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प्यार का अहसास

इधर अनय और राज भी घर पहुंचे तो अनय अपनी कॉफी

लेकर रूम में चला गया वहीं राज अपने मम्मा-पापा को

फोटोज़ और जगह के बारे में सब बताने लगा..!!

मिसेज तिवारी-चलो कुछ तो मजे किए तुम लोगो ने यहां

तुम्हारे पापा को देखो जब देखो काम में बिज़ी..!!

मिस्टर तिवारी-अरे भई सब तुम लोगो के लिए ही तो

करता हूं ना अब देखो ऋषिकेश में जो कम्पनी है उसको

भी संभालना पड़ रहा है सोच रहा हूं अनय की पढ़ाई

खतम होते ही उसे ऋषिकेश भेज दूं वो वहीं रहकर काम

सम्भाल लेगा वैसे भी उसे जब भी कुछ ऑफिस का

काम प्रोजेक्ट सौंपता हूं तो मुझसे भी ज्यादा बेहतरीन

काम होता है उसका..!!

राज उनकी बात सुनकर-पर पापा भाई ऋषिकेश में

अकेले सब कैसे मैनेज करेंगे..!! आप उस ऑफिस को

भी यहीं शिफ्ट कर लीजिए..!!

मिस्टर तिवारी-अरे बेटा उसको यहां शिफ्ट करने का कोई

मतलब नहीं बनता है यहां का यहां और वो वहीं ठीक है..!!

इधर जय ने शावर लिया और अनय को कॉल लगा दिया

उसी वक्त अनय भी नहाकर निकला था उसने अपने बजते

हुए फोन को हाथ में ले कॉल रिसीव करते हुए कहा-इतना

तो तुम्हारी बहन भी मुझे याद नहीं करती इन्फेक्ट बिल्कुल

भी याद नहीं करती जितना ज्यादा तुम करते हो..!! वैसे

बोलो क्या हुआ जो इस टाइम कॉल किया..??

जय-अं.. हां वो तुम्हारे और डॉली के बीच कुछ बात हुई

क्या..??मतलब तुमने उससे कुछ कहा क्या..??

अनय-कुछ सोचते हुए-नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं हुई..!!

बाकी जैसे हमेशा बात होती है वैसे ही बात हुई..!! क्यों..??

कुछ हुआ है क्या..??

जय-नहीं वो थोड़ी अपसेट लग रही है और उसे खुद

नहीं पता के वो अपसेट क्यों है..?? मुझे लगा तुमने

उससे अपने दिल की बात कह दी होगी तो..!! खेर देखता

हूं क्या बात है..??

डॉली भी फ्रेश होकर नाईट सूट पहन कर बेड पर लेट गई..

फोन हाथ में लेकर आज की तस्वीरे देखने लगी..!! आ

जाकर उसकी नजर उन दो फोटोज़ पर रुक जाती जो

अनय ने खींची थी..!! पहली जिसमें वे दोनों ही एक

दूसरे को देख रहे थे और दूसरी जिसमें सिर्फ डॉली

ही अनय को देख रही थी..!! उसकी उंगलियां खुद ब खुद

अनय के फेस पर चली गई..!!

डॉली बड़बड़ाते हुए-ये तो कितने ज्यादा हॉट और हैंडसम

लगते है हम तो कुछ भी नहीं है इनके आगे..!! इतने में ही

उसके फोन पर तिवारी जी का कॉल (मतलब अनय का)

आने लगा उसने बिना देर किए कॉल रिसीव कर लिया..!!

डॉली-हैलो..

अनय-क्या बात है पहली ही रिंग में कॉल उठा लिया..??

डॉली झेंपते हुए-व.. वो हम फोटोज़ देख रहे थे तो फोन

हाथ में था..!!

अनय मुस्कुराते हुए-कौनसी फोटोज़ देख रही थी..??

डॉली बिना सोचे ही-वो हम आपकी और हमा... फिर

कुछ रुककर-वो सनसेट वाली..!!

अनय उसकी इस हरकत पर मुस्कुराते हुए-वैसे तुम

परेशान लग रही थी सन सेट पॉइंट पर क्यों..??

डॉली-हम कहां परेशान थे..?? वो तो बस रिंकी और राज

हमें छेड़ रहे थे इसलिए..!! डॉली ने बात खतम कर

अपने सिर पर हाथ दे मारा..!!

अनय-क्यों..?? क्यों छेड़ रहे थे वो तुम्हें..??

डॉली-वो हमें नींद आ रही है गुड नाइट..!!

अनय कुछ बोलता उससे पहले ही डॉली ने कॉल कट

कर दी और फोन को देखते हुए मुस्कुरा उठी..!!

अनय ने अपने फोन में फोटोज़ देखी और राज ने जो

फोटो भेजी थी उसे भी..!! उस फोटो को देखते ही

उसकी मुस्कान डबल हो गई क्युकी उसमे डॉली बहुत

ज्यादा क्यूट लग रही थी..!!

जय डॉली के रूम में आया तो डॉली ने फोन एक

तरफ रखा और उसकी गोद में सर रखकर लेट गई..!!

जय ने उसके सिर पर हल्की थपकियां लगाई जिससे

डॉली को कुछ ही देर में नींद आ गई उसने डॉली को

अच्छे से ओढ़ाया फिर लाईट्स ऑफ कर अपने रूम

में जाकर सो गया..!!

अगली सुबह उनमें से कोई भी कॉलेज नहीं गया सब

थके होने की वजह से नहीं गए और डॉली का मन नहीं

था जाने का..!! उन सबमें सिर्फ अनय, और अनामिका

ही कॉलेज गए थे..!! ब्रेक फास्ट करने के बाद डॉली

अपने रूम में आकर पढ़ने लगी पर उसका मन बिल्कुल

भी नहीं लग रहा था..!! उसने अपने रूम का गेट बन्द

करते हुए एक बार फिर अनय की जैकेट को पहन लिया

इस बार फिर वही खुबसूरत सा अहसास उसे हुआ उसने

आंखों को बन्द किया तो उसे बन्द आंखों से अनय नजर

आया जो उसे ही देख मुस्कुरा रहा था जिसे महसूस कर

डॉली मुस्कुरा उठी तभी उसके कानों में रिंकी की कल

वाली बात गूंजी डॉली यू आर इन लव..!! डॉली ने झट

से अपनी आंखें खोली और जैकेट को उतार कर अलमारी

में रखते हुए सोचने लगी..!! हम.. हमें सच में प्यार हो

गया है..!! क्या सच में ये प्यार ही है..?? हां सही तो

कहा था राज ने हम अनु दी के साथ, जो हमारी बहन

हमारे मामा की बेटी है हम उनके साथ खुल नहीं पाए

और दोस्त के साथ कुछ ही टाइम इन्फेक्ट एक ही दिन

में कंफर्ट फिल करने लगे..!! उनका हमारी केयर करना,

प्यार से बातें करना, प्यार से हमारी और देखना, सिर्फ हमारे सामने गुनगुनाना जो वो सिर्फ अपनी स्पेशल वन के लिए ही गाना या गुनगुनाना चाहते है..!! और हम हमनें तो कभी

उनकी केयर नहीं की कभी उन्हें स्पेशल फिल नहीं करवाया,

पर हम हमें तो आज अहसास हुआ है वो भी सिर्फ रिंकी

और राज की वजह से..!! हम.. हम कैसे करेंगे उनकी

नज़रों का सामना..?? ओह माय गॉड आई एम इन लव..!!

डॉली पूरे घर में नाचते, कूदते और चहचहाते हुए घुम

रही थी..!! जय उसे ऐसे देख मुस्कुरा दिया उसे

समझते देर नहीं लगी कि उसकी प्यारी सी मासूम सी

बहन का कल परेशान होना ओर आज ऐसे खुशी से

नाचने का कारण क्या है..!! उसे पता था जब डॉली

को सही लगेगा तब वो उससे ये बात जरूर शेयर करेगी..!!
 
अब सब अपनी पढ़ाई पर फोकस करने लगे क्युकी दीवाली

के बाद एग्जाम्स होने थे..!! सब अपने नोट्स और

प्रोजेक्ट बनाने में बिज़ी हो गए थे..!! इधर अनामिका ने

भी अपनी चाल चलना शुरू कर दिया था वो किसी भी

कीमत पर अनय को नहीं खोना चाहती थी और डॉली

के आगे तो बिल्कुल भी नहीं..!!

जय डॉली के रूम में जाकर उसके पास बैठकर-हम्म..

तो अब बताओ कल क्या हुआ था जो इतनी परेशान थी,

और आज ऐसा क्या हुआ जो इतनी ज्यादा खुश हो..??

डॉली-आ... वो भईया..

जय-मुझे सब पता है बस तुम्हारे मुंह से सुनना चाहता

हूं, अब बताओ भी..!!

डॉली ने हैरानी से देखा तो उसने कहा-भाई हूं तुम्हारा..!!

तुम्हारी खुशी, परेशानी सबकी वजह पल भर में जान

जाता हूं..!!

डॉली-वो भईया हमें दोस्त से प्यार हो गया है (जय मुस्कुरा दिया उसकी बात सुनकर)और ये अचानक नहीं हुआ..

प्यार तो काफी पहले ही हो गया था पर हमें अहसास ही

नहीं हुआ था अब तक..!! पहले हमें लगता था वो हमारे

दोस्त बन गए है इसलिए हमें उनका साथ अच्छा लगता है,

उनकी बातें अच्छी लगती है, उनके साथ घंटो बिताने के

बाद भी कभी बोर नहीं होते, उनके साथ होते हुए कभी

डर नहीं लगता, उनका छोटी-छोटी बातों पर हमारे लिए

फिक्रमंद होना हमें अपनेपन का अहसास करवाता है,

हम जब उनको अनु दी के साथ देखते है तो हमें... उसने

जय की तरफ देखा जो उसे नम आंखों से देखमुस्कुरा

रहा था,डॉली बोलते हुए रुक गई और जय के सीने से

लग गई..!!

जय उसके बाल सहलाते हुए-मेरी छोटी सी डॉली कब

इतनी बड़ी हो गई पता ही नहीं चला..!!

डॉली-आपकी आंखो में आंसू क्यों है..?? आप खुश नहीं

है क्या..??

जय-नहीं मैं खुश नहीं हूं बल्कि बहुत ज्यादा खुश हूं..!!

(डॉली मुस्कुरा दी) तुमने अनय को अपने लिए चुना...

मुझे खुशी है इस बात की..!! अब ये बताओ अनय से

कब बात करोगी इस बारे में..??

डॉली हड़बड़ाते हुए-क्यों..??

जय मुस्कुरा कर-जब तुम उससे बात करोगे तब ही तो

मैं मम्मा-पापा से तुम्हारे लिए बात कर पाऊंगा ना और

अनय को तो सभी जानते है और पसंद भी करते है तो

वो भी ये जानकर बहुत खुश होंगे..!!

डॉली-वो भईया दोस्त से हम एग्जाम हो जाने के बाद

बात करेंगे और रही मम्मा-पापा की बात तो हम जानते

है हमें देखकर ही वो अंदाजा लगा लेंगे जैसे आपको पता

चला और नहीं तो वो आपसे पूछ लेंगे इतना तो हमें पता

है सबके बारे में..!!

जय-पर अनय को से तो बात कर लो एग्जाम्स तो

दीवाली के बाद मतलब दिसंबर में है और वो भी लगभग

एक महीना चलेंगे तब तक..!!

डॉली-हम नहीं चाहते कि हमारी वजह से उनकी पढ़ाई

डिस्टर्ब हो तो थोड़ा इंतजार कर लेने में बुराई ही क्या है..!!

शाम को राज डॉली के रूम में-डॉली भाई का जैकेट

दे दो...!!

डॉली-क्यों..?? क्यों दे..?? हमारा मतलब हमने वॉश

नहीं करवाया है..!!

राज-वो भाई ने ऐसे ही मांगा है बिना वॉश किए..!!

डॉली ने मुंह बनाया और जैकेट निकाल कर उसे कुछ पल

देख राज के हाथों में थमा दी..!! फिर बोली राज...

राज-हम्मम

डॉली-तुम ज्योति के बिना....

राज उसकी बात काटकर-डॉली... मैं उसका नाम भी

नहीं सुनना चाहता..!! मैने उससे प्यार किया था पर अब

मेरे दिल में उसके लिए कुछ नहीं है ना प्यार ना नफरत..!!

डॉली-पर राज तुमने हमारे लिए उसे नहीं चुना ये तो गलत

बात थी ना और हो सकता है उसने उस टाइम गुस्से में

कह दिया हो वो तुमसे प्यार नहीं करती..!!

राज-डॉली उसने इतनी घटिया बात कही की मैं.....

मैं बता भी नहीं सकता..!!

डॉली-क्या कहा उसने राज.. हम जानना चाहते है..!!

राज-मैं चलता वो भाई की फेवरेट जैकेट है ना तो मैं

रिस्क नहीं लेना चाहता कहीं उन्होंने पिट पीटा दिया तो..!!

कहकर वो चला गया और डॉली उसकी कहीं बात सोचने

लगी..!!

राज ने अनय को उसकी जैकेट थमाई और रूम में आ

गया उसकी आंखों से आंसू बह निकले मैं क्या बताऊं

डॉली तुम्हें उसने तुम्हारी और मेरी दोस्ती पर सवाल उठाए..!!

वो सोचने लगा जब डॉली का एक्सिडेंट हुआ उसके अगले

दिन कॉलेज में..!!

ज्योति राज के पास जाकर-देख आए अपनी प्यारी डॉली

ओह सॉरी डॉली को..!! मर गई या जिंदा बच गई..??

राज गुस्से से-ज्योति क्या बकवास कर रही हो दोस्त है वो

हम दोनों की ओर तुम उसके बारे ऐसे बोल रही हो..!!

ज्योति गुस्से से-तो ओर क्या बोलू हां.. सब जानती हूं मैं..

तुम दोनों के बीच क्या है, क्यों वो तुम्हारे इतने क्लोज़ है..

राज हैरानी और गुस्से से-क्या मतलब है तुम्हारा..?? तुम

अच्छी तरह जानती हो हम बचपन के दोस्त है.. फिर ऐसे

कैसे कह सकती हो तुम और मै तो सिर्फ तुमसे प्यार करता

हूं..!!

ज्योति हंसकर तालियां पीटते हुए-प्यार हां प्यार करते हो तुम

मुझसे और डॉली के साथ बिस्तर शेयर... वो आगे बोलती

उसके पहले ही राज ने उसे एक थप्पड़ जड़ दिया..!!

ज्योति अपना हाथ गाल पर रख गुस्से से चिल्लाते हुए -

थप्पड़ मारने से सच नहीं बदल जायेगा राज तिवारी..

और जिस लड़की की अपनी कजिन तक उसे पसन्द नहीं

करती और उसने अपनी आंखों से तुम्हें और डॉली को

छी मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ रही है..!!

राज गुस्से से अपने जबड़े भींचते हुए-तुम बचपन से

जानती हो डॉली को और मुझे फिर भी इतना घटिया

इल्जाम लगाया वो भी किसी और के कहने भर से और

मैं तुम्हें कोई सफाई नहीं दुंगा क्युकी जहां प्यार होता है

वहां विश्वास भी होता है और तुमने तो....

ज्योति-मैने कुछ गलत नहीं कहा है तुम्हारी गलतियों के

बाद भी मैं तुम्हे एक मौका देना चाहती हूं पर तुम्हें मुझमें

या डॉली में से किसी एक को चुनना होगा..!!

राज हंसते हुए-गलतियां वो जो ना मैने और ना ही डॉली

ने कि.. सिर्फ कहीं सुनी बातों पर यकीन कर लिया तुमने

बस इतना ही प्यार था इतना ही यकी था..!! और एक

बात आज के बाद अपनी शक्ल भी मुझे मत दिखाना

तुम्हारी वजह से मैने अपनी बचपन कि दोस्त का दिल

दुखाया पर अब नहीं..!!

रिंग करते फोन कि आवाज से राज वर्तमान में लौट

आया और बिना कॉल रिसीव किए ही वाशरूम चला गया..!!

इधर अनय जैकेट को सीने से लगाए बैठा था जैकेट से

आरही खुशबू उसे डॉली के करीब होने का अहसास करा

रही थी..!! वो जैकेट को वैसे ही सीने से लगाए हुए सो

गया..!!

अगले दिन से सब फिर कॉलेज जाने लगे..!! डॉली

अनय और बाकी सबके सामने पहले की तरह ही नॉर्मल

थी बस अनय और अनामिका को साथ देख उसे अच्छा नहीं

लगता..!! सब अपनी पढ़ाई पर फोकस करने के लिए

सारे लेक्चरर्स अटेंड करते और छुट्टी होते ही घर निकल

जाते..!! दीवाली की साफ सफाई शुरू हो चुकी थी...!!

रंगाई पुताई का काम शुरू हो चुका था..!! अनामिका

जब तब किसी ना किसी बहाने से अनय के घर पहुंच

जाती और मिसेज तिवारी की हेल्प कराने लगती..!!

मिसेज तिवारी को अनामिका का हेल्पिंग नेचर बहुत पसंद

आ रहा था वे मिस्टर तिवारी के सामने खूब तारीफ के

पुल बांधती उसके..!! अनामिका उन्हें इंप्रेस करने की

कोई भी कसर छोड़ना नहीं चाहती थी..!!

एक दिन मिसेज तिवारी ने उससे अनय को रूम में कॉफी

देने के लिए भेजा और अनामिका तो इसी मौके की फिराक

में थी उसने गेट नोक किया और अंदर गई जहां अनय

अपने पापा का दिया हुआ काम कर रहा था..!!

अनामिका टेबल पर कॉफी रखते हुए-वो आंटी ने तुम्हारे

लिए कॉफी भेजी थी पी लो..!!

अनय लैपटॉप पर नजर गड़ाए हुए ही-हम्मम रख दो..!!

अनामिका-अनय मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी..!!

अनय की नज़रे अब भी लैपटॉप पर थी वो वैसे ही बोला-

हां बोलो क्या बात करनी थी मैं सुन रहा हूं..!!

अनामिका उसका लैपटॉप बन्द करते हुए उसका हाथ

पकड़ ती उससे पहले ही अनय ने अपना हाथ पिछे खींच

लिया और कॉफी मग दोनों हाथों में थाम लिया..!!

अनामिका को उसके हाथ खींचने पर गुस्सा आया पर

उसने गुस्से को काबू में कर हल्की मुस्कान लाते हुए-

अनय पहली बार जब तुम्हें देखा तब ही अपना दिल दे

बैठी थी..!! आई लव यू अनय मैं तुमसे बहुत प्यार करती

हूं और तुम्हारे साथ अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहती हूं..

अनय खड़े होते हुए -देखो अनामिका तुम मुझसे प्यार करती

हो मगर मैं तुमसे प्यार नहीं करता मैं तुम्हारी भावनाओं

की कद्र करता हूं क्युकी दिल पर किसी का जोर नहीं चलता,

अनामिका उसके करीब जाते हुए-अनय मैं तुमसे बहुत

प्यार करती हूं और तुम मुझे मौका तो दो तुम्हें भी मुझसे

प्यार हो ही जायेगा.. प्लीज़ ऐसे इंकार तो मत करो..!!

अनय उससे दूर हटकर-अनामिका मैने कहां ना तुमसे, मैं

नहीं करता तुमसे प्यार..!! और जिंदगी किसी ऐसे के

साथ बिताओ जो तुम्हें चाहे मेरे साथ तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा..

प्लीज़ अनामिका हम सिर्फ दोस्त है वो भी इसलिए क्युकी

तुम जय की कजिन हो नहीं तो मैं लड़कियों से दोस्ती

नहीं करता..!!

अनामिका ने अपने गुस्से को काबू किया ओर बोली-हां

शायद तुम सही कह रहे हो पर हम दोस्त तो रह ही सकते

है ना..??

अनय-हां पर सिर्फ दोस्त ओके..!! प्लीज़ मुझे पापा ने

काम दिया है और उसे जल्दी खतम करना है सो...

अनामिका बनावटी मुस्कान लिए रूम से बाहर निकल

गई..!!
 
कॉलेज में एक हफ्ते की छुट्टियां घोषित कर दी गई थी...!!

अनामिका से काविताजी ने छुट्टियों में घर जाने के लिए

भी पूछा पर उसने पढ़ाई का हवाला दे जाने से इंकार

कर दिया..!! डॉली तो अपनी मम्मा या बड़ी मम्मा के

साथ लगी हुई थी..!! मम्मा हर दिन कुछ ना कुछ बनाती

रहती किचन में और बड़ी मम्मा घर को डेकोरेट करने

के लिए शॉपिंग पर जाती तो डॉली को साथ ले जाती..!!

दोनों भाभियों को आराम करने के लिए कह दिया क्युकी

पूजा भाभी के बाद नेहा भाभी ने भी खुशखबरी सुना दी

थी तो दोनों लगभग पूरे टाइम अपने रूम में ही रह रही

थी सिर्फ सुबह और शाम के टाइम गार्डन में टहलने चली

जाती..!!

गार्डन में टहलते हुए पूजा भाभी-क्या बात है डॉली..??

आजकल तुम बड़ा चहक रही हो..!!

डॉली मुस्कुराते हुए-क्या भाभी आप भी..!! हम तो पहले

भी ऐसे ही थे जैसे अब है..!!

नेहा भाभी-बेटा वो तो दिख रहा है कल तुम्हारे भईया भी

कह रहे थे..

डॉली हड़बड़ाते हुए- क्या कह रहे थे भईया..??

नेहा भाभी-यही की हमारी प्रिंसेस बड़ी हो गई है चाची-चाचू

से कहकर रिश्ता ढूंढने लगते है..

डॉली मुंह बिगाड़ते हुए-अभी से..??

पूजा भाभी-हां भई अब अच्छे रिश्ते रास्ते पर तो मिलते

नहीं ना तो थोड़ी मशक्कत तो करनी ही पड़ेगी.. फिर तुममें

तो सबकी जान बसती है तो ऐसे ही किसी से तुम्हारा रिश्ता

थोड़ी ना पक्का कर देंगे..

डॉली जल्दी से-पर ढूंढने की क्या जरूरत है..??

नेहा भाभी-क्यों तुमने ढूंढ लिया है क्या..??

डॉली खोए हुए-हां ढूंढ तो लिया... फिर दोनों भाभियों

को देखा जो मंद-मंद मुस्कुरा रही थी.. तो उसने शर्म से

नज़रे नीची कर लीं..!!

पूजा भाभी-देखो तो हमारी डॉली कैसे शर्म से लाल हो

गई है..!! भई हमें तो पहले से ही लग रहा था और जय

भईया से अच्छा कौन जानता है तुम्हें बस उनसे ही पूछ

लिया..!!

नेहा भाभी-वैसे पसंद बहुत अच्छी है तुम्हारी..!! साथ में

एकदम परफेक्ट लगोगे.. दोनों एकदम शांत और मासूम

से..!!

डॉली उनकी बातों को सुनकर अंदर भाग गई और दोनों

भाभियां हंसने लगी..!!

घूमकर आने के बाद से अब तक अनय और डॉली दोनों

ही एक दूसरे से बात नहीं कर पाए क्युकी डॉली घर में

हर किसी के साथ बातो में या फिर अपने रूम में पढ़ाई

में बिज़ी होती ओर अनय अपने पापा के लिए ब्लू प्रिंट

बनाने में और कभी अपनी पढ़ाई में..!!

जय भी अब अपने पापा को ऑफिस वर्क में अपने

नॉलेज के हिसाब से हेल्प कर दिया करता था बड़े पापा

की कपड़ो की फैक्टरी थी तो उन्होंने दीवाली तक छुट्टी

दे रखी थी अपने सारे वर्कर्स को..!!

दीवाली से दो तीन दिन पहले डॉली और बड़ी मम्मा कुछ

शॉपिंग के लिए गई हुई थी..!! और अनय भी किसी काम

से बाहर गया हुआ था..!! वो लोग कपड़ा मार्केट गए हुए

थे जहां से उन्हें बेडशीट्स, पर्दे और भी कई चीजें खरीदनी

थी..!! अचानक ही वहां कुछ हफ्ता वसूलने वाले आए

और दुकान दारो से और ग्राहकों से बदतमीजी करने लगे..!!

डॉली ने आगे बड़ कुछ कहना चाहा तो उनमें से एक ने

उसका हाथ पकड़ लिया बड़ी मम्मा ने ये देख हाथ छुड़ाना

चाहा तो उसने उन्हें धक्का मार दिया जिससे एक ठेले के

किनोर से उनका सिर टकराया और वे वहीं गिर पड़ी..

डॉली ये देख जोर से चिल्लाई-बड़ी मम्मा..

डॉली ने अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करी पर कोई

फायदा नहीं हुआ वे सब अब वसूली छोड़ डॉली के

पास आ गए.. ये देख बडी मम्मा ने उठने कि कोशिश भी

की पर सिर में चोंट आने की वजह से उनका सिर चकरा

रहा था...!!

इधर घर में बड़े पापा और सब न्यूज देख घबराए हुए थे..

केदारनाथ में आई बाढ़ में सब कुछ तहस नहस..!!

सब लोग घबराए से थे बड़े पापा अलग अलग न्यूज़ चैनल

बदल रहे थे ये घटना तीन दिन पहले हुई थी और उन सभी

को आज ही किसी जानने वाले ने कॉल कर न्यूज़ देखने

के लिए कहा था..!!

इधर मार्केट में डॉली असहाय सी हेल्प के लिए इधर उधर

देख रही थी पर कोई भी उसकी हेल्प के लिए आगे नहीं

आ रहा था बड़ी मम्मा ने डॉली को रोते देखा तो उन्होंने

पास पड़ा पत्थर उठा कर उनमें से एक को दे मारा..!!

पर उनका निशाना चूक गया और वे सभी हंसने लगे..!!

डॉली रोते हुए-प्लीज़ छोड़ दीजिए हमें, हमने कुछ नहीं

किया.. बड़ी मम्मा...

बड़ी मम्मा की आंखों में भी आंसू आ गए वो अपनी

प्रिंसेस की हेल्प नहीं कर पा रही थी उन्होंने अपने बैग

से धीरे से फोन निकाला और जय को कॉल लगा दिया..!!

जय कॉल रिसीव करते हुए-बड़ी मम्मा आप लोग कहां

है जल्दी आइए.. उसने इतना बोला ही था कि उसे डॉली

की आवाज सुनाई दी जो रोते हुए हेल्प मांग रही थी..

जय घबराकर-बड़ी ममा क्या हुआ है आप कहां है..??

इतनी देर में कॉल डिस्कनेक्ट हो गया..!! जय ने बाकी

सबकी तरफ देखा जो पहले से घबाराए से बैठे थे..!! तभी

घर के लैंड लाइन के बजने की आवाज आई और सब

उसी ओर दौड़ पड़े..!!

बड़े पापा ने जैसे तैसे कांपते हाथो से फोन उठाया जय

दोनों तरफ से परेशान था एक तरफ बड़ी मम्मा और

डॉली और दूसरी तरफ दादू दादी..!!

बड़े पापा ने जैसे ही फोन उठाया उधर से आवाज सुनते

ही उनके चेहरे पर सुकुं के भाव तेर गए और उन्होंने एक

सुकून भरी सांस छोड़ी बाकी सब उन्हें ही देख रहे थे..!!

बड़े पापा फोन पर-पापा आप और माँ है कहां इस वक्त..??

और कैसे है ..??अभी हम लोगो ने टीवी पर न्यूज देखी..

दूसरी तरफ से दादू-हम ठीक है बेटा और तुम्हारी मां भी..!!

और तुम लोग चिंता मत करो हम सब साथ है और ठीक

भी है तुम अभी प्रिंसेस से बात करवाओ बेटा मेरा मन

बड़ा अशांत है उससे बात कर लुंगा तो दिल को सुकून

मिल जाएगा..!!

बड़े पापा ने सबको दादू दादी के ठीक होने की बात बताई

तब तक जय के फोन पर मैसेज नोटिफिकेशन की बिप

हुई उसने जल्दी से देखा जिसमे बड़ी ममा ने लोकेशन

भेजा था..!!

बड़े पापा ने डॉली के बारे में पूछा तो जय जल्दी से

बोला वो बड़े पापा डॉली तो बड़ी मम्मा के साथ शॉपिंग

के लिए गई है..
 
जय जल्दी से बाहर निकला उसने इंस्पेक्टर अजय सिंह

को कॉल कर बताया और लोकेशन भेज दी और खुद भी निकल गया..!!

बड़े पापा ने दादू से भी यही कहा..!!

दादू-बेटा हम अभी ऋषिकेश में है शाम की आरती और

सुबह में स्नान और पूजा पाठ कर कल शाम तक आयेंगे..!!

ठीक है बेटा ध्यान रखना ये तिवारी भी बात करना चाहता है

अपने बच्चों से...

बड़े पापा मुस्कुराते-पापा आप सब भी अपना ध्यान रखिएगा

हम सब इंतजार कर रहे है आपके आने का..!!

इतना कहकर उन्होंने फोन काटा..!! और सबको सब

बताया..!!

इधर मार्केट में आए अनय को भी बेचैनी हो रही थी दिल

तेजी से धड़क रहा था..!!

बड़ी मम्मा को फोन चलाते देख उनमें से एक ने उनके

हाथ से फोन लेकर उस फोन को तोड़ दिया और बड़ी

मम्मा के सिर पर वार कर दिया जिसकी वजह से वे

बेहोश हो गई..!! डॉली को ये देख गुस्सा आया उसने

सामने खड़े आदमी के दोनों पैरो के बीच जोरदार लात

जमाई वो आदमी तड़पकर नीचे जा बैठा..!! उसको

तड़पते देख बाकी सब गुस्से में आ गए उसने डॉली के

बाल खींचते हुए उसे दो तीन थप्पड़ जड़े..!! और उसके

बालों को जोर से खींचा जिससे डॉली की आह निकल

गई..!!

वो आदमी हंसते हुए-देख ले तू जिन लोगो के लिए हमसे

उलझने आई थी वहीं तुझे तड़पते हुए देख रहे है अभी तो

हम सब इन्हे पूरी पिक्चर दिखाएंगे वो भी बारी बारी...

उसने डॉली का दुप्पटा हवा में उड़ाते हुए कहा -

पहले तो तेरे ये रसीले होंठो को पियूंगा... वो आगे कुछ

कहता उससे पहले ही उसके मुंह पर एक जोरदार मुक्का

पड़ा जिससे उसका जबड़ा हिल गया..

डॉली ने जब अपने आप को आजाद पाया तो उसने आंख

खोल कर देखा तो सामने अनय खड़ा था उसकी आंखों

में गुस्सा देख डॉली भी सहम गई..!!

एक आदमी-अबे मारो साले को ज्यादा ही हीरो गिरी

दिखा रहा है लड़की के सामने पहले तो इसे निपटाते

है फिर लड़की को देखेंगे..!!

अनय ने दुपट्टा उठा कर उसके ऊपर रखा और अपने

शर्ट की बाहे फोल्ड करते हुए सबकी और देखा तब तक वे

सब एक साथ अनय पर टूट पड़े पर अनय इतने ज्यादा

गुस्से में था उसकी आंखों में डॉली की ऐसी हालत देख

खून उतर आया..!! एक ने उसके सिर पर डंडे से मारना

चाहा तो अनय ने उसी डंडे को कसकर पकड़ते हुए

उस आदमी को हवा में उछाल दिया तब तक बाकी भी

उसे घेरकर खड़े हो गए.. उसने बारी बारी सबको देखा

और हवा में उछलते हुए सामने खड़े आदमी के सर पर

कोहनी से वार किया वो वहीं गिर पड़ा..!! फिर वही से

उसने पीछे की तरफ घूमकर दूसरे के पेट में लात जमाई,

अब तक वे पांचों आदमी थक कर चूर हो गए थे पर

अनय अब भी वैसी ही हालत में था उसका चेहरा अब भी

गुस्से से तमतमा रहा था उसकी आंखें ही अंगारे बरसा

रही थी उसने सबको तब तक पीटा जब तक

की वे अधमरे ना हो गए..!!

डॉली ने बड़ी मम्मा के ऊपर पानी छिड़का जिससे वे

कुछ ही देर में होश में आ गई और डॉली को देख उसे

अपने सीने से लगा लिया..!!

उन्होंने अनय की तरफ देखा जो बेरहमी से उन सभी को

पिट रहा था तब तक जय भी आ चुका था उसने पहले

डॉली और बड़ी मम्मा को देखा एंजल जय को देखते

ही रोते हुए उसके सीने से लग गई..!! इंस्पेक्टर अजल सिंह

ने आकर उन अभी गुंडों को दबोचा और डॉली के पास

पहुंचे..!!

अजय सिंह-आई एम सॉरी बेटा हमनें आने में देर कर दी..!!

और वे डॉली के सिर पर हाथ फेरते हुए निकल गए..!!

अनय बिना किसी से कुछ कहे वहां से चला गया जय

ने बड़ी मम्मा को सहारा देकर उठाया और दोनों को लेकर

घर आ गया..!!

डॉली गाड़ी में-भईया आप घर में किसी को कुछ नहीं

बताएंगे सब बिना मतलब के परेशान हो जायेंगे..!!

जय-और ये चोट इन्हे कैसे छुपाओगी बड़ी मम्मा की

हालत देखो..!!

बड़ी मम्मा-बेटा डॉली सही कह रही है सब बिना मतलब

परेशान होंगे त्यौहार का टाइम है और ये चोट एक छोटे

से एक्सिडेंट की वजह से लगी है यही कहेंगे सबसे..!!

जय-पर बड़ी मम्मा आप दोनों मार्केट अकेले गए ही

क्यों किसी को लेकर जाते ना अब तो सब फ्री ही है ना

ऑफिस ना फैक्टरी फिर भी आप दोनों अकेले ही चली

गई आप दोनों को कुछ हो जाता तब क्या करते हम सब

लोग..??

डॉली-भईया अब जो होना था हो गया ना हमे क्या पता

था ये सब हो जायेगा..!! आप हमें पेंपर करने की बजाय

गुस्सा कर रहे है..!!

जय ने उसे घुर कर देखा तो वो चुप होकर बैठ गई..!!

इधर अनय घर पहुंच कर अपने रूम में गुस्से से यहां वहां

चक्कर काट रहा था उसकी आंखों के सामने वहीं सब

घुम रहा था उस आदमी का डॉली के बाल पकड़ना,

उसके बारे में इतनी गन्दी बातें करना उसने अपनी मुट्ठियां

भिच ली और दीवार में हाथ दे मारा..!!

घर पहुंचते ही डॉली ने जय से कहा-भैय्या आप बड़ी

मम्मा को ले जाइए हम अभी आते है..!!

बड़ी मम्मा-नहीं प्रिंसेस अब कहीं नहीं जाना अकेले तो

बिल्कुल नहीं..!!

जय-बड़ी मम्मा वो अनय के पास जा रही है उसने ही

तो बचाया ना तो थैंक्यू कहने जा रही होगी..!!

बड़ी मम्मा-हां.. हां बेटा जाओ..

डॉली अनय के घर पहुंची मिसेज तिवारी किचन में थी..

डॉली बाहर से ही-आंटी राज कहां है..??

मिसेज तिवारी-बेटा वो अपने रूम में होगा या फिर अनय

के रूम जाओ दोनों जगह देख लो..!!

डॉली जी आंटी कहकर अनय के रूम की तरफ बढ़ गई..!!

गेट नोक किया तो अनय ने गेट खोला और सामने डॉली

को देखा साइड हटा तो डॉली अंदर आ गई और अनय

ने गेट अंदर से बन्द कर लिया..!!

अनय गुस्से से-क्या जरूरत थी ऐसे अकेले जाने की..!!

किसी को साथ लेकर जाती ना..

डॉली मासूमियत से-हम अकेले कहां गए थे बड़ी ममा

के साथ गए थे..!! वहां भईया भी डांट रहे थे और यहां

आप भी..!! अनय फास्टेड बॉक्स ले आया और डॉली

को बैठने का इशारा किया..!! डॉली बैठ गई तो उसने

कॉटन में थोड़ा सा डेटॉल लेकर उसके होंठो के पास

सूखे हुए खून को साफ करने के लिए हाथ बढ़ाया तो

डॉली झट से का हो गई..!!

डॉली-वो जलेगा हमें नहीं लगवाना..!!

अनय ने उसे घुरा तो वो चुपचाप बैठ गई अनय ने धीरे

धीरे फूंक मारते हुए साफ किया डॉली ने डर के अपनी

आंखें बन्द कर ली..!!

अनय उठते हुए-हो गया खोल लो आंखें.. डॉली ने आंखें

खोल कर अनय को देखा जो बॉक्स को ड्रावर में रख

रहा था..!!

डॉली उसे रोकते हुए-रुकिए आपको भी तो चोट आई है

ना लाइए हम हम पट्टी कर देते है..!!

उसने अनय से बॉक्स लिया और उसके हाथो में पट्टी करते

हुए कहा-हम ना उन सबसे ज्यादा तो आपसे डर गए थे,

कितना गुस्सा था आपकी आंखों में हम.. सच में डर गए

थे.. पर अगर आप नहीं आते तो...

अनय ने उसकी तरफ देखा तो वो चुप हो गई उसकी आंखों

से आंसू बह निकले..

अनय ने अपनी बाहें फैलाते हुए उससे कहा-कैन आई..

वो आगे कुछ कहता उससे पहले ही डॉली उसके सीने

से लग गई..!! अनय ने उसे कसकर पकड़ लिया और

डॉली ने भी..!! दोनों को ही कुछ पल का ही सही पर

सुकून मिल गया..!! अनय ने उसे अपने से अलग करते

हुए कहा-अब से अकेले कहीं नहीं जाओगी मतलब बड़ी

ममा हो मम्मा हो या भाभी किसी के भी साथ जाओ पर

जय या दोनों भाई के साथ जाओ अगर वो ना हो तो

मैं तो हमेशा हूं पर अब ऐसे कहीं नहीं जाओगी और

अब उस मार्केट में तो कभी नहीं जाओगी अगर कुछ

हो जाता तुम्हें तो, अगर मैं वहां नहीं पहुंच पाता तो..!!

अगर इंस्पेक्टर नहीं आता ना तो मैं...

डॉली उसकी बात काटकर-हम ठीक है और आप और

भईया है तब तक हमें कुछ नहीं हो सकता..!!

अनय-डॉली.. कुछ हुआ नहीं है अच्छी बात है पर अगर

कुछ हो जाता तब.. और वो जिस तरह तुम्हें देख रहा था,

तुम्हें उसने छुआ मेरा मन किया उसकी आंखें नोच लू..

उसका हाथ तोड़ दूं..!! मेरी आंखों के सामने वहीं सब

दिखाई दे रहा है कानों में उसकी वाहियात शब्द जो उसने

तुम्हारे लिए इस्तेमाल किए थे...

डॉली उसके एकदम करीब आकर खड़ी हो गई उसने

डॉली की आंखों में देखा जिनमें आज उसे अपने लिए

बेशुमार प्यार नजर आ रहा था वो उसकी आंखों में देखते

ही शांत हो गया सारी बेचैनी खतम हो गई सिर्फ उसकी

आंखों में देखते ही..!!
 
अनय उसे देखते हुए-डॉली.. क्या तुम... तब ही गेट नोक

हुआ और डॉली उससे दूर हट गई अनय ने गेट खोला तो

सामने राज खड़ा था..!!

राज डॉली को देखकर शरारत से-ओह सॉरी.. भाई शायद

मैने डिस्टर्ब कर दिया..

डॉली गुस्से से उसके बाल बिगाड़ते हुए-राज के बच्चे

तुम्हारी तो...

राज-ओह सॉरी वो मुझे पता चला तुम्हारा और बड़ी ममा

का एक्सिडेंट..... (उसके होंठों के किनारे पर कट लगा

देखकर) ये एक्सिडेंट में ऐसा तो नहीं लगता.. बताओ

ये कैसे हुआ..?? डॉली उसे खींचकर बाहर ले आई और

फिर उस सारी बात बताई तो राज को भी बहुत गुस्सा

आया..!!

डॉली-ये बात किसी और को पता नहीं लगनी चाहिए..

सब परेशान हो जायेंगे और ये अंदर क्या लगा रखा था..??

हां क्या बकवास कर रहे थे..??

राज-यार अब भाई के रूम में कोई हो और गेट अंदर से

लोक हो तो कोई क्या समझेगा और वैसे भाई जब कोई

जरूरी काम कर रहे होते है या फिर परेशान होते है तब

ही गेट लॉक करके रखते है पर जब तुम अंदर थी तब...

डॉली उसे मारते हुए-शट अप राज.. हम बस उन्हें देखने

आए थे सच में हमनें आज से पहले हिटलर को कभी

इतने ज्यादा गुस्से में नहीं देखा..!! खेर चलो हम अब तक

घर नहीं गए और अब इस कट को छुपाना पड़ेगा कुछ भी

करके..!!

राज-अरे चिल यार किसी को पता नहीं चलेगा और

तुम्हारी तो कोई गलती नहीं तो पता भी चल जाता है तो..

डॉली-बात वो नहीं है तुम जानते हो ना हमे लेकर सब

कितने परेशान हो जाते है और अगर ये बात पता चली

तो ना जाने क्या करेंगे और फिर हमें कही बाहर भी जाने

नहीं देंगे और वे लोग हर टाइम परेशान होते रहेंगे वो अलग..!!

पर ये दिन हम भूल भी नहीं पायेंगे आसानी से हमने

कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी हो सकता है..!!

राज-चलो कोई नहीं ज्यादा सोचो मत सब ठीक है..

अब जाओ और रेस्ट करो..!!

डॉली घर पहुंची तो सब कुछ एकदम शांत था जय ने

सब सम्भाल लिया था इसलिए डॉली को कोई परेशानी

नहीं आई वो अपने रूम में चली आई और शावर लेने

चली गई.. आंखे बंद करते ही उसे वहीं सब नजर आने

लगा उन सबकी भद्दी आवाजें सुनाई देने लगी वो सबके

सामने मजबूत बन रही थी पर अब उसे सोच सोचकर

डर लग रहा था अगर अनय ना पहुंचा होता तब क्या होता

काफी देर तक सोचने के बाद वो वाशरूम से बाहर आई

और बेड पर आकर लेट गई और लेटते ही उसे नींद लग

गई रात तक भी वो बाहर नहीं आई तो जय उसके रूम

में पहुंच गया और सविता जी भी..!! डॉली नींद में कुछ

बडबडा रही थी और ठंड से कांप भी रही थी जय ने

उसके माथे पर हाथ रखा तो वो बिल्कुल अंगारे की

तरह तप रही थी वो जल्दी से बोला मम्मा डॉली को तो

बुखार है देखिए..!! सविता जी ने भी उसके माथे को

और फिर हाथो को छुआ..!! जय ने जल्दी से फैमिली

डॉ को कॉल किया तब तक सविता जी पानी ओर दो

रुमाल ले आई उसकी माथे पर ठंडी पट्टीयां रखने के लिए..!!

सभी घरवाले वहीं इकठ्ठे हो गए थे बड़ी मम्मा और जय

कुछ ज्यादा ही परेशान हो गए उन्हें पता था डॉली को

बुखार ऐसे ही नहीं आया..!! जय को तो पूरी बात पता

भी नहीं थी ना ही बड़ी मम्मा को क्युकी वे बेहोश हो चुकी

थी और जय बहुत लेट पहुंचा था..!!

डॉ आए उन्होंने इंजेक्शन के साथ ही कुछ दवाईयां भी

लिख कर दी और तीन दिन तक बताए गए टाइम पर

दवाई देने का कहकर चले गए..!!

सविता जी और बड़ी मम्मा दोनों ही डॉली के पास ही

सोई रात में..!!

सुबह बड़ी ममा डॉली के पास रुकी और सविता जी

कॉफी और चाय ले आई तब तक डॉली भी उठ गई..!!

सविता जी ने उसे टेक लगाकर बिठाया ओर चाय के

साथ बिकिट्स दिए..

डॉली-मम्मा मन नहीं है बिल्कुल भी और इतनी चाय

भी नहीं पी जायेगी हमसे..!!

सविता जी-बेटा खाओगी पियोगी नहीं तो दवाई कैसे

लोगी..!! फिर आज शाम को दादू और दादी वापस आ

रहे तब हम उसने क्या कहेंगे..!!

डॉली खुशी से चहकते हुए-सच्ची मम्मा आप सच कह

रही है दादू दादी सच में आ रहे है..!!

सविता जी-हां और तुम्हें देखते ही हम अब को डांट

लगाएंगे की हमने उनकी प्रिंसेस का ध्यान नहीं रखा..!!

डॉली-हां तब तो बड़ा मज़ा आएगा..!!

बड़ी मम्मा-वो सब बाद में पहले ये चाय पियो और कल

पूरे दिनभर कुछ नहीं खाया तो ये बिस्किट्स भी खाने है..!!

डॉली मुंह बनाते हुए-हम नहीं पी पायेंगे मन ही नहीं

कर रहा हमारा..!!

सविता जी-जय आयेगा वहीं तुम्हें लाइन पर ला सकता

है मैं उसे है भेजती हूं..!!

डॉली मुस्कुरा दी पर अगले ही पल मुंह बना लिया..!!

जय रूम में आते हुए-डॉली मम्मा को क्यों परेशान

कर रखा है तुमने..?? फिर बिस्किट चाय में डुबाते हुए

चलो अब चुपचाप मुंह खोलो डॉली ने मुंह खोल चुपचाप

बिस्किट खा लिया फिर चाय भी जय ने ही पिलाई..!!

प्रमोद जी रूम में आते हुए-भई हमें तो लगता है जय

ही हमारी प्रिंसेस की माँ है और पापा भी..!! डॉली हंसने

लगी तो जय बोला-क्या पापा कुछ भी..!! इसके लिए

दादू और दादी है माँ पापा तो..!! मै तो पार्ट टाइम हूं..!!

डॉली हंसते हुए-ऐसी बात नहीं है दादू दादी हमें सबसे

ज्यादा प्यार करते है इसलिए और भईया भी बाकी आप

सबके पास टाइम की कमी है इसलिए आप सब बाद में

आते है..!!

सविता जी-हां ये तो तुम हमेशा ही कहती हो..!! पर तुम

हमारे पास आती ही कब हो जब देखो यहां से वहां तितली

की तरह उड़ती फिरती हो..!!

सविता जी ब्रेकफास्ट बनाने चली गई और बाकी सब

वहीं बैठे गप्पे मारने लगे..!!

इधर राज-पापा दादाजी और दादी आ रहे है ना आज

शाम तक..!!

मिस्टर तिवारी-हां कल ही उन्होंने फोन कर बताया था आज

ऋषकेश में दिनभर रहकर शाम तक आयेंगे..!!

अच्छा है वे लोग पहले ही ऋषिकेश आ गए थे वरना

अगर केदार नाथ में ही होते तो जाने क्या होता..??

मिसेज तिवारी-भोलेनाथ की कृपा से सब ठीक है अब

ऐसी बाते करके मन खराब करने से कोई मतलब नहीं..!!

चलो ब्रेकफास्ट कर लो फिर दूसरे काम भी करना है

कल दीवाली है और ये दोनों लड़के कोई हेल्प नहीं

करते वो तो भला हो अनामिका का जिसने इतनी हेल्प

कर दी..!!

राज को अनामिका का नाम सुनकर बहुत गुस्सा आया,

पर क्या कर सकता था..!!

जय फिर जैसे तैसे थोड़ा बहुत नाश्ता खिलाया डॉली

को और दवाई दी..!! देखते ही देखते पूरा दिन निकल

गया और दादू दादी आ गए सबने उनका वेलकम अच्छे

से किया फूल बरसाए फिर आशीर्वाद लिया..!! दादू

की नज़रे अपनी प्रिंसेस को ढूंढ रही थी जब उन्हें पता

चला कि डॉली की तबीयत खराब है तो वे चुपचाप डॉली

के कमरे में चले आए और दादी और बाकी सब भी..!!

दादू-दादी डॉली के रूम में गए तो देखा डॉली गहरी नींद

में सो रही थी दादू दादी उसके पास जाकर बैठ गए..!!
 
बुखार की वजह से उसका चेहरा उतरा हुआ था दादू ने

प्यार से उसके सिर को सहलाया तो एक जाना पहचाना

स्नेह भरा अहसास हुआ डॉली को और उसने हल्के से

आंखें खोल कर देखा सामने दादू दादी को देख डॉली

ने वीकनेस होने के बावजूद झट से उठते हुए दोनों के

(दादू दादी)गले में बाहें डाल उनसे लिपट गई..!! उसकी

आंखों में आसूं आ गए..!! दादू-दादी की आंखों से भी

आंसू बह चले ये पहली बार था जब वे अपनी लाड़ली

प्रिंसेस से इतने टाइम तक दूर थे..!! बाकी सब भी उन्हें

देख इमोशनल हो गए..!!

दादू नाजयगी जताते हुए-ये क्या बात हुए हम कुछ महीने

दूर क्या रहे हमारी प्रिंसेस ने अपनी हालत ही बिगाड़ ली..!!

डॉली उनसे अलग होकर-दादू हमें बस हल्का सा फिवर

हुआ है..!! अब फीवर को क्या पता था हमारे दादू-दादी

वापस आ रहे है तो वो अपना आना कैंसल कर दे..!!

दादी मुस्कुरा कर-शैतान कहीं की..!! बाकी सब भी

मुस्कुरा दिए..!! सविता जी सबके के टेस्ट के एकार्डिंग चाय कॉफी लेकर आ गई..!!

दादी चाय पीते हुए-यही स्वाद हमने सबसे ज्यादा मिस

किया..!!

डॉली मुंह फुलाकर-और हमें नहीं किया ना, तभी तो हमे

एक भी हिचकी नहीं आई..!!

दादी मुस्कुराते हुए-तुम्हें तो सबसे ज्यादा याद किया हमने..!!

तुम्हारे लिए वहां से बहुत सारे गिफ्ट भी लाए है..!!

डॉली खुशी से-सच्ची..!!

दादू ने मुस्कुरा कर हां में सिर हिलाया..!!

डॉली दोनों से लिपटते हुए-थैंक्यू दादू-दादी आप दुनिया

के सबसे बेस्ट दादू दादी है फिर सबके तरफ देखकर और

आप सब भी बेस्ट है.. पर दादू दादी ज्यादा बेस्ट है बुरा मत

मानना आप सब..!!

इधर दादाजी और दादी के आने घर में पहले जैसी रोनक

लौट आई थी..!! अनय और राज दादाजी और दादी

से मिले और मिस्टर तिवारी ओर मिसेज तिवारी दोनों भी

काफी ज्यादा खुश हुए..!!

दादाजी अनय राज को अपने पास बिठाकर उनसे

पढ़ाई सम्बन्धी बातें पूछने लगे और मि तिवारी से भी

बिजनेस की बातें की..!! मिसेज तिवारी अपनी सासू मां

के पास बैठ उनसे बतियाने लगी..!!

अगले दिन दीवाली थी राज डॉली के पास पहुंच गया

उसके रूम में..!!

राज-क्या यार चुहिया दीवाली के दिन भी सोई हो..!!

डॉली-अरे यार फीवर हो गया था तो गोलियां खाते ही

हमें नींद चढ़ने लग जाती है और फिर वीकनेस भी है..!!

राज-कहीं तुमने उस बात की टेंशन तो नहीं ले ली और

सोच सोचकर बिमार हो गई..!! कम ऑन यार डॉली इसमें

तुम्हारी क्या गलती और वैसे भी मेरे हीरो जैसे भाई ने

हीरो जैसे एंट्री मारकर अपनी हीरोइन को बचा लिया..!!

डॉली-क्या..?? क्या कहा तुमने..??

राज-यार मैं ना सब जानता हूं तो मुझसे कुछ मत

छुपाना ठीक है ना और तुम यार मैने अपनी फिलिंग्स

के बारे में सबसे पहले तुम्हें बताया और तुम.. तुम मुझे

अपना दोस्त ही नहीं समझती..!!

डॉली-राज....... यार जब हमें खुद अपनी फिलिंग्स

समझने में वक्त लग गया तो तुम्हें कैसे बताते..?? और

अभी तो हमें अहसास हुआ है यार..!!

राज-तो तुमने भाई से कन्फेस कर लिया..??

डॉली-नहीं अभी नहीं पर पहले हम सोच रहे थे एग्जाम

के बाद..!! पर अब सोच रहे है वैलेंटाइन्स डे से बेहतर

दिन कोई हो ही नहीं सकता..!!

राज हैरानी से-और तुम्हें पता है ना अभी नवंबर चल

रहा है तुम्हें ढाई महीने वेट करना है हाऊ..?? यार अपनी

फिलिंग्स शेयर करने में इतना टाइम क्यों ले रही हो..??

भाई भी तुमसे प्यार करते है फिर भी वो खामोश बेठे है..

वैसे तुम जानती हो ना की भाई भी....

डॉली-हां हम जानते है और हम चाहते है कि वो पहले

कहे और अगर वो नहीं कहेंगे तो हमने तो करना ही है..!!

तब तक दोस्त बनकर मिल लेंगे..!!

राज-ओह हां तुम्हारा फोन बन्द है, भाई ने तुम्हें कॉल

किए थे और वो यहां आ नहीं सकते तुम तो जानती हो ना

उन्हें ऐसे कहीं भी आना जाना पसंद नहीं..!! तो बात कर

लो अपने हिटलर दोस्त से..!! राज ने जाते हुए कहा तो

डॉली ने तकिया फेक कर उसे मारा तो राज ने हंसते हुए

वापस उसकी तरफ तकिया फेका और बाहर निकल गया..!!

डॉली ने अपने फोन को स्वीच ऑन किया और कुछ

देर सोचने के बाद अनय को कॉल लगा दिया..!! इधर

रूम में फोन लेकर घूमते अनय ने अपने रिंग करते फोन

को देखा और डॉली का नाम देख उसके चेहरे पर बड़ी

सी स्माइल आ गई और दिल ने भी तेजी से धड़कते हुए

अपनी खुशी जाहिर कर दी..!! उसने कॉल रिसीव किया

दोनों तरफ कुछ देर की खामोशी थी दोनों फोन को कान

से लगाए एक दूसरे की सांसों को सुनते हुए एक दूसरे को

महसूस कर रहे थे.. कुछ देर की खामोशी के बाद...

डॉली-हेल्लो....

अनय-हं हां... कैसी हो..?? कल मार्केट वाली बात को लेकर

परेशान मत होना ओके.. अनय ने बड़े ही प्यार से कहा..

डॉली मुस्कुरा कर-हम्मम..

अनय-तुम्हारी आवाज ऐसी क्यों आ रही है कोई प्रॉब्लम

है क्या..?? और आज सुबह गार्डन में क्यों नहीं आई मैं...

डॉली-आप वेट कर रहे थे हमारा या हमारे लिए ही आए थे..

अनय-वो छोड़ो बताओ क्यों नहीं आई..??

डॉली-कुछ नहीं हल्का सा फीवर....

अनय उसकी बात सुनकर-क्या तुम्हें फीवर है..?. कबसे है..??

तुमने बताया क्यों नहीं..?? अब कैसी हो..?? ठीक तो जन्न

हो ना..?? तुम इतनी लापरवाह क्यों हो..?? तुम्हें...

डॉली बीच में ही मुस्कुराते हुए-दोस्त हम बिल्कुल ठीक है,

बस हल्का सा फीवर था इतना परेशान मत होइए आप..!!

अनय-हम्मम.. ठीक है अपना ध्यान रखो और अपना

फोन बन्द मत करना..!!

डॉली-हम्मम.. एक दूसरे को बाय कर कॉल डिस्कनेक्ट

कर दिया..!! डॉली मन में-हम जानते है आप हमें देखना

चाहते है और अभी नहीं पर शाम को दीवाली और दादू

दादी के लिए पार्टी रखी रखी है तब हम आपके सामने होंगे..!! हम भी तो आपको देखना चाहते है.. आपको देखे बिना तो हमारा दिल भी नहीं लगता..!! आपकी आवाज सुन कर

ही दिल खुश हो जाता है..!! पता नहीं क्यों अब तक हम

इस अहसास से भाग रहे थे हमें तो आप पहले से ही पसंद

थे पर ये प्यार कब हुआ ये हमें खुद पता नहीं चला पर

इस प्यार का अहसास बहुत खूबसूरत है..!!

डॉली ने रिंकी और निखिल को भी पार्टी में इन्वाइट किया..!!

धीरे धीरे शाम होने लगी ..!!
 
जय एंजल के रूम में आते हुए-सॉरी दिन भर से आ

नहीं पाया..!! फिर उसके माथे को हथेली से छूकर देखते

हुए-हम्मम.. फीवर तो नहीं है पर वीकनेस तो नहीं लग

रही ना..!! डॉली ने मुस्कुराते हुए ना में सिर हिला दिया..!!

जय ने डॉली को एक पैकेट दिया और कहा इस बार

शॉपिंग पर नहीं जा पाए तो ये मैं अपनी प्यारी सी डॉली

के लिए लाया हूं.. रेडी हो जाओ दादू दादी नीचे ही तुम्हारा

इंतजार कर रहे है..!!

डॉली जय से लिपटते हुए-थैंक्यू भईया.. हम अभी

रेडी होकर आते है..!! जय नीचे चला आया और डॉली

वाशरूम..!! डॉली रेडी होकर नीचे आई तो नीचे पूजा

भाभी मिल गई..!!

पूजा भाभी-बहुत सुंदर लग रही हो किसी की नजर ना

लगे कहते हुए उन्होंने अपनी आंखों से काजल निकाल

डॉली के कान के पीछे लगा दिया..!! दोनों बाहर गार्डन में

आ गई जहां पार्टी रखी गई थी..!! डॉली सबसे पहले

जय के पास पहुंची जो वेटर से कुछ कह रहा था..!!

जय ने डॉली को देख वेटर को जाने का कह दिया..!!

डॉली उसके पास जाकर-अब बताइए आपकी चॉइस

की ड्रेस हम पर कैसी लग रही है..??

जय उसके सिर पर हाथ फेरते हुए-बहुत अच्छी और

मेरी डॉली कुछ भी पहन ले अच्छी ही लगती है इसमें

इस ड्रेस का कोई कमाल नहीं है..!!

डॉली-आपकी बहन है तो आप तारीफ तो करेंगे ही ना..!!

राज रिंकी और निखिल के साथ आते हुए-हां तुम तो

चुहिया हो.. वो तो भईया का दिल बड़ा है इसलिए तारीफ

कर दी..!!

डॉली ने उसे घुर कर देखा तो निखिल ने कहा-इसकी

बात मत सुनो तुम सच में बहुत सुंदर लग रही हो..!!

रिंकी-हम्मम ये है ही इतनी खूबसूरत तो लगेगी क्यों नहीं..!!

राज-हां सही है मै तो बस इस नकचढ़ी चुहिया को चिढ़ा

रहा था..!!

डॉली उन तीनों से बाते करने लगी तभी उसे दादू-दादी

का ध्यान आया तो वो तीनो को थोड़ी देर में आते है

कहकर वहां से निकल गई और जल्दबाजी में सामने से

आते अनय से टकरा गई..!!

उसके बाल उसके चेहरे पर बिखर गए उसकी सैंडल्स

मुड़ने की वजह से उसने बिना देखे ही सॉरी, सॉरी कहना

शुरू किया और अपनी सैंडल को ठीक करने लगी उसकी आवाज सुन अनय ने उसकी तरफ देख कहा-रिलेक्स

डॉली मैं हूं..!!

अनय की आवाज सुन डॉली ने अपने बालों को पिछे कर

सिर उठाकर देखा और झट से मुस्कुराते हुए सीधे खड़ी

हो गई..!! अनय उसे ही अपलक, एक टक देख रहा था..!!

पिस्ता कलर के स्ट्रेट कुर्ते में नेट का वन साइड लिया हुआ

दुप्पटा कानों में ऑक्सीडाइज झुमके, आंखों में हल्का

काजल और होंठो पर लाईट पिंक लिपस्टिक..!! उसके

कुछ बाल अब भी फेस पर ही थे अनय ने उसके बालों

को कानों के पीछे किया और कहा-अब परफेक्ट है..!!

डॉली मुस्कुरा दी दोनों ने एक दूसरे की आंखों में देखा

और कुछ पल आंखों ही आंखों में खो गए..!! पीछे से

जब किसी ने अनय को आवाज दी तो दोनों का ध्यान

टूटा डॉली दादू दादी के पास चली गई और अनय दुसरी

तरफ..!! डॉली दादी दादी के पास गई जहां अनय के

दादाजी और दादी बेठे थे उसने देखते ही उनके पैर छू

लिए..!!

दादाजी-अरे अरे बेटा क्या कर रही हो बेटियां पैर नहीं

छूती.. कहकर उन्होंने उसके सिर पर हाथ फेरा दादी ने

भी उसके चेहरे को प्यार से चूमते हुए कहा-बहुत सुंदर

लग रही हो..!! डॉली मुस्कुरा दी पर डॉली को अनय के

दादाजी और दादी से प्यार मिलता देख अनामिका का

माथा ठनका और वो मिसेज तिवारी के पास जाकर खड़ी

हो गई तो वे उसे देख मुस्कुरा दी..!!

कुछ देर बाद डॉली अपने दोस्तो के बीच जाकर बैठ

गई और सब बातें करने लगे..!!

डॉली, रिंकी और निखिल से-तुम दोनों शादी कब कर रहे

हो..!!

राज शरारत से-क्यों उसके बाद तुम करने वाली हो क्या..??

डॉली ने उसके बाल पकड़ कर हिला दिया..!!

राज चीखते हुए-आह..... चुहिया कहीं की..!! ये सिर्फ

मेरी ही चटनी बनाती फिरती है..!!

डॉली गुस्से से-तुम बात ही ऐसी करते हो की...

रिंकी-अरे बस करो यार कैसे बच्चों जैसे झगड़ रहे हो..!!

और यार शादी तो पहले पढ़ाई पूरी करेंगे उसके बाद

देखेंगे क्या होता है तब तक तो मजे करते है..!!

निखिल-हां यार सुना है शादी के बाद जिन्दगी झंड हो

जाती है..

रिंकी-अच्छा जी तो तुम्हारा ये ख्याल है शादी को लेकर..

राज-भाई ये लड़कियां शादी से पहले तो बड़ी शर्मीली

बनी रहेंगी और बाद में.... डॉली और रिंकी ने उसे खा जाने वाली नज़रों से देखा तो वो इधर-उधर देखते हुए चुप

हो गया..!!

डॉली ने अनय को देखने के उद्देश्य से इधर उधर अपनी

नज़रे दौड़ाई तो उसके जस्ट सामने की तरफ जय के

साथ बैठा अनय उसे ही देख रहा था, डॉली ने अपनी

नज़रे हटा ली पर उसकी आंखें थी की अनय पर ही

जाकर टिक जा रही थी..!!

अनय डॉली को देख मुस्कुरा उठा की तभी अनामिका

आकर उसके सामने बैठ गई जिससे ना डॉली को अनय

दिखे और ना ही अनय को डॉली..!! डॉली अनामिका

के ऐसे बैठ जाने से झल्ला उठी और दूसरी तरफ चली

गई..!! देर रात तक चली उस पार्टी में अनय और डॉली

एक दूसरे से बात नहीं कर पाए सिर्फ अनामिका की

वजह से..!! और अनामिका ने ये जानबुझकर किया

उसने एक पल के लिए भी अनय का पीछा नहीं छोड़ा..!!

खैर पार्टी खतम होने से पहले ही रिंकी और निखिल

जा चुके थे और उनके जाते ही डॉली भी अपने रूम

में आ गई उसे बहुत गुस्सा आ रहा था कि अनय उससे

बात करने नहीं आया..!!

अनय ने जय की तरफ उम्मीद से देखा तो जय ने

अनामिका को काम में उलझा दिया और मौका पाते हि

अनय ने डॉली को ढूंढना शुरू किया पर डॉली कहीं

नहीं थी..!! अनय ने राज से पूछा तब उसने बताया

वो अपने रूम में चली गई..!! अब अनय का चेहरा उतर

गया तो राज ने उसे टैरिस पर जाने कहा अनय ने उसे

देखा तो उसने कहा-भाई आप जाईए मैं डॉली को भेजता

हूं..!!

अनय-नो.. मैं नहीं जा रहा..!!

राज-भाई... मुझे लगता है कि आपको उससे मिलकर

बात कर लेनी चाहिए..!! मुझे पता है वो गुस्से में गई है..!!

आप जाइए तो मै भेजता हूं ना उसे...

उसकी बात सुन अनय चला गया और राज ने डॉली

को कॉल किया..!!

डॉली गुस्से से फोन पर-क्या है..?? नींद आ रही है सोने

दो वरना....

राज-पिछले जन्म में क्या तुम मेरी सास थी क्या..??

वो छोड़ो जल्दी से टैरेस पर आओ कुछ दिखाना है..!!

डॉली-हमें नहीं आना कहा ना हमनें नींद आ रही है..!!

राज कुछ सोचते हुए-डॉली वो भाई को कांच चुभ गया है

और वो यही ऊपर है... उसकी बात पूरी होने से पहले

ही डॉली स्टेयर्स चढ़ टैरेस की तरफ भागी..!! इधर राज

मुस्कुरा उठा और बोला-तुम दोनों ऐसे ही करीब आ पाओगे

और मैं तुम दोनों को एक साथ लाकर ही रहूंगा..!!

डॉली दौड़ते हुए टैरेस पर पहुंची तो उसने देखा अनय

दूसरी तरफ मुंह कर नीचे की तरफ देख रहा था वो जल्दी

से उसके पास पहुंची और उसका हाथ पकड़ अपनी तरफ

घुमाया..!! और उसे देखने लगी..!!

अनय उसे पैनिक होते देख-क्या हुआ डॉली ऐसे क्यों

देख रही हो..!!

डॉली डबडबाई आंखों से उसे देखते हुए-वो आपको

चोट लगी थी ना कहां लगी है चोट हमें.. हमें दिखाईए..!!

अनय-डॉली कौन सी चोट..?? मुझे तो कोई चोट नहीं

आई..!!

डॉली-मतलब उस बन्दर ने हमसे झूट बोला और आपने

उसका साथ दिया.. बहुत बुरे है आप हमें नहीं बात करनी

कहकर डॉली रोते हुए जाने लगी तो अनय ने उसका हाथ

पकड़ लिया..!!

डॉली गुस्से से-हाथ छोड़िए हमारा..!! हमने कहा ना

हमें नहीं बात करनी मतलब नहीं करनी..!!

अनय उसका हाथ छोड़ उसके सामने आकर-पहले बात

सुन लो.. मुझे नहीं पता राज ने क्या कहा तुमसे..?? और

सॉरी तुमसे बिना पूछे तुम्हारा हाथ पकड़ लिया..!!

डॉली को अब अहसास हुआ उसने कुछ ज्यादा ही

गुस्सा कर दिया पर वो भी क्या करती पहले अनामिका

को अनय के साथ देख उसे गुस्सा था जो यहां निकल

गया..!!

डॉली अपने कान पकड़ते हुए-सॉरीईईई........ वो बस

गुस्से में कह दिया हमने..!!

उसने इतनी प्यार से कहा कि अनय मुस्कुरा दिया और

उसकी मुस्कुराहट देख डॉली भी मुस्कुरा उठी..!!

अनय-तुम्हें पता है..

डॉली उसे देखते हुए-क्या..??

अनय-यही की तुम बहुत क्यूट हो, मासूम हो और बहुत

अच्छी हो..!!

डॉली-अम्म... ये तो हम जानते है पर आपको पता है..

अनय मुस्कुराते हुए-क्या..??

डॉली-यही की आप हमसे भी ज्यादा बहुत ज्यादा अच्छे है..!!

अनय ने उसे मुस्कुरा कर देखा फिर कहा-तुमने चेंज कर

लिया मतलब सोने वाली थी..??

डॉली होंठो को सिकोड़ते हुए सिर हिलाकर-हम्मम..

अनय ने अपने जीन्स की पॉकेट से रुमाल निकाल कर उसे

देते हुए-लिपस्टिक साफ करो...

डॉली आंखें बड़ी कर हैरानी से-क्यों..??

अनय-डॉली.....

डॉली ने रुमाल लिया और लिपस्टिक साफ कर फिर

कहा-अब ठीक है हो गई साफ..!!

अनय रुमाल अपने पॉकेट में रखते हुए- हम ठीक है और

ऐसे ही रहा करो तुम्हें जरूरत नहीं है इन सब चीजों की..

डॉली-अरे... ये क्या बात हुई हमें जरूरत नहीं है..!! और

वैसे भी पार्टी और शादियों में ही तो लगाते है कौन सा

रोज लगाकर घूम रहे है..!! और फिर आपको क्या

प्रॉब्लम हो गई लगाई तो हमने है..

अनय-हां वो तो है पर फिर कभी बताऊंगा मुझे क्या

प्रॉब्लम है..!!

डॉली-वो तो ठीक है पर रुमाल ऐसे क्यों रख लिया..!!

हमारी लिपस्टिक से खराब हो गया है दीजिए हमें हम

साफ करके देंगे..!!
 
अनय-नहीं मैं कर लूंगा साफ..!! चलो काफी लेट हो गया

है जाओ जाकर सो जाओ..!!

डॉली मुंह बनाकर-नहीं अभी नहीं..!! आप बैठिए ना..!!

अनय-डॉली...

डॉली मुंह बनाते हुए धीरे से हिटलर कहीं के फिर उसे

देखते हुए- जा रहे है..!!

ऐसे ही दिन निकलते चले गए और दिसम्बर में सभी के

एग्जाम्स स्टार्ट हो गए अलग अलग टाईमिंग और पढ़ाई

में बिज़ी होने की वजह से सब अपने टाइम पर कॉलेज

जाते और वापस आते यूहीं कड़कती ठंड में एग्जाम देते

महीना बित गया अब सब बेफिक्र थे एग्जाम का जो

टेंशन था वो एग्जाम के साथ ही चला गया अब तो बस

सबने मिलकर थर्टी फर्स्ट और न्यू ईयर के लिए एक बार

फिर मसूरी ट्रिप प्लेन किया..!! इस ट्रिप में भी डॉली,

अनय, जय, राज, रिंकी, निखिल, अनामिका और जय

जाने वाले थे..!! सभी बहुत एक्साइटेड थे क्युकी ठंड

में ऐसी जगहों पर जाने का मजा ही कुछ और है..!!

सब लोग मसूरी के लिए निकल गए और जल्दी ही पहुंच

भी गए..!! वहां कुल्फी जमाने वाली ठंड थी तो पहुंचते

ही सब कॉटेज जाकर बैठ गए..!!

राज-यार इतनी ज्यादा ठंड में तो कुल्फी जमने के

अलावा कुछ नहीं होगा..!!

डॉली-हमें तो बहुत मज़ा आ रहा है बर्फ गिर रही है बिलकुल

फिल्मों वाली फिलिंग...

डॉली, राज से-यार राज ये लोग ना बड़े बोरिंग है..!!

राज-हां ये सब जा रहे अपने रूम में और जाकर दुबक

जायेंगे बिस्तर में..!!

डॉली फुसफुसाते हुए-चलो हम ही चलते है..

जय-चलो सब बाहर खाना बाहर ही खाकर आयेंगे

और पैदल चलते है थोड़ा घुम भी आयेंगे..!!

डॉली और राज ने एक दूसरे की तरफ देखा और बाहर

आ गए..!!

अनय डॉली के पास जाकर-क्या हुआ मुंह क्यों फुला

हुआ है..??

डॉली-आपको उससे क्या..?? आप जाओ अपने दोस्त

के पास..!!

अनय-अच्छा बर्फ में घूमना है..

डॉली मुंह लटकाते हुए-हां पर

अनय धीरे से-मेरे साथ चलोगी..??

डॉली खुशी के मारे अपने हाथ आगे बड़ा उसके गले

लगने वाली थी पर अपने आप को रोकते हुए भईया

नहीं जाने देंगे कहकर वहां से निकल गई..!!

दो दिन घूमने के बाद सब वापस लौट आए..!!

दादू-कैसा रहा प्रिंसेस तुम लोगो का ट्रिप...

डॉली मुंह बनाकर-बोरिंग...

दादू हंसते हुए-क्यों..??

डॉली-और क्या..?? भईया ने अच्छे से घूमने ही भी दिया..

डॉली ऐसा मत करो, यहां मत जाओ, वहां मत जाओ ठंड

लग जायेगी और...

जय-बस भी करो अपना शिकायत का पिटारा..

डॉली-हमें तो ना जाना ही नहीं चाहिए था यहां रहते तो

फ्रेंड्स के साथ न्यू ईयर पार्टी करते मस्ती करते वहां क्या

किया..??..... कुछ नहीं..!! और देखो आज का दिन

न्यू ईयर के दिन भी पार्टी नहीं कर सकते.. क्युकी

दिन निकल गया अब क्या..!! कहते हुए वो अपने रूम

में चली गई और वहीं से चिल्लाई हम सो रहे है प्लीज़

डिस्टर्ब मत करिएगा..!!

उसके जाते हि सब हंसने लगे..!!

रात बारह बजे सब डॉली के रूम में एंटर हुए और उसके

कान के पास जाकर जोर के चिल्लाए हैप्पी बर्थडे प्रिंसेस..

डॉली आंखें मलते हुए उठी ओर बोली-किसका बर्थडे

है आज...

सबने अपने सिर पकड़ लिए जय ने उसे जोर के हिलाया

डॉली-ऑफ्फो भईया हम नाराज़ है आपसे और आप हमें

ऐसे हिला क्यों रहे है..??

सविता जी ने लाईट्स ऑन की उसके बाद सबने बिना

उसकी बात का जवाब दिए एक एक कर उसे गले लगाया

और बर्थडे विश किया..!!

जय-डॉली आज सेकंड जनवरी है ओर ऐसे क्यों देखे

रही हो जैसे तुम्हे कुछ याद ही नहीं..!!

डॉली मुंह बनाकर-वो हम गुस्से में थे तो याद ही नहीं रहा

फिर हमारा बर्थ डे है कहकर खुशी से नाचने लगी और

सब उसे देख हसने लगे..!! डॉली ने रात में ही केक

कट किया और सबने उसे और उसने सबको खिलाया

और उसके बाद जय ने उसका पूरा मुंह केक से पोत कर

टाईमिंग सेट कर एक फैमिली फोटो ली फिर सबने बारी

बारी फोटो खींच वाया अपने रूम में चले गए डॉली ने

भी मुंह धोया और फोन देखा जिस पर अनय, राज

और रिंकी निखिल के कॉल्स और मैसेजेस थे..!!

उसने राज को कॉल लगाया

राज फोन उठाते हुए-चुहिया सो रही थी क्या..??

डॉली-अरे नहीं वो सब लोग बर्थडे विश करने ओरे

केक कटिंग के लिए आए थे..!! वैसे आज हमारा बर्थ डे

है तो इज्जत से बात करो..

राज-ओ चुहिया मैं तो चुहिया ही कहने वाला हूं..!!

बाय द वे हैप्पी बर्थडे..!!

डॉली-जल्दी याद आ गया.. चलो बाकियों से भी

बात कर ले..!!

उसने सबसे बात की उसके बाद अनय को कॉल लगाया-

मन गया बर्थडे..

डॉली-आपको कैसे पता..??

अनय-बस ऐसे ही तुमने कॉल रिसीव नहीं किया तो लगा..

फिर उनसे सर्द आवाज में बड़े ही प्यार से कहा हैप्पी बर्थडे डॉली..

डॉली उसकी आवाज में ही खो गई जब उसने दो तीन

बार डॉली कहा तब-ह.. हां..

अनय-नींद आ रही है क्या..??

डॉली-नहीं..

अनय-तुम्हारे लिए एक सोंग है सुनोगी..

डॉली कुछ सोचते हुए-नहीं सिर्फ गुनगुनाइए...

अनय मुस्कुराते हुए-ओके...

दिल में हो तुम, आंखों में तुम

पहली नजर से ही यारा,

ये इश्क़ की है साजिशे,

लो आ मिले हम दोबारा

अनय-कैसा लगा..??

डॉली मुस्कुराते हुए-बहुत खूबसूरत..!! ओके बाय गुड

नाइट..!!

डॉली की मुस्कुराहट जाने का नाम ही नहीं ले रही थी,

पूरी रात जो उसने रिकॉर्डिंग करी हुई थी वहीं सुनते

हुए निकाली और सुनते सुनते ही कब नींद आई पता

ही नहीं चला..!!

डॉली ने पार्टी के लिए मना कर दिया तो सिर्फ फ्रेंड्स

और घर के लोगों के बीच ही डॉली का बर्थ डे मना..!!

जनवरी का महीना भी झट पट निकल गया और आया

फरवरी..!! डॉली ने अनय को प्रपोज करने की पूरी

तैयारी कर ली थी और ऐसा ही कुछ अनय ने भी सोच

रखा था.. पर कहते है ना जो सोचा हो वो हो जाए तो

बात ही क्या..??

वेलेंटाइन्स डे के दिन ही मि तिवारी और मिसेज तिवारी की

एनिवर्सरी थी उन्होंने काव्या दीदी को भी बुला लिया था..!!

काव्या दीदी-मम्मा ऐसा भी क्या इंपॉर्टेंट था जो आपने

मुझे बुलाया हमेशा तो हम विडियो कॉलिंग पर ही पार्टी

इंजॉय कर लेते थे तो अब...

मिसेज तिवारी-सरप्राइज है और वैसे भी कितने महीने

बीत गए राखी पर आई थी हमारा भी मन करता है अपनी

बेटी से मिलने का..!!

काव्या दीदी उनके गले में बाहें डाल-अच्छा अब इमोशनल

मत होइए आ तो गई हूं..!!
 
इधर कॉलेज में रिंकी डॉली से-डॉली आज तो तुम्हारा

हीरो आया ही नहीं है तो तुम प्रपोज कैसे कर पाओगी

क्युकी घर में तुम उनसे बात भी नहीं कर पाती और राज

भी नहीं आया..!!

डॉली-वो आज अंकल-आंटी की एनिवर्सरी पार्टी है तो

उन्होंने होटेल में पार्टी रखी है उसी की अरेंजमेंट्स देख

रहे है दोनों इसलिए नहीं आए..!!

रिंकी उसके कंधे से अपना कंधा टकराते हुए-क्या बात

है बड़ा पता है तुम्हें..!!

डॉली-अरे यार राज ने कॉल कर बताया था और हां

तुम दोनों को भी बुलाया है पार्टी में वैसे तो उसने कहा

है तुम दोनों को कॉल करेगा..!!

रिंकी-कोई नहीं यार दोस्तों में फॉर्मेलिटी की क्या बात..!!

डॉली-यार आज ना पता नहीं क्यों थोड़ा अजीब सा लग

रहा है..!! कुछ अच्छा नहीं लग रहा..!!

रिंकी-एक बार प्रपोज कर दो उसके बाद सब अच्छा फिल

होगा..!! यार मेरा निखिल भी अपने डैड के काम से

कहीं गया है दोपहर तक आयेगा..!! आज तो बस हम

दोनों ही रह गए चलो शॉपिंग चलते है और फिर मूवी देखेंगे

यहां तो बस बोर ही होना है..!!

डॉली-हां यार चलो कहीं तो कुछ करे..!! दोनों वहां से

शॉपिंग के लिए निकल जाती है..!!

डॉली-यार पहले कुछ खा लेते है..!! दोनों ने एक चीज़

पिज्जा और कोल्ड्रिंक्स मंगाई और फिर बिल पे कर

शॉपिंग करने में बिज़ी हो गई उसके बाद तीन से छह

मूवी की टिकिट ले कर अंदर चली गई दोनों ने कबीर सिंग

देखी और छह बजे के लगभग बाहर निकली..!!

डॉली बाहर निकली की जय की कॉल आ गई..!!

जय-डॉली कहां हो तुम और सब लोग निकल रहे है

पार्टी के लिए...

डॉली-पर भईया इतनी जल्दी..!!

जय-डॉली छह बज रहे है और ठंड का टाइम है अंधेरा

हो गया है तुम बताओ कहां हो..??

डॉली-भईया आप जाईए सबके साथ हम रिंकी और निक्कू

के साथ आ जायेंगे..!!

जय-ठीक है ध्यान रखना और जल्दी आ जाना..!!

डॉली ने जी भईया कहकर कॉल काटी और रिंकी के साथ

उसके घर के लिए निकल गई..!!

सब लोग पार्टी में पहुंचे सारे गेस्ट आ चुके थे..!! अनय

की नज़रे डॉली को तलाश रही थी वो सबके पास पहुंचा..

राज-डॉली कहां है..??

जय-वो रिंकी और निखिल के साथ आने वाली है..!!

राज ने डॉली को कॉल किया डॉली कॉल रिसीव करते

हुए-हां राज बोलो..!!

राज-यार सारे गेस्ट आ गए बस मेरे आलसी लेटलतीफ

दोस्त नहीं आए अब तक..!! कहां हो तुम लोग..!!

रिंकी डॉली से फोन लेकर-यार सुना क्या रहे हो ट्रैफिक

में फंसे है और अभी तो हम मेरे घर जा रहे है..!!

राज-पागल हो क्या..?? घर कब पहुंचोगे ओर तुम

लड़कियां तैयार होने में ही तीन चार घंटे लगा देती हो..

तब तक तो पार्टी खतम..!!

रिंकी-आ जायेंगे यार पार्टी खतम होने से पहले..!! रिंकी

ने कॉल काटा और दोनों बाते करने लगी..!!

इधर पार्टी में मिसेज तिवारी ने अनामिका को एक गिफ्ट

बॉक्स देकर कुछ कहा तो वो लेकर चली गई..!!

कुछ देर बाद मि तिवारी और मिसेज तिवारी ने केक कट

किया और दादाजी दादी, काव्या दीदी, अनय और राज

को खिलाया..!!

कुछ ही पल में अनामिका के ममा-पापा और उसके बड़े

भाई और बहन हॉल में आए... जय और सब उन्हें

हैरानी से देख रहे थे..!! सविता जी भी अपने भईया

भाभी को वहां देख हैरान रह गई वे कुछ पूछती उससे

पहले ही.....

मिसेज तिवारी ने ने सबका अटेंशन अपनी तरफ खींचा

और कहा...

सो लेडिज एंड जेंटलमैन आज यहां एक नहीं दो खुशियां

सेलिब्रेट होने वाली है पहली तो आप सब जानते है....

और दूसरी मेरे बड़े बेटे अनय (उन्होंने अनय को अपने

पास बुलाया) की इंगेजमेंट.. (अनय ने अपनी मम्मा को

हैरानी से देखा उसका दिल काफी तेजी से धड़क रहा था)

जी हां और वो लड़की जो मेरे घर की बहू और मेरे बेटे

की जीवन संगिनी बनेगी वो और कोई नहीं हमारे पड़ोस

में रहने वाली सविता जी की भतीजी अनामिका है सबकी

नजर सीढ़ियों से आती अनामिका पर पड़ी जिसने बहुत

ही खूबसूरत साड़ी पहनी हुई थी..!! अनय का दिल धक्क

से रह गया वहीं काव्या दीदी, राज, जय, दोनों भईया

और भाभी का भी कुछ यही हाल था..!!

मिसेज तिवारी ने अनामिका का हाथ पकड़ अनय के बगल

में खड़ा कर दिया..!!

अनय धीरे से-मम्मा आप क्या कर रही है..??

मिसेज तिवारी-वहीं जो तुम्हे करना चाहिए था और अब

चुप करके खड़े रहो..

अनय ने बोलने के लिए मुंह खोला तो वो बोली-तुम्हें

मेरी कसम.. जब बताना चाहिए था तुमने बताया नहीं..

राज और काव्या दिदी ने भी कोशिश की पर अनामिका

की प्लैनिंग ही ऐसी थी कि कोई कुछ नहीं कर पाया..!!

सब हैरानी से देख रहे थे..!! सविता जी अनामिका के

मम्मा के पास जाकर-भाभी ये सब क्या है, आपने अनामिका

का रिश्ता पक्का कर दिया और हम लोगो को बताना भी

जरूरी नहीं समझा..!! मैने तो उसे हमेशा डॉली से ज्यादा

प्यार दिया..!!

अनामिका की मम्मा-जिज्जी हमको भी कहां कुछ पतर

था वो तो समधनजी का फोन आया उन्होंने बताया कि

बच्चे एक दूसरे को पसंद करते है.. अब दोनों पसंद करते

है लड़का देखा हुआ है, तो हमने भी हामी भर दी..!! अब

भला इतना अच्छा रिश्ता कोई क्यों ठुकराएगा..!!

अनामिका के पापा-क्या हुआ बहना तुम इस रिश्ते से

खुश नहीं हो क्या..!!

सविता जी-ऐसी बात नहीं है भईया मैं खुश हूं पर आप

लोगो ने किसी को कुछ बताया नहीं बस इसलिए... पर

कोई नहीं बच्चों कि खुशी में ही हमारी खुशी है..!!

अनय-मम्मा मैं अभी आया...

मिसेज तिवारी-बेटा सगाई की रस्म हो जाने दो फिर चले

जाना..!!

अनय-मम्मा वाशरूम जाना है कहते हुए वो झट से

निकल गया उसके पिछे पिछे जय भी गया..!!

राज काव्या दीदी से-दीदी मम्मा ऐसा कैसे कर सकती

है..!! भाई ने आज तक अपने लिए कुछ नहीं मांगा और

आज भी वे खामोश खड़े है..!!

काव्या दीदी की आंखों से भी आंसू बह निकले-मैं क्या

कहूं राज, मुझे तो खुद कुछ समझ नहीं आ रहा.. वो

कभी मम्मा के खिलाफ नहीं जायेगा मम्मा ने जो कह

दिया उसके लिए तो वो अपनी इच्छा भी मार देगा पर

मम्मा का कहा जरूर पूरा करेगा..!!

अनय वाशरूम चला गया उसके हाथ कांप रहे थे..!!

डॉली से दूर होने का सोचकर भी उसकी हालत खराब

हो रही थी, आंखों से झर झर आंसू बह रहे थे..!!

अनय रोते हुए ऊपर की तरफ देखते हुए-क्यों किया आपने

ऐसा.. आप तो सब जानते है मेरा डॉली के लिए प्यार, फिर

भी आज आपने उसे मुझसे दूर कर दिया..!! मैने उससे

सच्चा प्यार किया मेरा दिल तो उसके लिए ही धड़कता है,

मैं कभी कह नहीं पाया उससे, उसे खों देने के डर से, पर

आज.. आज तो मैने उसे सच में खो दिया..!! मेरी जिंदगी

में उसकी जो जगह है वो मैं किसी को नहीं दे सकता,

कहते हुए उसने वहां लगे मिरर पर अपना हाथ मार दिया

जिससे उसके हाथ से खून निकल गया हाथ में जगह

जगह कांच घुस गया पर उसे कोई दर्द महसूस नहीं हुआ,

होता भी कैसे दिल में जो दर्द उठा था उससे बड़ा भी

कोई दर्द हो सकता है क्या..??
 
जय ने जल्दी से आकर उसका हाथ पकड़ा और कांच

के टुकड़े निकाल नल के नीचे उसका हाथ किया..!!

जय ने अनय की तरफ देखा जो होश में होकर भी

अपने होश में नहीं था, वो उसे रूम में लेकर गया और

वेटर से फास्टेड किट लाने के लिए कहा..!!

जय मन में-तुम इतने सब्र वाले हो कर इतना बिखर

गए की अपनी चोट का भी एहसास नहीं, मेरी डॉली तो

बहुत ज्यादा सेंसिटिव है जब उसे पता चलेगा तो वो कैसे

सह पायेगी..!!

वेटर ने किट जय को थमाया और चला गया जय ने

अनय की पट्टी की और बोला-अनय अब तुम किसी और

से जुड़ने जा रहे हो जैसे डॉली मेरी बहन है वैसे ही

अनामिका भी..!! भले ही मैं उसे पसंद नहीं करता पर

है तो बहन ही और मैं यही कहूंगा कि मेरी इस बहन का

ख्याल रखना और हो सके तो डॉली को भूल जाना..!!

और हां जल्दी नीचे आ जाना सब वैट कर रहे होंगे..!!

इतना कहकर वो अपने आंसू पौछते हुए बाहर निकल गया..

इधर रिंकी, निखिल और डॉली तैयार होकर निकल गए

थे..!!

रिंकी-यार डॉली आज तो तुम इतनी धांसू लग रही हो ना

की जिसको तुमसे प्यार नहीं होगा उसे भी हो जायेगा और

जिसे है.... वो तो प्रपोज की कर देगा..!! (डॉली मुस्कुरा

दी..) रिंकी उसे मुस्कुराते देख ओय होय मन में लड्डू

फुटा..!! सच्ची यार डॉली आज तो तुम्हारी क्यूट नेस

और हॉटनेस ओवर लोड हो र रही है..!!

निखिल-हां मेरा मन कर रहा है इस झल्ली को छोड़

तुम्हें उठा ले जाऊं..!!

डॉली-पहले अपनी झल्ली से पूछ लो..!!

रिंकी-मर्डर ना कर दू में इसका..!! और ना बकवास कम

करो और ड्राइविंग पर ध्यान दो..!! आज ही पहुंचना है,

पार्टी में..!!

डॉली हंसते हुए-हां वरना पता चले वहां पार्टी खतम

होने के बाद झाड़ू और साफ सफाई का काम हाथ में

आ जाए..!!

अनय बुझे मन से नीचे आया और वापस अनामिका के

बगल में जाकर खड़ा हो गया..!!

राज जय के पास जाकर-भईया आप रोकते क्यों

नहीं आप तो सब जानते है ना फिर क्यों..

जय-राज कभी-कभी हालात हमारे बस में नहीं होते..!!

और अगर वो दोनों एक दूसरे के लिए बने है तो उन्हें कोई

अलग नहीं कर सकता..!!

मिसेज तिवारी ने अनय को अंगुठी पकड़ाई और अनामिका

की मम्मा ने अनामिका को....

मिसेज तिवारी-अनय बेटा हाथ में क्या हुआ..!!

अनय-कुछ नहीं वो कांच लग गया अभी ठीक है..!!

मिसेज तिवारी-पर बेटा वो तुम्हारा सीधा हाथ है और

सगाई की अंगूठी...

काव्या दीदी-कोई बात नहीं मम्मा दूसरे हाथ में पहना

देगी अनामिका...!!

मिसेज तिवारी-हां यही सही रहेगा..!!

मि तिवारी-अरे अनय बेटा अंगूठी पहनाओ बेटा...

अनामिका ने मुस्कुराते हुए हाथ आगे बढ़ा दिया अनय

ने अंगुठी पहनाने के लिए अनामिका का हाथ पकड़ा ही

था कि डॉली जो की रिंकी के साथ अंदर आ रही थी..

ये सब देखते ही लड़खड़ा गई पर रिंकी ने उसे सम्भाल

लिया..!! अनय ने अनामिका को अंगुठी पहनाई और

अनामिका ने अनय को..!! सबने फूल बरसाए और

तालियों की गड़गड़ाहट इस पूरे हॉल में गूंज उठी..!!

डॉली ने अपने आप को संभालते हुए एक तरफ कोने

में जाकर खड़ी हो गई..!!

रिंकी-डॉली..... डॉली चलो यहां से...!!

डॉली ने बिना कुछ कहे उसकी तरफ देखा उसकी आंखों

में समन्दर का तूफान उठ रहा था पर वो अपने आप को

संभाले बैठी थी..!! जय ने उसे देख लिया था पर वो

खुद नहीं जानता था डॉली को कैसे संभाले..!! उसे पता

था उसे देखते ही डॉली टूट जायेगी..!!

रिंकी की आंखें भी नम हो गई उसने निखिल से गाड़ी

निकालने के लिए कहा..

रिंकी डॉली का हाथ पकड़ते हुए-डॉली तुम चलो मेरे साथ

हम घर चल रहे है..!!

डॉली कुछ बोल नहीं पा रही थी उसने रिंकी के साथ जाना

ही सही समझा..!!

अनय की नज़रे डॉली पर ही थी, वो जानता था जो हाल

उसका है वैसा ही डॉली का भी..!! दोनों ने चाहे जुबां से

अपने प्यार का इजहार ना किया हो पर आंखें उनके दिल

का हाल बहुत पहले ही बयां कर चुकी थी..!! पर आज...

जो हुआ उसने दोनो को अंदर से तोड़ दिया था..!!

डॉली के बाहर निकलते ही जय ने उसे डॉली के साथ

जाने के लिए कहा..!! वो जा ही रहा था कि अनय ने

बधाई देते लोगो से साइड हटकर राज को कॉल लगाया..

राज फोन पर-हां.. हां भाई...

अनय-व... वो डॉली.. डॉली बाहर गई है जानता हूं टूट

गई होगी उसके साथ रहना.. कहते हुए उसकी आंखें

छलक गई..

राज-इतना प्यार करते है उससे तो.. खेर आप फिक्र मत

करिए मैं संभाल लूंगा..!!

बाहर निकलते ही डॉली की आंखों का समंदर बह निकला,

रिंकी ने बहुत कोशिश की पर डॉली को वो सम्भाल ही

नहीं पा रही थी..!! उल्टा डॉली को रोते देख वो भी

रो पड़ी..!! राज ने दोनों को देखा और उनकी तरफ

चला गया राज ने डॉली के कंधे पर हाथ रखा तो डॉली

उससे लिपट कर रो पड़ी..!! दिल में दर्द ही इतना था कि

संभाले नहीं सम्भल रहा था..!! निखिल कार लेकर आया

तो रिंकी आगे बैठ गई राज ने जैसे तैसे डॉली को बिठाया,

उसने आज तक डॉली की शरारतें करते हुए, ऊटपटांग

बिना सोचे समझे कुछ भी बोलते हुए, हंसते, मुस्कुराते

हुए देखा था पर आज उसने डॉली को रोते हुए देखा तो

वो खुद अपने आंसू रोक नहीं पाया..!! आखिर उसने

भी प्यार किया था और दिल टूटना क्या होता है उससे

ज्यादा अच्छे से कौन जान सकता है..!! उसे अनामिका

पर गुस्सा आ रहा था पर अपनी मम्मा के आगे वो कुछ

नहीं कर पाया..!!

राज रिंकी से-तुम्हारे घर वाले कहीं गए है ना...

रिंकी-हां गए तो है पर क्यों...

राज-नहीं बस ऐसे ही डॉली की ऐसी हालत देख...

डॉली-हमें... घ.. घर.. नहीं जाना...

राज ने निखिल से रिंकी के घर के पास वाले पार्क के

सामने गाड़ी रोकने के लिए कहा..!! कुछ देर बाद निखिल

ने गाड़ी रोकी तो सब उसने से निकल पार्क के अंदर चले

गए..!!

राज डॉली के पास बैठते हुए-डॉली तुम ठीक तो हो ना..??

तुम भाई को गलत मत समझना प्लीज़..

डॉली आंखों में आसूं लिए-जब वो गलत नहीं तो हम

उन्हें गलत क्यों समझेंगे और ये जो कुछ भी हुआ शायद

भगवान की मर्जी हो इसमें..!! वो कहते है ना मन का

हो तो अच्छा और ना हो तो और भी अच्छा..!! कुछ

अहसास शायद अधूरे ही रह जाते है..!! शायद... आगे

उसके शब्द रोने की वजह से गले में ही अटक गए..!!

तुम बताओ ना राज हमारा प्यार सच्चा नहीं है क्या जो

हमें हमारा प्यार नहीं मिला... हमें अहसास भले ही देर

से हु आ पर प्यार तो हमें उनसे पहले से था ना..!! हम

क्या करे बोलो ना... कहते हुए वो फुट फूट कर रो पड़ी..

रिंकी-डॉली हम है ना तुम्हारे साथ..!! मैं ये नहीं कहूंगी

की भूल जाओ उन्हें क्युकी अपने प्यार को भूलना आसान

नहीं होता, जब हम किसी पे अपना दिल हार जाते है तो

ये फिर हमारी नहीं सुनता अपनी ही करता है पर... तुम्हें

आगे बढ़ना होगा..!!

डॉली-हां.. हम जानते है अब हमारा कोई हक नहीं रहा

वो हमारी अनु दी के......

राज उसका सिर सहलाते हुए -डॉली बस करो अब..

डॉली-तुम्हें पता है हमें अपने लिए दुःख नहीं है... हमारे

पास तुम सब हो, पर वो....... वो अकेले है, हम तो तुम

लोगो के कंधे पर सिर रखकर रो लेंगे..... पर वो.....

निखिल उसके पास बैठते हुए-जय भईया है ना उनके

जैसा दोस्त मैने नहीं देखा वो सम्भाल लेंगे अपने दोस्त को..

इधर पार्टी में

दादू दादी जल्दी ही घर चले गए थे और दोनों भाभी भी..!!

सविता जी-जय..

जय-जी.. जी मम्मा..

सविता जी-डॉली कहां है आई नहीं पार्टी में..

जय-वो मम्मा वो आई थी पर उसकी ड्रेस पर ना ज्यूस

गिर गया था तो उसे अनकंफर्टेबल लग रहा था तो वो

रिंकी के साथ उसके घर चली गई है और रिंकी भी अकेली

थी तो मैने जाने दिया..!!

सविता जी-अच्छा चलो ठीक है..!!

अनय मि तिवारी से-पापा मैं थक गया हूं और दादाजी और

दादी भी थक गए होंगे.. तो मै उन्हें लेकर घर जाना चाह

रहा था...!!

मि तिवारी-अरे हां बेटा जाओ दिनभर से काम में लगे थे,

वैसे भी पार्टी खतम होने को है.. माँ-पापा भी थक गए

होंगे..!!
 
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