वह दिशा विस्फोट की दिशा के ठीक विपरीत थी । अगले पल हैरी कंट्रोल रूम से बाहर था ।
वहां. जहा दूर-दूर तक जंगल ही जंगल था । चारों तरफ अजीब-सा कोलाहल । जिस तरफ़ विस्फोट हुआ था उस तरफ़ बीस-पचीस टॉर्चे चमक रही थी । हैरी विपरीत दिशा में भागा । उसने महसूस किपा…वह किन्हीं झाडियों में घुसता चला गया है ।
खुद को झाडियों में छुपाकर हैऱी अपनी धोकनी के सामान चली सांस पर काबू पाने की कोशिश करने लगा ।
अपने चारों तरफ उसे सैनिक ही सैनिक महसूस हो रहे थे।
फिलहाल उसे इन सबसे निपटना था !!!!
जिन झाड़ीयों मेॉ वो छुपा था ,, उसकै पीछे से भी सेनिक भागते चले आ रहे थे !!! हैरी यह ही सोच रहा था कि कोई झाड़ीयोॉ में ही ना गुस जाये !
"ठहरो" अचानक जंगल में एक अस्वाज गूंज उठी ।
कोलाहल एकदम शांत हो गया । टारचें अभी तक रोशन यी, चारों तरफ से आते सैनिक स्क गए । वह आवाज पुन. गूंजी --" इस जगह पर सैनिक एक घेरा वना ले ! यहां घेरा बनाना टुकड़ी नंबर दस का काम है ! घयान रहे , दुश्मन के पास गन है !!!"
और हैरी ने देखा उसके चारों तरफ सेनिकों का घेरा बन गया है !!!
बाकी सैनिक आगे बढे, यू समझना चाहिए कि आगे बढने वाले सेनिक भी अब दस नम्वर टुकड़ी के घेरे में थे !!!
हैरी को यह समझने में देर नहों लगी कि वो बुरी तरह घिरा है। वह चुपचाप झाडियों में पडा रहा।
टारचों के परकाश में वहुत से सैनिक उसकी तरफ बढ़ रहे थे !!!
हैरी अच्छी तरह समझ चुका था कि अब बिना किसी तरह का खून खराबा किए किसी भी तरह इन लोगों के बीच से नहीं निकल सकेगा । उसने कुछ निश्चय किया और संभलकर बैठ गया ।
"पांच नम्बर की टुकडी यंहा दूसरा घेरा.............. ।"
अभी पहली आवाज ने दुबारा कुछ कहना ही चाहा था कि
उफ!!! कमाल कर दिया हैरो ने ।
उसकी गन गरज उठी- मंजिल थी वह आवाज ।
एक जबरदस्त चिख से जंगल दहल उठा । आवाज पर हैरी ने अचूक निशाना लगाया या और निशाने के जवाब में ----
" रेट . रेट रेट . . ।"
" रेट रेट रेट . ...।"
चारों तरफ से गने गर्ज उठी , मगर वाह रे हैरी !!
वह उन झाडियों में अब था कहां?
आवाज पर गोली चलाने के साथ ही वह किसी चिते के समान झाड़ियों मेॉ से उछल कर दूर जा गिरा था ! इसके साथ ही उसने अपने मुह से इतनी जोरदार चीख निकाली थी की गनों की आवाज को वेधकर सैनिकों के कानों तक पहुचे । इस बार ज़मीन से चिपके हैरी ने एक कमाल और दिखाया। भयानक फुरती से उसने अपने सामने चमकती चार 5 टारचें फोड़ डाली, यह काम करते वक्त वह हवा में उछला और साथ ही चीखा "सब अपनी टारच बुझा दे, इससे दुश्मन को हमारी मौजूदगी का आभास मिल रहा है ।" उसके मुंह से निकलने बाली ये आवाज ठीक उस आवाज से मिलती थी , जिसके आदेश पर दस नम्बर की टुकड़ी ने घेरा वनाया था !!!!! जिस आबाज को उसने हमेशा हमेशा के लिए खामोश कर दिया था !
अंधेरे में किसी को क्या मालूम के उन्हें इस आवाज मे हुकम देने वाला मर चुका है !!!
हैरी के इस आदेश का तुरंत पालन हुआ सारी टारचें बुझ ' गई । हैरी बडी तेजी के साथ कोहनियों के वल एक तरफ क्रो रेंगा ! साथ ही साथ उस कमांडर की आबाज की नकल करता हुआ बोला "हमें सतर्कता से अगे बढना है दुश्मन वहुत चालाक है सब अपनी-अपनी जगह पर मुस्तैदी से ठहर जाए । आगे बढ़ने की जरूरत नहीं, दुश्मन कहीं आसपास ही है ।"
उसकी इस आबाज के बाद चारों तरफ गहरा सन्नाटा छा गया !
हैरी को अपनी चाल कारगर --सी नजर आने लगी !!!!
अंधेरे के कारण कोई भी सेनिक इस हकीकत को नहीं जान सका था कि इस आवाज का मालिक उनका अफसऱ ईशवरपुरी में बैठा यमराज के हाथ पांव जोड़ रहा है !!!! सब यही समझ रहे थे कि आदेश जो हैरी अपने मुंह से जारी कर रहा था , उसी कमांडर के हैं !!! कितुं हैरी जानता था इस किस्म का धोखा ज्यादा देर ना दे सकेगा , इसलिये तेजी से रेगता भी जा रहा था! उसका इरादा घेरे से निकल जाने का था !!!!
उसी तरह रेंगता हुया हैरी फिर चिखा -----" ये तो हम भी जानते हैं कि जंहा कहीं भी हो , अभी तक घेरे में हो , अगर जान वचाना चाहते हो तो आत्मसमर्पन कर दो !!!
हैरी के मुंह से निकली आवाज जगंल में गुंज कर रह गई !!!!!
उसके बाद कहीँ से कोइ आवाज नहीं !
हैरी अंधेरे में तेजी के साथ रेंगता जा रहा था । अचानक वह बड़े पत्थर से जा टकराया। घूमकर पत्थर के पीछे आ गया । कमांडर की आवाज में कुछ न कुछ बोलकर वह सैनिकों को उलझाए रखना चाहता था, इसलिए फिर बोला----" तुम्हें एक मौका और देते हैं, जहां भी हो आत्मसमर्पण कर दो , वरना जिस्म गोलियों से छलनी हो जाएगा ।"
फिर सग्नाटा ।
थोडी देर बाद हैरी के कानों में किसी दूसरे सैनिक की आवाज़ पड़ी ---- " साहब, मेरे ख्याल से वह मर गया है । जिस वक्त उसने आपके उपर गोली चलाई थी , उस वक्त हमने फायर किए थे ! उसकी चीख भी गुंजी थी !!!
तभी दुसरी छोर से एक और सेनिक बोला…“उसकी चीख मैंने भी सुनी थी कर्नल साहबा लगता है आपकी आवाज पर चलाई गई गोली तो बेकार गई, लेकिन हमारी गोलियों ने उसे मार डाला है । इजाजत हो तो टॉर्च जलाकर आगे बढे़!! "
"नहीं ।" पत्थर की बैक में पड़ा हैरी एकदम कर्नल की आवाज़ में बोला --"ऐसी बेवकूफी मत करना , चीख तो हमने भी सुनी थी , लेकिन वह हमें धोखा देने के लिये भी चिखा हो सकता है !"
" तो हमें आदेश दीजिए सर !" चौथी दिशा में एक आवाज गूंजी --" हमें क्या करना है !"
"सिर्फ तुम. ..बाकी कोई नहीं, टार्च जला तो लो !" उसने चौथी दिशा में ही गन तानकर कमांडर की आवाज में कहा ।
इस आवाज के गूंजते ही चौथी दिशा से टॉर्च रोशन हुई ।
और कमाल कर दिया हैरी ने ।
- बडी ही खतरनाक लडाई लड़ रहा था इस वक्त वह । उसने टार्च चमकते ही पठार कर दिया । शीशा टूटा, चमकने वात्ती टॉर्च का अस्तित्व हमेशा के लिए खत्म हो गया ।
"रेट...रेट...रेट... ।"
गनें फिर गरज उठी । सारी गोलियां पत्थर ने अपने माथे पर सहन की, लेकिन हैरी इस तरह चीखा मानो कोई गोली उसे भी लगी हो । इस तरह से चीखने के साथ ही उसके मुह से पुन: कर्नल की आवाज म
निकली …“इसको चारों तरफ से भागकर पकड लो ।"
और -चारों तरफ से सेनिक उसकी तरफ़ झपटे । हैरी बड़ी तेजी के साथ रेंगता हुआ पत्थर से दूर हो गया । चारों तरफ से भागकर सैनिकों ने उस पत्थर को देर लिया था और इस बीच हैरी भी जमीन - से खडा होकर सिपाहियों में ही मिल गया था । "