड़ गई और एक रूम खोल दिया अनय ने डॉली को

लिटाया और उसे कम्बल ओढ़ाते हुए उसके सिर को

प्यार से सहलाते हुए बाहर निकल आया..!!

अनय-रात को उसने ड्रिंक कर ली थी..!!

तीनो की आंखे हैरानी से बड़ी हो गई..!!

अनय-उसे शायद ही कुछ याद हो.. पूछेगी तो कह देना

राज लाया था नीचे और उठे तो नींबू पानी दे देना..!!

कुछ प्रॉब्लम हो तो कॉल कर लेना..!! कहकर वो चला

गया पर बाकी सब अब भी ड्रिंक वाली बात से सदमे

में खड़े थे..!!

अनय चला गया और वो तीनो अब भी सदमे में खड़े थे..!!

रिंकी-यार राज तुम्हारे भाई का तो ऐटिट्यूड ही अलग

है, यार कुछ बोलने का मौका ही नहीं दिया..!!

निखिल-यार मैं तो ये सोच रहा हूं इतने खतरनाक (राज

ने उसे घुरा) आई मीन डॉली को इनसे और इनको डॉली

से प्यार केसे हो गया दोनों ऑपोजिट है एक दूसरे से..!!

राज-तुम दोनों ये क्यों नहीं सोच रहे की डॉली ने ड्रिंक

कैसे कर ली और...

निखिल हंसते हुए-क्या यार जैसे सब करते है वैसे ही..

रिंकी-निक्कू.....

राज-और भाई को कैसे पता चला.. फिर कुछ सोचते हुए

डॉली का फोन..!! तीनो रूम में गए पर डॉली का फोन

रूम में मिला ही नहीं तो निखिल और राज दोनों छत

पर ढूंढने चले गए..!! और वहीं दीवार के पास पड़ा डॉली

का फोन मिला जिस पर उसके घर वालों के कॉल्स की

बाड़ आई हुई थी..!! दोनों फोन नीचे लेकर आए..!!

राज ने जय को कॉल कर बता दिया था कि डॉली

अभी सो रही है और जब वो उठेगी तब वो उसे लेकर

आयेगा..!!
 
राज ने डॉली के फोन को खोला और रात की कॉल

देखी जिसमें डॉली ने अनय को कॉल किया था..!!

राज-इसका मतलब डॉली ने भाई को कॉल की थी वो

भी ड्रिंक करने के बाद..!! पर उसे लाकर किसने दी..

रिंकी-यार वो डैड ने ऊपर वाले रूम में रखी हुई है,

सैटर्डे को वो जाते है उस रूम में.. मुझे क्या पता था डैड

ने उसे लॉक नहीं लगाया होगा..!!

अनय घर आया और अपने रूम में चला गया, मिसेज

तिवारी ने उसे रोकना चाहा पर तब तक वो निकल गया..

मिसेज तिवारी-इसके सास-ससुर को मैने ब्रेक फास्ट पर

बुलाया है और ये लड़का इसका पता नहीं क्या होगा....

दादी जी-बहू.. पता तो है तुम्हें हमारा अनय शुरू से ऐसा

ही है.. धीरे-धीरे सबसे घुल मिल जाएगा..!!

मिस्टर तिवारी अखबार पढ़ते हुए-अरे भई मेरा बेटा बहुत

बड़ा बिजनेस मेन बनेगा ये रिश्तेदारों को आप लोग

संभालो..!! वैसे भी एक दो महीने में कॉलेज खतम हो

जायेगा उसका फिर तो उसे ऋषिकेश जाना है..!!

मिसेज तिवारी-हां.. हां भेज देना पर अभी नया-नया रिश्ता

बना है उसे तो अच्छे से निभा ले..!!

मि तिवारी-अरे तो रिश्ते कहा भागे जा रहे है..

मिसेज तिवारी बडबडाते हुए किचन में चली गई और मि

तिवारी अखबार पड़ने लगे..!!

दोनों अनय के दादाजी ओर डॉली के दादू लौन में बैठे

ठंडी की धूप सेंक रहे थे..

दादाजी-शर्मा हमने तो अनय के लिए डॉली बिटिया को

चुना था पर बच्चो कि पसंद.. उनकी जिंदगी भर का सवाल

था..!!

दादू अपना चश्मा साफ करते हुए-सोचा तो हमने भी

ऐसा ही था..!! हमारी प्रिंसेस के लिए अनय से अच्छा

जीवन साथी मिल ही नहीं सकता था पर ये भी ठीक है

अनामिका भी हमारे घर की ही है और भई सही भी है

बच्चो को साथ रहना है तो उनकी पसंद नापसंद तो

मायने रखती ही है..!!

दादाजी-अरे तो डॉली के लिए हमारा राज है तो... दोनों

की दोस्ती भी बड़ी गहरी है..!!

दादू हंसते हुए-दोनों की शादी कर दे तो आपस में लड़ते

ही रहेंगे..!! हर दिन तो लड़ते है..!!

अनय फिर नहा धोकर बिना ब्रेकफास्ट किए ही कॉलेज

के लिए निकल गया और मिसेज तिवारी उसे रोकते रह

गई पर उसने ना रुकना था ना रुका..!! वैसे भी वो

अनामिका की शक्ल भी नहीं देखना चाहता था..!!

डॉली उठी तो उसका सर दर्द से फटा जा रहा था वो

सिर पकड़ कर बैठ गई..!! रिंकी उसके लिए नींबू पानी

ले आई.. भई लाती क्यों नहीं अनय ने राज को कॉल

करके याद जो दिला दिया था..!!

रिंकी-नींबू पानी पी लो हैंग ओवर उतर जाएगा..!! क्या

जरूरत थी पीने की..!!

डॉली-यार पता नहीं क्या सोच कर पी ली हमें तो कुछ याद

भी नहीं आ रहा..!! अभी ये सर दर्द से फट रहा है मन

कर रहा है दीवार से सर ही फोड़ ले.. ना रहेगा सिर ना

होगा हेडेक..!!

राज-बहुत अच्छे मैं हेल्प कर दूं..!!

डॉली-यार हो गया ना अब क्या जान ही ले लोगे..!! वैसे

भी अच्छा ही हुआ जो हमने पी ली वरना तो ये रात काटनी

भी मुश्किल हो जाती..!! उसकी आंखें एक बार फिर

डबडबा गई..!!

वो तीनो उसके पास आकर बैठ गए..!!

रिंकी-देखो हमारी डॉली ना रोते हुए बिल्कुल अच्छी नहीं

लगती और हम....

डॉली अपने आंसू साफ कर-हम नहीं रोएंगे ठीक है, अभी

बहुत भूख लगी है यार रात से कुछ खाया नहीं और हमारे

चक्कर में तुम लोग भी भूखे ही सो गए..!! उसने नींबू

पानी खतम किया ओर जय का नंबर डायल करते हुए

कहा-हम भईया को कॉल कर ले..!!

जय कॉल रिसीव करते हुए-कैसी हो ठीक हो ना मैं

लेने आ जाऊ..

डॉली-भईया रिलेक्स हम ठीक है और हमने कॉल इसलिए

किया था कि मामी ये लोग चले जाए तब आप लेने आईएगा

हम ब्रेक फास्ट रिंकी के घर ही करेंगे...!! दादू ने हमारे

बारे में पूछा होगा ना क्या कहा आपने..!!

जय-वो मैने कह दिया रिंकी अकेली है इसलिए सब

फ्रेंड्स उसी के साथ रुकने वाले है..!!

डॉली ने बाय बोलकर कॉल डिस कनेक्ट कर गहरी सांस

लेकर बाथरूम में घुस गई और बड़बड़ाने लगी हमें रात का

कुछ भी याद नहीं पर हम आपके साथ थे ये अहसास है

हमें हम आपकी खुशबू आपके परफ्यूम की खुशबू

अच्छे से पहचानते है और अभी वहीं खुशबू हमारे कपड़ो

से आ रही है..!! हमारे लिए आपका अहसास ही काफी

है, आप इतने अच्छे है कि कोई भी लड़की आपकी

लाइफ से जुड़ना चाहेगी, पर आप अनु दी कि किस्मत

में है..!! वो नहा कर रिंकी के कपड़े पहन बाहर आई..

और तब तक राज ने उसके हाथ में कॉफी पकड़ाई

और उसके बगल में सोफे पर बैठ गया..!!

राज उसकी तरफ मुंह करके बैठते हुए-ठीक हो ना..??

डॉली... अपने अंदर कुछ मत रखना,जो भी दिल में हो

उसे हम तीनो में से किसी के भी साथ बांट सकती हो..

रोना चाहो तो रो सकती हो पर अपने अंदर कुछ मत

रखना..!! और यकीन करो सब कुछ अच्छा होगा..!!

और वैसे भी मैं भी कम हैंडसम नहीं हूं, चाहो तो मुझ

पर ट्राय मार सकती हो..!!

डॉली ने अपने पिछे से कुशन निकाल उसे पिटना चालू

किया.. तब तक रिंकी और निखिल ब्रेक फास्ट लेकर आ

गए..!!

राज-अब लग रहा है जोरू का गुलाम..!! मैने कभी

सोचा भी नहीं था ये निखिल एक लड़की के पीछे खाना

बनाना भी सीख लेगा..!!

डॉली-अच्छी बात है ना हमें तो सब्जी काटनी भी नहीं

आती...

राज-तुम्हें जरूरत भी क्या है... भाई बहुत अच्छे... कहते

हुए वो रुक गया.. फिर बात बदलते हुए.. चलो यार भूख

बहुत लगी है..!!

डॉली ने दूसरी तरफ पलटते हुए अपने आंसू साफ किए तो

राज ने उसे साइड हग किया और रिंकी और निखिल भी

आकर उनसे लिपट गए..!!

राज-अरे पागल हो गए हो क्या..??

रिंकी-तो.... तुम अकेले दोस्त हो उसके.. हमारा भी

बराबरी का हक है..!!

निखिल-यार मैं बेहोश हो जाऊ उससे पहले ना तुम लोग

मुझे नाश्ते के पास ले चलो वैसे भी आलू के पराठे मेरी

कमजोरी है... आलू के पराठे सुन डॉली और राज

जल्दी से प्लेट निकाल कर उसने पराठे और चटनी

सर्व कर खाने लगे.. रिंकी और निखिल देखते ही रह

गए..!!

निखिल दौड़ते हुए-ओह नो.. भुक्कड़ो.. हम भी है यार..!!

चारों ने ब्रेक फास्ट किया और हॉल में आकर बैठ गए..

उसके बाद रिंकी ने कॉमेडी फिल्म लगाई..!! जिसे देख

सब खूब हंस हंस कर लौट पोट हुए..!! दोपहर को

जय, डॉली और राज को लेने आया तो दोनों उसके

साथ घर चले गए..!! जय ने बता दिया था इसलिए

किसी ने कुछ नहीं पूछा..!! डॉली अपने रूम में गई

तो जय भी उसे पिछे चले आया..!!
 
जय को देख डॉली मुस्कुरा दी, पर जय जानता था,

ये असली मुस्कुराहट नहीं है उसने आगे बढ़ डॉली को

सीने से लगा लिया, उसके सीने से लगते ही डॉली की

रुलाई फुट पड़ी.. वो रोते हुए ही बोली-भईया.. हम

बहुत प्यार करते है उनसे हम नहीं रह सकते उनके बिना,

जब वो हमारे नसीब में नहीं थे तो हमें उनसे प्यार ही क्यों

हुआ..?? क्यों हुआ भईया..??रोते हुए उसकी हिचकियां

शुरू हो चुकी थी..!! जय ने पहली बार डॉली को

इतना टूटा हुआ, बिखरा हुआ देखा था..!! वो खुद बेबस

था, उसकी आंखों से भी आंसू बह निकले..!!

डॉली सिसकते हुए-भईया हम... हमें ये अहसास ही

क्यों हुआ.. क्यों हमें हमारा प्यार नहीं मिला..?? हमारा

प्यार हमारी आंखों के सामने किसी और का हो गया..!!

जय उसे अपने से अलग कर बेड पर बैठाया और उसे

पानी पिलाते हुए कहा-डॉली आई एम सॉरी..!! मैं अपनी

बहन के लिए कुछ नहीं कर पाया..!!

डॉली-भईया आप सॉरी क्यों बोल रहे है..?? आप जैसा

भाई तो नसीब वालों को मिलता है और हमें मिला है तो

हमारा नसीब अच्छा हुआ ना..!! जरूरी तो नहीं कि

हर खुशी मिले.. कुछ खुशियां अधूरी ही रह जाती है..!!

अब देखिए हम बिल्कुल नहीं रो रहे और ना ही आगे

रोएंगे..!! जो होता है अच्छे के लिए होता है और ये जो

भी हु आ उसमे भी कुछ ना कुछ अच्छा ही छुपा होगा..!!

जय उसे देखते हुए-समझदार हो गई हो..!! और अब

बिल्कुल रोना नहीं है और हां अनु से जितना हो सके

दूर ही रहना..!!

डॉली मन में-हम जानते है अगर हम परेशान रहे तो

हमसे जुड़े सभी लोग परेशान रहेंगे और हमें इतनी अच्छी

फैमिली और फ्रैंड्स मिले है कि हम इन्हीं में अपनी

खुशियां ढूंढ सकते है..!!

राज अपनी मम्मा के पास जाकर-मम्मा आपने अचानक

से भाई की इंगेजमेंट का फैसला केसे ले लिया..

मिसेज तिवारी-अचानक कहां दीपावली से सोच रही हूं,

और तुम बच्चो के भरोसे बैठती तो उम्र भर बैठी रहती..!!

राज-पर मम्मा आपने भाई से उनकी मर्जी भी नहीं

पूछी और अचानक सबके सामने फैसला सुना दिया, हो

सकता है उन्हें कोई और पसंद हो..!!

मिसेज तिवारी-हां तो उसे अनामिका पसंद थी तभी तो

मैने ये फैसला लिया..!! अपने बच्चो के लिए बुरा थोड़ी

ना चाहूंगी..!!

राज-आपसे किसने कहा कि भाई अनामिका...

मिसेज तिवारी उसकी बात काटकर-भाभी है वो तुम्हारी,

अगली बार तुम्हारे मुंह से उसके लिए भाभी ही निकलना

चाहिए..!!

राज मुंह बनाकर-अच्छा ठीक है..!! तो आपसे किसने

कहा भाई अना... मतलब भाभी को पसंद करते है..!!

मिसेज तिवारी-तुम दोनों तो कुछ बताते नहीं वो तो भला

हो अनामिका का जिसने मुझे बता दिया कि वो और

अनय एक दूसरे को पसंद करते है.. और प्यार भी.. और

शादी भी करना चाहते है..!!

राज का मुंह खुला का खुला रह गया और वो उठकर

बाहर निकल गया..!! अनय घर आया तो राज उसकी

कमरे में पहुंच गया..!!

राज-भाई...

अनय-डॉली कैसी है..?? सिर दर्द ठीक हो गया था ना,

और मैने तुमसे कहा था ना उसका ख्याल रखना..!!

राज उसकी बात पर ध्यान ना देते हुए-भाई.. आप किस्से

प्यार करते है..??

अनय-क्यों..??

राज-भाई आपको डॉली की...

अनय उसकी बात काटकर-डॉली से..!! और जब तुम्हें

पता है फिर क्यों पूछ रहे हो..??

राज-भाई अनामिका ने मम्मा से कहा कि आप दोनों

एक दूसरे से प्यार करते है और शादी करना चाहते है..!!

अनय-मैने तो..!! खेर अब इस बात को भूल जाओ अब

मेरी और अनामिका की इंगेजमेंट हो चुकी है..!! और ये

बाते किसी और से मत कहना..!! मैं नहीं चाहता कि

अनामिका की इस हरकत की वजह से बाकी फैमिली

मेंबर्स को खासकर जय की मम्मा को नीचा देखना पड़े..!!

राज मुंह बिगाड़ते हुए रूम से बाहर आ गया..!!
 
दिन ऐसे ही निकल गया..!! एंजल अपनी फैमिली के सामने

पहले की तरह बिहेव कर रही थी..!! दादू ने उसमे आए

बदलाव को महसूस कर लिया था, पर उन्होंने कुछ कहा

नहीं..!! डॉली कभी हंसते हंसते अचानक ही रो पड़ती..!!

और कभी कभी बात करते हुए अचानक ही उदास हो

जाती..!! पहले की तरह ना राज की बुराई करती

और ना ही गुस्सा करती..!!

सब उसे समझने की कोशिश कर रहे थे पर किसी को

कुछ खास समझ नहीं आया..!! एक दिन परेशान होकर

पूजा भाभी ने बड़ी मम्मा और सविता जी के सामने

अनय और डॉली के बारे में बता ही दिया, जिसका असर

ये हुआ कि सविता जी अनामिका से कटने लगी थी..!!

पर अनामिका को इस बात से कोई खास फर्क नहीं पड़ा..!!

डॉली-मम्मा आप क्यों ऐसा कर रही है..?? अब हमारी

किस्मत में जो नहीं था वो नहीं मिला इसमें अनु दी का

क्या दोष..?? आप प्लीज़ उनसे रूखा व्यवहार ना करे,

हमें अच्छा नहीं लगता..!!

सविता जी-बेटा माँ हूं तुम्हारी तुम्हें उदास देखती हूं तो

वजह अनु ही नजर आती है और मैं चाहकर भी उससे

प्यार से पेश नहीं आ सकती..!!

डॉली-मम्मा...

सविता जी-हां..

डॉली-मूवी देखने चले फिर डिनर भी बाहर ही करेंगे..

सविता जी-पर बेटा पूजा और नेहा को छोड़ कर नहीं

जा सकते.. तुम अपने दोस्तो के साथ चली जाओ क्युकी

जय को तुम लोगो के बीच अच्छा नहीं लगेगा और

अगर अनय गया तो अनु भी... जायेगी..!!

डॉली-नहीं मम्मा ठीक है जब आप नहीं चल रहे तो हम

जाकर क्या करेंगे..!!

अगले दिन सब कॉलेज गए पर अब डॉली कॉलेज सबसे

बाद में जाती ओर पहले ही आ जाती ताकि अनय से

सामना ना हो..!! डॉली खाली लेक्चर में लाईब्रेरी चली

गई किताबे ढूंढ़ते हुए वो एकदम लास्ट में पहुंची जहां

अनय पहले से उसके इंतजार में था..!! डॉली उसे देखते

ही पलट गई उसकी आंखें अपने आप ही बरस पड़ी..

अनय उसके सामने आकर खड़ा हो गया...

अनय उसके आंसू पोछते हुए-डॉली.. तुम्हारे आंसू मुझे

तकलीफ देते है.. आजकल हर पल दिल बेचैन रहता है..

तुम मुझे यूं अनदेखा तो मत करो.. इंगेजमेंट होने से

मेरा दिल तो नहीं बदला ना..

डॉली से कुछ कहते ही भी बना उसकी आंखे ही उसका

दर्द बयां कर रही थी..

अनय -डॉली प्लीज़ रोना बन्द करो तुम्हारे आंसू मुझे

तकलीफ दे रहे है.. आज कई दिनों बाद तुम्हें देखा वो

भी रोते हुए तुम्हारे आंसू मेरे दिल पर खंजर की तरह

बरस रहे है... तिल तिल मरने से अच्छा एक ही बार में....

डॉली ने उसके होंठो पर अपनी हथेली रख दी-प्लीज़

दोबारा ऐसी बात अपनी जुबां पर भी मत लाना वरना

हमसे बूरा कोई नहीं होगा..!! कहते हुए वहां से निकल

गई..!!अनय नम आंखों से उसे जाते हुए देखते रह गया..!!

उस दिन के बाद से डॉली ने लाइब्रेरी जाना भी बन्द कर

दिया..!! उसे बुक्स चाहिए होती तो राज से कहकर

मंगवा लेती..!!दोनों ही एक दूसरे के लिए तड़प रहे थे

पर मजबुर थे..!!दिनभर तो जैसे तैसे निकल जाता पर

अपने रूम में आते ही दोनों टूट जाते..!!ये एक महीना

देखते ही देखते निकल गया..!!होली वाले दिन भी होली

पार्टी रखी गई थी..!!दोनों परिवारों की तरफ से कई

सारे लोग आए हुए थे बिजनेस से जुड़े हुए,ऑफिस

कर्मचारी, रिश्तेदार,दोस्त..!!हर जगह कलर से भरे

हुए बड़े बड़े ट ब रखे हुए थे, जगह-जगह टेबल पर

लाइन से कलर के ढेर लगे हुए थे, तो कहीं बड़े-बड़े

थाल कलर से भरे हुए रखे थे..!! एक तरफ भांग सिल

बट्टे पर पिसी जा रही थी तो वहीं सादी ठंडाई भी थी..!!

सभी ने सफेद रंग के कपड़े पहने हुए थे ताकि होली का

रंग उन कपड़ो पर जम कर चढ़े..!!

सबने दादू दादी को तिलक किया और थोड़ा थोड़ा रंग

गालों पर भी लगाया..!!

इधर दादाजी और दादी को भी सबने उसी तरह रंग

लगाया.. सब बाहर ही थे अनामिका ने डॉली को दिखाते

हुए अनय के गालों पर रंग लगाया..

मिसेज तिवारी-अनय तुम क्या खड़े हो अनामिका को

रंग लगाओ..

अनय ने अनामिका के गालों पर रंग लगा दिया ये देख

डॉली ने अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा ली.. की पिछे

से रिंकी ने आकर उसके पूरे चेहरे पर रंग लगा दिया उसके

बाद तो सबने जमकर होली खेली..!! खासकर राज,

डॉली, रिंकी और निखिल ने..!! सबको बारी-बारी हाथ

और पैर पकड़ते हुए रंग से भरे टब में डाला गया..!!

अनय की नज़रे डॉली पर थी और अनामिका की अनय

पर..!! वो चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही थी, पर

खुश थी कि अनय अब उसका है..!!

अनामिका-अनय उधर क्या देख रहे हो यहां तुम्हारी होने

वाली बीवी खड़ी है और तुम...

अनय गुस्से से-होने वाली.. अभी हुई नहीं हो और मैने

तुम्हे पहले भी कहा था मैं तुमसे प्यार नहीं करता हूं और

ना ही कभी तुमसे प्यार होगा क्युकी मेरे पास एक ही

दिल था जो मैने बहुत पहले किसी और को दे दिया अब

तुम्हें देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं है और हां मुझसे

उम्मीद भी मत लगाना..!! तुमने मम्मा को कैसे बहलाया

फुसलाया है अच्छे से जानता हूं तो मम्मा के सामने

तुम मुझ पर हक जताओगी और मै तुम्हे हक दे दुंगा तो

ये तुम्हारी गलतफहमी है..!!

अनामिका गुस्से से आग बबूला हो गई और वहां से

एक तरफ जाकर बैठ गई..!!
 
अनय के बेरुखे बर्ताव से अनामिका का पारा हाई हो

गया वो कुछ देर एक तरफ जाकर बैठी ही थी कि राज

उसके पास चला आया..

अनामिका ने सिर उठा कर देखा तो सामने राज बड़ा

सा गिलास हाथ में लिए खड़ा था..

राज अनामिका को अपनी तरफ देखते देख-वो में

आपके लिए ठंडाई लाया था, आपका देवर हूं तो इतना

तो आपके लिए कर ही सकता हूं..!!राज ने बनावटी

मुस्कान अपने चेहरे पर लाते हुए कहा..!!

अनामिका उससे गिलास लेते हुए-थैंक्यू सो मच राज,

मेरा इतना ख्याल रखने के लिए..!! राज ने एक बार

फिर बनावटी मुस्कान बिखेरी और वहां से निकल गया..

उसके जाते हि अनामिका ने वो ठंडाई एक साइड में

डाल राज को दिखाने के लिए खाली गिलास मुंह से

लगा लिया और मन ही मन मुस्कुराते हुए-तुम अभी

इतने भी बड़े नहीं हुए हो की मुझसे अनामिका से जीत

सको और तुमने क्या सोचा तुम मुझे कुछ भी पीने के

लिए दोगे और मैं हंसते-हंसते पी लुंगी.. और सारा कुछ

यहां सबके सामने कहकर अपना ही तमाशा बना लुंगी..!!

फिर कुछ सोचते हुए वो डॉली को ढूंढ़ते हुए आगे बढ़

गई और कुछ ही दूर पर उसे डॉली दिखाई तो वो होंठो

पर मुस्कान लाते हुए डॉली की तरफ बड़ गई..!!

अनामिका डॉली के पास पहुंची तो राज भी उसके

पिछे हो लिया दोनों साथ ही अलग अलग दिशा से डॉली

के पास पहुंचे...

अनामिका डॉली के पास पहुंचकर मुस्कुराते हुए-डॉली

तुम यहां अकेले क्या कर रही हो और तुमने अपने जीजू

को रंग नहीं लगाया.. साली हो तुम अनय की इतना हक

तो बनता है ना..

राज-हां.. हां डॉली जाओ रंग लगाओ भाई को आफ़्टर

ऑल तुम साली हो और साली तो आधी घर वाली मानी

जाती है..(अनामिका ने उसे घुरा तो राज ने अपनी

बत्तीसी चमका दी)

अनामिका ने अपने हाथो में लाए रंग को डॉली के गालों

पर अच्छी तरह मलते हुए-सबके साथ होली खेल ली

बस अपनी बहन को छोड़ कर..!! डॉली मुस्कुरा दी..!!

उसने अनामिका के हाथो से रंग उठाते हुए उसके तरफ

हाथ बढ़ाया ही था कि अनामिका एक कदम पीछे हट

गई..!! डॉली और राज दोनों ने ही हैरानी से उसे देखा..!!

अनामिका-मुझे अब किसी रंग की जरूरत नहीं है अनय

ने मुझे रंग लगाकर पहले ही अपने रंग में रंग दिया है...

ये रंग तो तुम लोगो के लिए है मेरे लिए नहीं.. कहते हुए

वो अपने हाथ झटकते हुए निकल गई..!! डॉली की

आंखें नम हो गई राज को अनामिका पर गुस्सा आया

उसका मन किया कि यही किसी टब में डुबोकर उसकी

जान ले ले पर ऐसा हो नहीं सकता था..!! कुछ ही देर में

डॉली को फेस पर इचिंग होने लगी तो वो वहां से निकल

कर अपने रूम में चली गई उसको जाते देख अनामिका

मुस्कुरा दी..!! राज को कुछ गड़बड़ी लगी..!! वो भी

डॉली के पिछे गया डॉली अपना मुंह धोकर आई तो

उसके पूरे फेस पर रैशेज हो चुके थे पूरा फेस रेड हो

चुका था..!! राज ने उसे देख पूछा-क्या हुआ है ये..??

डॉली-पता नहीं..!!

राज जल्दी से नीचे गया और फ्रिज से आईस क्यूब ले

आया और थोड़ी देर में आने का कह बाहर चले आया..!!

उसने रिंकी और निखिल को पूरी बात बताई तो वे लोग

भी अनामिका को सबक सिखाने का प्लेन करने लगे..!!

रिंकी बड़ा सा थाल उठाकर ले आई जिसमे काला रंग

भरा पड़ा था उसने इधर उधर देखा और अनामिका

जिधर बैठी थी उधर चली गई.. राज अनामिका के

पास गया और उसे बातों में भिड़ा लिया तब तक रिंकी

ने अनामिका के पिछे जाते हुए जल्दी से पूरा थाल उसके

माथे पर उड़ेला और पल भर में वहां से भाग गई..!!

अनामिका ने इधर उधर देखा पर उसे कोई नजर नहीं

आया जो ऐसी हरकत करे सब अपने में लगे थे राज

की हंसी छूट रही थी अनामिका को देख वो ऊपर से नीचे

काले रंग में सनी हुई थी..!! अनामिका कुछ आगे बड़ी

ही थी कि निखिल उससे टकराते हुए निकल गया और

बैलेंस बिगड़ने की वजह से अनामिका पानी से भरे ट ब

में जा गिरी और अब वो काला कलर कुछ ज्यादा ही उसके

ऊपर चढ़ गया था..!!

राज, रिंकी और निखिल तीनो ने एक दूसरे को हाई-फाइव

दिया और हंसने लगे..!! अनामिका झल्लाते हुए वहां

से अपने रूम में चली गई..!!

डॉली ने आइस अपने चेहरे पर लगाई पर उसकी स्किन

कुछ ज्यादा ही सेंसिटिव होने की वजह से रैशेज बड़ गए

और पूरे फेस पर दाने उभर आए..!! राज, रिंकी और

निखिल डॉली के रूम में पहुंचे तो उसके बिगड़ते रेड

होते चेहरे की देख हैरान रह गए..!!

दोपहर होते होते सब अपने घर निकल गए थे..!! राज

ने जय को डॉली की हालत के बारे में बताया तो वो

भी बाकी सबको लेकर डॉली के रूम में पहुंचा सब डॉली

को देख हैरान परेशान थे..!! प्रमोद जी ने डॉ को कॉल

लगाया तो वे आऊट ऑफ सिटी थे.. जय और बाकी

सब रंगो से सने थे तो प्रमोद जी खुद डॉली को लेकर

गए डॉ के क्लिनिक..!!

सविता जी-डॉली तो हमेशा होली खेलती है अभी तक

तो ऐसा कुछ नहीं हुआ..!!

बड़े पापा-और हम वैसे भी केमिकल वाले कलर यूज नहीं

करते..!! हम तो हमेशा ही नेचुरल कलर इस्तेमाल करते

आए है..!!

दादू-तुम लोग फिक्र मत करो हो सकता है किसी और

चीज का रिएक्शन हो.. कुछ खाने पीने में आ गया हो...!!

जय-पर दादू खाने पीने की वजह से होता तो सिर्फ

फेस पर थोड़ी ना होता..!!

इधर डॉ ने डॉली की कुछ दवाईयां और फेस पर लगाने

के लिए क्रीम दी..!! और ये भी बताया कि ये फुल मिलावट

वाले रंगो की वजह से हुआ है..!!

राज-वो जब अनु दी ने रंग लगाया था उसके बाद ही

डॉली को इचिंग शुरू हुई थी...

सविता जी ये सुनकर गुस्से से अनामिका के रूम की

तरफ बड़ गई..

इधर अनामिका उस काले रंग को छुड़ाने में जी जान से

लगी हुई थी पर कुछ कुछ अब भी निकल नहीं रहा था..!!

सविता जी ने बाहर से ही अनामिका को आवाज लगाई

अनामिका बाहर आई तो उसे देख सविता जी की हंसी

छूट गई..!!

सविता जी-ये क्या हुआ तुम तो पूरी रंगी हुई हो जाओ

निकालो इसे.. वैसे किसने लगाया तुम्हें ये काला रंग..??

अनामिका चिढ़ते हुए-पता नहीं कौन नालायक था जिसने

पूरा कलर मेरे ऊपर गिरा दिया और फिर किसी नमूने

ने टब में गिरा दिया..!! कहते हुए वो वापस बाथरूम में

घुस गई..!! सविता जी हंसते हुए बाहर आई तो सामने

ही राज मिल गया..!!

राज-आंटी डॉली की ये हालत अनु दी कि वजह से

हुई थी इसलिए मैने रिंकी और निखिल के साथ मिलकर

ये कर दिया..!!

सविता जी हंसते हुए-पर बेटा और भी कई रंग थे ये

काला तो नहीं लगाते..!! वैसे ये रंग तो छूट जायेगा पर

मेरी डॉली को अनु ने जो तकलीफ दी उसके आगे ये

कुछ भी नहीं उन्होंने अपने चहरे पर गंभीरता लाते हुए

कहा और वहां से चली गई..!!

डॉली और प्रमोद जी घर आ गए थे और डॉ की कहीं

बात बताई उसके बाद रिंकी और निखिल अपने घर चले

गए थे और राज भी अपने घर चले गया..!! राज ने

अनामिका की हरकत के बारे में अनय को बताया तो

अनय को भी अनामिका पर बहुत गुस्सा आया..!!

डॉली धीरे धीरे ठीक हो गई और उसने कॉलेज जाना

शुरू कर दिया उसने सुबह गार्डन जाना बन्द कर दिया

और रात में डिनर के बाद टहलना भी वो अपने कमरे में

रहकर ही अपनी किताबों से घिरी रहती..!! धीरे धीरे

एग्जाम नजदीक आने लगे थे तो डॉली कम ही कॉलेज

जाती और घर ही पढ़ाई करने लगी..!! एग्जाम शुरू

होकर खतम भी हो गए..!! डॉली के सामने अनय के

बारे में कोई भी कुछ नहीं कहता क्युकी उसका जिक्र

होते ही डॉली की आंखों में नमी तेर जाती..!!

अनय अपने पापा के कहे अनुसार ऋषिकेश चला गया

और वहां का ऑफिस संभालने लगा..!! ऋषिकेश में

मि तिवारी ने बहुत बड़ा बंगला बनवाया था और अब

अनय उसी बंगले में रह रहा था..!!

जय भी अपने पापा के साथ ऑफिस जाने लगा था..!!

डॉली और उसके फ्रैंड्स भी फाइनल ईयर में आ गए थे..!!
 
डॉली अब सबके साथ ही कॉलेज जाती क्युकी अब

अनय नहीं था..!! डॉली को पता ही नहीं था कि अनय

इस शहर में ही नहीं है..!!

सब कुछ ना कुछ करके डॉली को हंसाने की कोशिश

करते पर डॉली कुछ पल हंसने के बाद वहीं उदासी

धारण कर लेती..!!

एक दिन पूजा भाभी ने बहुत ही प्यारे बेटे को जन्म दिया,

सब बहुत खुश थे..!! इसके पन्द्रह दिन बाद ही नेहा भाभी

ने भी बेटे को जन्म दिया..!! डॉली अब पहले की तरफ

खुश थी वो बुआ बन गई थी..!! वो अपनी पढ़ाई खतम

कर एक-एक घंटा दोनों भाभी के पास बिताती और

नन्हे-नन्हे बच्चों को देख मुस्कुराती रहती उनकी हरकते

देख उसे बड़ा मज़ा आने लगा था उसने पहली बार छोटे

बच्चो को देखा था..!! उसको खुश देख घर वाले भी

खुश रहने लगे थे..!!

अनामिका अपनी किसी फ्रेंड के साथ मॉल गई थी जहां

वो जय से टकरा गई..!!

जय उसे देखते हुए-ओ... हाय अनामिका सॉरी वो मैने

देखा नहीं..!!

अनामिका मुस्कुराते हुए-नो.. नो इट्स ओके मैं भी देख

कर नहीं चल रही थी शायद..!!

जय उसके आसपास देख-तुम यहां अकेले आई हो कोई

साथ नहीं आया..

अनामिका-वो एक फ्रेंड के साथ आई थी उस घर से कॉल

आ गई और वो चली गई.. खेर तुम भी अकेले आए हो..

जय-चलो यहां खड़े रहने से अच्छा है केंटीन चलते है वहीं

बात करते है एक दूसरे की कंपनी मिल जाएगी और

बोर भी नहीं होंगे..!!

अनामिका उसके साथ चलते हुए-याह.. श्योर..

केंटीन में जाकर दोनों ने अपना ऑर्डर दिया और बातें

करने लगे..

जय-तुम्हारी ओर अनय की इंगेजमेंट हो गई..

अनामिका मुस्कुराते हुए-हम्मम कई महीने हो गए..

जय-काफी टाइम हो गया अनय और जय से मिले हुए,

बिजनेस में ऐसे घुसा की टाइम ही नहीं मिलता दोस्तो

के लिए..!! अभी में यहां क्लाइंट से मिलने ही आया था..!!

अनामिका-हां वैसे भी अनय ऋषिकेश में है और वही

रहता है..!!

जय हैरानी से-ऋषिकेश..

अनामिका-हां वो वहां का ऑफिस संभलता है..!! अच्छा

मैं चलती हूं.. अच्छा लगा तुमसे मिलकर..!! अनामिका

चली गई और जय बैठा सोचते रह गया..!!

जय-मुझे अब भी समझ नहीं आ रहा एंजल-अनय या

डॉली और राज उसने अपना सिर झटका एक कॉफी

और ऑर्डर की..!!
 
अनय जल्दी से दादाजी और दादी को लेकर घर आ गया

और अपने रूम में चला गया उसने अपने लेफ्ट हैंड में

पहनी उस रिंग को देखा जो अनामिका ने पहनाई थी,

उसने उस रिंग को उतार फेका और अपनी अलमारी से

एक पैकेट निकाला जो उसने डॉली के लिए खरीदा था..!!

अनय उसे खोलते हुए-सोचा था आज तुम्हें पार्टी के बाद

प्रपोज करूंगा तो तुम्हारे लिए ये तोहफे लाया था.. उसने

फोन की गेलरी ओपन कर डॉली की एक फोटो ओपन

कर कहा-तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहता

था, अपनी आखिरी सांस तक भी मैं तुम्हें भूल नहीं पाऊंगा

क्युकी मैं ना तुम्हें भूलना चाहूंगा और ना ये दिल..!!

तुम्हारे लिए सब तुम्हारी पसंद का लाया था..!! तुमने

जब भी कोई चीज पसंद कर उसे ऐसे ही छोड़ दिया, मैं

ले आया अपनी डॉली के लिए... पर अब शायद ना दे

पाऊ तुम्हें..!! शायद हमारा मिलना भगवान को पसंद

नहीं आया इसलिए तो हम....!! तुम मुझसे नफरत मत

करना, मुझसे नाराज़ मत होना मैं... मैं जी नहीं पाऊंगा..

नहीं जी पाऊंगा कहते हुए वो रो पड़ा..!! डॉली आई

लव यू.. मैने सिर्फ तुम्हें अपने इतने करीब आने दिया,

मैं ये हक किसी और को नहीं दे पाऊंगा मेरे दिल पर

तुम्हारा नाम है इसे कोई नहीं मिटा सकता..!! उसकी

आंखे सुर्ख हो चुकी थी पर आंखों से आंसू थम ही नहीं

रहे थे..!!

इधर अनामिका बहुत खुश हो रही थी आखिर वो जो

चाहती थी उसने पा ही लिया..!! वो सोचते हुए ख़यालो

में खो गई....

जब उसे पता चला था डॉली अनय से प्यार करने लगी है

और जल्दी ही प्रपोज भी करने वाली है..!!

तब अनामिका खुद से-नहीं डॉली मैं अनय को तुम्हारा

कभी नहीं होने दुंगी मैं उससे प्यार करती हूं और अनय

को पाने के लिए आंटी को पटाना जरूरी है क्युकी आंटी

जहां कहेगी जिससे कहेगी अनय उसी से शादी करेगा..

आंटी के करीब रहकर इतना तो जान ही गई हूं..!!

इसके बाद अनामिका रोज़ ही मिसेज तिवारी के पास

पहुंच जाती उनके सामने अनय के बारे में बातें करती

जैसे वो अनय को बहुत क्लोज़ से जानती हो..!!

फिर एक दिन उसने अनय को प्रपोज किया तब अनय

ने उसे इंकार कर दिया उसी दिन...

अनामिका-आंटी कुछ कहना था आपसे..!!

मिसेज तिवारी-हां कहो ना बेटा..!!

अनामिका-वो आंटी अनय और मैं एक दूसरे को पसंद

करते है... पर अनय ने कहा है वो आपकी मर्जी के बिना

मुझसे शादी नहीं करेगा और वो आपको बताने में भी

हिचक रहा है.. उसे लगता है आप क्या सोचेंगी...

मिसेज तिवारी-तुमने तो मेरे मुंह कि बात छीन ली..!! मैने

तो अपने अनय के लिए तुम्हे ही पसंद किया था..!! मैं

बात करती हूं अनय से...

अनामिका हड़बड़ाकर-नहीं आंटी वो कभी नहीं मानेगा,

और आप सामने से बात करेंगी तो शायद वो मना कर दे..

आप उसे ऐसे ना बताए और जब उसे पता चले तो आप

उसकी एक भी बात मत सुनना..!!

मिसेज तिवारी-हां ये तुमने सही कहा अब मैं इसको सीधे

सरप्राइज दूंगी..!!

अनामिका-आंटी वो मुझे लगता है राज और...

मिसेज तिवारी-हां मैने राज के लिए तो बहुत पहले ही

लड़की देख ली है..!!

अनामिका-कौन है वो..??

मिसेज तिवारी-अपनी डॉली.... मुझे तो दोनों साथ में

बड़े ही अच्छे लगते है.. और डॉली तो बड़ी प्यारी है,

बिल्कुल निश्छल और मासूम..!!

अनामिका मन में-वाह मुझे तो कुछ करना ही नहीं पड़ा

और काम भी बन गया..!! अब देखो डॉली जिंदगी भर

तुम मुझे और अनय को साथ देखोगी..!!

अनामिका पार्टी के शोर से अपने ख़यालो से बाहर आई..

अनामिका मन में-क्या बात है ये डॉली और उसकी गेंग

नजर नहीं आए.. उसे टूटते हुए देखना तो बनता था यार,

कोई नहीं अब तो हर पल उसे अहसास दिलवाती रहूंगी

की अब उसका दोस्त.. आ..आ.. दोस्त से बढ़कर मेरा

यानी कि उसकी बहन का होने वाला हसबैंड है और

उसका जीजा...!!

जय अनामिका को अकेले मुस्कुराते देख-सब जानते हुए

भी तुमने ये सब किया ना..!!

अनामिका भोली बनते हुए-क्या..?? क्या कह रहे हो तुम

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा..??

जय-ज्यादा भोली मत बनो..!! डॉली मासूम है वो

तुम्हारी बातों में आ सकती है मैं नहीं..!!

अनामिका-मासूम नहीं बेवकूफ कहो..!! वैसे भी मैने

कुछ नहीं किया..!! और ज्यादा अपनी बहन की वकालत

मत करो..!!

जय गुस्से से चला गया और अनामिका मुस्कुराने लगी..!!

राज-डॉली अब चलो आज हम सब रिंकी के साथ रुकते

है वैसे भी तुम घर जाओगी तो सब सवाल करेंगे..!!

डॉली रोते हुए-राज.. हम बहुत प्यार करते है उनसे हम...

कैसे जिएंगे उनके बगैर.. हम नहीं रह सकते, हम मर

जायेंगे.. हम उन्हें किसी और का होते हुए नहीं देख पाएंगे..

राज-डॉली आज सगाई हुई और पता है भाई ने हाथ में

चोट लगा ली तो अनामिका ने उन्हें दूसरे हाथ में रिंग

पहनाई तो भाई ने जब रिंग फिंगर में रिंग किसी और के

नाम की नहीं पहनी तो आगे का तुम खुद सोच लो.. और

तुम इसी बात से अंदाजा लगा सकती हो वो तुमसे कितना

ज्यादा प्यार करते है..

रिंकी-हां यार उनकी आंखों में आज अलग ही दर्द था

मैने देखा जब तक तुम वहां थी उनकी नज़रे सिर्फ तुम

पर थी...

निखिल-हां यार मुझे तो जलन होने लगी है डॉली से...

(तीनो ने उसे देखा) ओह सॉरी मेरा मतलब अनय भाई

से...

राज-डॉली अगर तुम्हारी आंसू की टंकी खतम हो

गई तो इसके जिम्मेदार हम नहीं बल्कि तुम होगी...

(डॉली ने उसे रोते हुए घुर के देखा) सॉरी अच्छा नहीं

था.. पर अब चलो...(सही कहते है लोग दोस्तो के बीच

आप अपना आधे से ज्यादा दुःख भूल जाते है.. वो दोस्त

ही होते है हो हर, अच्छे बुरे वक्त में, हर सुख-दुख में

हमारे साथ होते है..!!)
 
सब लोग रिंकी के घर आ गए थे..!! रिंकी सबके लिए

कॉफी बनाने किचन में गई..!!

राज और निखिल किचन में आकर एक साथ-हम लोगो

को जल्दी ही कुछ करना होगा..!!

रिंकी-मुझे नहीं लगता कुछ भी करना सही होगा क्युकी

ये दोनों ही कुछ नहीं बोलने वाले..!!

राज-पर मैं अपने भाई को ऐसे घुटते हुए नहीं देखना

चाहता और ना ही डॉली को..!! ये दोनों एक दूसरे से प्यार

करते है और दोनों एकदूसरे से अलग कभी खुश नहीं

रह पायेंगे..!!

निखिल-पर मुझे लगता नहीं कि डॉली और अनय भाई

अब मानेंगे क्युकी अनामिका दी डॉली की कजिन सिस्टर

है..!!

कॉफी बनते ही वे लोग किचन से हॉल में आ गए..!! डॉली

अपनी ही सोच में डूबी हुई थी..!!

पार्टी खतम हुई और सब घर आ गए..!! डॉली के मामा

मामी अगले दिन निकलने वाले थे तो वे भी सबके साथ

घर आ गए..!!

जय, दोनों भईया और भाभी सब परेशान थे डॉली को

लेकर..!!

नवीन भईया-जय तुम्हे उसे घर ले आना चाहिए था, पता

नहीं क्या बीत रही होगी उस पर..??

जय-भईया दादू परेशान हो जाते एंजल को देख वो

उससे सवाल करते और... और फिर उसके दोस्त बहुत

अच्छे है, उनके सामने वो खुलकर अपनी तकलीफ जाहिर

कर पायेगी और मैं उसे नहीं लेकर आया क्युकी मैं उसके

आंसू बर्दाश्त नहीं कर सकता मैं खुद को नहीं सम्भाल

सकता उसको कैसे...

प्रवीण भईया-जय सही कह रहा है हमें डॉली को थोड़ा

वक्त देना चाहिए हमे उसकी तकलीफ कम करनी है,

बढ़ानी नहीं है..!!

तीनो टकटकी लगाए डॉली को ही देख रहे थे...

डॉली-यार सो जाओ तुम लोग और कुछ देर के लिए हमें

अकेला छोड़ दो..!! और फिक्र मत करो हम ठीक है..!!

राज कुछ बोलता उससे पहले उसका फोन बजने लगा

वो उठकर दूसरी साइड आ गया...

राज कॉल उठाकर-जी भईया...

जय -राज डॉली कैसी है..?? ठीक तो है ना..

राज-वो ठीक है भईया..!! बाहर से तो शांत ही लग

रही है पर उसके अंदर क्या चल रहा है ये तो वहीं जानती

है, आप फिक्र मत कीजिए हम सब है ना उसके साथ...

जय-अच्छा ख्याल रखना, अगर कुछ बात हो तो कॉल

कर लेना.. ओके बाय..

राज कॉल डिसकनेक्ट कर सबके पास आया..

डॉली-यार हम ठीक है थोड़ी देर अकेले रहना चाहते है,

तुम लोग थक गए होंगे.. राज तुम दिनभर से पार्टी की

तैयारी में लगे थे, निक्कू भी पूरे दिन बाहर था प्लीज़ जाओ

आराम करो हमें कोई भी दिक्कत होगी हम तुमसे ही

कहेंगे..!! हम छत पर जा रहे है घुटन हो रही है हमें.. कहते

हुए वो सीढ़ियों से ऊपर चली गई..!!
 
Back
Top