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प्यार का अहसास

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Guest
प्यार का अहसास

अमर शर्मा-घर के मुखिया हरिद्वार में इनका पूरा परिवार एक छत के नीचे प्यार से रहता है इनकी पत्नी उर्मिला देवी इतनी उम्र में भी एकदम फिट एंड फाइन..!!

इन दोनों ने अपने समय में भी लव मैरिज की थी बस अपने जवानी के किस्से सबको सुनाया करते और सब बड़े मजे से उन्हें सुनते..!!

दो बेटे बहू बड़े बेटे मदन शर्मा इनकी कपड़े की फैक्टरी, इनकी पत्नी रेखा शर्मा सुंदर सुशील इन्हे घर सजावट का बहुत शौक है हर समय घर को कुछ ना कुछ नया लुक देती रहती इनके जुड़वा बेटे नवीन ओर प्रवीण दोनों ही कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुके थे और आगे चलकर अपने पापा और चाचू का काम संभालने वाले थे..!!

अमर जी का छोटा बेटा प्रमोद शर्मा हरिद्वार में इनका अपना बिजनेस है, इनकी पत्नी सविता शर्मा ये भी सुंदर और सुशील इन्हे यूट्यूब से नई-नई डिश सीखकर अपने हाथों से बनाकर खिलाना बड़ा आनन्द देता..!! इनका बेटा जय कॉलेज में सेकंड ईयर में....और अब बारी आती है इस पूरे खानदान की एकलौती लड़की और सबकी चहेती भी डॉली शर्मा अपने नाम की ही तरह खुबसूरत.. जो एक बार देखे बस नज़रे हटाने का मन ना करे गोरा रंग,बड़ी बड़ी सी डार्क ब्राउन आंखें और घनी पलके, तीखी नाक पतले गुलाब सी पंखुड़ियों से होंठ और होंठो के नीचे एकदम बीच में तिल, लंबे कालेबाल जिसमें से कुछ छोटे बाल माथे पर आकर उसकी खुबसूरती में चार चांद लगा रहे थे..!! स्वभाव से बातुनी और चंचल पर दिल की उतनी ही साफ .

अमर जी अपने पोते पोतियों को समान प्यार देते पर उनकी खुद की कोई बहन बेटी ना होने की वजह से अपनी पोती डॉली से विशेष प्यार और लगाव था..!! इनके परिवार में छुट्टी वाले दिन महिलाओं को रसोई के काम से छुट्टी मिल जाती और सारे पुरुष मिलकर खाना पकाते..!!

*********
 
अब आते है इनके पड़ोसी पर इनके बीच दोस्ती तो नहीं कह सकते पर वर्षों से एक दूसरे के पड़ोसी होने के नाते दोनों परिवार के आपस में काफी अच्छे रिश्ते है.. चलिए मिलवाते है सभी से...

कैलाश तिवारी आर्मी रिटायर घर के मुखिया, इनकी पत्नी वसुधा तिवारी इनके एक बेटा और एक बेटी..!! शादी के बाद बेटी अपना ससुराल संभालने में व्यस्त हो गई..!!

इनका बेटा विजय तिवारी अपना खुद का बिजनेस खड़ा किया और उसी को तरक्की पर पहुंचा रहे है उनकी पत्नी अरुणा और इनकी बड़ी बेटी काव्या शादी कर दूसरे शहर चली गई और ओर दो बेटे ..!! बड़ा अनय तिवारी कॉलेज के सेकंड ईयर में बचपन से इंजीनियिंग करने का सपना देखा

ओर अपने पापा के बिजनेस को आगे बढाना भी उसकी ख्वाहिश थी पढ़ाई में तो होनहार है ही पर बाकी सारी चीजों स्पोर्ट्स हो सिंगिंग हो सब में अव्वल लड़कियां तो उसके लुक्स, एटिट्यूड की दीवानी थी, पर वो किसी को भाव नहीं देता.. वैसे तो तो कम ही गुस्सा आता पर जब भी आता भयानक हीआता ज्यादा बात करने का स्वभाव नहीं था ..!!

जय और अनय दोनों ही बेस्ट फ्रेंड थे..!!दोनों ने ट्वेल्थ के बाद जे ई ई किया जिसमें पूरा एक साल गया और उसके बाद एक ही कॉलेज में थे, छोटा बेटा राज पड़ाई में बिल्कुल ढ़क्कन पर दिखने में स्मार्ट..बस डॉली की महरबनी से ये अब तक पास होते आए है..!!डॉली और राज हमउम्र बचपन के फ्रेंड तो थे ही साथ ही लड़ाई झगड़े में भी अव्वल लड़ते ऐसे जैसे दोस्त कम दुश्मन ज्यादा हो, पर आपस में बनती भी बहुत है.. दोनों ने ही अभी ट्वेल्थ का एग्जाम दिया था और अब कॉलेज जाने वाले थे पर अभी रिज़ल्ट आने तक वैकेशन का भरपूर फायदा उठा रहे थे..!!

दोनों घर देखने में महल से कम नहीं थे बाहर छोटा सा लॉन घर के पिछे दोनों का मिलकर बड़ा सा बगीचा..!!

दोनों घर बाहर से जितने खुबसूरत अंदर से उससे कई गुना ज्यादा खुबसूरत..!! चलिए अब बढ़ते है आगे...

सुबह के समय

डॉली राज से-राज यार तुमने वादा किया था हम तुम्हारी पढ़ने हेल्प करेंगे तो तुम हमें स्केटिंग सिखाओगे..!!

राज उसके आगे सिर झुकाकर हाथ जोड़ते हुए-हां मेरी माँ सीखा दूंगा पर अभी इतनी सुबह यार टाइम तो देख लेती, अभी मेरे पेट में भुखे चूहे मुझे कोई भी काम करने की इजाजत नहीं दे रहे..!!

डॉली-तुम ना भुक्कड़ ही रहना हमेशा यार एक राउंड तो करवा दो प्लीज़..!!

राज-अच्छा ठीक है पर उसके बाद तुम मुझे चैन से नाश्ता करने दोगी..!! अब चलो फटाफट अपने स्केट शूज़ पहनो..!!

डॉली ने शूज़ पहने और राज ने उसका एक हाथ पकड़ लिया और उसे धीरे से आगे बढ़ने के लिए कहा.. पर पहली बार स्केटिंग करने की वजह से उसका बैलेंस बन ही नहीं पा रहा था..!!

राज-डॉली यार तुम तो सोच रही हो एक ही दिन में तुम अच्छे से बैलेंस बना लोगी पर इसके लिए बहुत प्रैक्टिस की जरूरत लगेगी, मेरी मानो तो छोड़ दो ये सब तुम्हारे बस का नहीं है..!!

डॉली-देखो राज हमें चैलेंज करने की भूल तुम करना ही मत... वरना इस खुबसूरत सी शक्ल का दो मिनट में हुलिया बदल देंगे..!!

राज उसे नकचढ़ी चुहिया कहते हुए भाग गया और वो वहीं गुस्से से दांत पिसती रह गई..!!

लाल मुंह के बन्दर तुम्हें तो हम देख लेंगे.. फिर मुंह बनाते हुए अंदर चली गई..!!

दादू डॉली को मुंह फुलाए देख-क्या हुआ..?? किसने हमारी प्रिंसेस का सुबह-सुबह मुंह सुजा दिया.. कहकर वो जोर के हंस पड़े..!!
 
डॉली-क्या दादू आप भी.. हम ना उस लाल मुंह के बन्दर को छोड़ेंगे नहीं उसने हमें चुहिया बुलाया वो भी नकचढ़ी..!!

उर्मिला देवी (दादी) हंसते हुए-मतलब कोई तुम्हें चुहिया कहे तुम्हे परेशानी नहीं है... बस नकचढ़ी से है..!!

डॉली बच्चों कि तरह हाथ पैर पटकते हुए-आंआआआ दादू समझाइए ना दादी को..!!

सविता जी (मम्मा)-अरे क्या हुआ सुबह-सुबह ही लड़ाई कर ली क्या..!! चलो आओ ब्रेकफास्ट रेडी है, हम सब तुम्हारा ही इंतजार कर रहे थे..!!

सब लोग अपनी-अपनी जगह पर बैठ गए..!!

प्रवीण-वाओ चाची आपके हाथ का कुछ भी बना हो सब लाजवाब होता है..!!

रेखा जी (बड़ी मम्मा)-हम्मम ब्रेकफास्ट तो अच्छा है, फिर हमारी प्रिंसेस क्यों उखड़ी हुई है..!!

जय (भाई)-बड़ी मम्मा इसको दो ही काम है एक तो लड़ाई करना और दूसरा मुंह फुलाना..!!

डॉली-पा...पा ये सब लोग हमें छेड़ते रहते है, आप समझाइए ना इन्हें... अभी ना दो तीन महीनों में रक्षाबनधन आने वाला है फिर ना यही सब हमारे आगे पीछे घुमेंगे रखी बंधवाने के लिए..!!

नवीन-प्रिंसेस हमनें तो कुछ नहीं किया ये तो जय तुम्हें चिढ़ा रहा है...!!

मदन (बड़े पापा)-अरे बहस तीन महीने बाद करना अभी तो ब्रेकफास्ट करो..!!

सबने चुपचाप ब्रेकफास्ट किया और सब अपने अपने काम पर चले गए जय कॉलेज चले गया..!!

डॉली ने भी ठान ली स्केटिंग सिखने की वो अपने रूम में ही दीवार के सहारे से धीरे धीरे चलने लगी..!!

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अप्रैल के महीने में कड़कड़ाती धूप थी वो बाहर भी नहीं जा सकती थी.. दिन जैसे तैसे काटा और शाम को फिर स्केटिंग करने बाहर चली गई और राज को भी बुला लिया.. उसने फिर हाथ पकड़ कर धीरे धीरे चलना स्टार्ट किया राज ने धीरे से हाथ छोड़ दिया वो आगे तो गई पर सामने से आते अनय को देख नहीं पाई और उससे टकरा कर गिर गई..!!

राज ने अपने मुंह पर हाथ रख लिया जबकि अनय दोनों को घूरते हुए निकल गया..!!

राज डॉली को उठाते हुए-तुम ऐसे तो सीख गई अरे सामने तो देखना चाहिए पैरो में क्या है जो पैरों को देख कर चल रही थी..!!

डॉली-तुम तो ना चुप ही रहा करो.. अरे पहला दिन है आज थोड़ा टाइम तो लगेगा ना सीखने में.. तुम कौनसा पहले दिन ही महारत हासिल करके बैठे हो..!! एक तो गिर गए ऊपर से ये.. तुम्हारा खड़ूस भाई जब देखो घूरते रहता है अरे मैने क्या इनका खानदान लूट लिया या फिर प्रॉपर्टी अपने नाम करा ली... हुंह.. पता नहीं क्या प्रॉब्लम है..??

राज-वो तो अच्छा हुआ भाई ने कुछ कहा नहीं मुझे तो लगा दोनो को कान के नीचे बजाकर ही जायेंगे.. हाय ये भाई है या हिटलर..!!

डॉली-पूछ लो जाकर बता देंगे.. अच्छे से..!! फिर धीरे से बड़बड़ाई वैसे भले ही कुछ ना कहा हो पर उन्हें कहने कि जरूरत ही कहां पड़ती है आंखों से ही भस्म कर देते है..!!

यूहीं दिन बीते और रिज़ल्ट भी आ गया जिसमें डॉली ने टॉप किया और राज महाजय बस पास हुए..!!

डॉली और राज ने भी जय और अनय जिस कॉलेज में थे वहीं एडमिशन लिया और जहां उन दोनों ने लिया वहीं उनके फ्रेंड्स ने भी..!!

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सुबह-सुबह अनय, राज के घर...

विजय तिवारी अखबार पढ़ते हुए-अरुणा तुम्हारा लाडला उठा या नहीं अभी तक आज पहला दिन है कॉलेज का, और लाड़ साहब अभी तक सोए है..!!

वसुधा तिवारी (दादी)-विजय तेरा ही सपूत है तू भी ऐसे ही देरी से उठता था.. जब तक तुझे कोई उठाता नहीं तू उठता नहीं था..!!

कैलाश जी (दादाजी)-अरे पर मेरा बेटा थोड़ा कम नालायक था..!! उनकी बात पर सब हंस पड़े..!!

विजय जी-पापा आपने और माँ ने राज को कुछ ज्यादा ही सिर चढ़ा रखा है..!! एक वो है जिसको मस्ती मारने से और सोने से फुरसत नहीं है और दूसरा जिसके दिलो दिमाग में क्या चलता है कुछ पता नहीं चलता..!!

अरुणा जी ने जाकर राज को उठाया और वो आंखें मलते हुए बेमन से बाथरूम में घुस गया..!!

अनय भी कॉलेज के लिए रेडी हो गया व्हाइट शर्ट, लाईट ब्लू जींस हल्की बियर्ड, और नशीली आंखें और पर्सनालिटी भी एकदम कमाल की..!!

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शर्मा निवास में

कॉलेज जाना है सोच-सोचकर ही प्रिंसेस मतलब डॉली को पूरी रात नींद नहीं आई..!! सुबह जल्दी दादू और दादी के साथ वॉक पर चली गई जो कि उन तीनों का डेली का काम था, वहां से आकर नहा कर और रेडी हो गई कॉलेज के लिए... उसने व्हाइट कलर का पटियाला सुट पहना था, जिसमें दुपट्टा भी व्हाइट ही लगा रखा था..!! नीचे आई तो बड़ी मम्मा ने कुमकुम का टिका लगा दिया, उसने मंदिर में माथा टेका और नाश्ते के लिए टेबल पर आ गई सब उसे ही देख रहे थे.. तो उसने अपने आप को देखा सब ठीक ही लगा तो उसने सबको गुडमॉर्निंग विश किया तो जवाब में सब हंस पड़े..!!

डॉली-आप सब ऐसे तो हमें प्रिंसेस प्रिंसेस करते रहते है, और पूरा दिन हमें ही छेड़ते रहते है.. हम जा रहे है..!!

बड़े पापा उसे रोकते हुए-प्रिंसेस... बैठो... अच्छा एक बात बताओ हम सब तुमसे मजाक करना तुम्हें चिढाना बन्द कर दे तो तुम्हें नहीं लगता सब सुना सुना सा लगने लगेगा..!!

प्रमोद (पापा)-हम्मम और तुमसे ही तो रोनक है ना प्रिंसेस..!!

जय-हां वरना यहां मुझे और दोनों भैय्या को देखो कोई प्यार ही नहीं करता हमसे तो..!!

सविताजी ने उसे दही चीनी खिलाई..!!

डॉली-मम्मा क्या आप भी पहले बड़ी मम्मा ने ये टीका लगा दिया अब आप ये दही चीनी... अरे हम बस कॉलेज जा रहे है जो कि यहां से मुश्किल से दस मिनट की दूरी पर होगा और आप लोग ऐसे ट्रीट कर रहे है जैसे हम बॉर्डर पर जंग लड़ने जा रहे है..!!

दादी-ये प्यार और आशीर्वाद है प्रिंसेस जो सदा सदा तुम्हारे साथ रहेगा.. फिर उन्होंने प्यार से उसके माथे को चूम लिया..!!

जय-बस बस आज के लिए इतना लाड़ काफी है अब चलो कॉलेज के लिए लेट हो जाओगी..!!

डॉली-हम आपके साथ नहीं आ रहे हम राज के साथ जायेंगे

जय-अरे पर उसे अनय साथ लेकर जायेगा अकेले जाओगे तो रैगिंग के शिकार बनना तय है..!!

डॉली-नहीं हम राज के साथ ही जायेंगे और हमें भी रैगिंग के मजे लेने है और हां जैसे अब तक आपके कॉलेज फ्रैंड्स हमें नहीं जानते अब भी उन्हें अंजान ही रहने दो..!!

डॉली-के कहने पर जय अनय के साथ चले गया ओर

राज और डॉली साथ में निकले..!! पूरा रास्ता दोनों ने एक दूसरे को चिड़ाते हुए पार किया..!!

राज-ओय नकचढ़ी चुहियां कल से मै भैय्या के साथ आऊंगा तुम भी जय भाई के साथ आना..!!

डॉली-क्यों..?? लाल मुंह के बन्दर डर रहे हो क्या..??

राज-हैं डर और में क्या वाहियात बात कर दी तुमने..??

डॉली-हा हा हा.. हमें पता है तुम एक नंबर के फट्टू हो अपने खुद के भाई से तो डरते हो..!! यार वैसे वो तुम्हारे सगे भाई तो है ना... हिटलर ज्यादा लगते है..!!

राज-तुम ना मेरे हिटलर भाई को बुरा नहीं बोल सकती.. और वो दोनों ही एक दूसरे को हाई फाई दे हंसने लगे..!!

कॉलेज के बाहर खड़े होकर दोनों कॉलेज को देख रहे थे,

बड़ा सा गेट फिर बड़ा सा मैदान जो एकदम हरा भरा सा था कई सारे पेड़ पोधे और जगह जगह बैठने के लिए बेंचेस, एक तरफ केंटीन और सामने की और कॉलेज दोनों देखते हुए गेट से अंदर गए उनके बाकी फ्रेंड भी वही थे जिन्होंने (ज्योति, निखिल,रिंकी) इसी कॉलेज में एडमिशन लिया था..!! वो दोनो भी उनके पास चले गए..!!

रिंकी डॉली से-यार डॉली मुझे तो रैगिंग के नाम से ही डर लग रहा है..!!

राज-अरे यार जब हम पांच है साथ तो डरने की क्या बात..!!

सब लड़के बस डॉली को ही देखे जा रहे थे.. पर डॉली को कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था..!! कुछ सीनियर्स ने रैगिंग तो ली पर बस इंट्रो लेकर और हॉबी पूछकर ही जाने दिया..!!

…………………
 
लेक्चर का टाइम हुआ तो सब लेक्चर अटेंड करने चले गए ..!! आज पहला दिन था तो टीचर्स ने भी बारी बारी सबका इंट्रो लिया और अपना इट्रो भी दिया..!!

अनय-तुम्हारी बहन ना एकलौता पीस है दुनियां में... जिसको रैगिंग का शौक चढ़ा है..!!

जय-तुम्हे भी तो ये एकलौता पीस ही पसंद है..!! वो आगे कुछ कहता इससे पहले ही प्रोफेसर आ गए..!!

लगातार दो लेक्चर के बाद सब केंटीन में आ गए और डॉली को तो बस पूरा कॉलेज देखना था तो वो सबको छोड़ जाने लगी..

राज-यार डॉली अब यही तो आने वाले है रोज़ ही फिर कभी देख लेना ना अभी तो यही बैठो..!!

निखिल-और क्या और तुम्हें कॉलेज देखकर कौन सा अवॉर्ड मिल जाना है.. बैठो यार चाय कॉफी पियो मजे करो..!!

डॉली-निक्कु तुम तो एक नंबर के आलसी हो तुमने तो स्कूल में भी केंटीन के सिवाय कुछ नहीं देखा होगा..!!

बाकी सब भी हंसने लगे तभी अनय जय और उनके कुछ फ्रेंड्स भी केंटीन में आकर बैठ गए..!!

रिंकी अनय को देख-ओह माय गॉड क्या पर्सनालिटी है यार और कितना हॉट बन्दा है.. सिंगल है या मिंगल..!!

(डॉली के फ्रेंड्स डॉली के भाई जय को तो जानते थे पर राज के भाई अनय को नहीं जानते थे और राज ने कभी बताया भी नहीं था..!!)

डॉली जो पानी पी रही थी रिंकी की बात सुन मुंह का सारा पानी बाहर आ गया..!!

निखिल-अरे आराम से पियों ना इतने सालो से क्या रेगिस्तान में थी..!!

डॉली-यार मतलब कुछ भी हां..!! हम जा रहे बाहर तुम सब बैठो..!!

जय और अनय जो उनके जस्ट पिछे ही बैठे थे दोनों ही मुस्कुरा दिए..!!

इसके बाद सब लेक्चर अटेंड कर घर आ गए..!!

डॉली खुश थी कि पहला दिन अच्छी तरह बिता कोई प्रॉब्लम नहीं हुई..!!

घर आकर डॉली अपने रूम में जाकर सो गई...
 
सविता जी-ओहो ये लड़की भी ना बिना चेंज किए ही सो गई.... डॉली बेटा उठो देखो कितना लेट हो गया है.. फ्रेश हो जाओ और नीचे आ जाओ हम तुम्हारे लिए काका से

कहकर कॉफी बनवा देते है...

डॉली मुस्कुराते हुए-ओके मम्मा... वैसे भी हमें स्केटिंग सीखनी है उस बन्दर से..!!

सविता जी-ठीक है... पर जल्दी आ जाओ..!!

कुछ ही देर में डॉली नीचे आ गई.. और दादू के पास बैठ गई....

दादू-तो कैसा रहा हमारी प्रिंसेस का कॉलेज में पहला दिन..??

डॉली-ठीक था दादू... पर बड़ा ही बोरिंग था...!!

दादी-क्यों बोरिंग क्यों था...??? तुम्हे तो पढ़ाई-लिखाई का बहुत शौक है.. पढ़ने के लिए तुम कुछ ना कुछ ढूंढ ही लेती हो..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-हां पर आज तो बस इंट्रो ही लिया गया और लाइब्रेरी हम जा ही नहीं पाएं..!!

बड़ी मम्मा वहां आते हुए-अरे भई तो आज तो पहला ही दिन था... कुछ टाइम लगेगा सब सेटल होने में..!!

डॉली कॉफी का आखिरी सिप लेकर-हम्मम... अभी हम जा रहे है स्केटिंग करने... दादू दादी आप दोनों भी चलिए ना आप गार्डन में घूम लेना.. हम स्केटिंग कर लेंगे..!!

दादू दादी भी डॉली की बात सुन उसके साथ गार्डन में आ गए... गार्डन में सीमेंटेड रोड भी बनी हुई थी चारो तरफ गोल आकार में यहीं डॉली स्केटिंग सीखती.. गार्डन में बहुत से फूलों के पौधे लगे हुए थे कुछ बड़े पेड़ भी लगे थे.. डॉली ने अपने हाथों से कई सारे फलों के भी पेड़ लगाए थे गार्डन में एक झूला भी था बैठने के लिए...!!

डॉली ने स्केट शुज पहने पर बैलेंस आज भी नहीं बन रहा था दादू ने देखा तो उसका हाथ पकड़ उसे स्केटिंग करवाने लगे... डॉली को भी स्केट करते हुए मजे आने लगे..

डॉली खुश होते हुए-दादू उस बन्दर से तो कुछ नहीं होता अच्छे से सिखाना भी नहीं आता...

दादी-अब बस भी करो कल के लिए भी छोड़ दो धीरे धीरे सीख जाओगी... अभी अंधेरा होने को आया है अब चलो पूजा पाठ का टाइम हो गया..!!

वो तीनो घर आ गए इस टाइम तक सभी घर आ जाते है

ऑफिस और फैक्टरी से...!!

*********
 
इधर अनय अपने रूम में पढ़ाई पर फोकस करने की

कोशिश कर रहा था पर आज बार बार उसकी आंखों के

सामने व्हाइट सुट पहने डॉली नज़र आ रही थी... उसने

गहरी सांस ली और फिर पढ़ने लगा..!!

आरुणा जी ने उसे डिनर के लिए आवाज लगाई फिर

राज को भेज दिया बुलाने के लिए...

राज उसके रूम के बाहर गेट नोक करके-भाई मम्मा

बुला रही है आपको डिनर रेडी है..!!

अनय-पहले तुम अंदर आओ... राज डरते हुए अंदर आया

ज.. जी भाई...

अनय-खा नहीं जाऊंगा तुम्हें... और हां कॉलेज में मस्ती

नहीं मारना है पढ़ाई करना है और रोज शाम को मेरे साथ

बैठकर पढ़ाई करोगे तुम्हें हेल्प मिलेगी...!!

राज-जी भाई कहकर जल्दी से रूम से निकल गया और

गहरी सांस लेने लगा...डॉली सही कहती है ये भाई नहीं

हिटलर है... अरे कोई मासूम बच्चे के साथ ऐसे करता है

क्या..??

अगले दिन जय और अनय जल्दी ही कॉलेज के लिए

निकल गए...

राज-डॉली चलो भी लेट हो जाएगा...!!

डॉली बाहर आते हुए-हां आ गए इतना भी क्या तूफान

मचा रखा है..??

राज-तुमको नहीं पता भाई ने मुझे कहा है"कॉलेज में

मस्ती नहीं मारना, रोज शाम को उनके साथ बैठ के पड़ना

यार डॉली मैं किताब खोलते ही बेहोश होने लगता हूं...

और भाई के सामने.. आं.... क्या होगा मुझ मासूम का..

राज ने नौटंकी करते हुए कहा..!!

डॉली हंसते हुए-हम तो कहते ही रहे है, वो भाई कम

हिटलर ज्यादा है... यार अंकल-आंटी भी स्वीट है, और

दादाजी-दादी भी, तुम भी ठीक ही हो पर तुम्हारे भाई

का कोई स्क्रू ढीला है क्या मतलब ना हंसना, ना बात करना

बस अपना गुस्सैल चेहरा लिए घूमते रहते है... है भगवान

जिस लड़की की ऐसे इंसान से शादी हो जाएं उस बेचारी

का क्या हो... उसे लगेगा जैसे वो युद्ध के मैदान में अपने

लीडर के सामने सावधान की मुद्रा में खड़ी हो...

राज ने उसे घुर के देखा..!! ओह सॉरी वो क्या है ना

कभी कभी हम भावनाओ में बह जाते है तो क्या बोल

देते है खुद को ही पता नहीं होता.. तुम डिलीट कर दो

हमारे कहे शब्दों को...!!

राज ने उसे फिर घुर कर देखा और फिर जोर जोर के

हंसने लगा और बोला यार तुम भी क्या बोलती हो .. वो

फिर हसने लगा..!! तो डॉली कहने लगी बेटा अपनी

बत्तीसी ज्यादा मत चमकाओ सामने देखो हिटलर तुम्हें

ही घुर रहे है.. हम तो चले क्लास..

राज-अरे यार मै भी आ रहा हूं ना... दोनों ही नीचे मुंह

किए फटाफट निकल गए और क्लास रूम पहुंचते ही चैन की सांस ली और फिर हंसने लगे..!!

ज्योति डॉली के पास आकर-यार डॉली इस राज ने मेरी

बेस्ट फ्रेंड को मुझसे छीन लिया...!!

डॉली सोचते हुए-उम्म्म.... और ऐसा तुमसे किसने कहा..??

ज्योति-किसी के कहने की क्या जरूरत तुम हमेशा इसके

साथ रहती हो मुझे तो भूल ही गई....

डॉली उसके गाल खींचते हुए-अरे यार तुम दोनों मेरे लिए

एक जैसे हो दोनों मेरे बेस्ट फ्रेंड हो याद है ना राज के

बाद पहली फ्रेंड तुम्हें ही बनाया था..

राज-हां तब इसकी नाक बहती थी पूरे टाइम... आ.. यक..

फिर भी हम दोनों ने तुमसे दोस्ती की थी..!!

ज्योति-हां तुम भी तो कितना तेल चुपड के आते थे... चोमू

कहीं के..!!

राज-वो तो मेरी मम्मा का प्यार था जो तेल बनकर

बरसता था...!! इतने में ही प्रोफेसर आ गए...

प्रोफेसर के आने पर सब अपनी सीट से खड़े हो गए..

लगातार दो लेक्चर के बाद सब केंटीन चले गए और

डॉली लाइब्रेरी आकर किताबे ढूंढने लगी.. उसने एक किताब

निकाली और दूसरी पर हाथ नहीं पहुंच पा रहा था तभी

पिछे से किसी ने किताब निकाली डॉली ने पिछे पलट कर

देखा तो वो कोई और नहीं अनय था.. डॉली के पलटने से

वो उससे दो कदम दूर हटा और बिन कुछ कहे किताब

उसके हाथ में दी और बेंच पर आकर बैठ किताब में नज़रे

गड़ा ली.. डॉली भी खाली बेंच पर आकर बैठ गई और

पड़ने लगी... उसने एक बार अनय की तरफ देखा और

फिर वापस पढ़ने पर ध्यान लगाया... दोनों ही पढ़ने

इतने खो गए की टाइम का पता ही नहीं चला जब जय

आया तब दोनों को होश आया..!!

ऐसे ही एक महीना बीत गया और सीनियर्स ने अपने

जूनियर्स के लिया फ्रेशर पार्टी का अरेंजमेंट कर लिया था..!!

फ्रेशर्स पार्टी शाम में थी ज्योति का घर कॉलेज से दूर होने

की वजह से वो अपने कपड़े लेकर डॉली के घर आ गई...!!

डॉली उसे अपने रूम में लाते हुए-यार ये साड़ी का पता

नहीं क्या है पहले ट्वेल्थ के फेयरवेल पार्टी में और अब यहां

भी...!!

ज्योति-यार पर कुछ भी कहीं साड़ी पहनने के मजे ही अलग

है... मुझे तो ना बहुत पसंद है साड़ी पहनना..!!

दोनों ने एक दूसरे की मदद से साड़ी पहनी.. हल्का सा

मेकप किया और राज के साथ निकल गई..!!

राज-वाउ यार डॉली तुम साड़ी में बिल्कुल अलग लगने

लगती हो..!!

डॉली-क्यों हमारी शक्ल बदल जाती है या तुम्हारी आंखें..??

राज-मतलब रोज़ तुम चुहिया लगती हो और साड़ी में

चुड़ैल.. हा हा हा....

डॉली-हां तो तुम भी ड्रेकुला से कम नहीं लग रहे हो..

पता नहीं क्या सोचकर हमनें तुमसे दोस्ती की..!!

ज्योति-क्या जब देखो लड़ते रहते हो और कोई काम नहीं

है क्या तुम दोनों को.. इतने बड़े हो गए हो फिर भी बचकानी

हरकतें कर रहे हो..!!

दोनों एक साथ-है ना और दोनों ही उसे मारने के लिए दौड़ते

है..!!

ज्योति-अरे यार मत करो आज हम फ्रेशर्स है और मुझे

अच्छी कंडीशन में पहुंचना है तुम दोनों सब खराब कर रहे

हो..!!

तीनो जब पहुंचे तो सब पहले से ही वहां पहुंच चुके थे..

सब बड़े ही स्मार्ट लग रहे थे.. वो तीनो जैसे ही पार्टी हॉल

में पहुंचे सबकी नजरें डॉली पर जाकर थम गई.... डॉली ने

ब्लैक कलर की नेट की साड़ी पहनी थी जिस पर हाई नेक

रेड कलर का मिरर वर्क ब्लाउज़.. आंखों में काजल ओर

न्यूड शेड लिपस्टिक...!!

अनय ने भी जब डॉली को देखा तो बस देखते ही रह गया

पर उसने जल्दी ही अपनी नज़र फेर ली जय उसे देख

मुस्कुरा दिया..!!
 
कुछ ही देर में पार्टी शुरू हुई सारे जूनियर्स को एक एक

करके स्टेज पर जाकर अपना इंट्रो देना था और अपनी

हॉबी बतानी थी उसी के हिसाब से सीनियर्स जूनियर्स को

टास्क देने वाले थे...!!

सब एक एक कर स्टेज पर आते गए और टास्क पूरे किए..

डॉली ने अपनी हॉबी सिंगिंग डांसिंग बताई तो उसे गाने के

लिए कहा गया...

अजीब दास्तां है ये कहां शुरू कहां खतम ये मंजिले है

कौन सी ना वो समझ सके ना हम....

बारी आई राज की तो उसने अपनी हॉबी क्रिकेट बताई

जो कि उस टाइम हो ही नहीं सकता था.... सबको उसकी

चालाकी समझ आ गई थी...!!

उसके बाद राज और डॉली मिस्टर और मिस फ्रेशर बने

और उन्हें लास्ट ईयर बने मिस्टर और मिस फ्रेशर के साथ

कपल डांस करना था..!! मिस्टर फ्रेशर अनय था उसे

डॉली के साथ डांस करना था और मिस फ्रेशर निधि थी

जिसके साथ राज को डांस करना था..!!

डॉली को तो डर लग रहा था आज तक वो जिसे हिटलर

बुलाती रही अब उसी हिटलर के साथ डांस करना था उसकी

तो जान ही सुख रही थी और राज को बड़ा मज़ा आ रहा

था कि भाई क्या ही डांस करेंगे और बेचारी डॉली.. उसका

क्या हाल होगा..!!

लाईट डिम हो गई और एक रोमांटिक सा सोंग चालू कर

दिया गया अनय ने डॉली के सामने हाथ बढाया तो उसने

अनय के हाथ में अपना हाथ दे दिया दोनों का दिल तेजी से

धड़कने लगाअनय ने अपना दूसरा हाथ डॉली की कमर पर रखा... और अपने करीब किया डॉली ने एक बार उसकी

आंखों में देखा और नज़रे नीचे कर ली क्युकी अनय

उसे ही देख रहा था... ये पहली बार था जब दोनों एक

दूसरे के इतने करीब थे... डॉली के हाथ कांप रहें थे और

ये अनय ने महसूस कर लिया था वो डॉली को छोड़ हाल

से बाहर आ गया..!!

अनय वहां से बाहर निकल आया तो जय भी उसके पिछे

आ गया और डॉली भी स्टेज से उतर गई..!!

जय बाहर आया तो देखा अनय एक बैंच पर बैठा अपने

हाथों को देख मुस्कुरा रहा था जय उसके बगल में बैठते

हुए-क्या हुआ ऐसे बीच में ही छोड़ कर आ गए..??

अनय-वो मेरे छूने से ही कांप रही थी मैने महसूस किया

शायद वो डर रही हो वैसे भी वो मुझे हिटलर बुलाती है..??

जय हंसते हुए-अब जब देखो घुर कर देखते हो तो

इसी नाम से बुलाएगी ना..!!

अनय-यार मैं तो शुरू से ऐसा ही हूं ना तुम्हें तो पता है सब,

मैं तो लड़कियों से दस कदम दूर ही रहता हूं.. पर वो.. वो

सबसे अलग है..!!

जय-हां मुझे पता है तुम अपनी फिलिंग्स जाहिर नहीं

कर पाते हो और डॉली से भी दूर ही रहते हो ताकि कोई

गलत ना समझे..!! अब चले अंदर..!! अनय ने सिर हिलाया

और दोनों अंदर पार्टी हॉल में आ गए..!!

डांस खतम होते ही राज डॉली के पास आ गया- डॉली

क्या हुआ भाई ऐसे क्यों बीच में ही चले गए..??

डॉली-यार राज हिटलर ना बहुत हॉट है यार उनके हाथ

पकड़ते ही हम तो कापने लगे और शायद उन्हें ये पता चल

गया और उन्होंने हमें छोड़ दिया..!!

राज-वैसे भाई हॉट तो है पर तुम डर गई ना उनसे तभी

तो कांपने लगी हा हा हा...!!

अनय दूर से डॉली को ही देख रहा था जो राज के हंसने

पर उसे घुर रही थी.. पार्टी खतम होते ही चारों साथ में ही

घर आए क्युकी बहुत लेट हो गया था ज्योति निखिल और

रिंकी के साथ चली गई..!!

जय जान कर के राज को बातों में उलझाते हुए आगे

बड़ गया डॉली साड़ी पकड़ धीरे धीरे चल रही थी..

अनय उसके साथ चलते हुए -सॉरी तुम्हारा डांस खराब

कर दिया वो मैं...

डॉली उसकी तरफ हैरानी से देखते हुए-आ.. आप हमसे

बात कर रहे है..!!

अनय उसकी बात सुन हंस दिया तो डॉली उसको देखते

ही रह गई उसने पहली बार अनय को हंसते हुए देखा था,

हसने से उसके गालों पर डिंपल पड़ रहे थे उसके हाथ

अनायास ही उसके गालों की तरफ बढ़ गए अनय ने ये

देख उसका हाथ बीच में ही पकड़ लिया-क्या हुआ थप्पड़

तो नहीं मारने वाली थी डांस नहीं करने के लिए..!!

डॉली झेंपते हुए-न.. नहीं वो आपके डिम्पल बहुत अच्छे

लग रहे थे इसलिए..

अनय उसके कहते ही एक बार फिर हंस पड़ा और डॉली

का हाथ अपने गाल पर रख लिया.. अब खुश..

डॉली ने हां में सिर हिलाया और कहा-आप इतने बुरे भी

नहीं है जितना दिखाने की कोशिश करते है.. ऐसे ही

हंसते रहा कीजिए अच्छे लगते है.. घर के पास आते ही

जय रुक गया और राज पहले ही चला गया अनय

और डॉली भी जय के पास आ गए डॉली चली गई,

अनय डॉली को जाते देखते हुए-थैंक्यू तुम नहीं होते तो

मैं कभी बात भी नहीं कर पाता, आज का दिन हमेशा

याद रहेगा..!!

जय मुस्कुराते हुए-थैंक्यू की कोई बात नहीं है मुझे पता

है मेरी बहन तुम्हारे साथ बहुत खुश रहेगी..!!
 
इधर घर में घुसते ही डॉली सबको उछल उछल कर

बता रही थी सबकुछ और सब उसकी नादानी पर हंस

रहे थे..!!

दादू-अरे प्रिंसेस बस रात बहुत हो गई है थक गई होगी

तुम जाओ अपने रूम में..!!

डॉली सबको गुड नाईट बोलते हुए रूम में आ गई.. सोते

हुए उसे अनय का हंसता हुआ चेहरा नज़र आ रहा था

डॉली मन में वाओ यार हिटलर कितने हॉट ओर स्मार्ट

है, वो चाहते तो डांस पूरा कर सकते थे पर उन्होंने हमें

अनकंफर्टेबल फिल ना हो इसलिए बीच में ही छोड़ दिया

और खुद ही आकर सॉरी भी कह दिया..!!

इधर अनय भी अपने रूम में करवटें बदलते हुए डॉली

के साथ बिताए प्यारे से लम्हें याद कर मुस्कुरा रहा था,

उसे अपने हाथों और गाल पर अब भी डॉली की छुअन

महसुस हो रही थी उसने आज पहना हुआ ब्लेजर अपने

सीने से लगा लिया..!!

डॉली के घर में प्रवीण और नवीन की शादी को लेकर

बात हो रही थी पर अभी तक अच्छी लड़कियां नजर में

नहीं आई थी..!!

प्रवीण-पापा इतनी भी क्या जल्दी है अभी से क्यों..??

नवीन ने भी उसकी हां में हां मिलाई..!!

दादू-बेटाजी अभी शादी नहीं कर रहे है.. अभी तो दो

चार महीने अच्छे रिश्ते तलाश करेंगे फिर मंगनी करेंगे

उसके बाद शादी.. अभी इन सब चीजों में बहुत समय

लगने वाला है..!!

डॉली-अरे हमारे प्यारे भैय्या लोग कर लो ना जल्दी से

शादी हमें दो दो न्यू फ्रेंड्स मिल जायेंगी..!!

सविता जी-और उन भाभियों ने तुम्हे घास भी नहीं डाली

तब.. तब क्या करोगी..!!

नवीन-एकलौती बहन है हमारी ऐसे केसे घास नहीं डालेंगी

हम है ना हमारी प्रिंसेस के लिए..!!

बड़ी मम्मा-और क्या एक तो बेटी है हमारी और उन लोगो

की भी एक ही प्यारी सी नंद होगी उसका ख्याल तो

रखना ही पड़ेगा..!!

डॉली- ऑफ्फो हम कोई नंद नहीं बनने वाले..

जय-अब बातें हो गई हो प्रिंसेस की तो चले कॉलेज

तुम्हारा बन्दर कॉलेज पहुंच गया होगा..!!

डॉली-अरे ऐसे केसे उस बन्दर की हिम्मत भी केसे हुई

हमें छोड़कर जाने की.. उसकी तो आज खेर नहीं..!!

दादी-प्रिंसेस मेरी तरफ से भी दो चमाट लगाना उसको

तब अक्ल आयेगी...!!

दोनों बाहर आए सामने राज को देख डॉली-भैय्या ये

बन्दर तो यही है मतलब आपने झूट बोला..

जय-झूट नहीं बोलता तो तुम्हारी बातें ही खतम नही

होती.. क्या कुछ भी बातें करती हो और उन पर बहस

करती हो तुम लड़कियों कि यही आदत होती है बेफिजुल

की बातें कर सर दर्द करना...

डॉली मुंह खोले-होओ

राज-चुहिया यहां मच्छर बहुत है अपना मुंह बन्द करो

इतना कहकर वो भाग गया

डॉली उसकेपिछे मारने के लिए दौड़ पड़ी जय और

अनय भी दोनों के पिछे ही चलने लगे..

राज-यार डॉली कहीं ओर एडमिशन लेता तो लड़कियां

पटाता, गर्ल फ्रेंड बनाता पर इस कॉलेज में भाई के होते

हुए कुछ नहीं हो सकता...!!

डॉली-हमें तो मजे आ गए अब हिटलर के डर से ही सही

तुम पढ़ाई पर फोकस तो करोगे..!!

कुछ महीने यू ही बीते और एग्जाम टाइम आ गया सब

अपनी अपनी पढ़ाई में लग गए सबने अच्छे से एग्जाम

दिए..!!

प्रवीण और नवीन के लिए हरिद्वार कि ही एक ही परिवार

की लड़कियां देखी थी दोनों ही बहने थी अभी मंगनी

सादे सिम्पल तरीके से कर दी गई थी और छ: महीने

बाद शादी..!! डॉली को अपनी दोनों भाभी बहुत पसंद

आई थी एकदम सादी सिम्पल सी..!!

डॉली ने देखा अनय सिर्फ जय के साथ ही रहता और

कोई लड़की उसके आसपास भी नहीं आती हालांकि

लड़कियां थोड़ी बहुत कोशिश करती तो अनय उनकी

उम्मीदों पर पानी फेर देता उसे सिर्फ पढ़ाई से मतलब

था और किसी से नहीं..!! देखते ही देखते फाइनल

एग्जाम भी आ गए और सबने अच्छे से निपटा लिए..!!

अब नवीन और प्रवीण की शादी की शॉपिंग शुरू हो

गई थी..!! डॉली ने तो खूब सारी शॉपिंग की..!!
 
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