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प्यार का अहसास

डॉली-आपकी आवाज सच में बहुत अच्छी है अभी तो

आपने सिर्फ गुनगुनाया है हम तो आपकी आवाज में खो

.....ही जाते है अनय उसे ही देख रहा था..!! उसकी आंखों

में डॉली को अपने लिए प्यार दिखाई दे रहा था उसकी

नजरें उसे बेचैन कर रही थी..!! डॉली उठने को हुई तभी

अनय ने उसे हाथ पकड़ कर रोक लिया..!! डॉली का

दिल सुपर फास्ट ट्रेन की स्पीड से भी तेज धड़क रहा था..!!

अनय ने उसका हाथ पकड़ा तो उसकी दिल तेजी से

धड़कने लगा..!! कुछ पल आंखें बन्द कर वो अनय की

तरफ पलट कर देखने लगी..!! अनय ने उसे वापस बैठने

के लिए कहा तो वो खामोशी से उसके बगल में जाकर

बैठ गई..!!

अनय उसे खामोश देख कर-डॉली मुझे पता है कि जय

और तुम अनामिका को पसंद नहीं करते..(डॉली ने उसे

हैरानी से देखा) जय ने नहीं बताया पर मुझे सब समझ

आता है और मैं ये भी जानता हूं कि वो भी तुम दोनों को

खासकर तुम्हें.. बिल्कुल भी पसंद नहीं करती..!! और

मुझे एक बात बताओ वो हमेशा ही मेरे आसपास मेरे

करीब रहने की, बात करने की कोशिश करती है तो क्या

तुम...

डॉली उसकी बात काटकर-हमें कोई फर्क नहीं पड़ता

वो आपके करीब रहे या कोई और..!!

अनय गुस्से से-तुम पूरी बात भी सुनोगी या सब अपने से

ही डिसाइड कर लोगी..??

डॉली-ओके... बोलिए पर हम पहले ही कह रहे है हमें...

अनय उसके मुंह को अपनी हथेली से बन्द करते हुए-

चुप एकदम..(डॉली की आंखें मुंह बन्द करने पर और बड़ी

हो गई) अब जब तक मेरी बात पूरी नहीं हो जाती तब तक

ऐसे ही रहोगी शांत..!! और पहले अपनी आंखों को नॉर्मल

करो.. कोई देखे तो डर जाए..!! डॉली ने उसे गुस्से से

घुरा तो उसने अपना हाथ हटा लिया..!!

डॉली ने बोलने के लिए जैसे ही मुंह खोला अनय ने फिर

अपनी हथेली उसके मुंह पर रख दी..!!

अनय-अब सिर्फ सुनो...!! हां तो मैं कहां था..??

देखो मैं तुम्हारा दोस्त हूं, अनामिका का नहीं..!! वो मेरे

दोस्त की कजिन सिस्टर है इसलिए बस काम की बात

कर लेता हूं..!! पर तब जब वो आगे से हेल्प मांगती है

तब..!! और रही बात कॉलेज साथ आने जाने की तो

सेम रास्ता होने से मैं उसे भगा तो नहीं सकता ना..!!

(वो एक्टिंग करते हुए) तुम मेरे साथ नहीं चल सकती

क्युकी किसी को जलन होती है..!! उसकी इस बात

पर डॉली ने उसकी हथेली पर काट लिया जिससे उसने

अपना हाथ हटा लिया..!!

अनय-अरे चुहिया हो क्या कितनी जोर के काटा..!!

अब मुझे इंजेक्शन लगवाना पड़ेगा, कहीं मैं...

डॉली-क्या... हां.. मतलब इतनी देर से कुछ भी

ऊटपटांग बात किए जा रहे हो और हम सिर्फ सुनते

रहें ऐसा कहां का नियम है..?? और.. हम क्यों जलने

लगे आप उनके साथ कॉलेज जाए, डेट पर जाए.. हमें

उससे क्या.. ह हमें कोई फर्क नहीं पड़ता..!! (अनय ने

उसे घुर कर देखा) ऐसे घुरिये मत हमें.. हम डरते नहीं

है आपसे..!!

अनय उसकी कमर में हाथ डाल अपने करीब खींचकर-

सच में कोई फर्क नहीं पड़ता..!!

डॉली के तो पसीने छूटने लगे अनय की इस हरकत पर,

उसकी तो जुबान भी उसका साथ नहीं दे रही थी..!!

अनय उसकी कमर पर दबाव बनाकर-बोलो अब चुप क्यों

हो.. क्या सच में तुम्हें फर्क नहीं पड़ता मैं किसी के भी

साथ डेट पर जाऊ, किसी से भी शादी कर लूं..!!

डॉली ने हैरानी से उसकी तरफ देखा पर उसकी नजरों

को बर्दाश्त नहीं कर पाई तो नज़रे झुका ली.. फिर धीरे

से बोली-ह... हमें.. क्यों.. फर्क पड़ेगा..!! आप.. की

जिन्दगी है हम कौन होते है...??

अनय ने उसकी बात पूरी होने से पहले ही उसे छोड़ दिया

डॉली मन में-हम जानते आप हमें पसंद करते है, प्यार

करते है पर कह क्यों नहीं देते.. हम जानते है पर आपके

मुंह से सुनना चाहते है..!! हमें नहीं पता हमारे दिल में

आपके लिए क्या है पर हमें अच्छा नहीं लगता जब अनु

दी आपके करीब होती है हमें पता है अनु दी आपको हमसे

छीनने की पूरी कोशिश करेगी.. पर जब तक आप अपने

दिल की बात हमसे कह नहीं देते तब तक हम कुछ नहीं

कर सकते..!! पर अभी तो आपको मनाएं गुस्सैल कहीं

के.. सही नाम दिया है हमने हिटलर...!!

डॉली-दोस्त..(अनय ने मुंह फेर लिया) अच्छा हम मानते

है हमें फर्क पड़ता है..!! अब कोई हमसे हमारे इतने

स्वीट... हिटलर टाइप दोस्त को दूर करने की कोशिश करे

तो हमें फर्क पड़ता है..!!

अनय-मैं हिटलर...!! ऐसा क्या कर दिया जो मुझे इतनी

अच्छी उपाधि दी गई है..??

डॉली-हं.... फिर कभी बताएंगे.. लिस्ट थोड़ी लम्बी है..!!

अभी जरूरी है कॉलेज पहुंचना..!!

अनय-वहां जाकर क्या करोगी..?? अब तो कॉलेज

छूटने वाला है..!!

डॉली-कुछ नहीं लाइब्रेरी से कुछ किताबे लेनी है और

जमा भी करनी है..!! और सबसे बड़ी बात रिंकी और

निक्कू (निखिल)पूछेंगे तो कह देंगे लाइब्रेरी में पढ़ रहे थे..!!

अनय-मतलब झूठ..!!

डॉली ऊपर चढ़ते हुए-जो समझना चाहे आप समझ

सकते है..!!

दोनों कार में आकर बैठे डॉली ने अपने कपड़े बेक सीट से

उठाकर बेग में रख लिए..!!
 
डॉली की नजर उसकी हथेली पर पड़ी जिस पर दांतों के

निशान अब भी दिखाई दे रहे थे..!!

दोनों कॉलेज पहुंचे डॉली कार से उतर गई अनय का

मन उसे छोड़ने का बिल्कुल भी नहीं था पर वो रोकता

भी किस हक से..!!

डॉली उतरकर-अच्छा दोस्त अगली बार फिर ले चलोगे

ना अपनी इस दोस्त को..!!

अनय ने खुशी से हां में सिर हिला दिया..!!

डॉली -दोस्त सॉरी हमने आपको काटा ... पर हमारी कोई

गलती नहीं थी आपने ही हमें मजबुर किया..

अनय अपनी हथेली को देख धीरे से-ये तो तुम्हारा दिया

तोहफा है जो जब तक रहेगा तुम्हारा अहसास मेरे पास

मेरे साथ रहेगा..!!

डॉली -क्या बड़बड़ा रहे है..!! ज़रा जोर से बोलिए हम

भी सुनना चाहते है..!!

अनय मुस्कुराते हुए-कुछ नहीं तुम जाओ अभी सब

लेक्चर अटेंड करने में होंगे तुम आसानी से लाइब्रेरी

जा सकती हो कुछ देर और रुकी तो पकड़ी जाओगी..!!

एंजल मुंह बनाकर-ओके बाय..!!

अनय ने मुस्कुराते हुए कार अपने घर की तरफ बड़ा दी..!!

मिसेज तिवारी-अरे अनय आ गए हो गया तुम्हारा काम..!!

अनय-जी मम्मा हो गया..!!

मिसेज तिवारी-अच्छा तुम हाथ मुंह धोकर आओ मैं खाना

लगाती हूं टेबल पर तब तक राज भी आता ही होगा..!!

जी कहते हुए वो अपने रूम में आ गया..!! बिस्तर पर

लेटते ही उसने अपनी हथेली को चूम लिया जहां डॉली

के दांतो के निशान थे..!!

अनय खुशी से मन में-थैंक्स डॉली मुझ पर इतना विश्वास

करने के लिए..!! तुम नहीं जानती तुमने मुझे अपना

टाइम देकर कितनी बड़ी खुशी दे दी..!! तुम मेरे गुनगुनाने

पर कोई सवाल नही करती जबकि तुम जानती हो कि

मैं सिर्फ अपनी स्पेशल वन के लिए ही गाना या गुनगुनाना

चाहता हूं..!! और मैं अब तक कई बार तुम्हारे सामने

गुनगुना चुका हूं..!! मतलब तुम जानती हो मेरे दिल की

बात (कहते हुए वो खुशी से उछल पड़ा)..!! ओह मतलब

ये भी तो हो सकता है कि.. की तुम्हारे दिल में भी मेरे

लिए फिलिंग्स हो..!!

मिसेज तिवारी नीचे से आवाज लगाते हुए-अनय बेटा जल्दी

आ जाओ खाना लगा दिया है..!!

अनय-जी मम्मा अभी आया..!!

************
 
कॉलेज छूटने पर डॉली भी लाइब्रेरी से कुछ किताबे इशू

करा लाई और बाहर आ गई..!!

रिंकी और निखिल उसे देख उसके पास आते है अनामिका

डॉली को दूर से देखती है तो उसकी जान में जान आई..!!

अनामिका-थैंक गॉड मुझे तो लगा अनय और ये दोनों

आज एक साथ गायब कैसे हो गए पर इसे देख थोड़ा

सुकून महसूस हो रहा है..!! वैसे मुझे जल्दी ही कुछ

करना होगा और इसे इसकी ओकत तो दिखानी ही

पड़ेगी.. क्युकी अनय तो सिर्फ मेरा है और उसे पाने

के लिए तो मैं कुछ भी कर जाऊंगी..!! वैसे तुम्हारे लिए

तो मुझे ज्यादा कुछ करना ही नहीं पड़ेगा तुमसे तो मैं

सब कुछ छीन लूंगी क्युकी नफरत है मुझे तुमसे, तुम्हारी

खुबसूरती से..!!

रिंकी-हे... डॉली तुम कहां थी यार सुबह से एक बार भी

दिखी नहीं..!!

डॉली-वो हम लाइब्रेरी में बैठे नोट्स बना रहे थे..!! और

तुम लोग बताओ कैसा चल रहा है सब..??

निखिल-सब तो ठीक है पर ये राज और ज्योति का कुछ

समझ नहीं आ रहा..!!

रिंकी-प्यार के चक्कर में दोस्तो को ही भूल बैठे..!! आज

तो दोनों ने बंक मारा है..!!

डॉली-छोड़ो ना यार उनकी लाइफ है हम कोई नहीं होते

कुछ कहने वाले..!!

रिंकी-अच्छा सन्डे का क्या प्लान है नई मूवी लग रही

है चलोगी हमारे साथ..!!

डॉली-हम क्या करेंगे तुम लव बर्डस के बीच..!!

निखिल-ओह कम ऑन यार.. हम राज और ज्योति की

तरह नहीं है..!! प्यार करते है एक दूसरे से इसका मतलब

ये नहीं की दोस्त को अकेला छोड़ दे..!!

डॉली-अच्छा ठीक है सोचकर बताएंगे अभी एक दो दिन

है सन्डे को..!!

सब एक दूसरे को बाय कर अपने घर चले गए डॉली भी

जय के साथ घर आ गई.. और सुबह से कुछ खाया नहीं

था इसलिए सीधा किचन में जा घुसी..!!

डॉली किचन में घुसते ही-पापा आप यहां किचन में

क्या कर रहें है वो भी इस वक्त..!!

प्रमोद जी-अरे प्रिंसेस तुम आ गई देखो मैने कुछ बनाया

है.. अरे देखो नहीं तुम टेस्ट करो..

डॉली-पर पापा मम्मा, बड़ी मम्मा और दोनों भाभी सब

कहां गए है..??

प्रमोद जी-वो.. वो सब किट्टी पार्टी में गई है और अपनी

बहुओं को भी ले गई साथ में..!!

जय-क्या बनाया पापा..?? भूख बहुत लग रही है..!!

डॉली ने टेबल पर खाना लगाया और फिर तीनो ने

खुद से सर्व कर खाना खाया..!!

डॉली-वाउ पापा खाना वाकई बहुत टेस्टी है, आप मम्मा

से भी ज्यादा टेस्टी यम्मी खाना बनाते हैं..!!

जय-हम्मम.. ये बात तो सही कही..!! पापा अपनी

लाड़ली को भी तो सीखा दीजिए..!! एक कॉफी के सिवा

कुछ आता ही नहीं है इसे..!!

डॉली-अरे हमें सीखने की क्या जरूरत है..??

जय-हां कल को तुम्हारी शादी हुई और वहां तुम्हें खुद

खाना बनाना पड़ा तब क्या सिर्फ कॉफी से पेट भरोगी

सबका..!! मैं कह रहा हूं पापा लड़की बड़ी हो रही है,

जल्दी ही सब सीखा लो वरना नाक कट जानी है..!!

डॉली-पापा आआआ

प्रमोद जी झूट मुठ की नाजयगी दिखाते हुए-जय....

वो हम सबकी प्रिंसेस है उससे हम खाना क्यों बनवाएंगे,

भई उसकी सासु माँ दो कान के नीचे लगायेगी तो सब

अपने आप सीख जायेगी..!! जय को हाई फाई दे

दोनों हंस पड़े..!!

डॉली रोनी सी सुरत बना कर-पाआपा....

जय-अरे पापा क्या आप भी रुला दिया ना दादू की

प्रिंसेस को..!!

प्रमोद जी-हम्मम.. प्रिंसेस जस्ट किडिंग बेटा...!! अच्छा

चलो तुम दोनों अभी कॉलेज से आए हो जाओ थोड़ी

देर रेस्ट कर लो मैं भी ऑफिस का काम घर से ही करने

वाला हूं तो रूम में जा रहा हूं..!!

सब अपने-अपने रूम में चले गए..!!

डॉली को बेड पर लेटते ही सब याद आ रहा था..!! उसे

धीरे-धीरे अनय का साथ अच्छा लगने लगा था..!! अनय

की करीबी उसे पहले की तरह असहज नहीं करती..!!

उसका कमर में हाथ डाल अपनी तरफ खींचना, दिल की

धड़कन बड़ा रहा था..!! उसकी इस हिमाकत पर उसे

गुस्सा नहीं आया... वो ये सोचकर बेड पर सिर खुजलाते

हुए उठकर बैठ गई...!!

डॉली-डॉली... डॉली क्या हो रहा है..!! हमें कुछ समझ

नहीं आ रहा हम इतना सब कुछ सोच ही क्यों रहे है..??

उसने कानों में ईयर फोन लगाया और गाने सुनते सुनते ही

सो गई..!!
 
कुछ देर बाद जय जब उससे मिलने आया तो उसे

उल्टा पुल्टा सोया देख मुस्कुरा दिया..!!

उसने उसके कानों से ईयर फोन निकाला और उसे कम्बल

उड़ा दिया और उसके सिरहाने बैठ गया, डॉली ने हल्की

सी आंख खोल उसे देखा और उसकी गोद में सिर रख

फिर सो गई..!! जय मुस्कुरा दिया ओर उसके सिर

पर हल्की हल्की थपकी देने लगा और खुद भी कब सो

गया पता ही नहीं चला शाम को दोनों उठे और फ्रेश

होकर नीचे आए डॉली ने कॉफी बनाई और फिर तीनो

ने आराम से बैठकर कॉफी पी..!!

*******
 
इधर अनय हॉल में बैठा राज का इंतजार कर रहा था

क्युकी वो अब तक नहीं आया था..!!

अनय राज को आते देख-कहां था अब तक..?? और

इतना लेट आने के लिए कोई ना बहाना तो होगा ही नई..??

राज हड़बड़ाते हुए-व.. वो.. भा... भाई....

अनय-ऐसे क्यों बोल रहे हो कुछ दिक्कत है..??

राज-वो भाई म.. मैं डॉली हां डॉली के घर था..!!

अनय -झूट मुझे पता है उससे तो तेरी बोलचाल बन्द है,

अब सच सच बता.. और हां बड़ा भाई हूं सब समझता

हूं तो बेटा झूट तो बोलना मत. ..!!

राज बड़बड़ाते हुए-इस डॉली की बच्ची को तो मैं

छोड़ूंगा नहीं जरूर इसी ने भाई से कहा होगा...

अनय-क्या बडबडा रहा है थोड़ा तेज भी बोल ले..!!

राज-कुछ नहीं भाई वो निखिल के घर गया था..!!

अनय-चल तू कह रहा है तो मान लेता हूं..!! और हां

मुझे डॉली ने कुछ नहीं कहा मेरी भी आंखें है दिखाई

देता है मुझे भी..!!

राज-भाई मैं रूम में जा रहा हूं थक गया हूं..!!

******

इधर सब लेडिस किट्टी पार्टी से घर आ गई थी और

कुछ ज्यादा ही चहक रही थी..!!

बड़े पापा-क्या बात है तुम सबका मुड़ रोज ऐसा हो तो

रोज जाया करो किट्टी पार्टी..!!

बड़ी ममा-क्यों हम सब घर में अच्छी नहीं लगती है क्या..??

प्रमोद जी-अरे भाभी भैय्या का मतलब है कि आप सब

आज इतनी खुश लग रही है घर की रोनक बड़ गई है..!!

क्यों भैय्या यही मतलब था ना आपका (एक आई विंक करके)

बड़े पापा-हां और क्या..?? इन औरतों को समझना और

समझाना बड़ा मुश्किल काम है..!!

बड़ी ममा भड़कते हुए-हां सारी अक्ल तो आप लोग ही

समेट लाए थे ना..!!

माहौल खराब होते देख दोनों भाभियां कमरे में निकल

ली और उनके साथ ही डॉली भी..!!

एंजल-अरे भाभी बताओ ना ये किट्टी पार्टी में आखिर

होता क्या है जो मम्मा और बड़ी मम्मा हफ्ते में दो बार

पहुंच जाती है..!!

पूजा भाभी-अरे डॉली कुछ नहीं वहां तो सिर्फ अच्छे

और महंगे कपड़ो का फैशन शो होता है और इसकी उसकी। चुगली होती है और बाकी जैसी नॉर्मल पार्टी होती है वैसी

ही..!!

नेहा भाभी-हां पर जो भी हो चुगली सुन सुनकर तो मजा

ही आ गया..!!

डॉली-ओ वाओ मतलब इसलिए सब इतने चहकते हुए

आए..!!

अगले दिन डॉली और जय साथ कॉलेज जाते है और

अनय भी अनामिका से बचने के लिए राज को अपने साथ

ही लेकर जाता है..!!

डॉली और जय कॉलेज पहुंचते है तो अनामिका ज्योति

से बात करते हुए दिखती है..!!

जय-ये चमत्कार कैसे हो गया..?? अनु तुम्हारी फ्रेंड से

बात कर रही है..!!

डॉली-भैय्या हमें तो कुछ गड़बड़ लगती है और वैसे भी

आजकल ज्योति और राज से हमारी बात नहीं होती..!!

अनय और राज के आते ही ज्योति राज के पास आ जाती

है अनामिका, अनय के पास..!! डॉली को गुस्सा आता

है तो वो लाइब्रेरी चली जाती है..!! और किताब खोल

नोट्स बनाने की कोशिश करने लगती है, पर उसका मन

ही नहीं लग रहा था.....

कुछ देर में रिंकी और निखिल भी वहीं उसके सामने

आकर बैठ जाते है..!!

डॉली मुस्कुरा कर-हाय...!!

रिंकी निखिल एक साथ-हाय..!! यार क्या सुबह से

लाइब्रेरी में आकर चिपक गई हो..!!

डॉली-नहीं यार बस कुछ नोट्स बनाने थे.. इसलिए आ

गए..!!

रिंकी उसका हाथ पकड़ खींचते हुए-हां पर अब चलो..!!

वो तीनो बाहर आ जाते है और कैंटीन चले जाते है..!!

तीनो कोल्ड कॉफी ऑर्डर कर बाते करने लगते है..

निखिल-यार ये राज और ज्योति कुछ ज्यादा ही चेंज

नहीं हो गए.. मतलब इतना ज्यादा की हममें से किसी

से भी बात नहीं करते..!! ऐसा लगता है जैसे पहचानते

ही ना हो..!!

रिंकी-हम्मम... नोटिस तो मैने भी किया है.. पर बात क्या

है समझ नहीं आया..??

एंजल-तुम्हारा उपरी माला खाली है ज्यादा जोर मत

डालो..!! निखिल हंसने लगा..!! तो रिंकी ने मुंह बना

लिया तीनो ने कॉफी खतम की और लेक्चर अटेंड करने

चले गए..!!

सारे लेक्चर अटेंड कर सब घर चले गए..!! डॉली

घर पहुंचकर अपने रूम में चली गई शाम को दोनों भैय्या

दोनों भाभी के साथ डॉली और जय के साथ मूवी देखने

और शॉपिंग करने का प्लान बना चुके थे..!! अनामिका ने

जाने से इंकार कर दिया क्युकी वो जय और डॉली के

साथ जाना नहीं चाहती थी..!! जय ने चुपके से अनय

को भी साथ आने के लिए कह दिया ताकि अनय के जाने

की बात सुन अनामिका भी हां ना कर दे..!!

सब तैयार होकर निकल गए..!! अनय जय के कहने

पर पहले ही निकल गया..!!

टिकट ले सब अंदर गए डॉली ने अपने लिए खूब सारे

पॉपकॉर्न ओर चिप्स के पैकेट लिए..

जय-डॉली... घर नहीं बसाना है वहां मूवी देखनी है..!!

डॉली-हम मूवी देखने नहीं आते..!!

अनय पीछे से आते हुए-तो क्या करने आती हो..!!

डॉली उसे हैरानी से देखते हुए-हम.. हम तो ये सब खाने

आते है..!! हां वो अलग बात है कि खाते हुए आंखें बन्द

नहीं कर सकते तो चल रही मूवी ही देख लेते है..!!
 
जय और अनय दोनों ही हंस दिए..!!

जय उसके सिर पर चपत लगाते हुए-चलो..... पगली

कहीं की..!!

डॉली अनय से-आप यहां अकेले कैसे..??

अनय-क्यों मैं नहीं आ सकता क्या या नहीं आना चाहिए

था.. तुम कहो तो चला जाता हूं..!!

डॉली उसका हाथ पकड़ते हुए-हुंह.. चला जाता हूं..!!

सब पता है भैय्या के जिगरी दोस्त ज्यादा नौटंकी मत

करिए और अब चलिए भी..!! वो लोग अंदर पहुंचे तो

जय और अनय ने डॉली को अपने बीच बिठा लिया

जिससे डॉली बहुत खुश हुई की दोनों से बराबर बात कर

पायेगी..!! फिल्म में इमोशनल सिन कुछ ज्यादा ही थे

और डॉली उन्हें देख खाते हुए भर-भर के आंसू बहा

रही थी.. और उसे देख देख अनय भी..!! जय ने दोनों को

देख माथा पिट लिया..!!

जय धीरे से-डॉली चलो हमें नहीं देखनी है ये फिल्म

चलो बाहर ही घुम लेते है..!!

डॉली-पर भैय्या कितनी अच्छी मूवी है..(फिर अनय की

तरफ पलट कर) है ना दो... अनय को भी रोते देख उसे

हंसी आ गई उसने जय की तरफ देखा तो वो भी

हंसने लगा वो तीनो ही उठकर बाहर आ गए और डॉली

और जय खूब जोर के हसने लगे..!!

डॉली हंसते हुए-यार दोस्त मतलब कमाल की बात है,

आप सबके सामने यूं ही सख्त बने फिरते है और यहां

आंसू बहा रहे थे लड़कियों के जैसे..!!

अनय-नहीं वो बस तुम्हें रोते देखा तो आंखों से अपने

आप आंसू निकल गए..!!

डॉली और जय दोनों ही उसे देखने लगे और फिर वहां

से केंटीन एरिया में आ गए..!! जय वहां से वाशरूम

चला गया और डॉली अनय की तरफ देखने लगी..!!

अनय हड़बड़ाते हुए-क.. क्या.. ऐसे क्यों देख रही हो..??

डॉली-कुछ नहीं आप रोते हुए बड़े क्यूट लग रहे थे..!!

अनय धीरे से-और तुम हमेशा क्यूट लगती हो..!!

डॉली-कुछ कहा आपने..??

अनय-उम्म... नहीं तो तुमने कुछ सुना क्या..??

डॉली की नजर बाहर छोटी बच्ची पर पड़ी जो अपने

उड़ते बलुन के पीछे पीछे बीच सड़क पर आ गई...

तेजी से आती गाड़ी को देख वो जल्दी से बाहर की ओर

दौड़ पड़ी और गाड़ी के टक्कर मारने से पहले ही बच्ची

को ले साइड में गिर पड़ी..!! अनय को दौड़ते देख जय

भी दौड़ पड़ा..!! सब लोग वहां इकट्ठे हो गए..!! बच्ची

को डॉली ने चोट नहीं लगने दी पर डॉली को खुद काफी

ज्यादा चोट लग गई थी दोनों हाथ बुरी तरह छिल गए थे

नुकीली चीज से टकराने से सिर से भी खून बह रहा था..!!

जय और अनय दोनों ही वहां पहुंचे..!! डॉली वहीं

चक्कर खाकर बेहोश हो चुकी थी जय ने बच्ची को

उठाया और अनय ने डॉली को देखा जो बेहोश थी

तब तक उस बच्ची के माता पिता भी आ गए थे..!! उन्होंने डॉली को हॉस्पिटल पहुंचाया जय और अनय दोनों ही

काफी घबराए हुए थे जय ने घर पर कॉल करके बता दिया था..!! सब आना चाहते थे पर जय ने मना कर दिया..!!

कुछ ही देर में डॉ ने उसे डॉली के घाव साफ कर पट्टी कर

दी..!!

डॉ बाहर आकर-देखिए घबराने की कोई बात नहीं है,

वो अभी ठीक है आप मिल सकते है..!!

वो लोग अंदर पहुंचे तो डॉली ने सवाल किया भैय्या वो

बच्ची... कैसी है वो..??

बच्ची के पिता-थैंक्यू बेटा मैं इंस्पेक्टर अजय सिंह वो

मेरी ही बेटी थी जिसे आपने बचाया बेटा आपका शुक्रिया

कैसे अदा करूं..!!

डॉली-नहीं अंकल ऐसी कोई बात नहीं है और इसमें

शुक्रिया कहने वाली कोई बात नहीं है..!!

अजय सिंह-पर बेटा उसे बचाने में आपको इतनी चोट

लग गई..!!

जय-अंकल उसने अच्छा काम किया है ये चोट जल्दी

ही ठीक हो जायेंगी पर आपकी बेटी को उसकी आंखों

के सामने कुछ हो जाता तो वो अपने आपको कसूरवार

मान लेती..!!

अजय सिंह-कोई मदद की जरूरत हो तो याद करना

मैं जरूर हेल्प करूंगा..!! वे चले गए और अन्य तब से

डॉली को गुस्से से घुर रहा था..!! और अब जय भी

घूरने लगा..!!

डॉली बच्चों जैसा मुंह बनाते हुए-अरे अब आप दोनों

क्यों ऐसे घुर रहे है हमें...??

अनय गुस्से से-तुम्हारा नाम डॉली है तो क्या खुद को

सच में डॉली समझने लगी हो.. दिमाग सही जगह पर

है भी या नहीं, अपनी जान ऐसे खतरे में कौन डालता है

भला आज अगर तुम्हें कुछ हो जाता तो..??( डॉली बच्चों

जैसा मुंह बनाकर उसे मासुमियत से देखने लगती है)

अब ऐसे मासूम मत बनो..!!

जय-मेरी ही गलती थी..!! मैं ही तुम दोनों को बाहर

लाया था..!!

डॉली-भैय्या जो होता है अच्छे के लिए होता है..!! और

अच्छा हुआ जो आप हमें बाहर ले आए और हमनें उस

क्यूट सी बच्ची को बचा लिया वरना तो किसी का ध्यान

ही नहीं था उस पर..!! और शायद भगवान जी ये नेक

काम हमसे करवाना चाहते थे..!! आप दोनों क्यों

इतना पैनिक हो रहे है हम ठीक है, सही सलामत आप

दोनों के सामने है...!!

अनय-हां तुम तो खुद को सुपर मेन समझने लगी हो..!!

डॉली मुंह बनाकर-उहूं सुपर गर्ल..!!

जय और अनय दोनों ही मुस्कुरा दिए पेन किलर का

हाई डोस देने की वजह से डॉली फिर बेहोश हो गई..!!
 
जय अनय को डॉ ने पहले ही इस बारे में बता दिया था

दोनों वहीं बैठ गए तब तक सारे घर वाले भी आ गए..!!

प्रमोद जी घबराते हुए-बेटा क्या हुआ..?? तुम सब साथ

थे ना फिर ये कैसे हो गया..?? प्रिंसेस ठीक तो है ना..??

सविता जी, बड़ी ममा और बड़े पापा भी आए थे सब

सवाल पर सवाल दागे जा रहे थे..!!

जय सबको शांत करते हुए-आप सब शांत रहिए डॉली

ठीक है पेन किलर की वजह से बेहोश है..!! फिर सबको

पूरी बात बताई जय ने सबको मनाकर घर भेज दिया..!!

अनय और जय दोनों ही डॉली के पास रुके हुए थे..!!

जय अनय को देख मन में-प्रिंसेस तुम्हारे लिए अनय से

बेटर कोई हो ही नहीं सकता..!! उसका प्यार, इंतजार,

केयर, लड़कियों के लिए उसके मन में इज्जत सब कुछ

देखा है मैने उससे बेस्ट मुझे कोई लगा ही नहीं..!! काश

तुम्हें भी प्यार का प्यारा सा अहसास जल्दी हो जाए..!!

तुम्हारी डिग्री कंप्लीट होते ही मैं पापा से बात करूंगा..!!

पर उससे पहले तुम्हारी फिलिंग्स जानना भी जरूरी है..!!

आई होप की अनय तुम्हें जल्दी ही प्यार का अहसास

करा दे..!!

अगली सुबह डॉली को डिस्चार्ज कर दिया गया..!!

इंस्पेक्टर अजय सिंह उनकी वाइफ और बेटी के साथ

डॉली को देखने आए थे और उनकी वाइफ डॉली को

शुक्रिया करना चाहती थी..!!

मिसेज सिंह हाथ जोड़कर-आपने अपनी जान पर खेलकर

हमारी बच्ची को बचाया, जबकि हम तो परिचित भी नहीं

थे कोई किसी अजनबी के लिए इतना कहां करता है,

जितना आपने किया है आप तो हमारी जिंदगी में

भगवान बन कर आई है..!! आप नहीं होती तो पता नहीं

क्या हो जाता..

डॉली उनकी बात काटकर-आप क्यों इतना सोच रही

है, और हम कोई भगवान नहीं है, हम भी आपकी तरह

मामूली से इंसान है और आप अब शुक्रिया मत कहिएगा..!!

इसके बाद अजय सिंह ने अपना कार्ड जय और अनय

दोनों को दिया और चले गए..!!

डॉली को लेकर वो दोनों भी घर आ गए..!! सब डॉली

के अगल बगल बैठ उसकी चोटों को देख रहे थे सविता जी

तो उसका हाथ थाम कर खामोश सी बैठी उसे देखती

रही..!!

सविता जी-क्या जरूरत थी ऐसे गाड़ी के सामने जाने

की तुम इस घर की इकलौती लड़की हो तुम्हें कुछ हो

जाता तो हम सबका क्या होता..?? दादू दादी उनका

सोचा है..!!

बड़ी ममा-सविता अब बस भी करो और प्रिंसेस को

आराम करने दो..!! हमारी बच्ची देखो एक ही दिन में

चेहरा कैसा पिला पड़ गया..!!

अनामिका मन में-काश कि गाड़ी वाले ने इसे टक्कर मार

ऊपर ही पहुंचा दिया होता तो मेरी जिंदगी का सबसे

बड़ा काटा ही निकल गया होता..!!

प्रमोद जी-अब चलो सब उसे आराम करने दो और पहले

ब्रेकफास्ट करवाओ और दवाई दो उसे.. बाकी सब बाद

में पहले हमारी प्रिंसेस..!!

जय-हां और तुम कान खोल कर सुन लो जब तक

ये घाव भर नहीं जाते तब तक इस रूम से बाहर नहीं

निकलोगी समझी..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-पर ये तो गलत बात है ना भैय्या..

हम क्या करेंगे रूम में..!! और कॉलेज और...

जय-मैं हूं सब कर दूंगा और तुम्हें सब रीड भी करवा दूंगा

अब चुपचाप आराम करो..!! सब चले गए और डॉली

मुंह बनाकर बेमन से लेट गई..!!

सविता जी ने डॉली के लिए उसकी पसंद का ब्रेकफास्ट

बनाया और अपने हाथो से खिलाया दवाई खाने के बाद

डॉली फिर सो गई..!!

राज को पता चला तो वो भी डॉली से मिलने आया

डॉली ने उससे बिल्कुल अजनबियों जैसा व्यवहार किया,

राज को बहुत बुरा लगा और वो उठ कर चला गया..!!

कुछ दिन ऐसे ही बीत गए डॉली अब पूरी तरह से ठीक

हो चुकी थी..!! इस बीच राज ने डॉली से बात करने की

कोशिश भी की पर डॉली ने उससे कोई बात नहीं की..!!

रक्षा बंधन से पहले अनामिका अपने घर चली गई तो

जय और डॉली तो खुशी से फूले नहीं समा रहे थे..!!

रक्षा बंधन से एक दो दिन पहले बड़ी ममा और सविता

जी भी अपने मायके चली गई और पूजा भाभी ओर

नेहा भाभी भी..!!
 
डॉली ने तीनो भाइयों के साथ मिलकर सबके लिए

रक्षा बंधन के दिन पहनने के लिए कुर्ता पजामा खरीदे

और तीनो भाइयों ने मिलकर डॉली के लिए खुबसूरत

सा ड्रेस खरीदा और अलग से अलग अलग गिफ्ट भी..!!

*******

अनय की बड़ी बहन काव्या दीदी भी आ गई थी जो कि

साल में एक बार रक्षा बंधन पर ही आ पाती थी..!! उनके

आने पर अनय और राज दोनों ही उन्हें लेकर शॉपिंग

के लिए लेकर गए उन लोगो ने भी खूब सारी शॉपिंग करी

और खूब मस्ती भी करी..!! काव्या दीदी अपने दोनो

छोटे भाई से को बड़ी बहन की तरह कम ओर दोस्त की

तरह ज्यादा ट्रीट करती थी..!! पर अनय से उन्हें ज्यादा

अटैचमेंट थी क्युकी अनय कम बोलता और किसी भी

चीज के लिए कभी जिद नहीं करता..!! दूसरो की खुशी

में अपनी खुशी को भी भूल जाता..!! और काव्या दीदी

को हमेशा उसकी फिक्र रहती अनय डॉली को बचपन

से पसंद करता है और ये बात वे बहुत अच्छे से जानती

थी और उन्हें भी डॉली बहुत पसंद थी शुरू से ही थोड़ी

चुलबुली, थोड़ी शरारती पर समझदार..!!

शॉपिंग करते हुए सब एक दूसरे से मिल गए काव्या दीदी

को देखते ही डॉली लपक कर उनके पास पहुंच गई..!!

डॉली खुशी से चहकते हुए-ओह माय गॉड दीदी आप

कब आ गई??और हमें पता भी नहीं चला..!! और

आप तो कितनी स्मार्ट ओर ब्यूटीफुल हो गई है..!!

काव्या दीदी उसे गले लगाकर-अरे हमारी प्रिंसेस से

ज्यादा कोई ब्यूटीफुल हो सकता है भला..!! और मैं

सुबह सुबह ही आई और ये दोनों मुझे शॉपिंग के लिए

ले आए..!!

इसके बाद काव्या दीदी सबसे मिली फिर सब केंटीन में

आ गए..!!

सबने अपनी अपनी पसंद से ऑर्डर किया..!! राज

कोशिश कर रहा था एंजल से बात करने की पर डॉली

ने उसे इग्नोर कर दिया..!!

कैंटीन में बैठकर बातें करते हुए सबने थोड़ा बहुत खाया

पिया और घर आ गए..!!

काव्या दीदी-तो... डॉली घर आओ यार तुम..!! कितने

टाइम बाद मिल रहें है हम..?? मिलकर थोड़ी यहां वहां

की गपशप करेंगे..!!

डॉली-अरे दीदी आप बुलाओ और हम ना आए ऐसा हो

सकता है क्या..??

अनय उसकी बात सुन मुस्कुरा दिया..

डॉली ने प्रमोद जी और बड़े पापा को उनके कपड़े दिखाए

दोनों को ही बहुत पसंद आए डॉली दादू के लिए भी लेकर

आई थी वो भी उसने उन दोनों को दिखाए..!!

डॉली-पापा, बड़े पापा दादू-दादी को बोलो ना वो जल्दी

वापस आ जाए, उनके बिना उनकी डॉली को कुछ भी

अच्छा नहीं लगता..!!

बड़े पापा उसे अपने पास बैठाते हुए-प्रिंसेस उन्होंने कहर

था ना जल्दी ही आएंगे, और उनके पास फोन तो है नहीं

की हम उनसे कॉन्टेक्ट कर पाए..!! और बेटा उनकी

इच्छा है देव दर्शन तो कर लेने दो..!!

प्रमोद जी-हां बेटा तुम्हारे दादू और दादी का मन भी कम

ही लग रहा होगा तुम्हारे बिना इसलिए टेंशन मत लो जल्दी

ही आ जायेंगे..!!

सब कुछ देर बाते करने के बाद अपने अपने रूम में

चले गए डॉली और जय गार्डन में आ गए..!!

जय-डॉली क्या बात है राज बात करने की कोशिश

कर रहा है ना कई दिनों से तुम बात क्यू नही कर रही..??

डॉली गुस्से से-हमें नहीं करना उस बन्दर से कोई बात..!!

जय-वो तुम्हारा बचपन का दोस्त है...

डॉली-हां तो बचपन का दोस्त है तो कुछ भी ऊटपटांग

बात करने का हक है क्या..??

जय-डॉली गलती सबसे होती है, उससे भी हो गई और

तुम दोनों तो बेस्ट फ्रेंड्स हो वो भी बचपन के..!! मुझे

पता है एज़ अ फ्रेंड तुम दोनों ही एक दूसरे को बहुत प्यार

करते हो..!! चाहे कितना भी लड़ झगड़ लो आखिर में

एक हो ही जाते हो..!! अच्छे दोस्त नसीब वालों को ही

मिलते है तुम्हें भी मिला है हां वो थोड़ा भटक गया होगा

पर अब एक मौका तो दो उसे अपनी बात कहने का..!!

डॉली उसके गले लगकर-अच्छे दोस्त नसीब वालों को

मिलते है और आप जैसे भैय्या भी हर किसी को नहीं

मिलते आई लव भैय्या..!! आप.. आप अपनी डॉली को

कितने अच्छे से जानते है, बिना कहे ही उसकी सारी

प्रॉब्लम्स सॉल्व कर देते है..!!

जय उसके बालों को सहलाकर-अब क्या रुलाओगी..??

एंड आई लव यू मोर देन माय सेल्फ...!! तुम्हें पता है मैं

इस दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार सिर्फ अपनी डॉली से

करता हूं मम्मा पापा से भी ज्यादा..!!

डॉली अपनी गीली पलकों को साफ कर-हम्मम... हम

जानते है ये तो..!! और हम भी अपने भैय्या से बहुत

प्यार करते है..!!

जय मुंह बनाते हुए-पर तुम सबसे ज्यादा दादू-दादी फिर

ममा पापा उन सबके बाद मुझे...!!

डॉली-नहीं हम आपको और दादू दादी को इक्वल प्यार

करते है थोड़ा भी कम ज्यादा नहीं..!!

जय-हां लगा लो मस्का कल तुम्हें बदले में गिफ्ट जो

चाहिए..!!

डॉली खिलखिलाते हुए-वो गिफ्ट वाला प्यार अलग है

ये सच्ची वाला है.. चलिए अब अंदर..!!

दोनों ही अंदर चले गए..!!

अगले दिन सब जल्दी ही उठ गए पर डॉली अभी तक

उठी नहीं थी और सब उसे उठा उठाकर थक चुके थे..!!

प्रवीण भैय्या-अरे वो हम सब जो अपनी प्रिंसेस के लिए

गिफ्ट लाए है वो अनामिका जब आयेगी तो उसे दे देंगे

क्या कहते हो...??

नवीन भैय्या-हां और क्या अब वो होती तो झटपट हम

सब को रखी बांध देती..!!

जय-नोट फेयर भैय्या.. जो हमारी प्रिंसेस का है वो किसी

और को क्यों दे भला..

दोनों भैय्या ने अपना सिर पीट लिया...

डॉली भी हंसते हुए उठ गई...!!

डॉली-क्या भैय्या पहले प्लैनिंग तो अच्छे से कर ली होती,

और हां अगर हमारा गिफ्ट किसी को देने के बारे में सोचा

भी तो हम हड़ताल पर बैठ जाएंगे वो भी राखी नहीं बांधने

वाली..!!
 
दोनों भैय्या ने जय को घूरकर देखा तो वो झट से

बाहर निकल भागा.. डॉली भी हंसते हुए बाथरूम चली

गई और वो दोनों भी अब जय के पिछे दौड़े..!!

प्रवीण भैय्या ने जय को पिछे से पकड़ते हुए-क्यों छोटे

तुम दो मिनट का नाटक भी नहीं कर सकते थे..!!

जय मुंह बनाते हुए-मुझे क्या पता था और आप दोनों

ने पहले कुछ बताया ही नहीं अब मुझे कोई सपने थोड़ी

ना आ रहे थे...!!

नवीन भैय्या-चलो ठीक है छोड़ो वैसे भी प्रिंसेस उठ गई

है..!!

********

काव्या दीदी जल्दी उठकर तैयार हो गई और सारी तैयारी

करने लगी मिसेज तिवारी तो काव्या दीदी के आने पर

कुछ ज्यादा ही खुश थी दोनों ने मिलकर अच्छे अच्छे

पकवान बनाए सबकी पसंद का कुछ ना कुछ बनाया था..!!

काव्या दीदी-ममा अनु और राज उठे नहीं क्या अभी तक..??

अनय पिछे से आते हुए-दीदी प्लीज़ अनु मत बुलाया करो

लड़कियों वाला नाम है मैं अनय ही अच्छा हूं..!!

काव्या दीदी-शॉर्ट कट है अनु.. और अब मुझे आदत हो

गई अनु कहने की..!!

अनय-पर आप अकेली ही है जो अनु कहती है.. पर ठीक

है आप जो कहना चाहे पर बस बाहर किसी के भी सामने

अनु मत कहना..!!

मिसेज तिवारी-जाओ अनय बेटा नहा लो और जल्दी आ

जाओ और राज को भी बोलो जल्दी तैयार होकर आए..!!

*******

डॉली ने अपने तीनो भाइयों की पसंद से लाया हुआ

अनारकली ड्रेस पहना जो व्हाइट और रेड के कॉम्बिनेशन

में था और उस ड्रेस में डॉली बहुत खूबसूरत लग रही थी..!!

नीचे आई तो सब लाइन से बैठे थे और वो सब भी कुर्ता

पजामा में खुब जच रहे थे..!! उन सबने सारी तैयारी

पहले ही कर ली थी आरती की थाली भी उन सबने सजा

कर रखी थी..!!

डॉली ने सबसे पहले मन्दिर में और भी जगह-जगह पर

राखी बांधी फिर सबसे पहले दादू की राखी को अलग

रखा और बड़े पापा को तिलक कर राखी बांधी आरती

उतारी मिठाई खिलाई बड़े पापा ने भी उसे मिठाई खिलाई,

उसके बाद उसने अपने पापा को फिर प्रवीण भईया और

नवीन भैय्या और सबसे आखिर में जय को तिलक

कर राखी बांधी आरती उतारी और मिठाई खिलाई जय

ने भी उसे मिठाई खिलाई और उसकी आंखों से काजल

निकाल उसके कान के पिछे लगाया और उसके माथे को

प्यार से चूम लिया..!!

तीनो भाइयों ने अपनी प्यारी बहन के पैर छुए और डॉली

ने ढेर सारा आशीर्वाद दिया और उनकी खुशियों कि

कामना की..!!

डॉली-अब चलिए लाइए हमारा गिफ्ट..!!

सबने बारी बारी उसे गिफ्ट दिया और डॉली खुशी खुशी

उन्हें देखने लगी..!!

उसके बाद वे सभी किचन में चले गए खाना बनाने..!!

******
 
काव्या दीदी ने भी अनय राज और अपने पापा को

राखी बांधी..!!

राज-दीदी ये गलत बात है अभी तो हम कमाते भी नहीं

और आप हमसे गिफ्ट लेकर जो पॉकेट मनी मिलती

है वो भी खतम कर देती है..!!

काव्या दीदी उसका कान पकड़ते हुए-अच्छा बच्चू

साल में एक बार तुम्हारी बहन आती है उसमे भी तुम

अपनी पॉकेट मनी बचाने कि कोशिश कर रहे हो तो

ऐसा तो होने से रहा..!! अरे यही तो दिन होता है तुम

भाईयो को जेब लूटने का..!!

उसके बाद सबने हल्का फुल्का नाश्ता किया क्युकी

आज स्पेशल खाना था तो ब्रेक फास्ट हल्का था..!!

डॉली काव्या दीदी से मिलने आई अनय ने जब उसे देखा

तो उसकी नज़रे उस पर ही थम गई..!!

व्हाइट और रेड कलर के कॉम्बिनेशन में अनारकली ड्रेस

कानों में रेड कलर के बूंदे,खुले बाल, गहरी भुरी आंखें घनी पलके जो काजल लगाने के बाद और भी घनी और खुबसूरत लग रही थी होंठो पर लाईट पिंक लिपस्टिक और होठों के

नीचे का वो तिल जो उसकी खुबसूरती में चार चांद लगाता..

काव्या दीदी ने डॉली को देख उसे गले लगाया..!!

काव्या दीदी अनय की तरफ देखते हुए डॉली से-बहुत

खुबसूरत लग रही हो (फिर आंखों से काजल निकाल

उसके कान के पीछे लगा देती है) नजर ना लग जाए आज

किसी की..!! काव्या दीदी की बात सुनकर अनय ने

झेंपते हुए अपनी नज़रे डॉली से हटा ली पर उसका दिल

मान ही नहीं रहा था उसकी नज़रे जैसे बन्ध सी गई हो,

बार बार घुम फिरकर डॉली पर ही लौट आती...!!

अनय मन में-तुम इतनी खूबसूरत लगोगी तो कोई कैसे

रोके तुम्हें देखने से.. ये धड़कनें भी शोर मचाने लगती

है तुम्हें महसूस कर..!!

डॉली ने अनय को अपनी और एक टक देखते पाया तो

उसकी नज़रे झुक गई काव्या दीदी उसे देख मुस्कुरा दी

और डॉली को अपने साथ रूम में ले गई जहां राज

भी आ गया दोनों के पिछे..!!

काव्या दीदी डॉली को बिठा कर उसके लिए चाय कॉफी

बनाने चली गई..

राज-डॉली प्लीज़ यार बात तो कर लो कबसे मनाए जा

रहा हूं, कबसे कोशिश कर रहा हूं पर तुम तो नकचढी़

चुहिया थी हो ओर रहोगी..!!

डॉली गुस्से से-हां तो तुम भी बन्दर से कम नहीं हो..!!

और अब क्यों आए हो हमसे बात करने जाओ ना अपनी

ज्योति के पास.. दोनों के दोनों हमारे बेस्ट फ्रेंड्स और दोनों

ने ही हमें अपनी जिंदगी से ऐसे लात मारकर निकाल

दिया था..!! तुमने राज एक पल भी नहीं लगाया..

तुम तो बात करना तो दूर हमारी तरफ देखते तक नहीं

थे... फिर अब.. अब क्यों आए हो हमें जरूरत नहीं

तुम जैसे दोस्तों की..!!

राज उसके सामने बैठकर-डॉली यार तब मैं थोड़ा

डिस्टर्ब था मैं मैं नहीं रह गया था ज्योति से प्यार करता था

पर अब नहीं..!! वो हम दोनों की दोस्ती तोड़ने के लिए

ही आई थी प्यार जैसा कुछ तो शायद था ही नहीं...

डॉली हैरानी से-क्या..?? क्या मतलब है तुम्हारा..??

ज्योति तुमसे प्यार नहीं करती थी..??

राज-नहीं वो सिर्फ हमारी दोस्ती से जलती थी और

वहीं तोड़ना चाहती थी उसके पापा का ट्रान्सफर हो

गया और अब वो कुछ एक महीने बाद जाने वाली है,

उसने मुझे कहा था मैं प्यार और दोस्ती में से किसी

एक को चुनू और मैने तुम्हें चुना तब उसने गुस्से में आकर

ये सारी बाते कहीं और उसने ये सब तुम्हारी अनु दी के

कहने पर किया..!!

डॉली-तुम पागल हो क्या अनु दी ऐसा क्यों करेंगी उन्हें

क्या मिलेगा ये सब करके और ज्योति तो हमारी बचपन

की दोस्त है वो ऐसा कैसे कर सकती है..?? और तुमसे

प्यार..??

राज-मुझे नहीं पता कि इन सबमें किसका क्या फायदा

है.. पर तुम्हारा कुछ नुकसान तो जरूर है..!! और मैने

तुम्हें चुना क्युकी मैं अपनी बचपन की इस नकचड़ी

चुहिया के बगैर कुछ नहीं हूं ओर तुम्हें किसी भी मुसीबत

में नहीं देख सकता बिकोज़ आई लव माय फ्रेंड..!!

अनय गेट के पास पहुंचा ही था कि राज की बात सुन

उसके कदम वहीं जम गए आंखों से आंसू बहने को तैयार

थे कुछ कदम पिछे हटते हुए वो अपने रूम में चला गया

डॉली राज की बात सुनकर-पागल है क्या..??

राज-अबे एज ए फ्रेंड आई लव यू ओके कुछ गलत मत

समझ बैठना..!!

काव्या दीदी रूम में आते हुए क्या बात हो रही क्या गलत

नहीं समझना है..??

डॉली-कुछ नहीं ये तो पागल है...!!

राज उसके गले में बाहें डाल-क्या पागल है..?? दीदी

मैने इसे कहां आई लव माय फ्रेंड तो क्या गलत कह दिया,

जैसे हम अपने मम्मा पापा, भाई-बहन को प्यार करते है

वैसे फ्रेंड को भी करते है और तुम तो मेरी बेस्ट फ्रेंड हो..!!

काव्या दीदी-हां ये तो सही है मैं भी अपने दोस्तो से बहुत

प्यार करती हूं..!! चलो कॉफी पियो ठंडी हो जाएगी..!!

डॉली-दीदी दोस्त कहीं नजर नहीं आ रहे कहीं गए है क्या..??

काव्या दीदी ने राज की तरफ देखा और दोनों मुस्कुरा

दिए..!!

राज-क्या बात है आजकल हिटलर से दोस्त हो गए है

भाई..??

काव्या दीदी राज की तरफ देख आई विंक करते हुए-

अरे गया होगा कहीं अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने..!!

डॉली कॉफी पीते हुए रुक गई और उन्हें देखने लगी...

राज-हां और क्या अब भाई है कि इतने हैंडसम, गुड

लुकिंग, लड़कियां तो मरती है उनपर.. होगी उनमें से ही

कोई अब भाई की पसंद ऐसी वैसी थोड़ी होगी उनकी ही

तरह उनकी पर्सनालिटी से मैच करती..

डॉली कुछ ना कहकर बस मुस्कुरा दी और उसकी नकली

मुस्कुराहट काव्या दीदी और राज दोनों ने ही नोटिस

कर ली...!! डॉली का मन नहीं लग रहा था और कव्यर

दीदी और राज दोनों ही उसे जाने नहीं दे रहे थे..!!

इधर अनय रूम में किसी कांच के सामान की तरह टूटकर

बिखरा पड़ा था उसकी आंखें लाल हो चुकी थी..!! जमीन

पर लेटा ऐसा लग रहा था किसी ने उसके शरीर से सारी

ताकत खींच ली हो..!! उसका दिल टूट गया था जिससे

वो अपनी जान से ज्यादा प्यार करता है उससे उसके

छोटे अजीज भाई को भी प्यार यही सोच सोचकर उसका

दिल छलनी हुए जा रहा था..!!
 
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