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Fantasy तारक मेहता का नंगा चश्मा

दोस्तो क्या भिड़े अपने आपको बेगुनाह साबित कर पाया या भिड़े ही बलात्कारी है अगर भिड़े ने बलात्कार नही किया तो आख़िर किसने किया है ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनका जवाब अगले एपीसोड मे मिलेगा तो दोस्तो पढ़ते रहिए तारकमेहता का नंगा चश्मा और हां दोस्तो कमेंट करके मेरा हौंसला बढ़ाना ना भूलें
 
भिड़े :- मेहता साहब मुझे मेरे एक स्टूडेंट का फोन आया था...वो मुझे सोसाइटी के बाहर नाके पे मिलने के लिए बुला रहा था...उसको कुछ कम था और जल्दी में था इसलिए वो यहाँ नही आया...

ये बात भिड़े की सच थी...इस बार वो कोई कहानी नही बना रहा था...

सोढी :- झूठ बोल रहा है ये...

भिड़े :- सोढी में झूठ नही बोल रहा ...अगर तुम्हे यकीन नही है तो में फोन लगा के बात करवा देता हूँ...

और भिड़े फोन मिला देता है...दूसरी तरफ स्टूडेंट फोन उठाता है..

स्टूडेंट :- हेलो सर...

भिड़े :- हेलो....अच्छा मुझे ये बताओ कि तुमने मुझे आज सोसाइटी के बाहर नाके पे बुलाया था ना...

और फोन लाउडस्पिकर पे कर देता है...

स्टूडेंट :- जी हाँ सर....बुलाया था..लेकिन आप क्यूँ पूछ रहे हैं....

सब उसकी ये बात सुन के चौंक जाते हैं....और माधवी खुश हो जाती है...

भिड़े :- थॅंक यू बेटा...वो तुम्हे बाद में बताउन्गा....

और फोन कट कर देता है...

भिड़े :- देखा में कह रहा था ना..लेकिन आप लोग इतना घिनोना जुर्म मुझ पर लगा रहे थे...

रोशन :- लेकिन भिड़े भाई आप नही थे..तो फिर उस आदमी ने आप जैसी नकल क्यूँ करी...

भिड़े :- मुझे क्या पता रोशन भाभी...

तभी सोडी बोलता है...

सोढी :- भिड़े प्रा.. मुझे माफ़ कर दे...लेकिन में क्या करता ...मेरी बीवी ने जब मुझे बताया तो गुस्सा आना तो स्वाभाविक है...मुझे माफ़ कर दे...

और सब एक एक करके भिड़े से माफी माँगने लगते हैं....

भिड़े :- बोलता है....कोई बात नही ... ग़लत फ़हमी हो जाती है.....और अपने मन में सोचता है....

किस ने किया होगा ये काम..मेरी नकल कर के....साला हरामी...मेरा सारा प्लान चौपट कर दिया...सला मज़े खुद लेकर गया और फँसा मुझे दिया...यहाँ पर...शूकर है कि में बच गया..नही तो बिना कुछ करे आज तो मुझे जैल की सज़ा काटनी पड़ती...शूकर है देवा तेरा लाख लाख शूकर है...

तभी तारक बोलता है...

तारक :- अगर भिड़े ने नही किया ... तो वो कौन आदमी था जिसने रोशन भाभी के साथ ये सब कुछ किया...और उसने भिड़े की नकल क्यो की...

भिड़े :- यही तो में भी सोच रहा हूँ मेहता साहब...

जेठालाल :- मेहता साहब ये तो बहुत गंभीर बात है अब...क्या करें...

और सभी सोचने लगते हैं......

( दोस्तो आप भी सोचो की किसने किया है... )

 
सभी सोढी के घर पे ही थे....और सोचने में लगे थे की आख़िर कौन हो सकता है....

उधर टप्पू अपने दोस्तों के पास पहुँच जाता है....और उन्हे सारी कहानी बता देता है...सिवाई गोगी के बाकी सब समझ जाते हैं..गोगी बहुत पूछने की कोशिश करता है लेकिन टप्पू मना कर देता है...

गोली :- टप्पू ये तो बहुत बड़ी बात है...और घटिया भी...ऐसा कैसे हो सकता है..

टप्पू :- गोली मुझे पता है कि बात बहुत गंदी है....और जिसने भी ये करा है में उसे छोड़ूँगा नही...

ऐसा बोलते ही सब उसकी बात पर हामी भर देते हैं....

उधर एक तरफ जेठालाल और चंपक दूसरी तरफ से टहल रहे होते हैं सोचते सोचते ...और चलते चलते आपस में टकरा जाते हैं....

बापूजी :- आई बाबुचक देख के चल ना...डोबी कहीं का...

जेठालाल :- सॉरी बापूजी .... वो सोच रहा था तो ध्यान नही दिया...आपको कहीं लगी तो नही....

बापूजी :- चुप रे बे बाबुचक...चोट वादी...चल दूसरी तरफ जा...

और जेठालाल बड़बड़ाते हुई जा रहा होता है...

बापूजी :- क्या .... क्या बोला तू...

जेठालाल :- कुछ नही बापूजी...

बॅस इतना कहते ही.... कुछ देर के लिए शांति छा जाती है...ऐसा लगता है मानो वहाँ हवा के अलावा कोई और है ही नही....

फिर इस हवा को.....एक बार फिर...मिस्टर. अईयर चीर देते हैं....

अईयर :- मेरे ख्याल से हमे पोलीस में जाके कंप्लेन करनी चाहिए...

तभी तारक बोलता है...

तारक :- नही अईयर कैसे पागलों वाली बात कर रहे हो...अगर पोलीस में कंप्लेन करी तो वो लाखों सवाल करेंगे...जिससे बहुत ज़्यादा शर्मिंदगी हो सकती है....और फिर बात उछल जाएगी और फिर सबको पता चलने का डर भी है....

चाचाजी :- हाँ मेहता सही बोल रहा है....

जेठालाल :- अईयर भाई आप सच में पागल ही हो...ऐसे वाहियात आइडिया मत दिया करो...

और फिर बबीता जी की तरफ देख के उन्हे सॉरी बोलता है...

अईयर :- जेठालाल.....

बॅस इतना ही बोलता है कि जेठालाल रोक देता है..

जेठालाल :- अईयर भाई हमे आपके कोई और आइडिया नही चाहिए..आप अपने पास रखो....और बात को काट देता है....

चाचाजी :- अरे तुम दोनो बहस मत करो....और ये सोचो कि ये सब किया किसने है....

सोढी :- हाँ चाचाजी आप बिल्कुल सही कह रहे हैं.....हमे उससे ढूंड के उसको मार मार के ऐसी हालत मे कर देना है...कि अगली बार किसी के साथ कुछ भी करने से डरेगा....

पोपटलाल :- लेकिन कैसे...कैसे पता चलेगा....

तभी उधर से टप्पू सेना सोढी के घर पहुँच जाती है....

टप्पू सेना को देख कर तारक उससे पूछता है...

तारक :- बच्चो तुम यहाँ...हमने मना करा था ना...कि आप लोग यहाँ मत आना...

टप्पू :- मेहता अंकल हमे सब पता चल चुका है.....

सभी टप्पू की बात सुन के चौंक जाता हैं....

तारक :- बच्चो तुम्हे ये सब कैसे पता...और तुम लोगों को इस मामले में नही पड़ना चाहिए...ये बड़ों की बात है...

टप्पू :- मेहता अंकल आप ये सब बात छोड़िए.....हमे बस ये देखना है कि वो आदमी कैसे पकड़ा जाए....

दादाजी :- मेहता टप्पू सही बोल रहा है...और बच्चे अब बड़े हो गये हैं...उनको रहने दे ..क्या पता कुछ सोच ले ...ये सब...

टप्पू :- अरे दादाजी सोच ले क्या....सोच लिया है...कि हमे उस आदमी को कैसे पकड़ना है....

सब टप्पू की बात सुन के खुश हो जाते हैं....

और सब एक साथ बोलते हैं...........

कैसीईईईईईईईईई.......

और टप्पू सारा प्लान उन सबको बता देता है....

सभी प्लान सुन के शॉक हो जाते हैं....कि इतना छोटा बच्चा ऐसा आइडिया भी सोच सकता हैं...

 
दोस्तो मामला गंभीर हो चुका है अब बलात्कारी को पकड़ने के लिए टप्पू ने क्या प्लान बनाया है जानने के लिए पढ़तें रहें ..तारक मेहता का नंगा चश्मा
 
जेठालाल :- टप्पू ये तेरा प्लान जो है...कुछ गड़बड़ तो नही हो गी ना...क्यूँ कि थोड़ा रिक्सी लगता है ये...

टप्पू :- पापा आप चिंता मत करो...सब अच्छी तरीके से हो जाएगा...

तारक :- अरी जेठालाल तुम चिंता मत करो....टप्पू का आइडिया है...कभी फैल नही होगा....

फिर टप्पू बोलता है...

टप्पू :- अब डरने की बारी तो उस आदमी की है.......और अपने बाल अपनी फूँक से उड़ा देता है................!!!!!!!

जैसे ही टप्पू सोढी के घर से बाहर जाने लगता है...तभी पीछे सी फिर से अईयर उंगली करता है...

अईयर :- लेकिन टप्पू बेटा तुम्हारे इस प्लान से तो सभी सोसाइटी वालों को तो पता चल ही जाएगा....

सोढी :- कोई बात नही अईयर अगर सोसाइटी में पता चलता है तो चलने दो ...ये सोसाइटी भी तो हमारे परिवार की तरह ही है...

जेठालाल :- सोढी सही बोल रहा है....ये अईयर भाई भी ना...हमेशा बीच में उछल पड़ते हैं....अईयर भाई आपके पास और कोई प्लान है...

अईयर :- अजीब सा मुँह बनाते हुए..नही...

जेठालाल :- तो बस चुप रहिए फिर....

तारक :- अरे तुम दोनो फिर से झगड़ा करने लग गये चुप रहो...

और फिर टप्पू से पूछता है...

टप्पू बेटा प्लान की शुरुआत कब करनी है...

टप्पू :- मेहता अंकल आज रात को करेंगे...और मुझे पूरा विश्वास है कि इस प्लान से वो आदमी जल्दी पकड़ा जाएगा...

फिर सभी अपने अपने घर की तरफ चल देते हैं...

जेठालाल घर पहुच के...

जेठालाल :- बाबूजी मुझे तो अभी तक विश्वास नही हो रहा है कि ऐसा हमरी सोसाइटी में कैसे हो सकता है...

बापूजी :- हाँ जेठिय बात तो सही कह रहा है...... लेकिन अब जो हो गया हो वो गया ...अब तो उसे सुधारने की बारी है...

दया :- हाँ बापूजी... बेचारी रोशन भाभी पे क्या बीती होगी...जल्द से जल्द वो आदमी पकड़ा जाए... में उसे श्राप देती हूँ....अगली बार वो मास्क पहने और उसका आगे का हिस्सा फट जाए.....

बस इतना ही बोल पाती है और जेठालाल बीच में रोक देता है...

जेठालाल :- बॅस दया...तू अपना ये श्राप पुराण शुरू मत कर....अब तो बस रात को क्लब हाउस में देखते हैं क्या होगा...

उधर तारक और अंजलि अपने घर पे पहुचते हैं...

अंजलि :- तारक मुझे तो बहुत दुख हो रहा है...रोशन भाभी के साथ इतनी बड़ी घटना हो गई...

तारक :- देखो अंजलि..अब होनी को तो कोई नही टाल सकता...लेकिन में ये सोच रहा हूँ कि उस आदमी ने रोशन भाभी को ही क्यूँ चुना.... कोई पुरानी दुश्मनी तो नही है...

अंजलि :- हमम्म...तारक आप सही कह रहे हैं...क्या पता ऐसा हो...

तारक :- अब तो सिर्फ़ टप्पू के प्लान का वेट करना है..वैसे मुझे लगता है कि उसका प्लान सफल हो जाएगा...अब रात को क्लब हाउस में ही पता चलेगा...

उधर अईयर बबीता से....

अईयर :- बबीता डियर...ये क्या हो गया हमरी सोसाइटी में....ऐसा नही होना चाहिए था..अगर किसी बाहर वालों को पता चल गया तो हमारी सोसाइटी की कितनी बदनामी होगी...

बबीता :- अईयर तुम सच में पागल हो..जेठा जी सही बोल रहे थे....तुम्हे सोसाइटी की पड़ी है...उधर रोशन भाभी के साथ इतना बुरा हो गया ...उनकी कोई परवाह नही है तुम्हे...

जेठालाल का नाम सुन के थोड़ा चिड जाता है लेकिन कुछ बोलता नही है...

अईयर :- देखो बबीता मेरे कहने का मतलब वो नही था...मुझे भी रोशन भाभी के लिए दुख है...

बबीता :- हुह...बसस्स टप्पू का प्लान सक्सेस हो जाए...में तो बस यही चाहती हूँ...

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उधर भिड़े अपने सोफे पे बैठे सोच रहा था...और फिर माधवी आती है..

माधवी :- क्या सोच रहे हैं आप??

भिड़े :- माधवी में ये सोच के परेशान हूँ कि इतनी घटिया हरकत का कम करने के बाद उस आदमी ने मुझे फसा दिया..छी...और ये सब लोग भी मुझे ग़लत समझने लगे..

माधवी :- ओहू अब छोड़िए ना उस बात को....और वैसे भी रोशन भाभी के साथ जो हुआ वो बहुत ही ज़्यादा ग़लत हुआ...

भिड़े:- हाँ वो तो है....

और मन में सोचता है...बेकार में उस आदमी ने मेरे प्लान पे सारा पानी फेर दिया...

माधवी भिड़े को ऐसा सोचते देख पूछती है...

माधवी :- क्या सोच रहे हो??

भिड़े :- घबराता हुआ .... कुछ नही बस यी सोच रहा था...कि बस अब वो आदमी पकड़ा जाए...

माधवी ह्म्म्म कर देती है......

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इधर अब रात हो चुकी थी...

सब क्लब हाउस में पहुच जाते हैं...

आगे देखते हैं कि इस क्लब हाउस में अब क्या टप्पू को सफलता मिलेगी कि नही........!!

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मित्रो गोकुलधाम सोसायटी की चटपटी खबरें जानने के लिए पढ़ते रहें तारकमेहता का नंगा चश्मा
 
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