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Guest
उधर अब तारक और अंजलि...दुनिया को भूल के एक बार फिर...दोनो आपस में अपने होंठ लगा देते हैं...और बेपनाह चूमने लगते हैं....कभी तारक अंजलि के होंठो को चूस्ता है..और कभी अंजलि तारक के होंठों को...फिर दोनो एक दूसरे अपनी अपनी जीभ से लड़ाई करनी शुरू कर देते हैं....दोनो की जीभ एक दुरसे के मुँह में जाने लगती हैं.....तारक का हाथ अंजलि की कमर पे होता है वो उसे कस के पकड़ा हुआ होता है...इधर अंजलि तारक की कमर में हाथ डाल के जकड़ी हुई होती है...
उधर जेठालाल तारक के गेट पे आ जाता है...
जेठा लाल :- अरे क्या बात है आज मेहता साहब का गेट खुला है..चलो फिर अंदर..और जैसे ही अंदर घुसता है..उसे फिर से एक गरम नज़ारा देखने को मिलता है....
क्यूँ कि अभी भी अंदर तारक और अंजलि लगे पड़े थे..अपने चुंबन अभियान में..दोनो को ऐसा देख फिर से जेठालाल का लंड खड़ा हो जाता है....तभी जेठालाल
जेठालाल :- ह्म...उःम्म्म...कृपया गेट बंद कर दें....
आवाज़ सुन के तारक चुंबन तोड़ के देखता है..कि जेठालाल खड़ा है...तो उसकी तरफ देख के एक स्माइल पास करता हाई.....अंजलि तो शर्म के मारे बुरी तरह झेंप जाती है....
तारक :- आओ भाई जेठालाल..आज सुबह सुबह...
जेठालाल :- तो आज आप भी तो सुबह सुबह...
बॅस इतना ही बोलता है..और दोनो हंस देते हैं....अंजलि अभी भी वहीं बैठे बैठे शर्मा रही थी..
तभी तारक बोलता है...
तारक :- अरे अंजलि इसमे शरमाने की क्या ज़रूरत है...जेठालाल तो घर का ही है...चलो..
अंजलि :- आप भी ना..
जेठालाल :- अरे कोई बात नही अंजलि भाभी..मेने कुछ नही देखा...
और फिर इस बार सब हंस पड़ते हैं...
अंजलि :- जेठा भाई..आप बैठिए में आपके लिए चाइ लेके आती हूँ...
फिर जेठालाल तारक के पास आकर बैठ जाता है...
जेठालाल :- क्या बात है मेहता साहब आज सुबह सुबह...कार्यकरम शुरू कर दिया...कम से कम गेट तो बंद कर लिया करो..मेरी जगह और कोई होता तो....
तारक :- अरे भाई ऐसी कोई बात नही है...वो तो बॅस ऐसी ही..अच्छा तुम बताओ यहाँ कैसे आना हुआ..
जेठालाल :- अरे हाँ...ये ली जिए कोरियर आया है..
तारक :- क्या बात है ...तुमने कोरियर का धंधा भी शुरू कर दिया क्या...अहहहहहः...
जेठालाल :- क्या आप भी मज़ाक कर रहे हैं....वो कोरियर इंग्लीश में है...इसलिए..
तारक :- अच्छा भाई ..पढ़ता हूँ...
और तारक पढ़ने लगता है....पूरा पढ़ने के बाद बोलता है...
तारक :- अरे कमाल हो गया जेठालाल तुमने....****** कंपनी की डीलरशिप ली थी....
जेठालाल :- हाँ ली थी ..तो..
तारक :- तो उन्होने एक शानदार पार्टी का आयोजन किया है..जिसमे तुम अपने साथ 5 या 6 मेंबर को साथ ले जा सकते हो...
जेठालाल :- अरे वाहह मेहता साहब..मज़ा आ जाएगा...चलो ठीक है.फिर में सब को फोन कर दूँगा..साथ में चलेंगे...
तारक :- धीरे बोलो जेठालाल..अगर अंजलि ने सुन लिया..तो यहीं पार्टी बना देगी मेरी...ठीक है..फिर..एक काम करते हैं..आज अब्दुल की दुकान पे ये डिसाइड कर लेते हैं..
और फिर जेठालाल तारक से हाथ मिलाता है..और बाहर निकल जाता है...और सोचता है..
आज क्या हो रहा है मेरे साथ...हर जगह मुझे कुछ ऐसा मिल जाता है कि में गरम हो जाता हूँ...और फिर ..में कुछ भी नही कर पाता...आज का दिन सच में पनौती है...बॅस कम से कम एक चीज़ तो अच्छी खबर मिली...और फिर सोसाइटी के बाहर जाने की तरफ चल देता है...!!!!
जेठालाल कॉंपाउंड से सोसाइटी गेट के पास पहुचते हैं..तभी उनके कानो में एक आवाज़ पड़ती है...
हाई जेठा जी...
जेठालाल चौंकाते हुए पलटता है..और देखता है....सामने बबीता जी खड़ी होती हैं....
जेठालाल :- बबीता जी आप...यहाँ ...कब आई...
बबीता :- अरे में तो यहाँ कब से खड़ी हूँ...आपने ही मुझे नही देखा....
जेठालाल :- ऑश सॉरी बबीता जी..वो क्या है मैने ध्यान ही नही दिया...वरना ऐसा हो सकता है आप यहाँ हो..और हम आपको बिना मिले चले जाएँ...
बबीता :- जेठा जी इसमे सॉरी की क्या बात है....
जेठालाल :- और तो सवारी कहाँ जा रही है सुबह सुबह....
बबीता :- जेठा जी वो में बस... ****** वहाँ तक जा रही हूँ कुछ समान खरीदना है....
जेठालाल :- अरे वाहह...वो तो मेरी दुकान के रास्ते में ही हैं....साथ चलते हैं में आपको वहाँ उतार दूँगा...
बबीता :- ओह्ह थॅंक यू जेठा जी...
जेठालाल :- उसमे क्या थॅंक यू बबीता जी...आपके लिए तो ये कुछ नही है....
तभी उधर से...अईयर आ रहा होता है...
अईयर :- चलो बबीता...चलते हैं..वरना लेट हो जाएँगे...
जेठालाल अपने मन में...ये अईयर भाई भी ..बीच में हमेशा टंगड़ी कर देते हैं....क्या इन्हे हर समय बबीता जी के साथ चिपकने की लगी रहती है...
बबीता :- अईयर जेठा जी हमे लिफ्ट दे देंगे..
जेठालाल :- हाँ अईयर भाई चलो...
अईयर :- नहिी..जेठालाल..हम दोनो चले जाएँगे..
बबीता :- अईयर ऐसा क्या करते हो..जेठा जी इतने प्यार से लिफ्ट दे रहे हैं...और वैसे भी जाना तो हमे एक ही तरफ है...
अईयर सोचते हुए..ये जेठालाल...
फिर बोलता है..
अईयर :- ठीक है बबीता जैसा तुम को ठीक लगे..
जेठालाल मन में अईयर भाई बड़ी होशियारी मार रहे हो ...अभी ऑटो में चलो बताता हूँ..
तीनो ऑटो के पास पहुँच जाते हैं...और ऑटो में बैठने लगते हैं..
जेठालाल :- बबीता जी आप पहले बैठिए...
अईयर :- अब में बैठूँगा...
जेठालाल :- हाँ बिल्कुल अईयर भाई आप ही बैठिए...
जब अईयर बैठ जाता है...तो जेठालाल ऑटो के दूसरी तरफ पहुच जाता है..
जेठालाल :- बबीता जी ..आप थोड़ा उधर खिसकेंगी...तो में यहाँ बैठ जाउ...
बबीता :- यॅ श्योर...अईयर थोडा उधर होना...
अईयर तो जल फुक जाता है......लेकिन उसे उधर होना पड़ता है..
जेठालाल मन में अईयर की तरफ देखते हुए...अईयर भाई बड़ी होशियारी दिखा रहे थे ना...
अईयर जेठालाल की तरफ देखते हुए...ये जेठालाल बहुत चालाक है..इसका कुछ करना पड़ेगा...
दोस्तो आगे देखते हैं...कि जेठालाल ऑटो में क्या गुल खिलाते हैं....!!!
जानने के लिए पढ़ते रहें और कमेंट ज़रूर करते रहें
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उधर जेठालाल तारक के गेट पे आ जाता है...
जेठा लाल :- अरे क्या बात है आज मेहता साहब का गेट खुला है..चलो फिर अंदर..और जैसे ही अंदर घुसता है..उसे फिर से एक गरम नज़ारा देखने को मिलता है....
क्यूँ कि अभी भी अंदर तारक और अंजलि लगे पड़े थे..अपने चुंबन अभियान में..दोनो को ऐसा देख फिर से जेठालाल का लंड खड़ा हो जाता है....तभी जेठालाल
जेठालाल :- ह्म...उःम्म्म...कृपया गेट बंद कर दें....
आवाज़ सुन के तारक चुंबन तोड़ के देखता है..कि जेठालाल खड़ा है...तो उसकी तरफ देख के एक स्माइल पास करता हाई.....अंजलि तो शर्म के मारे बुरी तरह झेंप जाती है....
तारक :- आओ भाई जेठालाल..आज सुबह सुबह...
जेठालाल :- तो आज आप भी तो सुबह सुबह...
बॅस इतना ही बोलता है..और दोनो हंस देते हैं....अंजलि अभी भी वहीं बैठे बैठे शर्मा रही थी..
तभी तारक बोलता है...
तारक :- अरे अंजलि इसमे शरमाने की क्या ज़रूरत है...जेठालाल तो घर का ही है...चलो..
अंजलि :- आप भी ना..
जेठालाल :- अरे कोई बात नही अंजलि भाभी..मेने कुछ नही देखा...
और फिर इस बार सब हंस पड़ते हैं...
अंजलि :- जेठा भाई..आप बैठिए में आपके लिए चाइ लेके आती हूँ...
फिर जेठालाल तारक के पास आकर बैठ जाता है...
जेठालाल :- क्या बात है मेहता साहब आज सुबह सुबह...कार्यकरम शुरू कर दिया...कम से कम गेट तो बंद कर लिया करो..मेरी जगह और कोई होता तो....
तारक :- अरे भाई ऐसी कोई बात नही है...वो तो बॅस ऐसी ही..अच्छा तुम बताओ यहाँ कैसे आना हुआ..
जेठालाल :- अरे हाँ...ये ली जिए कोरियर आया है..
तारक :- क्या बात है ...तुमने कोरियर का धंधा भी शुरू कर दिया क्या...अहहहहहः...
जेठालाल :- क्या आप भी मज़ाक कर रहे हैं....वो कोरियर इंग्लीश में है...इसलिए..
तारक :- अच्छा भाई ..पढ़ता हूँ...
और तारक पढ़ने लगता है....पूरा पढ़ने के बाद बोलता है...
तारक :- अरे कमाल हो गया जेठालाल तुमने....****** कंपनी की डीलरशिप ली थी....
जेठालाल :- हाँ ली थी ..तो..
तारक :- तो उन्होने एक शानदार पार्टी का आयोजन किया है..जिसमे तुम अपने साथ 5 या 6 मेंबर को साथ ले जा सकते हो...
जेठालाल :- अरे वाहह मेहता साहब..मज़ा आ जाएगा...चलो ठीक है.फिर में सब को फोन कर दूँगा..साथ में चलेंगे...
तारक :- धीरे बोलो जेठालाल..अगर अंजलि ने सुन लिया..तो यहीं पार्टी बना देगी मेरी...ठीक है..फिर..एक काम करते हैं..आज अब्दुल की दुकान पे ये डिसाइड कर लेते हैं..
और फिर जेठालाल तारक से हाथ मिलाता है..और बाहर निकल जाता है...और सोचता है..
आज क्या हो रहा है मेरे साथ...हर जगह मुझे कुछ ऐसा मिल जाता है कि में गरम हो जाता हूँ...और फिर ..में कुछ भी नही कर पाता...आज का दिन सच में पनौती है...बॅस कम से कम एक चीज़ तो अच्छी खबर मिली...और फिर सोसाइटी के बाहर जाने की तरफ चल देता है...!!!!
जेठालाल कॉंपाउंड से सोसाइटी गेट के पास पहुचते हैं..तभी उनके कानो में एक आवाज़ पड़ती है...
हाई जेठा जी...
जेठालाल चौंकाते हुए पलटता है..और देखता है....सामने बबीता जी खड़ी होती हैं....
जेठालाल :- बबीता जी आप...यहाँ ...कब आई...
बबीता :- अरे में तो यहाँ कब से खड़ी हूँ...आपने ही मुझे नही देखा....
जेठालाल :- ऑश सॉरी बबीता जी..वो क्या है मैने ध्यान ही नही दिया...वरना ऐसा हो सकता है आप यहाँ हो..और हम आपको बिना मिले चले जाएँ...
बबीता :- जेठा जी इसमे सॉरी की क्या बात है....
जेठालाल :- और तो सवारी कहाँ जा रही है सुबह सुबह....
बबीता :- जेठा जी वो में बस... ****** वहाँ तक जा रही हूँ कुछ समान खरीदना है....
जेठालाल :- अरे वाहह...वो तो मेरी दुकान के रास्ते में ही हैं....साथ चलते हैं में आपको वहाँ उतार दूँगा...
बबीता :- ओह्ह थॅंक यू जेठा जी...
जेठालाल :- उसमे क्या थॅंक यू बबीता जी...आपके लिए तो ये कुछ नही है....
तभी उधर से...अईयर आ रहा होता है...
अईयर :- चलो बबीता...चलते हैं..वरना लेट हो जाएँगे...
जेठालाल अपने मन में...ये अईयर भाई भी ..बीच में हमेशा टंगड़ी कर देते हैं....क्या इन्हे हर समय बबीता जी के साथ चिपकने की लगी रहती है...
बबीता :- अईयर जेठा जी हमे लिफ्ट दे देंगे..
जेठालाल :- हाँ अईयर भाई चलो...
अईयर :- नहिी..जेठालाल..हम दोनो चले जाएँगे..
बबीता :- अईयर ऐसा क्या करते हो..जेठा जी इतने प्यार से लिफ्ट दे रहे हैं...और वैसे भी जाना तो हमे एक ही तरफ है...
अईयर सोचते हुए..ये जेठालाल...
फिर बोलता है..
अईयर :- ठीक है बबीता जैसा तुम को ठीक लगे..
जेठालाल मन में अईयर भाई बड़ी होशियारी मार रहे हो ...अभी ऑटो में चलो बताता हूँ..
तीनो ऑटो के पास पहुँच जाते हैं...और ऑटो में बैठने लगते हैं..
जेठालाल :- बबीता जी आप पहले बैठिए...
अईयर :- अब में बैठूँगा...
जेठालाल :- हाँ बिल्कुल अईयर भाई आप ही बैठिए...
जब अईयर बैठ जाता है...तो जेठालाल ऑटो के दूसरी तरफ पहुच जाता है..
जेठालाल :- बबीता जी ..आप थोड़ा उधर खिसकेंगी...तो में यहाँ बैठ जाउ...
बबीता :- यॅ श्योर...अईयर थोडा उधर होना...
अईयर तो जल फुक जाता है......लेकिन उसे उधर होना पड़ता है..
जेठालाल मन में अईयर की तरफ देखते हुए...अईयर भाई बड़ी होशियारी दिखा रहे थे ना...
अईयर जेठालाल की तरफ देखते हुए...ये जेठालाल बहुत चालाक है..इसका कुछ करना पड़ेगा...
दोस्तो आगे देखते हैं...कि जेठालाल ऑटो में क्या गुल खिलाते हैं....!!!
जानने के लिए पढ़ते रहें और कमेंट ज़रूर करते रहें
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