• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

प्यार का अहसास

अनामिका-क्या मैं यहां बैठ सकती हूं..??

जय-अरे यार ये भी कोई पूछने की बात है तुम जैसी

खुबसूरत लड़की मेरे पास चलकर आई है तो मैं मना तो

करने से रहा...

अनामिका-तुम फ्लर्ट कर रहे हो..

जय-नहीं बिल्कुल नहीं.. मुझे पता है तुम बुक्ड हो...

अनामिका-हम्मम... तुम्हारी फैमिली कहां है..??

जय इधर उधर नजर दौड़ते हुए-उम्म्म ... रिंकी तो अपनी

फ्रेंड के साथ है मॉम-डैड भी यही कही अपने दोस्तों

रिश्तेदारों में बिज़ी होंगे..!! और बताओ अनय से बात

तो हो ही जाती होगी ना तुम्हारी..

अनामिका-हां... हां हो जाती है...

वो आगे कुछ और पूछता उससे पहले ही अनामिका

वहां से उठकर चली और जय जय के पास चला गया..

अनामिका के जाने के बाद जय सामने खड़े जय के

पास चला आया...

जय जय से गले मिलते हुए -और भाई क्या हाल है..??

जय मुस्कुराते हुए-बस बढ़िया है तुम बताओ कहां हो

आजकल..!!

जय -कुछ नहीं यार बस बिज़नेस के सिलसिले में बाहर

जाना पड़ता है..!! और अनय भाई कैसा है कॉल रिसीव

नहीं करता..

जय-कुछ नहीं बिज़ी होगा वहां का पूरा ऑफिस अकेले

ही संभलता है तो शायद टाइम नहीं मिल पाता हो..!!

जय कुछ सोचते हुए-एक बात पूछूं..??

जय-हां...

जय-अनय और अनामिका की सगाई का क्या चक्कर है..??

मुझे तो लगा था.. अनय और डॉली एक दूसरे को...

जय-हम्मम... पर अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता..

इधर अनामिका ने अनय को कॉल किया पर पूरी रिंग

जाने के बाद भी अनय ने कॉल रिसीव नहीं की तो उसने

झुंझला कर फोन पर्स में रख एक तरफ जाकर बैठ गई..

सब लोग जल्दी ही घर लौट आए क्युकी दोनों बच्चे अभी

छोटे से थे लगभग एक-डेढ़ महीने के..!!अभी तक उनका नामकरण भी नहीं किया गया,सब अलग अलग नामों से

बुलाया करते थे..!! बड़ी मम्मा ने सबसे बात करवा कर

दोनों बच्चों का नामकरण संस्कार का कार्य क्रम रखा

और दोनों बच्चो के लिए पूजा रखवाई..!! चुकी एंजल

बुआ थी और नाम उसने ही रखने थे तो सब उसके पास

जाकर अपनी पसंद के नामों की लिस्ट थमा आते पर

डॉली तो डॉली थी उसने पहले ही दोनों बच्चों के नाम

सोच रखे थे..!! दादू-दादी ने भी अपने मन के नाम डॉली

को बताए..!!

तय समय पर पूजा हुई उसके बाद डॉली ने दोनों बच्चों के

नाम बताए..

प्रवीण भईया-नेहा भाभी के बच्चे का स्नेह और नवीन

भईया-पूजा भाभी के बच्चे का दीप..!! सभी को वो नाम

बहुत पसंद आए..!! शाम को छोटी सी पार्टी रखी गई

क्युकी सभी जान पहचान वाले बच्चों को देखना चाहते

थे आशीर्वाद देना चाहते थे..!!

अगले दिन फिर से सब अपने रूटीन में लग गए..!!

डॉली, राज, रिंकी निखिल कॉलेज में बाकी सब अपने

ऑफिस में..!! धीरे-धीरे दिन बीते और एक बार फिर

रक्षा बंधन का त्यौहार आया पर इस बार काव्या दीदी

नहीं आई..!! अनामिका भी अपने घर नहीं गई और

अनय भी नहीं आया..!! पर डॉली ने अपना रक्षा बंधन

उसी तरह मनाया जैसे हमेशा मनाती आई थी..!!

एक दिन अनामिका की मुलाकात फिर जय से हुई काफी

देर की बातचीत में जय को पता लग चुका था कि अनय

और अनामिका का रिश्ता सही नहीं है..!! पर उसने

अनामिका से कुछ नहीं कहा..!!

कॉलेज में रिंकी ने उन तीनों से मूवी चलने के लिए कहा

तो तीनो मान गए जैसा कि उन चारों को ही कॉमेडी मूवी

पसंद थी तो उन्होंने वहीं देखी..!! और शाम होते-होते

घर लौटने लगे..!! डॉली किसी शॉप पर चल रहे उस गाने

में खो गई...

कभी यादों में आऊँ कभी ख्वाबों में आऊँ

कभी यादों में आऊँ कभी ख्वाबों में आऊँ

तेरी पलकों के साए में आकर झिलमिलाऊँ

मैं वो खुशबू नही जो हवा में खो जाऊँ

हवा भी चल रही है मगर तू ही नही है

फ़िज़ा रंगीन बनी है कहानी कह रही है

मुझे जितना भुलाओ मैं उतना याद आऊँ

हाँ जो तुम ना मिलते होता ही क्या ढूँढ लाने को

हाँ जो तुम ना मिलतेहोता ही क्या ढूँढ लाने को

जो तुम ना होते होता ही क्या हार जाने को

मेरी अमानत हो तुम मेरी मोहब्बत हो तुम

तुम्हे कैसे मैं भुलाऊं
 
राज की आवाज से डॉली अपने ख़यालो से बाहर आई

उसकी पलके भीग चुकी थी पर उसने तुरन्त उन्हें साफ

कर अपने चेहरे पर मुस्कुराहट की चादर ओढ़ ली..

राज उसकी तरफ देखते हुए-क्या हुआ..?? घर नहीं

चलना है क्या..??

डॉली-अरे चलो ना तो हमने कब कुछ कहा..!!

राज उसका हाथ पकड़ते हुए-डॉली बन्द करो यार क्यों

ये झुटी मुस्कान लिए फिरती हो, तकलीफ होती है यार...

अपनी बचपन की दोस्त को ऐसे देखते हुए.. जैसी हो

खुलकर रहो यार तुम लड़ते झगड़ते ही अच्छी लगती हो

और ये झुटी मुस्कान किसी और को दिखाना मुझे नहीं

बहुत अच्छे से जानता हूं तुम्हें..!! मैने कहा था तुमसे

तुम मेरे सामने अपना सुख बांटों ना बांटों अपना दुःख

जरूर बांटना..!! फिर भी ये नम आंखे मुझसे छुपा रही

हो..!! डॉली उसके गले लग मुस्कुरा दी..!!

राज-ये है असली मुस्कुराहट..

डॉली-तुम जैसा दोस्त ना हमें ढूंढने पर भी नहीं मिलता..

अब चलो लेट हो रहा है और ऐसी सेंटी बातें मत किया

करो सुट नहीं करती तुम पर..!! कहते हुए वो मुस्कुरा दी..!!

उसको मुस्कुराते देख राज भी मुस्कुरा दिया..!! दोनों

घर आ गए..!!

घर आकर थोड़ी देर दोनों बच्चों के पास बैठकर बाते

करने के बाद वो अपने रूम में चली गई और डिनर के

बाद दादू-दादी ओर जय के साथ बाहर टहलने निकल

गई..!! डॉली आजकल कम ही बात करती थी बस चुप

करके सबकी बाते सुनती रहती थी..!! कोई उसे कुछ

कहता नहीं था क्युकी अब तक घर के हर सदस्य को

उसकी उदासी और चुप्पी का कारण पता चल चुका था..!!

डॉली और सबके एग्जाम शुरू होने वाले थे और सबका

फाइनल ईयर था तो सब सीरियस होकर पढ़ाई में जुटे

हुए थे..!! धीरे-धीरे एग्जाम भी खतम हो गए अब सिर्फ

एक सेमेस्टर बचा था उसके बाद उनकी डिग्री कंप्लीट..!!

अनामिका और जय की मुलाकाते अक्सर उसी मॉल

रेस्टोरेंट में हो जाया करती थी..!! दोनों ने अपने नंबर

भी एक्सचेंज कर लिए थे..!!

छह महीने भी बीत गए और चारो का कॉलेज खतम

हो चुका था अब चारो ही एक दो महीने इंजॉय करना

घूमना फिरना चाहते थे..!! घर वालो ने भी उन्हें छूट

दे दी..!! फिर क्या था चारों ने पूरा हरिद्वार घुम लिया..

मूवीस देखी शॉपिंग करी..!! डिस्को भी होकर आए..!!

और अब इन सबसे बोर हो गए थे..!! सबने अपने अपने

पापा का ऑफिस ज्वाइन कर लिया..!!

डॉली ऑफिस जाती तो सारे ऑफिस के लड़के उसे

आंखे फाड़ कर देखते..!! डॉली थी ही इतनी सुंदर

उसके होठों के नीचे का तिल उसे और भी ज्यादा

खुबसूरत और आकर्षक बनाता था..!!

जब भी कोई मीटिंग होती तो जय और डॉली ही

मीटिंग अटेंड करते नई पीढ़ी के नए आइडियास क्लाइंट

को बहुत पसंद आते ओर वो तुरन्त ही डील साइन कर लेते..

जय और अनामिका की मुलाकाते अब बड़ गई थी दोनों

फोन पर भी काफी रात तक बाते किया करते थे..!!

अनामिका को उसका स्वीट और केयरिंग नेचर भाने

लगा था ना चाहते हुए भी वो उसकी तरफ खींची चली

जा रही थी..!!

धीरे धीरे ये एक साल भी ऐसे ही निकल गया..!!

मिसेज तिवारी अब अनय की शादी कर देना चाहती थी..

बाकी सब भी उनकी बात से सहमत थे सिवाय राज के..!!

अनामिका को जब ये बात पता चली तो उसकी बेचैनी

बड़ गई..!! जय से मिलते बात करते वो अनय को तो

कहीं पिछे छोड़ आई थी..!! अब उसे समझ आया था

अनय तो बस उसकी जिद था जिसे वो डॉली से छीनना

चाहती थी..!! जो प्यार, अपनापन उसे जय से मिला

जो साथ मिला अकेलेपन में वो कहीं और नहीं मिला..!!

प्यार तो उसे अब हुआ था वो भी जय से अनय से तो

कुछ पल कुछ दिन का अट्रैक्शन था..!! अब उसे जय

से दूर होने का डर सता रहा था... और अब उसे डॉली

और अनय का सच्चा प्यार, प्यार में उनकी तड़प

समझ आ रही थी जो उसी की महरबानी थी..!! अब

उसे अपने आप पर गुस्सा आ रहा था उसने अपनी

ही बहन से उसका प्यार छीन लिया उसे कई बार

तकलीफ पहुंचाई और उसने आज तक कभी शिकायत

भी ना की..!!

अनामिका के मम्मा पापा को सविता जी ने कॉल कर

बुला लिया था शादी की डेट फिक्स करने के लिए..!!

सन्डे को सभी घर रहने वाले थे तो सविता जी और बाकी

सबकी डॉली की टेंशन लगी हुई थी जय ने राज से

कहकर डॉली को दोस्तो के साथ घूमने और मूवी देखने

भेज दिया..!! दोपहर के समय सब डॉली के घर के हॉल

में बेठे हुए थे.. मि तिवारी, मिसेज। तिवारी, दादाजी, दादी

सब इधर ही आ गए थे..!! पंडित जी को बुलाने की तो

जरूरत ही नहीं पड़ी... क्युकी दादू इन सब की अच्छी

जानकारी रखते थे...!! दोनों की कुंडली दादू के हाथ में

थी..!! दादू कुंडली देखते उससे पहले ही अनामिका

बीच में आकर बोल पड़ी..

अनामिका-वो मैं... मैं अनय से शादी नहीं कर सकती...

सब हैरान परेशान से अनामिका को देख रहे थे और देखने

से ज्यादा घूर रहे थे..!!

उन सबकी घूरते देख अनामिका फिर हिम्मत करके बोल

पड़ी-मैं अनय से शादी नहीं करूंगी क्युकी हम दोनों

एक दूसरे से प्यार नहीं करते..!! ना ही मैं और ना अनय..

उसके इतना कहते ही उसके गालों पर एक थप्पड़ पड़ा

जो कि सविता जी ने मारा था..!!

सविता जी-जब प्यार नहीं था तो सगाई के टाइम क्यों

नहीं मना किया...

मिसेज तिवारी हैरानी से-तुमने कहा था कि अनय और

तुम एक दूसरे से प्यार करते हो.. वो सब क्या था..??

अनामिका सिर झुकाए हुए-वो मेरी जिद थी असल में तो

अनय और डॉली एक दूसरे से प्यार करते थे (मिसेज

तिवारी की आंखें फटी की फटी रहा गई, अब अनामिका

ने तो राज और डॉली किं बात कही थी) मैं अनय को

सिर्फ पसंद करती थी जिसे मैने प्यार का नाम दे दिया.. मै

अनय और डॉली को कभी एक होते नहीं देख सकती

थी इसलिए मैने अनय को प्रपोज भी किया था पर उसने

साफ शब्दों में मना कर दिया उसका मुझे रिजेक्ट करना

मुझे अंदर तक चुभ गया और मैने आंटी से झूट कहा कि

मै और अनय... वो आगे कुछ कहती कि मिसेज तिवारी

ने उसे दो तीन थप्पड़ एक के बाद एक जड़ दिए..!!
 
अनामिका के मम्मा पापा और बाकी सब बस अनामिका

की बातो से सदमे में बेठे थे..!!

मिसेज तिवारी गुस्से से-तुम्हारी वजह से पिछले दो सालों

से मेरा अनय घर नहीं आया..!! सगाई के बाद से ही वो

गुमसुम सा रहने लगा था... जबसे ऋषिकेश गया तबसे

उसने कभी फोन पर हां, हूं से ज्यादा बात नहीं की...

तुम्हारी वजह से मैने उसे कसम में बांध दिया और वो

बेचारा मेरी बात को काट भी नहीं पाया..!! तुमने उससे

उसकी खुशियां छीन ली.. तुमने तो अपनी बहन.....

अपनी छोटी बहन जिससे कोई अजनबी भी नफरत ना

करे उस प्यारी मासूम बच्ची की खुशी उसका प्यार छीन

लिया तुमने...

उनका रोना सुन बाकी सबकी आंखे भी नम हो गई...

अनामिका के पापा ने भी उसे एक थप्पड़ मारा-तुम्हारी

बुआ ने तुम्हे हमेशा डॉली से ज्यादा प्यार दिया... और

बुआ ही नहीं इस घर के हर सदस्य ने तुम्हे कभी पराया

महसूस नहीं होने दिया और तुमने इस घर की बेटी के

साथ ही इतना सब कुछ किया सिर्फ अपनी जिद में आकर..

अनामिका रोते-आई एम सॉरी मुझे पता है मैने गलत

किया मैं अपनी ही बहन कि दुश्मन बना गई थी पर

आज मुझे अहसास हो गया है प्यार क्या होता है...

मै अनय से नहीं किसी और से प्यार करती हूं...!! उसने

सबसे माफी मांगी और जय से भी पर जय ने उससे

मुंह फेर लिया..!!

मिसेज तिवारी दादू के पास बैठते हुए-मैं अपने अनय के

लिए आपकी डॉली को मांग ती हूं मुझे मना मत करिएगा..

दादू अपने आंसू साफ करते हुए-हमने तो शुरू से यही

चाहा था और एक बात बता दूं अनय और अनामिका

की कुंडली भी मैच नहीं कर रही..!!

दादू अंदर उठ कर गए और डॉली की कुंडली लेकर

आ गए...!! दोनों की कुंडली मिलाते ही दादू के चेहरे

पर बड़ी सी मुस्कान तैर गई और उनकी मुस्कान देख

सब उत्सुकता से उन्हें ही देख रहे थे.....

सब दादू की तरफ देख रहे थे.. और अनामिका की मम्मा

गुस्से से अनामिका को घूर रही थी वे बिना की की फिक्र

किए उठी और अनामिका को हाथ पकड़ लगभग खींचते

हुए अपने साथ लेकर गई..!!

जय-दादू अब बता भी दीजिए ना और कितना इंतजार

करवायेंगे..!!

उसकी बेसब्री पर सब उसे देख मुस्कुरा दिए..!! मिसेज

तिवारी कहीं ना कहीं अनय की हालत के लिए अपने आप

को जिम्मेदार मान रही थी..!! वहीं मि तिवारी के मन में

भी यही सब विचार आ रहे थे..!!

दादू ने सबकी और देखते हुए मुस्कुरा कर कहा-दोनों

की कुंडली मैच हो गई है और दो मुहूर्त निकले है शादी

के पहला आज से पंद्रह दिन बाद का..!! और दूसरा छह

महीने बाद..!!

दादाजी-मुझे तो पन्द्रह दिन वाला ही ठीक लग रहा है,

कहते हुए उन्होंने बाकी सबकी तरफ देखा और सब

तपाक से बोल पड़े हमें भी..!! और सभी हंस पड़े..!!

पन्द्रह दिन बाद शादी सुनकर सब बहुत खुश हुए..!!

दादू और दादाजी गले मिले-भई अब तो समधी बन गए

है.. मुंह मीठा करवाओ..!! औरते भी सब एक दूसरे के

गले मिली..!! पहले बड़े पापा मि तिवारी से फिर प्रमोद जी

भी मिले..!!

पूजा भाभी किचन में जाकर मिठाई ले आई और कुछ

देर में नेहा भाभी भी चाय कॉफी के साथ हल्का फुल्का

नाश्ता ले आई..!!

दादू-मैं चाह रहा था कि दोनों बच्चों को हम कुछ नहीं

बताऐंगे..!! वो दोनो शादी के बाद ही ये जान पाए कि

उनकी शादी एक दूसरे से हुई है..!! और उन्हें शादी तक

बिल्कुल ना पता लगे कि उनकी शादी किस्से हो रही है

वैसे भी पहले दूल्हा दुल्हन एक दूसरे को शादी के बाद

ही देख पाते थे..!!

सबने बात मान ली..!!

प्रमोद जी-पर पापा डॉली से क्या कहेंगे..?? वो इतनी

जल्दी शादी करने के लिए नहीं मानेगी.. और अगर मान

भी गई तो लड़के से मिलना चाहेगी..!!

बड़े पापा-हां ये तो हमने सोचा ही नहीं और प्रिंसेस को

शादी के लिए मनायेगा कौन..??

दादू समेत सबने जय की तरफ देखा जय हड़बड़ा कर-

सॉरी..... वेरी सॉरी पर मैं ये हरगिज़ नहीं करने वाला..!!

अरे आप लोगो ने मुझे क्या समझ रखा है बहन है वो मेरी

मैं उसके सामने किसी और से शादी करने के लिए कहूंगा

तो वो एक बार फिर टूट जायेगी और ये मैं बिल्कुल नहीं

देख पाऊंगा..!!

सविता जी-मुझसे भी नहीं होगा मैं भी नहीं देख सकती

उसको रोते टूटते हुए..!!

दादी-पर ये आखिरी बार होगा इसके बाद तो वो हमेशा

खुश रहेगी..!! अब जिंदगी भर की खुशी के लिए एक

बार आंसू तो देखने ही पड़ेंगे और फिर जब पूरा परिवार

साथ है उसके इतने अच्छे दोस्त है फिर चिंता करने

की कोई बात नहीं..!!

बड़ी मम्मा-पापा आप ये काम आसानी से कर पायेंगे..!!

डॉली आपसे बहुत प्यार करती है आप कहेंगे तो मान

जायेगी या फिर अगर वो मना करे तो आप तुरंत बीमार

होने की एक्टिंग कर लेना..!!

सब मान गए फिर भी एक परेशानी थी...

मि तिवारी-डॉली ने पूछ लिया उसकी शादी किससे हो

रही है या उसने मिलने के लिए कहा तब.. तब क्या करेंगे

आप लोग..!!

दादू-जहां तक मैं अपनी प्रिंसेस को जानता हूं वो लड़के

का नाम तक नहीं पूछेगी देखना और मिलना तो बड़ी

दूर की बात है और शादी हम ऋषिकेश से ही करेंगे वैसे

भी प्रिंसेस को अब तक पता नहीं चला कि अनय यहां

ना होकर ऋषिकेश में है..!!

सब ने सब कुछ तय कर लिया उसके बाद अनय की

फैमिली अपने घर चली गई..!!

इधर रूम में अनामिका की मम्मा ने गुस्से में दो चार

थप्पड़ बरसा दिए थे डॉली के ऊपर...

अनामिका की मम्मा-पागल हो गई हो क्या..?? इतना

अच्छा हाथ आया लड़का ठुकरा दिया तुमने..!! इतनी

मेहनत करके यहां तक पहुंचे थे..!! तुम्हारी अक्ल घास

चरने गई है क्या..?? जो बाहर ये पागलपन कर आई..!!

अरे वो ऋषिकेश में अकेला बंगलों में रह रहा है पूरा

ऑफिस सम्भाल रखा है उसने एश करती पता नहीं

क्या प्यार का भूत सवार हो गया है..??

अनामिका-ममा प्लीज़...!! मैं जो कर चुकी हूं मुझे

अफसोस है इस बात का की मैने अपनी ही बहन के साथ

इतना गलत किया..!! आज जब मुझे सच्चा प्यार हुआ है

इस प्यार के अहसास की वजह से ही मुझे अपनी गलतियों

का अहसास हुआ है मैने दो प्यार करने वालों को जुदा

कर दिया..!! मुझे तो अपने आप पर शर्म आ रही है और

आप है कि....!! खेर बहुत हो गया हम आज ही यहां

से चल रहे है... अब और मै किसी को तकलीफ नहीं

देना चाहती..!!

अनामिका के पापा रूम में आकर-बेटी सुधर गई है तुम

भी सुधर जाओ उसकी अक्ल तो ठिकाने पर है पर लगता

है तुम्हारी ही नहीं है..!! सही कह रही है अब उसके यहां

रहने का कोई मतलब नहीं बनता एक बहन ही बहन कि

दुश्मन बना गई और वो भी तुम जैसी माँ की वजह से..!!

अनामिका की मम्मा चुप कर गई वो कुछ कह ही नहीं

सकी..!! अनामिका ने जय को कॉल कर मिलने के लिए

बुलाया और वो भी उसी जगह पहुंच गई जहां जय आने

वाला था..!!
 
जय को आते देख अनामिका खुशी से चहक उठी..!!

जय-क्या हुआ तुमने यहां इस वक्त बुलाया सब ठीक तो

है ना..!!

अनामिका-वो जय मैने अनय से सगाई तोड़ दी और शादी

से भी इंकार कर दिया..!!

जय हैरानी से उसे देखने लगा..

अनामिका-वो जय मुझे.. तुमसे प्यार हो गया है..!! आई

लव यू..!! पता नहीं कब बातें करते, मिलते हुए मै तुम्हारी

तरफ खींची चली गई..!!

जय-अनामिका ये क्या कह रही हो..?? मैं तुमसे प्यार

नहीं करता और मैने तुम्हे एक दोस्त से ज्यादा कुछ नहीं

माना और मुझे सब कुछ पता है तुमने डॉली और अनय

के साथ जो किया..!! तुम्हे पता है जब मैने डॉली को

पहली बार देखा तभी उससे प्यार हो गया था..!! खेर

मुझे पता लग चुका था एंजल किसी और से प्यार करती

है फिर भी मै अपने आप को रोक नहीं पाया पर मैने

उसे कभी हर्ट भी नहीं किया.. जब आप किसी से प्यार

करते है तो हमारी खुशी से ज्यादा हमें दूसरे की खुशी

दिखाई देती है.. वो प्यार ही क्या जहां आप अपनी खुशी

के लिए दूसरे को तकलीफ पहुचाओ..!!

अनामिका के आंसू निकल पड़े पर वो कहते है ना जैसी

करनी वैसी भरनी..!! जय अपनी बात कह वहां से निकल

गया और अनामिका घर लौट आई शाम को ही वो अपने

मम्मा पापा के साथ वहां से चली गई..!!

डॉली और राज भी दिन भर घूमने के बाद घर आ

चुके थे..!! डॉली को देख सब एक दूसरे को इशारे कर

रहे थे..!! डॉली पानी पीते हुए उन सबको देखे जा रही

थी..!!

डॉली-क्या हुआ..?? आप सब एक दूसरे को क्या इशारे

कर रहे है..!! भईया आप बताइए क्या हुआ..!!

जय मुस्कुराते हुए-वो.... वो हम सोच रहे थे कि तुम

आज पूरा दिन घुम कर थक गई होगी तो कल ऑफिस

से छुट्टी कर लो..!! उसके इतना कहते ही सबने सिर

पिट लिया..!! डॉली सबको देखते हुए अपने रूम में

चली गई..!!

उसके जाते हि खुसर फुसर होने लगी..!! और सब aarv

पर झल्लाने लगे..!!

जय-वो कल घर रहेगी तभी तो दादू अच्छे से बात कर

पायेंगे ना..!! दादू बस थोड़ी कम एक्टिंग करना हॉस्पिटल

वाली मत करना..!! दादू उसे घुर कर देखने लगे..!!

सब बड़े दिनों बाद इतने खुश थे..!!

राज को मिसेज तिवारी ने सब बता दिया था और उसका

मन कर रहा था वो डॉली और अपने भाई दोनों को

चीख चीखकर बता दे कि दोनों की शादी होने वाली है..!!

पर जैसा की तय हुआ था वो सब भी उन्होंने उसे बताया

तो उसका मुंह उतर गया..!!

राज ने अपने रूम में आकर रिंकी और निखिल को

कॉन्फ्रेंस कॉल किया और सारी बाते बताई तो वो दोनों

भी बहुत खुश हुए..!! आखिर उन सबने ही डॉली को

रोते बिलखते देखा था अपने प्यार के लिए तड़पते देखा

था..!! राज को अनय का ख्याल आया तो उसने मिसेज

तिवारी से बात की ओर अपना बैग पैक कर ऋषिकेश

जाने की तैयारी करने लगा..!!

मि तिवारी ने अनय को कॉल कर पन्द्रह दिन बाद शादी

होने की बात बता दी थी पर ये नहीं बताया कि अनामिका

की जगह डॉली होगी..!!(वैसे अनामिका की जगह

डॉली कहना गलत होगा क्युकी अनामिका ने डॉली

की जगह लेने की कोशिश की थी पर अब डॉली अपनी

जगह पर ही होगी)

अगली सुबह डॉली गार्डन की तरफ जा रही थी तो उसे

राज बेग लेकर जाते दिखा उसने वहीं से आवाज लगाई..

डॉली चिल्लाकर-राज)))))))))..........

राज ने पलट कर देखा तो उसने इशारे में ही पूछा...

राज को कुछ समझ नहीं आया तो वो उसके पास आया-

हां क्या कह रही थी..??

डॉली-कहीं जा रहे हो..??

राज कुछ सोचते हुए-हां वो.....

डॉली-वो छोड़ो..!! कब आओगे..??

राज-बस एक दो दिन में ही..!! अच्छा चलो लेट हो रहा

हूं ख्याल रखना अपना और कुछ बात हो कॉल कर लेना..!!

डॉली मुस्कुरा दी और राज उसे साइड हग करके निकल

गया..!! डॉली ने एक नजर राज के घर पर डाली और

गार्डन में चली आई..!!

उसका कुछ मन नहीं किया तो वहीं पड़ी बेंच पर बैठ गई..

डॉली मन में-पड़ोस में होने के बाद भी हमने आपको

पिछले दो सालों में एक बार भी नहीं देखा..!! हम मानते

है पहले हम ही आपसे बचते फिर रहे थे और अब शायद

आप..!! पता नहीं क्यों बहुत मन कर रहा है आपसे बाते

करने का, आपसे शिकायते करने का..!! मन कर रहा है

आपको अपने सामने बिठाकर जी भर के देखे..!!

ऋषिकेश में अनय ने जबसे शादी की बात सुनी एक बार

फिर डॉली से दूर होने का डर लौट आया अब तक इस

उम्मीद में था शायद कुछ ऐसा हो जाए कि वो और डॉली

एक हो जाए..!! पर आज उसकी उम्मीद खतम हो गई..

कभी शराब को हाथ ना लगाने वाले अनय ने आज अपने

आप को पूरी तरह डूबा लिया था..!!

राज जब ऋषिकेश पहुंचा तो अनय घर में नहीं था उसने

कई कॉल किए पर उसने रिसीव ही नहीं किए..!! उसने

ऑफिस का सोच डिस्टर्ब नहीं किया..!!

रात होने को आई पर अनय नहीं लौटा तो उसने

वहां की देखरेख करने वाले काका से पूछा...

राज-काका... भाई कही गए है क्या ऑफिस में भी नहीं

है आपसे कुछ कह कर गए थे क्या..??

काका-जी छोटे बाबा वो अनय बाबा तो सुबह सुबह ही

कहीं निकल पर कहां जा रहे है कुछ बताकर नहीं गए...

राज ने कई कॉल किए तब जाकर कॉल रिसीव हुआ

वो कुछ कहता उससे पहले ही उधर से कुछ कहा गया और

राज जल्दी से गाड़ी निकाल वहां पहुंचा..!! अनय को

देख उसकी आंखे फटी की फटी रहा गई पूरी तरह नशे

में डूबा हुआ वो नीचे जमीन पर पड़ा था..!! राज ने

वेटर की हेल्प से अनय को पिछे सीट पर लिटाया और

गाड़ी ड्राइव कर घर पहुंचा..!! काका की हेल्प से उसने

अनय को उसके रूम तक पहुंचाया..!!

राज-क्या भाई रोज....

काका-नहीं.. नहीं बाबा ऐसा नहीं है ये पहली बार हुआ है

जब अनय बाबा ऐसी हालत में आए है..!!

राज को याद आया पापा ने शादी के लिए कॉल किया

था और डॉली से दूर होने का सोचकर इन्होंने अपनी ये

हालत कर ली होगी..!!
 
इधर दादू डॉली के रूम में जाकर-प्रिंसेस...

डॉली-जी दादू बैठिए..

दादू-बेटा आज तुम्हारे दादू तुमसे कुछ मांगने आए है...

डॉली-दादू.....

दादू-बेटा पहले वादा करो मैं जो मांगूंगा मेरी प्रिंसेस

मुझे ना नहीं कहेगी..

डॉली मुस्कुराते हुए-प्रॉमिस दादू वैसे आप हक से भी

मांग सकते है...

दादू-हम चाहते है तुम शादी कर लो और हमने तुम्हारी

शादी फिक्स भी कर दी है चौदह दिन बाद..!!

डॉली-पर... दादू..

दादू-बेटा तुमने प्रॉमिस किया है तुम मना नहीं करोगी..

हम तुम्हारी खुशी चाहते है, और यकीन मानो तुम बहुत

खुश रहोगी..!! अपने दादू की आखिरी इच्छा मान कर

ही हां कर दो..!!

डॉली-दादू.... आप प्लीज़ ऐसी बातें ना करे हम तैयार है..!!

दादू अपनी फिंगर क्रॉस करके-तुम लड़के से मिलना

चाहो, बात करना चाहो...

डॉली-दादू आपने हमारे लिए जिसे भी चुना होगा वो

सबसे... अच्छा ही होगा..!!

दादू उसके सिर पर हाथ फेरते हुए-मैं ये खुशखबरी सबको

सुना देता हूं..(जो कि रूम के बाहर ही कान लगाकर

सब सुन चुके थे और डॉली की हां सुनकर तो जैसे

सबके पर लग गए थे..) दादू के बाहर आते ही सब

खामोशी से उन्हें देखने लगे तो दादू मुस्कुरा दिए और

बाकी सब भी..!! सब नीचे चले गए और जय डॉली

के रूम में..!!

जय अंदर आया तो उसने डॉली को देखा जो बालकनी

में खड़ी चांद को देख रही थी और अपने बहते आंसुओं

को लगातार पौंछ कर रही थी..!! जय उसके बगल में

खड़ा हो गया डॉली ने उसकी तरफ देखा और फुट-फुट

कर रो पड़ी.!! जय ने उसे रोने दिया कुछ देर बाद जब

उसका रोना बन्द हुआ तो उसने उसे पानी पिलाया..!!

डॉली-भईया हम... दोस्त... मतलब अनय से मिलना चाहते है...

जय ने उसे हैरानी से देखा क्युकी डॉली ने पहली बार

अनय कहा था..!!

जय-क्यों..??

डॉली-भईया आखिरी बार प्लीज़...!! हम तरस गए है

उन्हें देखने के लिए, उनकी आवाज सुनने के लिए.. कहने

को वो......

जय-नहीं तुम नहीं मिलोगी मै नहीं चाहता उससे मिलने

के बाद तुम फिर टूट जाओ..!! सॉरी डॉली मैं नहीं

मिलने दे सकता तुम्हें..!! उससे मिलकर तुम्हे सिर्फ

तकलीफ होगी और कुछ नहीं..!!

डॉली-भईया....

जय उसे हाथ पकड़ उठाते हुए-चलो खाना खा लो..

नीचे सब वेट कर रहे होंगे..!! दोनों नीचे आए सबने

खाना खाया..!!

अगले दिन कार्ड सिलेक्ट कर छपने के लिए दे दिए गए

थे..!! और शादी की शॉपिंग भी शुरू हो गई थी..!!

राज ऋषिकेश से वापस आ चुका था क्युकी अनय

ना किसी से बात करना चाहता था और ना ही मिलना..!!

राज को अच्छा नहीं लग रहा था उसकी हालत देख कर..

कार्ड छपने के बाद उसने सबसे छुपाकर अनय को दिखाने

के लिए एक कार्ड भिजवा दिया था ताकि कार्ड में अपने

और डॉली का नाम देख उसका सारा दुख दर्द टेंशन सब

खतम हो जाए..!!

काका ने अनय को एक बॉक्स पकड़ाया जो राज ने

भेजा था अनय ने उसे बिन देखे ही ड्रॉवर में रख दिया..!!
 
शादी को पांच दिन बचे थे और लगभग सारी शॉपिंग हो

चुकी थी मिसेज तिवारी ने डॉली के लिए बहुत खूबसूरत

जोड़ा बनवाया था..!! राज ने अनय के लिए शॉपिंग

की क्युकी अनय को तो कोई इंट्रेस्ट ही भी था..!!

जैसे-जैसे शादी नजदीक आ रही थी दोनों की धड़कने

बड़ रही थी..!! रात भर बेचैनी में बिस्तर पर करवट

बदलते रहते दोनों का हाल एक जैसा था..!! दोनों एक

दूसरे के लिए रात दिन तड़प रहे थे जैसे जल बिन मछली..!!

डॉली अपने रूम की हर एक चीज छूकर देख रही थी

उसने अब तक अपनी हर एक चीज सम्भाल कर रखी

थी... उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे... इस घर में

उसे सबने प्रिंसेस सिर्फ कहा ही नहीं था बल्कि बिल्कुल

प्रिंसेस जैसे ही रखा था...!! कभी डांट फटकार नहीं

मिली... सबसे बस प्यार दुलार ही मिला.. आज सबकी

आंखों में आसूं थे उनकी प्रिंसेस शादी कर विदा होने

वाली थी और इस घर से तो अगले दिन सुबह ही...

सब अपने अपने रूम में पैकिंग करते हुए आंसू बहा

रहे थे सबकी लाड़ली जो थी..!! इतना लाड़ प्यार मिलने

पर भी डॉली बहुत ही सौम्य स्वभाव की रही.. दादू

के आंसू तो थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे.. उनके घर

में पहली बार बेटी की विदाई होने वाली थी..!! डॉली

पूरे घर को देखते हुए और छूते हुए देख रही हर एक

चीज से कोई ना कोई याद जरूर जुड़ी हुई थी...

बाकी सब भी अपने रूम से निकल नीचे हॉल में आ गए

सब डॉली को ही देखे जा रहे थे.. और वो... वो कभी

किचन, कभी हॉल, कभी सीढ़ियां चढ़ कर ऊपर जाती...

उसे अपना बचपन याद आ रहा था

सविता जी छोटी डॉली से-डॉली... डॉली बेटा गिर

जाओगी... चलो आओ मम्मा के पास....

दादू-प्रिंसेस देखो दादू क्या लाए है... देखो आओ जल्दी...

उसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे बचपन की

याद उसे अपने सामने दिखाई दे रही थी वो कभी हंस देती

तो कभी रो पड़ती....

छोटी डॉली-दादू देखो ना भईया हमें बाहर नहीं जाने

दे रहे कह रहे है... डॉली बाहर भूत है...

वो रोते-रोते हस पड़ी... और फिर बाकी सबके पास

आकर बैठ गई....

वो पूरी रात सब ऐसे ही हॉल में बेठे रोते रहे और डॉली

उन सबसे लिपट कर रोती रही.....

सब लोग ऋषिकेश के लिए निकल गए क्युकी सारी रस्में

वहीं होने वाली थी और ऋषिकेश में शादी इसलिए की

यहां करते तो डॉली को पता लग जाता..!!(अब भई

बिदाई होती और अनय के घर गृह प्रवेश होता तो उसने

समझ ही जाना था और वैसे भी डॉली को तो ऋषिकेश

में ही रहना था और वो घर भी तिवारीस का ही था बस

एंजल को नहीं पता था..) सब लोग बुक कराए होटल

में पहुंचे और तिवारी फैमिली अनय के पास..!! सारे

रिश्तेदार पहुंच गए थे काव्या दीदी और जीजू भी आ

गए थे काव्या दीदी को जब सब पता चला तो वो भी

बहुत खुश हुई..!! रिंकी और निखिल की फैमिली भी

आई थी क्युकी डॉली के दोस्त होने के साथ फैमिली

से जान पहचान और फिर प्रोफेशनल रिश्ते भी अच्छे

थे..!!

खैर अगले दिन हल्दी कि रस्म थी रिंकी ने डॉली को

अच्छे से तैयार किया येलो कलर के लहंगे और फूलों

की ज्वेलरी में डॉली बहुत प्यारी लग रही थी..!! डॉली

ने अपनी फैमिली को खुश देखा तो उसने भी अपने

होंठो पर मुस्कान बरकरार रखी और अपने आंसुओं

को आंखों में ही केद कर लिया..!!

अनय को हल्दी लगने के बाद उसकी झुटी हल्दी होटल

भिजवाई गई क्युकी अनय की झुटी हल्दी डॉली को

लगने वाली थी..!!

सबसे पहले दादी ने डॉली को हल्दी लगाई उसके बाद

बारी बारी सबने डॉली को हल्दी लगाई फिर उसके बाद

शुरू हुआ एक एक को ढूंढकर हल्दी लगाने का कार्य क्रम..!!

रिंकी डॉली से-डॉली तुम्हारी फैमिली बहुत अच्छी है...

डॉली मुस्कुरा कर-और दोस्त भी..!! अब तुम भी निक्कू

के साथ घर बसा ही लो..!!

रिंकी-हां पर वो अभी एक साल और रुकना चाहता है,

उसका कहना है कि शादी हो जाने के बाद उसपर

जिम्मेदारी आ जायेगी फिर उसकी आजादी छीन जायेगी..

डॉली मुस्कुराते हुए-क्या बात है बड़े अच्छे विचार है उस

नमूने के..!! वैसे अपनी दोस्त की शादी में राज और

निक्कू ही नजर नहीं आ रहे...

रिंकी मन में-मर गए... अब पता नहीं कितना झूट बोलना

पड़ेगा और क्या-क्या छुपाना पड़ेगा..!!

डॉली-क्या..?? कहां खो गई..??

रिंकी-वो दोनो हेल्प करवा रहे है तैयारियों में..!! अब हर

दिन अलग डेकोरेशन होनी है तो मेहनत भी ज्यादा

लगनी है और फिर ये तुम्हारे रिश्तेदारों की डिमांड..!!

मेरा मन तो इनको देख ऐसा करता है निक्कू से कोर्ट

मैरिज कर लूं..!!

सविता जी-रिंकी बेटा रस्म हो गई है तो तुम डॉली को

रूम में ले जाओ ओर तैयार कर दो..!! दुल्हन बन गई

है तो अब तैयार ही रहना है...

रिंकी-जी आंटी..!!

दोनों रूम में आ गई डॉली शावर लेने चली गई और रिंकी

ने राज को कॉल लगा दी...

रिंकी-डॉली पूछ रही थी तुम दोनों को अभी तो कह दिया

बार बार झूट बोलना मुझसे नहीं हो पाएगा..!!

राज-यार ये बड़े लोग भी ना पता नहीं क्या इनको

सरप्राइज देने की पड़ी थी..!! चलो यहां से फ्री होकर

आते है..!!

रिंकी ने फोन पर राज से बात करके आने के लिए कहा,

और डॉली के बाथरूम से निकलते ही कॉल डिस्कनेक्ट

कर दिया..!!
 
डॉली उसे हड़बड़ी में फोन रखते देख-क्या बात है..??

किससे बात कर रही थी जो हमें देखते ही फोन रख दिया..

रिंकी मुस्कुरा कर-वो निक्कू से बात कर रही थी.. क्युकी

तुम नहा रही थी और मैं बोर हो रही थी सोचा तुम बाहर

आओ तब तक बात कर लूं..!!

डॉली-यही तो है जाकर मिल लो..!! हम भी सोना चाहते

है ये शादी की रस्में बहुत थका रही है और....

रिंकी-और जब मन थका हो तो और ज्यादा थकान

महसूस होती है... यार इंजॉय करो इन रस्मों को शादी

एक बार होती है..!!

डॉली गहरी सांस लेकर-हां.... पर जब दिल किसी और

से लगा हो और शादी किसी ओर से करनी पड़े तो कैसे

इंजॉय करे..?? फिर भी सबके लिए हम खुश होने की

कोशिश तो कर ही सकते है ना....

रिंकी-डॉली खुश होने के लिए कोशिश नहीं करनी पड़ती

है.. तुम्हे पता है ये जो तुम्हारी बनावटी मुस्कान है ना यही

तुम्हारे सारे दर्द बयां कर देती है क्युकी जो असली खुशी

होती है, जो दिल से होती है वो चेहरे पर चमक लेकर

आती है.. दर्द नहीं..!!

डॉली-रिंकी हम सोना चाहते है कुछ देर प्लीज़..!!

रिंकी-ठीक है मैं यही हूं, तुम्हें अब अकेला नहीं छोड़ना

है तुम आराम करो..!!

तुम बिन क्या है जीना

क्या... है जीना

तुम बिन जिया जाए कैसे

कैसे जिया जाए तुम बिन

सदियों से लंबी है राते

सदियों से लंबे हुए दिन

आजा लौटकर तुम

ये दिल कह रहा है.....

डॉली कुछ ही देर में सो गई और उसके सोने के कुछ ही

देर बाद राज और निखिल ने गेट नोक किया रिंकी

ने जल्दी से गेट खोला ताकि डॉली को डिस्टर्ब ना हो...

उसने गेट खोला तो सामने राज और निखिल को देख

चुप रहने का इशारा किया और साइड हटकर दोनों को

अंदर आने का इशारा किया..!! दोनों हैरानी से रिंकी

को देख रहे थे..!!

राज और निखिल ने डॉली को सोते हुए देखा तो उन्हें

समझ आया रिंकी ने चुप रहने के लिए इशारा क्यों किया..!!

तीनो बालकनी में आकर बैठ गए..!!

रिंकी-यार ये शादी कम सजा ज्यादा लग रही है..!! यार

डॉली बहुत दुखी है मुझसे नहीं देखी जाती उसकी ऐसी

हालत और उसके सवाल अलग जान ले रहे है कब तक

झूट बोले यार और ये लोग तो निकल लेते है इधर-उधर

मेरा क्या..?? मैं.... मुझे..!! तुम दोनों ने क्या मोन व्रत

रखा है या मुंह में दही जमाया हुआ है जो कुछ बोल नहीं

रहे हो..!!

निखिल सोचते हुए-यार ये मौन व्रत तो समझ आया पर

मुंह में दही कैसे जमाते है..??

रिंकी ने उसे खा जाने वाली नज़रों से घुर कर देखा..!!

राज-यार रिंकी किस नमूने के पल्ले बन्ध गई हो..??

रिंकी-यार जैसा भी है प्यार बहुत करता है मुझसे..!! यार

पर हमारी छोड़ो डॉली के बारे में कुछ सोचो..

राज-यार यहां ये उदास है वहां भाई की हालत भी

ठीक नहीं है वो तो बस किसी मशीन की तरह हो गए है..

निखिल जो अब तक चुप बैठा था वो एकदम से बोल पड़ा-

मेरे पास एक आईडिया है पर अगर तुम लोग चुप होकर

सुनो तो बताऊं...

राज-हां बता दो अगर ठीक लगा तो....

रिंकी-यार निक्कू जल्दी बताओ..

निखिल-एक बार चैक कर लो डॉली सो रही है या नहीं..

रिंकी ने डॉली को देखकर तसल्ली की ओर वापस बालकनी

में आ गई...

रिंकी-सोई है वो अब जल्दी बताओ..

निखिल-अगर हम इन दोनों को आज रात मिलवा दे

और इन्हे सब सच्चाई बता दे तो...

रिंकी-पागल है क्या..??

राज -नहीं बिल्कुल नहीं..!! ये एकदम सही है हम इन

दोनों को बता देंगे और हमारी फैमिली को पता भी नहीं

चलने देंगे..!!

रिंकी-यार ये कैसे पॉसिबल है...??

निखिल-है..!! बिल्कुल है..!! हम इन दोनों को ही फैमिली

के सामने अंजान बने रहने के लिए कह देंगे..!!

रिंकी-हम्मम.. सही है..!! ये लोग कम से कम अपनी

शादी की रस्में इंजॉय तो करेंगे..!! पर इन दोनों को

आमने सामने लायेंगे कैसे..??

राज-वो मुझ पर छोड़ दो ये दोनों आज रात ही मिलेंगे..

होटल के टैरेस पर..!! रिंकी तुम डॉली को टैरेस पर सबसे

छुपा कर ले जाना हम दोनों भी भाई को ले आयेंगे और

वहीं दोनों को सारा सच बताऐंगे..!! उसके बाद राज

और निखिल चले गए और रिंकी भी रूम में आ गई..!!
 
अनय का पूरा बंगला फूलों और लाइटों से जगमगा रहा

था पर अनय अपने में ही कहीं गुम था..!!

डॉली उठी तो सामने रिंकी सोई हुई थी डॉली को भूख

लग रही थी तो उसने रिंकी को उठाया...

रिंकी-हां.... क्या हुआ कुछ चाहिए क्या..??

डॉली-यार बहुत भूख लग रही है और कॉफी पीने का

मन कर रहा है..!!

रिंकी बिस्तर से उठते हुए-मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जा सकती,

एक काम करते है नीचे हॉल में चलते है सब वहीं पर

होंगे..!!

दोनों नीचे हॉल में आई जो सेकंड फ्लोर पर था..!! और

सब वहीं अलग अलग कोनो में अपनी महफ़िल जमाए

बेठे थे..!! डॉली भी दोनों भाभी के पास चली आई,

रिंकी ने वहां वेटर से दो कॉफी मंगवा ली..!!

वेटर रिंकी को कॉफी पकड़ा कर चला गया दोनों ने कॉफी

पी और वहीं बैठी सबसे बातें करने लगी..!! औरतों की

मंडली गीत गाने में लगी हुई थी..!! पुरुषों की अलग

टोली गप्पे मारने में लगी पड़ी थी..!!

रात को डिनर करने के बाद रिंकी सविता जी से बताकर

डॉली को रूम में ले गई बाकी सारे मेहमान और घर के

लोग भी अपने अपने रूम में आराम करने चल दिए..!!

इधर बंगले पर भी सबने डिनर किया और अपने अपने रूम

में चले गए और राज और निखिल बाकी सबके जाते ही

अनय के रूम में....

राज डरते हुए-भाई... आपको किसी से मिलवाने...

अनय बिना पूरी बात सुने ही-मुझे.. किसी से नहीं मिलना

है.. किसी से भी नहीं.. समझे..!!

राज हिम्मत करते हुए-भ..

अनय गुस्से से-एक बार कह दिया ना..!! अब जाओ यहां

से..

राज जल्दी से-भाई आपको हमारे साथ चलना ही होगा

आपको.. आपको डॉली की कसम..!! उसने एक सांस

में बिना रुके सब कह डाला...!!

अनय ने डॉली का नाम सुना तो कुछ कह नहीं पाया

और शुज पहनकर गेट पर खड़ा हो गया-अब चलोगे

या....

राज और निखिल ने उसकी बात सुन एक दूसरे को

खुशी से गले लगा लिया और जल्दी से अनय से आगे

निकल गए.. राज ने गाड़ी स्टार्ट की और सबके बैठते ही

गाड़ी होटल की तरफ बड़ा दी....!!

रिंकी डॉली को घूमने के बहाने टैरिस पर लेकर गई..!!

दस मिनट में ही राज और निखिल अनय के साथ

होटल पहुंच गए..!! अनय ने दोनों को देखा तो दोनों

ने सिर्फ पीछे आने का इशारा कर आगे बढ़ गए..!!

ऊपर पहुंचते ही अनय की नजर डॉली पर पड़ी और

डॉली की अनय पर..!! दोनों की आंखें एक दूसरे को देख

नम हो गई..!! दोनों का ही मन किया दौड़कर एक

दूसरे की बाहों में समा जाए पर दोनों ही कहीं ना कहीं

बन्धे हुए थे..!! डॉली जैसे ही जाने को हुई राज ने

उसे रोक लिया..!!

राज-डॉली रुको..!! भाई को हम ही लेकर आए है तुमसे

मिलाने के लिए..!! (उसकी बात सुन डॉली के बढ़ते

कदम रुक गए..!! उसने हैरानी से राज की ओर देखा)

डॉली कुछ बात है जो हम चाहते है तुम दोनों को पता चल

जाएं तो बेहतर है..!!

इसके बाद राज ने उन दोनों को अनामिका की कहीं

सारी बाते जो उसने शादी की डेट फिक्स होने वाले दिन

कहीं थी से लेकर दोनों फैमिली कि सरप्राइज प्लैनिंग

तक सब कुछ बता दिया..!! उनकी बातें सुन दोनों को

समझ ही नहीं आया कैसे.. क्या रिएक्ट करें..!! और उनकी

हालत समझते हुए...

राज-आप लोग आराम से बात करे हम नीचे ही है और

एक और बात प्लीज़ किसी को पता नहीं चलना चाहिए

की आप दोनों को हमने सब बता दिया..!! इसके बाद

वो तीनों ही डॉली के रूम में आ गए..!!
 
तीनों के जाने के बाद कुछ सेकंड दोनों ने एक दूसरे को

देखा... अनय ने अपनी बाहें फैलाई और डॉली दौड़कर

उसकी बाहों में समा गई..!! दोनों की आंखों से अब

खुशी के आंसू बह रहे थे..!!

रूम में,

राज-यार अनामिका किसी से प्यार करती थी पर उसने

बताया नहीं किससे..??

रिंकी-जय भाई से...(राज और निखिल दोनों ने उसे

आंखे फाड़कर देखा) हां उन्हें जय भाई से प्यार हो

गया था..!! भाई उनसे किसी मॉल में टकरा गए थे...

बस उसके बाद से ही दोनों कई बार मिले बाते हुई..!!

मुझे पता लगा तो मैने भाई से पूछा कि उनके और डॉली

की बहन के बीच क्या चक्कर है... तो उन्होंने बताया कि

अनामिका उनकी सिर्फ दोस्त है और कुछ नहीं..!! और

तब ही मैने भाई को अनामिका दी की सारी बाते उन्हें

बताई..!! उसके बाद जिस दिन उनकी और जीजू की

शादी की डेट फिक्स होने वाली थी उसी दिन अनामिका

दी ने भाई को प्रपोज किया था और भाई ने उन्हें इंकार

कर दिया..!! ये बात मुझे भाई ने ही बताई थी..!!

राज-अनामिका ने भाई और डॉली को अलग किया था

उनकी वजह से ये दोनों ही कितना तड़पे है तो किसी

को आंसू देकर वो कैसे खुश रह सकती थी..!! वैसे मुझे

थोड़ा बुरा भी लगा उन्हें प्यार हुआ और....

रिंकी-मुझे वो अपनी भाभी के रूप में बिल्कुल पसन्द

नहीं थी ओर वैसे भी भाई की पसंद अपनी डॉली थी...

निखिल और राज चीखते हुए-क्या..??

रिंकी-धीरे...

निखिल और राज फुसफुसाते हुए-क्या...??

रिंकी ने अपना सिर पीट लिया-नमूनों तुम्हारा कुछ नहीं

हो सकता है..!!

ऊपर टैरिस पर दोनों अभी तक एक दूसरे को बाहों में

जकड़े हुए थे जैसे कोई एक भी पकड़ ढीली करेगा तो

शायद फिर से दूर हो जाए..!! दोनों ने अब तक एक दूसरे

से एक भी शब्द नहीं कहा था..!! दोनों ही खामोशी से

एक दूसरे को महसूस करना चाह रहे थे..!! कुछ देर

बाद अनय ने उसे अपने से अलग किया और दोनों वहीं

जमीन पर दीवार का सहारा लिए बैठ गए..!! डॉली ने

अब भी अपने दोनो हाथों से अनय की बाजू कस कर

पकड़ी हुई थी..!! और सिर उसके कंधे से टिकाया हुआ

था..!!

अनय अपना दूसरा हाथ डॉली के हाथ पर रखते हुए-

आज हमारी हल्दी की रस्म हो गई और...

डॉली-आप तो अनु दी से शादी के लिए रेडी हो गए थे

ना, आपने हमारे बारे में थोड़ा सा भी नहीं सोचा कि

हम.. हम आपके बिना कैसे रहेंगे..??

अनय मुस्कुराते हुए-और मैं ऐसा क्यों सोचता हम तो

दोस्त थे ना... मतलब अभी भी है...

डॉली घुटनों के बल खड़े होकर कमर पर हाथ रखे

उसे बड़ी बड़ी आंखों से अपलक घूरते हुए देखने लगी..!!

डॉली घुटनों के बल खड़े होकर कमर पर हाथ रखे

उसे बड़ी बड़ी आंखों से अपलक घूरते हुए देखने लगी..!!

अनय उसे देख मुस्कुराते हुए-क्या हुआ..?? हम दोस्त

नहीं है क्या..??

डॉली-हां है पर अब हम लाइफ पार्टनर बनने वाले है..!!

अब हमारी.... मतलब आपकी और हमारी शादी होने

वाली है एक दूसरे से..!!

अनय-तो.....

डॉली मुंह बनाते हुए-आप हमारे मजे ले रहे है ना हमें

छेड़ रहे है..!!

अनय उसका हाथ पकड़ अपने बगल में बिठाकर उसकी

आंखो में झांकते हुए-नहीं बिल्कुल नहीं..!! अच्छा वो

सब छोड़ो ये बताओ तुम्हारी इतनी खूबसूरत आंखों को

क्या हुआ इतनी लाल क्यों हुई पड़ी है.. रो रही थी ना मुझे

याद करके..!!

डॉली-हम क्यू आपको याद करने लगे और ये आंखें लाल

इसलिए है क्योकि हम पूरे दिन तक सोते रहे..!! ज्यादा

खुश फहमी में मत रहा कीजिए..!!

अनय-हम्मम.... ये बात है तो फिर मैं चला जाता हूं..!!

जब किसी को मेरी याद ही नहीं आती तो फिर मैं क्यों

खामखां अपनी नींद खराब करू..!!

डॉली बड़बड़ाते हुए-हिटलर कहीं के...

अनय-मुझे सब सुनाई दे रहा है थोड़ा मन में बड़बड़ाना

चाहिए था..!! अच्छा तो अब मैं चलता हूं..!!

डॉली-आप ऐसे नहीं जा सकते..!!

अनय-फिर तुम बता दो कैसे जाऊं..?? वैसे अगर तुम

रोकना चाहो तो रोक सकती हो.. पर इसके लिए तुम्हें

ये कहना पड़ेगा अनय आई मिस यू..!!

डॉली ने आंखें बड़ी कर उसे देखा तो अनय जाने के लिए

आगे बढ़ गया...
 
डॉली पिछे से उसका हाथ पकड़ते हुए-आ..अ... अनय

(अपना नाम सुन अनय डॉली की तरफ पलटा तो डॉली

ने अपनी नज़रे झुका ली अनय मुस्कुरा दिया) आ.. आई

मिस यू... और.... कहकर वो चुप हो गई..!!

अनय ने उसे अपने करीब खींचा तो डॉली के दोनों हाथ और

सिर अनय के सीने पर आ गए..!!

अनय उसके बालों को कान के पीछे करते हुए-और...

दोनों का दिल बहुत ही तेज धड़क रहा था जो की दोनों

ने महसूस कर लिया था...

डॉली-ओ.. और कुछ नहीं.. कहते हुए वो अनय से दूर

हटकर खिलखिला उठी..!!

अनय मन-तरस गया था तुम्हारी इस खनकती हंसी को

सुनने के लिए मेरे कान तरस गए थे.. अब कहीं जाकर

मेरे दिल को सुकून मिला है..!! उसे अपने में गुम हुए

देख डॉली उसके पास आई...

डॉली-वैसे एक बात कहें... (अनय ने अपनी गर्दन हिलाई)

आप पहले ऐसे तो नहीं थे...(अनय ने अपनी भोहे उचकाई)

मतलब आप ने अपनी हालत देखी है, आप काम में इतने

भी क्या बिज़ी थे कि अपना ध्यान रखना भूल गए..!!

और आप पिछले दो सालों से ऋषिकेश में है आपने हमें

बताया क्यों नहीं....

अनय-तुमने मौका ही नहीं दिया बताने का..!! और...

क्या तुम मुझसे नाराज़ थी... मैने अनामिका से...

डॉली बीच में ही-हम आपसे कभी भी नाराज़ नहीं थे,

क्युकी हम सब जानते थे.. आपने आंटी के कहने पर

सगाई की थी और वो माँ है आपकी उनका हक बनता

था आपके लिए फैसला ले..!!

अनय मुस्कुरा दिया..!!

उसके डिम्पल देखते ही डॉली ने अपने पंजो पर होते हुए

उसके गालों पर किस कर लिया... अनय तो जैसे वहीं

जम गया उसे डॉली से उम्मीद नहीं थी..!!

डॉली उसका हाथ पकड़ खींचते हुए-आप आइए हमारे

साथ..!!

अनय उसके पीछे चलते हुए-कहां...

डॉली-ये जो आपने अपनी शक्ल पर सॉरी इतनी खूबसूरत

सी शक्ल पर बड़ी-बड़ी घास उगा रखी है वहीं साफ करनी

है..!! अब आप हमारे होने वाले.... है तो हम जैसा चाहेंगे

आपको वैसा ही रहना होगा..!!

अनय बच्चों सा मुंह बनाते हुए-यार तुम तो शादी से पहले

ही अपने होने वाले हसबैंड पर हुकुम चला रही हो तो शादी

के बाद तो तुम मुझे जोरू का गुलाम ही बना दोगी..!!

डॉली उसकी तरफ पलटते हुए-हसबैंड अपनी बीवी से

प्यार करे, उसकी केयर करे, उसकी बात माने तो वो जोरू

का गुलाम हो जाता है क्या..?? अब आगे कुछ नहीं सुनना

आप चलिए हमारे साथ..!!

डॉली उसे अपने रूम में ले आई जहां राज और निखिल

बेड पर लुढ़के हुए थे और रिंकी सोफे पर..!!

डॉली ने अनय को बालकनी में बिठाया और खुद बाथरूम

जाकर सारा तामझाम ले आई..!!

डॉली-अच्छा हुआ पापा ने हर रूम में सब कुछ सेट करवा

रखा था..!! अब ये सब काम आयेगा..!!

अनय उसका हाथ पकड़ते हुए-डॉली.. बाबु सुनो ना मैं

घर जाकर करवा लूंगा तुम क्यों परेशान हो रही हो..!!

डॉली-नो..... यार इस जंगली घास को हम अभी हटायेंगे

हमें चुभ रही थी कि.....(उसने मुंह फेर लिया तो अनय

मुस्कुरा उठा) अच्छा हमें करते दीजिए जल्दी से अब हम

कुछ नहीं सुनेंगे..!!
 
Back
Top